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Interesting Facts About India : भारत के बारे में रोचक तथ्‍य | Gk In Hindi

भारत के बारे में रोचक तथ्‍य : Interesting Facts About India

Interesting Facts About India

भारत ने अपने आखिरी 100000 वर्षों के इतिहास में किसी भी देश पर हमला नहीं किया है।

जब कई संस्कृतियों में 5000 साल पहले घुमंतू वनवासी थे, तब भारतीयों ने सिंधु घाटी (सिंधु घाटी सभ्यता) में हड़प्पा संस्कृति की स्थापना की।

भारत का अंग्रेजी में नाम ‘इंडिया’ इं‍डस नदी से बना है, जिसके आस पास की घाटी में आरंभिक सभ्‍यताएं निवास करती थी। आर्य पूजकों में इस इंडस नदी को सिंधु कहा।

ईरान से आए आक्रमणकारियों ने सिंधु को हिंदु की तरह प्रयोग किया। ‘हिंदुस्तान’ नाम सिंधु और हिंदु का संयोजन है, जो कि हिंदुओं की भूमि के संदर्भ में प्रयुक्त होता है।

शतरंज की खोज भारत में की गई थी।

Interesting Facts About India

बीज गणित, त्रिकोण मिति और कलन का अध्‍ययन भारत में ही आरंभ हुआ था।

‘स्‍थान मूल्‍य प्रणाली’ और ‘दशमलव प्रणाली’ का विकास भारत में 100 बी सी में हुआ था।

विश्‍व का प्रथम ग्रेनाइट मंदिर तमिलनाडु के तंजौर में बृहदेश्‍वर मंदिर है। इस मंदिर के शिखर ग्रेनाइट के 80 टन के टुकड़ों से बने हैं। यह भव्‍य मंदिर राजाराज चोल के राज्‍य के दौरान केवल 5 वर्ष की अवधि में (1004 ए डी और 1009 ए डी के दौरान) निर्मित किया गया था।

भारत विश्‍व का सबसे बड़ा लोकतंत्र और विश्‍व का सातवां सबसे बड़ा देश तथा प्राचीन सभ्‍यताओं में से एक है।

सांप सीढ़ी का खेल तेरहवीं शताब्‍दी में कवि संत ज्ञान देव द्वारा तैयार किया गया था इसे मूल रूप से मोक्षपट कहते थे। इस खेल में सीढियां वरदानों का प्रतिनिधित्‍व करती थीं जबकि सांप अवगुणों को दर्शाते थे। इस खेल को कौडियों तथा पांसे के साथ खेला जाता था। आगे चल कर इस खेल में कई बदलाव किए गए, परन्‍तु इसका अर्थ वहीं रहा अर्थात अच्‍छे काम लोगों को स्‍वर्ग की ओर ले जाते हैं जबकि बुरे काम दोबारा जन्‍म के चक्र में डाल देते हैं।

दुनिया का सबसे ऊंचा क्रिकेट का मैदान हिमाचल प्रदेश के चायल नामक स्‍थान पर है। इसे समुद्री सतह से 2444 मीटर की ऊंचाई पर भूमि को समतल बना कर 1893 में तैयार किया गया था।

भारत में विश्‍व भर से सबसे अधिक संख्‍या में डाक खाने स्थित हैं।

भारतीय रेल देश का सबसे बड़ा नियोक्ता है। यह दस लाख से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करता है।

विश्‍व का सबसे प्रथम विश्‍वविद्यालय 700 बी सी में तक्षशिला में स्‍थापित किया गया था। इसमें 60 से अधिक विषयों में 10,500 से अधिक छात्र दुनियाभर से आकर अध्‍ययन करते थे। नालंदा विश्‍वविद्यालय चौथी शताब्‍दी में स्‍थापित किया गया था जो शिक्षा के क्षेत्र में प्राचीन भारत की महानतम उपलब्धियों में से एक है।

आयुर्वेद मानव जाति के लिए ज्ञात सबसे आरंभिक चिकित्‍सा शाखा है। शाखा विज्ञान के जनक माने जाने वाले चरक में 2500 वर्ष पहले आयुर्वेद का समेकन किया था।

भारत 17वीं शताब्‍दी के आरंभ तक ब्रिटिश राज्‍य आने से पहले सबसे सम्‍पन्‍न देश था। क्रिस्‍टोफर कोलम्‍बस भारत की सम्‍पन्‍नता से आकर्षित हो कर भारत आने का समुद्री मार्ग खोजने चला और उसने गलती से अमेरिका को खोज लिया।

नौवहन की कला और नौवहन का जन्‍म 6000 वर्ष पहले सिंध नदी में हुआ था। दुनिया का सबसे पहला नौवहन संस्‍कृ‍त शब्‍द नव गति से उत्‍पन्‍न हुआ है। शब्‍द नौ सेना भी संस्‍कृत शब्‍द नोउ से हुआ।

भास्‍कराचार्य ने खगोल शास्‍त्र के कई सौ साल पहले पृथ्‍वी द्वारा सूर्य के चारों ओर चक्‍कर लगाने में लगने वाले सही समय की गणना की थी। उनकी गणना के अनुसार सूर्य की परिक्रमा में पृथ्‍वी को 365.258756484 दिन का समय लगता है।

भारतीय गणितज्ञ बुधायन द्वारा ‘पाई’ का मूल्‍य ज्ञात किया गया था और उन्‍होंने जिस संकल्‍पना को समझाया उसे पाइथागोरस का प्रमेय करते हैं। उन्‍होंने इसकी खोज छठवीं शताब्‍दी में की, जो यूरोपीय गणितज्ञों से काफी पहले की गई थी।

बीज गणित, त्रिकोण मिति और कलन का उद्भव भी भारत में हुआ था। चतुष्‍पद समीकरण का उपयोग 11वीं शताब्‍दी में श्री धराचार्य द्वारा किया गया था। ग्रीक तथा रोमनों द्वारा उपयोग की गई की सबसे बड़ी संख्‍या 106 थी जबकि हिन्‍दुओं ने 10*53 जितने बड़े अंकों का उपयोग (अर्थात 10 की घात 53), के साथ विशिष्‍ट नाम 5000 बीसी के दौरान किया। आज भी उपयोग की जाने वाली सबसे बड़ी संख्‍या टेरा: 10*12 (10 की घात12) है।

वर्ष 1896 तक भारत विश्‍व में हीरे का एक मात्र स्रोत था।(स्रोत: जेमोलॉजिकल इंस्‍टी‍ट्यूट ऑफ अमेरिका)

बेलीपुल विश्‍व‍ में सबसे ऊंचा पुल है। यह हिमाचल पर्वत में द्रास और सुरु नदियों के बीच लद्दाख घाटी में स्थित है। इसका निर्माण अगस्‍त 1982 में भारतीय सेना द्वारा किया गया था।

सुश्रुत को शल्‍य चिकित्‍सा का जनक माना जाता है। लगभग 2600 वर्ष पहले सुश्रुत और उनके सहयोगियों ने मोतियाबिंद, कृत्रिम अंगों को लगना, शल्‍य क्रिया द्वारा प्रसव, अस्थिभंग जोड़ना, मूत्राशय की पथरी, प्‍लास्टिक सर्जरी और मस्तिष्‍क की शल्‍य क्रियाएं आदि की।

निश्‍चेतक का उपयोग भारतीय प्राचीन चिकित्‍सा विज्ञान में भली भांति ज्ञात था। शारीरिकी, भ्रूण विज्ञान, पाचन, चयापचय, शरीर क्रिया विज्ञान, इटियोलॉजी, आनुवांशिकी और प्रतिरक्षा विज्ञान आदि विषय भी प्राचीन भारतीय ग्रंथों में पाए जाते हैं।

भारत से 90 देशों को सॉफ्टवेयर का निर्यात किया जाता है।

भारत में 4 धर्मों का जन्‍म हुआ – हिन्‍दु, बौद्ध, जैन और सिक्‍ख धर्म और जिनका पालन दुनिया की आबादी का 25 प्रतिशत हिस्‍सा करता है।

जैन धर्म और बौद्ध धर्म की स्‍थापना भारत में क्रमश: 600 बी सी और 500 बी सी में हुई थी।

इस्‍लाम भारत का और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा धर्म है।

भारत में 3,00,000 मस्जिदें हैं जो किसी अन्‍य देश से अधिक हैं, यहां तक कि मुस्लिम देशों से भी अधिक।

भारत में सबसे पुराना यूरोपियन चर्च और सिनागोग कोचीन शहर में है। इनका निर्माण क्रमश: 1503 और 1568 में किया गया था।

ज्‍यू और ईसाई व्‍यक्ति भारत में क्रमश: 200 बी सी और 52 ए डी से निवास करते हैं।

विश्‍व में सबसे बड़ा धार्मिक भवन अंगकोरवाट, हिन्‍दु मंदिर है जो कम्‍बोडिया में 11वीं शताब्‍दी के दौरान बनाया गया था।

तिरुपति शहर में बना विष्‍णु मंदिर 10वीं शताब्‍दी के दौरान बनाया गया था, यह विश्‍व का सबसे बड़ा धार्मिक गंतव्‍य है। रोम या मक्‍का धार्मिक स्‍थलों से भी बड़े इस स्‍थान पर प्रतिदिन औसतन 30 हजार श्रद्धालु आते हैं और लगभग 6 मिलियन अमेरिकी डॉलर प्रति दिन चढ़ावा आता है।

सिक्‍ख धर्म का उद्भव पंजाब के पवित्र शहर अमृतसर में हुआ था। यहां प्रसिद्ध स्‍वर्ण मंदिर की स्‍थापना 1577 में गई थी।

वाराणसी, जिसे बनारस के नाम से भी जाना जाता है, एक प्राचीन शहर है जब भगवान बुद्ध ने 500 बी सी में यहां आगमन किया और यह आज विश्‍व का सबसे पुराना और निरंतर आगे बढ़ने वाला शहर है।

भारत द्वारा श्रीलंका, तिब्‍बत, भूटान, अफगानिस्‍तान और बांग्‍लादेश के 3,00,000 से अधिक शरणार्थियों को सुरक्षा दी जाती है, जो धार्मिक और राजनैतिक अभियोजन के फलस्‍वरूप वहां से निकल गए हैं।

माननीय दलाई लामा तिब्‍बती बौद्ध धर्म के निर्वासित धार्मिक नेता है, जो उत्तरी भारत के धर्मशाला में अपने निर्वासन में रह रहे हैं।

युद्ध कलाओं का विकास सबसे पहले भारत में किया गया और ये बौद्ध धर्म प्रचारकों द्वारा पूरे एशिया में फैलाई गई।

योग कला का उद्भव भारत में हुआ है और यह 5,000 वर्ष से अधिक समय से मौजूद है।

पैर की तर्जनी उंगली अंगूठे से लंबी हो तो ये लोग होते है ऐसे

हिन्दू धर्म में ज्योतिष शास्त्र का बड़ा महत्व होता है और यह बात हम सभी जानते है कि हस्तरेखा के जरिए भी अपना भाग्य, भविष्य को लेकर निर्णय करते है। परन्तु क्या आप जानते है कि जातक के भविष्य को जानने के लिए सिर्फ उसकी कुंडली या हाथ ही जरूरी नहीं बल्कि उसके शरीर के कई अंग उसके भाग्य के बारे में बताते है। आइए आज हम आपको पैरों की बनावट से बताने जा रहे है कि भाग्य आपका साथ देगा या नहीं।

यदि आपके पैर का अंगूठा जरूरत से ज्यादा बड़ा लगता हो या अत्यधिक मोटा हो तो यह आपके लिए अच्छे संकेत नहीं देता है। ऐसे लोगों का भाग्य बहुत फलदायी नहीं होता। ऐसे लोगों को कड़ी मेहनत के बाद भी फल नहीं मिलता है।

जिन व्यक्तियों की घुटने पर जिनकी हड्डियां साफ दिखाई आती हैं ऐसे लोग भाग्य के धनी नहीं होते। ऐसे लोगों को जीवन में बहुत मेहनत के बाद भी सफलता मिल पाती है। ऐसे लोगों को कुछ भी बहुत संघर्ष के बाद ही मिलता है।

ज्योतिष के अनुसार, जिन व्यक्तियों की जांघे और लंबी टांगे होती है, वो बेहतर भविष्य की ओर इशारा करती है। जिनकी टांगे बहुत भरी हुई हों और साथ ही उसमें लंबाई भी हो तो ऐसे लोगों के जीवन में भाग्य बहुत मजबूती से खड़ा होता है। धन और सुख ऐसे लोगों के जीवन में खूब होता है।

यदि किसी के पैर की तर्जनी उंगली अंगूठे से लंबी हो तो ऐसे लोग बहुत भाग्शाली माने जाते हैं। ये सौभाग्य सूचक मानी गई है। ज्योतिष के अनुसार, जिन लोगों का पेट गोलाई में उभार लिए होता है और पेट हमेशा भरा भरा सा नजर आए तो ऐसे लोगों के जीवन में धन की कमी नहीं होती। ऐसे लोगों के जीवन में खुशहाली हमेशा बनी रहती है।

सिवनी : बेटी डराओ घर में बिठाओ आखिर क्यों और कब तक – मातृशक्ति संगठन

सिवनी : हाल ही में जिले के अरी थाना क्षेत्र के बटामा गाँव में प्राइमरी स्कूल की 5वी क्लास में पढ़ने वाली बेटी के साथ शिक्षक द्वारा छेड़छाड़ करने की जानकारी मिलने पर संगठन ने उस गाँव में जाकर बिटिया के घर मुलाकात की और उस मां ने उनकी बिटिया के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हुई इस तरह का जबाब दिया

और जब संग़ठन ने बिटिया से बात की तो डरी सहमी बच्ची ने कांपते हुए कहा ऐसी ही थोड़ी बहुत हरकत कर लेते है वो टीचर ज्यादा कुछ नहीं बस इतनी ही बात हुई कि माँ ने अपनी बेटी को अपनी गोद मे बिठा लिया और कह दिया कि वो सर बच्चियों को गुदगुदी लगाते है तो उसके लिए सबने उनको डांट दिया है.

आखिर इस माँ को कुछ भी न कहने के लिए किसने मजबूर किया इतना ही नहीं संगठन ने उस गाँव मे स्कूल यूनिफॉर्म पहने आँगनों में खेलती बेटियां देखी वहीं जाकर कुछ जानकारी चाही तो हर शख्स के मुंह में जैसे ताले डले हो कोई कुछ बताने को तैयार नहीं था जब एक बुजुर्ग इंसान से पूछा गया कि आप लोग अपने गाँव मे किसी बड़ी घटना की राह न देखे गांव में पुलिस आई थी तो क्यों आई थी जब कुछ हुआ ही नहीं तब जाकर उस बुजुर्ग ने बताया कि उक्त शिक्षक आदतन ही ऐसा है उन्हें पहले भी ऐसी हरकतों की वजह से दूसरी जगह से हटाया जा चुका है गाँव के लोगों ने पहले छेड़छाड़ का हल्ला किया पुलिस आई तो सब को चुप करा दिया

समझने वाली बात ये है कि इस गाँव को चुप कराया किसने ?
कैसे बेटी बचाओ कैसे बेटी पढ़ाओ ? संगठन द्वारा स्कूलोँ में गुड टच बेड टच की पूरी जानकारी समय समय पर दी गई जिसका इतना असर तो है कि बेटियों ने अपने घरों में बताना शुरू किया मगर शर्म की बात है कि इन बेटियों की छोटी छोटी आवाजों को दवाकर बड़ी घटना का इंतजार आखिर क्यों है ?

अतः संगठन जिला पुलिस अधीक्षक श्री कुमार प्रतीक जी से यह आग्रह करता है कि इस मामले की गंभीरता को समझते हुए उचित जांच कराने का कष्ट करें ताकि दोनों पक्षों में कराए गए समझौते की असलियत सबके सामने आ सके और आरोपी को उसके किये की सजा मिले।

खुशखबरी : Modi सरकार ने गैस सिलेंडर पर सब्सिडी दोगुनी कर दी…

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नई दिल्ली: रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी इजाफे के बाद विरोध से घिरी केंद्र की मोदी सरकार ने घरेलू गैस उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है. केंद्र सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर पर दी जा रही सब्सिडी को करीब दोगुना कर दिया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान जारी कर यह जानकारी दी. साथ ही गैस की कीमतें बढ़ने की वजह भी बताई.

पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से बताया गया कि दिल्ली में अभी तक 14.2 किलो के सिलेंडर पर 153.86 रुपए की सब्सिडी मिलती थी, जिसे बढ़ाकर 291.48 रुपए कर दिया गया है. इसी प्रकार से प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत बांटे गए कनेक्शन पर अभी तक जो 174.86 रुपए प्रति सिलेंडर की सब्सिडी मिलती थी, उसे बढ़ाकर 312.48 रुपए प्रति सिलेंडर कर दिया गया है.

दाम में कितनी बढ़ोत्तरी
बता दें कि दिल्‍ली में बिना सब्सिडी वाली घरेलू एलपीजी 14.2 किलो के एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 144.50 रुपये की वृद्धि की गई है. वहीं, बिना सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 714 रुपये से बढ़ाकर 858.50 रुपये कर दी गई है.

क्यों बढ़ गए LPG के दाम
जनवरी 2020 के दौरान एलपीजी का इंटरनेशनल कीमत 448 डॉलर प्रति एमटी से काफी बढ़कर 567 डॉलर प्रति एमटी हो जाने के कारण घरेलू गैस के दामों में इजाफा किया गया है.

26 करोड़ से ज्यादा कंज्यूमर को सब्सिडी
सरकार ने बताया कि मौजूदा समय में 27.76 करोड़ से भी अधिक कनेक्‍शनों के साथ राष्‍ट्रीय एलपीजी कवरेज लगभग 97 फीसदी है. करीब 27.76 करोड़ में से तकरीबन 26.12 करोड़ उपभोक्‍ताओं के मामले में बढ़ोत्तरी को सरकार वहन करती है.

सिवनी : हत्या के आरोप में तीन गिरफ्तार

सिवनी। जिले के डूंडासिवनी थाना अंतर्गत बरघाट रोड पर सेलुआ घाटी में बीते दिवस 16 फरवरी की देर शाम ओवर टेक करने के चक्कर में हुई मारपीट की घटना में एक युवक की मौत हो गई, वहीं हत्या के आरोप में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

डूंडासिवनी थाना प्रभारी अमित दाणी ने जानकारी दी कि बीते दिवस शाम के समय मोटरसाइकिल पर सवार होकर अजय मरकाम, अंशुल गजभिये, नीतेश उइके व अंकित भलावी बरघाट से सिवनी की ओर आ रहे थे, इसी दौरान एक पिकअप वाहन ओवर टेक कर कट मारते हुये आगे निकला, जिससे अंकित भलावी की मोटरसाइकिल सड़क से नीचे उतर गई।

मोटरसाइकिल को सड़क से नीचे उतरने पर अन्य साथी अजय मरकाम ने अपनी मोटरसाइकिल तेज गति से आगे बढ़ाते हुये पिकअप वाहन को रोका तथा पिकअप वाहन में सवार जमीरूदीन पिता निजामुदीन उम्र 25 वर्ष संतकबीर नगर उत्तरप्रदेश निवासी व वाहन चालक सलमान पिता शफीक खान उम्र 24 वर्ष ग्राम जमुनिया निवासी सवार थे, इन दोनों के साथ मोटरसाइकिल पर सवार युवाओं ने मारपीट की।

इस घटना में जमीरूदीन गंभीर रूप से घायल हो गया, जहां उसके तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान उक्त युवक की मौत हो गई। बताया गया कि इस घटना में सलमान खान को भी चोटे आई है।

डूंडासिवनी पुलिस ने जमरूदीन की हत्या के आरोप में तीन आरोपी क्रमश: अजय मरकाम, अंशुल गजभिये व नीतेश उइके सभी चूना भट्टी निवासी के विरूद्ध भादवि की धारा 302, 323, 34 के तहत प्रकरण पंजीवद्ध कर गिरफ्तार किया गया है। मृतक जमरूदीन के शव का आज सुबह पोस्टमार्टम किया जाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया।

RRB NTPC Admit Card 2020 : Syllabus | एडमिट कार्ड डाउनलोड करने का डायरेक्ट लिंक

RRB NTPC Admit Card 2020 : Syllabus |  एडमिट कार्ड डाउनलोड करने का डायरेक्ट लिंक
RRB NTPC Admit Card 2020 : Syllabus | एडमिट कार्ड डाउनलोड करने का डायरेक्ट लिंक

RRB NTPC Admit Card 2020 : रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने RRB गैर-तकनीकी लोकप्रिय श्रेणी (NTPC) परीक्षा तिथि 2020 और RRC GROUP D परीक्षा के बारे में एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। सभी विवरण यहां देखें और नीचे दिए गए प्रत्यक्ष आधिकारिक लिंक के माध्यम से RRB NTPC Exam 2020 परीक्षा तिथि 2020 डाउनलोड करें।उम्मीदवार आगामी कार्यक्रम विवरण जैसे परीक्षा अनुसूची, परीक्षा तिथि जारी करने की तारीख, साक्षात्कार अनुसूची तिथियां, दस्तावेज सत्यापन अनुसूची, परीक्षा परिणाम, परीक्षा पैटर्न के साथ-साथ महत्वपूर्ण आधिकारिक अधिसूचना, आरआरबी एनटीपीसी परीक्षा दिनांक 2020 से संबंधित हमारे पेज से तुरंत प्राप्त कर सकते हैं।

RRB NTPC Admit Card 2020

5 फरवरी 2020 को नया अपडेट : आरआरबी एनटीपीसी सीबीटी 1 परीक्षा के लिए उपस्थित होने वाले उम्मीदवार इस लेख से अस्थायी तिथियों की जांच कर सकते हैं। हाल ही में। रेलवे भर्ती बोर्ड ने आरआरबी एनटीपीसी सीबीटी 1 परीक्षा 2020 से संबंधित एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की। आरआरबी एनटीपीसी सीबीटी 1 परीक्षा के लिए अस्थायी तिथियां जून और सितंबर 2019 में आयोजित होने वाली थीं, लेकिन कुछ कारणों के कारण आधिकारिक एस को स्थगित कर दिया गया। परीक्षा। हालांकि, संशोधित परीक्षा की तारीखों की घोषणा बाद में की जाएगी। गैर-तकनीकी लोकप्रिय श्रेणी (NTPC) के लिए बड़ी संख्या में पद जारी किए गए हैं। RRB NTPC के लिए पूरी तरह से 1,26,30,885 आवेदन प्राप्त हुए थे।  

रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) आरआरबी एनटीपीसी (गैर-तकनीकी लोकप्रिय श्रेणियाँ) RRB NTPC Admit Card 2020 के लिए क्लर्क सह टाइपिस्ट, लेखा लिपिक सह टाइपिस्ट, टाइम कीपर, ट्रेनों क्लर्क, वाणिज्यिक सह टिकट क्लर्क, ट्रैफिक सहायक, गुड्स गार्ड के लिए परीक्षा आयोजित करेगा। वाणिज्यिक अपरेंटिस, स्टेशन मास्टर रिक्तियों।

इस ब्लॉग में हम आरआरबी एनटीपीसी परीक्षा से संबंधित नवीनतम जानकारी दे रहे हैं। परीक्षा मार्च / अप्रैल 2020 पर अस्थायी रूप से आयोजित की जाएगी। लेकिन यह आधिकारिक समाचार नहीं है। अब तक अधिकारियों द्वारा कोई घोषणा जारी नहीं की गई है। हो सकता है कि यह तारीख भी स्थगित कर दी जाए। आरआरबी ने सूचित किया है कि उम्मीदवारों को सोशल मीडिया द्वारा जारी किसी भी अनधिकृत जानकारी पर भरोसा नहीं करना चाहिए। आरआरबी एनटीपीसी परीक्षा 2020 के बारे में बोर्ड जल्द ही एक आधिकारिक सूचना जारी करेगा। अधिक अपडेट के लिए उम्मीदवार हमारे वेब पेज को बुकमार्क कर सकते हैं।

RRB NTPC एडमिट कार्ड डाउनलोड करने का डायरेक्ट लिंक

RRB NTPC Admit Card 2019-20, CBT 1 Exam Date LIVE Updates: रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड जल्द ही आरआरबी एनटीपीस के एडमिट कार्ड जारी करने वाला है। एडमिट कार्ड आधिकारिक वेबसाइट https://www.rrbcdg.gov.in/ के अलावा आरआरबी की सभी रीजनल वेबसाइट्स पर भी जारी किए जाएंगे। एक बार एडमिट कार्ड जारी होने के बाद साफ हो जाएगा कि एग्जाम कब है, कहां है और कितने बजे से है। कैंडिडे्टस को एग्जाम से एक घंटे पहले ही सेंटर पर रिपोर्ट करना है। एग्जाम कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) होगा। इसलिए सेंटर पर पहुंचकर पहले ही पूरी तैयारी करनी होती है। एग्जाम अपने समय पर अपने आप शुरू हो जाता है। अगर आपको कोई सवाल नहीं आता है तो आप उसे स्किप कर सकते हैं।

ये परीक्षा दो चरणों में आयोजित की जाएगी, कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) और स्किल टेस्ट होगा। सीबीटी फर्स्ट की भर्ती परीक्षा 100 अंकों के लिए होगी और इसमें 100 प्रश्न होंगे। जिसमें जनरल अवेयरनेस के 40, मैथ्स के 30 और रीजनिंग के 30 प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा लिखने के लिए उम्मीदवारों को 90 मिनट का समय मिलेगा। वहीं सेकेंड सबीटी की परीक्षा 120 अंकों की होगी, जिसमें 120 प्रश्न पूछे जाएंगे।

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सिवनी : शैफाली चौरसिया का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्डस रिकॉर्ड में दर्ज

शैफाली चौरसिया का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्डस रिकॉर्ड में दर्ज

सिवनी : नैनपुर // शैफाली चौरसिया वो है जिन्होंने लगातार संगीत के क्षेत्र में अपना व नगर का नाम रोशन करते चली , अपना व नगर का नाम रोशन करने के साथ ही शैफाली चौरसिया ने 24 जनवरी 2020 को अपना नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार 24 जनवरी को मुंबई के पाँच सितारा होटल में तुलिप स्टार पर बेब सीरीज द फारगाटन आर्मी का आयोजन किया गया, जिसके निर्देशक कबीर खान रहे . हॉलीवुड के मशहूर संगीतकार प्रीतम चक्रवर्ती ने इस बेब सीरीज के तीनों गानों को 1046 गायको संगीतकारों और वादकों ने प्रदर्शित किया |

संगीत थे आजादी के लिए , ए दिल बता, तेरी माटी से तीनों संगीत की प्रस्तुति में शैफाली चौरसिया मुख्य गायिका के रूप में रही, यह प्रदर्शन विश्व के इतिहास में पहली बार हुआ इसलिए इसे विश्व का सबसे बड़ा म्यूजिक बैंड होने के कारण द गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया.

इस कार्यक्रम में शैफाली चौरसिया मुख्य गायिका के रूप में रही जो कि नैनपुर जिला मंडला के गौरव की बात है शैफाली चौरसिया ने अपना नाम तो रोशन किया ही है साथ मे पिता संतोष चौरसिया सहित माता श्रीमति संध्या चौरसिया एवं भाई सौरभ, गौरव चौरसिया का नाम भी रोशन किया

छिंदवाड़ा के सौसर में छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा जहा से हटाई गयी, वहा शिवराज सिंह ने की पूजा की

छिंदवाड़ा के सौसर में छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा जहा से हटाई गयी, वहा शिवराज सिंह ने की पूजा की

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान शनिवार को छिंदवाड़ा के सौसर पहुंचे। उन्होंने उस स्थान पर पूजा की जहां पर राज्य सरकार ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को हटा दिया था।

मामला क्या है ?

दरअसल छिंदवाड़ा के मोहगांव तिराहे पर लगी शिवाजी महाराज की प्रतिमा को जेसीबी मशीन से हटवा दिया गया था। विवाद यही से शुरू हुआ। यहां शिवसेना समेत हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने रास्ते को जाम कर दिया था। नगरपालिका प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया जिसके बाद अब नगरपालिका की ओर से शिवाजी की मूर्ति के लिए नई जगह तलाशी जा रही है।

मध्‍य प्रदेश बंद नहीं होगी तीर्थदर्शन योजना : पीसी शर्मा | MP NEWS

इंदौर।  मध्‍य प्रदेश की कमलनाथ सरकार में विधि मंत्री पीसी शर्मा ने सीएम कमलनाथ-ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया में मतभेद और विरोध की बात को नकार दिया है। दिल्ली में समन्वय समिति की बैठक से सिंधिया के जाने और बाद में मुख्यंत्री के बयान को लेकर मंत्री शर्मा ने कहा कांग्रेस में ऑल इज वेल है, किसी तरह का विवाद नहीं है। कल बैठक में सभी पहुलओं पर चर्चा हुई। बावरिया जी से भी मेरी बात हुई। सिंधियाजी के बयानों का मंतव्य भी अलग-अलग निकाला जा रहा है। अतिथि शिक्षकों पर कैबिनेट फैसला ले चुका है। एक-एक कर सभी को नियुक्ति दी जा रही है।

रविवार को इंदौर में म‍ीडिया से बातचीत में मंत्री शर्मा ने यह भी साफ कर दिया कि बीती सरकार से चली आ रही मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना समेत अन्य योजनाओं को बंद करने का कमलनाथ सरकार का कोई आदेश नहीं है। न ही मुख्यमंत्री ने ऐसा कोई निर्देश दिया है।

मंत्री शर्मा ने साफ कहा कि आध्यात्म व धर्मस्व विभाग भी मेरे पास है मैंने योजना बंद करने का कोई आदेश नहीं निकाला है। इस बारे में सामने आ रही खबरें सिर्फ अफवाह हैं। आईफा अवॉर्ड पर शिवराजसिंह चौहान द्वारा उठाए गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि शिवराजसिंह चौहान आईफा के बारे में जानते क्या है। वे दो लाख करोड़ का कर्जा प्रदेश पर छोड़ गए थे। उसके बावजूद हम किसानों का कर्जा भी माफ कर रहे हैं और प्रदेश का विकास भी रुकने नहीं दे रहे हैं।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता कृपाशंकर शुक्ला के एक धार्मिक आयोजन में शामिल होने के लिए मंत्री शर्मा के साथ पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह इंदौर पहुंचे थे। तुलसी सिलावट भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान पर जिसमें उन्होंने कहा था कि भौतिक सुख सुविधाओं में वृद्धि के बावजूद देश में कई लोग खुश नहीं है। आंदोलन कर रहे हैं। सिंह ने कहा कि हर वर्ग में असंतोष क्यों है यह हम सब जानते हैं। कार्पोरेट नाराज है, शिक्षक, मजदूर, युवा सब नाराज हैं। यहां तक कि भाजपा वाले भी नाराज हैं। सिर्फ मोदी-शाह ही खुश हैं।

दिग्विजयसिंह ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति का ऐलान जल्द ही हो जाएगा। जामिया यूनिवर्सिटी के छात्रों पर पुलिस द्वारा लायब्रेरी में घुसकर लाठियां बरसाने के वीडियो पर दिग्विजसिंह ने कहा कि यह बेदर्दी और बेशर्मी से पुलिस युवाओं का दमन कर रही है। यह देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।

PM ने Kashi Mahakal Express को किया रवाना, ट्रेन का किराया, रूट और खास फीचर्स जानें

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नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को Kashi Mahakal Express को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। भारतीय रेलवे की उपक्रम IRCTC इस ट्रेन का परिचालन करेगी। यह तीसरी प्राइवेट ट्रेन है, जिसका परिचालन भारतीय रेलवे की पटरियों पर आईआरसीटीसी करेगी। यह ट्रेन काशी विश्वनाथ की नगरी वाराणसी से इंदौर के बीच चलेगी। यह ट्रेन तीन ज्योतिर्लिंगों- काशी विश्वनाथ, ओमकारेश्वर (इंदौर के निकट) और महाकालेश्वर (उज्जैन)- को जोड़ेगी। यह ट्रेन मध्य प्रदेश के इंडस्ट्रियल हब इंदौर और राजधानी भोपाल को भी जोड़ेगी। 

20 फरवरी से आम लोग कर सकेंगे यात्रा 
IRCTC नई दिल्ली-लखनऊ और मुंबई-हैदराबाद रूट पर पहले से तेजस ट्रेनों का परिचालन कर रही है। Kashi Mahakal Express की कॉमर्शियल शुरुआत 20 फरवरी से होगी। आईआरसीटीसी की वेबसाइट से इस ट्रेन के लिए बुकिंग शुरू हो गई है। इस ट्रेन का परिचालन सप्ताह में तीन दिन किया जाएगा। दो दिन इसे सुल्तानपुर-लखनऊ के रास्ते चलाया जाएगा। एक दिन इसे प्रयागराज यानी इलाहाबाद के रास्ते चलाया जाएगा।

रूटः (वाया सुल्तानपुर-लखनऊ)
कामर्शियल तौर पर परिचालन शुरू होने के बाद यह ट्रेन हर मंगलवार और गुरुवार को अपराह्न पौने तीन बजे वाराणसी से चलेगी और अगले दिन सुबह 9:40 बजे इंदौर पहुंचेगी। ट्रेन हर बुधवार एवं शुक्रवार को सुबह 10:55 बजे इंदौर से रवाना होगी और अगले दिन प्रातः छह बजे वाराणसी पहुंचेगी। यह ट्रेन दोनों तरफ से उज्जैन, संत हिरदाराम नगर, बीना, झांसी, कानपुर, लखनऊ और सुल्तानपुर स्टेशनों पर रूकेगी।

प्रयागराज के रास्ते ट्रेन का रूट
Kashi Mahakal Express को सप्ताह में एक दिन प्रयागराज के रास्ते चलाया जाएगा। ट्रेन हर रविवार को वाराणसी से अपराह्न 3:15 बजे इंदौर के लिए रवाना होगी। ट्रेन अगले दिन सुबह 9.40 बजे इंदौर पहुंचेगी। यह ट्रेन हर सोमवार को सुबह 10.55 बजे इंदौर से चलेगी। ट्रेन अगले दिन सुबह पांच बजे वाराणसी पहुंचेगी। दोनों दिशाओं से यह ट्रेन उज्जैन, संत हिरदाराम नगर, बीना, झांसी, कानपुर और प्रयागराज स्टेशनों पर रूकेगी।  

किराया
काशी महाकाल एक्सप्रेस का किराया दोनों तेजस ट्रेनों की तरह डायनिमिक होगा, इसका मतलब है कि आप जितनी जल्दी टिकट बुक कराएंगे उतने फायदे में रहेंगे। आईआरसीटीसी की वेबसाइट के मुताबिक वाराणसी से इंदौर के बीच एक व्यक्ति का किराया 1951 रुपये है। 

IRCTC की पहली ट्रेन जो एक रात में पूरी करेगी यात्रा
IRCTC द्वारा चलायी जाने वाली दोनों तेजस ट्रेनें एक दिन में दोनों तरफ का सफर तय करती हैं। यह पहली ट्रेन होगी, जो एक रात चलने के बाद अपने गंतव्य तक पहुंचेगी। इस ट्रेन में आपको शाकाहारी खाना मिलेगा। साथ ही 10 लाख रुपये का इंश्योरेंस मिलेगा। 

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