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“Janta Curfew” सुबह 7 बजे से 9 बजे तक,हिंदुस्तान तैयार: कोरोना के खिलाफ युद्ध

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नई दिल्ली: देश के इतिहास में पहला मौका आने जा रहा है, जब कोरोना वायरस (corona Virus) से युद्ध के खिलाफ आज जनता के लिए 22 मार्च को जनता द्वारा कर्फ्यू (Janta Curfew) लगाया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Naredra Modi) की अपील पर जनता कर्फ्यू के लिए देश तैयार है. मुंबई में तो इसकी शुरुआत हो भी चुकी है. कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुंबई को आज से 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया है. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर देशभर में जनता कर्फ्यू (Janta Curfew) की तैयारी है. लोगों से अपील की गई है कि सुबह 7 बजे से रात के 9 बजे तक घर से बाहर ना निकलें, ऐसा कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए किया गया है. देश के इतिहास में ये पहला मौका है जब लोग खुद से खुद पर कर्फ्यू लगाएंगे और उसका पालन करेंगे. देश की राजधानी दिल्ली भी कल के जनता कर्फ्यू के लिए पूरी तरह से तैयार है.

यह भी पढ़े : PM मोदी की ‘थाली-ताली’ अपील का आयुर्वेदिक और वैज्ञानिक महत्व जानिए क्या है | Janta Curfew

जनता कर्फ्यू (Janta Curfew) के दिन देश में ट्रेन नहीं चलेंगी. सिर्फ वहीं ट्रेनें चलेंगी जो एक दिन पहले शुरू हुई थीं और अपने गंतव्य तक नहीं पहुंची हैं. हर दिन देशभर में 13 हजार रेलगाड़ियां पटरियों पर दौड़ती हैं इनमें से 80 फ़ीसदी गाड़ियां रविवार यानी कल बंद रहेंगी. रेलवे के अलावा कई राज्यों ने जनता कर्फ्यू के दिन बस सेवा भी बंद रखने का फैसला किया है. 

“Janta Curfew” दिल्ली में कल मेट्रो नहीं चलेगी

सोमवार 23 मार्च को भी दिल्ली मेट्रो सेवा पर आंशिक प्रतिबंध रहेगा. 23 मार्च को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक दिल्ली मेट्रो सेवा बंद रहेगी. सोमवार सुबह 8-10 बजे तक और शाम 4-8 बजे तक आम लोगों के लिए मेट्रो सेवा मिलेगी. सभी मेट्रो पार्किंग भी सोमवार को बंद रहेंगी. 22 मार्च को ‘जनता कर्फ्यू’ के दिन दिल्ली मेट्रो पूरी तरह से बंद रहेगी.

सिवनी कोरोना अपडेट /जानकारी छुपाने वालो के खिलाफ होगी कानूनी कार्यवाही

सिवनी: जिले कोरोना वायरस के सक्रमण को फैलने से रोकने हेतु जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह ने निर्देश दिए है कि विदेश यात्रा,जिन राज्यो मे कोरोना के सकर्मित मरीज मिले वहा से आने वाले व्यक्ति,,या जो व्यक्ति कोरोना वायरस से पीड़ित व्यक्तियों के सम्पर्क में आये है.

ऐसे आम नागरिक सिवनी जिले की सीमा में प्रवेश करते ही अपने सम्बधं में सूचना जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गये टोल फ्री नमंबर 07692-220323, 227423 पर दे। ताकि उनकी आवयश्क जांच करवाई जा सके।

ऊक्त आदेश का पालन ना करने वाले नागरीको के खिलाफ 269,270,336 के अंतर्गत कार्यवाही की जायेगी, यह आदेश दंड संहिता 1973 की उपधारा 144 के अंतर्गत एक पक्षीय आदेश पारित करती है, ऊक्त आदेश भारतीय दण्ड़ सहिता की धारा 188 के अंतर्गत दंडनीय अपराध होगा।

अतः जिला कलेक्टर ने सभी ऐसे नागरीको से अपील की है वो अपनी जानकारी तत्काल ऊपर अंकित नबंर पँर देकर अपनी एवं परिवार सहित अन्य लोगो की सुरक्षा के लिये सहयोग दे।

Janta Curfew पर महिला कांग्रेस नेता का विवादित पोस्ट

ग्वालियर: कोरोना वायरस को लेकर देशभर में अलर्ट जारी किया गया है. केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार एडवाइजरी जारी की जा रही है. पीएम मोदी ने भी रविवार को जनता कर्फ्यू में सहयोग की अपील की है. पीएम की इस अपील पर इंटक कांग्रेस महिला की प्रदेश अध्यक्ष शांति कुशवाहा ने विवादित पोस्ट किया है.

कांग्रेस नेता का विवादित पोस्ट
कांग्रेस नेता शांति कुशवाहा ने अपने फेसबुक पोस्ट में प्रधानमंत्री की जनता कर्फ्यू की अपील को अनपढ़ों की अपील बताया है. उन्होंने लिखा कि ऐसा कौन सा वायरस है जो केवल रविवार को ही फैलेगा अनपढ़ों से पाला पड़ा है तो झेलना तो पड़ेगा.

PM ने जनता से की सहयोग की अपील
आपको बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की थी कि वे कोरोना वायरस को लेकर सही सूचनाएं ही शेयर करें और गलत तरीके से खौफ एकदम ने फैलाएं. लोगों को सही सूचना देने के लिए भारत सरकार ने एक व्हाट्सएप नंबर जारी किया है. पीएम ने कहा कि इस नंबर के जरिए लोग सही और भारत सरकार द्वारा प्रमाणित जानकारी हासिल कर सकेंगे.

22 मार्च को लगेगा जनता कर्फ्यू
प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न खतरे को विश्वयुद्ध से भी खतरनाक बताया था और प्रत्येक देशवासी के सजग रहने की जरूरत पर जोर दिया था. उन्होंने कहा था कि आज पूरा विश्व संकट के गंभीर दौर से गुजर रहा है. आपने हमें कभी निराश नहीं किया. आज फिर मैं सभी देशवासियों से कुछ मांगने आया हूं.पीएम ने कहा था कि 22 मार्च को देशभर में जनता कर्फ्यू लगेगा.

सिवनी कोरोना अपडेट: जिले में अब तक कोई भी कोरोना संक्रमण का पॉजिटिव केस नही

सिवनी : जिले में अब तक कोई भी कोरोना वायरस संक्रमण का पॉजिटिव केस नही मिला हैं। जिला प्रशासन द्वारा अन्य देशों एवं राज्यों से सिवनी आये 100 से अधिक व्यक्तियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया हैं।

जिनमें संक्रमण का कोई भी लक्षण नही पाया गया है। जिले वासियों की किसी भी अपवाह में ध्यान न देने की अपील की गई हैं। जिलेवासी संक्रमण प्रभावी स्थानों से यात्रा करके लौटे व्यक्तियों की जानकारी जिला स्तरीय कंट्रोल रूम के नम्बर 07692 – 220323, 227423 दे सकते हैं। प्रशासन द्वारा ऐसे व्यक्तियों का तत्काल परीक्षण किया जायेगा।

संक्रमण प्रभावी क्षेत्रों से यात्रा कर जिले में पहुँचे निवासियों की जानकारी एवं संदिग्ध मरीजो को लेकर भी जिला प्रशासन द्वारा प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये है। आदेशानुसार ऐसे सभी व्यक्तियों जिला स्तरीय कंट्रोल रूम में अनिवार्यता जानकारी दे, ऐसे व्यक्ति जिन्हें परीक्षण उपरांत होम आइसोलेशन में निर्देश दिए गए है वो घरों से बिल्कुल न निकले अन्यथा उन पर कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।

सिवनी /गूँज संस्था ने चलाया जागरूकता अभियान

सिवनी : कोरोनावायरस एक खतरनाक वायरस है जो कि तेजी से एक दुसरे के संपर्क में आने से फैलता है इसलिए हम स्वयं सजग रहें सतर्क रहें और भीड़ भाड़ वाले स्थानों में जाने से बचें ,एक दुसरे से निश्चित दुरी बनाये रखें और घर में ही रहे ।

खुद प्रधानमंत्री जी ने देशवासियों से आह्वान किया है कि 22 मार्च रविवार को हम सब जनता कर्फ्यू का ईमानदारी से पालन करें

प्रधानमंत्री जी की इसी अपील और कोराना वैश्विक महामारी के तहत गूंज महिला संस्था के द्वारा जनता कर्फ्यू को प्रोत्साहित करने के लिए एक ई रिक्शे के माध्यम से अपील की गई सर्व प्रथम संस्था के सदस्यों के द्वारा मां काली की आराधना की गई फिर रिक्शे वाले को मास्क और सेनेटाइजर तथा समझाइश देकर जन जाग्रति के लिए रवाना किया गया

MP की राजनीति के वो 3 शब्द, जिसने शिवराज के बाद कमलनाथ की कुर्सी लुडकाई

भोपाल । गुरुवार रात्री तक पूर्ण बहुमत का दावा करने वाले कमलनाथ विधानसभा में फ्लोर टेस्ट से पहले ही मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़कर भाग गए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिया गया इस्तीफा सम्मानजनक तो कतई नहीं कहा जा सकता। कुछ ऐसी ही शर्मनाक हार 2018 के चुनाव में शिवराज सिंह चौहान की भी हुई थी। आप इसे अंधविश्वास कहें या इत्तेफाक दोनों की दुर्गति का कारण केवल ‘तीन श्रापित शब्द’ का बयान है। 

जानिए वो तीन श्रापित शब्द से क्या तात्पर्य है 

2018 के विधानसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 3 शब्द का एक बयान दिया था। वह तीन शब्द थे ‘माई का लाल’। इन 3 शब्दों में शिवराज सिंह चौहान की वह दुर्गति की जो उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोची थी। उनकी तमाम कोशिशें विफल होती चली गई। मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को सत्ता गवानी पड़ी।

सिर्फ इतना ही नहीं, जनता ने मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी की जीत पर नहीं बल्कि शिवराज सिंह की हार पर जश्न मनाया। मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ भी ऐसा ही हुआ। पिछले दिनों उन्होंने 3 शब्द का एक बयान दिया था ‘तो उतर जाएं’। इसका परिणाम यह हुआ कि कमलनाथ को मुख्यमंत्री की कुर्सी से उतरना पड़ा, और सत्ता परिवर्तन के बाद अब सड़कों पर उतरना पड़ेगा। 

मध्य प्रदेश की राजनीति में अहंकारी मुख्यमंत्री नहीं चलता 

2003 से लेकर 2020 तक का अध्ययन बताता है कि मध्य प्रदेश की राजनीति में अहंकारी मुख्यमंत्री नहीं चलता। उसे कुर्सी से उतरना ही पड़ता है।

2003 के चुनाव से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को अहंकार हो गया था। मध्यप्रदेश की बदहाली पर सवाल के जवाब में उन्होंने कहा था कि चुनाव विकास कार्यों से नहीं मैनेजमेंट से जीते जाते हैं।

जनता को भगवान राम का दर्जा देकर मुख्यमंत्री बनी उमा भारती, सीएम हाउस में पहुंचते ही अहंकारी हो गई थी। एक अवसर आया, उन्होंने कुर्सी त्यागी लेकिन फिर वापस नहीं मिली। कोई कुछ भी कहे लेकिन सच है कि पार्टी नहीं चाहती थी, उमा भारती वापस कुर्सी पर बैठे। बाबूलाल गौर के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ।

शिवराज सिंह के अहंकारी बयान का जवाब तो जनता ने कुछ इस तरह दिया के इतिहास में दर्ज हो गया और मुख्यमंत्री कमलनाथ के अहंकारी वचनों के कारण मध्य प्रदेश की जमी जमाई कांग्रेस सरकार जमीन पर आ गई।

PM मोदी की ‘थाली-ताली’ अपील का आयुर्वेदिक और वैज्ञानिक महत्व जानिए क्या है | Janta Curfew

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस से सतर्क रहने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरूवार को देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने लोगों से कोरोना के बचाव और जागरूकता फैलाने के लिए सहयोग मांगा। साथ ही प्रधानमंत्री ने रविवार को जनता कर्फ्यू का पालन करने का अनुरोध भी किया। 22 मार्च को जारी जनता कर्फ्यू में सुबह 7 बजे से लेकर रात 9 बजे तक लोगों को घर से बाहर न निकलने की अपील की गई है।

पीएम की ‘थाली-ताली’ अपील
इस बीच पीएम मोदी ने लोगों से ये भी कहा कि वो 22 मार्च के दिन अपने-अपने घरों में से ही ताली बजाकर, थाली बजाकर, घंटी बजाकर,शंख बजाकर एक-दूसरे का आभार जताएं और इस कोरोना वायरस से लड़ने के लिए एकजुटता दिखाएं। पीएम मोदी की इस अपील के बाद सोशल मीडिया पर ‘थाली-ताली’ बजाना आलोचना का कारण बना तो वहीँ दूसरी तरफ कुछ लोगों ने इसकी जमकर तारीफ भी की।

इस बारे में कुछ का कहना था कि ये दरिद्रता की निशानी है और पीएम सुविधाओं को बढ़ाने की बजाय ढ़ोंग करवा रहे हैं जबकि कुछ ने इसे ध्वनी पैदा कर बीमारी को भगाने का आयुर्वेदिक, धार्मिक और वैज्ञानिक कारण बताया है। इन सबके बीच लोग असमंजस है कि सही क्या है, तो आइए इस बारे में हम आपको बताए देते हैं…

क्या है आयुर्वेदिक और धार्मिक तथ्य
भारतीय सनातन धर्म और आयुर्वेद की माने तो वातावरण (environment) में ध्वनी पैदा करना न सिर्फ व्यक्ति के आसपास के वातावरण को बल्कि व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक शक्ति को मजबूत बनाता है। ये ध्वनी शंख बजा कर, थाली बजाकर या घंटी बजा कर पैदा की जा सकती है। आयुर्वेद की माने तो घंटियां इस तरह से बनाई जाती हैं  कि जब वे ध्वनि पैदा करती हैं तो वो व्यक्ति के दिमाग के बाएं और दाएं हिस्से में एकाग्रता पैदा करती हैं। जो मानव शरीर के सभी सात उपचार केंद्रों को सक्रिय कर देता है।

जब भी घंटियां बजाई जाती है तब वातावरण में कंपन पैदा होता है, जो काफी दूर तक जाता है। इस कंपन के कारण ही इसके क्षेत्र में आने वाले सभी जीवाणु, विषाणु और सूक्ष्म जीव आदि नष्ट हो जाते हैं, जिससे आसपास का वातावरण शुद्ध हो जाता है। इसी तरह शंख, घंटी, थाली और चम्मच बजाने से निकलने वाली ध्वनि एक निश्चित आवृत्ति में तेज कंपन ध्वनी पैदा करती हैं, जो कई व्यक्तियों के शारीरिक रूप से अलग-अलग होने बाद भी एक बराबर हो जाती है। यही ऊर्जा  शरीर में किसी भी रोग और विषाणुओं से लड़ने की क्षमता पैदा करती है।

क्या है वैज्ञानिक कारण
विज्ञान हमेशा से ठोस तथ्य की तलाश में रहा है। ध्वनी पैदा करने की इस पद्धति में भी विज्ञान ने शोध कार्य और परीक्षणों का सहारा लिया। नासा के माने तो ध्वनी पैदा करने से खगोलीय ऊर्जा (Celestial Energy) का उत्सर्जन(Excretion) होता है, जो जीवाणु का नाश कर लोगों में ऊर्जा व शक्ति का संचार करता है।

इसमें शंख बजाने को खासा महत्व दिया गया है क्योंकि शंख बजाने से आतंरिक और बाहरी दोनों वातावरण प्रभावित होते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि शंख की आवाज से वातावरण में मौजूद कई तरह के जीवाणुओं-कीटाणुओं का नाश हो जाता है। कई टेस्ट से इस तरह के नतीजे सामने आए हैं।

इतना ही नहीं, वैज्ञानिकों का मानना है कि शंख के प्रभाव से सूर्य की हानिकारक किरणें बाधित होती हैं। शंख-ध्वनि से वातावरण साफ होता है। शंख की आवाज जहां तक जाती हैं वहां तक सभी हानिकारक कीटाणुओं का नाश हो जाता है।

भारत लौटे पर मां से नहीं मिले अनुपम खेर, VIDEO कॉल पर खाई डांट

नई दिल्ली: इन दिनों पूरी दुनिया में कोरोना वायरस (Coronavirus) के डर से सभी अपनी अपनी तरफ से पूरी सावधानी बरतने में जुटे हैं. बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर (Anupam Kher) भी हाल ही में अमेरिका से लौटकर भारत आ चुके हैं. लेकिन भारत आने के बाद अनुपम ने खुद को आइसोलेशन में रख लिया है. सबसे ज्यादा गौर करने वाली बात यह है कि इस नाजुक मौके को समझते हुए अनुपम ने प्रिकॉशन लेते हुए अपनी मां से न मिलने का फैसला लिया है. 

हालांकि अनुपम के अपनी मां से न मिलने की फैसले की जहां भी लोग तारीफ कर रहे हैं वहीं उनकी मां उनसे काफी नाराज हैं. अनुपम ने अपने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वह अपने भाई और मां से बात कर रहे हैं. अनुपम ने ये वीडियो ट्वीट करके इस बात को कैप्शन में लिखकर बताया है. देखिए यह वीडियो…

अनुपम ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ‘सावधानी बरतते हुए मैंने ये फैसला लिया कि मां के पास नहीं जाऊंगा. मैंने जब उनसे वीडियो कॉल किया तो शुरू में वह गुस्सा हुईं, लेकिन फिर जल्दी वह समझ गईं कि इस दूरी की क्या वजह है. मां और बेटे की इस दूरी में हम दोनों को ही बुरा लग रहा है पर क्या करें. आजकल के माहौल में ये जरूरी है.’

आपको बता दें कि अनुपम खेर इन दिनों टीवी सीरीज न्यू एम्सटर्डम की शूटिंग के लिए काफी समय से न्यूयॉर्क में रह रहे थे. इन दिनों कोरोना वायरस की वजह से इसकी शूटिंग रोक दी गई है और फिर वह भारत लौट आए. लौटते ही अनुपम ने कहा था, ‘मैं बस अभी आया हूं और एयरपोर्ट पर टेस्ट भी कराया जहां मुझे क्लीन चिट दी गई, लेकिन मैं घर पर रहकर सेल्फ आइसोलेशन में रहूंगा.’ 

सिवनी /कोरोना संक्रमण प्रभावी स्थानों से लौटे यात्रियों को देना होगा जानकारी, सिवनी कलेक्टर द्वारा प्रतिबंधात्मक आदेश जारी

सिवनी : कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम को लेकर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री प्रवीण सिंह द्वारा संक्रमित देश एवं राज्य की यात्रा करके वापस लौटे निवासियों की जानकारी तथा उनकी आइसोलेशन को लेकर दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं ।

जारी आदेशानुसार सिवनी जिले की राजस्व सीमा में निवासरत व्यक्ति के घर कोई अन्य व्यक्ति चाहे वह उसका पति- पत्नी, पुत्र -पुत्री, भाई बहन या अन्य व्यक्ति हो संक्रमित देश अथवा राज्य की यात्रा से आया हो। उसकी सूचना जिला स्तरीय कंट्रोल रूम 07692 – 220323, 227423 में अनिवार्य रूप से देगा ।

इसी तरह जिले की समस्त होटल या लॉज संचालकों द्वारा विदेशी पर्यटक के सी फॉर्म भरा जाकर पुलिस अधीक्षक को ऑनलाइन प्रतिलिपि प्रेषित किये जाने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्थापित जिला स्तरीय कंट्रोल रूम 07692 220323,227423 तथा cmhoseo@nic.in में अनिवार्य रूप से सूचित किया जाएगा ।

संक्रमण प्रभावी देशों, राज्यों एवं जिले से आने वाले व्यक्ति जिनमें कोरोना संक्रमण के लक्षण परिलक्षित होने पर जिला चिकित्सालय सिवनी में संक्रमण रोग ओपीडी में अनिवार्यता परीक्षण करवाएगा ।

कोरोना वायरस से संक्रमित जिले, राज्य अथवा देश से आए व्यक्ति की जानकारी न देना , तथ्यों को छुपाना अथवा कोरोना वायरस संक्रमण से ग्रसित एवं संदिग्ध व्यक्ति जिन्हें होम आइसोलेशन में रखा गया है ,के बिना सूचना एवं बिना डॉक्टर अथवा सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बाहर जाने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 269, 270 एवं 336 के तहत दंडनीय कार्यवाही की जाएगी।

सिवनी में हुआ लॉक डाउन,ध्यान से पढ़े

सिवनी में हुआ लॉक डाउन,ध्यान से पढ़े, अपील ज्यादा से ज्यादा लोगो के साथ शेयर करें

सिवनी : -दिनांक 21 मार्च 2020; दोपहर 12.00 बजे से 23 मार्च प्रातः 6 बजे तक कलेक्टर जबलपुर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जबलपुर में कोरोना के चार प्रकरण पाजिटिव मिले हैं. ज़िले से प्रतिदिन बड़ी भारी संख्या में लोग जबलपुर आना जाना करते है.

कोरोना वाईरस के संक्रमण को रोकने के दृष्टिकोण से भारतीय दंड संहिता 173 की धारा 144 के तहत मै प्रवीण सिंह कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट निम्नलिखित प्रतिबंधात्मक आदे़श तत्काल प्रभाव से आदेशित करता हूँ-

  1. ज़िले में तत्काल प्रभाव से टोटल लाक डाउन घोषित किया जाता है. टोटल लाक डाउन में किसी भी व्यक्ति को अपने घर से बाहर निकलने की इजाज़त नहीं होगी.
  2. ज़िले की सभी सीमायें सील की जाती है. किसी भी माध्यम सड़क अथवा रेल से ज़िले की सीमा में बाहरी लोगों का आगमन प्रतिबंधित किया जाता है.
  3. ज़िले में निवासरत नागरिकों का ज़िले की सीमा के बाहर जाना तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाता है.
  4. ज़िले के समस्त शासकीय, अर्धशासकीय कार्यालय बंद किये जाते हैं. अत्यावश्यक सेवा वाले विभाग यथा राजस्व, स्वास्थ्य, पुलिस, विद्युत , दूरसंचार, नगरपालिका, पंचायत आदि इससे मुक्त रहेगें.
  5. मेडिकल दुकान और हास्पीटल को छोड़कर शेष समस्त व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद किये जाते हैं.
    उक्त प्रतिबंध निम्नलिखित परिस्थितियों में शिथिल रहेगें.-
  6. इमरजेंसी ड्यूटी वाले शासकीय कर्मचारी केवल ड्यूटी के प्रयोजन से टोटल लाक डाउन प्रतिबंध से मुक्त रहेगें, लेकिन उक्त कर्मचारियों को अपने साथ I-Card रखना अनिवार्य होगा.
  7. घर घर जाकर दूध बाँटने वाले दूध विक्रेता एवं न्यूज़ पेपर हाकर सुबह 6.30 बजे से 9.30 बजे तक टोटल लाक डाउन प्रतिबंध से मुक्त रहेगें.
  8. अत्यावश्यक वस्तुओं खाद्य सामग्री, फल सब्ज़ी आदि की दुकानें दोपहर 12.00 बजे से दोपहर 2.00 बजे तक खुली रहेगी
    प्रतिबंध से मुक्ति एवं पास हेतू अनुमति प्रक्रिया
    प्रतिबंध से अनुमति एवं पास के आवेदन केवल वाटसअप और ईमेल से प्राप्त किये जायेगें. आवेदन के साथ समुचित दस्तावेज लगाना अनिवार्य होगा.
    आवेदन dmseoni@gmail.com
    अनुमति वाटसअप एवं ईमेल के माध्यम से ही जारी की जायेगा।