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भोपाल में 5 साल की बच्ची की हत्या: हत्यारे की बहन के मोबाइल में नाबालिग लड़कियों की फोटो का भंडार

Bhopal News: पिछले सप्ताह शाहजहांपुर में पांच साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी आरोपी की मां और बहन के पिछले रिकॉर्ड खंगाल रही है, जिन्होंने सबूत नष्ट करने और अपराध को छिपाने में उसकी मदद की थी।

एसआईटी का नेतृत्व करने वाले अधिकारियों ने रविवार को एक बड़ा खुलासा किया। एडिशनल डीसीपी (जोन-3) शालिनी दीक्षित ने बताया कि मुख्य आरोपी अतुल भालसे की बहन चंचल भालसे 12 लोगों के संपर्क में थी।

पुलिस ने चंचल का मोबाइल फोन जब्त कर लिया और उसकी डिटेल खंगाली तो यह बात सामने आई। उन्होंने बताया कि यह भी पता चला है कि वह नाबालिग लड़कियों की तस्वीरें सभी 12 लोगों के साथ शेयर करती थी। इसलिए, यह संदेह जताया जा रहा है कि वह सेक्स रैकेट का हिस्सा थी।

हालांकि, डीसीपी दीक्षित के अनुसार, सेक्स रैकेट चलाने में चंचल की भूमिका की पुष्टि नहीं हुई है, क्योंकि उससे पूछताछ की जा रही है। अतुल की पुलिस रिमांड सोमवार को खत्म होगी।

शाहजहानाबाद एसीपी निहित उपाध्याय ने बताया कि आरोपी अतुल खरगोन का रहने वाला है। उसके खिलाफ छेड़छाड़, सार्वजनिक हमला और चोरी से जुड़े कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। जब उसने अपने तौर-तरीके नहीं बदले तो खरगोन पुलिस ने उसे देश से निकाल दिया। पिछले चार सालों से खरगोन में उसका घर बंद है और वह पुलिस कार्रवाई के डर से जिले में नहीं जाता।

हरदा: 5 साल की बच्ची से बलात्कार, आरोपी ने खाया जहर; भोपाल रेफर किया गया

HARDA NEWS: हरदा में 5 साल की बच्ची से बलात्कार करने वाले और फरार आरोपी को पुलिस ने छह दिन बाद रविवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि पकड़े जाने के बाद आरोपी ने पुलिस के डर से जहर खाने की बात कही है और उसे भोपाल रेफर कर दिया गया है।

हरदा एसपी अभिनव चौकसे ने मीडिया को बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुनील कोरकू के रूप में हुई है। उसे शहर के रेहटगांव इलाके के नज़रपुरा इलाके से गिरफ्तार किया गया।

बलात्कार की घटना की सूचना मिलने के बाद हरदा कलेक्टर आदित्य सिंह ने पुलिस को विशेष तलाशी अभियान चलाने के निर्देश दिए थे, जिसके तहत पुलिस ने हरदा के 33 गांवों में टीमें तैनात कीं और आरोपियों का पता लगाने के लिए नाइट विजन ड्रोन का इस्तेमाल किया।

रविवार को कोरकू को पकड़ने के बाद उसने पुलिस को बताया कि पुलिस के डर से उसने जहर खा लिया है। उसे पहले हरदा जिला अस्पताल भेजा गया, जहां से उसे भोपाल रेफर कर दिया गया। एसपी चौकसे ने बताया कि इलाज के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

MP WEATHER: बरगी बांध के 9 गेट खुले; भोपाल, इंदौर, छिंदवाडा, जबलपुर समेत 37 जिलों में बारिश

MP WEATHER: सोमवार को भोपाल और इंदौर समेत 37 जिलों में हल्की बूंदाबांदी का पूर्वानुमान जारी किया गया है। भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। अधिकांश जिलों में धूप खिलने की संभावना है। हालांकि, जबलपुर शहर में फिलहाल तेज बारिश हो रही है। 

बरगी बांध के 9 गेट खोले गए

जबलपुर और आसपास के इलाकों में बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। संभाग के कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है।

अधिकारियों ने एक बार फिर बरगी बांध के गेटों की संख्या बढ़ा दी है, जिससे अब कुल 9 गेटों से पानी छोड़ा जा रहा है। बढ़ते जलस्तर के कारण नर्मदा के विभिन्न तटों पर अलर्ट जारी कर दिया गया है

बांध के जलग्रहण क्षेत्र के जिलों से पानी आ रहा है, जिससे पहले से ही ऊंचा स्तर और अधिक बढ़ गया है।

सोमवार को मौसम का पूर्वानुमान 

जारी रहेगी तेज धूप: ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, शाजापुर, आगर मालवा, देवास, नीमच, रीवा, मंदसौर, सिंगरौली, सीधी और अनूपपुर में तेज धूप बनी रह सकती है।

गरज के साथ हल्की बारिश: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और मध्य प्रदेश के बाकी जिलों में गरज के साथ हल्की बारिश होगी

मौसम विज्ञानी क्या कहते हैं?

आईएमडी भोपाल के वरिष्ठ वैज्ञानिक अभिजीत चक्रवर्ती के अनुसार, बारिश कराने वाला मौसमी सिस्टम अब कमजोर पड़ रहा है और मौसम साफ रहने के साथ धूप खिलने की उम्मीद है। रविवार को इंदौर, भोपाल, उज्जैन, शिवपुरी और रतलाम समेत 10 जिलों में बारिश दर्ज की गई।

इस साल मध्य प्रदेश में औसत से 18% ज़्यादा बारिश हुई है। आम तौर पर राज्य में 37.3 इंच बारिश होती है, लेकिन इस साल 43.9 इंच बारिश हो चुकी है। दरअसल, 10 जिलों में 50 इंच से ज़्यादा बारिश हुई है।

मौसम विभाग का कहना है कि मानसून अब विदाई के करीब है, जो मौसम के अंत का संकेत है

वर्षा रिकॉर्ड

इस मॉनसून सीजन में सबसे ज्यादा बारिश जबलपुर संभाग में हुई है, जिसमें मंडला में 60.5 इंच से ज्यादा बारिश हुई है, जबकि सिवनी में 56.8 इंच बारिश हुई है। श्योपुर, निवाड़ी, भोपाल, सागर, राजगढ़, अलीराजपुर, छिंदवाड़ा और सीधी जैसे अन्य जिलों में भी अच्छी खासी बारिश हुई है, जो 50 इंच के आंकड़े को पार कर गई है।

Shardiya Navratri 2024: जानिए नवरात्रि में कौन से 9 रंग अपनाए जाने चाहिए और वे क्या दर्शाते हैं?

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Shardiya Navratri 2024: नवरात्रि उत्सव का हिंदू समाज में बहुत महत्व है। दिव्य स्त्री शक्ति का सम्मान करने वाला यह जीवंत और पवित्र त्योहार देवी दुर्गा और उनके विभिन्न स्वरूपों की आराधना पर केंद्रित है। यह उत्सव आश्विन माह में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होता है और नवमी तक चलता है।

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, आश्विन माह में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा 3 अक्टूबर 2024 को दोपहर 12:19 बजे शुरू होगी और 4 अक्टूबर को सुबह 2:58 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार शारदीय नवरात्रि 3 अक्टूबर 2024 को गुरुवार से शुरू होगी।

जैसे-जैसे त्योहार नजदीक आ रहा है, विभिन्न देवी-देवताओं की पूजा, प्रत्येक दिन के लिए अलग-अलग रंगों का महत्व, तथा उनके बारे में अधिक जानें।

दिन 1: लाल

शैलपुत्री: साहस की देवी

नवरात्रि के पहले दिन देवी शैलपुत्री को वीरता और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। भक्त लाल रंग पहनते हैं, जो शक्ति और संकल्प का प्रतीक है।

ब्रह्मचारिणी: पवित्रता की देवी

दिन 2: रॉयल ब्लू

ब्रह्मचारिणी: पवित्रता की देवी

दूसरा दिन देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा के लिए समर्पित है, जो पवित्रता और भक्ति का प्रतीक है। शांति और सुकून का प्रतीक होने के कारण उनसे जुड़ा रंग शाही नीला है।

चंद्रघंटा: शांति की देवी

दिन 3: पीला

चंद्रघंटा: शांति की देवी

तीसरे दिन, भक्त देवी चंद्रघंटा की पूजा करते हैं, जो शांति और स्थिरता का प्रतिनिधित्व करती हैं। पीला रंग, जो खुशी और आनंद का प्रतीक है, उनसे जुड़ा हुआ है।

दिन 4: हरा

कूष्मांडा: समृद्धि की देवी

चौथे दिन हरा रंग देवी कुष्मांडा का प्रतीक है। वह सभी सृष्टि की मूल निर्माता हैं और अपने अनुयायियों को समृद्धि प्रदान करती हैं।

दिन 5: ग्रे

स्कंदमाता: स्कंद की माता

पांचवा दिन देवी स्कंदमाता की पूजा के लिए समर्पित है, जो भगवान स्कंद की माता हैं। ग्रे रंग, जो संतुलन और स्थिरता का प्रतिनिधित्व करता है, उनसे जुड़ा हुआ है।

दिन 6: नारंगी

कात्यायनी: योद्धा देवी

छठे दिन शक्ति और साहस की प्रतीक देवी कात्यायनी की पूजा की जाती है। ऊर्जा और चमक से भरपूर नारंगी रंग उनके साहसी व्यक्तित्व का प्रतीक है।

कालरात्रि: अंधकार की देवी

दिन 7: सफेद

कालरात्रि: अंधकार की देवी

सातवां दिन देवी दुर्गा के शक्तिशाली स्वरूप कालरात्रि की पूजा के लिए समर्पित है। पवित्रता और आध्यात्मिकता का प्रतीक सफेद रंग उनसे जुड़ा है।

महागौरी: सौंदर्य की देवी

दिन 8: गुलाबी

महागौरी: सौंदर्य की देवी

आठवां दिन देवी महागौरी की पूजा के लिए समर्पित है, जो सुंदरता और अनुग्रह का प्रतिनिधित्व करती हैं। गुलाबी रंग, जो प्रेम और करुणा का प्रतीक है, उनकी दिव्य ऊर्जा का प्रतीक है।

माँ दुर्गा

दिन 9: आसमानी नीला

सिद्धिदात्री: बुद्धि प्रदान करने वाली

नवरात्रि के आखिरी दिन हम बुद्धि और ज्ञान की दाता देवी सिद्धिदात्री की पूजा करते हैं। उनके साथ आसमानी नीला रंग जुड़ा हुआ है, जो विशालता और आध्यात्मिकता का प्रतीक है।

सिवनी: बरघाट के धारनाकला में पानी टंकी बनकर तैयार, किन्तु पेयजल सुविधा अभी भी दूर

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Seoni News: जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर जल योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सभी घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है। इसके अंतर्गत सिवनी जिले के बरघाट जनपद के अंतर्गत ग्राम पंचायत धारनाकला में पानी टंकी का निर्माण छह महीने पहले ही पूरा कर लिया गया था। साथ ही, पाइपलाइन बिछा कर ग्रामीणों के घरों तक नल कनेक्शन भी लगाए गए हैं। बावजूद इसके, ग्रामीण आज भी शुद्ध पेयजल से वंचित हैं।

छह महीने पहले तैयार हुई पानी टंकी, लेकिन पानी अब तक नहीं पहुंचा

धारनाकला में छह महीने पहले ही पानी टंकी का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके साथ ही, हर घर को जल पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाई गई थी। लेकिन अफसोस की बात है कि अब तक इस योजना का कोई लाभ गांव के लोगों को नहीं मिला है। गर्मी का मौसम बीत चुका है, अब बरसात का मौसम भी समाप्त होने को है, फिर भी ग्रामीणों के घरों में नल से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है। पाइपलाइन गांव में सिर्फ सजावट के तौर पर घरों के सामने दिखाई देती है।

पंचायत का अधिकार क्षेत्र नहीं, ठेकेदार पर टिकी निगाहें

ग्राम पंचायत धारनाकला के अनुसार, पानी टंकी और पाइपलाइन का निर्माण ठेकेदार द्वारा किया गया है। लेकिन, अभी तक यह कार्य पूर्ण नहीं किया गया है और न ही पंचायत के अधीन पानी टंकी और पेयजल व्यवस्था को सौंपा गया है। पंचायत का कहना है कि जब तक ठेकेदार अपना काम पूरा नहीं करता, तब तक यह योजना पूरी तरह सफल नहीं हो सकती। पंचायत ने कई बार इस संबंध में पीएचई विभाग को जानकारी दी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। फिलहाल, ग्रामीणों को पुरानी पानी टंकी से पानी की आपूर्ति की जा रही है।

हैंडपंप भी हुआ बेकार, बोरिंग के कारण बढ़ी समस्या

धारनाकला में राधे कृष्ण मंदिर के पास स्थित हैंडपंप पहले ग्रामीणों को पेयजल सुविधा मुहैया करा रहा था। लेकिन, पानी टंकी के लिए किए गए बोरिंग के कारण अब यह हैंडपंप पानी उगलने में सक्षम नहीं रहा। इससे ग्रामीणों को पेयजल की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। बोरिंग के पास स्थित हैंडपंप का सूखना इस समस्या को और बढ़ा रहा है। जबकि नई पानी टंकी बोरिंग से भर जाती है, फिर भी इसके संचालन में आ रही दिक्कतें पंचायत के अधिकार क्षेत्र में न होने के कारण ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।

हर घर जल योजना: कागजों तक सीमित

सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर जल योजना केवल कागजों तक सीमित रह गई है। इसके अंतर्गत गांव के सभी घरों में नल कनेक्शन तो लगा दिए गए हैं, लेकिन पेयजल की सप्लाई आज तक शुरू नहीं हो पाई है। यह समस्या केवल धारनाकला गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि बरघाट क्षेत्र की कई अन्य ग्राम पंचायतों में भी यही स्थिति बनी हुई है। पानी टंकी का निर्माण हो गया है, पाइपलाइन बिछा दी गई है, फिर भी नल से पानी नहीं आ रहा है।

नल कनेक्शन बने शोपीस, करोड़ों का खर्च व्यर्थ

जनपद सदस्य गजानंद हरिनखेड़े का कहना है कि सरकार ने हर घर जल योजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च करके पानी टंकी और पाइपलाइन का निर्माण कराया। गांव के प्रत्येक घर में नल कनेक्शन तो लग गए हैं, लेकिन पानी की आपूर्ति अब तक शुरू नहीं हो पाई है। कनेक्शन केवल शोपीस बनकर रह गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, सरकार और प्रशासन के कड़े निर्देशों के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

गांव की गलियों में बेकार बह रहा पानी

गांव के कई हिस्सों में पाइपलाइन से व्यर्थ पानी बह रहा है। नल कनेक्शन तो लगाए गए हैं, लेकिन सही तरीके से उनका संचालन नहीं हो पा रहा है, जिससे गलियों में पानी बेकार बह रहा है। यह एक और चिंता का विषय है, क्योंकि पानी की कमी के बावजूद यह संसाधन व्यर्थ जा रहा है।

यह समस्या केवल धारनाकला तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे बरघाट क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में यह हाल है। पानी टंकी निर्माण और पाइपलाइन बिछाने के बावजूद पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों की उम्मीदें सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से जुड़ी हुई हैं, लेकिन ठेकेदारों की लापरवाही और पंचायत के सीमित अधिकारों के चलते लोग अब भी शुद्ध पेयजल के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

सिवनी पुलिस की गौवंश तस्करों पर कमर तोड़ कार्रवाई: 50 मवेशियों सहित एक ट्रक ज़ब्त, तीन आरोपी गिरफ्तार

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Seoni News: सिवनी पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस ने गौवंश तस्करों पर एक और कड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। गौवंश तस्करी और अवैध परिवहन पर कठोर कदम उठाते हुए पुलिस ने इस माह की तीसरी बड़ी कार्रवाई की, जिसमें 50 मवेशियों से भरे ट्रक को ज़ब्त किया गया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

यह कार्रवाई ए.एस.पी  गुरुदत्त शर्मा और सी.एस.पी पूजा पाण्डेय के मार्गदर्शन में की गई, जिसमें कोतवाली थाना प्रभारी सतीश तिवारी और उनकी टीम की सूझबूझ और सतर्कता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सिवनी पुलिस की माह में तीसरी बड़ी कार्रवाई: 50 मवेशियों सहित एक ट्रक ज़ब्त, तीन आरोपी गिरफ्तार

दिनांक 28/09/2024 को कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि ट्रक क्रमांक डी.डी.01 टी. 9744 में गौवंश तस्करी कर मवेशियों को नागपुर ले जाया जा रहा है। यह ट्रक जबलपुर-लखनादौन नेशनल हाईवे होते हुए नागपुर की ओर बढ़ रहा था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए नागपुर रोड बायपास पर जाम लगाकर उक्त ट्रक को रोका। पुलिस की सतर्कता के कारण ट्रक को रोका गया और उसमें से 50 मवेशी मिले, जिनके परिवहन के संबंध में कोई वैध दस्तावेज नहीं थे।

50 मवेशी मुक्त, पाँच मृत पाए गए

पुलिस द्वारा ज़ब्त किए गए मवेशियों में से 45 मवेशियों को सुरक्षित गौशाला भेजा गया, जबकि पाँच मवेशी मृत अवस्था में पाए गए। मृत मवेशियों का विधिवत डॉक्टरी परीक्षण कराया गया। ज़ब्तशुदा ट्रक को पुलिस ने राजसात करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है और तीनों आरोपियों के खिलाफ गौवंश अधिनियम के तहत कठोर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

सिवनी पुलिस की पिछली बड़ी कार्रवाइयां

कोतवाली पुलिस द्वारा इस माह में यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले दिनांक 05/09/2024 को 25 टन गौ मांस से भरे एक ट्रक को ज़ब्त किया गया था, वहीं 22/09/2024 को 22 मवेशियों से भरा एक और ट्रक पकड़ा गया था। इन सभी मामलों में आरोपी पहले से ही पुलिस की रडार पर थे और उनका आपराधिक रिकॉर्ड है। यह स्पष्ट है कि कोतवाली पुलिस ने गौवंश तस्करी के खिलाफ एक व्यापक अभियान चला रखा है।

गिरफ्तार आरोपी

गौवंश तस्करी में संलिप्त आरोपियों की पहचान इस प्रकार की गई है:

  1. हरीश पिता रामचंद्र चौधरी, उम्र 50 वर्ष, निवासी ग्राम मोड़ा, जिला कोटा, राजस्थान
  2. शालिकर पिता अमनत अली, उम्र 40 वर्ष, निवासी सारंगपुर, जिला राजगढ़
  3. असलम पिता अनवर खान, उम्र 34 वर्ष, निवासी सारंगपुर, जिला राजगढ़

इन आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस ने पाया कि ये पहले भी गौवंश तस्करी के मामलों में लिप्त रहे हैं और इनके खिलाफ पहले भी मामले दर्ज हैं।

ज़ब्त की गई संपत्ति

पुलिस द्वारा इस कार्रवाई में निम्नलिखित संपत्तियाँ ज़ब्त की गईं:

  1. ट्रक क्रमांक डी.डी.01 टी. 9744
  2. दो मोबाइल फोन

पुलिस की सराहनीय टीम

इस सराहनीय कार्रवाई में कोतवाली पुलिस के निम्नलिखित अधिकारियों और कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही:

  1. निरीक्षक सतीश तिवारी
  2. उप निरीक्षक ओमप्रकाश धौपुरी
  3. सहायक उप निरीक्षक संजय यादव
  4. आरक्षक नितेश राजपूत
  5. शिपाई संजीवइरफान खानरविन्द्र डहरियाविश्राम धुर्वेरत्नेश कुशवाह
  6. 100 डायल के चालक ज्योतिष

गौवंश तस्करी के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई

कोतवाली पुलिस द्वारा गौवंश तस्करी के खिलाफ की जा रही यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि पुलिस प्रशासन इन अवैध गतिविधियों को लेकर पूरी तरह से गंभीर है। गौवंश तस्करी एक गंभीर अपराध है और पुलिस द्वारा तस्करों के खिलाफ निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। श्रीमान पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता के निर्देश पर पुलिस इस प्रकार की अवैध गतिविधियों के खिलाफ पूरी तरह से सतर्क है और अपराधियों पर कड़ी नजर बनाए हुए है।

समाज में पुलिस की भूमिका

इस प्रकार की सख्त कार्रवाइयों से न केवल अपराधियों के मन में भय उत्पन्न होता है, बल्कि समाज में भी पुलिस की भूमिका की सराहना होती है। गौवंश तस्करी न केवल एक कानूनी अपराध है, बल्कि यह समाज के नैतिक और धार्मिक मूल्यों के खिलाफ भी है। कोतवाली पुलिस द्वारा तस्करों पर लगातार की जा रही सख्ती से यह स्पष्ट है कि कानून का शासन किसी भी प्रकार के अवैध कार्यों को बर्दाश्त नहीं करेगा।

सिवनी में हनी ट्रैप कांड: 63 साल का बुजुर्ग हनी ट्रैप का शिकार, 17 लाख रुपये की हुई ठगी

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Seoni News :सिवनी जिले में एक 63 वर्षीय बुजुर्ग का सोशल मीडिया के माध्यम से हनी ट्रैप का शिकार होने का मामला सामने आया है। इस धोखाधड़ी में अज्ञात व्यक्तियों ने बुजुर्ग से 17 लाख रुपये से अधिक की ठगी की है। जब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ, तो उसने गुरुवार को कोतवाली पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी एक महिला से ऑनलाइन धोखाधड़ी कर 13 लाख रुपये ठगे गए थे।

घटना का पूरा विवरण

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 8 जून को पीड़ित बुजुर्ग के व्हाट्सएप पर एक वीडियो कॉल आया। इस कॉल में बुजुर्ग को अश्लील बातचीत में उलझाकर उसके कपड़े उतरवाकर उसका वीडियो बना लिया गया। इसके बाद 13 जून को एक व्यक्ति ने खुद को साइबर इंस्पेक्टर बताते हुए बुजुर्ग को कॉल किया और धमकाया कि उसका अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इसे हटाने के लिए बुजुर्ग से 95 हजार रुपये मांगे गए। बुजुर्ग ने घबराकर राशि ट्रांसफर कर दी।

धमकियों का सिलसिला

इसके बाद से धमकियों का सिलसिला शुरू हो गया। हर बार अलग-अलग लोग विभिन्न सरकारी अधिकारियों के रूप में कॉल कर बुजुर्ग से और पैसे मांगते रहे। अंततः, उनसे कुल 17.86 लाख रुपये ठग लिए गए। आरोपियों ने उन्हें गिरफ्तार करने और उनके मकान पर बुलडोजर चलाने की धमकी भी दी। इसके अलावा, उन्हें एक “लड़की के सुसाइड नोट” में नाम आने का डर दिखाकर और पैसे वसूल किए गए।

फर्जी नोटिस और आत्महत्या की धमकी

कोतवाली थाना प्रभारी सतीश कुमार तिवारी ने बताया कि बुजुर्ग को बताया गया कि उनके खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएट की ओर से नोटिस जारी किया गया है। इस नोटिस को खत्म करने के लिए उनसे 10 लाख रुपये वसूले गए। इसके बाद 20 जून को फिर से बुजुर्ग को कॉल आया, जिसमें कहा गया कि जिस लड़की के साथ उनका अश्लील वीडियो बनाया गया था, उसने आत्महत्या कर ली है। कथित तौर पर उस लड़की के पास मिले सुसाइड नोट में बुजुर्ग का नाम लिखा हुआ था। इससे बुजुर्ग और भी डर गए और ठगों ने इसका फायदा उठाकर उनसे और पैसे ठग लिए।

सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता

इस प्रकार की धोखाधड़ी की घटनाएं अब आम होती जा रही हैं, और इनसे बचने के लिए समाज में जागरूकता की आवश्यकता है। बुजुर्गों को इस प्रकार की ठगी से बचने के लिए सतर्क रहना चाहिए। यदि उन्हें किसी प्रकार की संदिग्ध कॉल या संदेश प्राप्त होते हैं, तो उन्हें तुरंत अपने परिवार के सदस्यों या पुलिस से संपर्क करना चाहिए।

सोशल मीडिया के दुष्परिणाम

आजकल के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग बढ़ता जा रहा है। जहां एक ओर ये प्लेटफॉर्म जानकारी का एक अच्छा स्रोत हैं, वहीं दूसरी ओर इनमें कई धोखाधड़ी के मामले भी बढ़ रहे हैं। लोगों को चाहिए कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति से संपर्क करते समय सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी सतीश कुमार तिवारी का कहना है कि पुलिस आरोपियों की पहचान के लिए तेजी से काम कर रही है। बुजुर्ग के साथ हुए इस धोखाधड़ी के मामले में जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

सिवनी जिले में हुए इस मामले ने समाज के लिए एक गंभीर संदेश दिया है। यह घटना हमें बताती है कि हमें सोशल मीडिया का उपयोग करते समय कितनी सावधानी बरतनी चाहिए। अगर हम सतर्क रहें और एक-दूसरे को जागरूक करें, तो हम इस प्रकार की धोखाधड़ी से बच सकते हैं।

सिवनी: आदेगांव में पिता की हत्या, कलयुगी पुत्र विनोद ने दिया वारदात को अंजाम

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Seoni News: आदेगांव पुलिस को शुक्रवार को लखनादौन के सिविल अस्पताल से सूचना मिली कि मिशन इनवाती (उम्र 60 वर्ष, निवासी ग्राम चिपकना) को गंभीर चोटें आई थीं, जो मारपीट के दौरान लगी थीं। मिशन इनवाती को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू की।

मिशन इनवाती ने 26 सितंबर को अपने पुत्र विनोद इनवाती (उम्र 40 वर्ष) को किसी काम न करने पर डांट लगाई थी। इस डांट-फटकार के कारण दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसमें विनोद ने अपने पिता को जान से मारने की धमकी दी थी।

बीती रात लगभग 12:00 बजे, जब मिशन इनवाती सो रहे थे, विनोद ने अचानक उन पर गैती के बैत (डंडे) से हमला कर दिया। यह हमला इतना गंभीर था कि उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं। मिशन इनवाती को गंभीर हालत में सिविल अस्पताल लखनादौन ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

आदेगांव पुलिस की कार्रवाई

शिकायतकर्ता की रिपोर्ट पर आदेगांव पुलिस ने अपराध क्रमांक 267/24 के तहत धारा 103(1) और 351(3) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज किया। पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण किया और अपराधी की तलाश में जुट गई।

कुछ ही समय बाद पुलिस ने आरोपी विनोद इनवाती को, जो मक्का की फसल में छिपा हुआ था, गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे हिरासत में भेजा गया।

पुलिस की टीम और जांच में शामिल अधिकारी

इस पूरे मामले की जांच और गिरफ्तारी में थाना प्रभारी उनि. पूजा चौकसे और उनकी टीम की अहम भूमिका रही। साथ ही, सउनि. राजेश सक्सेनासउनि. रजनीकांत दुबेमप्रआर. 408 सिराजो खानआर. 620 जयप्रकाश उईकेआर. 516 ज्योतोश्वर, और आर. 556 शैलेन्द्र परते भी इस जांच में सक्रिय रूप से शामिल रहे।

अपराध के सामाजिक और कानूनी पहलू

इस घटना ने न केवल आदेगांव में बल्कि पूरे क्षेत्र में गहरा आघात पहुंचाया है। जिस प्रकार पुत्र ने अपने पिता के साथ मारपीट कर उनकी हत्या की, यह समाज के नैतिक पतन की ओर इशारा करता है। इस तरह की घटनाएं समाज में परिवारिक ताने-बाने को तोड़ने का काम करती हैं।

परिवारिक विवाद और उसकी गहराई

परिवारिक विवादों के कारण होने वाले अपराधों की संख्या बढ़ती जा रही है। विनोद और मिशन इनवाती के बीच विवाद केवल एक छोटे से मुद्दे पर शुरू हुआ, लेकिन इसके नतीजे ने एक परिवार को विनाश की ओर धकेल दिया। यह घटना समाज को यह सोचने पर मजबूर करती है कि किस प्रकार छोटे विवाद बड़े अपराधों का रूप ले सकते हैं।

न्यायिक प्रक्रिया और समाज में शांति बहाली

इस घटना के बाद आदेगांव पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी। अब समाज और परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद है, लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि समाज में इस प्रकार के मामलों की पुनरावृत्ति न हो।

इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन को भी सतर्कता बरतनी होगी ताकि ऐसे अपराधों की रोकथाम की जा सके। परिवारों को भी अपने विवादों को आपसी बातचीत से सुलझाने की दिशा में प्रयास करने चाहिए।