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कोरोना : दिल्ली हाईकोर्ट सहित सभी अदालतें 4 अप्रैल तक पूर्ण रूप से बंद

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दिल्ली उच्च न्यायालय ने कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर सोमवार (23 मार्च) को अपने तथा यहां की जिला अदालतों के कामकाज पर चार अप्रैल तक रोक लगा दी है। अत्यावश्यक मामलों को रजिस्ट्रार या संयुक्त रजिस्ट्रार के समक्ष फोन पर सूचीबद्ध कराया जाएगा और इन मामलों में सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी।

उच्च न्यायालय ने किसी अदालती कार्यवाही को सीमित करने की अवधि के संबंध में किसी भी अनुरोध पर 23 अप्रैल से चार मार्च तक विचार नहीं किया जाएगा। सीमा बंधन अवधि उस समय को कहा जाता है जिसके तहत किसी वाद, अपील या आवेदन को दायर करना होता है।

मुख्य न्यायधीश डी एन पटेल की अध्यक्षता वाली आठ न्यायाधीशों की समिति द्वारा लिए गए फैसले की जानकारी उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार द्वारा जारी अधिसूचना में दी गई है। अधिसूचना में कहा गया, “इस अदालत के साथ ही अधीनस्थ अदालतों की कार्यवाही चार अप्रैल तक निलंबित की जाती है।” इसमें बताया गया कि बार नेताओं ने इस संबंध में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है।

निचली अदालतों के कार्य के संबंध में उच्च न्यायालय ने जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को नई गिरफ्तारियों से जुड़ी रिमांड कार्यवाही के लिए न्यायिक अधिकारियों का एक रोस्टर तैयार करने का निर्देश दिया है। इसमें कहा गया, “अत्यावश्यक नए मामलों के लिए प्रत्येक जिले में एक प्रशासनिक अधिकारी (न्यायिक) नामित किया जाएगा जिससे वकील या पक्ष फोन पर संपर्क कर सकता है।”

साथ ही कहा कि जिन मामलों में सुनवाई पहले से चार अप्रैल तय है उन्हें आगे की तिथि के लिए स्थगित कर दिया जाएगा और सूचना अदालतों की वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। उच्च न्यायालय ने कहा कि दिल्ली न्यायिक अकादमी को चार अप्रैल तक सभी प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर रोक लगा देनी चाहिए।

इससे पहले बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने दिल्ली उच्च न्यायालय से सभी अदालतों को 31 मार्च कर बंद करने पर विचार करने की अपील की थी। बार काउंसिल ने दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर कहा था कि वायरस के प्रसार को रोकने के कदमों के तहत प्रभावी एवं सुरक्षात्मक कदम उठाने जरूरी हैं।

इससे पहले, उच्चतम न्यायालय ने देश में कोरोना वायरस (कोविड-19) के तेजी से हो रहे प्रसार के मद्देनजर सभी के प्रवेश पर भी पाबंदी लगा दी है और केवल अति आवश्यक मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करने का निर्णय लिया है। मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की खंडपीठ ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सोमवार (23 मार्च) को तय किया कि अब अगले आदेश तक बेहद जरूरी मामलों में ही सुनवाई होगी। ये सुनवाई भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये होगी। शीर्ष अदालत ने मंगलवार (24 मार्च) शाम पांच बजे तक सभी वकीलों के चेंबर को सील करने का आदेश भी दिया। 

केरल उच्च न्यायालय 8 अप्रैल तक बंद
वहीं, कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए केरल उच्च न्यायालय 8 अप्रैल तक बंद रहेगा। हालांकि, कोर्ट प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को खुला रहेगा, ताकि जरूरी मामलों की याचिकाएं दायर की जा सकें। देश में महाराष्ट्र के बाद केरल में कोरोनावायरस संक्रमण के मामले सबसे ज्यादा दर्ज किए गए हैं। 

हिमाचल लॉक डाउन : वायरस फैलने की जांच के लिए हिमाचल को किया गया लॉक डाउन: सीएम

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देशभर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के बीच प्रदेश को वायरस से बचाने के लिए हिमाचल सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए पूरे हिमाचल को अनिश्चितकाल के लिए लॉकडाउन कर दिया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के विधानसभा में सोमवार को बजट सत्र के अंतिम दिन सदन में एलान के बाद सरकार ने दोपहर में ही हिमाचल के लॉकडाउन की अधिसूचना जारी कर दी।

सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि महामारी रोग अधिनियम, 1897 की धारा 2, 3 और 4 के तहत प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश एपीडैमिक डिजीज (कोविड-19) रेग्यूलेशन, 2020 और उपर्युक्त नियमों के क्लॉज 3 के अधीन पूरे प्रदेश में आगामी आदेशों तक तत्काल प्रभाव से लॉकडाउन अधिसूचित किया है।

इन पर पाबंदी नहीं

इससे पहले मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि प्रदेश में अभी तक सिर्फ दो पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। ऐसे में कोशिश यह है कि एक-दूसरे को किसी तरह संक्रमण से बचाया जाए। इससे पहले केंद्र सरकार के निर्देश के बाद सिर्फ कांगड़ा जिले को लॉकडाउन किया गया था। अब अगले आदेश तक आवश्यक सेवाओं को छोड़कर किसी भी अन्य सेवा से जुड़े व्यक्ति को घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी।

जारी आदेशों के अनुसार सभी सरकारी कार्यालय, मॉल, फैक्ट्रियां, सार्वजनिक व निजी परिवहन सेवा बंद रहेगी। इस मियाद के दौरान सिर्फ दूध, ब्रेड, फल-सब्जी, मीट, अन्य कच्चा खाद्य पदार्थ व राशन बेचने वाली दुकानें, अस्पताल, मेडिकल स्टोर, साबुन बनाने वाले उद्योग व उनके परिवहन, पेट्रोल पंप, एलपीजी गैस सप्लाई व उनके गोदाम व उनके परिवहन, दवाओं की डिलीवरी, दवा व सैनिटाइजर बनाने वाली कंपनियों के लिए कच्चे माल का परिवहन हो सकेगा।

इसमें भी कोशिश यह करनी है कि अगर आस-पड़ोस का कोई व्यक्ति दुकान गया हो और जानकारी में हो तो कुछ देर बाद निकला जाए। इसके अलावा समय-समय पर जिलों के उपायुक्त जरूरत के अनुसार अनुमति दे सकते हैं।

घरों में ही रहेंगे 9 मार्च के बाद आए लोग

आदेश के अनुसार नौ मार्च या उसके बाद विदेश से आए सभी लोगों को सख्ती के साथ घरों में ही रहने को कहा है। ऐसे लोगों को जिला सर्विलांस अफसर या 104 पर कॉल कर अपने आने की सूचना दर्ज करानी होगी। ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई होगी।   

इन 12 सेवाओं पर भी नहीं होगा लॉकडाउन
12 तरह की सेवाओं और उनमें लगे लोगों को बाहर निकलने की छूट होगी। इनमें कानून व्यवस्था व न्यायिक ड्यूटी के अलावा, प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, अग्निशमन, पुलिस व सैन्य व अर्ध सैनिक बल, स्वास्थ्य सेवा, ट्रेजरी, बिजली, पानी व नगर निकाय, पोस्टल सेवा, टेलीकॉम व इंटरनेट सेवा और सप्लाई चेन व संबंधित परिवहन हो सकेगा।

समाचार पत्र वितरण और परिवहन पर रोक नहीं

 प्रदेश सरकार ने जिन इमरजेंसी सेवाओं को लॉकडाउन के दौरान जारी रखने के निर्देश जारी किए हैं उनमें समाचार पत्र, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया भी शामिल है। आदेश के अनुसार यह भी कहा गया है कि इन सेवाओं के वितरण और परिवहन में भी किसी तरह की रोकटोक नहीं है।

यह व्यवस्था महामारी रोग अधिनियम, 1897 की धारा 2, 3 और 4 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश एपीडेमिक डिजीज (कोविड-19) रेग्यूलेशन, 2020 और उपर्युक्त नियमों के क्लॉज 3 के अधीन पूरे प्रदेश में आगामी आदेशों तक तत्काल प्रभाव से लॉकडाउन की अधिसूचना में किया गया है।

समाचार पत्र के अलावा 11 तरह की सेवाओं और उनमें लगे लोगों को बाहर निकलने की छूट होगी। इनमें कानून व्यवस्था और न्यायिक ड्यूटी के अलावा, बैंक और एटीएम, अग्निशमन, पुलिस, सैन्य और अर्ध सैनिक बल, स्वास्थ्य सेवा, ट्रेजरी, बिजली, पानी और नगर निकाय, पोस्टल सेवा, टेलीकॉम, इंटरनेट सेवा इसमें शामिल हैं। 

हिमाचल लॉकडाउन की सूचना से राशन की दुकानों में भीड़, पेट्रोल पंपों में लगीं कतारें

प्रदेश विधानसभा में सोमवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जैसे ही हिमाचल के लॉकडाउन किए जाने की घोषणा की तो यह सूचना सोशल मीडिया के जरिये पूरे प्रदेश में जंगल की आग की तरह फैल गई। इस सूचना के फेसबुक, वाट्सएप और ट्विटर के जरिये पहुंचने के साथ ही हिमाचल पुलिस ने प्रदेश और जिलों की सीमाओं को सील कर लोगों के आवागमन पर रोक लगा दी। यही नहीं, पुलिस कर्मियों ने वाहनों को वापस लौटाना भी शुरू कर दिया। वहीं, लोगों को काम से जाने के दौरान घर जाने की दलील के बीच दस्तावेज दिखाकर अपने गंतव्य की ओर जाने को मिला।

पुलिस प्रशासन ने कई जिलों में राशन की दुकानों के अलावा खुली दुकानों को भी बंद करा दिया। मुख्यमंत्री के एलान के बाद राशन की दुकानों पर लगी भीड़ दोगुनी हो गई। लोगों में दवाओं और रोजमर्रा की जरूरत के सामान को खरीदने की होड़ भी दिखी। सरकार ने भले ही स्पष्ट किया है कि राशन, दवा जैसी रोजमर्रा के सामान की दुकान खुली रहेंगी। लेकिन लोग बंदी के चलते सामान स्टॉक करने में जुट गए। कई जगह दुकानों में सामान खत्म होने की वजह से दुकानदार ताला लगाकर भी चले गए।

कोरोना : दिल्ली AIIMS की OPD सेवा अगले आदेश तक बंद

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देशभर में कोरोनावायरस का कहर कुछ इस कदर जारी है कि इसके डर से लगभग सब कुछ बंद कर दिया गया है. देश के कई राज्यों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है. लेकिन अब दिल्ली से एक बड़ी खबर आई है. यहां के एम्स ने सोमवार से ओपीडी को पूरी तरह से बंद करने का फैसला किया है. एम्स राजधानी का एक ऐसा अस्पताल है जहां हजारों की संख्या में लोग इलाज कराने पहुंचते हैं.

एम्स अस्पताल की तमाम ओपीडी सेवाओं को बंद रखने का यह निर्णय फिलहाल अस्थायी तौर पर लिया गया है. अस्पताल प्रशासन के मुताबिक कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रति सावधानी बरतते हुए यह कदम उठाया गया है.

हजारों की संख्या में ओपीडी के रोगियों के यहां पहुंचने से लोगों में दूसरे से कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने का खतरा है. इसके अलावा संकट के इस दौर में संस्थान अपने संसाधनों का उपयोग कोविड-19 के प्रकोप की रोकथाम के लिए करना चाहता है.

AIIMS की OPD सेवा अगले आदेश तक बंद

एम्स के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. डीके शर्मा ने एक सर्कुलर जारी करके कहा, “यह फैसला लिया गया है कि एम्स अस्पताल की सभी सुविधाएं विशेष क्लीनिक समेत नियमित ओपीडी के मरीजों का पंजीकरण 23 मार्च से अगले आदेश तक अस्थायी तौर पर बंद रखा जाएगा.”

इससे पहले एम्स ने शुक्रवार को एक सर्कुलर जारी करके 21 मार्च से सभी कोई सर्जरी कार्यक्रम को रोकने की जानकारी साझा की. एम्स में अब फिलहाल केवल आपातकालीन जीवन रक्षक सर्जरी ही की जा रही हैं. अस्पताल ने इस बाबत संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं.

बता दें कि दिल्ली के एम्स में इलाज करवाने के लिए कई बाहरी राज्यों से लोग आते हैं. कोरोना के चलते पहली बार देखा गया है कि एम्स जैसे बड़े हॉस्पिटल  ने अपनी सेवाएं बंद की हैं. इससे हजारों लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है.

कोरोना पर केंद्र सरकार सख्त

कोरोना वायरस के संक्रमण से लड़ने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देशभर के विभिन्न सरकारी अस्पतालों और चिकित्सा शिक्षा संस्थानों को पर्याप्त संख्या में वेटिलेंटर और उच्च प्रवाह वाले ऑक्सीजन मास्क की व्यवस्था करने को कहा है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय देशभर के बड़े अस्पतालों को अस्पताल परिसर में भीड़ एकत्र नहीं होने देने का परामर्श भी जारी कर चुका है.

गौरतलब है कि दिल्ली और केंद्र सरकार ने दिल्ली के अधिकांश सरकारी अस्पतालों में कोरोना वायरस से निपटने के लिए विशेष बेड और वार्ड बनाने के आदेश दिए हैं. दिल्ली सरकार ने इसके लिए 19 सरकारी और 6 प्राइवेट अस्पतालों को चिन्हित प्राइवेट अस्पतालों को चिन्हित किया है. राम मनोहर लोहिया, सफदरजंग और एम्स जैसे बड़े अस्पतालों में कोरोना वायरस का उपचार चल रहा है.

सिवनी / लॉक डाउन स्थिति का जायजा लिया कलेक्टर एवं एसपी ने

सिवनी। मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के कलेक्टर प्रवीण सिंह एवं पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक ने सोमवार दोपहर जिले के मुख्य मार्गो, बाजरों का निरीक्षण कर लॉक डाउन स्थिति का जायजा लिया गया।

इस अवधि में भ्रमण करते पाए गए लोगो को अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य के लिए अपने घरों में ही रहने की समझाइस दी गयी।

सिवनी कोरोना अपडेट : 1206 लोगों की हुई स्क्रीनिंग , कोरोना का जिले में पॉजिटिव केस नही

सिवनी । मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में जिला प्रशासन द्वारा अब तक कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर बाहर से आए 1206 व्यक्तियों की उनके घरों में जाकर स्क्रीनिंग की गई है। जिनमें कोरोना वायरस संक्रमण के कोई भी लक्षण नहीं पाए गए हैं , सभी व्यक्ति पूरी तरह स्वस्थ है ।

जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह ने जानकारी दी कि जिले में स्क्रीनिंग हेतु कुल 8 चेकपोस्ट बनाए गए हैं। जिनमें बाहर से आने वाले लोगों की सतत रूप से स्क्रीनिंग की जा रही है तथा कुल 9 आइसोलेशन वार्ड भी बनाए गए हैं।

सिवनी जिले में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण का कोई भी पॉजिटिव केस नहीं पाया गया हैं। सभी जिले वासियों से अपील की गई है कि संक्रमण से बचाव के लिए टोटल लॉक डाउन का पालन करें, बिना जरूरत के घर से बाहर न निकलें।

सिवनी /रात्रि में दवाइयों के लिए, हर रात्रि अलग अलग मेडिकल स्टोर खुलेंगे देखे लिस्ट

सिवनी : कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह ने जिले वासियों को रात्रि में भी सुगमता से जरूरी दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए दवा विक्रेताओं को रोस्टर के अनुसार रात्रि 12 से प्रातः 7 बजे तक अपनी दुकान खुली रखने हेतु आदेशित किया हैं।

यह आदेश आज रात्रि से ही लागू होंगे कृपया ज्यादा से ज्यादा लोगो तक इस पोस्ट को पहुचाये जिससे जरूरतमंद को समय पर पूर्ण जानकारी मिल सके

  1. जिसमें सोमवार को मां गीता मेडिकल एंड सर्जिकल हाउस बाहुबली चौक सिवनी तथा एकता मेडिकल स्टोर बस स्टैंड सिवनी
  2. मंगलवार को कल्पतरु मेडिकल स्टोर जिला अस्पताल परिसर बारापत्थर सिवनी तथा लुथरा मेडिकल स्टोर्स नगरपालिका चौक सिवनी
  3. बुधवार को अग्रवाल मेडिकल स्टोर बाहुबली चौक सिवनी तथा शारदा मेडिकल स्टोर बस स्टैंड सिवनी
  4. गुरुवार को लाइफ मेडिकोज बाहुबली चौक सिवनी तथा राजेंद्र मेडिकल स्टोर बुधवारी चौक सिवनी खुले रहेंगे।
  5. इसी तरह शुक्रवार को सुशील मेडिकल स्टोर बाहुबली चौक सिवनी एवं आयुष मेडिकल स्टोर बस स्टैंड सिवनी
  6. शनिवार को निमेंश मेडिकल स्टोर एलआईसी ऑफिस के पास जबलपुर रोड सिवनी तथा लाइफ केयर मेडिकल स्टोर बस स्टैंड सिवनी
  7. रविवार को हीरा मेडिकल स्टोर्स बस स्टैंड सिवनी तथा विशाल मेडिकल स्टोर बुधवारी बाजार सिवनी रात्रि 12:00 से सुबह 7:00 तक प्रारंभ रहेंगे। जिससे रात्रि में भी मरीजों व नागरिकों को जरूरी दवाइयां मिल सकेगी। यह आदेश 10 अप्रैल 20 तक प्रभावी रहेगा।

सिवनी के मौलाना कहार साहब का ये वीडियो देखें, मस्जिदों में नहीं होगी नमाज़

सिवनी : सारा विश्व जानलेवा कोरोना वायरस के प्रकोप से सदमे में है, जिला सिवनी प्रशासन भी इस मामले में गम्भीरता से कार्य रहा है, वही अब धर्म गुरु भी इस घातक वायरस को लेकर ना केवळ अपनी कौम को जागरूक कर रहे हे बल्कि वे आम जनता से घर पर रहकर खुद को सुरक्षित रखने का सन्देस द्दे रहे है,

आज जिला मुख्यायल सिवनी में मौलाना कहार साहब जामा मस्जिद (पानी की टंकी के पास ) ने वीडियो जारी कर कोरोना से जंग् की इस मुहीम में अपना योगदान दिया है।

Coronavirus: महाराष्ट्र में कर्फ्यू लगाया गया, प्रदेश की सीमाओं को किया सील

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मुंबई: कोरोना वायरस के संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में सामने आए हैं. महाराष्ट्र में मौजूदा हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने लिया बड़ा फैसला है. राज्य भर में लगाया कर्फ्यू लगाया है. प्रदेश की सीमाओं को सील कर दिया गया है. धारा 144 पहले से लागू थी, अब सरकार ने कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है. सभी धार्मिक स्थल बंद रहेंगे. जिले के सरहद बंद रहेंगे. कानून तोड़ने वालों पर मामला दर्ज करते हुए कड़ी करवाई की जाएगी. निजी गाड़ियां रास्ते पर नहीं चलेंगी. 

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कर्फ्यू की घोषणा करते हुए कहा, “आज मैं पूरे राज्य में कर्फ्यू लगाने के लिए बाध्य हूं. लोग बात नहीं मान रहे हैं और इसलिए हम कदम उठाने के लिए मजबूर हैं.” 

ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “कल हमने प्रदेश की सभी सीमाएं सील कर दी थीं और आज हम जिल की सीमाएं सील कर रहे हैं. हम इस वायरस को उन जिलों में नहीं फैलने देंगे जो अभी तक प्रभावित नहीं हैं.” 

सरकार लोगों से घर से बाहर नहीं निकलने की अपील कर रही है. कुछ लोग सरकार की अपील को अनसुना कर रहे हैं. ऐसे में सरकार ने लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना शुरू कर दिया है. महाराष्ट्र के नासिक में जमावबंदी कानून का उल्लंघन करने वाले 45 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. 

MP में “मामा” रिटर्न, शिवराज सिंह चौहान चौथी बार बनेंगे मुख्यमंत्री, आज 9 बजे लेंगे शपथ

Shivraj Singh Chauhan chief minister of Madhya Pradesh final

भोपाल: मध्य प्रदेश में सीएम के नाम पर लग रहे कयासों पर विराम लग गया है. अब तय हो गया है कि अगले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान होंगे. सोमवार शाम हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में शिवराज के नाम पर मुहर लग गई. BJP विधायक दल की बैठक में उन्हें सीएम बनाने प्रस्ताव रखा गया जिसका समर्थन सभी विधायकों ने किया. राजभवन में आज रात 9 बजे शिवराज सिंह चौहान का शपथ ग्रहण होगा. वह अकेले शपथ ग्रहण करेंगे. मंत्रियों को बाद में शपथ दिलाई जाएगी. 

गोपाल भार्गव ने नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने ही शिवराज सिंह चौहान को सीएम बनाने का प्रस्ताव रखा जिसका समर्थन सभी विधायकों ने किया. विधायक दल की बैठक के दौरान कोरोना वायरस से संबंधित सावधानी जाएगी. सभी विधायक एक मीटर का फासला रखकर बैठे. जबकि दिल्ली के नेता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस बैठक को संबोधित किया. 

इससे पहले बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण आज ही होगा. प्रत्येक विधायक 2 सीट छोड़कर बैठेंगे. विधायक को निजी स्टाफ और गनमैन साथ में लाने की भी इजाजत भी नहीं दी गई है. कार्यकर्ता भी साथ में नहीं होंगे. विधायकों को बैठक में आने से पहले यह बात बता दी गई है. 

आपको बता दें कि शिवराज सिंह चौहान 15 महीने के ब्रेक के बाद चौथी बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे. वह 2005 से 2018 तक लगातार 13 साल सूबे के मुखिया रह चुके हैं. मध्य प्रदेश के इतिहास में यह पहला मौका होगा, जब कोई व्यक्ति चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेगा. मध्य प्रदेश में शिवराज के अलावा अब तक अर्जुन सिंह और श्यामाचरण शुक्ल तीन-तीन बार सीएम रहे हैं. भाजपा को दिसंबर 2018 में हुए विधानसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा था. भाजपा की 109 और कांग्रेस की 114 सीटें आई थीं. कांग्रेस ने 4 निर्दलीय, 2 बसपा और 1 सपा विधायकों के समर्थन से सरकार बनाई थी.

20 मार्च को कमलनाथ ने दिया था इस्तीफा
भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने शिवराज सिंह चौहान के नाम पर अपनी सहमति दे दी है. उनके आज शाम 7 बजे शपथ लेने की संभावना है. आपको बता दें कि कांग्रेस सरकार के अल्पमत में आने के बाद बीते 20 मार्च को कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार सिर्फ 459 दिन चल सकी. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से बगावत कर बीते 11 मार्च को भाजपा का दामन थाम लिया था. इसके बाद 22 कांग्रेसी विधायकों ने कमलनाथ सरकार का साथ छोड़ दिया था.

कांग्रेस के बागियों ने थामा भाजपा का दामन
इन सभी विधायकों ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद कमलनाथ की सरकार अल्पमत में आ गई थी. ये सभी पूर्व विधायक सिंधिया के समर्थक हैं. जेपी नड्डा की उपस्थिति में इन सभी पूर्व विधायकों ने भाजपा का दामन थाम लिया. वर्तमान दौर में भाजपा मध्य प्रदेश विधानसभा में बहुमत में है. 

भाजपा के पास बहुमत से 3 ज्यादा विधायक
मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल सदस्यों की संख्या 230 है. इनमें से दो विधायकों की मृत्यु हो चुकी है. 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद यह संख्या 206 रह गई है. बहुमत का आंकड़ा 104 है. भाजपा के पास 107 विधायक हैं. वहीं कांग्रेस के पास 92 विधायक हैं. बसपा के 2 और सपा का 1 विधायक है. 4 विधायक निर्दलीय हैं.

मध्य प्रदेश के CM बनेंगे शिवराज सिंह चौहान, आज शाम 7 बजे लेंगे शपथ

भोपाल: मध्य प्रदेश में सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर आ रही है. शिवराज सिंह चौहान आज शाम मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. वह चौथी बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे. सूत्रों की मानें तो राजभवन में आज शाम शिवराज सिंह चौहान का शपथ ग्रहण हो सकता है. शिवराज के साथ 4 और लोग शपथ ग्रहण कर सकते हैं.

20 मार्च को कमलनाथ ने दिया था इस्तीफा
भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने शिवराज सिंह चौहान के नाम पर अपनी सहमति दे दी है. उनके आज शाम 7 बजे शपथ लेने की संभावना है. आपको बता दें कि कांग्रेस सरकार के अल्पमत में आने के बाद बीते 20 मार्च को कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार सिर्फ 459 दिन चल सकी. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से बगावत कर बीते 11 मार्च को भाजपा का दामन थाम लिया था. इसके बाद 22 कांग्रेसी विधायकों ने कमलनाथ सरकार का साथ छोड़ दिया था.

कांग्रेस के बागियों ने थामा भाजपा का दामन
इन सभी विधायकों ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद कमलनाथ की सरकार अल्पमत में आ गई थी. ये सभी पूर्व विधायक सिंधिया के समर्थक हैं. जेपी नड्डा की उपस्थिति में इन सभी पूर्व विधायकों ने भाजपा का दामन थाम लिया. वर्तमान दौर में भाजपा मध्य प्रदेश विधानसभा में बहुमत में है. 

भाजपा के पास बहुमत से 3 ज्यादा विधायक
मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल सदस्यों की संख्या 230 है. इनमें से दो विधायकों की मृत्यु हो चुकी है. 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद यह संख्या 206 रह गई है. बहुमत का आंकड़ा 104 है. भाजपा के पास 107 विधायक हैं. वहीं कांग्रेस के पास 92 विधायक हैं. बसपा के 2 और सपा का 1 विधायक है. 4 विधायक निर्दलीय हैं.