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पुलिस द्वारा ऑनलाइन गिरफ्तारी की धमकी: एक धोखा, जाने कैसे रहें सावधान

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ऑनलाइन गिरफ्तारी की धमकी क्या है? आजकल, इंटरनेट और डिजिटल उपकरणों के बढ़ते उपयोग के साथ, साइबर अपराधी नई-नई योजनाओं से लोगों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं। इनमें से एक है “ऑनलाइन गिरफ्तारी की धमकी”। इस धोखाधड़ी में, आपको एक कॉल आता है, कॉल वाट्सऐप या नार्मल कॉल में भी हो सकता है., जिसमे प्रोफाइल पिक्चर किसी पुलिस अधिकारी की दिखाई देगी. इसके साथ ही फर्जी ईमेल, मैसेज या कॉल मिल सकता है जिसमें दावा किया जाता है कि आपने कोई गैरकानूनी गतिविधि की है और आपको तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा यदि आपने दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया।

कैसे पहचानें ऑनलाइन गिरफ्तारी की धमकी को?

यह आवश्यक है कि हम इस प्रकार के फर्जी संदेशों को पहचान सकें। कुछ मुख्य संकेत हैं जिनसे आप इन धोखाधड़ी संदेशों को पहचान सकते हैं:

  1. तुरंत कार्यवाही की मांग: इन संदेशों में आपको तुरंत भुगतान या व्यक्तिगत जानकारी साझा करने के लिए कहा जाता है।
  2. धमकी भरे शब्द: संदेश में यह दावा किया जाता है कि यदि आप निर्देशों का पालन नहीं करते, तो आपके खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
  3. संदिग्ध लिंक या अटैचमेंट: आपको किसी अज्ञात वेबसाइट पर जाने के लिए कहा जा सकता है या संदिग्ध अटैचमेंट डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
  4. अनौपचारिक भाषा: सरकारी या कानूनी एजेंसियों द्वारा भेजे जाने वाले संदेशों में आमतौर पर अनौपचारिक भाषा का उपयोग नहीं होता है।

कैसे बचें इस प्रकार की धोखाधड़ी से?

  1. धैर्य रखें और सावधानी बरतें: सबसे महत्वपूर्ण है कि आप इन संदेशों को पढ़ते समय घबराएं नहीं। साइबर अपराधी आपकी भावनाओं का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। धैर्य से काम लें और संदेश की सत्यता की जांच करें।
  2. कभी भी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें: यह सुनिश्चित करें कि आप अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक विवरण या अन्य संवेदनशील जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति या वेबसाइट के साथ साझा न करें।
  3. संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें: यदि संदेश में कोई लिंक है, तो उसे क्लिक न करें। यह लिंक आपको फर्जी वेबसाइट पर ले जा सकता है जहां आपकी जानकारी चोरी हो सकती है।
  4. सरकारी एजेंसियों से सीधे संपर्क करें: यदि आपको संदेह है कि संदेश वास्तविक हो सकता है, तो आप सीधे संबंधित सरकारी एजेंसी से संपर्क कर सकते हैं और संदेश की सत्यता की पुष्टि कर सकते हैं।

सायबर फ्रॉड की स्थिति में क्या करें?

  1. सायबर हेल्पलाइन पर कॉल करें: यदि आप किसी सायबर अपराध का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत सायबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। यह हेल्पलाइन आपको तुरंत सहायता प्रदान करेगी और आपकी शिकायत को आगे बढ़ाएगी।
  2. फर्जी संदेशों की रिपोर्ट करें: यदि आपको किसी प्रकार का फर्जी संदेश प्राप्त होता है, तो उसे संबंधित सायबर अपराध विभाग में रिपोर्ट करें। इससे अन्य लोगों को इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचाया जा सकता है।
  3. अपने बैंक खाते की निगरानी करें: यदि आपने गलती से किसी फर्जी संदेश के निर्देशों का पालन कर लिया है, तो तुरंत अपने बैंक खाते की निगरानी करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना अपने बैंक को दें।

ऑनलाइन सुरक्षा की दिशा में कदम

साइबर अपराधियों से बचने के लिए हमें सतर्क रहना होगा। कुछ आवश्यक कदम जो हम अपनी सुरक्षा के लिए उठा सकते हैं:

  1. मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें: अपने ऑनलाइन खातों के लिए मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड का उपयोग करें। नियमित अंतराल पर पासवर्ड बदलते रहें।
  2. दो-स्तरीय प्रमाणीकरण (2FA) सक्षम करें: जहां भी संभव हो, दो-स्तरीय प्रमाणीकरण का उपयोग करें। इससे आपके खातों की सुरक्षा बढ़ जाएगी।
  3. अद्यतित सॉफ्टवेयर का उपयोग करें: अपने डिवाइस और सॉफ़्टवेयर को अद्यतित रखें। साइबर अपराधी अक्सर पुराने सॉफ़्टवेयर की कमजोरियों का लाभ उठाते हैं।
  4. सावधानी से ईमेल और मैसेज पढ़ें: किसी भी अज्ञात ईमेल या मैसेज को खोलते समय सावधान रहें। विशेष रूप से अनजान स्रोतों से आए अटैचमेंट्स और लिंक पर ध्यान दें।

ऑनलाइन गिरफ्तारी की धमकी एक प्रमुख साइबर अपराध है जो आपकी मानसिक और वित्तीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे बचने के लिए सतर्कता और जागरूकता आवश्यक है। डरने की बजाय, आपको सही जानकारी और सावधानी से काम लेना चाहिए। याद रखें, सायबर हेल्पलाइन नंबर 1930 आपकी सुरक्षा के लिए हमेशा उपलब्ध है।

MP से विचलित करने वाली घटना: कुत्ते के काटने से व्यक्ति बन गया कुत्ता, कच्चा मांस खाना, कई लोगों को काटना…

सागर जिले की विचलित करने वाली घटना: मध्य प्रदेश के सागर जिले में हाल ही में एक बेहद अजीबोगरीब और चिंताजनक घटना सामने आई है। एक सफाईकर्मी, जिसका नाम सोनू है, के साथ घटी इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है।

सोनू को गली के एक कुत्ते ने काट लिया था, जिसके बाद से उसका व्यवहार असामान्य और बेहद हिंसक हो गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, उसने अपने आस-पास के लोगों पर हमला करना शुरू कर दिया है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

कुत्ते के काटने के बाद का बदलता व्यवहार

कुत्ते के काटने के बाद सोनू के व्यवहार में अचानक बदलाव देखा गया। पहले वह एक सामान्य जीवन जी रहा था और स्थानीय सब्जी मंडी में सफाई का काम करता था। लेकिन कुत्ते के काटने के बाद, वह न केवल आक्रामक हो गया है, बल्कि उसने कई लोगों को काटा भी है। लोग यह दावा कर रहे हैं कि वह अब कच्चा मांस खाने की भी कोशिश कर रहा है, लेकिन इस बात की पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है।

सोनू की पहचान और उसकी दिनचर्या

सोनू, जो कि सागर जिले के स्थानीय सब्जी मंडी में सफाईकर्मी है, को लेकर स्थानीय निवासियों ने बताया कि वह हमेशा शांत और अपने काम से काम रखने वाला व्यक्ति था। लेकिन कुत्ते के काटने के बाद से वह पूरी तरह से बदल गया है। अब वह किसी से भी बिना किसी कारण के झगड़ा कर सकता है और उसकी हिंसक प्रवृत्ति ने पूरे इलाके को भयभीत कर दिया है।

इलाज के बावजूद नहीं हुआ सुधार

जब सोनू का आक्रामक व्यवहार लोगों के लिए एक बड़ा खतरा बन गया, तो उसके पड़ोसियों ने उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। वहाँ डॉक्टरों ने उसे रेबीज का इंजेक्शन दिया और आवश्यक चिकित्सा उपचार किया। हालांकि, इलाज के बावजूद उसके व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके उलट, उसके व्यवहार में और भी ज्यादा हिंसा और अनियमितता आ गई है, जिससे उसके परिवार और पड़ोसी बहुत चिंतित हैं।

स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया

इस घटना ने स्थानीय निवासियों को गहरे सदमे में डाल दिया है। सब्जी मंडी के विक्रेता और उसके साथी सफाईकर्मी भी उसके इस व्यवहार से काफी डर गए हैं। उन्होंने सोनू से दूरी बनानी शुरू कर दी है और उसकी मदद करने से भी हिचक रहे हैं। विक्रेताओं का कहना है कि वह सोनू को अतिरिक्त चिकित्सा सहायता देने के लिए तैयार थे, लेकिन सोनू ने इनकार कर दिया। इसके चलते लोग अब उससे दूरी बनाए रखने में ही अपनी सुरक्षा मान रहे हैं।

असामान्य व्यवहार और डॉक्टरों की सलाह

सोनू के इस असामान्य और हिंसक व्यवहार को लेकर डॉक्टरों ने भी अपनी चिंता जाहिर की है। डॉक्टरों का कहना है कि कुत्ते के काटने के बाद यदि किसी व्यक्ति का व्यवहार अचानक से बदलता है, तो उसे तुरंत चिकित्सा सहायता की जरूरत होती है। उन्होंने स्थानीय निवासियों को सलाह दी है कि वे सोनू से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने के लिए सतर्क रहें।

सावधानी और सुरक्षा के उपाय

इस घटना ने लोगों को कुत्ते के काटने के संभावित खतरों के प्रति जागरूक किया है। रेबीज जैसी घातक बीमारी का खतरा हमेशा बना रहता है, और इसके इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही घातक हो सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि कुत्ते के काटने के तुरंत बाद टीकाकरण करवाना बेहद जरूरी है, ताकि रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी से बचा जा सके।

स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया

स्थानीय प्रशासन भी इस घटना को लेकर गंभीर हो गया है। अधिकारियों ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है और सोनू के व्यवहार पर कड़ी नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना तुरंत देने की अपील की है। इसके अलावा, सोनू के इलाज के लिए भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि वह जल्द से जल्द ठीक हो सके और सामान्य जीवन जी सके।

Andhra Pradesh Reactor Blast: ‘एसेंटिया’ फार्मा कंपनी में ब्लास्ट, अनकापल्ले में केमिकल से झुलसे कई लोग; 7 की मौत, 50 घायल

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Andhra Pradesh Reactor Blast: विस्फोट के कारण भयंकर आग लग गई, जिससे आसपास का क्षेत्र घने धुएं से भर गया, जिससे बचाव कार्य में बाधा उत्पन्न हुई: आंध्र प्रदेश के अनकापल्ले में बुधवार दोपहर एक दवा इकाई के रिएक्टर में विस्फोट के कारण लगी भीषण आग में कम से कम 7 कर्मचारियों की मौत हो गई और 50 अन्य घायल हो गए। यह विस्फोट अचुटापुरम विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) में स्थित फार्मा कंपनी एसिएंटिया में लंच ब्रेक के दौरान हुआ।

पीड़ितों की पहचान

मृतक कर्मचारियों में से दो की पहचान पुदी मोहन और एन. हरिका के रूप में हुई है। कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए और उन्हें तुरंत इलाज के लिए अनकापल्ले और विशाखापत्तनम के अस्पतालों में ले जाया गया। अधिकारियों ने संकेत दिया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कुछ घायलों की हालत गंभीर है। विस्फोट के समय कंपनी में लगभग 300 कर्मचारी मौजूद थे।

विस्फोट और परिणाम

विस्फोट के कारण भयंकर आग लग गई, जिससे आसपास का इलाका घने धुएं से भर गया, जिससे बचाव कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। आग पर काबू पाने के लिए अनकापल्ले और आस-पास के इलाकों से दर्जनों दमकल गाड़ियों को तैनात किया गया। एसिएंटिया में 1,000 से ज़्यादा कर्मचारी काम करते हैं और यह एसईजेड की सबसे बड़ी दवा कंपनियों में से एक है।

स्थानीय प्रतिक्रिया और चिंताएँ

आस-पास के गांवों के निवासियों ने जोरदार विस्फोट की आवाज सुनने की सूचना दी, जबकि कर्मचारी कंपनी परिसर के बाहर एकत्र होकर पीड़ितों के लिए मुआवजे की मांग करने लगे तथा कथित लापरवाही के लिए अधिकारियों से जवाबदेही की मांग करने लगे।

अचुतापुरम एसईजेड में यह तीसरा रिएक्टर विस्फोट है। 17 जुलाई को वसंता केमिकल्स में इसी तरह की घटना में ओडिशा के 44 वर्षीय प्रवासी श्रमिक की मौत हो गई थी। इस ताजा त्रासदी के बाद औद्योगिक केंद्र में सुरक्षा मानकों को लेकर एक बार फिर चिंता जताई जा रही है।

भोपाल वासियों के लिए जरूरी खबर: 22 अगस्त को भोपाल के निशातपुरा, ओम नगर और इन इलाकों में बिजली कटौती होगी; देखें पूरी लिस्ट

Bhopal Power Cut Plan August 22: भोपाल नगर निगम ने 22 अगस्त को आवश्यक पीडब्ल्यूडी निर्माण कार्य को सुविधाजनक बनाने के लिए नियोजित बिजली कटौती की अनुसूची जारी की है। प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को सलाह दी जाती है कि वे पहले से योजना बनाएं और असुविधा को कम करने के लिए आवश्यक सावधानी बरतें।

भोपाल में 22 अगस्त को बिजली कटौती का क्षेत्र एवं समय:

क्षेत्र: निशातपुरा, आरिफ नगर एवं निकटतम क्षेत्र।
समय: सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक

क्षेत्र: साईं रेजीडेंसी कॉलोनी और निकटतम क्षेत्र।
समय: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक

क्षेत्र: सस्ता भंडार, राज हर्ष नगर, ओम नगर और निकटतम क्षेत्र।
समय: सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक

भोपाल की बिजली व्यवस्था के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए रखरखाव उद्देश्यों के लिए निर्धारित बिजली व्यवधान आवश्यक हैं। भोपाल नगर निगम निवासियों से आग्रह करता है कि वे पहले से योजना बनाएं और निर्धारित बिजली कटौती को प्रबंधित करने के लिए आवश्यक उपाय करें। हम इस दौरान आपके सहयोग की ईमानदारी से सराहना करते हैं, क्योंकि यह शहर के विद्युत ढांचे की समग्र विश्वसनीयता और दक्षता में योगदान देता है।

सिवनी: सकलैन हैदर पहुंचा जेल, अयान खान नाम से आईडी बनाकर सनातन धर्म पर कर रहा था अभद्र टिप्पणी

सिवनी में सोशल मीडिया पर घिनौनी पोस्ट का प्रकरण: सिवनी जिला मुख्यालय में हाल ही में एक बेहद ही गंभीर और आपत्तिजनक घटना सामने आई, जब सकलैन हैदर नामक व्यक्ति ने अयान खान नाम से फेसबुक आईडी बनाकर सनातन धर्म के खिलाफ एक बेहद ही घिनौनी और अपमानजनक स्टोरी पोस्ट की। इस पोस्ट ने न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत किया बल्कि पूरे जिले में भारी आक्रोश भी फैलाया। इस पोस्ट के जवाब में सकल हिन्दू समाज द्वारा सकलैन हैदर के खिलाफ सिवनी कोतवाली में कड़ा विरोध दर्ज कराया गया और जल्द से जल्द उचित कार्यवाही की मांग की गई।

सकलैन हैदर की गिरफ्तारी और न्यायिक कार्यवाही

सकल हिन्दू समाज के विरोध के बाद सिवनी पुलिस ने तेजी से कार्यवाही करते हुए सकलैन हैदर को गिरफ्तार कर लिया और उसे जेल भेज दिया गया। अपराध क्रमांक 581/24 के तहत सकलैन हैदर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353, 196 (i), 196b के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालाँकि, इस मामले में सकलैन हैदर की जमानत पर कल सुनवाई होगी।

सनातन धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणियों का विरोध

सकलैन हैदर की घिनौनी पोस्ट के विरोध में बीते दिन युवा हिन्दू उत्सव समिती सिवनी ने सकल हिन्दू समाज के साथ मिलकर स्थानीय कोतवाली में पहुंचकर अपनी भावनाएं प्रकट कीं। सनातन धर्म पर की गई अभद्र टिप्पणियों ने समाज की भावनाओं को गहरा आघात पहुँचाया है, और इस संदर्भ में तुरंत कार्यवाही की मांग की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत आरोपी को गिरफ्तार किया।

समाचार लिखे जाने तक प्राप्त जानकारी के अनुसार सनातन धर्म पर अभद्र टिप्पणी करने वाले सकलैन हैदर पर पहले से भी कई मामले थाने में दर्ज है. सिवनी कोतवाली से जब इस मामले में प्रकरण बनाया जा रहा था उसी समय जानकारी लगी की इस व्यक्ति पर पहले से ही मारपीट जैसे अपराधों पर मामला बना था .

कलकत्ता की घटना और सोशल मीडिया पर धार्मिक अपमान

सिवनी की इस घटना का सीधा कनेक्शन कलकत्ता में डॉक्टर से हुए दुष्कर्म का कनेक्शन था. उक्त आरोपी द्वारा कलकत्ता में हुए जघन्य अपराध पर धर्म को टारगेट करते हुए सनातन धर्म पर अत्यधिक गलत टिप्पणी की गयी थी. जिससे शहर में धार्मिक सौहार्द भी बिगड़ सकता था.

युवा हिन्दू उत्सव समिती सिवनी को जैसे ही इस मामले की जानकारी लगी तुरंत ही समिति द्वारा थाने पहुंचकर मामला दर्ज करवाकर, युवक की गिरफ्तारी करवाकर जेल भिजवाने में अत्यधिक महत्वपूर्ण योगदान दिया गया.

आगे की कार्यवाही

इस घटना से स्पष्ट होता है कि धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करना गंभीर परिणामों का कारण बन सकता है। सिवनी पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही के बावजूद, यह महत्वपूर्ण है कि समाज में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की धार्मिक अपमानजनक सामग्री को सख्ती से रोकने की जरूरत है ताकि इस तरह की घटनाओं को भविष्य में रोका जा सके।

सिवनी रेलवे स्टेशन से निकलेगी मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना की स्पेशल ट्रेन, वरिष्ठ नागरिकों के लिए निःशुल्क

सिवनी: मध्य प्रदेश सरकार ने अपने वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक अनूठी योजना की शुरुआत की है, जिसे मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना के नाम से जाना जाता है। यह योजना प्रदेश के ऐसे वरिष्ठ नागरिकों को धार्मिक स्थलों की यात्रा कराने का अवसर प्रदान करती है, जो आयकरदाता नहीं हैं और जिनकी आयु 60 वर्ष या उससे अधिक है। महिलाओं के लिए इस आयु सीमा में दो वर्षों की छूट दी गई है। इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार नागरिकों को विभिन्न तीर्थ स्थलों पर नि:शुल्क यात्रा कराने की सुविधा प्रदान करती है।

सिवनी रेलवे स्टेशन से निकलेगी मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना की स्पेशल ट्रेन

वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये चौदवीं ट्रेन सिवनी से 8 जनवरी को रवाना होगी। जिसमें सिवनी से 279, छिंदवाड़ा से 300 और बैतूल से 200 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 13 जनवरी को वापस लौटेगी। छिंदवाड़ा से 16 जनवरी को 200 यात्री के साथ रामेश्वरम के लिये पंद्रहवीं ट्रेन रवाना होगी । जिसमें सिवनी-बैतूल से 200 और पंढुर्णा से 179 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 21 जनवरी को वापस लौटेगी। वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये अनूपपुर से सोलहवीं ट्रेन 279 यात्रियों के साथ 24 जनवरी को रवाना होगी। जिसमें शहडोल से 300 और उमरिया से 200 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 29 जनवरी को वापस लौटेगी।

योजना का लाभ किन्हें मिलेगा?

इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ आवश्यक शर्तें हैं। योजना का लाभ प्रदेश के ऐसे वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा, जो आयकरदाता नहीं हैं और जिनकी आयु 60 वर्ष या इससे अधिक है। महिला तीर्थ-यात्रियों के मामले में आयु वर्ग में दो वर्ष की छूट दी गई है। यह योजना उन नागरिकों के लिए है जो धार्मिक स्थलों की यात्रा करना चाहते हैं लेकिन आर्थिक स्थिति के कारण ऐसा नहीं कर पाते।

सिवनी जिले के अलावा मध्यप्रदश के एनी जिलों से भी मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के तहत स्पेशल ट्रेन रवाना होंगी जिनकी डिटेल आपको यहाँ इस लिंक पर क्लिक करने से मिल जाएगी – MP मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना: MP में वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ दर्शन कराने 14 सितम्बर से शुरू होंगी ट्रेनें

यात्रा का उद्देश्य और महत्व

मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का अवसर प्रदान करना है। यह योजना उन्हें जीवन के इस महत्वपूर्ण चरण में आस्था और श्रद्धा को सुदृढ़ करने का अवसर देती है। इसके माध्यम से नागरिकों को धार्मिक स्थलों के दर्शन के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों का भी अनुभव मिलता है।

इस योजना के माध्यम से सरकार वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को समृद्ध बनाने का प्रयास कर रही है। तीर्थ यात्रा के दौरान नागरिकों को धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के स्थलों के बारे में जानकारी भी दी जाएगी, जिससे उनकी धार्मिक आस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।

योजना का पंजीकरण और यात्रा प्रक्रिया

इस योजना का लाभ उठाने के लिए नागरिकों को पहले से पंजीकरण कराना आवश्यक है। पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद, चयनित यात्रियों को यात्रा की तिथि, समय और स्थान की जानकारी दी जाती है। उन्हें यात्रा के दौरान आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाती हैं, जिनमें भोजन, आवास और चिकित्सा सुविधाएं शामिल हैं।

यात्रा के दौरान सभी यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाता है। इसके लिए सरकार ने पर्याप्त व्यवस्थाएं की हैं, ताकि यात्री अपनी यात्रा को सुगम और सुरक्षित रूप से पूरा कर सकें।

MP मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना: MP में वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ दर्शन कराने 14 सितम्बर से शुरू होंगी ट्रेनें

MP Chief Minister’s Tirtha Darshan Scheme: काशी, अयोध्या, द्वारका, रामेश्वरम जैसे तीर्थ स्थलों का मिलेगा लाभ. मध्यप्रदेश सरकार की अनूठी “मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन” योजना (Chief Minister’s Tirtha Darshan Scheme) का आगामी शयड्यूल जारी कर दिया गया है।

आगामी 14 सितम्बर से 26 फरवरी 2025 तक प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न शहरों में धार्मिक यात्रा कराई जाएगी। धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग द्वारा तीर्थ दर्शन योजना में इस बार नागरिकों को वाराणसी (काशी), रामेश्वरम, मथुरा-वृंदावन, कामाख्या, अमृतसर, अयोध्या, द्वारका, जगन्नाथपुरी, शिर्डी और नागपुर जैसे धार्मिक स्थल निर्धारित किये गये हैं।

उक्त अवधि में 15 हजार से ज्यादा तीर्थ यात्री विभिन्न तीर्थ-स्थलों की यात्रा करेंगे। योजना का लाभ प्रदेश के ऐसे वरिष्ठ नागरिक जो आयकरदाता नहीं है और 60 वर्ष या इससे अधिक आयु के हैं। योजना का लाभ ले सकेंगे। महिला तीर्थ-यात्रियों के मामले में आयु वर्ग में 2 वर्ष की छूट दी गई है।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में पहली ट्रेन 14 सितम्बर को उज्जैन से वाराणसी (काशी)- अयोध्या के लिये रवाना होगी। इसमें उज्जैन जिले के 300, सीहोर के 200 और विदिशा के 279 श्रद्धालु यात्रा करेंगे। यह ट्रेन 19 सितम्बर को लौटेगी। दूसरी ट्रेन 21 सितम्बर को रामेश्वरम के लिये रवाना होगी। इसमें इंदौर से 300, उज्जैन 200 और सीहोर से 279 तीर्थ यात्री रवाना होंगे। यह ट्रेन 26 सितम्बर को लौटेगी।

मथुरा-वृदावन तीर्थ के लिये 19 सितम्बर को मेघनगर से तीसरी ट्रेन रवाना होगी और 2 अक्टूबर को वापस लौटेगी। इसमें झाबुआ से 200, रतलाम से 279 और उज्जैन से 300 दर्शनार्थी यात्रा करेंगे। तीर्थ दर्शन के लिये जाने वाली चौथी ट्रेन उज्जैन से 13 अक्टूबर को कामाख्या तीर्थदर्शन के लिये रवाना होगी। इसमें उज्जैन से 300, शाजापुर से 200 और सीहोर से 279 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 18 अक्टूबर को वापस लौटेगी।

योजना के तहत 5वीं ट्रेन इंदौर से अमृतसर के लिये 21 अक्टूबर को रवाना होगी। इसमें इंदौर से 200, धार से 100, उज्जैन से 200 और शिवपुरी से 279 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 24 अक्टूबर को वापस लौटेगी। वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये 5 नवम्बर को विदिशा से छटवी ट्रेन 300 यात्रियों के साथ रवाना होगी। इसमें सागर से 279 और दमोह से 200 यात्री शामिल होगें। यह ट्रेन 10 नवम्बर को लौटेगी। सातवीं ट्रेन से भोपाल से 13 नवम्बर को रामेश्वरम के लिये 300 यात्री, सीहोर से 200 और नर्मदापुरम से 279 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 18 नवम्बर को वापस लौटेगी।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 21 नवम्बर को आठवीं ट्रेन रीवा से द्वारका के लिये रवाना होगी। इसमें रीवा से 279, सतना से 300 और दमोह से 200 यात्री रवाना होगें जो 26 नवम्बर को वापस लौटेगे। दमोह से 29 नवम्बर को नौवीं ट्रेन वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये यात्री रवाना होगी। जिसमें दमोह से 279, मैहर से 200 और सतना से 300 यात्री जायेंगे। यह ट्रेन 4 दिसम्बर को लौटेगी। दसवीं ट्रेन कटनी से 7 दिसम्बर को द्वारका तीर्थ स्थल के लिये 200 तीर्थ यात्री के साथ रवाना होगी। इसमें दमोह से 279 और सागर से 300 यात्री शामिल रहेंगे। यह ट्रेन 12 दिसम्बर को लौटेगी।

योजना के तहत 15 दिसम्बर को सतना से ग्यारहवीं ट्रेन में रामेश्वरम तीर्थ स्थल के लिये 279 यात्री रवाना होगें। इसमें कटनी से 200 और जबलपुर से 300 यात्री शामिल होगें। यह ट्रेन 30 दिसम्बर को वापस लौटेगी। बारहवीं ट्रेन में उडीसा स्थित जगन्नाथपूरी तीर्थ स्थल की यात्रा 23 दिसम्बर को खण्डवा से रवाना होगी जो 28 दिसम्बर को लौटेगी इसमें खंडवा से 279, नरसिंहपुर से 200 और जबलपुर से 300 यात्री रवाना होगी। तेहरवीं ट्रेन 31 दिसम्बर को बैतूल से 279 यात्री कामाख्या तीर्थ स्थल के लिये ट्रेन रवाना होगी। इसमें विदिशा से 300 और दमोह से 200 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 5 जनवरी को वापस लौटेगी।

वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये चौदवीं ट्रेन सिवनी से 8 जनवरी को रवाना होगी। जिसमें सिवनी से 279, छिंदवाड़ा से 300 और बैतूल से 200 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 13 जनवरी को वापस लौटेगी। छिंदवाड़ा से 16 जनवरी को 200 यात्री के साथ रामेश्वरम के लिये पंद्रहवीं ट्रेन रवाना होगी । जिसमें सिवनी-बैतूल से 200 और पंढुर्णा से 179 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 21 जनवरी को वापस लौटेगी। वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये अनूपपुर से सोलहवीं ट्रेन 279 यात्रियों के साथ 24 जनवरी को रवाना होगी। जिसमें शहडोल से 300 और उमरिया से 200 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 29 जनवरी को वापस लौटेगी।

सत्रवीं ट्रेन उमरिया से शिर्डी के लिये 279 तीर्थ यात्री को लेकर 1 फरवरी को रवाना होगी। जिसमें कटनी से 200 और जबलपुर से 300 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 4 फरवरी को वापस लौटेगी। रामेश्वरम तीर्थ स्थल के लिये 7 फरवरी को अठ्ठारवीं ट्रेन मुरैना से रवाना होगी, जिसमें मुरैना से 279, ग्वालियर से 300 और दतिया से 200 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 12 फरवरी को लौटेगी।

छतरपुर से द्वारका के लिये 15 फरवरी को उन्नीसवीं ट्रेन रवाना होगी। जिसमें छतरपुर से 279, टीकमगढ़ से 200 और उज्जैन से 300 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 20 फरवरी को वापस लौटेगी। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की 20वीं ट्रेन नागपुर के लिये भिंड से 279 तीर्थ यात्रियों के साथ 23 फरवरी को रवाना होगी। जिसमें ग्वालियर से 300 और दतिया से 200 तीर्थ यात्री शामिल होगें। यह ट्रेन 26 फरवरी को लौटेगी।

पीएमश्री एयर एम्बुलेंस योजना: बैतूल के मरीज को उपचार के लिये एयर एम्बुलेंस से भेजा भोपाल

मुख्यमंत्री मोहन यादव की पहल पर शुरू की गई पीएमश्री नि:शुल्क एयर एम्बुलेंस योजना में बैतूल के चकोला निवासी श्री शेकलाल हर्ले को बुधवार सुबह 11.44 बजे बैतूल जिले से एयरलिफ्ट कर हमीदिया चिकित्सालय भोपाल में उपचार के लिये भर्ती कराया गया।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में मरीजों को आपात स्थिति में तुरंत राहत प्रदान करने के उद्देश्य से नि:शुल्क एयर एम्बुलेंस की सुविधा प्रारंभ की गई है। श्री हर्ले प्रदेश में पीएमश्री नि:शुल्क एयर एम्बुलेंस योजना से लाभान्वित होने वाले 13वें मरीज है।

बैतूल के पट्टन तहसील के ग्राम चकोला निवासी 51 वर्षीय शेकलाल हर्ले एक दिन पूर्व छज्जे पर प्लास्टर करते हुए गिर गए थे। गिरने से श्री हर्ले को स्पाइनल फ्रैक्चर हो जाने के कारण ऑपरेशन की जटिलता को देखते हुए भोपाल हमीदिया चिकित्सालय में रेफर किया गया था।

कलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा श्री हर्ले को एयर एम्बुलेंस से भेजने की तैयारी की गई। इससे समय रहते मरीज श्री शेकलाल को एयर लिफ्ट कर कम समय में उपचार के लिये भोपाल लाया गया। जहां वरिष्ठ चिकित्सकों की देखरेख में श्री शेकलाल का उपचार प्रारंभ हो गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का परिजन ने माना आभार

श्री हर्ले के परिजन ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार मानते हुए कहा कि मरीजों के हित में चलाई गई एयर एम्बुलेंस योजना की सुविधा गरीबों की जिन्दगी के लिए रोशनी की किरण साबित हो रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. उईके ने बताया कि बैतूल से भोपाल सामान्य रूप से 4 से 5 घंटे का समय लगता है।

परंतु एयर एम्बुलेंस से यह दूरी मात्र 35 मिनट में पूरी हो जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव द्वारा इस सुविधा से एयर एम्बुलेंस अभी तक आर्थिक रूप से संपन्न मरीजों को ही मिल पाती थी। एयर एम्बुलेंस पर होने वाला व्यय राज्य शासन द्वारा उठाया जाता है।

परीक्षण संभाग बीना उत्कृष्ट कार्यदक्षता के लिए मध्यप्रदेश में प्रथम – MP JANSAMPARK NEWS

MP JANSAMPARK NEWS: एम.पी. ट्रांसको (मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी) परीक्षण संभाग बीना ने परीक्षण एवं संचार के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य दक्षता के लिए मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान हासिल करने का गौरव पाया है।

मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के मुख्यालय जबलपुर में बीना को यह पुरस्कार प्रबंध संचालक इंजीनियर सुनील तिवारी एवं मुख्य अतिथि पूर्व मुख्य अभियंता श्री के.के. मूर्ति ने प्रदान किया।

परीक्षण संभाग बीना को यह पुरस्कार वर्ष 2023-24 में दक्षता प्रदर्शन (परफॉर्मेंस) के आधार पर पूरे प्रदेश में परीक्षण संबंधित सर्वोत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिये प्रदान किया गया है। प्रशस्ति पत्र और ट्राफी मुख्य अभियंता श्री प्रवीण गार्गव, कार्यपालन अभियंता श्री अर्चित श्रीवास्तव सहायक अभियंता, श्री रजत जैन ने प्राप्त किया।

MP में बैन हुई 6 जीवन रक्षक दवाएं: गुणवत्ता परीक्षण में फैल होने पर लिया गया बड़ा फैसल; देखें बैन हुई दवाओं की लिस्ट

भोपाल: इंदौर (INDORE) के एमजीएम मेडिकल अस्पताल (MGM MEDICAL HOSPITAL) द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में नौ जीवन रक्षक दवाओं के कुछ ‘बैच’ पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

मध्य प्रदेश लोक स्वास्थ्य सेवा द्वारा यह निर्णय तब लिया गया जब परीक्षण के लिए भेजे गए 12 दवा नमूनों में से एक घटिया गुणवत्ता का पाया गया। इन प्रतिबंधित दवाओं में फेंटेनाइल, हेपारिन, डोपामाइन, एट्रोपिन आदि शामिल हैं।

राज्य में भारी मात्रा में आयातित दवाओं की घटिया गुणवत्ता के संबंध में शिकायत मिलने के बाद यह प्रतिबंध लागू किया गया है।

जानकारी के अनुसार, इंदौर के एमजीएम सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल द्वारा 12 दवाओं के नमूनों का एक बैच नियमित परीक्षण के लिए भेजा गया था।

परीक्षण में नोरएड्रेनालाईन नामक दवा गुणवत्ता जांच में खरी नहीं उतरी। इस दवा का उपयोग गंभीर अल्पकालिक स्वास्थ्य समस्याओं के लिए रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।

परीक्षण के बाद, एमपी पब्लिक हेल्थ सर्विसेज में शिकायत दर्ज की गई और जीएम (गुणवत्ता नियंत्रण) ने शहर भर के कई अस्पतालों, सीएमएचओ, सिविल सर्जन और चिकित्सा संस्थानों को पत्र भेजे।

पत्र में, उन्होंने सभी से नौ जीवन रक्षक दवाओं के कुछ बैचों का उपयोग बंद करने के लिए कहा, जिन्हें नमूना लेने के लिए भेजा गया था, लेकिन गुणवत्ता जांच में विफल रहे। इसके अलावा, उन्होंने एमजीएम से सरकारी परीक्षण प्रयोगशाला में जांच के लिए नमूनों का एक और बैच भेजने के लिए कहा।

किसी बड़ी दुर्घटना की सूचना नहीं

एमजीएम अस्पताल के डॉक्टरों और सर्जनों का कहना है कि इन दवाओं के इस्तेमाल से अब तक कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई है। वहीं, कुछ सर्जनों का दावा है कि कुछ मामलों में मरीजों को आंतरिक रक्तस्राव जैसी समस्या का सामना करना पड़ा, जिससे उन्हें दवा पर संदेह हुआ।