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अब वकील आएंगे आपके घर! सिवनी में टेली लॉ सर्विस से मिलेगी घर बैठे निःशुल्क कानूनी सलाह, CSC VLE की ऐतिहासिक कार्यशाला संपन्न

सिवनी : सिवनी जिले में आमजन को न्याय से जोड़ने की दिशा में एक बड़ी और सराहनीय पहल सामने आई है। अब कानूनी सलाह के लिए लोगों को बार-बार वकीलों के चक्कर नहीं लगाने होंगे, बल्कि टेली लॉ सर्विस के माध्यम से घर बैठे ही उन्हें निःशुल्क कानूनी परामर्श मिल सकेगा। इसी उद्देश्य को लेकर सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) कार्यालय में सीएससी वीएलई की एकदिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया, जिसमें जिलेभर के वीएलई संचालकों ने भाग लिया।

इस कार्यशाला में उपस्थित वीएलई को सीएससी के माध्यम से संचालित सभी सेवाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। खास तौर पर न्याय विभाग, भारत सरकार द्वारा संचालित टेली लॉ सर्विस की उपयोगिता, प्रक्रिया और इसके सामाजिक महत्व पर विशेष प्रकाश डाला गया।

🏛️ क्या है टेली लॉ सर्विस?

टेली लॉ एक ऐसी सरकारी पहल है, जिसके तहत कोई भी नागरिक अपने कानूनी विवादों का समाधान पाने के लिए निःशुल्क कानूनी सलाह प्राप्त कर सकता है। इसके लिए लाभार्थी को केवल अपने नजदीकी सीएससी सेंटर जाकर अपनी समस्या का रजिस्ट्रेशन करवाना होता है। इसके बाद अनुभवी वकील स्वयं लाभार्थी को कॉल कर उसकी समस्या को समझते हैं और उचित कानूनी सलाह प्रदान करते हैं।

टेली लॉ के माध्यम से निम्नलिखित मामलों में सलाह ली जा सकती है –

  • आपराधिक (Criminal) मामले
  • सिविल विवाद
  • जमीन-जायदाद से जुड़े विवाद
  • बैंकिंग और वित्तीय मामले
  • उपभोक्ता शिकायतें
  • बीमा से संबंधित समस्याएं
  • पारिवारिक विवाद
  • अन्य सभी प्रकार के कानूनी परामर्श

12 लाख से ज्यादा लोगों को मिल चुकी है निःशुल्क कानूनी मदद

भोपाल से पधारे टेली लॉ सर्विस के स्टेट कोऑर्डिनेटर श्री आशीष द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में अब तक लगभग 12 लाख हितग्राहियों को टेली लॉ के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सलाह दी जा चुकी है। यह आंकड़ा इस योजना की सफलता और जनहित में इसकी उपयोगिता को साफ तौर पर दर्शाता है।

उन्होंने बताया कि आम नागरिक सीएससी केंद्रों के माध्यम से या स्वयं टेली लॉ मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए भी अपनी शिकायत दर्ज कर कानूनी सलाह प्राप्त कर सकते हैं।

CSC: सिर्फ सुविधा केंद्र नहीं, बल्कि जनता का सहारा

कार्यशाला में यह भी बताया गया कि सीएससी केवल सरकारी फॉर्म भरने का केंद्र नहीं है, बल्कि यह आज ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जनसेवा का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बन चुका है। सीएससी के माध्यम से मिलने वाली प्रमुख सेवाएं हैं –

  • आधार से जुड़ी सेवाएं
  • बैंकिंग और डिजिटल भुगतान सेवाएं
  • राज्य सरकार की विभिन्न ऑनलाइन सेवाएं
  • बीमा सेवाएं
  • ई-स्टोर सुविधा
  • पेंशन, प्रमाण पत्र और अन्य जनकल्याणकारी योजनाएं

वरिष्ठ अधिकारियों ने किया मार्गदर्शन

इस कार्यशाला में सीएससी के वरिष्ठ प्रबंधक श्री अनुराग सिंह भोपाल से विशेष रूप से पधारे और उन्होंने वीएलई संचालकों को सीएससी सेवाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचाने का मार्गदर्शन दिया।
वहीं, सीएससी जिला सिवनी के जिला प्रबंधक श्री शिवांशु जांघेला ने सभी संचालकों को टेली लॉ सहित अन्य सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी और उन्हें अधिक से अधिक लोगों तक इन सेवाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।

न्याय अब सिर्फ कोर्ट में नहीं, आपके मोबाइल तक

यह कार्यशाला सिवनी जिले के लिए एक नई शुरुआत मानी जा रही है, जहां कानून की पहुंच अब आम आदमी के दरवाजे तक सुनिश्चित की जा रही है। टेली लॉ जैसी योजनाएं यह साबित करती हैं कि सरकार अब न्याय को आसान, सुलभ और हर नागरिक के लिए उपलब्ध बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

अब चाहे गांव हो या शहर, गरीब हो या मध्यम वर्ग, हर व्यक्ति को न्याय पाने का अधिकार है और टेली लॉ इस अधिकार को मजबूत करने का सबसे सशक्त माध्यम बनता जा रहा है।

सिवनी में धान खरीदी का काला सच: रात के अंधेरे में धान की बोरियों में ‘पानी की सिंचाई’, बढ़ाया जा रहा धान का वजन

(Seoni News | Paddy Purchase Scam Exposed) सिवनी। जिले में चल रही धान खरीदी प्रक्रिया अब सवालों के घेरे में आ चुकी है। जिस व्यवस्था को किसानों की मेहनत की सही कीमत दिलाने के लिए बनाया गया था, वहीं अब कुछ खरीदी केंद्रों में धान का वजन बढ़ाने के लिए पानी डालने का खेल खुलेआम खेला जा रहा है। यह पूरा काला कारनामा रात के अंधेरे में, पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, कई धान खरीदी केंद्रों में धान की बोरियों में मोटर लगाकर पानी डाला जा रहा है, ताकि वजन बढ़ाकर सरकारी रिकॉर्ड में अधिक मात्रा दर्शाई जा सके। चौंकाने वाली बात यह है कि इस दौरान खरीदी केंद्रों की लाइटिंग तक बंद कर दी जाती है, ताकि कोई इस गोरखधंधे को न देख सके।

ट्रक लगने से पहले होता है खेल

विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, जैसे ही भंडारण केंद्र के ट्रक आने का समय नजदीक होता है, उससे कुछ घंटे पहले ही धान की बोरियों में पानी डालने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है।
यह भी सामने आया है कि वेयरहाउस से जुड़े कुछ जिम्मेदार अधिकारी भी इस खेल से अनजान नहीं हैं, बल्कि परोक्ष रूप से इस पूरे फर्जीवाड़े को संरक्षण मिल रहा है।

कई मामलों में ट्रकों के बीच की बोरियां अत्यधिक गीली पाई गईं, जिस पर वेयरहाउस में तैनात सर्वेयर ने आपत्ति दर्ज की और धान की पूरी खेप वापस खरीदी केंद्र भेज दी गई। यह साफ संकेत है कि मामला सिर्फ अफवाह नहीं, बल्कि वास्तविक और गंभीर है।

आष्टा खरीदी केंद्र बना गड़बड़ी का बड़ा उदाहरण

मामला ग्राम आष्टा के धान खरीदी केंद्र का है, जहां महिला स्व सहायता समूह द्वारा संचालित केंद्र में रात के अंधेरे में खड़ी और सिली बोरियों में पानी डालते हुए वीडियो और फोटो बनाए गए।
ग्राम के जागरूक नागरिक ने यह सबूत तत्काल अधिकारियों को सौंपे, लेकिन उस समय कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।

अगले दिन जब कृषि विभाग और नायब तहसीलदार ने जांच की तो पाया गया कि:

  • बोरियां नीचे से गीली थीं
  • कई बोरियों का वजन 42 किलो तक पाया गया, जबकि मानक वजन इससे कम होता है

यह सीधे-सीधे सरकारी धन की हेराफेरी और धान खरीदी में घोटाले की ओर इशारा करता है।

शिकायतकर्ता पर ही आरोप!

हैरानी की बात यह रही कि मामले को दबाने के प्रयास में धान खरीदी प्रभारी ने शिकायतकर्ता पर ही झूठी शिकायत और ब्लैकमेलिंग का आरोप मढ़ दिया।
जबकि सच्चाई जांच टीम के सामने मौजूद थी। सवाल यह है कि यदि शिकायत गलत थी तो:

  • बोरियां गीली कैसे मिलीं?
  • वजन 42 किलो तक कैसे पहुंचा?
  • ट्रक वापस क्यों भेजे गए?

महिला स्व सहायता समूहों की साख पर बट्टा

जहां एक ओर सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिला स्व सहायता समूहों को धान उपार्जन से जोड़ रही है, वहीं कुछ समूहों की गतिविधियां पूरी योजना को बदनाम कर रही हैं।
क्या इन्हें किसी का संरक्षण प्राप्त है?
क्या दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है?

अब सभी की निगाहें जिले की संवेदनशील कलेक्टर शीतला पटले जी पर टिकी हैं कि क्या इस गंभीर मामले में सख्त कार्रवाई होगी या फाइलों में ही सिमट कर रह जाएगा यह घोटाला।

इनका कहना

एम.डी. परते, कृषि विभाग:
“हमारे द्वारा जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई है। कार्रवाई करना विभाग का काम है।”

नायब तहसीलदार, बरघाट:
“जांच कर प्रतिवेदन एसडीएम साहब को सौंप दिया गया है। आगे की कार्रवाई की जानी है।”

सिवनी जिले में धान खरीदी केंद्रों पर सामने आ रहा यह मामला सिर्फ अनियमितता नहीं, बल्कि सरकारी धन की लूट, किसानों के साथ धोखा और सिस्टम में गहरी मिलीभगत की ओर इशारा करता है। यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह घोटाला पूरे जिले की धान खरीदी व्यवस्था को सवालों के कटघरे में खड़ा कर देगा।

क्रिकेट मैच में खूनी संघर्ष! सिवनी कोतवाली पुलिस ने चाकू-बैट से हमला करने वाले सैजान उर्फ सैजू, सैफ और नवीस खान को गिरफ्तार कर भेजा जेल

सिवनी जिले में क्रिकेट खेलने के दौरान हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते जानलेवा हमले में बदल गया। इस सनसनीखेज मामले में कोतवाली पुलिस ने तेज़ और प्रभावी कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जिला जेल भेज दिया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से शहर में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश गया है।

पुलिस अधीक्षक श्री सुनील मेहता के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री दीपक मिश्रा एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस श्रीमती श्रद्धा सोनकर के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने इस गंभीर अपराध का खुलासा किया। आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस की तत्परता और सतर्कता का बड़ा उदाहरण मानी जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 02 जनवरी 2026 को फरियादी समीर खान, निवासी गांधी वार्ड नया मोहल्ला, सिवनी ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 01 जनवरी 2026 की रात लगभग 10 बजे क्रिकेट के विवाद को लेकर सैजान उर्फ सैजू खान, सैफ अली खान और नवीस खान ने उनके और उनके छोटे भाई उवैस खान पर चाकू, क्रिकेट बैट और हाथ-मुक्कों से हमला कर दिया। इस हमले में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(बी), 109(1), 115(2), 118(1), 351(2) एवं 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर तत्काल विवेचना शुरू की। घटना के बाद से ही आरोपी फरार थे, जिनकी लगातार तलाश की जा रही थी।

दिनांक 18 जनवरी 2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि तीनों आरोपी घसियारी मोहल्ला में इमरान अली के मकान में छुपे हुए हैं। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दबिश देकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जिला जेल सिवनी भेज दिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण इस प्रकार है—

  1. सैजान उर्फ सैजू खान, पिता बबलू खान, उम्र 19 वर्ष, निवासी घसियारी मोहल्ला शहीद वार्ड, सिवनी।
  2. सैफ अली खान, पिता सौकत अली खान, उम्र 20 वर्ष, निवासी घसियारी मोहल्ला शहीद वार्ड, सिवनी।
  3. नवीस खान, पिता नसीम खान, उम्र 19 वर्ष, निवासी गांधी वार्ड नया मोहल्ला, सिवनी।

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली श्री सतीश तिवारी, उप निरीक्षक दयाराम शरणागत, डालचंद ग्यारसिया, प्रधान आरक्षक मनोज पाल, मुकेश गोडाने, आरक्षक सतीश इनवाती, सिद्धार्थ दूबे, लोकेश सरयाम, सौरभ ठाकुर, प्रतीक बघेल एवं चालक इरफान की सराहनीय भूमिका रही।

स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की सख्ती से अपराधियों में भय बना रहेगा और आम जनता में सुरक्षा का भरोसा मजबूत होगा। पुलिस प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि शहर में किसी भी प्रकार की हिंसा और अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह विवाद कितना ही छोटा क्यों न हो।

शिक्षा के मंदिर में प्रताड़ना के शैतान: सेंट फ्रांसिस स्कूल सिवनी में तिलक लगाने पर छात्र की पिटाई, फिरोज खान पर FIR दर्ज

St. Francis School Seoni: शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले स्कूल से एक चौंकाने वाली और शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसने न केवल अभिभावकों को बल्कि पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। सेंट फ्रांसिस स्कूल सिवनी (St. Francis School Seoni) में छात्र के माथे पर तिलक लगाने को लेकर शिक्षक द्वारा की गई पिटाई का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है और स्कूल प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सेंट फ्रांसिस स्कूल सिवनी (St. Francis School Seoni) में कक्षा सातवीं के एक छात्र के साथ यह घटना हुई। छात्र रोज़ की तरह पढ़ने स्कूल पहुंचा था, लेकिन उसके माथे पर तिलक लगा हुआ था। इसी बात पर खेल शिक्षक फिरोज खान ने आपत्ति जताई और छात्र के साथ मारपीट कर दी। अचानक हुई इस घटना से छात्र घबरा गया और घर पहुंचने पर उसने अपने परिजनों को पूरी बात बताई।

घटना की जानकारी मिलते ही छात्र के पिता, जो पेशे से अधिवक्ता बताए जा रहे हैं, तुरंत कोतवाली पहुंचे और शिक्षक के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आज भी बच्चों को अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के साथ स्कूल जाने की आज़ादी नहीं है? तिलक भारतीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक माना जाता है, ऐसे में इसे लेकर हिंसा करना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि सामाजिक रूप से भी बेहद निंदनीय है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्कूल के खिलाफ पहले भी कई बार शिकायतें सामने आ चुकी हैं। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन मनमानी करता है और छात्रों पर अनावश्यक प्रतिबंध लगाता है। कुछ अभिभावकों ने यह भी बताया कि फीस को लेकर पारदर्शिता नहीं है और स्कूल में कई तरह की अनियमितताएं लंबे समय से चल रही हैं।

घटना के बाद से अभिभावकों में गुस्सा साफ देखा जा सकता है। कई लोगों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है और जिला प्रशासन से स्कूल की मान्यता और प्रबंधन की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों का काम बच्चों को ज्ञान देने के साथ-साथ उनके संस्कारों और आत्मविश्वास को मजबूत करना होता है, न कि उनकी पहचान को दबाना। यदि किसी बच्चे की वेशभूषा या धार्मिक प्रतीक से किसी को आपत्ति है, तो उसका समाधान संवाद से होना चाहिए, न कि हिंसा से।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और स्कूल प्रबंधन से भी जवाब तलब किया जा सकता है। यह घटना न सिर्फ एक छात्र के साथ हुई ज्यादती है, बल्कि यह पूरे शिक्षा तंत्र के लिए चेतावनी है कि बच्चों के अधिकारों और उनकी गरिमा की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

Grokipedia: गूगल और विकिपीडिया को टक्कर देने आया नया AI ज्ञानकोश! इंटरनेट की दुनिया में मचाई हलचल

Grokipedia: आज के डिजिटल युग में जानकारी सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है। हर दिन करोड़ों लोग गूगल और विकिपीडिया जैसे प्लेटफॉर्म्स पर सवालों के जवाब खोजते हैं। लेकिन अब इंटरनेट की दुनिया में एक नया नाम तेजी से चर्चा में है – Grokipedia । इसे ज्ञान की दुनिया में क्रांति लाने वाला प्लेटफॉर्म माना जा रहा है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ताकत से काम करता है।

Grokipedia को एक स्मार्ट डिजिटल ज्ञानकोश कहा जा सकता है, जो सिर्फ जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उपयोगकर्ता के सवालों को समझकर, विश्लेषण करके और सरल भाषा में जवाब प्रस्तुत करता है। यही वजह है कि टेक एक्सपर्ट्स इसे “भविष्य का नॉलेज प्लेटफॉर्म” मान रहे हैं।

🔍 क्या है Grokipedia?

Grokipedia एक AI आधारित प्लेटफॉर्म है, जो अलग-अलग विषयों पर सटीक, तेज और भरोसेमंद जानकारी उपलब्ध कराता है। चाहे विज्ञान हो, इतिहास हो, टेक्नोलॉजी हो या करंट अफेयर्स – Grokipedia हर क्षेत्र में गहराई से जानकारी देने का दावा करता है।

यह प्लेटफॉर्म पारंपरिक विकिपीडिया से अलग है, क्योंकि यहां जानकारी सिर्फ स्टैटिक लेखों के रूप में नहीं मिलती, बल्कि AI की मदद से डायनामिक और इंटरैक्टिव तरीके से प्रस्तुत की जाती है।

🤖 AI की ताकत से चलता है Grokipedia

Grokipedia की सबसे बड़ी खासियत इसका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम है। यह सिस्टम यूज़र के सवालों को समझता है, उनके पीछे की जरूरत को पहचानता है और उसी के अनुसार जवाब तैयार करता है। इसका मतलब यह है कि अब आपको लंबी-लंबी जानकारी छानने की जरूरत नहीं, Grokipedia सीधे आपके काम की बात सामने रख देता है।

📚 छात्रों और रिसर्चर्स के लिए वरदान

शिक्षा के क्षेत्र में Grokipedia को एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

  • छात्र अपने प्रोजेक्ट और असाइनमेंट के लिए तेज़ी से जानकारी जुटा सकते हैं।
  • रिसर्च करने वालों को सटीक और गहराई वाली जानकारी मिल सकती है।
  • शिक्षक भी इसे एक डिजिटल सहायक के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।

इस तरह Grokipedia पढ़ाई और रिसर्च की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने में मदद कर रहा है।

🌐 क्या Grokipedia बनेगा विकिपीडिया का विकल्प?

टेक जगत में यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या Grokipedia, विकिपीडिया की जगह ले सकता है? हालांकि, विकिपीडिया का अपना एक मजबूत इतिहास और भरोसा है, लेकिन Grokipedia की AI क्षमता इसे एक अलग स्तर पर खड़ा करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में Grokipedia और विकिपीडिया दोनों मिलकर डिजिटल ज्ञान की दुनिया को और मजबूत बना सकते हैं।

🚀 भविष्य की ओर एक बड़ा कदम

Grokipedia सिर्फ एक वेबसाइट या ऐप नहीं, बल्कि यह उस दिशा का संकेत है, जहां इंसान और मशीन मिलकर ज्ञान को और ज्यादा सुलभ बना रहे हैं। तेज रफ्तार, सटीक जानकारी और AI आधारित विश्लेषण इसे आने वाले समय में एक बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म बना सकता है।

Grokipedia इंटरनेट की दुनिया में ज्ञान को देखने और समझने का तरीका बदलने आया है। जहां पहले जानकारी खोजने में समय लगता था, वहीं अब Grokipedia जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए कुछ ही सेकंड में सटीक जवाब मिल सकता है। अगर यह तकनीक इसी तरह आगे बढ़ती रही, तो वह दिन दूर नहीं जब Grokipedia डिजिटल ज्ञान की दुनिया का नया सुपरस्टार बन जाएगा।

सिवनी में युवती से छेड़छाड़ का अंजाम बना मौत! छेड़छाड़ के बाद साजिद खान की हत्या, सुरेन्द्र उर्फ कल्लु एवं राधेश्याम उर्फ क्रिस गिरफ्तार

सिवनी। जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक सनसनीखेज घटना का सिवनी पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। युवती के साथ छेड़छाड़ के बाद हुए विवाद में साजिद खान की बेरहमी से की गई पिटाई और इलाज के दौरान मौत के मामले में कोतवाली पुलिस ने दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों में एक थाना डूण्डासिवनी का सूचीबद्ध निगरानी बदमाश भी शामिल है, जिस पर पहले से कई गंभीर अपराध दर्ज हैं।

पुलिस अधीक्षक श्री सुनील मेहता के नेतृत्व में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री दीपक मिश्रा एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस श्रीमती श्रृध्दा सोनकर के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने इस जघन्य वारदात की परतें खोलते हुए दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया।

अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम

दिनांक 15 जनवरी 2026 को साजिद खान पिता माजिद खान उम्र 30 वर्ष, निवासी आज़ाद वार्ड सिवनी, को मारपीट से घायल एवं संदिग्ध अवस्था में जिला चिकित्सालय सिवनी में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान रात लगभग 12:40 बजे उसकी मौत हो गई। अस्पताल से प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई।

छेड़छाड़ से शुरू हुआ विवाद, डंडों से हुई पिटाई

मर्ग जांच के दौरान सामने आया कि घटना 14 जनवरी 2026 की रात लगभग 9:30 बजे गंज वार्ड के कुचबुन्दिया मोहल्ले में हुई। मृतक साजिद खान द्वारा गंज वार्ड निवासी एक युवती के साथ बुरी नीयत से छेड़छाड़ की गई थी। इस बात से आक्रोशित युवती के भाई और उसके रिश्ते के मामा ने साजिद खान से विवाद किया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। दोनों आरोपियों ने डंडों से साजिद की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसे गंभीर और प्राणघातक चोटें आईं। इन्हीं चोटों के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

हत्या का मामला दर्ज, पुलिस ने बनाई टीम

प्रथम दृष्टया हत्या का अपराध पाए जाने पर थाना कोतवाली पुलिस द्वारा अपराध क्रमांक 36/2026, धारा 103(1), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। तत्काल एक विशेष टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई।

दो आरोपी गिरफ्तार, डंडे जब्त

विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपियों को चिन्हित करते हुए

  • सुरेन्द्र उर्फ कल्लु गढ़ेवाल, पिता गयाराम गढ़ेवाल, निवासी मानेगांव, थाना डूण्डासिवनी
  • राधेश्याम उर्फ क्रिस मानाठाकुर, पिता कपिल मानाठाकुर, निवासी गंज वार्ड, सिवनी

को गिरफ्तार कर लिया। घटना में प्रयुक्त डंडों को भी पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर जब्त कर लिया है।

निगरानी बदमाश निकला मुख्य आरोपी

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी सुरेन्द्र उर्फ कल्लु गढ़ेवाल एक शातिर अपराधी है, जिसके खिलाफ पहले से मारपीट, नकबजनी और वाहन चोरी जैसे करीब सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह थाना डूण्डासिवनी का सूचीबद्ध निगरानी बदमाश है, जो लंबे समय से पुलिस के रडार पर था।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस पूरे मामले के खुलासे में थाना प्रभारी कोतवाली श्री सतीश तिवारी के साथ

उप निरीक्षक दयाराम शरणागत, राहुल काकोडिया, सहायक उप निरीक्षक दिनेश रघुवंशी, प्रधान आरक्षक मुकेश गोडाने, नवीन तिवारी, आरक्षक सतीश इवनाती, प्रतीक बघेल, विनय सेंगर, संतोष साहू, सुधीर डेहरिया, प्रदीप चौधरी एवं आरक्षक चालक इरफान की विशेष भूमिका रही।

कानून का सख्त संदेश

इस कार्रवाई से सिवनी पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों और कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। छेड़छाड़ जैसे गंभीर अपराध के खिलाफ समाज और पुलिस दोनों को मिलकर सख्त रुख अपनाना होगा।

मंडला से बदलेगा डिजिटल कॉमर्स का खेल! pincodekart के सिटी हब इवेंट में खुला कमाई और सम्मान का नया रास्ता

मंडला। डिजिटल कॉमर्स और स्थानीय व्यापार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में पिनकोडकार्ट और पिनकोडडाक ने 11 जनवरी 2026 को देशभर में एक साथ 600 से अधिक सिटी हब्स पर भव्य, समुदाय-आधारित कार्यक्रम का आयोजन किया। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश के मंडला जिले में भी सिटी हब इवेंट का सफल आयोजन हुआ, जिसने स्थानीय युवाओं, डिलीवरी पार्टनर्स और छोटे व्यापारियों में नई ऊर्जा और उम्मीद जगा दी।

मंडला में यह कार्यक्रम कमला पेरिस मैरिज लॉन, जबलपुर रोड, मंडला में दिनांक – 11 जनवरी 2026 को आयोजित किया गया। इस सिटी हब इवेंट के Owner – कमलेश पाल और Manager – वेद प्रकाश पद्माकर उपस्थित रहे, जिनके कुशल नेतृत्व में यह आयोजन पूरी तरह सफल रहा।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, डिलीवरी पार्टनर्स, युवा उद्यमी और डिजिटल कॉमर्स से जुड़ने के इच्छुक लोग शामिल हुए। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं था, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें “माइक्रो-उद्यमी” के रूप में आगे बढ़ने का अवसर देना था।

गिग वर्क से आगे, स्थायी आय की ओर कदम

कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि डिलीवरी पार्टनर्स और स्थानीय युवाओं को केवल गिग वर्क तक सीमित न रखकर, उन्हें स्थायी और सम्मानजनक आय के मॉडल से जोड़ा जाए। पिनकोडकार्ट ने बताया कि कैसे लोग टेक्नोलॉजी-सक्षम कॉमर्स के जरिए अपने ही क्षेत्र में कमाई के नए अवसर बना सकते हैं।

यह आयोजन 17 जनवरी 2026 से शुरू होने वाली पिनकोडकार्ट की ग्रैंड सेल से पहले एक प्री-लॉन्च एंगेजमेंट के रूप में भी आयोजित किया गया था, ताकि वर्चुअल दुकानदारों, व्यापारियों और आम नागरिकों को पहले से इस डिजिटल इकोसिस्टम से जोड़ा जा सके।

“वर्चुअल दुकानदार” मॉडल ने खींचा सबका ध्यान

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक पहलू रहा “वर्चुअल दुकानदार” का कॉन्सेप्ट। यह ऐसे स्थानीय पार्टनर होते हैं जो बिना किसी स्टॉक या इन्वेंट्री के जोखिम के अपना डिजिटल स्टोर संचालित कर सकते हैं।

फिक्स्ड डिलीवरी भुगतान के बजाय इन्हें रिटेल मार्जिन के माध्यम से कमाई का अवसर मिलता है।

यह मॉडल न सिर्फ आर्थिक रूप से फायदेमंद है, बल्कि लोगों को अपने ही इलाके में उद्यमिता का अनुभव भी देता है। इससे डिलीवरी पार्टनर्स साधारण कामगार से आगे बढ़कर बिजनेस पार्टनर बन सकते हैं।

19,000+ पिनकोड्स तक पहुंच का अवसर

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि कैसे स्थानीय निर्माता और विक्रेता पिनकोडकार्ट से जुड़कर अपने उत्पादों की पहुंच देश के 19,000+ पिनकोड्स तक बढ़ा सकते हैं।

सिटी हब और मिनी हब मॉडल के माध्यम से हाइपरलोकल कॉमर्स को मजबूत करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने पर विस्तार से चर्चा की गई।

संस्थापक नरेश सैनी का बड़ा बयान

इस मौके पर पिनकोडकार्ट और पिनकोडडाक के संस्थापक नरेश सैनी ने कहा –

“यह सिटी हब कार्यक्रम हमारे उस विज़न को दर्शाता है, जिसमें कॉमर्स सिर्फ तेज़ डिलीवरी तक सीमित नहीं है। हमारा लक्ष्य है – टिकाऊ आय, काम की गरिमा और हर पिनकोड पर लोगों के लिए दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित करना।”

उनके अनुसार, यह पहल भारत में एक ऐसे डिजिटल रिटेल मॉडल की नींव रख रही है, जहां स्थानीय समुदाय ही असली ताकत होंगे।

मंडला बना डिजिटल बदलाव का साक्षी

मंडला में आयोजित इस सिटी हब इवेंट ने यह साबित कर दिया कि छोटे शहर भी डिजिटल कॉमर्स की बड़ी क्रांति का हिस्सा बन सकते हैं। 600+ स्थानों पर एक साथ हुए इस आयोजन ने सिटी और मिनी हब मॉडल की स्केलेबिलिटी और लोगों की बढ़ती रुचि को मजबूती से दर्शाया।

पिनकोडकार्ट आने वाले समय में भी ऐसे कार्यक्रमों के जरिए पिनकोड स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देता रहेगा और स्थानीय लोगों को भारत की डिजिटल रिटेल अर्थव्यवस्था का सक्रिय भागीदार बनाता रहेगा।

पिनकोडकार्ट के बारे में

पिनकोडकार्ट एक हाइब्रिड कॉमर्स मार्केटप्लेस है, जो भारत के स्थानीय व्यापार को डिजिटल ताकत देने पर केंद्रित है। इसका लक्ष्य देश के 19,000+ पिनकोड्स में 5 लाख से अधिक रोजगार और आजीविका के अवसर तैयार करना है, खासकर टियर-2, टियर-3 और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में।

पिनकोडडाक के बारे में

पिनकोडडाक, पिनकोडकार्ट का लॉजिस्टिक्स एनेबलमेंट प्लेटफॉर्म है, जो “पिनकोड फर्स्ट” मॉडल पर काम करता है। यह वर्चुअल दुकानदारों, सिटी हब्स, मिनी हब्स, विक्रेताओं और निर्माताओं को जोड़कर तेज़, स्मार्ट और भरोसेमंद हाइपरलोकल डिलीवरी को संभव बनाता है।

सिवनी: कार एक्सीडेंट के बाद 2 लाख की वसूली! आदर्श और अभिजीत को इस कदर डराया कि चुन ली मौत, पुलिस ने श्रीकांत, राहुल और अंकित को दबोचा

सिवनी। जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां कार एक्सीडेंट के बाद मरम्मत के नाम पर दो युवकों से 2 लाख रुपये की मांग कर उन्हें इस हद तक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया कि उन्होंने आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठा लिया। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।

पुलिस अधीक्षक श्री सुनील मेहता के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री दीपक मिश्रा एवं एसडीओपी श्रीमती श्रद्धा सोनकर के निर्देशन में कोतवाली थाना पुलिस ने इस सनसनीखेज प्रकरण का खुलासा किया।

मृतक आदर्श बघेल एवं अभिजीत बघेल 7 जनवरी 2026 को वाहन स्वामी श्रीकांत उर्फ गज्जू डहेरिया की स्विफ्ट डिजायर कार (MP49 C 6154) से अमोदागढ़-कान्हीवाड़ा घूमने गए थे। लौटते समय कान्हीवाड़ा हनुमान मंदिर के पास कार पलट गई, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।

इसके बाद कार मालिक श्रीकांत उर्फ गज्जू डहेरिया, अंकित बघेल, प्रिसं मालवी, राहुल सनोडिया एवं हर्षित मालवी ने मृतकों पर कार रिपेयरिंग के नाम पर 2 लाख रुपये देने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। लगातार मोबाइल कॉल कर धमकाना, अपमानित करना और मानसिक रूप से प्रताड़ित करना उनकी रोजमर्रा की दिनचर्या बन गई।

इस मानसिक यातना से टूटकर दोनों युवकों ने 9 जनवरी 2026 को गंगानगर स्थित मकान में अज्ञात जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध धारा 108 एवं 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की। तत्परता दिखाते हुए पुलिस टीम ने 12 जनवरी 2026 को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया।

न्यायालय से:

  • आरोपी श्रीकांत उर्फ गजेन्द्र उर्फ गज्जू डहेरिया एवं राहुल सनोडिया का एक दिन का पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया।
  • आरोपी अंकित बघेल को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
  • अन्य दो फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है।

👤 गिरफ्तार आरोपी

  1. श्रीकांत उर्फ गजेन्द्र उर्फ गज्जू डहेरिया, पिता – जसवंत डहेरिया, उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम जमुनिया, थाना बंडोल, जिला सिवनी
  2. अंकित बघेल, पिता – पुरुषोत्तम बघेल, उम्र 29 वर्ष, निवासी ग्राम धतुरिया, थाना लखनवाड़ा, जिला सिवनी
  3. राहुल सनोडिया, पिता – भगवत सनोडिया, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम मानेगांव, थाना डूंडा, जिला सिवनी

👮‍♂️ पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली श्री सतीश तिवारी, उनि. राहुल काकोडिया, उनि. जयशंकर उईके, सउनि. दिनेश रघुवंशी, प्रमोद मालवीय, आरक्षक मुकेश गोंडाने, कृष्ण कुमार वानवखेडे, मनोज पाल, नवीन तिवारी, आर. प्रशांत गजभिये, सतीश इनवाती, प्रदीप चौधरी, सुधीर डहेरिया, सिद्धार्थ दुबे, जितेंद्र बघेल सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।