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सिवनी: EPES स्कूल बिहिरिया में मध्यान्ह भोजन में निकली जोंक, बच्चे को गंभीर संक्रमण!

सिवनी: EPES स्कूल बिहिरिया में मध्यान्ह भोजन के दौरान जोंक निकलने की घटना सामने आई है। इस मामले को स्कूल के शिक्षकों ने पहले छुपाने की कोशिश की, लेकिन एक बच्चे के बीमार होने के बाद यह मामला उजागर हुआ।

मामले को दबाने का हुआ पूरा प्रयास

सातवीं कक्षा के छात्र पंकज जंघेला ने मध्यान्ह भोजन करने के बाद पेट में तेज दर्द की शिकायत की। उसे तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया। पंकज का ईलाज जारी है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

परिजनों की प्रतिक्रिया

पंकज के परिजनों ने स्कूल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की माँग की है। उनका कहना है कि इस लापरवाही के कारण उनके बच्चे की जान खतरे में पड़ी है।

प्रशासन की कार्रवाई

इस गंभीर मामले के उजागर होने के बाद बीआरसी ने स्कूल के प्रधान पाठक और शिक्षकों को नोटिस जारी किया है। लापरवाही के आरोप में स्वसहायता समूह और रसोइयों को भी हटाया गया है। प्रशासन ने इस घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।

इस घटना ने स्कूल में मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन को इस मामले में सख्त कदम उठाने की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। पंकज जंघेला के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए सभी लोग उसके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

इस तरह की घटनाएं न केवल बच्चों की सेहत के लिए खतरनाक होती हैं, बल्कि स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी और कर्तव्यनिष्ठा पर भी सवाल खड़े करती हैं। इस मामले की जांच पूरी होने तक सभी की निगाहें प्रशासन के कदमों पर टिकी रहेंगी।

भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं में महिलाओं की भूमिका – शुभम शर्मा

सिवनी: बहुत लंबे समय से भारतीय धर्मों ने स्त्री को एक मजबूत और आवश्यक शक्ति माना है। महिलाओं ने भारत के आध्यात्मिक वातावरण में अभ्यासी, शिक्षक और नेता के रूप में प्रमुख योगदान दिया है। यहाँ, हम उन विभिन्न भूमिकाओं की जाँच करते हैं जो महिलाओं ने इन रीति-रिवाजों में निभाई हैं और अभी भी निभाती हैं।

देवियाँ ईश्वर के प्रतीक के रूप में

हिंदू धर्म में देवियों को दिव्य शक्ति के प्रबल प्रतिनिधित्व के रूप में पूजा जाता है। सरस्वती, लक्ष्मी और दुर्गा ऐसे देवी-देवताओं के उदाहरण हैं जो क्रमशः शक्ति, समृद्धि और ज्ञान का प्रतिनिधित्व करते हैं। ये देवियाँ उन गुणों का प्रतिनिधित्व करती हैं जिनकी प्रशंसा की जाती है और जिन्हें रोज़मर्रा की ज़िंदगी में चाहा जाता है, जो उन्हें महिलाओं के लिए आदर्श बनाता है। स्त्री दिव्य का सम्मान करना महिलाओं की आध्यात्मिक शक्ति और क्षमता की समझ को रेखांकित करता है।

गुरु और आध्यात्मिक नेता

इतिहास में महिलाएँ प्रमुख आध्यात्मिक मार्गदर्शक और गुरु बन गई हैं। अपने समर्पण और शिक्षाओं के साथ, आनंदमयी माँ, माता अमृतानंदमयी (अम्मा) और मीराबाई जैसी संतों ने असंख्य शिष्यों को प्रेरित किया है। इन महिलाओं ने आध्यात्मिक सलाह देकर, दुनिया भर से अनुयायियों को आकर्षित करने वाले आंदोलन और आश्रम शुरू करके और आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करके सामाजिक मानदंडों को खत्म कर दिया है।

महिलाओं के साथ धार्मिक ग्रंथ

भारतीय आध्यात्मिक लेखन में, महिलाएँ अक्सर ऐसे महत्वपूर्ण कार्य करती हैं जो सामाजिक मानदंडों के विरुद्ध होते हैं। महाभारत में द्रौपदी को वीरता और न्याय की प्रतिमूर्ति माना जाता है, जबकि रामायण में सीता को उनकी शक्ति और पवित्रता के लिए सम्मानित किया जाता है।

पत्नियों और माताओं का कार्य

भारतीय परंपराओं में, माताओं और पत्नियों के रूप में महिलाओं की ज़िम्मेदारियाँ अक्सर आध्यात्मिकता के पोषण और पोषण गुणों का प्रतीक होती हैं। उन्हें परिवार में नैतिकता या धर्म की संरक्षक माना जाता है, जो आध्यात्मिक सिद्धांतों को अगली पीढ़ी तक पहुँचाती हैं। इसमें अनुष्ठान और त्यौहार शामिल हैं, जब महिलाएँ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और प्रसार के लिए आवश्यक होती हैं।

हाल ही में किये गए योगदान

भारतीय आध्यात्मिक परंपराएँ आज भी नेतृत्व, सक्रियता और विद्वत्ता में महिलाओं से प्रभावित हैं। प्राचीन ग्रंथों और अनुष्ठानों के अध्ययन में नई अंतर्दृष्टि प्रदान करने के अलावा, महिला शिक्षाविद और अभ्यासी आध्यात्मिक समूहों में लैंगिक समानता के लिए भी जोर दे रही हैं।

MP के आदिवासी भाइयों की चमकी किस्मत: पन्ना खदान से 19.2 कैरेट का हीरा निकाला

भोपाल (मध्य प्रदेश): गरीबी में जी रहे दो आदिवासी भाइयों ने पन्ना में लीज पर ली गई खदान में हीरा खोदकर अमीर बनने का सपना देखा था। बुधवार को उनका सपना सच हो गया। दोनों भाइयों की जिंदगी हमेशा के लिए बदलने वाली है क्योंकि दोनों ने 19.22 कैरेट का हीरा खोदकर निकाला है जिसकी कीमत उन्हें कम से कम 75 लाख रुपये मिलने का अनुमान है।

हर रोज़ की तरह, 40 वर्षीय राजू गोंड और उनके छोटे भाई राकेश, 26 वर्षीय, पन्ना के कृष्णा कल्याणपुर (पट्टी) में अपने हीरा खदान में गए थे, जिसे परिवार ने पट्टे पर लिया था। जब भाई मिट्टी खोद रहे थे और छान रहे थे, तो उन्हें एक चमकता हुआ पत्थर दिखाई दिया। उन्हें तुरंत एहसास हुआ कि उन्हें जैकपॉट मिल गया है – एक ऐसा हीरा जो उनकी ज़िंदगी बदल देगा। दोनों तुरंत ही हीरा कार्यालय पहुंचे और कीमती पत्थर जमा कर दिया।

हीरा परीक्षक की पुष्टि

पन्ना हीरा परीक्षक अनुपम सिंह ने बताया कि हीरा जमा कर दिया गया है और इसका वजन 19.22 कैरेट है। अधिकारियों ने बताया कि कच्चे हीरे की नीलामी की जाएगी और सरकारी रॉयल्टी और करों में कटौती के बाद उससे मिलने वाली राशि मजदूर को दी जाएगी।

परिवार के लिए बड़ा मौका

पन्ना से करीब 6 किलोमीटर दूर अहिरगुआन कैंप गांव में रहने वाले राजू ने बातचीत में बताया कि हीरे की बिक्री से मिलने वाले पैसे से वह अपने परिवार को बेहतर जीवन देने के लिए कोई कारोबार शुरू करना चाहते हैं और खेती के लिए जमीन भी खरीदना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि मिलने वाले पैसे से वह अपना कर्ज भी चुकाएंगे। राजू की छह बेटियां और एक बेटा है और वह इस पैसे को अपने बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करना चाहते हैं।

खदान लीज पर लेने की कहानी

राजू ने बताया कि उसने करीब डेढ़ महीने पहले अपने पिता चुन्नूवाड़ा गोंड के नाम पर एक खदान लीज पर ली थी। वह अपने भाई और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर इस उम्मीद में खुदाई कर रहा था कि किसी दिन उसे कोई कीमती पत्थर मिल जाएगा।

दिलचस्प बात यह है कि अब वह और भी हीरे खोजने की उम्मीद में और भी हीरे की खदानों के लिए आवेदन करना चाहता है। उसके छोटे भाई राकेश ने बताया कि उसके दूर के रिश्तेदार को भी कुछ समय पहले हीरा मिल गया था।

भविष्य की योजनाएं

राजू और राकेश की इस उपलब्धि ने उनके जीवन में न केवल आर्थिक स्थिरता लाई है बल्कि उनके सपनों को भी नए पंख दिए हैं। राजू ने कहा कि वह मिलने वाले पैसे से अपने परिवार की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए योजनाएं बना रहे हैं। वह एक नया व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, कृषि भूमि खरीदना चाहते हैं, बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करना चाहते हैं और अपने सभी ऋण चुकाना चाहते हैं।

आदिवासी समुदाय के लिए प्रेरणा

राजू और राकेश की कहानी अन्य आदिवासी समुदायों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है। उनकी कड़ी मेहनत और सफलता ने यह साबित कर दिया है कि सही दिशा में मेहनत और प्रयास से जीवन में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

हीरा क्षेत्र की संभावनाएं

पन्ना क्षेत्र में हीरे की खदानें हमेशा से ही आकर्षण का केंद्र रही हैं। यहां कई लोगों ने किस्मत आजमाई है और कुछ ने अपनी जिंदगी को बदलने में सफलता पाई है। राजू और राकेश की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यह क्षेत्र अब भी संभावनाओं से भरा हुआ है।

इच्छा सूची:

  • व्यवसाय शुरू करना
  • कृषि भूमि खरीदना
  • बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा सुनिश्चित करना
  • ऋण चुकाना

MP को केंद्रीय बजट 2024 के तहत रेलवे योजनाओं के लिए मिले 14,738 करोड़ रुपये, 81 बड़ी परियोजनाएं चल रही हैं

भोपाल: मंगलवार को संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट के तहत मध्य प्रदेश को रेलवे की योजनाओं को पूरा करने के लिए 14,738 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस महत्वपूर्ण घोषणा को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बयान दिया।

राज्य में चल रही 81 बड़ी परियोजनाएं

वैष्णव ने कहा कि राज्य में रेलवे की 81 बड़ी परियोजनाएं चल रही हैं और अमृत भारत योजना के तहत 80 स्टेशनों का विकास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रेलवे का पूरी तरह से विद्युतीकरण हो चुका है, जो भारतीय रेल के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी

वैष्णव ने यह भी बताया कि राज्य सरकार इन परियोजनाओं को पूरा करने में केंद्र के साथ पूरा सहयोग कर रही है और योजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यह सहयोग राज्य और केंद्र सरकार के बीच बेहतरीन समन्वय को दर्शाता है।

अमृत भारत योजना की शुरुआत

वैष्णव ने कहा कि अमृत भारत योजना का काम भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से शुरू हुआ, जो अब पूरे देश में तेजी से फैल रहा है। इस योजना के तहत रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल सके।

रेल सुविधाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रेलवे से संबंधित सुविधाएं देने के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य को आवंटित राशि बहुत महत्वपूर्ण है और इससे राज्य में रेल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

रेलवे बजट का प्रभाव

इस वर्ष का रेलवे बजट मध्य प्रदेश के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण है। बजट में आवंटित राशि से न केवल रेलवे परियोजनाओं को पूरा करने में मदद मिलेगी, बल्कि इससे राज्य में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। राज्य में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।

नई परियोजनाओं का संक्षिप्त विवरण

बजट के तहत जिन 81 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, उनमें से कई परियोजनाएं राज्य के विभिन्न हिस्सों में रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने के लिए हैं। इनमें नई रेल लाइनों का निर्माण, पुरानी लाइनों का आधुनिकीकरण, और नई ट्रेनों की शुरुआत शामिल है। इसके अलावा, कई स्टेशनों पर नई सुविधाएं और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा।

रेलवे का विद्युतीकरण और पर्यावरणीय लाभ

रेलवे का विद्युतीकरण एक महत्वपूर्ण कदम है जो पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक है। विद्युतीकरण से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और ईंधन की बचत होगी। इसके अलावा, इससे रेलवे की गति और क्षमता में भी वृद्धि होगी, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधाएं मिलेंगी।

आर्थिक और सामाजिक लाभ

रेलवे परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य में आर्थिक और सामाजिक लाभ भी होंगे। नई रेल लाइनों और सुविधाओं के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, इससे वाणिज्यिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेगी।

भविष्य की योजनाएं और उम्मीदें

इस बजट से राज्य को कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए धनराशि मिली है, जो भविष्य में और भी नए अवसरों को जन्म देगी। रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से राज्य में लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन के क्षेत्र में भी सुधार होगा। इससे राज्य की ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

MP में भारी बारिश से तबाही: जलमग्न हुआ बीना, छतरपुर में 59 लोगों सहित डूबा टापू; सभी को बचाया गया

भोपाल और आसपास के क्षेत्र पिछले 24 घंटों में भारी बारिश से जूझ रहे हैं। छतरपुर, बीना, टीकमगढ़ और सागर समेत कई अन्य शहरों में भी बारिश ने कहर बरपाया है। छतरपुर में एक डूबे हुए टापू से 59 लोगों को बचाया गया। बीना के बाढ़ प्रभावित गांवों से भी कई लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।

छतरपुर में धसान नदी का उफान

सूत्रों ने बताया कि भारी बारिश के कारण छतरपुर में धसान नदी उफान पर है। कम से कम 59 लोग पहाड़ी इलाके में स्थित एक पूजा स्थल पर गए थे और धसान नदी में बाढ़ के कारण यह जगह चारों तरफ से कट गई। छतरपुर कलेक्टर संदीप जीआर ने बताया, “उन सभी को नाव की मदद से बचाया गया”

बीना की स्थिति

बीना को भी भारी बारिश का सामना करना पड़ा। समस्या तब और बढ़ गई जब निर्माणाधीन बांध का बैकवाटर गांवों तक पहुंच गया और उन्हें जलमग्न कर दिया। सागर कलेक्टर दीपक आर्य ने स्थिति का जायजा लेने के लिए बीना का दौरा किया। उन्होंने बताया कि भारी बारिश के चलते बीना के सात गांव प्रभावित हुए हैं। प्रभावित गांवों में घरों के अंदर पानी घुस गया है और कुछ घर ढह भी गए हैं। हालांकि, किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। जिला प्रशासन प्रभावित लोगों को खाने के पैकेट, दवाइयां आदि मुहैया कराकर उनकी देखभाल कर रहा है। जहां भी जरूरत पड़ी, एसडीआरएफ की टीम ने बचाव अभियान चलाया।

सागर में बारिश का प्रभाव

सागर में भी रुक-रुककर बारिश हो रही है। निचले इलाकों की सड़कें नालों का रूप ले चुकी हैं। जिला अस्पताल में बारिश का पानी घुस गया है, जिससे मरीजों और अस्पताल के कर्मचारियों को परेशानी हो रही है। सागर जिले में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के जेरई गांव में लगातार बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों को बचाने के लिए एसडीआरएफ को रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ा है।

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने बताया कि पिछले 24 घंटों में भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, रीवा, जबलपुर, शहडोल और सागर संभागों में अधिकतर स्थानों पर बारिश हुई। टीकमगढ़ में 175 मिमी, स्लीमनाबाद में 140 मिमी, कुसमी में 151 मिमी, बिजुरी में 108.8 मिमी, जैसीनगर में 104 मिमी, सागर में 104 मिमी, बीना में 92 मिमी, कोटमा में 87 मिमी, अमरपाटन में 53 मिमी, बेगमगंज में 66.8 मिमी, नर्मदापुरम में 21.2 मिमी, सीहोर में 20 मिमी, विदिशा में 17 मिमी, गंजबासौदा में 30 मिमी, निवास में 98 मिमी और रामपुर में 156 मिमी बारिश दर्ज की गई

मौसम विभाग ने बड़वानी, अलीराजपुर, गुना, अशोक नगर, शिवपुरी, दतिया, श्योपुरकलां, अनुपपुर, उमरिया, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छतरपुर, निवाड़ी आदि अधिकांश स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जबकि कुछ स्थानों पर आंधी की संभावना है। भोपाल, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, इंदौर, रतलाम, उज्जैन और देवास के स्थान भी प्रभावित हो सकते हैं।

प्रभावित लोगों की सहायता

जिला प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें मिलकर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में लगी हैं। प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, पानी, चिकित्सा सेवाएं और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकारी और गैर-सरकारी संगठन भी इस कार्य में सहयोग कर रहे हैं।

बचाव कार्य और सुरक्षा

बारिश के दौरान सुरक्षित रहने के लिए लोगों को निम्नलिखित सुझाव दिए जा रहे हैं:

  1. निचले इलाकों से बचें और ऊंचे स्थानों पर रहें।
  2. बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में जाने से बचें
  3. बिजली के उपकरणों का उपयोग न करें जब तक कि आप पूरी तरह से सुरक्षित न हों।
  4. स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें

अगले कुछ दिनों का पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में और भी बारिश की संभावना जताई है। लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है

दिल्ली राउज एवेन्यू कोर्ट ने आबकारी नीति मामले में सीएम केजरीवाल की न्यायिक हिरासत 8 अगस्त तक बढ़ा दी

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को आबकारी नीति मामले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की न्यायिक हिरासत 8 अगस्त तक बढ़ा दी। उन्हें तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया। विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

अरविंद केजरीवाल को ईडी ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 1 जुलाई को ईडी ने विनोद चौहान और आशीष माथुर के खिलाफ अतिरिक्त पूरक अभियोजन शिकायत दर्ज की।

मनी लॉन्ड्रिंग के इस मामले में ईडी ने मनीष सिसोदिया, बीआरएस नेता के कविता, संजय सिंह, अरविंद केजरीवाल और अन्य कारोबारियों को हिरासत में लिया है। अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका का विरोध करते हुए एएसजी एसवी राजू ने सबूत पेश किए, जिसमें बताया गया कि केजरीवाल ने आप के गोवा चुनाव अभियान के लिए 100 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी।

इसके अलावा, यह भी आरोप लगाया गया कि विनोद चौहान ने हवाला चैनलों के माध्यम से चनप्रीत सिंह को 45 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए। चनप्रीत सिंह AAP के गोवा चुनाव अभियान की देखरेख के लिए जिम्मेदार थे।

रिमांड का अनुरोध करते समय, ईडी ने हिरासत में लिए गए व्यक्ति (केजरीवाल) को लगभग 45 करोड़ रुपये के हवाला लेनदेन के सबूत दिखाए, जिसकी पुष्टि सीडीआर लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड, गोवा की एक हवाला फर्म से आईटी द्वारा जब्त किए गए डेटा, आंशिक रूप से नकद और आंशिक रूप से बिल के रूप में किए गए भुगतान के सबूत और व्हाट्सएप संचार से हुई, जिससे इस सेटअप की पुष्टि हुई।

इसके अतिरिक्त, उन्हें आप के गोवा अभियान में शामिल व्यक्तियों के कई गवाहों के बयान भी प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने गोवा में आप के अभियान का प्रबंधन करने वाले चनप्रीत सिंह से नकदी प्राप्त करने की पुष्टि की थी।

MP July 25 Monsoon Updates: जबलपुर, गुना और शाजापुर के साथ 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल (मध्य प्रदेश): मौसम विभाग ने मंगलवार को मध्य प्रदेश के जबलपुर, गुना और शाजापुर समेत 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। राज्य में पिछले पांच दिनों से अलग-अलग जिलों में लगातार बारिश हो रही है। अब तक राज्य में औसतन 14.6 इंच (35%) बारिश दर्ज की गई है।

आईएमडी भोपाल की वरिष्ठ वैज्ञानिक दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, मानसून की रेखा ऊपर की ओर खिसक गई है। वर्तमान में एक कम दबाव का क्षेत्र चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। उत्तरी गुजरात में एक और चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है, जो मानसून की रेखा से जुड़ गया है। ये कारक राज्य में बारिश में योगदान दे रहे हैं।

28 जुलाई से सक्रिय होगी सशक्त प्रणाली

मौसम वैज्ञानिक वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि 28 जुलाई से फिर से मजबूत सिस्टम सक्रिय होने की उम्मीद है। 29 और 30 जुलाई को मध्य प्रदेश के उत्तरी इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है।

बांधों के गेट खोले गए 

बुधवार को सागर के पगरा बांध के ग्यारह में से पांच गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। बीना के बिलधो गांव में लोगों को छतों से बचाया गया। 

टीकमगढ़ में धसान नदी का जलस्तर बढ़ने से बानसुजारा बांध के सभी बारह गेट रात करीब दस बजे खोल दिए गए। देर रात बड़ागांव धसान में पुल से दो फीट ऊपर पानी बहने लगा।

बारिश का रिकॉर्ड औसत से मेल खाता है

इस सीजन में पहली बार राज्य में औसत से ज्यादा बारिश हुई है। मध्य प्रदेश में 14.6 इंच बारिश हुई है, जो इस बार के लिए अपेक्षित मात्रा है। 

राज्य के पश्चिमी क्षेत्रों – भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभागों में बारिश औसत से 4% अधिक हुई है। 

हालाँकि, पूर्वी क्षेत्रों – रीवा, सागर, जबलपुर और शहडोल संभागों में वर्षा औसत से 5% कम रही है।

MP NEWS: एमपी को इस वित्त वर्ष में मिलेंगे 97,906 करोड़ रुपये, जिसके बाद से इंटर्नशिप योजना में देखने मिलेगी तेजी

भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के वित्त विभाग ने केंद्रीय बजट के बाद केंद्रीय करों से मिलने वाली राशि का आकलन कर लिया है। चालू वित्त वर्ष में राज्य को 97,906 करोड़ रुपए मिलेंगे।केंद्र सरकार ने केंद्रीय बजट में एक करोड़ युवाओं को 500 कंपनियों में इंटर्नशिप कराने और उन्हें 5,000 रुपए प्रतिमाह वजीफा देने का प्रस्ताव रखा है।

सीखो कमाओ योजना के तहत राज्य सरकार 8,000 रुपये प्रतिमाह देती है। राज्य सरकार अपनी योजना को केंद्र की योजना से जोड़ेगी, जिससे योजना के तहत भुगतान का बोझ कम होगा।

ईपीएफओ के तहत दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि का राज्य पर असर पड़ेगा। मध्य प्रदेश में उच्च वेतन के साथ नौकरी शुरू करने वालों की संख्या कम है, इसलिए कम वेतन के साथ नौकरी शुरू करने वालों को इस योजना का लाभ मिलेगा।

सरकार प्राकृतिक खेती पर 10,000 जैव अनुसंधान केंद्र स्थापित करेगी। इनमें से कुछ केंद्र मध्य प्रदेश को भी मिलेंगे। इसके साथ ही देशभर में 50 बहु-उत्पाद खाद्य विकिरण इकाइयां स्थापित की जाएंगी और इसका लाभ राज्य को मिल सकता है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक करोड़ नये घर बनाये जायेंगे और सांसदों को इसका हिस्सा मिलेगा।

मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में आदिवासी लोग रहते हैं। केंद्रीय बजट में आदिवासी लोगों की स्थिति सुधारने के लिए 63,000 गांवों के आर्थिक विकास का प्रावधान किया गया है।

केंद्र सरकार की योजना पांच करोड़ आदिवासी लोगों को लाभ पहुंचाने की है। इस योजना का लाभ राज्य में रहने वाले बड़ी संख्या में आदिवासी लोगों को मिलेगा।

अगस्त में लाडली बहना को 250 रुपये अतिरिक्त देगी सरकार

मोहन यादव सरकार ने 1 अगस्त को हर लाडली बहन के खाते में 250 रुपए अतिरिक्त जमा करने का फैसला किया है ताकि वे रक्षाबंधन का त्यौहार खुशी से मना सकें। यह राशि लाडली बहन को हर महीने दी जाने वाली 1250 रुपए की किश्त से अलग होगी।

250 रुपये के माध्यम से लाडली बहनें 19 अगस्त को पड़ने वाले रक्षा बंधन पर अपने लिए “साड़ी” या कोई अन्य आवश्यक चीज खरीद सकती हैं।

मुख्यमंत्री ने मंत्रियों एवं सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों से कहा कि वे 1 अगस्त से 21 अगस्त तक लाडली बहनों के घर जाकर उनकी कलाई पर राखी बंधवाएं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का त्यौहार एक पवित्र त्यौहार है और इसे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में 1.29 करोड़ लाड़ली बहनें हैं और यदि उन्हें 250 रुपए अतिरिक्त दिए जाएं तो राज्य सरकार पर 325 करोड़ रुपए से अधिक का भार आएगा।