Home Blog Page 1943

IIFA Award 2020 : IIT Indore के रोबोट चेहरा पहचानने

IIFA Award 2020, इंदौर। शहर में 27 से 29 मार्च को होने जा रहे आईफा अवार्ड की तैयारियों में आईआईटी इंदौर भी शामिल हो गया है। हाल ही में इंदौर एयरपोर्ट डायरेक्टर और आईआईटी के प्रोफेसर और विद्यार्थियों के बीच एक बैठक हुई थी। इसमें तय हुआ है कि आईफा अवार्ड में आने वाले देश-दुनिया के अतिथियों के सामने शहर की बेहतर इमेज दर्शाने के लिए चार तरह की तकनीक पर आधारित रोबोट तैयार किए जाएं।

इसमें एक रोबोट चेहरा देखकर व्यक्ति की पहचान कर लेगा और उससे संबंधित जानकारी बताएगा। वहीं दूसरा रोबोट एयरपोर्ट की सीढ़ी पर पैर रखते ही म्यूजिक सुनाएगा। एक रोबोट ऐसा भी होगा जो इंदौर और आईफा से संबंधित जानकारी देगा। इन मशीन आधारित रोबोट को 15 मार्च तक स्थापित करने का लक्ष्य आईआईटी ने रखा है।

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस व इंटरनेट ऑफ थिंक्स पर आधारित

आईआईटी कुछ विशेष टेक्नोलॉजी पर आधारित उपकरण तैयार करेगी इसके बाद इन्हें रोबोट का रूप दे दिया जाएगा। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंक्स और मशीन लर्निंग जैसी टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है। मेहमानों के सामने शहर का इम्प्रेशन अच्छा बने इसके लिए रोबोट को बेहतर बनाने के लिए आईआईटी गंभीरता दिखा रहा है।

संस्थान के डायरेक्टर निलेश कुमार जैन का कहना है कि हम शहर को गति देने के लिए भी काम करना चाहते हैं। प्रशासन को जिस भी तरह की मदद की जरूरत होगी हम इसके लिए तैयार हैं।

सभी ब्रांच के विद्यार्थी रोबोट बनाने के काम में जुटे हैं

आईआईटी इंदौर के सीनियर प्रोफेसर डॉ. संतोष कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि आईआईटी इंदौर के पास विश्वस्तरीय लैब और उपकरण हैं। ऐसे में शहर में बाहर से आने वाले मेहमानों को नया अहसास देने के लिए सभी ब्रांच के प्रोफेसर और विद्यार्थी रोबोट और उपकरण बनाने के काम में जुट गए हैं।

एयरपोर्ट डायरेक्टर आर्यमा सान्याल से हुई बैठक के बाद आईआईटी ने कुछ आकर्षक प्रयोग करने की प्लानिंग बताई थी। इसमें से कुछ उपकरणों को तय किया गया है। रोबोट तैयार करने का 60 फीसदी से ज्यादा काम पूरा हो चुका है।

IIFA Award Ticket : CM कमलनाथ बोले, आईफा अवार्ड में FREE पास नहीं टिकट से होगी एंट्री

IIFA Award Ticket
IIFA Award Ticket

IIFA Award Ticket इंदौर/भोपाल। आईफा अवार्ड कार्यक्रम इंदौर के डेली कॉलेज में होगा। इसमें फ्री पास के माध्यम से प्रवेश की व्यवस्था बिल्कुल नहीं रखी जाएगी। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए आयोजकों से कहा कि टिकट के जरिए ही प्रवेश दिया जाए।

मध्यप्रदेश के पर्यटन और धार्मिक स्थलों की ब्रांडिंग की जाए। यह भी बताया जाए कि आपने मध्य प्रदेश का चयन इस प्रतिष्ठित आयोजन के लिए क्यों किया? कार्यक्रम के लिए सरकार से जो सहयोग चाहिए, उसके लिए समन्वय चार मंत्री करेंगे। मंत्रालय में हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम के जरिए मध्यप्रदेश को नई पहचान मिलेगी।

आईफा अवार्ड के लिए राज्य का चयन क्यों किया गया, यह आयोजकों को आगे आकर बताना चाहिए। साथ ही इंदौर के आसपास जो भी पर्यटन और धार्मिक स्थल हैं, उनकी भी ब्रांडिंग की जाए। प्रदेश में कई जगह ऐसी हैं, जहां देश और दुनिया के पर्यटक आते हैं। उन्होंने आयोजकों से यह भी कहा कि समारोह में फ्री-पास से एंट्री न दी जाए।

यदि किसी विशेष व्यक्ति को आमंत्रित भी किया जाना है तो उसके लिए भी टिकट लेकर दी जाए। राज्य सरकार से आयोजन के लिए जो भी सहयोग चाहिए, उसके लिए समन्वय चार मंत्री (बाला बच्चन, जयवर्धन सिंह, प्रियव्रत सिंह और सुरेंद्र सिंह बघेल) करेंगे। आयोजकों से कहा गया है कि वे इन्हीं चारों मंत्रियों के संपर्क में रहें।

सूत्रों के मुताबिक बैठक में डेली कॉलेज के प्राचार्य ने बताया कि जहां आयोजन होना है, वहां करीब नौ हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि कार्यक्रम के दौरान इंदौर में किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होना चाहिए और न ही लोगों को कोई परेशानी होनी चाहिए।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए तीन हजार पुलिसकर्मियों को विमानतल, कार्यक्रम स्थल, होटल, पर्यटन स्थल सहित अन्य जगहों पर तैनात किया जाएगा। बैठक में मुख्य सचिव एसआर मोहंती, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव पर्यटन फैज अहमद किदवई, इंदौर कमिश्नर आकाश त्रिपाठी, आईफा के सह संस्थापक सहित अन्य व्यक्ति मौजूद थे।

Kashi Mahakaal Express :भगवान शिव की सीट उनके आशीर्वाद के लिए रखी गई थी -IRCTC

0

नई दिल्‍ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वाराणसी से इंदौर के बीच काशी महाकाल एक्सप्रेस का उद्घाटन करते हुए उसे हरी झंडी दिखाई थी। ट्रेन में भगवान शंकर के लिए भी एक सीट आरक्षित रखी गई थी जिस पर हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने धर्मनिरपेक्षता का हवाला देकर सवाला उठाया था। अब इस विवाद पर इंडियन रेलवे केटरिंग ऐंड टूरिजम कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने सफाई देते हुए कहा है कि यह सिर्फ उद्घाटन के लिए था जिसका मकसद इस प्रॉजेक्ट की सफलता के लिए भगवान शिव का आशीर्वाद लेना था।

औवैसी ने उठाया था सवाल

IRCTC ने एक बयान जारी कर कहा कि रविवार को उद्घाटन के दौरानपूजा के लिए ट्रेन स्टाफ ने एक अपर बर्थ पर अस्थायी तौर पर श्री महाकाल की तस्वीर‘ लगाई थी। बता दें कि एआईएमआईएम मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने इस पर आपत्ति जताते हुए पीएमओ को टैग करके ट्वीट किया था। ओवैसी ने संविधान की प्रस्तावना की एक तस्वीर के साथ एएनआई यूपी के एक ट्वीट को रीट्वीट किया था। एएनआई के ट्वीट में लिखा था, ‘काशी महाकाल एक्सप्रेस (वाराणसी से इंदौर) के कोच B5 की सीट नंबर 64 को भगवान शिव के लिए एक मिनी-टेंपल में तब्दील किया गया है। ट्रेन को पीएम मोदी ने कल (रविवार) विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हरी झंडी दिखाई थी।

स्टाफ ने सिर्फ उद्घाटन के लिए लगाई थी तस्वीर: IRCTC

काशी महाकाल एक्सप्रेस 3 ज्योतिर्लिंगों- इंदौर के नजदीक ओमकारेश्वरउज्जैन के महाकालेश्वर और वाराणसी के काशी विश्वनाथ को जोड़ेगी। इस ट्रेन की पहली व्यावसायिक यात्रा 20 फरवरी से शुरू होने वाली है। आईआरसीटीसी ने अपने बयान में कहा, ‘नई काशी महाकाल एक्सप्रेस ट्रेन के स्टाफ ने एक अपर बर्थ पर अस्थायी तौर पर श्री महाकाल की तस्वीर लगाकर पूजा की थी जिसका मकसद इस प्रॉजेक्ट की सफलता के लिए उनका आशीर्वाद पाना था। यह सिर्फ उद्घाटन के लिए थासिर्फ एक बार के लिए है।

’20 फरवरी से कमर्शल रनऐसी कोई सीट नहीं रहेगी रिजर्व

आईआरसीटीसी ने बयान में आगे कहा, ‘उद्घाटन वाली यात्रा में पैसंजर शामिल नहीं हुए। 20 फरवरी से शुरू होने जा रहे ट्रेन के कमर्शल रन में इस उद्देश्य से कोई सीट रिजर्व नहीं होगी।‘ बता दें कि काशी महाकाल एक्सप्रेस का संचालन आईआरसीटी करेगी। इस ट्रेन को मिलाकर भारतीय रेलवे की सब्सिडियरी आईआरसीटीसी अबतक 3 ट्रेनों का संचालन कर रही है। 

मध्य प्रदेश : कान्हा नेशनल पार्क से सकुशल सतपुड़ा टायगर रिजर्व पहुँचे 13 बारासिंघा | MP NEWS

मध्य प्रदेश : कान्हा नेशनल पार्क से सकुशल सतपुड़ा टायगर रिजर्व पहुँचे 13 बारासिंघा | MP NEWS

कान्हा टायगर रिजर्व से रवाना हुआ 13 बारासिंघों का झुण्ड कल रात सकुशल सतपुड़ा टायगर रिजर्व पहुँच चुका है। वन्य प्राणी विशेषज्ञों और चिकित्सकों की देख-रेख में विशेष रूप से निर्मित वाहन में पहुँचे इस झुण्ड को पहले से तैयार बाड़े में रखा गया है। बाड़े में वर्तमान में 23 बारासिंघा हैं। नये बारासिंघा पहुँचने से इनकी संख्या 36 हो गयी है।

उल्लेखनीय है कि विलुप्तप्राय श्रेणी में शामिल राज्य पशु बारासिंघा मात्र कान्हा टायगर रिजर्व में ही बचे हैं। प्रदेश के अन्य भागों में भी इनकी संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से पिछले कुछ सालों में इन्हें भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान और सतपुड़ा टायगर रिजर्व में सफलतापूर्वक शिफ्ट किया गया है। दोनों जगह इनकी संख्या बढ़ने लगी है। सतपुड़ा टायगर रिजर्व में पूर्व में 33 बारासिंघा शिफ्ट किये जा चुके हैं, जिनकी संख्या अब बढ़कर 56 हो चुकी है। संख्या बढ़ने के बाद 20 से 25 बारासिंघा को वन में छोड़ दिया जाता है।

मध्य प्रदेश : आयुष पैरो से बनाता है तस्वीर, मिला राज्य-स्तरीय रेडक्रास पुरस्कार |MP NEWS

चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में रेडक्रास का इतिहास सराहनीय : पी सी शर्मा

रेडक्रास शताब्दी वर्ष समारोह में चित्रकला प्रतियोगिता के स्कूली बच्चे पुरस्कृत

जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने रेडक्रास शताब्दी वर्ष समारोह में आयोजित स्कूली बच्चों की प्रदेश स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किये। समारोह में मध्यप्रदेश रेडक्रास के चेयरमेन श्री आशुतोष पुरोहित और जनरल सेक्रेटरी डॉ. प्रार्थना जोशी शामिल हुईं।

मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में रेडक्रास का इतिहास सराहनीय रहा है। यह संस्था विश्व स्तर पर समाज सेवा के क्षेत्र में भी अग्रणी है। उन्होंने चित्रकला प्रतियोगिता के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों को समाज के प्रति जिम्मेदारी का एहसास दिलाने में इस तरह की प्रतियोगिताएँ हमेशा सशक्त माध्यम साबित हुई हैं।

पैरो से तस्वीर बनाने वाले बालक आयुष को राज्य-स्तरीय रेडक्रास पुरस्कार

मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने समारोह में रेडक्रास के संस्थापक हेनरी ड्यूनॉट की आकर्षक तस्वीर पैरो से बनाने वाले बालक आयुष को प्रशस्ति पत्र के साथ 5 हजार रूपये नगद राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किया। श्री शर्मा ने आयुष को अपनी निधि से 11 हजार रूपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। प्रतियोगिता में उज्जैन के पुनीत खण्डवाने प्रथम, भोपाल के अंतरिक्ष सेठिया ने द्वितीय और भोपाल की रिया जैन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

राष्ट्रपति भवन में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे छात्र-छात्राएँ

जनरल सेक्रेटरी रेडक्रास डॉ. प्रार्थना जोशी ने बताया कि चित्रकला प्रतियोगिता में चयनित दो छात्र-छात्राएँ राष्ट्रपति भवन दिल्ली में 8 मई को आयोजित होने वाली प्रतियोगिता में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। जूनियर रेडक्रास के चेयरमेन डॉ. एल.एन. शर्मा ने समारोह में लोगों का आभार व्यक्त किया।

रेडक्रास परिसर में 20 फरवरी को 24 घंटे का रक्तदान शिविर

रेडक्रास चेयरमेन श्री आशुतोष पुरोहित ने बताया कि रेडक्रास के समाज सेवा के क्षेत्र में सौ वर्ष पूरे होने पर पूरे देश में यह वर्ष शताब्दी वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस दौरान मई माह तक लगातार प्रदेशभर में रेडक्रास इकाईयों द्वारा समाज सेवा की गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। श्री पुरोहित ने जानकारी दी कि पहली बार 20 फरवरी को भोपाल स्थित रेडक्रास परिसर में 24 घंटे लगातार रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

Interesting Facts About India : भारत के बारे में रोचक तथ्‍य | Gk In Hindi

भारत के बारे में रोचक तथ्‍य : Interesting Facts About India

Interesting Facts About India

भारत ने अपने आखिरी 100000 वर्षों के इतिहास में किसी भी देश पर हमला नहीं किया है।

जब कई संस्कृतियों में 5000 साल पहले घुमंतू वनवासी थे, तब भारतीयों ने सिंधु घाटी (सिंधु घाटी सभ्यता) में हड़प्पा संस्कृति की स्थापना की।

भारत का अंग्रेजी में नाम ‘इंडिया’ इं‍डस नदी से बना है, जिसके आस पास की घाटी में आरंभिक सभ्‍यताएं निवास करती थी। आर्य पूजकों में इस इंडस नदी को सिंधु कहा।

ईरान से आए आक्रमणकारियों ने सिंधु को हिंदु की तरह प्रयोग किया। ‘हिंदुस्तान’ नाम सिंधु और हिंदु का संयोजन है, जो कि हिंदुओं की भूमि के संदर्भ में प्रयुक्त होता है।

शतरंज की खोज भारत में की गई थी।

Interesting Facts About India

बीज गणित, त्रिकोण मिति और कलन का अध्‍ययन भारत में ही आरंभ हुआ था।

‘स्‍थान मूल्‍य प्रणाली’ और ‘दशमलव प्रणाली’ का विकास भारत में 100 बी सी में हुआ था।

विश्‍व का प्रथम ग्रेनाइट मंदिर तमिलनाडु के तंजौर में बृहदेश्‍वर मंदिर है। इस मंदिर के शिखर ग्रेनाइट के 80 टन के टुकड़ों से बने हैं। यह भव्‍य मंदिर राजाराज चोल के राज्‍य के दौरान केवल 5 वर्ष की अवधि में (1004 ए डी और 1009 ए डी के दौरान) निर्मित किया गया था।

भारत विश्‍व का सबसे बड़ा लोकतंत्र और विश्‍व का सातवां सबसे बड़ा देश तथा प्राचीन सभ्‍यताओं में से एक है।

सांप सीढ़ी का खेल तेरहवीं शताब्‍दी में कवि संत ज्ञान देव द्वारा तैयार किया गया था इसे मूल रूप से मोक्षपट कहते थे। इस खेल में सीढियां वरदानों का प्रतिनिधित्‍व करती थीं जबकि सांप अवगुणों को दर्शाते थे। इस खेल को कौडियों तथा पांसे के साथ खेला जाता था। आगे चल कर इस खेल में कई बदलाव किए गए, परन्‍तु इसका अर्थ वहीं रहा अर्थात अच्‍छे काम लोगों को स्‍वर्ग की ओर ले जाते हैं जबकि बुरे काम दोबारा जन्‍म के चक्र में डाल देते हैं।

दुनिया का सबसे ऊंचा क्रिकेट का मैदान हिमाचल प्रदेश के चायल नामक स्‍थान पर है। इसे समुद्री सतह से 2444 मीटर की ऊंचाई पर भूमि को समतल बना कर 1893 में तैयार किया गया था।

भारत में विश्‍व भर से सबसे अधिक संख्‍या में डाक खाने स्थित हैं।

भारतीय रेल देश का सबसे बड़ा नियोक्ता है। यह दस लाख से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करता है।

विश्‍व का सबसे प्रथम विश्‍वविद्यालय 700 बी सी में तक्षशिला में स्‍थापित किया गया था। इसमें 60 से अधिक विषयों में 10,500 से अधिक छात्र दुनियाभर से आकर अध्‍ययन करते थे। नालंदा विश्‍वविद्यालय चौथी शताब्‍दी में स्‍थापित किया गया था जो शिक्षा के क्षेत्र में प्राचीन भारत की महानतम उपलब्धियों में से एक है।

आयुर्वेद मानव जाति के लिए ज्ञात सबसे आरंभिक चिकित्‍सा शाखा है। शाखा विज्ञान के जनक माने जाने वाले चरक में 2500 वर्ष पहले आयुर्वेद का समेकन किया था।

भारत 17वीं शताब्‍दी के आरंभ तक ब्रिटिश राज्‍य आने से पहले सबसे सम्‍पन्‍न देश था। क्रिस्‍टोफर कोलम्‍बस भारत की सम्‍पन्‍नता से आकर्षित हो कर भारत आने का समुद्री मार्ग खोजने चला और उसने गलती से अमेरिका को खोज लिया।

नौवहन की कला और नौवहन का जन्‍म 6000 वर्ष पहले सिंध नदी में हुआ था। दुनिया का सबसे पहला नौवहन संस्‍कृ‍त शब्‍द नव गति से उत्‍पन्‍न हुआ है। शब्‍द नौ सेना भी संस्‍कृत शब्‍द नोउ से हुआ।

भास्‍कराचार्य ने खगोल शास्‍त्र के कई सौ साल पहले पृथ्‍वी द्वारा सूर्य के चारों ओर चक्‍कर लगाने में लगने वाले सही समय की गणना की थी। उनकी गणना के अनुसार सूर्य की परिक्रमा में पृथ्‍वी को 365.258756484 दिन का समय लगता है।

भारतीय गणितज्ञ बुधायन द्वारा ‘पाई’ का मूल्‍य ज्ञात किया गया था और उन्‍होंने जिस संकल्‍पना को समझाया उसे पाइथागोरस का प्रमेय करते हैं। उन्‍होंने इसकी खोज छठवीं शताब्‍दी में की, जो यूरोपीय गणितज्ञों से काफी पहले की गई थी।

बीज गणित, त्रिकोण मिति और कलन का उद्भव भी भारत में हुआ था। चतुष्‍पद समीकरण का उपयोग 11वीं शताब्‍दी में श्री धराचार्य द्वारा किया गया था। ग्रीक तथा रोमनों द्वारा उपयोग की गई की सबसे बड़ी संख्‍या 106 थी जबकि हिन्‍दुओं ने 10*53 जितने बड़े अंकों का उपयोग (अर्थात 10 की घात 53), के साथ विशिष्‍ट नाम 5000 बीसी के दौरान किया। आज भी उपयोग की जाने वाली सबसे बड़ी संख्‍या टेरा: 10*12 (10 की घात12) है।

वर्ष 1896 तक भारत विश्‍व में हीरे का एक मात्र स्रोत था।(स्रोत: जेमोलॉजिकल इंस्‍टी‍ट्यूट ऑफ अमेरिका)

बेलीपुल विश्‍व‍ में सबसे ऊंचा पुल है। यह हिमाचल पर्वत में द्रास और सुरु नदियों के बीच लद्दाख घाटी में स्थित है। इसका निर्माण अगस्‍त 1982 में भारतीय सेना द्वारा किया गया था।

सुश्रुत को शल्‍य चिकित्‍सा का जनक माना जाता है। लगभग 2600 वर्ष पहले सुश्रुत और उनके सहयोगियों ने मोतियाबिंद, कृत्रिम अंगों को लगना, शल्‍य क्रिया द्वारा प्रसव, अस्थिभंग जोड़ना, मूत्राशय की पथरी, प्‍लास्टिक सर्जरी और मस्तिष्‍क की शल्‍य क्रियाएं आदि की।

निश्‍चेतक का उपयोग भारतीय प्राचीन चिकित्‍सा विज्ञान में भली भांति ज्ञात था। शारीरिकी, भ्रूण विज्ञान, पाचन, चयापचय, शरीर क्रिया विज्ञान, इटियोलॉजी, आनुवांशिकी और प्रतिरक्षा विज्ञान आदि विषय भी प्राचीन भारतीय ग्रंथों में पाए जाते हैं।

भारत से 90 देशों को सॉफ्टवेयर का निर्यात किया जाता है।

भारत में 4 धर्मों का जन्‍म हुआ – हिन्‍दु, बौद्ध, जैन और सिक्‍ख धर्म और जिनका पालन दुनिया की आबादी का 25 प्रतिशत हिस्‍सा करता है।

जैन धर्म और बौद्ध धर्म की स्‍थापना भारत में क्रमश: 600 बी सी और 500 बी सी में हुई थी।

इस्‍लाम भारत का और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा धर्म है।

भारत में 3,00,000 मस्जिदें हैं जो किसी अन्‍य देश से अधिक हैं, यहां तक कि मुस्लिम देशों से भी अधिक।

भारत में सबसे पुराना यूरोपियन चर्च और सिनागोग कोचीन शहर में है। इनका निर्माण क्रमश: 1503 और 1568 में किया गया था।

ज्‍यू और ईसाई व्‍यक्ति भारत में क्रमश: 200 बी सी और 52 ए डी से निवास करते हैं।

विश्‍व में सबसे बड़ा धार्मिक भवन अंगकोरवाट, हिन्‍दु मंदिर है जो कम्‍बोडिया में 11वीं शताब्‍दी के दौरान बनाया गया था।

तिरुपति शहर में बना विष्‍णु मंदिर 10वीं शताब्‍दी के दौरान बनाया गया था, यह विश्‍व का सबसे बड़ा धार्मिक गंतव्‍य है। रोम या मक्‍का धार्मिक स्‍थलों से भी बड़े इस स्‍थान पर प्रतिदिन औसतन 30 हजार श्रद्धालु आते हैं और लगभग 6 मिलियन अमेरिकी डॉलर प्रति दिन चढ़ावा आता है।

सिक्‍ख धर्म का उद्भव पंजाब के पवित्र शहर अमृतसर में हुआ था। यहां प्रसिद्ध स्‍वर्ण मंदिर की स्‍थापना 1577 में गई थी।

वाराणसी, जिसे बनारस के नाम से भी जाना जाता है, एक प्राचीन शहर है जब भगवान बुद्ध ने 500 बी सी में यहां आगमन किया और यह आज विश्‍व का सबसे पुराना और निरंतर आगे बढ़ने वाला शहर है।

भारत द्वारा श्रीलंका, तिब्‍बत, भूटान, अफगानिस्‍तान और बांग्‍लादेश के 3,00,000 से अधिक शरणार्थियों को सुरक्षा दी जाती है, जो धार्मिक और राजनैतिक अभियोजन के फलस्‍वरूप वहां से निकल गए हैं।

माननीय दलाई लामा तिब्‍बती बौद्ध धर्म के निर्वासित धार्मिक नेता है, जो उत्तरी भारत के धर्मशाला में अपने निर्वासन में रह रहे हैं।

युद्ध कलाओं का विकास सबसे पहले भारत में किया गया और ये बौद्ध धर्म प्रचारकों द्वारा पूरे एशिया में फैलाई गई।

योग कला का उद्भव भारत में हुआ है और यह 5,000 वर्ष से अधिक समय से मौजूद है।

पैर की तर्जनी उंगली अंगूठे से लंबी हो तो ये लोग होते है ऐसे

हिन्दू धर्म में ज्योतिष शास्त्र का बड़ा महत्व होता है और यह बात हम सभी जानते है कि हस्तरेखा के जरिए भी अपना भाग्य, भविष्य को लेकर निर्णय करते है। परन्तु क्या आप जानते है कि जातक के भविष्य को जानने के लिए सिर्फ उसकी कुंडली या हाथ ही जरूरी नहीं बल्कि उसके शरीर के कई अंग उसके भाग्य के बारे में बताते है। आइए आज हम आपको पैरों की बनावट से बताने जा रहे है कि भाग्य आपका साथ देगा या नहीं।

यदि आपके पैर का अंगूठा जरूरत से ज्यादा बड़ा लगता हो या अत्यधिक मोटा हो तो यह आपके लिए अच्छे संकेत नहीं देता है। ऐसे लोगों का भाग्य बहुत फलदायी नहीं होता। ऐसे लोगों को कड़ी मेहनत के बाद भी फल नहीं मिलता है।

जिन व्यक्तियों की घुटने पर जिनकी हड्डियां साफ दिखाई आती हैं ऐसे लोग भाग्य के धनी नहीं होते। ऐसे लोगों को जीवन में बहुत मेहनत के बाद भी सफलता मिल पाती है। ऐसे लोगों को कुछ भी बहुत संघर्ष के बाद ही मिलता है।

ज्योतिष के अनुसार, जिन व्यक्तियों की जांघे और लंबी टांगे होती है, वो बेहतर भविष्य की ओर इशारा करती है। जिनकी टांगे बहुत भरी हुई हों और साथ ही उसमें लंबाई भी हो तो ऐसे लोगों के जीवन में भाग्य बहुत मजबूती से खड़ा होता है। धन और सुख ऐसे लोगों के जीवन में खूब होता है।

यदि किसी के पैर की तर्जनी उंगली अंगूठे से लंबी हो तो ऐसे लोग बहुत भाग्शाली माने जाते हैं। ये सौभाग्य सूचक मानी गई है। ज्योतिष के अनुसार, जिन लोगों का पेट गोलाई में उभार लिए होता है और पेट हमेशा भरा भरा सा नजर आए तो ऐसे लोगों के जीवन में धन की कमी नहीं होती। ऐसे लोगों के जीवन में खुशहाली हमेशा बनी रहती है।

सिवनी : बेटी डराओ घर में बिठाओ आखिर क्यों और कब तक – मातृशक्ति संगठन

सिवनी : हाल ही में जिले के अरी थाना क्षेत्र के बटामा गाँव में प्राइमरी स्कूल की 5वी क्लास में पढ़ने वाली बेटी के साथ शिक्षक द्वारा छेड़छाड़ करने की जानकारी मिलने पर संगठन ने उस गाँव में जाकर बिटिया के घर मुलाकात की और उस मां ने उनकी बिटिया के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हुई इस तरह का जबाब दिया

और जब संग़ठन ने बिटिया से बात की तो डरी सहमी बच्ची ने कांपते हुए कहा ऐसी ही थोड़ी बहुत हरकत कर लेते है वो टीचर ज्यादा कुछ नहीं बस इतनी ही बात हुई कि माँ ने अपनी बेटी को अपनी गोद मे बिठा लिया और कह दिया कि वो सर बच्चियों को गुदगुदी लगाते है तो उसके लिए सबने उनको डांट दिया है.

आखिर इस माँ को कुछ भी न कहने के लिए किसने मजबूर किया इतना ही नहीं संगठन ने उस गाँव मे स्कूल यूनिफॉर्म पहने आँगनों में खेलती बेटियां देखी वहीं जाकर कुछ जानकारी चाही तो हर शख्स के मुंह में जैसे ताले डले हो कोई कुछ बताने को तैयार नहीं था जब एक बुजुर्ग इंसान से पूछा गया कि आप लोग अपने गाँव मे किसी बड़ी घटना की राह न देखे गांव में पुलिस आई थी तो क्यों आई थी जब कुछ हुआ ही नहीं तब जाकर उस बुजुर्ग ने बताया कि उक्त शिक्षक आदतन ही ऐसा है उन्हें पहले भी ऐसी हरकतों की वजह से दूसरी जगह से हटाया जा चुका है गाँव के लोगों ने पहले छेड़छाड़ का हल्ला किया पुलिस आई तो सब को चुप करा दिया

समझने वाली बात ये है कि इस गाँव को चुप कराया किसने ?
कैसे बेटी बचाओ कैसे बेटी पढ़ाओ ? संगठन द्वारा स्कूलोँ में गुड टच बेड टच की पूरी जानकारी समय समय पर दी गई जिसका इतना असर तो है कि बेटियों ने अपने घरों में बताना शुरू किया मगर शर्म की बात है कि इन बेटियों की छोटी छोटी आवाजों को दवाकर बड़ी घटना का इंतजार आखिर क्यों है ?

अतः संगठन जिला पुलिस अधीक्षक श्री कुमार प्रतीक जी से यह आग्रह करता है कि इस मामले की गंभीरता को समझते हुए उचित जांच कराने का कष्ट करें ताकि दोनों पक्षों में कराए गए समझौते की असलियत सबके सामने आ सके और आरोपी को उसके किये की सजा मिले।

खुशखबरी : Modi सरकार ने गैस सिलेंडर पर सब्सिडी दोगुनी कर दी…

0

नई दिल्ली: रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी इजाफे के बाद विरोध से घिरी केंद्र की मोदी सरकार ने घरेलू गैस उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है. केंद्र सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर पर दी जा रही सब्सिडी को करीब दोगुना कर दिया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान जारी कर यह जानकारी दी. साथ ही गैस की कीमतें बढ़ने की वजह भी बताई.

पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से बताया गया कि दिल्ली में अभी तक 14.2 किलो के सिलेंडर पर 153.86 रुपए की सब्सिडी मिलती थी, जिसे बढ़ाकर 291.48 रुपए कर दिया गया है. इसी प्रकार से प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत बांटे गए कनेक्शन पर अभी तक जो 174.86 रुपए प्रति सिलेंडर की सब्सिडी मिलती थी, उसे बढ़ाकर 312.48 रुपए प्रति सिलेंडर कर दिया गया है.

दाम में कितनी बढ़ोत्तरी
बता दें कि दिल्‍ली में बिना सब्सिडी वाली घरेलू एलपीजी 14.2 किलो के एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 144.50 रुपये की वृद्धि की गई है. वहीं, बिना सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 714 रुपये से बढ़ाकर 858.50 रुपये कर दी गई है.

क्यों बढ़ गए LPG के दाम
जनवरी 2020 के दौरान एलपीजी का इंटरनेशनल कीमत 448 डॉलर प्रति एमटी से काफी बढ़कर 567 डॉलर प्रति एमटी हो जाने के कारण घरेलू गैस के दामों में इजाफा किया गया है.

26 करोड़ से ज्यादा कंज्यूमर को सब्सिडी
सरकार ने बताया कि मौजूदा समय में 27.76 करोड़ से भी अधिक कनेक्‍शनों के साथ राष्‍ट्रीय एलपीजी कवरेज लगभग 97 फीसदी है. करीब 27.76 करोड़ में से तकरीबन 26.12 करोड़ उपभोक्‍ताओं के मामले में बढ़ोत्तरी को सरकार वहन करती है.

सिवनी : हत्या के आरोप में तीन गिरफ्तार

सिवनी। जिले के डूंडासिवनी थाना अंतर्गत बरघाट रोड पर सेलुआ घाटी में बीते दिवस 16 फरवरी की देर शाम ओवर टेक करने के चक्कर में हुई मारपीट की घटना में एक युवक की मौत हो गई, वहीं हत्या के आरोप में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

डूंडासिवनी थाना प्रभारी अमित दाणी ने जानकारी दी कि बीते दिवस शाम के समय मोटरसाइकिल पर सवार होकर अजय मरकाम, अंशुल गजभिये, नीतेश उइके व अंकित भलावी बरघाट से सिवनी की ओर आ रहे थे, इसी दौरान एक पिकअप वाहन ओवर टेक कर कट मारते हुये आगे निकला, जिससे अंकित भलावी की मोटरसाइकिल सड़क से नीचे उतर गई।

मोटरसाइकिल को सड़क से नीचे उतरने पर अन्य साथी अजय मरकाम ने अपनी मोटरसाइकिल तेज गति से आगे बढ़ाते हुये पिकअप वाहन को रोका तथा पिकअप वाहन में सवार जमीरूदीन पिता निजामुदीन उम्र 25 वर्ष संतकबीर नगर उत्तरप्रदेश निवासी व वाहन चालक सलमान पिता शफीक खान उम्र 24 वर्ष ग्राम जमुनिया निवासी सवार थे, इन दोनों के साथ मोटरसाइकिल पर सवार युवाओं ने मारपीट की।

इस घटना में जमीरूदीन गंभीर रूप से घायल हो गया, जहां उसके तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान उक्त युवक की मौत हो गई। बताया गया कि इस घटना में सलमान खान को भी चोटे आई है।

डूंडासिवनी पुलिस ने जमरूदीन की हत्या के आरोप में तीन आरोपी क्रमश: अजय मरकाम, अंशुल गजभिये व नीतेश उइके सभी चूना भट्टी निवासी के विरूद्ध भादवि की धारा 302, 323, 34 के तहत प्रकरण पंजीवद्ध कर गिरफ्तार किया गया है। मृतक जमरूदीन के शव का आज सुबह पोस्टमार्टम किया जाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया।