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हर सफलता के पीछे होता है असफलता का हाथ

अगर आप असफलता के खयाल से भी घबरा जाते हैं और किसी प्रयास में असफल होने के बाद निराश होकर बैठ जाते हैं तो आपके लिए ये जानना बहुत जरूरी है कि असफलता आपकी हार नहीं हैं बल्कि सफल होने की तैयारी है जो आपको इतना सक्षम बना देती है कि सफलता के शिखर पर पहुँचने पर आपके कदम डगमगायें नहीं और आप अपना संतुलन बनाये रख सकें।

ये निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता कि हर सफल व्यक्ति कई असफलताओं के बाद ही ऊँचे मुकाम पर पहुँचता है लेकिन ये जरूर कहा जा सकता है कि ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल करने वाले महान और सफल लोग बहुत-सी कठिनाइयों का सामना करके ही सफल हो सके हैं और अपनी सफलता को स्थायी बनाने वाले लोगों ने हर बार अपनी असफलता से सीख ली है। इसी कारण ऐसे लोग, सफल होने पर की जाने वाली आम गलतियाँ करने से बच गए।

ऐसे में अगर आप भी असफलता को एक नए नजरिये से देखें तो सफल होना और अपनी सफलता को बनाये रखना आपके लिए भी बेहद आसान हो सकता है। तो चलिए, आज जानते हैं कि ऐसे नजरिये को कैसे विकसित किया जा सकता है –

वर्तमान में जीना शुरू कर दीजिये :
अक्सर असफल होने के पीछे बीते समय में की गयी गलतियां भी जिम्मेदार होती है। भूतकाल में मिली हार हमारे उत्साह को संदेह में बदल देती है और हम वर्तमान में अपनी जीत को लेकर आशंकित हो जाते हैं। इसके साथ-साथ भविष्य के लिए बनायी गयी योजनाएं भी वर्तमान पर काफी प्रभाव डालती हैं जिसके चलते हम सिर्फ भूत और भविष्य के विचारों में उलझकर रह जाते हैं और हमारा वर्तमान हाथ से निकलता जाता है।

हर कार्य के दोनों पक्ष देखिये :
सफल होने के लिए आपको जितने भी कार्य करने होते हैं, उनके दोनों पक्षों पर गौर करना शुरू कर दीजिये। उस कार्य को करने से होने वाले फायदे और नुकसान को समझ लेने के बाद, किये गए कार्य में सफलता मिलने की संभावनाएं बढ़ जाती है जबकि कार्य में केवल एक पक्ष देखने से असफल होने का खतरा बढ़ जाता है इसलिए प्रत्येक कार्य के सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं को अच्छे से समझ लेने के बाद ही उस कार्य की ओर अपना हाथ बढ़ाइए।

प्रयोग करने से घबराइए मत :
अक्सर हम कुछ भी नया आजमाने से इसलिए डर जाते हैं क्योंकि हमें उसमें असफल हो जाने का भय रहता है। ऐसे में आप थॉमस अल्वा एडिसन से प्रेरणा ले सकते हैं जिन्होंने सैंकड़ों असफल प्रयासों के बाद बिजली का बल्ब बनाने का महान आविष्कार किया था। उन्होंने कहा था – मैं यह नहीं कहूँगा कि मैं 1000 बार असफल हुआ, मैं यह कहूँगा कि ऐसे 1000 रास्ते हैं जो आपको असफलता तक पहुँचाते हैं।

जटिलताएं स्थायी नहीं होती :
हर नए काम को करने में अक्सर हम मुश्किल का अनुभव करते हैं लेकिन इस कारण उस काम को छोड़ देना ठीक नहीं है क्योंकि अगर लगातार अभ्यास किया जाए तो हर जटिलता दूर हो जाती है और काम करना बहुत आसान हो जाता है और ऐसा करते रहने से सफल होने की राह खुलती जाती है।

शॉर्टकट ना चुने :
सफल होने की लालसा इतनी प्रबल होती है कि विवेकशील व्यक्ति को भी मार्ग से भटका देती है। ऐसे में इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि सफलता का कोई शार्ट कट नहीं होता और जो शार्ट कट से प्राप्त हो जाए वो सफलता का मात्र छलावा होता है।

मानसिक रूप से स्थिर बने रहे :
अगर बड़ी सफलता की चाहत है तो किये जाने वाले प्रयास भी बड़े ही होंगे और उनमें मिलने वाली असफलता भी बड़ी हो सकती है। ऐसी स्थितियों में वही व्यक्ति आगे बढ़ सकता है जो हर हाल में स्थिर और शांत बना रह सके और अपने मनोबल को गिरने ना दे इसलिए अपने हौसलों को भी उतना ही ऊँचा बनाये रखिये जितना ऊँचा आप उठना चाहते हैं।

स्वयं का आंकलन करिये, संदेह नहीं :
हर सफल कदम पर स्वयं के उन प्रयासों को देखिये जिनके कारण आप सफल हो सके और हर असफल कदम पर स्वयं की क्षमताओं पर संदेह करने की बजाए, अपने प्रयासों का आंकलन करिये और पता लगाइये कि किन कारणों से आप सफलता से चूके हैं। इसके बाद उन गलतियों को दोहराने से बचिए और उसी उत्साह से आगे बढ़ जाइये।

सफलता और असफलता दोनों ही हमारे विचारों से जुड़ी होती है। अगर हम पॉजिटिव सोच रखते हैं और बिना हारे, हर हाल में सफल होना चाहते हैं तो हम अवश्य सफल होते हैं लेकिन अगर हम नेगेटिव सोच के चलते स्वयं की क्षमताओं पर संदेह रखते हैं और परिस्थितियों को दोष देने में यकीन रखते हैं तो हमें मिली हुयी सफलता भी अस्थायी ही होती है। ऐसे में आप चुनाव करिये कि आप क्या चाहते हैं – सफलता या असफलता, क्योंकि अब आप जान चुके हैं कि ये चुनाव भी आप ही के हाथ में है।

हमने यह लेख प्रैक्टिकल अनुभव व जानकारी के आधार पर आपसे साझा किया है। अपनी सूझ-बुझ का इस्तेमाल करे। आपको यह लेख कैसा लगा? अगर इस लेख से आपको कोई भी मदद मिलती है तो हमें बहुत खुशी होगी। अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है, हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे।

Today’s current affairs quiz of March 17, 2020 | हिंदी करेंट अफेयर्स प्रश्नोत्तरी : 17 मार्च 2020

1. “गंगा आमंत्रण अभियान” कार्यक्रम किस संस्था द्वारा संचालित किया जाता है?
उत्तर – राष्ट्रीय मिशन स्वच्छ गंगा
राष्ट्रीय मिशन स्वच्छ गंगा, जो जल संसाधन, नदी विकास और गंगा कायाकल्प-जल मंत्रालय के तहत कार्य करता है, ने अपने प्रमुख राफ्टिंग और कयाकिंग अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसे “गंगा अमंत्रण अभियान” कहा जाता है। इसके तहत देवप्रयाग (उत्तराखंड) से गंगासागर (पश्चिम बंगाल) तक ओपन वाटर राफ्टिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

2. चमेली देवी जैन पुरस्कार किस क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को प्रदान किया जाता है?
उत्तर – पत्रकारिता
चमेली देवी जैन पुरस्कार एक वार्षिक पुरस्कार है जिसे 1981 से पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है। चमेली देवी जैन एक महान स्वतंत्रता सेनानी और सामुदायिक सुधारक थीं। इस वर्ष ‘द वायर’ की पत्रकार आरफा खानम शेरवानी और रोहिणी मोहन नामक एक स्वतंत्र पत्रकार को इस पुरस्कार के लिए चुना गया है। अरफा को कश्मीर और उत्तर प्रदेश से रिपोर्टिंग के लिए यह पुरस्कार चुना गया है जबकि रोहिणी को असम में एनआरसी पर अपनी खोजी कवरेज के लिए सम्मानित किया है।

3. हाल ही में किस राज्य की कैबिनेट ने एक अध्यादेश पारित किया है, जिसके द्वारा दंगाइयों से सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई की जायेगी?
उत्तर – उत्तर प्रदेश
16 मार्च, 2020 को उत्तर प्रदेश सरकार ने “सार्वजनिक और निजी संपत्ति के नुकसान की वसूली अध्यादेश, 2020” अध्यादेश पारित किया। इस अध्यादेश का उद्देश्य हिंसक कृत्यों से निपटना है। इसके द्वारा सार्वजनिक और निजी संपत्ति के नुकसान की वसूली करने में मदद मिलेगी। किसी राज्य के राज्यपाल के पास अनुच्छेद 213 के तहत अध्यादेश पारित करने की शक्तियां होती हैं। इस अनुच्छेद के तहत राज्यपाल को राष्ट्रपति की अनुमति के बिना अध्यादेश जारी करने का अधिकार है। अध्यादेश को तभी लागू किया जा सकता है जब विधान सभा और विधान परिषद दोनों सत्र में न हों।

4. विभिन्न सरकारी नौकरियों के लिए 2021 से लागू होने वाली नई भर्ती प्रणाली के संदर्भ में, CET का क्या मतलब है?
उत्तर – Common Eligibility Test (सामान्य पात्रता परीक्षा)
कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्री जितेंद्र सिंह की ने स्पष्ट किया कि रेलवे, बैंकों और केंद्र सरकार की नौकरियों के निचले स्तरों के आवेदकों के लिए 2021 से एक सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) आयोजित की जायेगी। केंद्र  इस ऑनलाइन परीक्षा का संचालन करने के लिए एक स्वायत्त राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (NRA) की स्थापना करेगी। CET के द्वारा कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी), रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) और इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सेलेक्शन (आईबीपीएस) द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं को रीप्लेस किया जाएगा।

5. साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता पुथुसरी रामचंद्रन, जिनका हाल ही में निधन हुआवह किस भाषा के कवि और विद्वान थे?
उत्तर – मलयालम
प्रसिद्ध कवि और मलयालम विद्वान पुथुसरी रामचंद्रन का हाल ही में 91 वर्ष की आयु में निधन हुआ। उन्होंने 2013 में केंद्र सरकार द्वारा मलयालम को शास्त्रीय भाषा के रूप में मान्यता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। रामचंद्रन ने कई प्रतिष्ठित पुरस्कार जीते हैं, जिनमें साहित्य अकादमी पुरस्कार, एज़ुथचन पुरुस्कारम, केरल साहित्य अकादमी पुरस्कार इत्यादि शामिल हैं । वह केरल के कम्युनिस्ट आंदोलन से भी जुड़े थे।

सिवनी अतिक्रमण / दलसागर तालाब मार्ग पर चला बुल्डोजर, हटाया गया अतिक्रमण

सिवनी। जिला मुख्यालय में स्थित ऐतिहासिक दलसागर तालाब को अतिक्रमण मुक्त कर उसका सौंदर्यीकरण करने हेतु कई दिनों से प्रयास किये जा रहे थे।

आज प्रात: 11 बजे से उसी तात्पर्य में भैरोगंज सोमवारी चौक से बस स्टैंड जाने वाले मार्ग पर स्थित अवैध कब्जेधारियों को नगर पालिका सिवनी एवं राजस्व अमले द्वारा धराशाही कर दिया गया।

ज्ञात रहे कि विगत कुछ माह पूर्व इन दुकानदारों को स्वयं कब्जे खाली कर देने के नोटिस दिये गये थे, परंतु इन्होंने कोई सकारात्मक सहयोग जिला प्रशासन को नहीं दिया, जिसके बाद आज अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत अनेक दुकानों को ध्वस्त किया गया।

मध्यप्रदेश : कमलनाथ और स्पीकर को नोटिस जारी, फ्लोर टेस्ट नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जबाव

भोपाल। मध्यप्रदेश की सियासत से जुड़ी एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है. बीजेपी की ओर सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई याचिका पर आज सुनवाई हुई. सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति और मुख्यमंत्री कमलनाथ को नोटिस जारी किया है और जवाब मांगा है कि अभी तक फ्लोर टेस्ट क्यों नहीं कराया गया ?

बीजेपी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने ईमेल, व्हाट्सएप ऐप के जरिए नोटिस भेजा है. कमलनाथ सरकार के खिलाफ लगाई गई याचिका पर नोटिस जारी हुआ है. सुप्रीम कोर्ट ने स्पीकर और सीएम को नोटिस जारी किया. मामले की अगली सुनवाई बुधवार सुबह 10:30 बजे होगी.

बता दें कि सोमवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई. लेकिन बहुमत परीक्षण नहीं हो पाया था. विधानसभा की कार्यवाही को 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया. हालांकि राज्यपाल लालजी टंडन की ओर से कमलनाथ सरकार को 17 मार्च तक बहुमत साबित करने को कहा गया.

Coronavirus: मुंबई में Work From Home के आदेश जारी, नागपुर में धारा 144 लागू

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मुंबई: कोरोना वायरस (Corona Virus) से निपटने में केंद्र और राज्य सरकारें लगी हुई हैं. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक देश में अब तक कोरोना वायरस के 125 मामले सामने आ चुके हैं. कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र है. यहां कम से कम 39 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है. कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने कमर कस ली है. BMC ने एक एडवायजरी जारी कर लोगों से अनावश्यक घर से न निकलने और पब्लिक प्लेसेज पर न जाने की सलाह दी है. 

एडवायजरी में प्राइवेट कंपनियों को अपने ज्यादा से ज्यादा कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा देने का निर्देश दिया गया है. BMC ने कहा है कि भारत सरकार ने 50% कर्मचारियों को घर से काम करने की सलाह दी है. इस आदेश का पालन नहीं करने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. 

एडवायजरी में कहा गया है कि सरकार ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर दिया है. इससे जुड़े दिशा निर्देशों का पालन नहीं करने वालों को धारा 1897 (EPIDEMIC DISEASES ACT, 1897) के तहत 6 महीने जेल की सजा भी हो सकती है. आपको बता दें कि मुंबई पुलिस ने पहले ही ‘ग्रुप टूर’ पर रोक लगा दी है. ये रोक धारा 144 के अंतर्गत लगाई गई है. 

नागपुर में धारा 144 लागू!
उधर, नागपूर में पुलिस की तरफ से एक नोटिस जारी कर कहा गया है कि अनावश्यक भीड़ जमा करने पर आईपीसी की धारा 144 के तहत कार्रवाई की जा सकती है. पुलिस की तरफ से जारी किए गए नोटिस में कहा गया है कि देश और दुनिया में कोरोना वायरस फैल रहा है और ये एक संक्रामक बीमारी है. इसके रोकथाम के लिए सरकार ने नागपुर में धारा 1897 लागू कर दिया है. ऐसे में अगर कोई सभा, लोगों को इक्कठा करना जैसे काम करता है कि तो उसपर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है. 

नोएडा पुलिस ने जारी किया संदेश
नोएडा पुलिस ने भी एक बेहद उपयोगी संदेश जारी किया है. नोएडा पुलिस के वायरल संदेश के मुताबिक, “अगर किसी के घर के दरवाजे या कॉलोनी के गेट पर कुछ लोग समूह में पहुंचे और वे लोग खुद को सरकारी अधिकारी या कर्मचारी बताएं तो सावधान रहें. हो सकता है कि कुछ लोग आकर यह भी कहें कि वे सरकार की तरफ से एंटी-कोरोना का छिड़काव या दवाई वितरण के लिए आए हैं. मगर इन लोगों पर कतई विश्वास न करें.”

वायरल संदेश के मुताबिक, “संभव है कि मुसीबत की ऐसी घड़ी में कुछ असामाजिक तत्व हमारी-आपकी परेशानी का नाजायज लाभ लेकर किसी आपराधिक घटना को अंजाम न दे जाएं. “

सिवनी /सड़क हादसे में पिता की मौत, पुत्र घायल

सिवनी /सड़क हादसे में पिता की मौत, पुत्र घायल

सिवनी । बण्डोल थाना क्षेत्र से गुजर रही एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गयी जिसमें कार सवार एक शख्स ने दम तोड़ दिया।

पुलिस सूत्रों ने दुर्घटना के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि रीवा के ग्राम भिखुड़ी चाकआर निवासी लालचंद (54) पिता संत प्रसाद गौतम कार में सवार होकर अपने पुत्र विनीत (28) के साथ नागपुर की ओर, उपचार करवाने के लिये जा रहे थे। इस दौरान उनके साथ कार में विनीत का भाई और कार चालक मौजूद था।

सोमवार की सुबह लगभग आठ बजे वे जब बण्डोल थाना क्षेत्र के ग्राम राहीवाड़ा से गुजर रहे थे तभी इनकी कार का टायर फट गया जिसके कारण यह वाहन रोड पर बने डिवाइडर से जा टकराया। इस दुर्घटना में लालचंद और उनका पुत्र विनीत घायल हो गये। दोनों घायलों को तत्काल जिला चिकित्सालय पहुँचाया गया जहाँ लालचंद को चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जाँच में ले लिया है।

Coronavirus : मुंबई में पहली मौत, भारत में अब तक कोरोना से मरने वालो की संख्या हुई तीन

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मुंबई: मुंबई (Mumbai) में कोरोना वायरस (Corona Virus) से मौत का पहला मामला सामने आया है. समाचार एजेंसी ANI की खबर के मुताबिक कस्तूरबा अस्पताल में 64 वर्षीय COVID-19 पीड़ित मरीज की मौत हो गई है. देशभर में अब तक कोरोना से तीन लोगों की मौत हो चुकी है. कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र है. इधर मंगलवार को ही नोएडा में कोरोना वायरस के दो नए मामले सामने आए हैं.

इन देशों पर भी सरकार ने लगाई पाबंदी
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अफगानिस्तान, फिलिपींस और मलेशिया से आने वाले सभी विदेशियों के भारत प्रदेश पर पाबंदी लगा दी है. आज दोपहर 3 बजे के बाद इन देशों के किसी भी फ्लाइट को भारत में उतरने नहीं दिया जाएगा. इन देशों के लिए केंद्र सरकार 31 मार्च के बाद ही कोई फैसला लेगी.

उल्लेखनीय है कि भारत में अभी तक कुल 127 कोरोना वायरस के मामले सामने आ चुके हैं. सबसे ज्यादा मामले 39 महाराष्ट्र में पाए गए हैं. इसके अलावा केरल में अब तक 22 पॉजिटिव मामले आए हैं. उत्तर प्रदेश में दो नए केस सामने आने के बाद कुल 17 मामले हो चुके हैं. 

सिवनी /मारपीट से घबराये शख्स ने फांसी लगाकर की आत्महत्या!

सिवनी । कुरई थाना क्षेत्र निवासी एक ग्रामीण ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस मामले की जाँच में जुटी हुई है।

मामले के संबंध में थाना प्रभारी गनपत उईके ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम मोहगाँव निवासी लक्ष्मण (47) पिता राम प्रसाद यादव ने बीती रात अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के शरीर पर मारपीट के निशान पाये गये हैं।

बताया जाता है कि लक्ष्मण शराब पीने का आदी था और उसके साथ गाँव के ही जिन दो संदिग्ध आरोपियों ने मारपीट की है उनकी चायपान की दुकान है। बताया जाता है कि चायपान की इस दुकान में कुछ दिनों पहले चोरी की घटना हुई थी जिसमें लगभग दो तीन हजार रूपये की चपत, अज्ञात चोरों के द्वारा दुकान मालिक को लगायी गयी थी।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि दुकान संचालकों को चोरी की इस घटना में लक्ष्मण का हाथ होने का संदेह था जिसके चलते उन्होंने लक्ष्मण की पिटाई कर दी। संभावना व्यक्त की जा रही है कि इस पिटाई से घबराये लक्ष्मण ने तनाव में आकर अपने जीवन की इहलीला को फांसी लगाकर विराम दे दिया। बहरहाल, पुलिस ने इस मामले में गंभीरता के साथ जाँच आरंभ कर दी है जिसके बाद ही इस मामले से पर्दा हट सकेगा।

सिवनी /गणगौर उत्सव के तहत होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थगित

सिवनी /गणगौर उत्सव के तहत होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिये जारी की गयी एडवाइज़री को ध्यान में रखते हुए स्थगित

सिवनी । अग्रवाल समाज की महिला मण्डल द्वारा गणगौर उत्सव के तहत होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों को कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिये जारी की गयी एडवाइज़री को ध्यान में रखते हुए स्थगित कर दिया गया है।

राजस्थानी महिला मण्डल व अग्रोहा सखी मंच द्वारा जन जागरूकता दिखाते हुए लूघरवाड़ा स्थित अग्रोहा सेलीब्रेशन में 18 व 24 मार्च को आयोजित गणगौर उत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया है। अग्रवाल समाज व राजस्थानी महिला मण्डल द्वारा प्रत्येक वर्ष परंपरागत रूप से गणगौर उत्सव के तहत भव्य कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं, लेकिन इस वर्ष देश में फैली कोरोना महामारी को ध्यान में रखकर यह निर्णय महिला मण्डल द्वारा लिया गया है।

महिला मण्डल के सदस्यों ने बताया कि घरो में स्थापित गणगौर की पूजा परंपरा अनुसार की जायेगी। विसर्जन के लिये निकलने वाले भव्य जुलूस को इस बार महिला मण्डल ने टाल दिया है। अंतिम दिन 27 मार्च को घरों में विराजित गणगौर का छोटे – छोटे समूह में सरोवर पहुँचकर विसर्जन किया जायेगा।

राज्यसभा भेजे गए पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई

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रंजन गोगोई 17 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस पद से रिटायर हुए थे। रंजन गोगोई पूर्वोत्तर से सर्वोच्च न्यायिक पद पर पहुंचने वाले शख्स हैं। रिटायर होने से पहले इन्हीं की अध्यक्षता में बनी बेंच ने अयोध्या के विवादित स्थल पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया था।

नई दिल्ली: देश के पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई राज्यसभा जाएंगे। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने रंजन गोगोई का नाम राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है। यहां बता दें कि राज्यसभा में 12 सदस्य राष्ट्रपति की ओर से मनोनीत किए जाते हैं। ये सदस्य अलग-अलग क्षेत्रों की जानी मानी हस्तियां होती हैं। गोगोई से पहले मोहम्मद हिदायतुल्लाह और रंगनाथ मिश्रा भी चीफ जस्टिस के पद से रिटायर होने के बाद राज्यसभा के लिए मनोनीत हो चुके हैं।

गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है, ‘भारत के संविधान के अनुच्छेद 80 के खंड (तीन) के साथ पठित खंड (एक) के उपखंड (क) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए राष्ट्रपति, एक मनोनीत सदस्य की सेवानिवृत्ति के कारण हुई रिक्ति को भरने के लिए रंजन गोगोई को राज्यसभा का सदस्य मनाीनीत करते हैं।’

न्यायमूर्ति गोगोई देश के 46वें प्रधान न्यायाधीश रहे। उन्होंने देश के प्रधान न्यायाधीश का पद तीन अक्टूबर 2018 से 17 नंवबर 2019 तक संभाला। 18 नवंबर, 1954 को असम में जन्मे रंजन गोगोई ने डिब्रूगढ़ के डॉन बोस्को स्कूल और दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेंस कॉलेज में पढ़ाई की। उनके पिता केशव चंद्र गोगोई असम के मुख्यमंत्री थे।

न्यायमूर्ति रंजन गोगोई ने 1978 में वकालत के लिए पंजीकरण कराया था। 28 फरवरी, 2001 को रंजन गोगोई को गुवाहाटी हाईकोर्ट का स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। न्यायमूर्ति गोगोई 23 अप्रैल, 2012 को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने थे और बाद में मुख्य न्यायाधीश भी बने।

रंजन गोगोई 17 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस पद से रिटायर हुए थे। वह पूर्वोत्तर से सर्वोच्च न्यायिक पद पर पहुंचने वाले इकलौते शख्स हैं। रिटायर होने से पहले इन्हीं की अध्यक्षता में बनी बेंच ने अयोध्या के विवादित स्थल पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया था।

बतौर सीजेआई सुनाए थे कई अहम फैसले
जस्टिस और चीफ जस्टिस के तौर पर न्यायमूर्ति गोगोई का कार्यकाल कुछ विवादों और व्यक्तिगत आरोपों से अछूता नहीं रहा, लेकिन यह कभी भी उनके न्यायिक कार्य में आड़े नहीं आया और इसकी झलक बीते कुछ दिनों में देखने को मिली जब उनकी अध्यक्षता वाली पीठ ने कुछ ऐतिहासिक फैसले दिए। अयोध्या के अलावा उन्होंने जिन प्रमुख मुद्दों पर फैसले दिए हैं, उनमें असम एनआरसी, राफेल, सीजेआई ऑफिस आरटीआई के दायरे में आदि शामिल हैं।

विवादों में भी रहा था कार्यकाल
गोगोई अपने साढ़े 13 महीनों के कार्यकाल के दौरान कई विवादों में भी रहे और उन पर यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप भी लगे लेकिन उन्होंने उन्हें कभी भी अपने काम पर उसे हावी नहीं होने दिया। वह बाद में आरोपों से मुक्त भी हुए। इसके अलावा, वह उन 4 जजों में भी शामिल थे जिन्होंने रोस्टर विवाद को लेकर ऐतिहासिक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया था। उनकी अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ ने 9 नवंबर को अयोध्या भूमि विवाद में फैसला सुनाकर अपना नाम इतिहास में दर्ज करा लिया। यह मामला 1950 में सुप्रीम कोर्ट के अस्तित्व में आने के दशकों पहले से चला आ रहा था।

हालांकि उन्हें इस वजह से भी याद रखा जाएगा क्योंकि वह जजों के उस समूह के सबसे वरिष्ठ जज थे जिन्होंने पिछले साल जनवरी में तत्कालीन सीजेआई दीपक मिश्रा के काम के तरीके पर सवाल उठाया था और उनके खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।