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सिवनी / कोरोना वायरस : जिले में धारा 144 लागू

सिवनी : कोरोना वायरस : धारा 144 के तहत सोशल मीडिया में भ्रमित पोस्ट को लेकर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री प्रवीण सिंह द्वारा दंड प्रकिया संहिता 1973 की धारा 144 तहत आदेश जारी कर विभिन्न असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया साइड जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक ,टि्वटर ,इंस्टाग्राम एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल माध्यमों में कोरोना वायरस के संक्रमण के संदर्भ में भ्रमित जानकारी पोस्ट, फोटो-वीडियो आदि तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया है।

16 मार्च से 31 मार्च तक की अवधि के लिए जारी इस आदेश परिपालन में सोशल मीडिया साइट जैसे जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक ,टि्वटर ,इंस्टाग्राम एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल माध्यमों में कोरोना वायरस जनित बीमारी के संबंध में भ्रामक पोस्ट, मैसेज, चित्र अथवा चलचित्रों की पोस्ट तथा इनका फॉरवर्ड किया जाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। इस आदेश का उल्लंघन करने पर धारा 188 भारतीय दण्ड विधान के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।

सिवनी-विगत दिनों शोशल मिडिया के वीभन्न माध्यमो से कोरोना वायरस को लेकर फैलाई अफवाहों को लेकर आज जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह दवरा 16 मार्च से 31 मार्च तक धारा 144 लगा दी गई है।

सिवनी /कोरोना वायरस से बचाव हेतु बनाया गया आइसोलेशन सेंटर का सिवनी कलेक्टर ने किया निरीक्षण

सिवनी /कोरोना वायरस से बचाव हेतु बनाया गया आइसोलेशन सेंटर का सिवनी कलेक्टर ने किया निरीक्षण

सिवनी : कलेक्टर प्रवीण सिंह द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव हेतु संदिग्ध मरीजों को रखने हेतु जिला चिकित्सालय परिसर में स्थित एएनएम ट्रेनिंग सेंटर एवं रिहायसी इलाके से दूर स्थित अन्य पिछडा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के परतापुर रोड स्थित हॉस्टल में बनाए गए आइसोलेशन सेंटर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ ही आवश्यक दिशा निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए ।

उन्होंने आइसोलेशन सेंटर में समस्त जरूरी स्वास्थ्य उपकरणों की उपलब्धता तथा अन्य सुविधा हेतु आवश्यक दिशा निर्देश अधिकारियों को दिए । कलेक्टर श्री सिंह द्वारा जिला चिकित्सालय में सर्दीखासी एवं अन्य संक्रमणजनित रोगों से ग्रसित मरीजों के लिए पृथक बनाऐ गए ट्रामा सेंटर ओपीडी की व्यवस्थाओं का अवलोकन कर आवश्यक दिशा निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए ।

सिवनी / Coronavirus से बचाव हेतु सिवनी कलेक्टर ने स्कूल, कॉलेज,कोचिंग के साथ इन चीजो पर लगाया प्रतिबंध

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव हेतु स्कूल, कॉलेज एवं कोचिंग क्लासेस बंद रखने के कलेक्टर ने दिए निर्देश अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन भी रहेंगे प्रतिबंधित

सिवनी : कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिये सर्तकता हेतु आमजनों को अधिक से अधिक जागरूक किया जाये। 20 से अधिक व्यक्तियों के एक समय में एकत्रित होने की संभावना वाले समस्त सार्वजनिक एवं निजि कार्यक्रम प्रतिबंधित किये जाये।

समय-समय में शासन द्वारा जारी एडवायजरी का आमजनों में प्रसार-प्रसार हेतु जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें । स्वास्थ्य विभाग के साथ ही अन्य संबंधित विभाग समन्वित होकर पूर्ण जिम्मेदारी से कार्य करें।

यह निर्देश कलेक्टर प्रवीण सिंह द्वारा सोमवार 16 मार्च को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित हुई समय सीमा बैठक में दिये गये। इस बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती रानी बाटड, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री सुनील दुबे सहित सभी अनुविभागीय अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारियों की ही उपस्थिति रही।

कलेक्टर श्री सिंह द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि शासन के निर्देशानुसार बोर्ड कक्षाओं की परीक्षाओं के अतिरिक्त सभी शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों, महाविद्यालयों, प्रायवेट कोचिंग संस्थानों, आंगनबाडी केन्द्रों, मैरिज लॉन, सिनेमा घरो, जिम सेन्टर के साथ ही समस्त भीडभाड वाले संस्थानों को बंद रखने के निर्देश दिये।

उन्होंने सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारियों को अपने-अपने अनुभाग में समाजसेवियों एवं धर्मालंबियों की बैठक लेकर कोरोना वायरस के संक्रमण के लक्षण एवं अन्य जानकारी आमजनों में प्रसारित करने हेतु प्रदाय करने के साथ ही समस्त धार्मिक एवं सार्वजनिक आयोजनों को स्थगित करने की समझाईश देने के निर्देश दिये। वर्तमान में संचालित समस्त खेल प्रतियोगिताओं को भी प्रतिबंधित करने हेतु निर्देशित किया।

कलेक्टर श्री सिंह द्वारा स्वास्थ्य विभाग की संक्रमण से बचाव को लेकर की जा रही कार्यवाही तथा विभागीय तैयारियों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश भी सिविल सर्जन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिये गये।

उन्होंने जिला चिकित्सालय के अतिरिक्त ए.एन.एम. ट्रेनिंग सेन्टर तथा अन्य पिछडा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के परतापुर रोड स्थित हॉस्टल में आइसोलेशन सेन्टर बनाने तथा जिला चिकित्सालय में सर्दी, खासी एवं बुखार तथा अन्य संक्रमण के लक्षण वाले मरीजों के लिये पृथक ओपीडी एवं दवाई व्यवस्था के निर्देश दिये।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पेंच पार्क प्रबंधन के साथ समन्वय बनाकर टुरिया एवं कर्माझरी गेट में पहुंचने वाले देशी विदेशी पर्यटकों की स्क्रीनिंग के साथ आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के निर्देश दिये। साथ ही हाल ही में विदेश यात्रा से लौटने वाले निवासियों की जानकारी प्राप्त कर उन्हें आइसोलेट करने हेतु निर्देशित किया।

उन्होंने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को जिले के सभी मेडिकल स्टोर्स में मास्क तथा सेनेराइजर निर्धारित मूल्यों में ही मिले यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। यदि कोई दुकानदार अधिक मूल्य में बिक्री करता पाये जाये तो उस पर कठोर दंडात्मक कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया । उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के साथ ही अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों/ कर्मचारियों को पूर्ण सतर्कता से कार्य करने के निर्देश दिए ।

MP Floor Test : कमलनाथ सरकार को राज्यपाल चेतावनी, 17 मार्च को फ्लोर टेस्ट कराएं अन्यथा बहुमत नहीं #MPFloorTest

राज्यपाल की तरफ से एक पत्र जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि दी गयी तारीख 17 मार्च को अगर कमलनाथ सरकार बहुमत साबित नहीं करेगी तो उसे अल्पतम में माना जाएगा। राज्यपाल ने इस बात पर नाराजगी जताई है कि उनके कहने के बावजूद आज फ्लोर टेस्ट क्यों नहीं कराया गया

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में इस वक्त सियासी हलचल बहुत तेज है। कोरोनावायरस के प्रभाव के चलते सोमवार को फ्लोर टेस्ट नहीं हो सका। भाजपा और कांग्रेस को मध्यप्रदेश विधानसभा में राज्यपाल के सामने बहुमत साबित करने के लिए 16 तारीख निर्धारित की गयी थी मगर प्रदेश में फैले कोरोनावायरस के चलते फ्लोर टेस्ट नहीं हो सका। लेकिन अब भी राज्य में सियासी नाटक लगातार जारी है। अब राज्यपाल ने 17 मार्च को सीएम कमलनाथ को बहुमत साबित करने को कहा है।

इस बाबत राज्यपाल की तरफ से एक पत्र जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि दी गयी तारीख 17 मार्च को अगर कमलनाथ सरकार बहुमत साबित नहीं करेगी तो उसे अल्पतम में माना जाएगा। राज्यपाल ने इस बात पर नाराजगी जताई है कि उनके कहने के बावजूद आज फ्लोर टेस्ट क्यों नहीं कराया गया?

स्पीकर की ओर से सदन को 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया। यह सब कोरोना वायरस के नाम पर किया गया। हकीकत में समीकरण कमलनाथ सरकार के खिलाफ हैं। मध्यप्रदेश में कांग्रेस के पास 114 विधायक थे जबकि बीजेपी के पास 107 विधायक थे। बीएसपी के दो सपा के एक  व चार निर्दलीय कांग्रेस के साथ थे। 2 सीटें सदस्यों करने के निधन के चलते खाली हैं मगर नए समीकरणों में ज्योतिरादित्य सिंधिया की बगावत के बाद 22 कांग्रेसी विधायक इस्तीफा दे चुके हैं।

इनमें 6 बागी कांग्रेस विधायकों का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। इस तरह कांग्रेस के विधायकों का आंकड़ा 108 पहुंचता है, जिनमें से अभी भी 16 विधायक बागी हैं। ऐसे में इन 16 विधायकों का इस्तीफा मंजूर कर लिया जाता है तो कांग्रेस विधायकों का 92 का आंकड़ा है। यही आंकड़ा कमलनाथ सरकार की चिंता का सबब बना हुआ है। कमलनाथ सरकार का गिरना तय है। हालांकि कमलनाथ सरकार खुद को बचाए रखने के लिए अपने बागी विधायकों को मनाने में जुटी है।

सिवनी / रिश्वतखोर मंडी उपनिरीक्षक मनोज मरकाम गिरफ्तार

मध्यप्रदेश के सिवनी जिले की छपारा विकासखंड में 13 हजार की रिश्वत लेते मंडी उप निरीक्षक गिरफ्तार

सिवनी। सिवनी जिला अंतर्गत छपारा विकासखंड मुख्यालय में संचालित कृषि उपज मंडी में पदस्थ उपनिरीक्षक मनोज मरकाम को 13 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुये लोकायुक्त जबलपुर के दल ने आज गिरफ्तार किया है।

लोकायुक्त जबलपुर के डीएसपी दिलीप झरबडे ने जानकारी दी कि छपारा विकासखंड अंतर्गत ग्राम बखारी निवासी शिवंम सारंग जो कि कृषि केंद्र संचालक है। उक्त व्यक्ति के द्वारा लोकायुक्त जबलपुर ने शिकायत दर्ज करायी थी कि अनाज क्रय-विक्रय के लिये उससे कृषि उपज मंडी छपारा में लाइसेंस लेने हेतु आवेदन किया था, जहां पदस्थ उपनिरीक्षक मनोज मरकाम ने ऑनलाइन निर्धारित शुल्क के अलावा 13 हजार रूपये अतिरिक्त रिश्वत की मांग की थी।

इस शिकायत के आधार पर लोकायुक्त जबलपुर के अधिकारियों द्वारा बनायी गई योजनानुसार प्रार्थी शिवम सारंग ग्राम बखारी निवासी ने आज सुबह कृषि उपज मंडी कार्यालय छपारा पहुंचकर उपनिरीक्षक मनोज मरकाम को 13 हजार रूपये की रिश्वत दी, जहां लोकायुक्त जबलपुर के दल ने आरोपी को रंगे हाथो दबोच लिया। आरोपी मनोज मरकाम के विरूद्ध लोकायुक्त जबलपुर ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

आज की इस कार्यवाही में लोकायुक्त जबलपुर के दल ने डीएसपी दिलीप झरबडे, टीआई स्वप्निल दास व घनश्याम मर्सकोले, आरक्षक राकेश विश्वकर्मा, पंकज तिवारी, सोनू चैकसे, वियज विष्ट के नाम शामिल है।

शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ सरकार के बहुमत परीक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की | MP NEWS

शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘राज्यपाल के सामने विधायकों की परेड कराएंगे’

भोपाल: मध्य प्रदेश के सियासी संकट का समाधान विधानसभा पटल पर नहीं होता देख अब बीजेपी ने राज्यपाल और सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. सोमवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में बहुमत परीक्षण नहीं हुआ. विधानसभा के सत्र को 10 दिन के लिए स्थगित कर दिया. इसके बाद पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘हम राज्यपाल से मिलकर निर्णय लेंगे. राज्यपाल के सामने विधायकों की परेड कराएंगे.’ इसके बाद बीजेपी के सभी विधायक बस में राजभवन के लिए निकल गए.

विधानसभा में बीजेपी के मुख्य सचेतक नरोत्तम मिश्रा ने कहा, ‘कोरोना का बहाना बनाकर सरकार बच नहीं सकती है.’ वहीं कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने राज्यपाल से मिलने के बाद कहा, ‘राज्यपाल महोदय मेरे अच्छे मित्र रहे हैं कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई. केवल भेंट के लिए गया था.’

बता दें कि मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार अल्पमत में है और भारतीय जनता पार्टी फ्लोर टेस्ट की मांग पर अड़ी हुई है. वहीं कमलनाथ सरकार फ्लोर टेस्ट को टालने में लगी हुई है. इस बीच मध्य प्रदेश विधानसभा में राज्यपाल लालजी टंडन के अभिभाषण के बाद बजट सत्र की शुरुआत हुई. कोरोना वायरस के चलते विधानसभा की कार्यवाही को 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई है.

बनारस में सारा अली खान, सोशल मीडिया पर शेयर किया वीडियो

सारा अली खान का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें वह बनारस में रिपोर्टिंग करती नजर आ रही हैं। सारा का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान इन दिनों बनारस में अपनी आने वाली फिल्म की शूटिंग कर रही हैं। बनारस के सेट से उनकी रोज कोई ना कोई तस्वीर आती रहती है। हाल ही में सारा अली खान का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें वह बनारस में रिपोर्टिंग करती नजर आ रही हैं। सारा का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

दरअसल, वीडियो में सारा बनारस के प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर में नजर आ रही हैं।  वह मंदिर की गली से रिपोर्टिंग करती नजर आ रही हैं, और वहां की फेमस चीजों को दिखा रही हैं। बता दें कि सारा ने यह वीडियो अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। इस वीडियो को अब तक 3 लाख से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं।

वीडियो शेयर करते हुए सारा ने कैप्शन लिखा, ”नमस्ते दर्शकों, बनारस की गलियों से, कम पैसों में आप भी ज्यादा मस्ती कर सकते हैं सिर्फ बनारस में।” वीडियो में सारा हल्के गुलाबी रंग के सूट में नजर आ रही हैं। माथे पर टीका लगाए और गले में फूलों की माला डाले सारा का लुक गजब लग रहा है। वीडियो में सारा काशी विश्वनाथ मंदिर आने की सलाह भी देती दिख रही हैं।

मध्य प्रदेश विधानसभा में नहीं हुआ फ्लोर टेस्ट, भाजपा खटखटाएगी कोर्ट का दरवाजा! | MP News

मध्य प्रदेश में जारी सियासी घमासान के बीच कोरोनावायरस ने कमलनाथ सरकार को बड़ी राहत दिलाई है। राज्य में विधानसभा की कार्यवाही को 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। यानी सोमवार को कमलनाथ को फ्लोर टेस्ट की परीक्षा का सामना नहीं करना पड़ेगा।

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में जारी सियासी घमासान के बीच कोरोनावायरस ने कमलनाथ सरकार को बड़ी राहत दिलाई है। राज्य में विधानसभा की कार्यवाही को 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। यानी सोमवार को कमलनाथ को फ्लोर टेस्ट की परीक्षा का सामना नहीं करना पड़ेगा। सूत्रों के मुताबिक मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही को कोरोनावायरस के चलते स्थगित किया गया है। इससे पहले राज्यपाल लालजी टंडन ने अपने अभिभाषण में सभी सदस्यों से अपना दायित्व शांतिपूर्ण तरीके से निभाने की अपील की।

सोमवार को राज्यपाल लालजी टंडन अभिभाषण पढ़ने के दौरान हुए हंगामे के कारण कुछ ही मिनट में सदन से निकल गए। इसके बाद खबर आई कि विधानसभा को 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। जिसके बाद लोग चौंक उठे। खास बात है कि 26 मार्च को ही राज्यसभा चुनाव है। माना जा रहा है कि अब भाजपा कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।

सोमवार को विधानसभा में अभिभाषण की कुछ लाइनें पढ़ने के बाद राज्यपाल ने राज्य के मौजूदा हालात पर टिप्पणी करते हुए सभी से शांति बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी सदस्य शांतिपूर्वक, निष्ठापूर्वक, नियमों के अनुसार पालन करें, ताकि मध्य प्रदेश के गौरव और लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा हो सके।

बता दें कि भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को ही फ्लोर टेस्ट की मांग की थी। राज्यपाल ने भी रविवार को लिखे पत्र में सोमवार को अपने अभिभाषण के तुरंत बाद फ्लोर टेस्ट कराने का निर्देश दिया था। मगर, स्पीकर ने फ्लोर टेस्ट को सदन की कार्यवाही की सूची में शामिल नहीं किया।

कोरोना से घबराए नहीं, घर में होगा नींबू तो छू भी नहीं पाएगा वायरस

साबुन या सैनिटाइजर नहीं भी हो तो भी ये जानलेवा वायरस छू नहीं सकता.

नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Corona Virus) से अब आपको रत्तीभर भी घबराने के जरुरत नहीं है. हाथ धोने के लिए अगर आपके पास साबुन या सैनिटाइजर नहीं भी हो तो भी ये जानलेवा वायरस छू नहीं सकता. बस आपको बेहद आसान सा काम करना है. घर में आपको नींबू रखना है. जी हां, सुनकर आपको अजीब लगे लेकिन एक नींबू आपको इस जानलेवा वायरस से बचा सकता है. 

डाक्टर भी मानते हैं नींबू और राख को सबसे सुरक्षित
देश के जाने माने डॉक्टर मोहसिन वली का कहना है कि हाथ धोने के लिए अगर आप नींबू का इस्तेमाल करते हैं तो वायरस आपके करीब भी नहीं फटक सकता है. भारत में हाथ धोने के लिए नींबू का इस्तेमाल पुरातन काल से ही होता रहा है. बड़े बुजुर्ग भोजन से पहले या शौच के बाद भी घर में नींबू से हाथों को साफ करते थे. डॉ. वली ने आगे बताया कि हाथों को धोने के लिए इन पारंपरिक चीजों का इस्तेमाल भर से कोरोना वायरस के संक्रमण से बचा जा सकता है.

भारतीय परिवारों के लिए वरदान है नींबू
मामले से जुड़े एक अधिकारी का कहना है कि देश में कोरोना वायरस फैलने के बाद ही अचानक बाजार में सैनिटाइजर की कमी हो गई है. लेकिन अभी भी आम लोग ये नहीं समझ पा रहे हैं कि कोरोना वायरस से बचने के लिए हाथ धोना अहम है, सैनिटाइजर या साबुन नहीं. यही वजह है कि ज्यादातर डॉक्टर बार बार हाथ धोने की सलाह दे रहे हैं. ऐसे में दूर-दराज और गांवों में, जहां सैनिटाइजर उपलब्ध नहीं होता है. ऐसे में आप नींबू का रस हाथों में मल कर धो सकते हैं. हाथों को साफ रखने का ये एक सटीक तरीका है.

एंटीमाइक्रोबियल है नींबू 
2017 में हुए एक शोध के मुताबिक बैक्टीरिया को मारने में नींबू काफी प्रभावशाली है. दि जरनल ऑफ फंक्शनल फूड्स में बताया गया है कि इकोलाई जैसे महामारी से लड़ने के लिए नींबू का रस काफी प्रभावी रहा. वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर किसी भी संक्रमण के दौरान आपको सैनिटाइजर या साबुन नहीं भी मिलता है तो नींबू के रस से हाथ धोकर बीमारियों से बचा जा सकता है. 

ऐसे करें नींबू से हाथ साफ
जानकारों का कहना है कि हाथों को साफ करने के लिए सबसे पहले नींबू का रस को हथेली पर निचोड़ें. रस को दोनों हातों में अच्छे से मलें. इसके बाद चलते साफ पानी में दोनो हातों को अच्छे से धो लें. किसी साफ कपड़े से हाथों को सुखा लें.

Breaking News: MP विधानसभा की कार्यवाही 10 दिन के लिए स्थगित,नहीं हुआ Floor Test

भोपाल: मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार अल्पमत में है और भारतीय जनता पार्टी फ्लोर टेस्ट की मांग पर अड़ी हुई है. वहीं कमलनाथ सरकार फ्लोर टेस्ट को टालने में लगी हुई है. इस बीच मध्य प्रदेश विधानसभा में राज्यपाल लालजी टंडन के अभिभाषण के बाद बजट सत्र की शुरुआत हुई. सांसदों के हंगामे के बाद विधानसभा की कार्यवाही को 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई है.

11:41 AM: कोरोना वायरस के चलते मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही 26 मार्च तक के लिए स्थगित. 
11:20 AM: राज्यपाल लालजी टंडन का अभिभाषण खत्म होते ही सांसदों ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया. राज्यपाल ने उनसे शांति बनाए रखने का अनुरोध किया.
11:18 AM: राज्यपाल लालजी टंडन का अभिभाषण खत्म. 

11:17 AM: राज्यपाल लालजी टंडन ने विधानसभा अध्यक्ष को संबोधित करते हुए सभी माननीय सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी सदस्य संविधान के अनुसार परंपरा का ध्यान रखते हुए अपने दायित्व का पालन करें. उन्होंने कहा कि ये मैं आप सभी को सलाह दे रहा हूं. 

11:16 AM: राज्यपाल लालजी टंडन का अभिभाषण प्रारंभ. 
11:15 AM: विधानसभा की कार्यवाही शुरू.

11:11 AM: मध्य प्रदेश के सियासी हालात पर दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बैठक ले रहे हैं. इस बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, रोड एंड ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर नितिन गडकरी मौजूद हैं.
11:05 AM: राज्यपाल लाल जी टंडन विधानसभा में पहुंच चुके हैं. मुख्यमंत्री कमलनाथ, स्पीकर एनपी प्रजापति, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और संसदीय कार्यमंत्री गोविंद सिंह ने उनकी आगवानी की.

11:02 AM: स्पीकर एनपी प्रजापति और मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्यपाल लालजी टंडन की आगवानी की और उन्हें मंच तक छोड़ा. साथ में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और संसदीय कार्यमंत्री गोविंद सिंह हाथ में हाथ डाले नजर आए. 

11:00 AM: मध्य प्रदेश विधानसभा में राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम’ के उद्घोष के साथ कार्यवाही की शुरूआत हुई. राज्यपाल लालजी टंडन बजट अभिभाषण पढ़ना शुरू करेंगे.

10:58 PM: विधानसभा के अंदर पहुंच चुके हैं मुख्यमंत्री कमलनाथ और शिवराज सिंह चौहान. कांग्रेस और भाजपा के विधायक भी विधानसभा के अंदर पहुंच गए हैं. शिवराज सिंह चौहान ने सभी विधायकों के पास जाकर उनका अभिवादन किया.

10:55 AM: मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्यपाल लालजी टंडन को लिखे पत्र में आज फ्लोर टेस्ट नहीं कराने के दिए संकेत. स्पीकर और राज्यपाल की शक्तियों का किया पत्र में उल्लेख.

10:51 AM: कमलनाथ ने राज्यपाल को चिट्ठी में लिखा,’हमारे विधायकों को जबरन बेंगलुरु में रोका गया है. उन्हें पैसों का लालच दिया गया है. अफसोस है कि राज्यपाल महोदय आपने मुझे लिखी चिट्टी में इसका जिक्र तक नहीं किया.

10:48 AM: मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्यपाल लालजी टंडन को पत्र लिखा. कहा ऐसी स्थिति में बहुमत परीक्षण कराना असंवैधानिक. संविधान के अनुच्छेद 163 (1) और अनुच्छेद 175 का दिया हवाला.

10:43 AM: मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पूरे ऑपरेशन की बागडोर अपने हाथों में लिया है. मैरियट में ठहरे कांग्रेसी विधायकों और वरिष्ठ नेताओं से कमलनाथ ने मुलाकात की. 

10:39 AM: मध्य प्रदेश विधानसभा में भाजपा और कांग्रेस के विधायक पहुंच गए हैं. राज्यपाल का बजट ​अभिभाषण होगा उसके बाद भाजपा फ्लोर टेस्ट की मांग करेगी.