Home Blog Page 178

बरेली में शादी समारोह में बिरयानी विवाद: चिकन लेग पीस नहीं मिलने पर हुआ झगडा, VIDEO VIRAL

उत्तर प्रदेश के बरेली में हाल ही में एक अनोखा और विचित्र घटना सामने आई जिसने सभी को हैरान कर दिया। यह घटना एक शादी समारोह के दौरान घटित हुई, जब बिरयानी में चिकन लेग पीस की कमी ने भारी विवाद को जन्म दिया।

विवाद की शुरुआत और कारण

शादी समारोह उत्तर प्रदेश के नवाबगंज के सरताज मैरिज हॉल में आयोजित किया गया था। समारोह के दौरान, दूल्हे पक्ष को जब बिरयानी परोसी गई तो उसमें से चिकन लेग पीस गायब था। इस छोटी सी बात ने इतना बड़ा रूप ले लिया कि विवाद हिंसक झगड़े में तब्दील हो गया।

दूल्हे पक्ष की नाराज़गी

दूल्हे के परिवार और बारातियों ने जब यह देखा कि उनकी बिरयानी में चिकन लेग पीस नहीं है, तो वे बेहद नाराज़ हो गए। उन्होंने इस बात को लेकर मौखिक आरोप लगाना शुरू कर दिया और समारोह में मौजूद दुल्हन पक्ष के लोगों से बहस करने लगे।

दुल्हन पक्ष की प्रतिक्रिया

दूल्हे पक्ष के आरोपों से दुल्हन पक्ष के लोग भी भड़क गए और उन्होंने जवाबी हमला कर दिया। इस तरह दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई जो जल्दी ही गंभीर लड़ाई में बदल गई।

लड़ाई की गंभीरता और वीडियो का वायरल होना

लड़ाई के दौरान मेहमानों ने एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसाए और थप्पड़ मारने लगे। इस झगड़े का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे को आधे घंटे से ज़्यादा समय तक मारते-पीटते रहे।

पुलिस की अनुपस्थिति

झगड़े के दौरान कुछ मेहमानों ने पुलिस को बुलाने की भी कोशिश की, लेकिन पुलिस के आने से पहले ही झगड़ा शांत हो गया। मौके पर मौजूद किसी भी व्यक्ति को कैद नहीं किया गया, बल्कि सभी मेहमान वीडियो बनाते रहे और देखते रहे।

विवाद के परिणाम

इस विवाद का परिणाम यह हुआ कि दूल्हे ने शादी न करने का ऐलान कर दिया। हालांकि, दुल्हन के परिवार ने उसे अपना फैसला वापस लेने के लिए मना लिया। इसके बाद, शादी योजना के अनुसार संपन्न हुई और जोड़े ने विवाह का जश्न मनाया।

समारोह का समापन

इस घटना ने शादी समारोह में एक अविस्मरणीय पल जोड़ दिया। विवाद के बावजूद, शादी सफलतापूर्वक संपन्न हुई और दूल्हा-दुल्हन ने अपनी शादी का आनंद लिया।

सिवनी: बरघाट के पुष्कर टेमरे यूरोप से भारत के लिए जीत लाए आयरनमैन का खिताब

सिवनी: बरघाट के पुष्कर टेमरे (Pushkar Temre) ने सिवनी जिले और मध्य प्रदेश का नाम विश्व में रोशन किया सिवनी जिले के बरघाट निवासी पुष्कर टेमरे (Pushkar Temre) ने डेनमार्क, यूरोप में आयोजित आयरनमैन 70.3 एलसीनोरे (स्विमिंग, बाइक राइडिंग और दौड़) खेल प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया और इस प्रतियोगिता का आयरनमैन खिताब जीतकर जिले को गौरवान्वित किया।

पुष्कर टेमरे बरघाट के निवासी योगेंद्र टेमरे के सुपुत्र और पूर्व पार्षद एवं भाजपा महिला मोर्चा बरघाट की अध्यक्ष श्रीमती किरण जितेंद्र टेमरे के भतीजे हैं।

आयरनमैन 70.3 एलसीनोरे प्रतियोगिता का विवरण

आयरनमैन 70.3 एलसीनोरे प्रतियोगिता में पुष्कर टेमरे ने अद्वितीय प्रदर्शन किया। यह प्रतियोगिता तीन मुख्य चरणों में आयोजित होती है:

  1. तैराकी (स्विमिंग): प्रतियोगिता का पहला चरण तैराकी होता है, जिसमें 2 किलोमीटर की दूरी तय करनी होती है। यह चरण शारीरिक सहनशक्ति और आत्मविश्वास की परीक्षा है।
  2. साइकिलिंग (बाइक राइडिंग): दूसरे चरण में 90 किलोमीटर की साइकिलिंग की जाती है। यह चरण धैर्य और दृढ़ता की मांग करता है, जिसमें प्रतिभागियों को तेज गति और लंबे समय तक साइकिल चलानी होती है।
  3. दौड़ (रनिंग): अंतिम चरण में 21.1 किलोमीटर की दौड़ शामिल होती है। यह चरण शारीरिक क्षमता और मानसिक स्थिरता की परीक्षा है, जिसमें प्रतिभागियों को अपने शरीर की सीमाओं को पार करना होता है।

पुष्कर टेमरे की सफलता का सफर

पुष्कर टेमरे ने 7 घंटे 17 मिनट में यह चुनौतीपूर्ण आयरनमैन प्रतियोगिता पूरी की। इस समयावधि में उन्होंने 2 किलोमीटर तैराकी, 90 किलोमीटर साइकिलिंग और 21.1 किलोमीटर दौड़ पूरी की। उनकी इस सफलता के पीछे उनकी कठोर मेहनत और समर्पण है।

प्रशिक्षण और तैयारी

पुष्कर टेमरे को ट्रायथलॉन कोच मनोज झा द्वारा प्रशिक्षित किया गया। उनके कोच ने उन्हें इस कठिन प्रतियोगिता के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त, उनके तैराकी कोच आरडी झा ने भी उन्हें तैराकी में उत्कृष्टता प्राप्त करने में मदद की। इन कोचों की मार्गदर्शन में पुष्कर ने अपनी क्षमताओं को निखारा और इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में सफलता प्राप्त की।

पुष्कर टेमरे के उज्ज्वल भविष्य की कामना

पुष्कर टेमरे की इस अद्वितीय उपलब्धि पर उनके कोच, तैराकी कोच आरडी झा और अन्य स्नेहीजनों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। पुष्कर की यह सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे बरघाट और सिवनी जिले के लिए गर्व का विषय है।

पुष्कर टेमरे का संकल्प और समर्पण

पुष्कर टेमरे की यह उपलब्धि उनके संकल्प और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने अपनी मेहनत और आत्मविश्वास से यह सिद्ध कर दिया है कि कड़ी मेहनत और दृढ़ निश्चय से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। पुष्कर ने इस प्रतियोगिता में जीत हासिल कर यह साबित किया है कि भारतीय खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना लोहा मनवा सकते हैं।

भारतीय खेल जगत में पुष्कर का योगदान

पुष्कर टेमरे की यह जीत भारतीय खेल जगत के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उनकी इस सफलता ने भारतीय खिलाड़ियों के लिए एक नई प्रेरणा और उत्साह का संचार किया है। पुष्कर की यह उपलब्धि उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है जो खेलों में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं।

पुष्कर टेमरे की सफलता का संदेश

पुष्कर टेमरे की इस सफलता का संदेश है कि यदि आप अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित हैं और कठिन मेहनत करने के लिए तैयार हैं तो कोई भी बाधा आपको रोक नहीं सकती। उनकी इस जीत ने यह साबित कर दिया है कि भारत में भी खेल प्रतिभाएं हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकती हैं।

पुष्कर टेमरे की इस सफलता से यह उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं कि भविष्य में वे और भी बड़ी उपलब्धियाँ हासिल करेंगे। उनके इस अद्वितीय प्रदर्शन ने उन्हें एक प्रेरणास्रोत बना दिया है और उनके उज्ज्वल भविष्य के प्रति सभी की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।

पुष्कर टेमरे की यह सफलता उनके लिए एक नई शुरुआत है और हमें उम्मीद है कि वे आने वाले समय में और भी बड़ी उपलब्धियाँ हासिल करेंगे। उनके इस साहसिक और प्रेरणादायक सफर के लिए उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं।

सिवनी: गौहत्या में लिप्त अपराधियों का केस नहीं लड़ेगा कोई वकील, जिला अधिवक्ता संघ ने लिया निर्णय

सिवनी: जिले के विभिन्न स्थानों पर हाल ही में घटित गौवंश हत्या की निर्ममता पूर्वक घटनाओं ने समाज में गहरा आक्रोश उत्पन्न किया है।

इस नृशंस कृत्य के विरोध में सिवनी जिला अधिवक्ता संघ ने यह ठोस निर्णय लिया है कि गौवंश हत्या में लिप्त अपराधियों की ओर से कोई भी अधिवक्ता पैरवी नहीं करेगा। जिला प्रशासन ने भी इस निर्णय का समर्थन किया है और इसे सही दिशा में उठाया गया कदम माना है।

निर्मम घटनाएँ और साम्प्रदायिक सौहार्द

सिवनी जिले के धनोरा, धूमा, पलारी, और केवलारी थाना क्षेत्रों में गौवंश की गला काटकर हत्या की गई थी। इसके बाद मृत पशुओं को पवित्र बैनगंगा नदी में फेंक दिया गया था। यह घटना न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाती है, बल्कि जिले के साम्प्रदायिक सौहार्द को भी बिगाड़ने की एक घिनौनी कोशिश है।

सिवनी जिला अधिवक्ता संघ का निर्णय

जिला अधिवक्ता संघ ने इस घोर निंदनीय घटना की कड़ी निंदा की है। संघ ने सभी अधिवक्ताओं से अपील की है कि वे गौवंश हत्या में लिप्त अपराधियों की ओर से किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता न प्रदान करें। संघ का मानना है कि इस निर्णय से समाज में एक स्पष्ट संदेश जाएगा कि अधिवक्ता समाज भी सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ खड़ा है।

जिला प्रशासन का समर्थन

जिला प्रशासन ने अधिवक्ता संघ के इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में कठोरतम कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी इस प्रकार के जघन्य अपराध करने का साहस न कर सके।

जिला अधिवक्ता संघ और जिला प्रशासन का यह संयुक्त प्रयास निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक प्रभाव डालेगा। इस निर्णय से न केवल अपराधियों के मनोबल पर असर पड़ेगा, बल्कि समाज में शांति और साम्प्रदायिक सौहार्द को बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।

अधिवक्ताओं की यह पहल एक मिसाल के रूप में कार्य करेगी और समाज को यह संदेश देगी कि विधि और न्याय व्यवस्था के रक्षक भी समाज में सौहार्द और शांति बनाए रखने के प्रति उतने ही प्रतिबद्ध हैं।

संसद में सांसदों का शपथ ग्रहण कार्यक्रम: असदुद्दीन ओवैसी के ‘जय फिलिस्तीन’ ने मचाई हलचल

Asaduddin Owaisi Jai Palestine: 25 जून को 18वीं लोकसभा के पहले सत्र के दूसरे दिन असदुद्दीन ओवैसी ने संसद सदस्य के रूप में शपथ ली। उनकी इस शपथ ने ‘जय भीम, जय मीम, जय तेलंगाना, जय फिलिस्तीन’ के नारों के कारण संसद में एक नई चर्चा को जन्म दिया।

असदुद्दीन ओवैसी का शपथ ग्रहण: एक नज़दीकी दृष्टिकोण

प्रोटेम स्पीकर ने असदुद्दीन ओवैसी को लोकसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने ‘बिस्मिल्लाह’ कहकर सांसद पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण के बाद, ओवैसी ने अपने पारंपरिक नारे ‘जय भीम, जय मीम, जय तेलंगाना’ के साथ इस बार ‘जय फिलिस्तीन’ भी जोड़ा, जिससे एक नया विवाद खड़ा हो गया।

ओवैसी की शपथ का वीडियो उपलब्ध है, जिसमें उन्हें शपथ के तुरंत बाद यह कहते सुना जा सकता है, “जय भीम, जय मीम, जय तेलंगाना, जय फिलिस्तीन। तकबीर… अल्लाह हू अकबर।”

भाजपा सांसदों का हंगामा: कारण और प्रभाव

ओवैसी के इस बयान के बाद संसद में भाजपा सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। सांसद शोभा करांदलाजे ने इस मुद्दे को उठाते हुए स्पीकर और गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर ओवैसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि ओवैसी को पुनः शपथ लेनी चाहिए, क्योंकि उनका यह बयान संसद के नियमों के खिलाफ है।

ओवैसी के नारे का राजनीतिक और सामाजिक महत्व

ओवैसी के ‘जय फिलिस्तीन’ के नारे ने न केवल संसद में, बल्कि पूरे देश में एक नई बहस को जन्म दिया है। यह नारा फिलिस्तीन के साथ एकजुटता दिखाने का प्रतीक है, जो भारत और इजरायल के रिश्तों के संदर्भ में एक संवेदनशील मुद्दा है।

राजनीतिक दृष्टिकोण

राजनीतिक दृष्टि से, ओवैसी का यह बयान उनकी पार्टी AIMIM की विचारधारा और उनके समर्थकों के विचारों को दर्शाता है। यह नारा भारतीय मुस्लिम समुदाय के बीच उनकी लोकप्रियता को बढ़ा सकता है, जो फिलिस्तीन के मुद्दे पर भावुक हैं।

सामाजिक दृष्टिकोण

सामाजिक दृष्टि से, ‘जय फिलिस्तीन’ का नारा एक बड़ी संख्या में भारतीयों के बीच समर्थन और विरोध दोनों को उत्पन्न कर सकता है। यह नारा भारतीय समाज में धार्मिक और राजनीतिक ध्रुवीकरण को और बढ़ा सकता है।

ओवैसी का जवाब और स्पष्टीकरण

ओवैसी ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनका नारा किसी के खिलाफ नहीं था, बल्कि यह उनके व्यक्तिगत विश्वास और विचारधारा का हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई नियम नहीं तोड़ा है और उनका यह नारा संविधान के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा है।

लोकसभा के नियम और शपथ ग्रहण

लोकसभा के नियमों के अनुसार, शपथ ग्रहण के दौरान किसी भी सदस्य को शपथ के शब्दों में बदलाव करने की अनुमति नहीं है। हालांकि, शपथ ग्रहण के बाद के वक्तव्य व्यक्तिगत अभिव्यक्ति का हिस्सा होते हैं, और इन पर कोई स्पष्ट नियम नहीं है। ओवैसी के ‘जय फिलिस्तीन’ के नारे के बाद इस मुद्दे पर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है कि क्या सांसदों को शपथ ग्रहण के बाद अपने विचार व्यक्त करने की अनुमति होनी चाहिए या नहीं।

MP के सागर में तेज रफ्तार बाइक सवार और गाय की टक्कर: दोनों की मौत; ये वीडियो आपको विचलित कर सकता है

Sagar, Madhya Praesh, Accident Video: सागर में देर रात एक भयावह घटना में एक बाइक सवार और एक बछड़े की कथित तौर पर मौत हो गई, जब तेज रफ्तार बाइक सड़क के बीचों-बीच बैठे गायों के झुंड से टकरा गई। यह हादसा इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया, जो इस समय सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान एमपी के सागर निवासी हिमांशु मिश्रा (24) के रूप में हुई है। हादसा जिले में प्रधान चौरा ग्रुप के कार्यालय के सामने हुआ। 

वीडियो में देखा जा सकता है कि तेज रफ्तार बाइक सड़क पर बैठे आवारा गायों के झुंड से टकरा गई। गायों से टकराने के बाद बाइक सवार हिमांशु का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर लगे बिजली के खंभे से जा टकराया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

बछड़ा हवा में उछाला गया

वहीं, झुंड में बैठी गायों में से एक गाय की भी मौत हो गई, क्योंकि वह बाइक से बुरी तरह टकराकर सड़क पर उछल गई, जिसके बाद मवेशियों में कोई हरकत नहीं देखी गई। वहीं, दूसरी घबराई गायें मौके से भागने लगीं। जानकारी के अनुसार मृतक हिमांशु मिश्रा (24) अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। 

MP के छिंदवाड़ा में महिला ने किया BJP का समर्थन तो पति ने दिया तीन तलाक, पति ने आरोप से किया इनकार

छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में 26 वर्षीय एक महिला ने दावा किया है कि उसके पति ने अन्य कारणों के अलावा भाजपा का समर्थन करने से नाराज होकर उसे तीन तलाक दे दिया।

हालांकि, महिला के पति ने आरोपों से इनकार किया है और उस पर विवाहेतर संबंध रखने का आरोप लगाया है। महिला ने रविवार को पुलिस में दर्ज कराई अपनी शिकायत में कहा कि उसकी शादी करीब आठ साल पहले हुई थी।

कोतवाली थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि कुछ समय तक उनके बीच संबंध सामान्य रहे, लेकिन बाद में उसके पति, सास और ननदों ने किसी न किसी बात को लेकर उसे ताना मारना और मारना शुरू कर दिया।

उन्होंने बताया कि महिला ने दावा किया है कि करीब डेढ़ साल पहले उसे घर से निकाल दिया गया था और वह अपने पति के साथ किराए के कमरे में रहती थी।

शिकायत का हवाला देते हुए गोल्हानी ने कहा कि महिला ने एक राजनीतिक पार्टी का समर्थन किया और उसके पक्ष में मतदान किया, जिससे उसका पति और अधिक नाराज हो गया, जिसके बाद उसने उसे ‘तीन तलाक’ दे दिया।

उन्होंने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने उसके पति, सास और चार ननदों के खिलाफ दहेज निषेध अधिनियम, मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

उन्होंने बताया कि पीड़िता का बयान दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

महिला ने सोमवार को यहां संवाददाताओं को बताया कि उसके पति ने तलाक का नोटिस भेजकर उस पर चरित्रहीन होने और अवैध संबंध रखने का आरोप लगाया है, जो उसने झूठा और निराधार बताया।

उन्होंने आरोप लगाया, “मैंने अपने वकील के माध्यम से नोटिस का जवाब दे दिया है। बाद में मैंने भाजपा का समर्थन किया और उसे वोट दिया। जब मेरे पति, उनकी मां और बहनों को यह जानकारी मिली तो उन्होंने मुझे तीन तलाक दे दिया। उनके परिवार के सदस्यों ने उनसे कहा कि या तो उन्हें छोड़ दो या फिर मुझे तीन तलाक दे दो।”

हालांकि, महिला के पति ने आरोप लगाया कि उसके अन्य लोगों के साथ संबंध थे, जिसके कारण यह “अशांति” पैदा हुई और उन्होंने अपने बच्चे के भविष्य की खातिर उसे सुलह के लिए कई मौके दिए।

उन्होंने सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि यह “तत्काल तीन तलाक” या किसी राजनीतिक दल को समर्थन देने का मुद्दा नहीं है, क्योंकि 2022 में कोई चुनाव नहीं है।

व्यक्ति ने कहा कि उसने मुस्लिम कानून के अनुसार अपनी पत्नी को पहली बार 30 मार्च 2022 को तलाक दिया और उसके बाद अक्टूबर और नवंबर 2023 में दो बार तलाक दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि महिला उन्हें धमका रही है, उनकी छवि खराब कर रही है, उनके परिवार के सदस्यों का जीवन लंबे समय से बर्बाद कर रही है और अपने संबंधों को छिपाने के लिए इस तरह के आरोप लगा रही है।

व्यक्ति ने यह भी दावा किया कि उसके परिवार में किसी ने भी उसे परेशान नहीं किया क्योंकि वह पिछले तीन वर्षों से अलग रह रही थी।

उन्होंने कहा कि तलाक का मुद्दा पहले ही अदालत में दायर किया जा चुका है और परिवार का हर सदस्य किसी भी राजनीतिक दल का समर्थन करने के लिए स्वतंत्र है।

व्यक्ति ने यह भी कहा कि उसकी बहनें दूसरे शहर में अलग रह रही थीं, लेकिन उनके नाम “गलत तरीके से” मामले में शामिल कर दिए गए।

आज सुनील कुमार मेहता ने सिवनी एसपी के रूप में पदभार किया ग्रहण

सिवनी: आज शाम सिवनी जिले में नवागत पुलिस अधीक्षक श्री सुनील कुमार मेहता (भारतीय पुलिस सेवा) ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अपना पदभार ग्रहण किया। श्री मेहता ने पदभार ग्रहण करने के बाद जिले की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं।

श्री सुनील कुमार मेहता ने इस अवसर पर कहा कि वे जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने जिले में अपराध नियंत्रण, नागरिकों की सुरक्षा और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली में सुधार लाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

पदभार ग्रहण के बाद, श्री मेहता ने पुलिस विभाग के विभिन्न अधिकारियों और कर्मचारियों से मुलाकात की और उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और निष्ठा से करें और आम जनता के साथ मधुर संबंध बनाए रखें।

श्री मेहता ने कहा कि वे जिले में पुलिस और जनता के बीच संवाद को बेहतर बनाने के लिए भी प्रयास करेंगे, जिससे पुलिस की छवि और विश्वसनीयता में सुधार हो। उन्होंने आश्वासन दिया कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जिले में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभी उच्च अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। श्री मेहता के नेतृत्व में जिले की पुलिस व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन की उम्मीद की जा रही है। उनका स्वागत करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनके साथ मिलकर काम करने का संकल्प लिया।

सिवनी कलेक्टर संस्कृति जैन ने गौहत्या में लिप्त संतोष करवेती और रामदास उईके पर लगाई रासुका, वाहिद, इरफान और शादाब के घर चला बुलडोजर

सिवनी: सिवनी जिले की कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री संस्कृति जैन ने गौवंश हत्या प्रकरण में कठोर कदम उठाते हुए अन्य दो आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत कार्यवाही की है।

गौवंश हत्या प्रकरण में लिप्त अन्य दो आरोपी पर लगी रासुका

पिछले दिनों शादाब, वाहिद और इरफान पर रासुका लगाई गई थी जिसके बाद अब अन्य दो आरोपियों में संतोष कवरेती (पिता: ब्रजलाल कवरेती, उम्र: 36 वर्ष, निवासी: गरघटिया थाना धूमा) और रामदास उइके (पिता: महेन्द्र उइके, उम्र: 36 वर्ष, निवासी: ग्राम पुतर्रा थाना धूमा) शामिल हैं।

कलेक्टर सुश्री जैन ने राज्य सुरक्षा अधिनियम 1980 के तहत इन दोनों आरोपियों के विरुद्ध आदेश पारित किया है। यह कदम जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और ऐसे कृत्यों को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। गौवंश हत्या प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा रही है।

तीन आरोपियों के ठिकानों पर चला बुलडोजर

सिवनी जिला प्रशासन ने सोमवार को गौवंश हत्या प्रकरण में लिप्त तीन आरोपियों के अतिक्रमित और अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया।

आरोपी वाहिद (पिता: मजिद खान, निवासी: ग्वारी) और इरफान मोहम्मद (उम्र: 58 वर्ष, निवासी: ग्राम खैरी) के अतिक्रमित भूमि पर निर्माणाधीन मकान को हटाया गया। इसी तरह, आरोपी शादब खान (पिता: इसराईल खान, उम्र: 27 वर्ष, निवासी: ग्वारी) के बिना अनुमति के निर्माणाधीन मकान को भी तोड़ा गया।

कलेक्टर संस्कृति जैन के इस कठोर और त्वरित कार्रवाई से जिले में प्रशासन की शक्ति और सख्ती का स्पष्ट संदेश गया है। गौवंश हत्या जैसे गंभीर अपराधों में लिप्त आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाकर उन्होंने जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने का प्रयास किया है।