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भारत में गलत एग्जिट पोल ने शेयर बजार में निवेशकों के डुबो दिए 30 लाख करोड़

By SHUBHAM SHARMA

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नईदिल्ली: सोमवार को एग्जिट पोल्स के बाद शेयर बाजार ने जितनी तेजी से उड़ान भरी, मंगलवार को चुनाव के नतीजे जारी होने के बाद बाजार उससे दोगुनी तेजी से नीचे गिरा। गलत एग्जिट पोल्स के कारण मंगलवार को निवेशकों के करीब 30 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए।

कंपनियों की बाजार पूंजी 426 लाख करोड़ रुपये से घटकर 400 लाख करोड़ रुपये के भी नीचे आ गई। इंट्राडे में एक समय तो कंपनियों की बाजार पूंजी 43 लाख करोड़ रुपये घट गई थी। इससे निवेशकों ने पिछले छह महीने में जितना कमाया था, उससे अधिक एक दिन में ही गंवा दिया।

गलत एग्जिट पोल दिखाने वाले न्यूज चैनल और एग्जिट पोल करने वाली एजेंसियों पर सवाल उठाया जा रहा है कि इनके द्वारा किसी को बड़ा फायदा पहुँचाने के लिए ये एग्जिट पोल दिखाकर हाइप बनाई गई थी.

एग्जिट पोल्स की सटीकता पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि इनकी वजह से बाजार में भ्रम फैला और निवेशकों ने गलत निर्णय लिए। कई राजनीतिक पार्टियां आरोप लगा रही हैं कि एग्जिट पोल्स के जरिए निवेशकों को गुमराह किया गया और कुछ लोगों और ब्रोकर्स ने इसका गलत फायदा उठाया।

शेयर बाजार के इस अचानक बदलाव ने न केवल निवेशकों को भारी नुकसान पहुँचाया, बल्कि कंपनियों की बाजार पूंजी में भी भारी कमी आई।

यह स्थिति निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है कि केवल एग्जिट पोल्स पर भरोसा नहीं करना चाहिए और अपने निवेश के फैसले सोच-समझकर और ठोस विश्लेषण पर आधारित करने चाहिए।

इस घटना के बाद, यह आवश्यक है कि भविष्य में एग्जिट पोल्स की सटीकता और उनके प्रभाव पर कड़ी नजर रखी जाए। निवेशकों को भी चाहिए कि वे अपने निवेश निर्णय लेने में सावधानी बरतें और केवल एग्जिट पोल्स के आधार पर निर्णय न लें।

इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए निवेशकों को दीर्घकालिक दृष्टिकोण और मजबूत अनुसंधान पर आधारित रणनीतियों को अपनाना चाहिए।

राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव

इस घटना ने न केवल आर्थिक बल्कि राजनीतिक माहौल को भी गरमा दिया है। कई राजनीतिक दलों का आरोप है कि एग्जिट पोल्स का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए किया गया और इसका सीधा असर निवेशकों पर पड़ा। यह आरोप और भी गंभीर हो जाते हैं जब यह देखा जाता है कि कुछ व्यक्तियों और ब्रोकर्स ने इस अवसर का गलत फायदा उठाया।

इस स्थिति को देखते हुए, बाजार नियामक और संबंधित एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने चाहिए कि एग्जिट पोल्स की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष हो। इसके साथ ही, निवेशकों को जागरूक करने के लिए भी कदम उठाने की जरूरत है ताकि वे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बच सकें।

गलत एग्जिट पोल्स के कारण हुआ यह नुकसान निवेशकों के लिए एक कड़ा सबक है। यह घटना दर्शाती है कि बाजार में निवेश करते समय केवल एग्जिट पोल्स पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। निवेशकों को हमेशा विस्तृत विश्लेषण और सूचित निर्णयों पर ध्यान देना चाहिए ताकि इस प्रकार की अप्रत्याशित घटनाओं से बचा जा सके।

भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए आवश्यक है कि निवेशक सतर्क रहें और एग्जिट पोल्स की सटीकता और उनके संभावित प्रभावों पर गहन विचार करें। इस प्रकार की घटनाएं यह भी दर्शाती हैं कि बाजार की स्थिरता के लिए पारदर्शिता और निष्पक्षता का होना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

SHUBHAM SHARMA

Khabar Satta:- Shubham Sharma is an Indian Journalist and Media personality. He is the Director of the Khabar Arena Media & Network Private Limited , an Indian media conglomerate, and founded Khabar Satta News Website in 2017.

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