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Earthquake In Seoni: सिवनी में भूकंप के झटके, 2 बजकर 52 मिनिट पर तीव्रता 2.5 दर्ज

Earthquake In Seoni: सिवनी: मध्यप्रदेश के सिवनी जिला मुख्यालय में आज दोपहर 2 बजकर 52 मिनट पर भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.5 मापी गई है। भूकंप का केंद्र सिवनी जिला मुख्यालय ही था, जो कि जमीन से लगभग 5 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था।

हालांकि भूकंप की तीव्रता ज्यादा नहीं थी, लेकिन अचानक आए इस झटके से लोगों में डर का माहौल बन गया। कई लोग अपने घरों और कार्यालयों से बाहर निकल आए। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे शांत रहें और अफवाहों पर ध्यान न दें।

फिलहाल, इस भूकंप से किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि की सूचना नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामूली भूकंप से बड़ी हानि की संभावना कम होती है, लेकिन फिर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।

भूकंप के इस झटके ने लोगों को एक बार फिर से प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सजग रहने की आवश्यकता का एहसास दिलाया है। प्रशासन द्वारा स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां की जा रही हैं।

सिवनी में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल ने धूमधाम से मनाया षष्टीपूर्ति स्थापना दिवस; निकाली गई विशाल वाहन रैली

Seoni News: सिवनी में रविवार का दिन सिवनी जिला मुख्यालय के लिए विशेष था, क्योंकि इस दिन विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने अपने षष्टीपूर्ति स्थापना दिवस को धूमधाम से मनाया। इस मौके पर सिवनी नगर में एक विशाल वाहन रैली का आयोजन किया गया, जिसमें श्रीराम के जयकारों और भगवा ध्वज के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया गया।

रैली की शुरुआत मठ मंदिर सिवनी से हुई, जहाँ पहले श्रीराम दरबार की पूजा अर्चना की गई। इसके बाद, भारत माता की जय, जय श्रीराम, और हर हर महादेव के नारों के साथ यह रैली नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए वापस मठ मंदिर में समाप्त हुई।

जनसमर्थन और पुष्प वर्षा

रैली के दौरान नगरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और मार्ग में उपस्थित लोगों ने पुष्प वर्षा कर रैली का स्वागत किया। इस आयोजन में महिलाओं की भी बड़ी संख्या में भागीदारी रही, जिन्होंने जय श्रीराम और भारत माता की जय के नारों के साथ इस आयोजन को भव्यता प्रदान की।

विहीप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का संबोधन

इस अवसर पर विहीप और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में देश के बलिदानियों को याद किया और उनकी उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों पर चलने और हिन्दू धर्म के अनुयायियों को जाति पाती के भेदभाव को भूलकर भारत माता की सेवा में समर्पित होने की प्रेरणा दी।

धर्म रक्षा और राष्ट्र रक्षा के लिए संकल्प

इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रांत और जिला स्तर के आम कार्यकर्ताओं का सम्मान भी किया गया। उन्हें श्री फल, शॉल और भगवा दुपट्टा देकर सम्मानित किया गया। संबोधन के बाद, सभी उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर राष्ट्र रक्षा, गौ रक्षा, और धर्म रक्षा के लिए संकल्प लिया।

भव्य आयोजन का संदेश

यह आयोजन न केवल सिवनी नगर में बल्कि पूरे जिले में एक उत्साह और जागरूकता का माहौल बनाने में सफल रहा। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने अपने स्थापना दिवस पर इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया कि धर्म, राष्ट्र, और संस्कृति की रक्षा के लिए हमें सदैव तत्पर रहना चाहिए।

इस भव्य आयोजन ने सिवनी नगर और आस-पास के क्षेत्रों में हिन्दू धर्म के अनुयायियों के बीच एक नई ऊर्जा और जोश का संचार किया है। विहीप और बजरंग दल का यह आयोजन न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने में सफल रहा, बल्कि यह भी संदेश दिया कि हमें एकजुट होकर देश और धर्म की सेवा में समर्पित रहना चाहिए।

MP की महिला ने 2 बार गर्भपात के बाद सरकारी अस्पताल से 4 दिन का बच्चा चुराया

दमोह (मध्य प्रदेश): गुरुवार को दमोह जिला अस्पताल के प्रसूति वार्ड से एक महिला ने कथित तौर पर 4 दिन की बच्ची को चुरा लिया। पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी क्लिप को ट्रैक करने के बाद आरोपी को पकड़ लिया और बच्ची को उसकी मां को सौंप दिया। 

आरोपी की पहचान लक्ष्मी सेन के रूप में हुई है। उसने बच्चा चुराने की बात कबूल की है, क्योंकि उसका दो बार गर्भपात हो चुका था और वह बच्चा चाहती थी।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, उमराव गांव की रहने वाली वर्षा आदिवासी ने 26 अगस्त को पथरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक बच्ची को जन्म दिया था। बच्ची की तबीयत खराब होने पर उसे 28 अगस्त को दमोह जिला अस्पताल रेफर किया गया था। उसी दिन मां और बेटी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

दोपहर करीब तीन बजे लक्ष्मी वर्षा के पास आई और बच्चे के बारे में बात करने लगी। वर्षा जब सो गई तो वह बच्चे को लेकर भाग गई। जब वर्षा जागी तो उसने देखा कि बच्चा उसके पास नहीं है। 

डर के मारे वह जोर-जोर से चिल्लाने लगी और बच्चे को ढूंढने लगी। अस्पताल के कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी और पुलिस मौके पर पहुंची। पूछने पर वर्षा ने पुलिस को बताया कि उसे एक महिला पर शक था, जिसने काली साड़ी पहनी हुई थी। 

पुलिस ने बच्चे को उसकी मां से मिलवाया

पुलिस ने लगभग 150 कैमरों की मदद से उस महिला का पता लगाया जो बच्चा चुराकर ले गई थी। पुलिस ने 8 घंटे तक उसे ट्रैक करने के बाद आरोपी को ढूंढ निकाला और लक्ष्मी को अस्पताल ले गई जहां उसने दावा किया कि बच्चा उसका है।

जांच के बाद यह साबित हो गया कि वर्षा ही बच्चे की मां है और बच्चे को उसके साथ मिला दिया गया। 

बताया गया कि आरोपी लक्ष्मी का दो बार गर्भपात हो चुका है। चार महीने पहले ही उसके पति की मौत हो गई थी।

Ganesh Hake On Ajit Pawar: अजित पवार के साथ जाना हमारा दुर्भाग्य था! BJP ने फिर मारी लात…

Ajit Pawar News: बड़बोले मंत्री तानाजी सावंत के झूठा बयान देने के बाद कि एनसीपी के साथ बैठना ‘उल्टी’ है, अब अजित पवार के साथ जाना हमारा दुर्भाग्य है, बीजेपी ने भी एनसीपी को बाहर कर दिया है. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता गणेश हाके ने अहमदपुर में एक सार्वजनिक बैठक में यह बात रखी.

आगामी विधानसभा के मद्देनजर बीजेपी ने हर विधानसभा क्षेत्र में जनसंवाद यात्रा निकाली है. अहमदपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता गणेश हाके, उपाध्यक्ष अशोक केंद्रे, पूर्व विधायक बब्रुवान खंडाडे, भरत चामे ने जनसंवाद यात्रा निकाली.

इस यात्रा में स्थानीय बीजेपी नेताओं ने एनसीपी के मौजूदा विधायक बाबासाहेब पाटिल पर कटाक्ष किया. उनके भ्रष्टाचार का सार्वजनिक पंचनामा बनाकर भाजपा नेताओं ने अहमदपुर में सभा की। बीजेपी नेताओं ने शपथ ली है कि वे बाबा साहेब पाटिल को दोबारा विधायक नहीं बनने देंगे.

बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता गणेश हाके ने कहा कि अजित पवार के गुट के साथ गठबंधन दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने मोदी-शाह की नाराजगी पर असहमति जताते हुए कहा कि हमें अपने नेताओं द्वारा बनाया गया यह गठबंधन बिल्कुल पसंद नहीं आया.

महाराष्ट्र की जनता को बीजेपी का अजित पवार के साथ जाना पसंद नहीं आया. उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा. अजित पवार के साथ गठबंधन करके उन्होंने गलती की, लेकिन अब वह उस गलती को नहीं दोहराएंगे.’ हेक ने यह भी घोषणा की कि अगर अहमदपुर सीट भाजपा नहीं जीतती है तो हम निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे।

सिवनी का पहला स्मार्ट वर्कशॉप: डिजिटल क्रांति के साथ अनुराग होंडा सिवनी का नया कदम

Seoni News: तकनीकी उन्नति और डिजिटल युग के इस दौर में भारत लगातार ही अपने कदम बढाता जा रहा है, डिजिटल युग में हर क्षेत्र में बदलाव भी लगातार ही देखने को मिल रहे है। अनुराग होंडा सिवनी (Anurag Honda Seoni) भी इस दिशा में पीछे नहीं है।

ग्राहकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से, अनुराग होंडा सिवनी (Anurag Honda Seoni) ने अपने वर्कशॉप को आधुनिकतम तकनीक (Latest Technology) से लैस करके स्मार्ट वर्कशॉप (Smart Workshop) में परिवर्तित कर दिया है। इस स्मार्ट वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को सटीक, कुशल और समयबद्ध सेवा प्रदान करना है, जो उनके वाहनों की देखभाल और मरम्मत को एक नया आयाम देगा।

अनुराग होंडा सिवनी का स्मार्ट वर्कशॉप: लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का समागम

अनुराग होंडा सिवनी की स्मार्ट वर्कशॉप में ग्राहकों की सुविधा और उनकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नवीनतम उपकरणों और उन्नत तकनीकों का उपयोग किया गया है। इसमें वाहनों की सर्विसिंग और मरम्मत के लिए अत्याधुनिक मशीनरी और डायग्नोस्टिक टूल्स को बढ़ावा देते हुए शामिल किया है। ये उपकरण न केवल सटीकता को नहीं बढ़ाते हैं, बल्कि समय की बचत और गुणवत्ता को भी नया आयाम देते हैं।

इस वर्कशॉप में वाहनों के हर छोटे-बड़े हिस्से की अच्छी जांच के लिए लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाता है, जिससे ग्राहकों को अपने वाहनों की मेंटेनेंस में कोई भी कमी महसूस नहीं होती। साथ ही, वर्कशॉप के तकनीशियनों को भी इन नई तकनीकों के उपयोग के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है, ताकि वे ग्राहकों के वाहनों की मरम्मत और सर्विसिंग में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकें।

डिजिटल प्लेटफॉर्म: ग्राहकों के लिए एक नया और बहतरीन अनुभव

अनुराग होंडा सिवनी ने अपने ग्राहकों को और भी बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म (Digital Platform) भी लॉन्च किया है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राहक ऑनलाइन बुकिंग (Online Booking) कर सकते हैं, अपनी बुकिंग के स्टेटस (Booking Status) की जांच कर सकते हैं और अपने वाहन की सर्विसिंग के बारे में सारी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह प्लेटफॉर्म ग्राहकों को वर्कशॉप से जुड़ी हर जानकारी रियल टाइम में उपलब्ध कराता है, जिससे उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ता।

इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का सबसे बड़ा लाभ यह है कि ग्राहक अब ऑनलाइन अपॉइंटमेंट (Online Appointment) बुक कर सकते हैं, जिससे अब ग्राहकों को वर्कशॉप में जाकर समय बर्बाद करने की जरूरत नहीं होती। साथ ही, वे अपने वाहन की सर्विसिंग का स्टेटस भी जान सकते हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत संपर्क कर सकते हैं।

ग्राहक की संतुष्टि हमारी पहली प्राथमिकता – अखिलेश चौहान

अनुराग होंडा सिवनी में ग्राहक संतुष्टि को सर्वोपरि माना जाता है। अनुराग होंडा सिवनी के प्रबंध निदेशक अखिलेश सिंह चौहान के अनुसार, “ग्राहकों की संतुष्टि ही हमारा प्रमुख लक्ष्य है और इसके लिए हम हमेशा से ही अत्याधुनिक तकनीकों और सेवाओं का उपयोग करते आ रहे हैं। स्मार्ट वर्कशॉप की शुरुवात भी इसी दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे हम अपने ग्राहकों को और भी बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकें।”

स्मार्ट वर्कशॉप के माध्यम से, ग्राहकों को न केवल उनके वाहनों की उच्च गुणवत्ता वाली सर्विसिंग और मरम्मत प्राप्त होगी, बल्कि उन्हें एक नया और बेहतर अनुभव भी मिलेगा। इस वर्कशॉप में काम की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार हुआ है, जिससे ग्राहक भी अत्यधिक संतुष्ट हैं।

सिवनी के पहले स्मार्ट वर्कशॉप का उद्घाटन

अनुराग होंडा सिवनी की स्मार्ट वर्कशॉप का उद्घाटन 29 अगस्त 2024 को बड़े धूमधाम से किया गया। इस अवसर पर कई स्थानीय गणमान्य व्यक्ति और होंडा मोटर साइकिल एंड स्कूटर इंडिया लि की ओर से जोनल हेड हर्ष बहल, एरिया मैनेजर सौरभ सेन भी उपस्थित थे। उन्होंने वर्कशॉप की नई सुविधाओं की सराहना की और इसे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

कार्यक्रम के दौरान, वर्कशॉप की लेटेस्ट टेक्नोलॉजी और उपकरणों का प्रदर्शन किया गया, जिससे उपस्थित लोग अत्यधिक प्रभावित हुए। स्थानीय नेताओं ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम ग्राहकों के अनुभव को और भी बेहतर बनाएगा और क्षेत्र में तकनीकी विकास को बढ़ावा देगा।

भविष्य की योजनाएं: ग्राहकों के लिए और भी नई सुविधाएं

अनुराग होंडा सिवनी अपने ग्राहकों को और भी बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। स्मार्ट वर्कशॉप के बाद, हमारी योजना है कि हम अपने ग्राहकों को ऑनलाइन रिपेयर ट्रैकिंगवर्चुअल कंसल्टेशन और रिमोट असिस्टेंस जैसी नई सुविधाएं भी प्रदान करें, जिससे वे अपने वाहन की समस्याओं का समाधान और भी आसानी से कर सकें और यदि हमारे ग्राहकों को रास्ते में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी आती है तो उसके लिए भी तुरंत उसी स्थान पर सर्विसिंग की सुविधा या फिर ग्राहकों को दूसरी गाडी प्रदान कर उनकी गाडी को वर्कशॉप तक लाना जैसी सुविधा प्रदान करने पर कार्य किया जा रहा है.

हमारी टीम इस दिशा में लगातार काम कर रही है और हम आश्वस्त हैं कि हमारे ये प्रयास ग्राहकों के अनुभव को और भी बेहतर बनाएंगे और हमारी सेवाओं की गुणवत्ता में वृद्धि करेंगे। ग्राहक संतुष्टि हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है और इसके लिए हम हर संभव प्रयास करते रहेंगे।

Facebook App Icon Black: फेसबुक ने बदला एप्प लोगो, अब काला दिखा रहा फेसबुक का लोगो

Facebook App Icon Black: हाल ही में, फेसबुक ऐप के एक नए अपडेट के बाद उपयोगकर्ताओं ने अपने फोन पर ऐप शॉर्टकट के बदलते स्वरूप पर ध्यान दिया और इस पर प्रतिक्रिया देने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है।

सामान्यतः सफेद पृष्ठभूमि पर नीले रंग का “F” आइकन दिखाई देता है, लेकिन अब कुछ उपयोगकर्ताओं के लिए यह आइकन काले रंग की पृष्ठभूमि के साथ नीले “एफ” के रूप में प्रदर्शित हो रहा है। इस बदलाव ने कई उपयोगकर्ताओं को आश्चर्यचकित कर दिया और उन्होंने इसे लेकर अपनी चिंता जाहिर की।

उपयोगकर्ताओं के प्रश्न और प्रतिक्रियाएँ

एक प्रारंभिक पोस्ट में, एक उपयोगकर्ता ने प्रश्न किया, “नवीनतम संस्करण के साथ रंग अजीब हो गया है। मैंने इसे दो बार हटा दिया और पुनः स्थापित किया। अभी भी समस्या ठीक नहीं हुई है। कोई सुझाव?” इस प्रकार के सवालों ने अन्य उपयोगकर्ताओं के अनुभवों को भी उजागर किया। दर्जनों उत्तरदाताओं ने अपने अनुभव साझा किए, जिनमें से कई ने कहा कि ऐप अपडेट के बाद आइकन की पृष्ठभूमि गहरे रंग की हो गई है।

Facebook App Icon Change

कुछ उपयोगकर्ताओं ने इस बदलाव के कारणों के बारे में अनुमान लगाए। कई लोगों ने माना कि यह एक गड़बड़ी हो सकती है, जबकि कुछ ने कहा कि यह Apple के iOS 18 के अपेक्षित डार्क मोड फ़ंक्शन से संबंधित हो सकता है, जिसमें अब कुछ बीटा परीक्षकों का उपयोग किया जा रहा है। अन्य उपयोगकर्ताओं ने इस परिवर्तन को फेसबुक के यूआई डिज़ाइन में एक स्थायी बदलाव के रूप में देखा।

Facebook App Black Icon – क्या यह एक नई थीम का हिस्सा है?

कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि फेसबुक इस नए डार्क थीम को अपने ऐप में शामिल करने का परीक्षण कर सकता है, जिससे ऐप का उपयोग रात में अधिक आरामदायक हो सकता है। हालांकि, इस बारे में अभी तक फेसबुक की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कैसे अपडेट के बाद फेसबुक का आइकन काला हो गया

हमारे द्वारा किए गए परीक्षण में, हमने पाया कि आज सुबह हमारे आईफोन पर फेसबुक आइकन सामान्य दिखाई दे रहा था। लेकिन जैसे ही हमने ऐप का नया अपडेट इंस्टॉल किया, आइकन की पृष्ठभूमि काले रंग की हो गई। यह ध्यान देने योग्य है कि हमारा फोन डार्क मोड में नहीं था, फिर भी आइकन का रंग बदल गया। इसके अतिरिक्त, हमने अपने फोन के लिए iOS 17.6.1 का अपडेट भी इंस्टॉल किया, लेकिन इससे फेसबुक आइकन की पृष्ठभूमि में कोई परिवर्तन नहीं आया।

फेसबुक आइकन में बदलाव के पीछे का तकनीकी कारण

तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, यह संभव है कि फेसबुक ने अपने ऐप के यूजर इंटरफेस को अधिक अनुकूल बनाने के लिए यह बदलाव किया हो। यह भी संभव है कि फेसबुक ऐप के आइकन का रंग डार्क मोड के साथ अनुकूलित किया जा रहा हो, जो कि Apple के आगामी iOS संस्करणों में और अधिक सामान्य हो सकता है।

यह देखना दिलचस्प होगा कि फेसबुक इस आइकन परिवर्तन पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या यह एक स्थायी बदलाव है या सिर्फ एक अस्थायी परीक्षण। उपयोगकर्ताओं की प्रतिक्रियाएँ और उनकी समस्याओं का समाधान फेसबुक के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि यह सीधे ऐप के उपयोगकर्ता अनुभव को प्रभावित करता है।

सिवनी कलेक्टर के अभिमत के बाद होगी कार्रवाई, शासकीय जमीन में हुआ था संशोधन

Seoni, Barghat News: धारा 115 के तहत की गई है कार्रवाई की मांग, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बरघाट के न्यायालय में धारा 115 के तहत प्रकरण दर्ज मामले में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बरघाट के द्वारा उपरोक्त प्रकरण जिला कलेक्टर सिवनी को अभिमत के लिए प्रेषित किया गया है। ऐसी स्थिति में धारा 115 के तहत जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन प्रदान किए जाने के बाद बहुत जल्द शासकीय जमीन के निजी तौर पर संशोधन मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आ सकती है।

उल्लेखनीय है कि आवेदक संतोष शुक्ला के धारनाकला प. ह. न. 39 राजस्व नि. म. व तहसील बरघाट के द्वारा आवेदित शासकीय भूमि खसरा न. 596/960/1 रकबा 0.57 हे0 स्थित भूमि जो मौजा ग्राम धारनाकला में स्थित है, का सीमांकन दुरुस्त किए जाने हेतु जांच प्रतिवेदन अनुविभागीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था, जिसमें न्यायालय में प्रकरण प्रारंभ भी किया गया।

प्रकरण दर्ज हेतु पूर्व से ही प्रयास

उल्लेखनीय है कि राजस्व प्रकरण कृ./50/अ-6/1990-91 आदेश दिनांक 14.10.1991 के अनुसार संशोधित होकर शासकीय भूमि 0.59 हे. के स्थान पर 0.57 हे. दर्ज कर 0.02 हे. की कमी की गई है। रिकॉर्ड के आधार पर रकबा दुरुस्त कर शासकीय भूमि के रकबे में वर्ष 1991 के पूर्व की स्थिति के अनुसार 0.59 हे. भूमि दर्ज किया जाकर अनावेदक गणों के नाम से मूल खसरा न. 596/960 के हुए पांच बंटाकों को निरस्त करते हुए संपूर्ण भूमि को मूल खसरा में सम्मिलित किया जाकर आदेश दिनांक 14.10.1991 में हुई त्रुटि को दुरुस्त किया जाकर राजस्व अभिलेख दुरुस्त किया जाना न्याय संगत है, के तहत आवेदक द्वारा कार्रवाई की मांग अनुविभागीय न्यायालय बरघाट में रखी गई है।

करोड़ों रुपये मूल्य की है संशोधित शासकीय जमीन

यहां यह बताना भी लाजमी है कि संशोधित भूमि आज की स्थिति में करोड़ों रुपये मूल्य की है तथा उपरोक्त संशोधित भूमि को लेकर शासकीय जमीन पर पचास से अधिक कमरों का निर्माण सुगम काम्प्लेक्स के रूप में हो सकता है तथा बेरोजगार युवकों के रोजगार के अवसर भी प्रशस्त हो सकते हैं। किन्तु आज की स्थिति में कुछ भूमाफियाओं ने शासकीय जमीन को रोड के किनारे तक अपने कब्जे में लेकर रखे हुए हैं तथा शासकीय जमीन का खुलेआम दोहन कर रहे हैं।

सीमांकन में पटवारी ने दी रिपोर्ट

उल्लेखनीय है कि आवेदक के आवेदन पर हल्का पटवारी के द्वारा भूमि का सीमांकन करते हुए भी तहसीलदार बरघाट को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए भूमि में अवैध कब्जा तथा अवैध रूप से भूमि का विक्रय किया जाना भी पाया गया। मिशल बंदोबस्त क्रमांक 291 वर्ष 1988-89 के अभिलेखों में खसरा नंबर 960 रकबा 0.59 हे. भूमि जनपद सभा सिवनी के नाम से दर्ज है। इस प्रकार मिशल बंदोबस्त एवं वर्तमान खसरा की तुलना पर उक्त भूमि का मेन रोड से लगा कीमती हिस्सा 0.02 हे. रकबा कम होना भी पाया गया है।

जनपद पंचायत बरघाट के नाम पर दर्ज होगी जमीन

उल्लेखनीय है कि वर्तमान में यह भूमि राजस्व रिकॉर्ड में जनपद सभा सिवनी के नाम पर दर्ज है, किन्तु बहुत जल्द सूत्रों की मानें तो जिला प्रशासन के निर्देश के बाद धारनाकला मेन रोड में स्थित भूमि जनपद पंचायत बरघाट के नाम पर दर्ज होगी तथा उपरोक्त भूमि पर जनपद पंचायत बरघाट के द्वारा पूर्व में भी सुगम काम्प्लेक्स निर्माण का प्रयास किया गया था, किन्तु भूमि सिवनी जनपद सभा के नाम से दर्ज होने के कारण सुगम कांप्लेक्स का सपना अधूरा ही रह गया था। भूमि जनपद पंचायत बरघाट के नाम पर दर्ज होने के पश्चात वर्तमान जनपद पंचायत बरघाट की टीम इस कीमती भूमि की क्या रूपरेखा तैयार करती है, आने वाला समय ही बताएगा।

सिवनी: करोड़ों की वसूली की कार्रवाई जांच में ही सिमटी, कलेक्टर के आदेश पर भी नहीं हुआ अमल

Seoni, Barghat News : आदिम जाति सहकारी समिति में व्याप्त अनियमितताओं की जांच विगत छह माह से जारी है। चाहे वह धान शॉर्टेज की वसूली हो अथवा लाखों रुपये के खाली बारदानों में हुई हेराफेरी का मामला हो, यह सब सिर्फ विभागीय जांच की औपचारिकता में सिमटकर रह गया है। वैसे तो आदिम जाति सहकारी समिति में दर्जनों अनियमितताएँ हैं, जिनके चलते समिति को लाखों से करोड़ों रुपये की आर्थिक क्षति हुई है।

वर्तमान स्थिति में समिति घाटे के दौर से गुजर रही है। यहाँ तक कि समिति में कार्यरत कर्मचारियों को भी वेतन देने के लाले पड़े हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ, किसानों से जुड़ी इस समिति में निष्पक्ष कार्रवाई के बजाय केवल जांच के नाम पर स्वार्थ की रोटी ही सेकी जा रही है। किन्तु किसानों से जुड़ी इस संस्था को पटरी पर लाने के प्रयास सिर्फ जांच तक ही सिमटकर रह गए हैं।

सिवनी कलेक्टर के आदेश पर भी नहीं हुआ अमल

उल्लेखनीय है कि वैसे भी सहकारी समितियाँ किसी न किसी मामले में आए दिन सुर्खियों में बनी रहती हैं, किन्तु आदिम जाति सहकारी समिति के ज़िम्मेदारों से बारदानों तथा धान शॉर्टेज की वसूली के निर्देश जिला कलेक्टर से जारी होने के पश्चात भी सम्बंधित विभाग द्वारा पत्र पर अमल न होना, वैसे ही आदिम जाति सहकारी समिति लालपुर को चर्चित कर रहा है। जबकि जिला कलेक्टर से जारी पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि समिति के ज़िम्मेदारों से वसूली की कार्रवाई कर राशि मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन को उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।

किन्तु एक वर्ष से ज्यादा का समय बीतने के बाद भी जिला कलेक्टर के पत्र पर कार्रवाई न होना विभागीय उदासीनता तथा निष्क्रियता को स्पष्ट प्रदर्शित करता है। वहीं सूत्रों की मानें तो उप पंजीयक सहकारिता सिवनी से जांच दल गठित कर जांच तो करवाई गई, किन्तु वसूली की कार्रवाई अब तक नहीं की गई। वहीं वर्तमान में भी समिति की केवल जांच की प्रक्रिया ही प्रारम्भ हो रही है।

ऐसी स्थिति में यह भी अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब जिला कलेक्टर के पत्र पर यह आलम है, तो सामान्य लोगों की शिकायत पर क्या सम्बंधित विभाग द्वारा कार्रवाई होती है? जबकि सहकारी समितियाँ किसानों से जुड़ी समितियाँ हैं, जहाँ हजारों की तादाद में और दर्जनों गांवों के किसानों का खाद, बीज से लेकर के सीसी लोन के रूप में लेनदेन चलता है। किसानों से जुड़ी समितियों की विभागीय उदासीनता के चलते यह स्थिति समझ से परे है।

खुले बाजार में बिक गए लाखों के खाली बारदाने

उल्लेखनीय है कि आदिम जाति सहकारी समिति लालपुर को विभिन्न धान उपार्जन केंद्रों में नए तथा पुराने बारदाने मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन सिवनी से प्राप्त हुए थे, जिन्हें खरीदी उपरांत वापस करना था। किन्तु बचे हुए लाखों खाली नए तथा पुराने बारदाने खुले बाजार में ज़िम्मेदारों द्वारा बेच दिए गए। विक्रित बारदानों की राशि न तो समिति खातों में जमा की गई और न ही मध्य प्रदेश सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन को जमा की गई।

ऐसी स्थिति में लाखों रुपये के खाली बारदानों की राशि की लेनदारी समिति के खाते में बढ़ती चली गई और समिति को मिलने वाला कमीशन भी नहीं मिल पाया। इसके चलते धीरे-धीरे ज़िम्मेदारों की कारगुजारियों और स्वार्थ के कारण समिति की आर्थिक स्थिति कमजोर होती चली गई और समिति के ज़िम्मेदार मालामाल होते चले गए।

धान शॉर्टेज की राशि भी लाखों में

उल्लेखनीय है कि आदिम जाति सहकारी समिति लालपुर द्वारा वर्ष 2022-23 में भी धान उपार्जन का कार्य किया गया था, जिसमें धारनाकला और धोबी सर्रा केंद्र में लगभग 1650 क्विंटल धान का शॉर्टेज देते हुए लगभग तैंतीस लाख रुपये की आर्थिक क्षति पहुँचाई गई। इस कारण से भी समिति को धान उपार्जन के कार्य के कमीशन से वंचित होना पड़ा है। धान उपार्जन की नीति और नियमों के आधार पर धान शॉर्टेज की राशि की वसूली धान खरीदी प्रभारी से होना सुनिश्चित है, किन्तु विभागीय सांठगांठ के चलते इस नियम पर आज तक ध्यान नहीं दिया गया। विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत को उजागर करता है।

जबकि वास्तविकता पर ध्यान दिया जाए तो समिति को मिलने वाले कमीशन की राशि की धान शॉर्टेज की कहानी पहले ही समिति के ज़िम्मेदारों द्वारा तैयार की जा चुकी है, जिस पर विभाग द्वारा आज तक अमल नहीं किया गया। यही कारण है कि लालपुर ही नहीं, अपितु जिले की अधिकांश सहकारी समितियों में शॉर्टेज का दंश चलता आ रहा है, जिस ओर विभागीय उदासीनता समितियों को गर्त में ले जाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।

एक नहीं अनेकों समितियाँ हैं इस दायरे में

यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि लालपुर ही नहीं, अपितु अनेकों समितियाँ इस दायरे में आती हैं। किन्तु ज़िम्मेदार विभाग और अधिकारी अपनी स्वार्थ की नीति अपनाते हुए ठोस कार्रवाई से दूर हैं और जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं। जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण लालपुर है, जहाँ लगभग छह माह से जांच की खानापूर्ति की कार्रवाई जारी है।

दागदारों के हाथों सौंप दी समिति की कमान

यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि IBPS फार्म इंस्टीट्यूट ऑफ पर्सनल सिलेक्शन के तहत आदिम जाति सहकारी समिति लालपुर तथा बृहदाकार सहकारी समिति आष्टा में समिति प्रबंधक के रूप में अनामिका निकोषे तथा प्राची शर्मा द्वारा समिति प्रबंधक का प्रभार लेकर कार्य किया जा रहा था। किन्तु इनका अच्छा कार्य और किसानों को समय पर मिलने वाली सुविधाएँ और लाभ रास नहीं आया और इन्हें हटाकर दागदार समिति के पूर्व समिति प्रबंधक, जो अनियमितताओं के चलते निलंबित थे, उन्हें समिति का प्रभार देते हुए समिति प्रबंधक बना दिया गया।

जब इस संबंध में ज़िम्मेदार समिति के प्रशासक से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि नव नियुक्त समिति प्रबंधक का दो माह का प्रशिक्षण पूर्ण न होने के कारण उन्हें हटाया गया है। जबकि जिन्हें वर्तमान में समिति प्रबंधक का प्रभार सौंपा गया है, उनकी दर्जनों शिकायतों के चलते उन्हें निलंबित किया जा चुका है और वर्तमान में भी लाखों रुपये की रिकवरी उन पर शेष है।

बावजूद इसके उन पर मेहरबानी और वास्तव में जिसे समिति प्रबंधक के रूप में नियुक्त किया गया था, उसे हटाना विभागीय निष्क्रियता को प्रदर्शित करता है।अब देखना होगा की क्या जिले की संवेदनशील जिला कलेक्टर इस ओर ध्यान देकर कार्रवाई करेगी?