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सिवनी: सनातन धर्म पर अभद्र टिप्पणी मामले में पहुंचे थे मयूर दुबे थाने, धनराज बरकडे हुए लाइन अटैच तो बनाया गया जातिवाद वाला माहौल!

Seoni News: सिवनी जिला मुख्यालय में रक्षाबंधन के पूर्व सकलैन हैदर नामक युवक द्वारा यान खान नाम से फेसबुक पर अकाउंट बनाकर सनातन धर्म के खिलाफ एक अभद्र टिप्पणी वाली स्टोरी फेसबुक पर साझा की थी. जिसके बाद सिवनी के मयूर दुबे (Mayoor Dubey) द्वारा कोतवाली पहुंचकर इस मामले से पुलिस को अवगत कराया और साथियों द्वारा शिकायत भी थाने में दर्ज करवाई.

शिकायत दर्ज होने के बाद भी जब सकलैन हैदर की गिरफ्तारी नहीं हुई तो मयूर दुबे द्वारा थाने जाकर इस मामले में अपडेट जानना चाहा तो रक्षाबंधन त्यौहार का हवाला देते हुए पुलिस कर्मियों ने रक्षाबंधन के बाद इस मामले को हल करने की बात कही जिसके बाद मयूर दुबे द्वारा समझदारी दिखाते हुए कि त्यौहार का समय है ये सोचकर वापस आगए.

रक्षाबंधन के बाद भी जब सकलैन हैदर की गिरफ्तारी नहीं हुई तो मयूर दुबे फिर कोतवाली पहुंचे तब भी पुलिस कर्मियों द्वारा टालमटोल तरीके से मामला टाला जा रहा था लेकिन देखते ही देखते युवा हिन्दू उत्सव समिती के कार्यकर्ता भी कोतवाली पहुंच गए. 15 – 20 युवाओं को देखकर पुलिस कर्मियों ने कहा की एक टीम सकलैन हैदर की गिरफ्तारी के लिए नागपुर गयी हुई है. कल तक आरोपी को पकड़ लिया जाएगा.

जिसके बाद मयूर दुबे द्वारा पुलिस कर्मियों को बताया गया की आरोपी सकलैन हैदर सिवनी में ही है आपकी टीम नागपुर किस लिए गई है तब सभी युवाओं को मामला समझ आया कि सिवनी पुलिस द्वारा सिर्फ टाला जा रहा है.

कोतवाली के सामने हनुमान चालीसा का पाठ – 15 मिनिट में आरोपी सकलैन हैदर गिरफ्तार

तो सभी युवाओं ने एक स्वर में कहा की ठीक है आपकी टीम आरोपी सकलैन हैदर को नागपुर से पकड़कर लाए या फिर वो अभी अपने घर में है वहां से लाए जब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं होगी हम सभी थाने के सामने बैठकर शांतिपूर्ण तरीके से हनुमान चालीसा का पाठ निरंतर करेंगे.

जिसके बाद पुलिस पर दवाब बना और तुरंत पुलिस की टीम सिवनी स्थित आरोपी सकलैन हैदर के घर पहुंची और उसे गिरफ्तार कर महज 15 से 30 मिनिट के भीतर कोतवाली लेकर पहुंची. जिसके बाद मयूर दुबे और युवा हिन्दू उत्सव समिती के सभी सदस्य थाने से वापस पहुंचे.

रात को आरोपी सकलैन हैदर को छोड़ दिया गया?

मयूर दुबे को जानकारी लगी की पुलिस कर्मियों द्वारा आरोपी सकलैन हैदर को रात के समय छोड़ दिया गया है जिस वजह से मयूर दुबे कोतवाली पहुंचे और ड्यूटी में तैनात पुलिस कर्मियों से निवेदन किया कि मुझे एक बार आरोपी सकलैन हैदर को दिखा दीजिए की वो थाने में मौजूद है या नहीं बस यही बात थी जिसकी वजह से थाने में बहस बाजी होने लगी.

सनातन धर्म पर अभद्र टिप्पणी मामला कैसे बन गया जातिवाद का मामला!

बहस बाजी के बीच सिवनी कोतवाली थाने में मयूर दुबे और आरक्षक धनराज बरकड़े के बीच हुई बहस का वीडियो सामने आया. मयूर दुबे द्वारा आरोपी सकलैन हैदर थाने में उपस्थित है या उसे छोड़ दिया गया है जाने के लिए उसे दिखाने का निवेदन किया जा रहा था जिसके बाद मयूर दुबे और आरक्षक धनराज बरकड़े के बीच बहस शुरू हो गयी.

इस घटना के बाद आरक्षक धनराज बरकड़े को लाइन अटैच कर दिया गया है हालाँकि प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस कर्मी धनराज बरकड़े को लाइन अटैच करने की वजह मयूर दुबे द्वारा जिला पुलिस अधीक्षक महोदय से आरक्षक धनराज बरकड़े की शिकायत है जिसकी जांच एसपी द्वारा एडिशनल एसपी महोदय को दी जाना बताया जा रहा है. जांच किसी तरह से बाधित ना हो इस वजह से आरक्षक धनराज को लाईन अटैच किया गया. जिसके बाद से ही आदिवासी संगठन और कांग्रेस दोनों ही इस मामले में लगातार तीखी प्रतिक्रिया देते नजर आ रहे है।

आरक्षक धनराज बरकड़े और मयूर दुबे के बीच हुई बहस के वीडियो में…

आरक्षक धनराज बरकड़े और मयूर दुबे के बीच हुई बहस के वीडियो में मयूर दुबे द्वारा कहा गया कि आप मुझे ब्राह्मण होने की सजा दे रहे हो जिसके बाद आरक्षक धनराज बरकड़े ये कहते नजर आ रहे है कि क्या आप मुझे आदिवासी होने की सजा दे रहे हो और फिर आरक्षक धनराज बरकड़े मयूर दुबे का मोबाइल पकड़कर फेक देते है…

आरक्षक धनराज बरकड़े लाइन अटैच होने के बाद एक वीडियो जारी कर ये कहते नजर आ रहे है कि मयूर दुबे ने थाने में आदिवासी समाज के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की। “हमने उन्हें अभद्रता नहीं की, बल्कि जातिसंगत बात करने से रोका। मयूर दुबे ने हमारे आदिवासी समाज के बारे में गलत बातें की और इसके बाद हमने उनका मोबाइल हटाया,” हालाँकि आरक्षक धनराज बरकड़े और मयूर दुबे के बीच हुई बहस के वीडियो में ऐसा कुछ नजर नहीं आया. जबकि आरक्षक धनराज बरकड़े ही मयूर दुबे का मोबाइल छीनकर नीचे पटकते नजर आए.

आरक्षक धनराज बरकड़े को लाइन अटैच होना और फिर मामला जातिवाद में बदलना!

आरक्षक धनराज बरकड़े के लाइन अटैच होते ही आदिवासी संगठन द्वारा लगातार ही इस मामले को जातिवाद जातिवाद कहकर नया मोड़ दे दिया गया. फिर क्या था कांग्रेस को भी मुद्दा मिल गया और कांग्रेस भी भाजपा पर हमलावर होती नजर आने लगी. सनातन धर्म पर अभद्र टिप्पणी करने का मामला तो किसी को ध्यान नहीं रहा उस पर ना तो आदिवासी संगठन कुछ बोला और ना ही कांग्रेस कुछ बोली इसके बाद से ही सभी को सिर्फ मयूर दुबे और भाजपा को घेरते नजर आ रहे है.

सिवनी जिला अस्पताल में दर्दनाक हादसा: EMT ट्रेनिंग छात्रा की गैलरी से गिरकर मौत

सिवनी: गुरुवार की दोपहर में जिला अस्पताल में एक बेहद दर्दनाक हादसा घटित हुआ, जिसमें EMT (इमरजेंसी मेडिकल टेक्निशियन) की एक ट्रेनिंग छात्रा की जान चली गई।

इस हादसे ने न केवल छात्रा के परिवार, बल्कि पूरे अस्पताल प्रबंधन को भी हिला कर रख दिया है। हादसा उस समय हुआ जब मां वैष्णवी स्किल EMT कॉलेज की कुछ छात्राएं बिना जाली वाली गैलरी में बैठकर आपस में बातें कर रही थीं।

हादसे का विवरण

सूत्रों के अनुसार, छात्राएं अस्पताल की गैलरी में बैठी हुई थीं। इस दौरान एक छात्रा का संतुलन बिगड़ गया और वह गैलरी से नीचे गिर गई। गिरने के बाद छात्रा को गंभीर चोटें आईं, जिसके कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इस पूरी घटना का एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हादसे का दर्दनाक दृश्य साफ तौर पर देखा जा सकता है।

अस्पताल प्रशासन पर लगे लापरवाही के आरोप

इस हादसे के बाद जिला अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और मृत छात्रा के परिजनों का कहना है कि अस्पताल की गैलरी में सुरक्षा के कोई पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।

खासकर, जिस गैलरी से छात्रा गिरी, उसमें कोई जाली नहीं थी, जोकि एक बड़ा सुरक्षा चूक माना जा रहा है। यह पहली बार नहीं है कि इस गैलरी में कोई घटना घटी हो; इससे पहले भी यहां परिजन या अन्य लोग बिना सुरक्षा के बैठते नजर आए हैं।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

हादसे के बाद अस्पताल प्रशासन ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वे इस मामले की जांच कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, घटना के बाद से अस्पताल में सुरक्षा उपायों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

जिला अस्पताल में हुई इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे से यह स्पष्ट होता है कि सुरक्षा उपायों में किसी भी प्रकार की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

अब देखना यह है कि अस्पताल प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या उपाय किए जाते हैं।

यह हादसा न केवल एक त्रासदी है, बल्कि एक चेतावनी भी है कि सुरक्षा उपायों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। उम्मीद है कि इस घटना के बाद जिला अस्पताल प्रबंधन सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर और सतर्क होगा।

विश्व हिन्दू परिषद् की स्थापना के 60 वर्ष पूर्ण: सिवनी में ऐतिहासिक विशाल वाहन रैली का आयोजन 01 सितंबर को

सिवनी – विश्व हिन्दू परिषद् (VHP) की स्थापना के 60 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में अनेकों भव्य कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। सिवनी जिले में भी इस महत्वपूर्ण अवसर को धूमधाम से मनाने के लिए विविध आयोजन किए जा रहे हैं। सिवनी जिला अध्यक्ष अखिलेश चौहान ने घोषणा की है कि 1 सितंबर 2024 को सिवनी में एक विशाल वाहन रैली का आयोजन मठ मंदिर प्रांगण से किया जाएगा, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक आयोजन होगा।

विश्व हिन्दू परिषद् की स्थापना: एक ऐतिहासिक यात्रा

विश्व हिन्दू परिषद् की स्थापना 29 अगस्त 1964 को श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन की गई थी। स्वामी चिन्मयानंद और एम.एस. गोलवलकर जैसे महान विचारकों की प्रेरणा से स्थापित इस संगठन का उद्देश्य हिंदू समाज की एकता को बढ़ावा देना और धर्म, संस्कृति और राष्ट्रीयता के प्रति जागरूकता फैलाना था। 1964 से लेकर 2024 तक के इस 60 साल के सफर में विश्व हिन्दू परिषद् ने हिंदू समाज के उत्थान के लिए अनेकों कार्य किए हैं।

सिवनी में विश्व हिन्दू परिषद् के 60 वर्ष पूर्ण होने का उत्सव

सिवनी जिला मुख्यालय में विश्व हिन्दू परिषद् के 60 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मठ मंदिर प्रांगण में एक विशाल वाहन रैली का आयोजन किया जा रहा है। इस रैली का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज के लोगों को एकजुट करना और संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाना है।

विशाल वाहन रैली: एक गौरवशाली परंपरा

विश्व हिन्दू परिषद् की ओर से हर वर्ष इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, लेकिन इस वर्ष का आयोजन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह संगठन के 60 वर्ष पूर्ण होने का अवसर है। इस रैली में हजारों की संख्या में लोग शामिल होंगे और यह रैली सिवनी की सड़कों पर गुजरते हुए पूरे शहर में एकता और समर्पण का संदेश फैलाएगी।

कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएँ

दिनांक: 1 सितंबर 2024, रविवार
समय: दोपहर 1 बजे
स्थान: मठ मंदिर प्रांगण, सिवनी

इस विशाल वाहन रैली के माध्यम से विश्व हिन्दू परिषद् सिवनी में हिंदू समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाने का प्रयास कर रहा है। यह रैली न केवल संगठन की उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि आने वाले वर्षों में संगठन की योजनाओं और उद्देश्यों की ओर भी ध्यान आकर्षित करती है।

कार्यक्रम की तैयारी और संगठन का योगदान

विशाल वाहन रैली की तैयारी जोर-शोर से की जा रही है। सिवनी के प्रमुख मार्गों पर विशेष व्यवस्था की जा रही है ताकि रैली के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। संगठन के सदस्य और स्थानीय युवा इस कार्यक्रम की तैयारी में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

हिंदू समाज के लिए विश्व हिन्दू परिषद् का योगदान

विश्व हिन्दू परिषद् ने पिछले 60 वर्षों में हिंदू धर्म और संस्कृति को संजोने और समाज को एकजुट करने के लिए अनेकों महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। संगठन ने धर्मांतरण के विरुद्ध आंदोलन, गौ रक्षा, मंदिरों के पुनरुद्धार, और अनेक सामाजिक सेवा के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

सिवनी जिले में विश्व हिन्दू परिषद् का प्रभाव

सिवनी जिले में विश्व हिन्दू परिषद् की गतिविधियाँ सदैव प्रभावशाली रही हैं। संगठन ने शैक्षिकसामाजिक, और धार्मिक क्षेत्रों में अपने कार्यों के माध्यम से जिले में एक विशेष पहचान बनाई है। संगठन के प्रयासों के परिणामस्वरूप, जिले में हिंदू समाज की एकता और जागरूकता में बढ़ोतरी हुई है।

सिवनी में होने वाली रैली का महत्व

1 सितंबर को होने वाली यह रैली केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हिंदू समाज के लिए एक संदेश है कि संगठन के उद्देश्य अभी भी प्रासंगिक हैं और आने वाले वर्षों में भी संगठन इसी तरह हिंदू समाज की सेवा करता रहेगा। यह रैली हिंदू समाज के हर व्यक्ति को संगठन की दिशा और उद्देश्यों के प्रति समर्पण का आह्वान करती है।

सिवनी के लोगों का उत्साह

सिवनी के लोग इस रैली को लेकर अत्यंत उत्साहित हैं। संगठन के सदस्यों द्वारा रैली के प्रचार-प्रसार में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। हर व्यक्ति इस रैली में शामिल होकर अपने धर्म और संस्कृति के प्रति अपने समर्पण को प्रकट करना चाहता है।

विश्व हिन्दू परिषद् की स्थापना के 60 वर्ष पूर्ण होने के इस विशेष अवसर पर आयोजित विशाल वाहन रैली हिंदू समाज के लिए एक प्रेरणादायक आयोजन होगा। यह रैली न केवल संगठन की उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि आने वाले वर्षों में संगठन की योजनाओं और उद्देश्यों की ओर भी ध्यान आकर्षित करती है। हम सभी से आग्रह करते हैं कि इस रैली में भाग लेकर संगठन के उद्देश्यों को और मजबूत करें।

SATTA BAZAR: हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए सट्टा बाजार के आंकलन ने BJP को दिया बड़ा झटका!

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SATTA BAZAR PREDICTION – हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024: हरियाणा में विधानसभा चुनाव की धूम मची हुई है, और सट्टा बाजार भी अब चुनावी भविष्यवाणियों के लिए सक्रिय हो चुका है। आगामी चुनावों को लेकर सट्टा बाजार ने जो अनुमान लगाए हैं, वे राजनीतिक माहौल को लेकर काफी चर्चित हो रहे हैं। कांग्रेस पार्टी को इस बार अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है, जबकि भाजपा के लिए यह चुनाव चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।

SATTA BAZAR PREDICTION Haryana Election – सट्टा बाजार का वर्तमान आकलन

हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 के लिए सट्टा बाजार ने एक दिलचस्प भविष्यवाणी की है। सट्टा बाजार के मुताबिक, कांग्रेस पार्टी को इस बार 56 से 58 सीटों पर जीत मिल सकती है, जिससे पार्टी को राज्य में बहुमत प्राप्त हो सकता है। इस अनुमान के अनुसार, कांग्रेस की स्थिति मजबूत होती दिखाई दे रही है और वे सत्ता में आने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

भाजपा का संभावित प्रदर्शन

भाजपा को इस चुनाव में 24 से 26 सीटें मिल सकती हैं। इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा को इस बार अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकती। इस साल की शुरुआत में भाजपा ने मुख्यमंत्री बदलने का निर्णय लिया था, जिसमें मनोहरलाल खट्टर की जगह नायब सिंह सैनी को मुख्यमंत्री बनाया गया था। सट्टा बाजार के अनुसार, इस बदलाव का भाजपा के चुनावी प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

कांग्रेस के संभावित लाभ

कांग्रेस पार्टी को सट्टा बाजार द्वारा दी गई सीटें आगामी चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन को लेकर उत्साहजनक संकेत दे रही हैं। कांग्रेस ने अपनी चुनावी रणनीतियों को पहले से ही तैयार कर लिया है और पार्टी की कोशिश है कि वे हरियाणा में अपनी स्थिति को मजबूत कर सकें। कांग्रेस के नेताओं ने राज्य में विकास परियोजनाओं और जनहित की योजनाओं को प्रमुख मुद्दा बनाया है, जो चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं।

अन्य दलों का संभावित प्रदर्शन

सट्टा बाजार के मुताबिक, जननायक जनता पार्टी (JJP), इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) और आम आदमी पार्टी (AAP) बाकी की 5-6 सीटों पर जीत दर्ज कर सकती हैं। पिछले चुनावों में JJP ने 10 सीटें जीती थीं, लेकिन इस बार उनके प्रदर्शन में कमी देखी जा सकती है।

सट्टा बाजार की संभावनाएं: एक सावधानीपूर्ण दृष्टिकोण

सट्टा बाजार के आकलनों पर ध्यान देते समय यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि ये अनुमान केवल पारंपरिक सट्टा और अनुमानों पर आधारित होते हैं और चुनावी परिणामों को निश्चित नहीं करते। सट्टा खेलना गैर-कानूनी है और इसके परिणाम हमेशा गलत भी हो सकते हैं।

सत्तावादी दलों के रणनीतिक कदम

हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान प्रमुख दलों ने अपने चुनावी अभियान को एक नई दिशा दी है। कांग्रेस पार्टी ने अपने विकास कार्यों और जनहित योजनाओं को प्राथमिकता दी है, जबकि भाजपा ने विभिन्न जातियों को गोलबंद करने की कोशिश की है। भाजपा का ध्यान विशेषकर गैर-जाट जातियों पर केंद्रित है, जिससे उन्हें चुनावी लाभ मिलने की उम्मीद है।

सत्ता बाजार की भविष्यवाणियों का असर

सत्ता बाजार के अनुमान राजनीतिक दलों और मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं, लेकिन इनका वास्तविक चुनावी परिणामों पर सीधा प्रभाव नहीं होता। चुनावी रणनीतियों और कार्यकर्ताओं की मेहनत भी परिणामों को प्रभावित कर सकती है।

सट्टा बाजार के आंकड़े और उनकी विश्वसनीयता

सट्टा बाजार की भविष्यवाणियों को लेकर राजनीतिक विश्लेषक और विशेषज्ञों के बीच अलग-अलग मत हो सकते हैं। इन अनुमानों की सटीकता को लेकर अक्सर बहस होती रहती है। हालांकि, ये आंकड़े राजनीतिक चर्चाओं और मीडिया कवरेज का हिस्सा बन जाते हैं, लेकिन चुनावी परिणामों के अंतिम निर्धारण में इनका केवल एक भागीदार होते हैं।

हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 के सट्टा बाजार के अनुमान ने राजनीति के दांवपेंच को एक नई दिशा दी है। कांग्रेस पार्टी और भाजपा के बीच की मुकाबला तगड़ा रहेगा, और अन्य क्षेत्रीय दल भी चुनावी मैदान में अपने प्रभाव का एहसास कराएंगे।

नोट: सट्टा बाजार (Online Satta Bazar) के आकलन से प्रभावित न हों. सट्टा (Online Satta/ Offline Satta) खेलना गैर-कानूनी है. Khabar Satta सट्टा बाजार (Satta Bazar) के दावों का समर्थन नहीं करता है. ये अनुमान गलत भी हो सकते हैं.

सिवनी में सीएम हेल्प लाईन प्रकरणों पर बरती जा रही थी लापरवाही, 44 अधिकारियों पर कलेक्टर ने लगाया अर्थदण्ड

सिवनी: कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी संस्कृति जैन ने सी.एम. हेल्पलाईन में 50 दिवस से अधिक समय से लंबित तथा लेवल आफिसर द्वारा शिकायतों को नियमित अडेंट नहीं किया जाना एवं लेबल अधिकारी द्वारा बिना निराकरण दर्ज कर अनिराकृत शिकायतें (Not Attending) शिकायतें अगले लेबल पर पहुंचना जैसी लापरवाही पाए जाने पर कुल 44 लेवल ऑफिसर पर प्रति शिकायत राशि रु. 100/- के मान से 9200 रूपये का अर्थदण्ड अधिरोपित करने के आदेश जारी किए हैं।

जिसमें मुकेश कुमरे कनिष्ठ अभियंता पर 100 रूपये, संदीप डोडे सहायक अभियंता पर 100 रूपये, कृष्णराज सिंह परतेती जिला विपणन अधिकारी पर 300 रूपये, व्ही पी चौधरी कार्यपालन यंत्री पर 600 रूपये, चंद्रकिशोर भवरे मुख्य नगर पालिका अधिकारी पर 200, वेदप्रकाश पुरी गोस्वामी मुख्य नगर पालिका अधिकारी पर 200, जयंत सिंह देशमुख सहायक यंत्री पर 100, राकेश कुमार दुबे मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पर 200, श्रृद्धा सोनी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत घंसौर पर 400, ओमकार सिंह ठाकुर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पर 100, एम के चौरसिया सहायक प्रबंधक पर 200, उपेन्द्र प्रसाद मिश्र कार्यपालन यंत्री पर 100, रेखा देशमुख मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सिवनी पर 300, देवेश बाथम जिला परिवहन अधिकारी पर 100, डॉ. ज्योतिबाला जैन पशु चिकित्सा अधिकारी पर 100, विकेश बिसेन सहायक संचालक पर 100, उषा मैराल परियोजना अधिकारी पर 100, श्वेता जुनेजा सी डी पी ओ पर 300, राजश्री मेश्राम सी डी पी ओ पर 200, हंसा धरडे बाल विकास परियोजना अधिकारी पर 100, मीना दशरिये तहसीलदार पर 200, अमृत लाल धुर्वे तहसीलदार पर 400, बाबूलाल पनिका अनुविभागीय अधिकारी पर 100, लक्ष्मण सिंह मडलोई सहायक यंत्री पर 200, मुकेश कुमार जैन अनुविभागीय अधिकारी पर 100, पूनम तुरकर अनुविभागीय अधिकारी पर 100, शंकर लाल विश्वकर्मा प्रबंधक पर 200, डॉ. केसी मेशराम सी एम एच ओ पर 200, डॉ. भारती सोनकेशरिया विकासखंड चिकित्सा अधिकारी पर 600, डॉ. अभिषेक रायकवार विकासखंड चिकित्सा अधिकारी पर 100, डॉ. अमृत लाकरा विकासखंड चिकित्सा अधिकारी पर 800, डॉ. विनोद कुमार नावकर सिविल सर्जन पर 700, डॉ. राजेन्द्र कुमार विकासखंड चिकित्सा अधिकारी पर 100, ब्रजेश पाण्डे वन क्षेत्रपाल वन परिक्षेत्र अधिकारी पर 100, आशुतोष चंद्रवंशी परिक्षेत्र अधिकारी पर 100, उत्तम मिश्रा वन परिक्षेत्र अधिकारी पर 100, कविता पंद्रे टेक्स ऑफिसर पर 200, शैलेष जैन सहायक आबकारी आयुक्त पर 100, अर्जुन सिंह विष्ट रीजनल मेनेजर पर 200, के के सोनी महाप्रबंधक केन्द्रीय सहकारी बैंक पर 400, प्रभुदयालनाग बीआरसीसी पर 100, बीडी बरकडे विकासखंड शिक्षा अधिकारी पर 200, एस एस कुमरे डी ई ओ पर 100, महेन्द्र सिंह सैयाम सहायक संचालक विकासखंड शिक्षा अधिकारी पर 100 का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया है।

आदेशानुसार अधिरोपित अर्थदण्ड की राशि जिला रेडक्रास सोसायटी, जिला सिवनी खाते में जमा करने के आदेश अधिकारियों को दिए गए हैं।

पातालकोट एक्सप्रेस कैंसिल: सिवनी-फिरोजपुर पातालकोट एक्सप्रेस समेत 16 ट्रेनें 04 सितंबर से 18 सितंबर तक रद्द

Seoni to Firozpur Patalkot Express Cancelled: सिवनी से फिरोजपुर और फिरोजपुर से सिवनी मार्ग में चलने वाली पातालकोट एक्सप्रेस (14624 – 14623) 04 सितंबर से 18 सितंबर तक कैंसिल रहेगी: उत्तर रेलवे के पलवल रेलवे स्टेशन पर चल रहे प्री-नॉन और नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण भोपाल मंडल से गुजरने वाली 16 ट्रेनें रद्द रहेंगी और 23 के मार्ग में परिवर्तन किया जाएगा।

सिवनी से फिरोजपुर और फिरोजपुर से सिवनी मार्ग पर चलने वाली पातालकोट एक्सप्रेस (14624 – 14623) 04 सितंबर से 18 सितंबर तक कैंसिल रहेगी। उत्तर रेलवे के पलवल रेलवे स्टेशन पर चल रहे प्री-नॉन और नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण भोपाल मंडल से गुजरने वाली कुल 16 ट्रेनें रद्द रहेंगी और 23 के मार्ग में परिवर्तन किया जाएगा।

यह कार्य पलवल और हरियाणा में न्यू पृथला (डीएफसीसी) यार्ड के बीच रेल संपर्क में सुधार के लिए किया जा रहा है, जिसके कारण भोपाल डिवीजन से गुजरने वाली ट्रेनों का संचालन प्रभावित होगा।

पारगमन में बदलाव के कारण

इन ट्रेनों के रद्द और मार्ग परिवर्तन का मुख्य कारण उत्तर रेलवे के पलवल रेलवे स्टेशन पर चल रहे प्री-नॉन और नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य हैं। इस कार्य का उद्देश्य पलवल और हरियाणा के न्यू पृथला यार्ड के बीच रेल संपर्क को बेहतर बनाना है। इस सुधार कार्य के दौरान, ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होगी और यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।

यात्रियों के लिए सलाह

यात्रीगण को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाते समय इन परिवर्तनों को ध्यान में रखें और ट्रेनों की स्थिति की पुष्टि के लिए रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर नियमित रूप से चेक करें। इसके अलावा, यात्री किसी भी असुविधा से बचने के लिए अग्रिम बुकिंग और वैकल्पिक मार्ग की योजना भी बना सकते हैं।

समय परिवर्तन की जानकारी

निजामुद्दीन-रानी कमलापति वंदे भारत एक्सप्रेस 29 अगस्त से 5 सितंबर तक अपने निर्धारित समय 14.40 बजे के स्थान पर 15.40 बजे प्रस्थान करेगी। इसके बाद 6 सितंबर से 15 सितंबर तक इसका प्रस्थान समय 16.40 बजे होगा।

इन ट्रेनों के रद्द और मार्ग परिवर्तन से यात्रियों को असुविधा हो सकती है, लेकिन यह रेलवे द्वारा किए जा रहे सुधार कार्यों का हिस्सा है, जो भविष्य में यात्रा अनुभव को बेहतर बनाएंगे। यात्रियों से अनुरोध है कि वे इन परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं और आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के लिए रेलवे के आधिकारिक स्रोतों की जांच करें।

ये ट्रेनें 4 सितंबर से 18 सितंबर के बीच प्रभावित रहेंगी

रद्द होने वाली ट्रेनों की सूची

1. रानी कमलापति-निजामुद्दीन भोपाल एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 12155
  • रद्द होने की तिथियाँ: 05 सितंबर से 16 सितंबर

2. निजामुद्दीन-रानी कमलापति भोपाल एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 12156
  • रद्द होने की तिथियाँ: 06 सितंबर से 17 सितंबर

3. रानी कमलापति-निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 20171
  • रद्द होने की तिथि: 17 सितंबर

4. निजामुद्दीन-रानी कमलापति वंदे भारत एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 20172
  • रद्द होने की तिथि: 17 सितंबर

5. छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस-अमृतसर एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 11057
  • रद्द होने की तिथियाँ: 03 सितंबर से 15 सितंबर

6. अमृतसर-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 11058
  • रद्द होने की तिथियाँ: 06 सितंबर से 18 सितंबर

7. भुसावल-निजामुद्दीन गोंडवाना एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 12405
  • रद्द होने की तिथियाँ: 08 सितंबर, 10 सितंबर, 15 सितंबर और 17 सितंबर

8. निजामुद्दीन-भुसावल गोंडवाना एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 12406
  • रद्द होने की तिथियाँ: 06 सितंबर, 08 सितंबर, 13 सितंबर और 15 सितंबर

9. डॉ. अंबेडकर नगर-श्री माता वैष्णोदेवी कटरा मालवा एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 12919
  • रद्द होने की तिथियाँ: 04 सितंबर से 16 सितंबर

10. श्री माता वैष्णोदेवी कटरा-डॉ. अंबेडकर नगर मालवा एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 12920
  • रद्द होने की तिथियाँ: 06 सितंबर से 18 सितंबर

11. सिवनी-फिरोजपुर छावनी पातालकोट एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 14623
  • रद्द होने की तिथियाँ: 05 सितंबर से 18 सितंबर

12. फिरोजपुर छावनी-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 14624
  • रद्द होने की तिथियाँ: 04 सितंबर से 17 सितंबर

13. इंदौर-अमृतसर एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 19325
  • रद्द होने की तिथियाँ: 06 सितंबर, 10 सितंबर और 13 सितंबर

14. अमृतसर-इंदौर एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 19326
  • रद्द होने की तिथियाँ: 08 सितंबर, 12 सितंबर और 15 सितंबर

15. नागपुर-अमृतसर एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 22125
  • रद्द होने की तिथियाँ: 07 सितंबर और 14 सितंबर

16. अमृतसर-नागपुर एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 22126
  • रद्द होने की तिथियाँ: 09 सितंबर और 16 सितंबर

अल्पावधि समाप्त/अल्पावधि प्रारंभ वाली ट्रेनें

1. जबलपुर-निजामुद्दीन श्रीधाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 12192
  • समाप्त होने की तिथि: 05 सितंबर से 16 सितंबर
  • अगली यात्रा की तिथि: आगरा कैंट पर समाप्त होगी

2. निजामुद्दीन-जबलपुर श्रीधाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 12191
  • प्रारंभ की तिथि: 06 सितंबर से 17 सितंबर
  • प्रारंभ: आगरा कैंट स्टेशन से होगी

मार्ग परिवर्तित ट्रेनें

1. निजामुद्दीन-जबलपुर श्रीधाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 12191
  • परिवर्तित मार्ग: गाजियाबाद-मथुरा-आगरा कैंट

2. छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस-फिरोजपुर पंजाब मेल

  • ट्रेन संख्या: 12137
  • परिवर्तित मार्ग: मथुरा-अलवर-रेवाड़ी-अस्थल बोहर

3. फिरोजपुर-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पंजाब मेल

  • ट्रेन संख्या: 12138
  • परिवर्तित मार्ग: अस्थल बोहर-रेवाड़ी-अलवर-मथुरा

4. एर्नाकुलम-निजामुद्दीन मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 12617
  • परिवर्तित मार्ग: आगरा कैंट-मथुरा-गाजियाबाद

5. निजामुद्दीन-एर्नाकुलम मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 12618
  • परिवर्तित मार्ग: गाजियाबाद-मथुरा-आगरा कैंट

6. एमजीआर चेन्नई सेंट्रल-नई दिल्ली तमिलनाडु एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 12621
  • परिवर्तित मार्ग: आगरा कैंट-मथुरा-गाजियाबाद

7. तिरुवनंतपुरम सेंट्रल-नई दिल्ली केरल एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 12625
  • परिवर्तित मार्ग: आगरा कैंट-मथुरा-गाजियाबाद

8. कोयम्बटूर जंक्शन-निजामुद्दीन कोंगु एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 12647
  • परिवर्तित मार्ग: आगरा कैंट-मथुरा-गाजियाबाद-नई दिल्ली

9. चंडीगढ़-मदुरै जंक्शन एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 12688
  • परिवर्तित मार्ग: मेरठ सिटी-खुर्जा जंक्शन-मथुरा-आगरा कैंट

10. वास्को-डि-गामा-निजामुद्दीन गोवा एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 12779
  • परिवर्तित मार्ग: आगरा कैंट-मथुरा-गाजियाबाद

11. निजामुद्दीन-वास्कोडिगामा गोवा एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 12780
  • परिवर्तित मार्ग: गाजियाबाद-मथुरा-आगरा कैंट

12. योग नगरी ऋषिकेश-लक्ष्मीबाई नगर उज्जैनी एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 14310
  • परिवर्तित मार्ग: मेरठ सिटी-खुर्जा जंक्शन-मथुरा-आगरा कैंट

13. योग नगरी ऋषिकेश-लक्ष्मीबाई नगर एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 14318
  • परिवर्तित मार्ग: मेरठ सिटी-खुर्जा जंक्शन-मथुरा-आगरा कैंट

14. एमजीआर चेन्नई सेंट्रल-श्री माता वैष्णो देवी कटरा अंडमान एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 16031
  • परिवर्तित मार्ग: मथुरा-अलवर-रेवाड़ी-अस्थल बोहर

15. श्री माता वैष्णो देवी कटरा-एमजीआर चेन्नई सेंट्रल अंडमान एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 16032
  • परिवर्तित मार्ग: रोहतक-अस्थल बोहर-रेवाड़ी-अलवर-मथुरा

16. कन्याकुमारी-श्री माता वैष्णो देवी कटरा हिमसागर एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 16317
  • परिवर्तित मार्ग: मथुरा-अलवर-रेवाड़ी-अस्थल बोहर

17. श्री माता वैष्णो देवी कटरा-कन्याकुमारी हिमसागर एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 16318
  • परिवर्तित मार्ग: रोहतक-अस्थल बोहर-रेवाड़ी-अलवर-मथुरा

18. तिरुनेलवेली-श्री माता वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 16787
  • परिवर्तित मार्ग: मथुरा-अलवर-रेवाड़ी-अस्थल बोहर

19. श्री माता वैष्णो देवी कटरा-तिरूनेलवेली एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 16788
  • परिवर्तित मार्ग: रोहतक-अस्थल बोहर-रेवाड़ी-अलवर-मथुरा

20. कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 18237
  • परिवर्तित मार्ग: आगरा कैंट-मथुरा-खुर्जा जंक्शन-मेरठ सिटी

21. अमृतसर-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 18238
  • परिवर्तित मार्ग: मेरठ सिटी-खुर्जा जंक्शन-मथुरा-आगरा कैंट

22. विशाखापत्तनम-नई दिल्ली आंध्र प्रदेश एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 20805
  • परिवर्तित मार्ग: आगरा कैंट-मथुरा-गाजियाबाद

23. नई दिल्ली-विशाखापत्तनम आंध्र प्रदेश एक्सप्रेस

  • ट्रेन संख्या: 20806
  • परिवर्तित मार्ग: गाजियाबाद-मथुरा-आगरा कैंट

MP Weather Update: एमपी में बाँध लबालब, मंडला, सिवनी, सीधी, श्योपुर, भोपाल, छिंदवाड़ा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर और डिंडोरी में सबसे ज्यादा…

MP Weather Update : भोपाल, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, हरदा, बैतूल और छिंदवाड़ा समेत कई जिलों में बुधवार को धूप खिली रहेगी। हालांकि, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश की संभावना है, जबकि इंदौर और उज्जैन में हल्की बारिश हो सकती है।

30-31 अगस्त के बीच एक मजबूत मौसमी सिस्टम बनने की संभावना है, जिससे जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभागों के 28 जिलों समेत राज्य के पूर्वी इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, नर्मदापुरम, चंबल और उज्जैन संभागों समेत राज्य के पश्चिमी इलाकों में गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि कम दबाव वाला क्षेत्र आगे बढ़ चुका है और मानसून की रेखा सागर से होकर बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रही है। नतीजतन, अगले दो दिनों तक भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं है और 29 अगस्त तक पूरे राज्य में कोई खास बारिश की उम्मीद नहीं है।

अब तक राज्य में 90% से ज़्यादा मौसमी बारिश हो चुकी है। औसत 29.2 इंच के मुक़ाबले 33.6 इंच बारिश हुई है। मंडला ज़िले में सबसे ज़्यादा 46.3 इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि सिवनी में 45.1 इंच बारिश हुई है।

भोपाल में सामान्य से 108% ज़्यादा बारिश हुई है, यहाँ 40.5 इंच बारिश दर्ज की गई है। 39 इंच से ज़्यादा बारिश दर्ज करने वाले शीर्ष 10 ज़िले हैं मंडला, सिवनी, सीधी, श्योपुर, भोपाल, छिंदवाड़ा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर और डिंडोरी।

मध्यप्रदेश के लगभग सभी बांध 90% या उससे अधिक भर चुके हैं। भोपाल में कलियासोत, केरवा और भदभदा बांध के गेट खोले गए हैं, जबकि कोलार बांध के आठ में से चार गेट खोले गए हैं। अभी यह पूरी क्षमता से मात्र 3 फीट नीचे है। बाणसागर, कुंडलिया, बरगी, इंदिरा सागर, ओंकारेश्वर, जोहिला, पारसदोहा, चंद्रा और तवा समेत अन्य प्रमुख बांधों के गेट भी खोले गए हैं।

अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव: सिवनी कलेक्टर को पार्षदों ने लिखा पत्र

नगर परिषद छपारा में अविश्वास प्रस्ताव: जनप्रतिनिधियों का विरोध. छपारा, जिला सिवनी: नगर परिषद छपारा के पार्षदों ने परिषद की अध्यक्षा श्रीमति निशा पटेल के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पार्षदों का आरोप है कि नगर परिषद की अध्यक्षा भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और नगर में मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है।

पार्षदों का कहना है कि उन्होंने अपने दो वर्षों के कार्यकाल के दौरान नगर परिषद की कार्यप्रणाली में अनेक खामियां देखी हैं, जिनमें भ्रष्टाचार की गंभीर समस्याएं शामिल हैं।

उनका आरोप है कि नगर परिषद की अध्यक्षा ने अपने पद का दुरुपयोग किया है और जनता की सेवा करने में विफल रही हैं।

मुख्य समस्याएं:

  1. भ्रष्टाचार: पार्षदों का आरोप है कि परिषद की अध्यक्षा भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, जिससे नगर के विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न हुई है।
  2. मूलभूत सुविधाओं का अभाव: शहर में पानी, सड़क, सफाई जैसी आवश्यक सुविधाओं की कमी है, जिसके कारण आम जनता को भारी परेशानी हो रही है।
  3. कार्यप्रणाली से असंतोष: पार्षदों ने परिषद की अध्यक्षा की कार्यप्रणाली और व्यवहार को लेकर भी असंतोष जाहिर किया है। उनके अनुसार, परिषद की अध्यक्षा का रवैया पारदर्शी नहीं है और उनके निर्णयों में पारदर्शिता की कमी है।

पार्षदों ने म०प्र० नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 43 क (2) (1) के तहत अविश्वास प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया शुरू की है। वे चाहते हैं कि इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए शीघ्र बैठक आहूत की जाए।

अब देखने वाली बात यह होगी कि अविश्वास प्रस्ताव पर क्या निर्णय लिया जाता है और क्या इसके परिणामस्वरूप नगर परिषद छपारा में कोई बदलाव होता है या नहीं। नगर की जनता भी इस मामले पर बारीकी से नजर बनाए हुए है, क्योंकि यह मामला उनके दैनिक जीवन से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है।

पार्षदों के इस कदम से यह स्पष्ट हो गया है कि नगर परिषद छपारा में असंतोष का माहौल है, और यदि अविश्वास प्रस्ताव पास हो जाता है, तो नगर में प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण परिवर्तन हो सकते हैं।