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मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था को 5 साल में दोगुना करने का लक्ष्य: CM MOHAN YADAV

MP NEWS: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बताए गए विभिन्न बिन्दुओं पर ध्यान केंद्रित कर राज्य सरकार उन्हें पूरा करने का प्रयास कर रही है। खासकर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर मध्यप्रदेश में तलाशने पर जोर दिया जा रहा है।

गरीबों, महिलाओं, किसानों और युवाओं के हित में सभी प्रकार के उद्योग स्थापित करने और रोजगार दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों को उनकी क्षमता के अनुसार रोजगार दिलाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। व्यापार और व्यवसाय के लिए प्रदेश में अनुकूल अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आने वाले 5 साल में राज्य की अर्थव्यवस्था दोगुनी करने का लक्ष्य है, जिसे हम तीन साल में ही पूरा करने का प्रयास करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए टैक्स और जीएसटी का संग्रहण बढ़ाने का कार्य चल रहा है। विकास के नये आयाम स्थापित करने के लिए सभी संभागों में लगातार रीजनल कॉन्क्लेव और देश के महानगरों में रोड-शो किये जा रहे हैं। इनका प्रदेश में बड़े पैमाने पर असर दिख रहा है। अभी तक 2 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव आए हैं। यह कार्य लगातार जारी रहेगा। प्रदेश में केवल बड़े उद्योग ही नहीं, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एमएसएमई के साथ स्व-सहायता समूह की बहनों को प्रोत्साहन देने का कार्य किया जा रहा है। आईटी, एआई, इंजीनियरिंग सहित उच्च तकनीक के अलग-अलग पाठ्यक्रमों के छात्रों को प्रोत्साहन देकर प्रदेश में उनकी क्षमता का उपयोग किया जा रहा है। प्रदेश के विकास, उद्योग और रोजगार बढ़ाने के प्रयास लगातार जारी हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सागर में डाटा सेंटर स्थापित करने के लिए एक बड़ा प्रस्ताव मिला है। प्रदेश में उद्योग व्यवसाय से जुडे़ घराने लगातार सहयोग कर रहे हैं। सागर के बाद रीवा, नर्मदापुरम और शहडोल में भी रीजनल इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा।

सिवनी: आरंभ गरबा इवेंट ग्रुप में धर्मग्रंथ भगवत गीता और ब्राह्मणों का अपमान, युवा हिन्दू उत्सव समिति का आक्रोश

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Seoni News: धर्म और आस्था की रक्षा हिंदू समाज का एक महत्वपूर्ण पहलू है। जब भी हमारी धार्मिक मान्यताओं और धर्मग्रंथों का अपमान किया जाता है, तब हिंदू समाज और संगठन ऐसे कृत्यों के खिलाफ कड़े कदम उठाते हैं। हाल ही में सिवनी के “आरंभ गरबा इवेंट” के ग्रुप में एक विवादास्पद वीडियो सामने आया, जिसमें भगवत गीता और ब्राह्मणों का अपमान किया गया। इस वीडियो ने पूरे समाज में आक्रोश फैलाया और युवाहिन्दूउत्सव समिति ने इसके खिलाफ सख्त कदम उठाने का संकल्प लिया है।

वीडियो का विवाद और उसकी प्रतिक्रिया

आरंभ गरबा ग्रुप में एक वीडियो डाला गया जिस पर युवा हिन्दू उत्सव समिति द्वारा उस विडियो का विरोध किया, उस विडियो से न केवल पवित्र भगवत गीता का अपमान किया गया, बल्कि ब्राह्मण समाज को भी निशाना बनाया गया। यह वीडियो धर्म विरोधी मानसिकता को दर्शाता है, जो हमारे समाज के लिए अस्वीकार्य है। इस वीडियो के बाद सिवनी की युवाहिन्दूउत्सव समिति ने तत्परता दिखाते हुए दोषियों को खोजने का कार्य आरंभ किया। इस घटना के बाद हिंदू समाज में उबाल आया और लोग इन दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।

सार्वजनिक माफी और हिंदू समाज की प्रतिक्रिया

मोहित दुबे, जो इस विवादित ग्रुप का हिस्सा था, ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। हालांकि, युवाहिन्दूउत्सव समिति और हिंदू समाज के कई लोगों का मानना है कि केवल माफी पर्याप्त नहीं है। जिन लोगों ने इस कृत्य को अंजाम दिया, उन्हें सजा दिलाने के लिए सामाजिक दबाव बढ़ता जा रहा है। इस मामले ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, और इसे सिर्फ माफी से नहीं सुलझाया जा सकता।

धर्म के खिलाफ जाने वालों को सजा मिलनी चाहिए

युवाहिन्दूउत्सव समिति का कहना है कि जो कोई भी धर्म के खिलाफ कार्य करेगा, उसे सजा अवश्य मिलेगी, चाहे वह किसी भी जाति, धर्म या रसूख का व्यक्ति हो। इस घटना ने साबित किया है कि हिंदू समाज अब ऐसे कृत्यों के खिलाफ खड़ा हो रहा है और इन्हें माफ करने के बजाय सख्त कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। समिति का मानना है कि धार्मिक अपमान के खिलाफ सख्त कार्रवाई से ही समाज में शांति और धार्मिक सौहार्द्र स्थापित किया जा सकता है।

हिंदू समाज की एकजुटता

इस घटना ने हिंदू समाज को एकजुट कर दिया है। युवाहिन्दूउत्सव समिति ने इस मामले को लेकर जो कदम उठाए हैं, उससे यह साफ हो गया है कि हिंदू समाज अब ऐसे अपमानजनक कृत्यों को बर्दाश्त नहीं करेगा। ब्राह्मण समाज और भगवत गीता के प्रति इस प्रकार का अनादर पूरे हिंदू समाज की भावनाओं को आहत करता है। इस प्रकार की घटनाओं से समाज में असहिष्णुता बढ़ती है, जिसे रोकने के लिए सभी समुदायों को मिलकर कार्य करना चाहिए।

युवाहिन्दूउत्सव समिति का कड़ा रुख

युवा हिन्दू उत्सव समिति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि चाहे कोई भी व्यक्ति हो, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, अगर वह धर्म के खिलाफ जाता है, तो उसे सजा दी जाएगी। समिति का मानना है कि समाज में धार्मिक अनुशासन बनाए रखने के लिए ऐसे कृत्यों के खिलाफ सख्त कदम उठाना जरूरी है। यह घटना एक उदाहरण है कि कैसे युवा हिन्दू उत्सव समिति समाज के धार्मिक मूल्यों की रक्षा के लिए तत्पर है।

धर्म के खिलाफ कोई भी अपमानजनक कृत्य समाज के लिए अस्वीकार्य है। आरंभ गरबा ग्रुप द्वारा की गई इस घटना ने हिंदू समाज को झकझोर दिया है। युवाहिन्दूउत्सव समिति और हिंदू सुरक्षादल सिवनी जैसे संगठन इस प्रकार की घटनाओं के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि हिंदू समाज अपने धर्म और धार्मिक प्रतीकों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। हमें एकजुट होकर अपने धार्मिक मूल्यों की रक्षा करनी चाहिए और ऐसे कृत्यों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाने चाहिए।

सिवनी कलेक्टर और आजीविका मिशन के प्रयास से खिल उठे 74 युवाओं के चेहरे; मिला रोजगार

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Seoni News: बरघाट, धारना कला. मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में, बेरोजगार युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए जिला प्रशासन और आजीविका मिशन के संयुक्त तत्वाधान में एक महत्वपूर्ण रोजगार मेला आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना और उन्हें एक स्थिर भविष्य की दिशा में अग्रसर करना था। इस रोजगार मेले का नेतृत्व माननीय श्री पावर नवजीवन विजय आईएएस, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सिवनी ने किया।

रोजगार मेला: बेरोजगारों के लिए सुनहरा अवसर

इस रोजगार मेले में, कैपेस्टन सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा सुरक्षा जवान और सुरक्षा सुपरवाइजर के पदों के लिए नियुक्तियां की गईं। मेला में लगभग 180 बेरोजगार युवाओं ने रुचि दिखाते हुए अपना पंजीयन कराया। इन पंजीकृत युवाओं में से 74 युवाओं का चयन किया गया, जिन्हें मेला स्थल पर ही चयन पत्र सौंपे गए। इस प्रक्रिया ने युवाओं के चेहरों पर खुशियां बिखेर दीं और उन्हें रोजगार मिलने की खुशी का अहसास हुआ।

कैसे हुआ युवाओं का चयन?

रोजगार मेले में भाग लेने वाले युवाओं को कंपनी द्वारा तय मापदंडों के अनुसार जांचा गया। इसमें शैक्षणिक योग्यता, शारीरिक मापदंड, और अन्य आवश्यक योग्यताएं शामिल थीं। जो युवा इन मापदंडों को पूरा कर रहे थे, उन्हें तुरंत ही चयन पत्र सौंपे गए। इस मेला में कैपिटल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया और चयन प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाया।

प्रशासनिक अधिकारियों की अहम भूमिका

रोजगार मेले में सुश्री रेखा देशमुख, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत सिवनी, और श्री राजेंद्र शुक्ला, जिला परियोजना प्रबंधक, ग्रामीण आजीविका मिशन, ने भी उपस्थिति दर्ज कराई। इन अधिकारियों ने युवाओं को मार्गदर्शन दिया और उन्हें प्रगति पथ पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इनके नेतृत्व में, रोजगार मेले का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और युवाओं को सही दिशा में प्रोत्साहित किया गया।

युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम

इस रोजगार मेले का मुख्य उद्देश्य था युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें स्थायी रोजगार प्रदान करना। कैपिटल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों और विकासखंड स्तरीय अमले ने इसमें महत्वपूर्ण सहयोग दिया। इस रोजगार मेले के आयोजन से सिवनी के युवाओं को नई ऊर्जा मिली और वे अपने भविष्य को लेकर आशान्वित हैं।

आने वाले समय में और भी अवसर

यह रोजगार मेला सिर्फ एक शुरुआत है। आने वाले समय में, जिला प्रशासन और आजीविका मिशन और भी रोजगार मेलों का आयोजन करेंगे, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें। प्रशासन का उद्देश्य है कि सिवनी के हर बेरोजगार युवा को आर्थिक स्थिरता प्रदान की जाए, ताकि वे सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकें।

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) द्वारा कांस्टेबल/फायर (पुरुष) 2024 भर्ती – 1130 पदों के लिए आवेदन शुरू

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CISF Recruitment 2024: केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने 2024 के लिए कांस्टेबल/फायर (पुरुष) पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। CISF इस भर्ती अभियान के तहत 1130 रिक्तियों के लिए आवेदन स्वीकार कर रहा है। जो उम्मीदवार इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाना चाहते हैं, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है। आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से की जाएगी और आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर, 2024 निर्धारित की गई है।

How To Apply CISF Recruitment 2024

CISF कांस्टेबल/फायर भर्ती 2024 के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है। अभ्यर्थियों को नीचे दिए गए चरणों का पालन करना होगा:

  1. आधिकारिक वेबसाइट cisfrectt.cisf.gov.in पर जाएं।
  2. होमपेज पर ‘कांस्टेबल/फायर भर्ती 2024’ लिंक खोजें और उस पर क्लिक करें।
  3. अपनी लॉगिन क्रेडेंशियल का उपयोग करके लॉगिन करें। अगर नए हैं तो पहले रजिस्ट्रेशन करें।
  4. अब, आवेदन पत्र भरें, जिसमें आपकी व्यक्तिगत जानकारी और शैक्षणिक योग्यता शामिल हो।
  5. आवश्यक दस्तावेज़ जैसे शैक्षणिक प्रमाणपत्र, फोटो, और हस्ताक्षर अपलोड करें।
  6. आवेदन शुल्क का भुगतान करें। आवेदन प्रक्रिया का सफल समापन सुनिश्चित करने के लिए शुल्क भुगतान महत्वपूर्ण है।
  7. फॉर्म जमा करें और भविष्य के संदर्भ के लिए आवेदन की एक प्रति डाउनलोड और सहेजें

CISF Recruitment 2024 Application Fees

सभी सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क ₹100/- रखा गया है। हालांकि, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), और भूतपूर्व सैनिक (ESM) को आवेदन शुल्क के भुगतान से छूट प्रदान की गई है। आवेदन शुल्क का भुगतान निम्नलिखित तरीकों से किया जा सकता है:

  • नेट बैंकिंग, डेबिट/क्रेडिट कार्ड द्वारा
  • यूपीआई के माध्यम से
  • एसबीआई चालान के माध्यम से नकद भुगतान

महत्वपूर्ण: आवेदन शुल्क के किसी अन्य माध्यम से भुगतान को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

CISF Recruitment 2024 Education Qualification

CISF कांस्टेबल/फायर (पुरुष) पद के लिए आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से विज्ञान विषय के साथ 12वीं कक्षा या इसके समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अभ्यर्थी आवेदन की अंतिम तिथि यानी 30 सितंबर, 2024 तक इस योग्यता को पूरा कर चुके हों।

CISF Recruitment 2024 Age Limit

इस भर्ती प्रक्रिया के लिए अभ्यर्थियों की आयु 18 से 23 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आयु की गणना 30 सितंबर, 2024 तक की जाएगी। इसका मतलब यह है कि आवेदक का जन्म 10 जनवरी, 2001 से पहले और 30 सितंबर, 2006 के बाद नहीं हुआ होना चाहिए।

चयन प्रक्रिया

CISF कांस्टेबल/फायर (पुरुष) भर्ती 2024 की चयन प्रक्रिया में कई चरण शामिल हैं। यह सुनिश्चित करता है कि उम्मीदवार शारीरिक, मानसिक, और शैक्षणिक मानदंडों को पूरा करते हैं। चयन प्रक्रिया के प्रमुख चरण निम्नलिखित हैं:

  1. शारीरिक दक्षता परीक्षण (PET): उम्मीदवारों की शारीरिक क्षमता का परीक्षण किया जाएगा। इसमें दौड़, ऊंची छलांग, और लंबी छलांग जैसी गतिविधियाँ शामिल होंगी।
  2. शारीरिक मानक परीक्षण (PST): उम्मीदवारों की ऊंचाई, वजन, और छाती के माप के मानकों का सत्यापन किया जाएगा।
  3. दस्तावेज़ सत्यापन (DV): उम्मीदवारों के द्वारा प्रदान किए गए दस्तावेज़ों की जांच की जाएगी। इसमें शैक्षणिक प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज़ों का सत्यापन शामिल होगा।
  4. लिखित परीक्षा (OMR/CBT): लिखित परीक्षा में सामान्य ज्ञान, तर्कशक्ति, और बुनियादी गणितीय प्रश्न शामिल होंगे। यह परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में आयोजित की जाएगी।
  5. विस्तृत चिकित्सा परीक्षा (DME): शारीरिक और लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों की चिकित्सा परीक्षा आयोजित की जाएगी।

महत्वपूर्ण निर्देश

  • उम्मीदवारों को यह ध्यान रखना चाहिए कि सभी आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।
  • लिखित परीक्षा के मेरिट लिस्ट को राज्य/संघ राज्य क्षेत्र और श्रेणी-वार आधार पर तैयार किया जाएगा।
  • उम्मीदवारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आवेदन में दी गई जानकारी और अपलोड किए गए दस्तावेज़ पूरी तरह से सही और मान्य हों। कोई भी गलत जानकारी या जाली दस्तावेज़ भर्ती प्रक्रिया में अयोग्यता का कारण बन सकते हैं।
  • सभी उम्मीदवारों को भर्ती से संबंधित नवीनतम जानकारी के लिए नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट पर नज़र रखनी चाहिए।

महत्वपूर्ण तिथियाँ

  • ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की तिथि: 1 सितंबर, 2024
  • आवेदन की अंतिम तिथि: 30 सितंबर, 2024
  • लिखित परीक्षा की संभावित तिथि: नवंबर 2024

अधिक जानकारी के लिए

CISF कांस्टेबल/फायर (पुरुष) भर्ती 2024 से संबंधित किसी भी अन्य जानकारी के लिए, उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और सभी सूचनाओं को ध्यानपूर्वक पढ़ें।

MP Weather: सिवनी समेत 8 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी, पूरे मध्यप्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट

MP WEATHER: मध्य प्रदेश में अगले तीन दिनों में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत 31 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बैतूल, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, धार, सिवनी और पंढुर्ना जैसे दक्षिणी जिलों में बहुत भारी बारिश का ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया गया है।

भारी वर्षा के लिए ऑरेंज अलर्ट

बैतूल, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, धार, सिवनी और पांढुर्ना जिले भारी बारिश के लिए ‘ऑरेंज’ अलर्ट के तहत हैं।

भारी वर्षा के लिए यलो अलर्ट 

सीहोर, खंडवा, झाबुआ, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, छिंदवाड़ा, मंडला और बालाघाट भारी बारिश के लिए ‘येलो’ अलर्ट के तहत हैं।

हल्की बारिश और गरज के साथ तूफान

राजगढ़, नर्मदापुरम, हरदा, शाजापुर, आगर-मालवा, रीवा, अनुपपुर, शहडोल, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर और सागर जिलों में हल्की बारिश और आंधी के लिए अलर्ट है।

अगले 24 घंटों में भारी बारिश की संभावना

अगले 24 घंटों में सीहोर, खंडवा, झाबुआ, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, छिंदवाड़ा, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश की संभावना है। राजगढ़, नर्मदापुरम, हरदा, शाजापुर, आगर मालवा, रीवा, अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर और सागर जैसे जिलों में गरज के साथ मध्यम बारिश का अनुमान है। अन्य जिलों में गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

मौसम विज्ञानी क्या कहते हैं?

सितंबर में यह चौथी बार है जब कोई मजबूत मौसमी सिस्टम सक्रिय हुआ है। इसके चलते 25, 26 और 27 सितंबर को पूरे प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है। आईएमडी भोपाल के वरिष्ठ वैज्ञानिक वीएस यादव ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना है, जिससे प्रदेश के दक्षिणी और पूर्वी इलाकों में बारिश हो रही है। दोपहर तक भोपाल में भी हल्की बारिश की संभावना है।

बांध फिर से भर सकते हैं ओवरफ्लो

लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य भर के कई बांध और जलाशय एक बार फिर लबालब होने की आशंका है। राज्य के करीब 250 बांधों में से करीब 200 इस सीजन में पहले ही भर चुके हैं। बरगी, बाणगंगा, ओंकारेश्वर, इंदिरा सागर, तवा, कलियासोत, केरवा और भदभदा जैसे प्रमुख बांधों के गेट 6 से 10 बार या उससे भी ज्यादा बार खोलने पड़े हैं। मंगलवार को अटल सागर, मोहनपुरा, हलाली, मड़ीखेड़ा, तिघरा, बानसुजारा और जोहिला समेत कई जलाशयों में जलस्तर बढ़ गया।

सिवनी में गरबा: आस्था या व्यापार? गरबा की आड़ में अनैतिक गतिविधियाँ, अधर्मियों की घुसपैठ, टैक्स चोरी के साथ मर्यादा का उल्लंघन

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SEONI NEWS: सिवनी जिला मुख्यालय में गरबा के नाम पर होने वाले आयोजन अब धार्मिक आस्था से अधिक व्यापार का माध्यम बन गए हैं। नवरात्रि के इन पवित्र नौ दिनों के दौरान देवी माँ की अराधना के नाम पर चल रहे आयोजनों में कई अनियमितताएँ सामने आ रही हैं, जिनसे शहर की सांस्कृतिक और धार्मिक वातावरण पर बुरा असर पड़ रहा है।

गरबा की आड़ में चल रहा व्यापार

सिवनी में नवरात्रि गरबा एक पारंपरिक आयोजन रहा है, लेकिन अब यह सिर्फ आस्था का हिस्सा नहीं रह गया है। आयोजक टिकट बिक्रीड्रेस किराए और अन्य साधनों से मोटी कमाई कर रहे हैं। नवरात्रि के दौरान होने वाले इन आयोजनों में किसी प्रकार का सरकारी रजिस्ट्रेशन भी नहीं होता, जिससे टैक्स चोरी के आरोप भी लग रहे हैं। इससे सिवनी में नवरात्रि की रौनक खत्म हो रही है, और स्थानीय निवासियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

गरबा के नाम पर अनैतिक गतिविधियाँ

सकल हिंदू समाज ने इस मुद्दे पर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि गरबा आयोजनों में असामाजिक तत्व भी प्रवेश कर रहे हैं। कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं जब फर्जी पहचान का उपयोग करके लोग इन आयोजनों में शामिल होते हैं, जिससे लव जिहाद जैसे मामले बढ़ सकते हैं। इन आयोजनों में ना तो पहचान पत्रों की जांच होती है और ना ही पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए जाते हैं, जिससे महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

मर्यादा का उल्लंघन

सकल हिंदू समाज ने साफ तौर पर कहा है कि यदि गरबा आयोजक नवरात्रि के प्रथम पाँच दिनों में मर्यादा और नियमों के तहत कार्यक्रम संपन्न नहीं करते, तो इन आयोजनों को बंद किया जाएगा। देवी माँ की अराधना गरबा के माध्यम से होनी चाहिए, लेकिन यह आधी रात तक चलने वाले अश्लील ठुमकों के रूप में नहीं होनी चाहिए। आयोजकों को सुझाव दिया गया है कि देवी माँ की प्रतिमा के सामने, जवारों और कलश स्थापना के साथ गरबा का आयोजन किया जाए ताकि इसका धार्मिक महत्व बना रहे।

अधर्मियों की घुसपैठ से गरबा का अपमान

गरबा आयोजनों में अधर्मियों द्वारा घुसपैठ और अनैतिक गतिविधियों का आरोप सकल हिंदू समाज ने लगाया है। उनकी राय में, इन आयोजनों में शामिल होने वाले लोगों की पहचान छिपाकर ये लोग समाज में विभाजन का बीज बो रहे हैं। बिना सुरक्षा और पहचान पत्र की जांच के आयोजन समाज की सांस्कृतिक मर्यादा का उल्लंघन है और इससे भविष्य में गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

सिवनी में गरबा का व्यवसायिक स्वरूप

सिवनी में गरबा के नाम पर खुलकर व्यवसायिक गतिविधियाँ हो रही हैं। आयोजक न सिर्फ टिकट बेच रहे हैं, बल्कि महंगे कपड़े और ड्रेस भी किराए पर देकर भारी मुनाफा कमा रहे हैं। इन आयोजनों का कोई वित्तीय पारदर्शिता नहीं है, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि टैक्स चोरी बड़े पैमाने पर हो रही है। इस तरह के आयोजनों से शहर की छवि पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है, और यह सवाल उठने लगा है कि क्या इस तरह के आयोजन धार्मिक आस्था के लिए होते हैं या सिर्फ पैसे कमाने का जरिया बन गए हैं?

सकारात्मक दिशा में समाधान की आवश्यकता

सिवनी के गरबा आयोजनों में उत्पन्न इन समस्याओं का समाधान आवश्यक है। स्थानीय प्रशासन को इन आयोजनों पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि ये आयोजन धार्मिक मर्यादाओं के अनुरूप हों। इसके अलावा, रजिस्ट्रेशन और सुरक्षा उपायों को भी लागू किया जाना चाहिए ताकि कोई अनैतिक गतिविधियाँ न हो सकें।

गरबा आयोजकों की जिम्मेदारी

गरबा आयोजन समितियों को चाहिए कि वे अपने कार्यक्रमों को धार्मिक और सांस्कृतिक मर्यादाओं के दायरे में रखें। यह जरूरी है कि वे देवी माँ की अराधना को सही तरीके से प्रस्तुत करें और आयोजन में सुरक्षा और नियमों का पालन करें। इससे समाज में गरबा की पवित्रता बनी रहेगी और इस आयोजन की महत्ता भी बरकरार रहेगी।

अशरफ ने महालक्ष्मी के 50 से अधिक टुकड़े कर फ्रिज में भरा! बेंगलुरु में खौफनाक हत्याकांड 

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बेंगलुरु के एक फ्लैट में महालक्ष्मी के शव के 50 टुकड़े मिलने के बाद यह मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया है। इस भयावह घटना ने न केवल बेंगलुरु, बल्कि पूरे कर्नाटक और देशभर में सनसनी मचा दी है। पुलिस और जांच एजेंसियां मामले की तह तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने इस भयानक हत्या के दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ने का वादा किया है, जिससे मामले में और भी गहरी जांच शुरू हो गई है।

हत्या की जांच और संदिग्धों की पहचान

पुलिस द्वारा जांच की स्थिति के अनुसार, महालक्ष्मी के शव के टुकड़े एक फ्लैट में मिले थे, जो पहले से ही पुलिस की नजर में था। हत्या के बाद से इस घटना से जुड़े कई नए रहस्य सामने आ रहे हैं। बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त बी दयानंद ने बताया कि संदिग्ध की पहचान कर ली गई है, और यह व्यक्ति बाहरी है।

गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा है कि एक व्यक्ति का नाम सामने आया है, लेकिन जब तक और जानकारी नहीं मिलती, वे किसी भी चीज की पुष्टि नहीं कर सकते। उन्होंने इस संदिग्ध को जल्द ही पकड़ने का संकल्प लिया है।

पुलिस द्वारा संदिग्धों की धरपकड़ और पूछताछ

मामले में पुलिस ने पहले से ही कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। गृह मंत्री ने यह जानकारी दी कि पुलिस संभावित संदिग्धों को पकड़कर उनसे पूछताछ कर रही है। यदि कोई अपराध स्वीकार करता है, तो उसे तुरंत हिरासत में लिया जाएगा। पुलिस को अब तक कुछ महत्वपूर्ण जानकारी मिली है, जिसे उन्होंने अभी तक सार्वजनिक नहीं किया है।

महालक्ष्मी के पूर्व पति का बयान और अशरफ पर शक

मृतक महालक्ष्मी के पूर्व पति ने घटना के संबंध में महालक्ष्मी के एक परिचित, अशरफ, पर शक जताया है। उन्होंने बताया कि महालक्ष्मी का अशरफ के साथ प्रेम संबंध था और वह उसी फ्लैट में रह रहा था, जहां यह हत्या हुई। अशरफ पेशे से नाई है और वह बेंगलुरु के एक नाई की दुकान पर काम करता था।

हत्या के कारणों का रहस्य

हत्या के पीछे के कारण अभी तक पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। लेकिन पुलिस के अनुसार, यह हत्या प्रेम संबंध या व्यक्तिगत रंजिश से जुड़ी हो सकती है। पुलिस ने मामले की सभी कोणों से जांच शुरू कर दी है।

फ्लैट में मिले शव के टुकड़ों की स्थिति और फोरेंसिक जांच

महालक्ष्मी के शव को लगभग 50 टुकड़ों में काटा गया था, और पुलिस ने इन टुकड़ों को फ्लैट से बरामद किया। शव की हालत को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि हत्या बहुत ही क्रूर तरीके से की गई है। इस घटना की फोरेंसिक जांच भी की जा रही है, जिससे हत्या के समय और उपकरणों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।

स्थानीय निवासियों में भय का माहौल

इस भयानक हत्या के बाद बेंगलुरु के उस इलाके में जहां यह घटना घटी, वहां के स्थानीय निवासियों में भय का माहौल है। लोग अपने घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं और पुलिस से इस घटना के जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

हत्या के पीछे की संभावित साजिश

हत्या की गहराई से जांच करते हुए पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं है। अभी तक की जांच में यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि इस हत्या के पीछे किसी गिरोह या बाहरी तत्व का हाथ है या नहीं।

मीडिया की नजर और कर्नाटक सरकार की प्रतिक्रिया

मीडिया इस घटना पर लगातार नजर बनाए हुए है और हर छोटे से छोटे अपडेट को प्रमुखता से प्रकाशित कर रही है। कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि मामले में तेजी से जांच हो रही है और जल्द ही दोषियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।

न्याय की मांग और परिवार की पीड़ा

महालक्ष्मी के परिवार ने इस भयावह घटना के बाद न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से जल्द से जल्द दोषियों को पकड़ने और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। इस घटना ने महालक्ष्मी के परिवार के साथ-साथ पूरे समाज को हिला कर रख दिया है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस और जांच एजेंसियों की टीम तेजी से मामले की जांच कर रही हैं। पुलिस ने कुछ महत्वपूर्ण सुराग जुटाए हैं, जिनसे इस मामले में जल्द ही बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। बेंगलुरु पुलिस इस मामले को एक चुनौती के रूप में देख रही है और जल्द से जल्द न्याय दिलाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है।

सिवनी में खाटू श्याम बाबा के संकीर्तन में रातभर झूमे श्रद्धालु, महिलाओं ने भी भक्ति भाव में जमकर किया नृत्य

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Seoni News: हाल ही में सिवनी के जबलपुर रोड स्थित वाटिका सेलिब्रेशन में आयोजित हुआ खाटू श्याम बाबा का संकीर्तन अपने आप में एक अद्भुत भक्तिमय अनुभव रहा। इस आयोजन में देशभर से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया और बाबा श्याम की भक्ति में पूरी रात झूमते रहे। राजस्थान के खाटू नगरी में विराजित बाबा श्याम के भजनों से सिवनी की यह धरती भी गूंज उठी।

खाटू श्याम बाबा के प्रति श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास

खाटू श्याम बाबा को कलियुग के महाभारत योद्धा ‘बर्बरीक’ के रूप में भी जाना जाता है। बाबा श्याम के प्रति श्रद्धालुओं का विश्वास और प्रेम इतना अटूट है कि उनके संकीर्तन में शामिल होने के लिए लोग देश के कोने-कोने से आते हैं। बाबा श्याम के भजनों और कीर्तन में डूबकर भक्तगण भक्ति की ऐसी धारा में बहते हैं कि उन्हें संसार की चिंता से कोई मतलब नहीं रह जाता।

विशिष्ट कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियां

इस विशेष कार्यक्रम में जयपुर, राजस्थान से आए गायक आयुष सोमानीराजनांदगांव, छत्तीसगढ़ से आई महिला गायक राधिका शर्मा और कामठी, नागपुर से आए सुमित शर्मा जैसे प्रसिद्ध कलाकारों ने अपनी अद्भुत प्रस्तुतियों से भक्तों को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। उनके गाए भजनों ने समस्त वातावरण को भक्ति मय बना दिया।

बाबा श्याम के भजनों के माध्यम से कलाकारों ने भक्तों को ऐसी आध्यात्मिक यात्रा पर ले जाया जहां केवल भक्ति और प्रेम का साम्राज्य था। संकीर्तन में कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए, जिससे श्रद्धालु अपनी सुध-बुध खोकर भक्ति में झूमने लगे।

महिलाओं ने भी किया भक्ति में नृत्य

संकीर्तन के दौरान महिलाओं का उत्साह देखने लायक था। वे न केवल भजनों का आनंद ले रही थीं, बल्कि भक्ति भाव में डूबकर जमकर नृत्य भी कर रही थीं। बाबा श्याम के प्रति उनका समर्पण और प्रेम इतना गहरा था कि वे घंटों तक थिरकती रहीं। इस आयोजन में सिवनी की महिलाओं ने भक्ति और नृत्य के माध्यम से अपनी श्रद्धा और आस्था का अनूठा प्रदर्शन किया।

धार्मिक आयोजनों का महत्व

संकीर्तन में उपस्थित प्रमुख अतिथियों ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए धार्मिक आयोजनों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजन न केवल भक्ति को बढ़ावा देते हैं, बल्कि समाज में एकता, प्रेम और सद्भावना का संदेश भी फैलाते हैं। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों से समाज में धार्मिक चेतना का संचार होता है, जो व्यक्ति के आत्मिक विकास के लिए अति आवश्यक है।

रातभर चला भक्ति का महासंगम

यह आयोजन पूरी रात चलता रहा और श्रद्धालुओं की भक्ति की ऊर्जा रातभर चरम पर रही। गायक कलाकारों ने ऐसे-ऐसे भजन प्रस्तुत किए, जिनसे हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया। महिला गायक राधिका शर्मा और आयुष सोमानी के मधुर स्वरों ने श्रोताओं को भक्ति रस में डुबो दिया।

अखंड ज्योति और आरती का आयोजन

संकीर्तन की शुरुआत अखंड ज्योति प्रज्वलित कर की गई, जिससे समूचा वातावरण भक्तिमय हो गया। संकीर्तन के अंत में बाबा श्याम की विशाल आरती का आयोजन किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आरती के बाद प्रसाद वितरण का भी कार्यक्रम रखा गया, जिसमें भक्तगणों ने प्रसाद ग्रहण कर अपनी भक्ति को पूर्णता दी।

संपूर्ण आयोजन में विशेष सहयोग

इस आयोजन के सफल संचालन में सिवनी के संतोष कुमार जोशी और कृष्ण कुमार सोनी का विशेष सहयोग रहा, जिन्होंने संकीर्तन की व्यवस्था को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी समर्पित सेवा और भक्ति ने आयोजन को सफल बनाने में बड़ी भूमिका निभाई।

श्रद्धालुओं का अनुभव

आयोजन में शामिल हुए श्रद्धालुओं ने बताया कि यह संकीर्तन उनके लिए आध्यात्मिक अनुभव से कम नहीं था। वे बाबा श्याम के भजनों और संकीर्तन से इतनी गहराई से जुड़े कि उन्हें लगा जैसे वे स्वयं खाटू नगरी में बाबा श्याम के सान्निध्य में हैं। उनके अनुसार इस तरह के धार्मिक आयोजन जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करते हैं।

आयोजन का समापन

संकीर्तन का समापन बेहद भक्तिमय वातावरण में हुआ। आरती और प्रसाद वितरण के बाद श्रद्धालु भक्ति से ओतप्रोत होकर अपने घर लौटे। उन्होंने बाबा श्याम के प्रति अपनी अटूट आस्था और प्रेम को न केवल महसूस किया, बल्कि दूसरों तक भी इसे फैलाने का संकल्प लिया।

यह आयोजन इस बात का प्रतीक था कि खाटू श्याम बाबा की भक्ति केवल एक धार्मिक गतिविधि नहीं, बल्कि जीवन को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देने वाला एक महान अवसर है।