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रक्षा बंधन 2024: शुभ मुहूर्त, भद्रा काल और महत्वपूर्ण जानकारियाँ

रक्षा बंधन का पर्व भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है। यह त्यौहार हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। वर्ष 2024 में, रक्षा बंधन विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगा क्योंकि यह दिन शुभ मुहूर्त (raksha bandhan 2024 shubh muhurat time) और भद्रा काल (bhadra time on rakhi 2024) की दृष्टि से अद्वितीय है। आइए जानें रक्षाबंधन 2024 के शुभ मुहूर्त (Raksha Bandhan 2024 Shubh Muhurat), भद्रा काल और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के बारे में।

रक्षा बंधन 2024 की डेट

रक्षा बंधन 2024 की तिथि 19 अगस्त 2024 को है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।

रक्षा बंधन 2024 का शुभ मुहूर्त

रक्षा बंधन 2024 के लिए शुभ मुहूर्त समय इस प्रकार है:

  • राखी बांधने का शुभ मुहूर्त: प्रातः 9:30 बजे से 11:30 बजे तक
  • शुभ मुहूर्त का दूसरा समय: अपराह्न 3:00 बजे से 4:30 बजे तक

भद्रा काल का समय

भद्रा काल वह समय होता है जब शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है। रक्षाबंधन 2024 के लिए भद्रा काल इस प्रकार है:

  • भद्रा काल का आरंभ: 19 अगस्त 2024 को प्रातः 6:00 बजे
  • भद्रा काल का समापन: 19 अगस्त 2024 को अपराह्न 12:00 बजे

शुभ मुहूर्त का महत्व

शुभ मुहूर्त में राखी बांधना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इसे शुभ और फलदायी माना जाता है। इस समय में किए गए कार्य अधिक सकारात्मक परिणाम लाते हैं और भाई-बहन के रिश्ते में और भी मिठास घोलते हैं।

रक्षाबंधन 2024 के अनुष्ठान और परंपराएँ

रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाइयों को राखी बांधती हैं और मिठाई खिलाती हैं। भाई अपनी बहनों को उपहार देते हैं और उनकी रक्षा का संकल्प लेते हैं। इस दिन को और भी विशेष बनाने के लिए विभिन्न प्रकार की रस्में और परंपराएँ निभाई जाती हैं।

रक्षाबंधन का पौराणिक महत्व

रक्षा बंधन का पौराणिक महत्व भी है। माना जाता है कि इस दिन देवताओं और असुरों के बीच युद्ध के समय देवताओं की रक्षा के लिए इंद्राणी ने इंद्र को राखी बांधी थी। तब से यह परंपरा चली आ रही है।

भाई-बहन के रिश्ते का महत्व

रक्षाबंधन केवल एक त्योहार नहीं है बल्कि यह भाई-बहन के रिश्ते की मिठास को और भी बढ़ाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र की कामना करती हैं और भाई अपनी बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हैं।

रक्षा बंधन 2024 के अन्य महत्वपूर्ण पहलू

रक्षाबंधन के दिन बाजारों में खास रौनक देखने को मिलती है। विभिन्न प्रकार की राखियाँ, मिठाइयाँ और उपहार इस त्योहार को और भी खास बनाते हैं। इसके अलावा, इस दिन विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ भी किए जाते हैं।

रक्षाबंधन का आधुनिक परिप्रेक्ष्य

आज के समय में रक्षाबंधन का महत्व और भी बढ़ गया है। यह दिन भाई-बहन के रिश्ते को और भी मजबूत बनाता है। साथ ही, यह त्योहार हमें हमारी सांस्कृतिक धरोहर की याद दिलाता है और हमें उसे संजोने की प्रेरणा देता है।

रक्षा बंधन में हिंदू इष्ट देवता की फोटो वाली राखियों की मांग बढ़ी

भोपाल (मध्य प्रदेश): शहर के बाजार अलग-अलग डिज़ाइन और रंगों की राखियों से भरे पड़े हैं, लेकिन इस रक्षाबंधन पर राम मंदिर राखी की सबसे ज़्यादा मांग है। शहर के बाजारों में उपलब्ध मीनकारी डिज़ाइन वाली राम मंदिर राखियाँ लाल धागे, धातु के क्रिस्टल मोती और बहुरंगी मोतियों का उपयोग करके बनाई गई हैं।

अयोध्या के राम मंदिर में राम लला की मूर्ति की छवि राखी के केंद्र में है, पृष्ठभूमि में राम मंदिर की प्रतिकृति है और उस पर जय श्री राम या श्री राम लिखा है। अयोध्या और मुंबई से लाई गई इन राखियों की कीमत 100 रुपये से शुरू होकर 150 रुपये प्रति राखियाँ तक जाती है। न्यू मार्केट में खेड़ापति मंदिर के पास स्थित अपनी दुकान के दुकानदार दीपक राठौड़ ने फ्री प्रेस को बताया कि राम मंदिर की राखियाँ बहुत लोकप्रिय हैं और इनकी बहुत माँग है।

दीपक कहते हैं, “हमने अयोध्या से दो अलग-अलग पैटर्न वाली करीब दो दर्जन राम मंदिर राखियाँ मंगवाईं और उनमें से ज़्यादातर बिक चुकी हैं। सिर्फ़ चार पीस बचे हैं।” मुरारी रायकवार ने बताया कि उन्होंने मीनाकारी डिज़ाइन वाली 50 दर्जन राम मंदिर राखियाँ खरीदी हैं। सिर्फ़ चार पीस बचे हैं।

रायकवार कहते हैं, “ग्राहक इन राखियों की मांग कर रहे हैं। हम अभी इन्हें खरीद नहीं सकते। इसलिए हमें मना करना पड़ रहा है।” इसके अलावा, वृंदावन श्री कृष्ण, बाबा बर्फानी, रुद्राक्ष और बीज राखियों की भी मांग है। “ग्राहक राम, कृष्ण और शिव जैसे हिंदू देवताओं पर आधारित राखियों की मांग कर रहे हैं।

अंकित राठौड़ कहते हैं, “पहली बार बाजार में लंबी डोरी वाली रुद्राक्ष राखी आई है। पिछले साल के मुकाबले इस बार राखियों की कीमत में 10% की बढ़ोतरी हुई है।” सेवा भारती गोबरशिल्प स्वयं सहायता समूह, भोपाल की प्रीति राठौड़ कहती हैं कि उन्होंने पर्यावरण और गायों को बचाने के लिए फल और सब्जियों के पौधों के बीजों से बनी गोबर की राखियाँ बनाई हैं। उन्होंने कहा, “हमने हाल ही में एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की कलाई पर भी बीज राखी बाँधी।”

रक्षाबंधन के लिए सोना, चांदी और कस्टमाइज्ड राखियों से सिवनी का बाजार हुआ रोशन

सिवनी (मध्य प्रदेश): रक्षाबंधन का त्यौहार आते ही सिवनी शहर के बाजार भाई-बहन के बीच के खास बंधन को मनाने के लिए तैयार हो गए हैं। सड़कें पारंपरिक से लेकर ट्रेंडी तक, अलग-अलग रंगों, आकारों और किस्मों की राखियों से सजी हुई हैं।

शहर भर की महिलाएं और बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए उमड़ पड़ी हैं। रक्षाबंधन के त्योहार पास है और बाजारों में रौनक बढ़ चुकी है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से लोग राखी खरीदने के लिए सिवनी बुधवारी बाजार में उमड़ रहे हैं।

इस साल कोलकाता और गुजरात से आई रुद्राक्ष से बनी राखियां, हल्के वजन वाली ब्रेसलेट राखी और मोती वाली राखियां खूब मांग में हैं। बुधवारी बाजार में हल्की और नई किस्म की राखियों की मांग बढ़ गई है। सोने के मोतियों से सजी राखियों का नया चलन सामने आया है।

92.5% शुद्ध चांदी और 91.6% शुद्ध सोने से बनी राखियाँ ग्राहकों के बीच लोकप्रिय हो रही हैं, जिनकी कीमत 1,000 रुपये से लेकर 100,000 रुपये तक है। लोग व्यक्तिगत पसंद के हिसाब से अनूठी डिज़ाइन वाली कस्टमाइज़्ड राखियाँ भी पसंद कर रहे हैं।

व्यापारी अनंत जैन के अनुसार, पिछले कुछ सालों में ग्राहकों की पसंद बदली है, यहाँ तक कि आम ग्राहक भी कस्टम मेड राखियाँ खरीदना पसंद कर रहे हैं। लोगों ने चेन, घड़ियाँ, ब्रेसलेट और कपल राखियों के रूप में कस्टमाइज्ड राखियाँ बनवाई हैं।

सिवनी रेलवे समाचार: जबलपुर, नैनपुर, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और कटंगी से दुर्ग और रायपुर के बीच होगा सीधा रेल संपर्क स्थापित

सिवनी: रेलवे की नई पिंक बुक के आने के बाद, भारतीय रेलवे के सुधार और विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिससे सिवनी जिलेवासियों के साथ साथ सिवनी रेलवे स्टेशन के लिए बेहद ही अच्छी खबर सामने आई है. भारतीय रेलवे द्वारा SECR के लिए पिंक बुक जारी कर दी गयी है जिसमे गोंदिया बायपास लाइन जिसे प्रतापबाग गुदमा कॉर्ड लाइन कहा जाता है, इसके लिए रेलवे ने राशि आबंटित कर दी है. इस रेल लाइन के बनने के बाद जबलपुर, नैनपुर, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और कटंगी से दुर्ग और रायपुर के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित हो जाएगा.

गोंदिया बायपास लाइन या प्रतापबाग गुदमा कॉर्ड लाइन का महत्व

गोंदिया बायपास लाइन, जिसे प्रतापबाग गुदमा कॉर्ड लाइन भी कहा जाता है, जिसे राशि आबंटित हो चुकी है, राशि कितनी आबंटित हुई है इसकी जानकारी एकत्रित की जा रही है। इसमें सबसे मुख्य रूप से इस बायपास लाइन के बनने के बाद, जबलपुर, नैनपुर, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और कटंगी से दुर्ग और रायपुर के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित हो जाएगा। इससे ट्रेनों को गोंदिया में जाकर इंजन बदलने की आवश्यकता नहीं होगी।

गोंदिया बायपास लाइन के फायदे

गोंदिया बायपास लाइन के बनने के बाद जबलपुर, नैनपुर, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा से दुर्ग और रायपुर की ट्रेनें गोंदिया में रुकने के बजाय सीधे इस बायपास लाइन से होकर चलेंगी। इससे यात्रियों को समय की बचत होगी और ट्रेन संचालन में सुधार होगा।

2022 में प्रस्तावित इंटरसिटी एक्सप्रेस और उसकी समस्याएं

2022 में जबलपुर से रायपुर वाया नैनपुर, बालाघाट, गोंदिया और दुर्ग इंटरसिटी एक्सप्रेस का प्रस्ताव किया गया था। लेकिन इस प्रस्ताव को निम्नलिखित कारणों से रिजेक्ट कर दिया गया:

  1. गोंदिया में लोको रिवर्सल यानी इंजन की दिशा बदलना
  2. नागपुर-रायपुर रेल मार्ग में कोयला ट्रेनों का दबाव

इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए, ZRUCC मेंबर मोनिल जैन ने प्रतापबाग से गुदमा कॉर्ड लाइन यानी गोंदिया बायपास लाइन की मांग की।

गोंदिया बायपास लाइन के लिए स्वीकृति और बजट

मार्च 2023 में इस गोंदिया बायपास लाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी मिली। यह बायपास लाइन 18.5 किमी लंबी होगी। 2024 के रेल बजट में इसे पिंक बुक में शामिल किया गया।

बायपास लाइन का निर्माण और भविष्य की योजना

गोंदिया बायपास लाइन के बनने से दुर्ग और रायपुर जाने का सीधा मार्ग खुल जाएगा। DRM साहिबा ने बताया कि साउथ की ओर जाने के लिए गोंदिया RoR Q curve का काम इस साल दिसंबर या अगले साल जनवरी तक पूरा हो जाएगा। इससे उत्तर से दक्षिण की ट्रेनें हावड़ा-मुंबई मुख्य लाइन को क्रॉस किए बिना सीधा दक्षिण दिशा में जा सकेंगी।

गोंदिया बायपास लाइन की योजना

गोंदिया बायपास लाइन को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए भारतीय रेलवे ने अपनी योजनाओं में तेजी लाई है। इसके निर्माण से यात्रियों को समय की बचत होगी और रेलवे की संचालन क्षमता में भी वृद्धि होगी।

बारिश के मौसम में थोडा संभलकर: इंदौर के गांधीनगर में टॉयलेट सीट से निकले तीन कोबरा

इंदौर (मध्य प्रदेश): इंदौर के गांधीनगर इलाके में एक घर के शौचालय में तीन कोबरा पाए गए। यह मामला रविवार को घर के मालिकों द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वायरल वीडियो के ज़रिए सामने आया।

फिलहाल दो सांपों को बचा लिया गया है, हालांकि तीसरा सांप अभी भी लापता है और माना जा रहा है कि वह शौचालय के अंदर ही है।

जानकारी के अनुसार, गांधीनगर के अरिहंत नगर एक्सटेंशन निवासी महेश क्षत्रिय के घर पर सांप मिले। महेश अपनी पत्नी कुसुम और 8 महीने की बेटी के साथ रहते हैं। 

कुसुम की पत्नी ने पहली बार 12 अगस्त की रात को करीब 10:30 बजे सांप को देखा, जब वह शौचालय गई थी। टॉयलेट सीट पर सांप को लिपटा देखकर वह घबरा गई। उसने तुरंत अपने पति महेश को सूचित किया, जिसने सांप पकड़ने वाले को बुलाया। लगभग 5 फीट लंबे सांप को उसी रात बचा लिया गया।

तीन दिन बाद दो और कोबरा मिले

15 अगस्त की सुबह महेश को शौचालय के अंदर दो और कोबरा दिखाई दिए। उसने तुरंत ढक्कन बंद किया और सांप पकड़ने वाले को फिर से बुलाया। 

साँप पकड़ने वाले ने साँपों को बाहर निकालने के लिए बाथरूम में ज़िंदा मछलियाँ रखने की सलाह दी। महेश ने ऐसा ही किया और दोपहर तक एक कोबरा बाहर आ गया। महेश ने वीडियो रिकॉर्ड किया और डंडे से ढक्कन बंद कर दिया।

16 अगस्त को एक और सांप को सफलतापूर्वक बचाया गया। तीसरे कोबरा को बाहर निकालने के लिए उन्होंने आधे घंटे तक शौचालय में पानी डालने की कोशिश की, लेकिन वह बाहर नहीं आया।

सांपों को बचाने वाले महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि घर से जुड़े ओवरफ्लो चैंबर की वजह से सांप शौचालय तक पहुंच गए होंगे। दो सांपों को बचा लिया गया है, जबकि तीसरा अभी भी लापता है।

अब मध्य प्रदेश में मानसिक रूप से विकलांग महिलाओं के लिए भी जारी होंगे AYUSHMAN CARD

इंदौर: रक्षाबंधन के उपहार के रूप में मानसिक रूप से विकलांग महिलाओं को आयुष्मान कार्ड मिलेंगे। शनिवार को लिंबोदी स्थित गंगा मैरिज गार्डन में ग्रामीण आदिवासी समाज विकास संस्था द्वारा राखी मिलन समारोह के दौरान इसकी घोषणा की गई।

महिला एवं बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी रामनिवास बुधौलिया ने आश्वासन दिया कि इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर सभी प्रयास किए जाएंगे।

वार्ड 77 की पार्षद प्रियंका चौहान ने इन महिलाओं को आधार कार्ड और पात्रता प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने में पूर्ण सहायता का वादा किया। उन्होंने जरूरत पड़ने पर शिविर आयोजित करने की संभावना का भी जिक्र किया।

महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने लचीलेपन के महत्व और आगे बढ़ते रहने की आवश्यकता पर जोर दिया, चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों। ‘होम अगेन’ सुविधा में रहने वाली मानसिक रूप से विकलांग महिलाओं ने इस कार्यक्रम के लिए अपने हाथों से राखियाँ बनाईं। कार्यक्रम के दौरान एक आर्ट गैलरी का उद्घाटन किया गया, जिसमें महिलाओं द्वारा बनाई गई राखियों और घर की सजावट के उत्पादों सहित कई तरह की वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया।

मेहमानों का स्वागत पारंपरिक तरीके से किया गया, जिसमें महिलाओं द्वारा तैयार किए गए तुलसी के पौधे दिए गए। समारोह का समापन महिलाओं द्वारा मेहमानों को राखी बांधने के साथ हुआ, जो रक्षा बंधन का त्यौहार था। इस कार्यक्रम का संचालन होम अगेन परियोजना के कार्यक्रम प्रबंधक पंकज शर्मा ने किया, जबकि परियोजना समन्वयक सोनी धारवा ने परियोजना के बारे में जानकारी दी।

MP WEATHER TODAY: आज 18 अगस्त के लिए एमपी के सिंगरौली, अनूपपुर समेत 4 जिलों में अलर्ट जारी

भोपाल: मध्य प्रदेश के सिंगरौली, पन्ना, कटनी और अनूपपुर में रविवार को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, मालवा-निमाड़ क्षेत्र खासकर इंदौर-उज्जैन संभाग में मौसम साफ रहेगा, जबकि ग्वालियर और जबलपुर में गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। भोपाल में सुबह से ही धूप खिली हुई है।

मौसम विभाग ने बताया है कि 19 अगस्त से पूरे प्रदेश में एक नया सिस्टम सक्रिय हो जाएगा। मानसून की द्रोणिका सीधे मध्य प्रदेश के शिवपुरी से होकर गुजर रही है और बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो गई है। हालांकि, इसका असर सोमवार से प्रदेश में दिखने की उम्मीद है। 

बांध अपनी अधिकतम क्षमता तक पहुंच गए 

प्रदेश में भारी बारिश थमने के बावजूद बांधों और तालाबों में जलस्तर पूरी क्षमता पर बना हुआ है। नदियों और नालों के जरिए पानी बांधों में जमा हो रहा है।  

ऐसे बांधों की सूची में कोलार, बाणसागर, कुंडलिया, बरगी, इंदिरा सागर, ओंकारेश्वर, कलियासोत, भदभदा, केरवा और अन्य बांध भी शामिल हैं। 

मानसून के प्रदेश में आने के साथ ही मंडला और सिवनी प्रदेश के ऐसे जिले हैं जहां अब तक सबसे ज्यादा पानी गिरा है।  

मंडला में 42 इंच और सिवनी में 41 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है, जबकि भोपाल में 33 इंच पानी बरस चुका है, जो इस सीजन का 90% है। प्रदेश के 20 जिलों में 30 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। हालांकि, श्योपुर और नर्मदापुरम जिले बारिश के मामले में सबसे आगे हैं।

शनिवार को नर्मदापुरम जिले के पंचमढ़ी, ग्वालियर और बैतूल में भारी बारिश हुई। ग्वालियर में 36 मिमी, पचमढ़ी में 1 इंच और बैतूल में आधा इंच से ज्यादा बारिश हुई। छिंदवाड़ा और सतना में हल्की बारिश दर्ज की गई।

MP NEWS – भोपाल में धर्म छिपाकर सोशल मीडिया से की दोस्ती, फिर बलात्कार, आरोपी गिरफ्तार

भोपाल: पुलिस ने बताया कि विदिशा की रहने वाली 19 वर्षीय लड़की, जो भोपाल में रहती थी और सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति से दोस्ती करती थी, उसके साथ शहर में कथित तौर पर बलात्कार किया गया।

आरोपी ने अपना धर्म छिपाकर इस कृत्य को अंजाम दिया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद, बजरंग दल के कार्यकर्ता शनिवार को पुलिस स्टेशन पहुंचे और आरोपी के साथ हाथापाई करने की कोशिश की।

मंगलवारा पुलिस के अनुसार पीड़िता शहर के एक निजी कॉलेज में बीकॉम की पढ़ाई कर रही है। कुछ महीने पहले सोशल मीडिया पर उसकी दोस्ती आशु नाम के एक शख्स से हुई थी।

8 अगस्त को आशु ने युवती को एक मॉल में मिलने के लिए बुलाया और उसकी कुछ तस्वीरें खींच लीं। इसके बाद उसने 15 अगस्त को फिर युवती को भोपाल रेलवे स्टेशन के पास एक होटल में मिलने के लिए बुलाया, जहां उसने युवती को डरा-धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।

इसके बाद उसने उसकी अश्लील तस्वीरें खींच लीं और धमकी दी कि अगर उसने पुलिस के पास जाने की हिम्मत की तो वह उन्हें वायरल कर देगा। शनिवार को महिला ने हिम्मत जुटाई और पुलिस के पास पहुंची, जिसने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और पता चला कि उसका असली नाम अजगर खान है।

बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को भी घटना के बारे में पता चला और वे बड़ी संख्या में पुलिस स्टेशन के बाहर इकट्ठा हो गए और खान पर हमला करने की कोशिश की।

MP NEWS – 12वीं की छात्रा दोस्त ने घर में घुसकर किया बलात्कार, नाबालिग हिरासत में

भोपाल: शहर के एक निजी स्कूल में पढ़ने वाली 17 वर्षीय लड़की के साथ फरवरी 2024 में उसके सहपाठी ने उसके घर पर कथित तौर पर बलात्कार किया, पुलिस ने कहा।

लड़की के दोस्तों को जब घटना के बारे में पता चला तो उन्होंने उसे शनिवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित किया, जिसके बाद आरोपी को हिरासत में लिया गया। मिसरोद थाने के जांच अधिकारी रमेश सिंह के मुताबिक लड़की 12वीं की छात्रा है।

उसका एक सहपाठी, जो नाबालिग भी है, काफी समय से उसके पिता को जान से मारने की धमकी दे रहा था और उसे फोन पर उससे बात करने के लिए मजबूर करता था। इस साल 24 फरवरी को, आरोपी ने कथित तौर पर लड़की के घर में घुसकर उसके साथ बलात्कार किया, जब वह अकेली थी। वह लगातार फोन कॉल के ज़रिए उसे डराता-धमकाता रहा।

बाद में शुक्रवार को लड़की के दोस्तों को घटना के बारे में पता चला और उन्होंने उसके परिजनों को बताया, जिसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। आरोपी लड़का यह जानकर भाग गया कि उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, पुलिस ने उसे पकड़ने में कामयाबी हासिल की और उसे हिरासत में ले लिया।

MP NEWS – डकैतों की सूचना दो और सरकारी नौकरी लो, एमपी सरकार ने रद्द किए 981 परिपत्र

भोपाल: राज्य सरकार ने हाल ही में 1981 के उस सर्कुलर को रद्द करने का फैसला किया है जिसका उद्देश्य उन मुखबिरों को सरकारी सेवा में नियुक्ति की सुविधा प्रदान करना था जो 1,000 रुपये या उससे अधिक के नकद इनाम वाले खूंखार डकैतों के बारे में जानकारी देते थे।

सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने फ्री प्रेस को बताया कि सर्कुलर को रद्द कर दिया गया है क्योंकि यह आज की परिस्थितियों में प्रासंगिक नहीं है।

परिपत्र के अनुसार सरकार ने उन मुखबिरों को सरकारी सेवा में सशर्त नियुक्ति देने का निर्णय लिया है जो खूंखार डकैतों की गिरफ्तारी में मदद करते हैं या पुलिस को सही सूचना देते हैं तथा डकैत गिरोहों के खात्मे में मदद करते हैं। ऐसी नियुक्तियां निम्न श्रेणी लिपिक या उसके समकक्ष पदों पर की जाएंगी।

इसके अलावा, ऐसी नियुक्तियां सीधे पदस्थापना के माध्यम से भरे जाने वाले चतुर्थ श्रेणी के पदों पर की जाएंगी। हालांकि, मुखबिरों के पास पदों के लिए वांछित योग्यता होनी चाहिए। सरकारी सेवा में नियुक्ति केवल उसी मुखबिर को दी जाएगी जिसने सेवा की मान्यता में दी गई पांच या दस एकड़ जमीन लेने से इनकार कर दिया हो। 

संपर्क करने पर पूर्व डीजीपी अरुण गुर्टू ने कहा कि 1981 के सर्कुलर को खत्म करने का फैसला एक स्वागत योग्य कदम है। यह सर्कुलर एक खास समस्या को ध्यान में रखकर जारी किया गया था और अब यह अस्तित्व में नहीं है।

दूसरी ओर, उन्होंने कहा कि सरकार खुफिया एजेंसियों के मुखबिरों को नकद पुरस्कार दे सकती है क्योंकि इससे उनकी पहचान छिपाने में भी मदद मिलेगी। ब्लर्ब यह सर्कुलर एक खास समस्या को ध्यान में रखकर जारी किया गया था, जो अब अस्तित्व में नहीं है।