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सिवनी का सबसे बड़ा फुलहरा ढीमरी मोहल्ला चौराहे में हुआ तैयार

Seoni News: सिवनी जिले के ढीमरी मोहल्ला चौराहे पर एक अनोखी और सुंदर पहल देखने को मिली है। यहां शहर का सबसे बड़ा फुलहरा तैयार किया गया है, जो न केवल शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, बल्कि दूर-दराज के लोगों का भी ध्यान खींच रहा है।

यह फुलहरा ढीमरी मोहल्ला चौराहे के बीचों-बीच बनाया गया है, जिससे इस चौराहे की खूबसूरती कई गुना बढ़ गई है। इस फुलहरे में विभिन्न प्रकार के रंग-बिरंगे फूलों का इस्तेमाल किया गया है, जो देखने में बेहद सुंदर और मनमोहक हैं।

इसके साथ ही, चौराहे को आकर्षक सजावट और लाईटिंग से सजाया गया है, जिससे शाम के समय यहां का दृश्य और भी लुभावना हो जाता है।

स्थानीय लोगों की भूमिका और उत्साह

इस फुलहरे की तैयारी में स्थानीय लोगों की अहम भूमिका रही है। मोहल्ले के निवासी इसे अपने क्षेत्र की एक नई पहचान मानते हैं। स्थानीय युवाओं ने इस पहल में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसके कारण यह कार्य समय पर पूरा हो सका।

आकर्षण का केंद्र बना सिवनी का सबसे बड़ा फुलहरा

इस फुलहरा को देखने पूजा करने के लिए यहां लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ पहुँच rahe है। वहीं, रात के समय की लाईटिंग और सजावट इसे और भी आकर्षक बना देती है।

सतना स्मार्ट सिटी: विकास की नई परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के निर्देश जारी

Satna Smart City: सतना शहर में नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने सतना शहर की नई विकास परियोजनाओं को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शहर की जनसंख्या की अगले 20 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाए।

Satna Smart City: सतना शहर की विकास परियोजनाओं में विस्तार

स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे सभी प्रोजेक्टों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए हैं। श्रीमती बागरी ने सतना में नगर निगम और स्मार्ट सिटी के अधिकारियों के साथ कन्सलटेंसी और कार्य एजेंसी प्रतिनिधियों की समीक्षा बैठक में भाग लिया।

Satna Smart City Project: समय पर कार्यान्वयन का महत्व

स्मार्ट सिटी के तहत सतना में चल रहे प्रोजेक्टों की समीक्षा के दौरान श्रीमती बागरी ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से समय पर पूरे किए जाएं। सतना शहर को भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए यह आवश्यक है कि स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के माध्यम से आधारभूत संरचना को सुदृढ़ किया जाए। शहर के विकास के लिए कचरा निष्पादन, जल प्रबंधन और परिवहन व्यवस्था में सुधार आवश्यक है।

Satna Smart City Project: नारायण तालाब सौंदर्यीकरण और विकास कार्य

नारायण तालाब के सौंदर्यीकरण और विकास कार्य की समीक्षा करते हुए राज्य मंत्री ने प्रोजेक्ट के विलम्ब होने के कारणों का पता लगाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तालाब के ओवरफ्लो से होने वाले जल निकासी के लिए नाले के निर्माण की योजना को तुरंत लागू किया जाए। नाले की भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाकर उस पर नये नाले का निर्माण कराया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत तालाब की टूट-फूट से प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का सर्वेक्षण किया गया और प्रभावित लोगों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की गई।

सतना में अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया

राज्य मंत्री ने निर्देश दिया कि रीवा रेलवे लाइन की भूमि का सीमांकन कर उसे अतिक्रमण मुक्त किया जाए और उस भूमि पर समानांतर रोड का निर्माण किया जाए। यह कदम रीवा रोड पर यातायात की सुगमता को बढ़ावा देगा। इसी तरह, शहर के घूरडांग और पतेरी क्षेत्रों में शासकीय भूमि पर हुए अतिक्रमण को भी चिन्हित कर हटाया जाएगा। अतिक्रमण मुक्त भूमि पर विकास कार्यों को सुचारू रूप से लागू किया जाएगा।

सतना स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स की देरी पर नाराजगी

राज्य मंत्री ने स्मार्ट सिटी के अंतर्गत कई प्रोजेक्टों के विलम्ब होने पर चिंता व्यक्त की और निर्देश दिया कि इन कार्यों को शीघ्रता से पूरा किया जाए। तकनीकी दिशा-निर्देशों के लिए टाटा कन्सल्टेंसी द्वारा प्रगति की प्रतिदिन निगरानी की जाएगी। श्रीमती बागरी ने कहा कि मैनपॉवर को बढ़ाकर कार्य की गति में सुधार किया जाए और सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में इस तरह की देरी न हो। उन्होंने अवैध कॉलोनियों के निर्माण पर भी सख्त कार्यवाही का निर्देश दिया, ताकि शहर में अवैध निर्माण पर रोक लग सके।

सतना में औद्योगिक निवेश की संभावनाएँ

राज्य मंत्री ने यह भी घोषणा की कि निकट भविष्य में रीवा में एक संभागीय औद्योगिक इन्वेस्टर मीट आयोजित की जाएगी। इसमें सतना जिले के लिए औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के प्रयास किए जाएंगे। सतना को औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि शहर में रोजगार के अवसर बढ़ सकें और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।

सतना में अगले 20 साल की जनसंख्या को ध्यान में रखकर योजना बनाना

सतना शहर की योजनाओं का निर्माण और क्रियान्वयन अगले 20 साल की अनुमानित जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। राज्य मंत्री ने नगर निगम को निर्देशित किया कि शहर के कचरा डंपिंग की योजना इसी आधार पर तैयार की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि शहर में कचरा निष्पादन और पुनर्चक्रण की सुविधाएं पूरी तरह से सक्षम हों। इस संदर्भ में, ग्राम पंचायतों में भी कचरा निष्पादन की योजना तैयार करने पर जोर दिया गया है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वच्छता बनी रहे।

रीवा रोड यातायात सुधार के लिए निर्देश

रीवा रोड पर यातायात की समस्या को हल करने के लिए राज्य मंत्री ने रेल्वे लाइन की भूमि का सीमांकन कर उस पर समानांतर रोड बनाने के निर्देश दिए। यह कदम न केवल यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि शहर की विकास योजनाओं में भी सहयोग करेगा। इसके अलावा, शासकीय भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाने और उसे विकास कार्यों के लिए उपयोग करने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं।

सतना शहर में अवैध कॉलोनियों पर सख्ती

शहरी विकास के साथ-साथ सतना शहर में अवैध कॉलोनियों के निर्माण पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। राज्य मंत्री ने निर्देश दिया कि शहर में अवैध कॉलोनियों को नियमित रूप से चिन्हित किया जाए और इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। शहर का सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने के लिए यह कदम बेहद आवश्यक है। अवैध कॉलोनियों के निर्माण पर रोक लगाने से शहर का आधारभूत ढांचा सुदृढ़ होगा और विकास की दिशा में तेजी से प्रगति हो सकेगी।

सतना शहर में नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी के निर्देशानुसार स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और नई विकास योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। शहर के भविष्य के विकास को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को तेजी से लागू किया जा रहा है। राज्य मंत्री ने स्मार्ट सिटी और नगर निगम के अधिकारियों को सतना के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आह्वान किया है।

जबलपुर में कॉलेज छात्राओं के साथ साइबर फ्रॉड: मदन महल थाने में FIR दर्ज

Cyber ​​fraud in Madan Mahal of Jabalpur: आजकल सायबर फ्रॉड के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है, विशेष रूप से जबलपुर जैसे शहरों में। हाल ही में जबलपुर के थाना मदन महल अंतर्गत एक गंभीर सायबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें एक छात्रा ने सायबर फ्रॉड की शिकायत दर्ज कराई।

इस मामले में एक अज्ञात व्यक्ति ने छात्रा को धमकी दी कि अगर उसने तुरंत पैसे नहीं दिए, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने सायबर अपराध की जटिलता और गंभीरता को एक बार फिर उजागर किया है।

जबलपुर में सायबर क्राइम की बढ़ती घटनाएं

पुलिस अधीक्षक, जबलपुर श्री आदित्य प्रताप सिंह ने मीडिया को जानकारी दी कि जबलपुर के शासकीय मानकुँवर बाई कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय की एक छात्रा ने थाना मदन महल में शिकायत दर्ज कराई। छात्रा को एक अज्ञात नंबर से फोन आया, जिसमें उसे कहा गया कि “आपके फोन से कुछ आपत्तिजनक वीडियो शेयर किए गए हैं, जिसके चलते आपके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। आप तुरंत पैसे ट्रांसफर करें, नहीं तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

यह घटना न केवल छात्रा के लिए बल्कि उसके साथ पढ़ने वाली अन्य दो लड़कियों के लिए भी चिंताजनक थी। छात्रा ने बताया कि उसे डराने और धमकाने के लिए ऐसा किया गया। इस घटना ने छात्राओं के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है और सायबर अपराधियों की बढ़ती ताकत को सामने लाया है।

Jabalpur के Madan Mahal थाने में FIR दर्ज और पुलिस की कार्रवाई

थाना मदन महल पुलिस ने तुरंत इस घटना का संज्ञान लिया और एफआईआर पंजीबद्ध कर दी। पुलिस ने इसे एक गंभीर सायबर अपराध के रूप में दर्ज किया और मामले की जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य प्रताप सिंह ने बताया कि सायबर अपराधियों का पता लगाने के लिए पुलिस की सायबर सेल सक्रिय हो गई है। पुलिस अब उस नंबर और व्यक्ति का पता लगाने का प्रयास कर रही है, जिसने इस प्रकार की हरकत की।

सायबर फ्रॉड से कैसे बचें? पढ़ें सायबर फ्रॉड से बचने के उपाय

सायबर अपराध के इस मामले ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि डिजिटल युग में हमें सतर्क रहने की जरूरत है। सायबर फ्रॉड से बचने के लिए निम्नलिखित सावधानियों का पालन करना चाहिए:

  1. अज्ञात कॉल्स और मैसेज से सावधान रहें: किसी भी अज्ञात कॉल या मैसेज का जवाब देने से पहले सुनिश्चित करें कि वह वैध है। किसी भी तरह की व्यक्तिगत जानकारी जैसे बैंक डिटेल्स या पासवर्ड शेयर न करें।
  2. संदिग्ध लिंक न खोलें: किसी भी अज्ञात ईमेल या मैसेज में दिए गए लिंक को खोलने से बचें। यह सायबर अपराधियों का सामान्य तरीका है जिससे वे आपकी जानकारी चुरा सकते हैं।
  3. मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें: अपने सोशल मीडिया, ईमेल और बैंकिंग खातों के लिए मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें। नियमित रूप से पासवर्ड बदलते रहें।
  4. दो-स्तरीय सत्यापन का उपयोग करें: जहां भी संभव हो, दो-स्तरीय सत्यापन (Two-Factor Authentication) का उपयोग करें। यह आपके खातों की सुरक्षा को और मजबूत करता है।
  5. किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धमकी को गंभीरता से लें: यदि आपको किसी अज्ञात व्यक्ति से धमकी मिलती है, तो इसे हल्के में न लें। तुरंत पुलिस को सूचित करें और शिकायत दर्ज कराएं।

सायबर अपराध के मामले में कानूनी प्रक्रिया

सायबर अपराध के मामलों में कानूनी प्रक्रिया बहुत महत्वपूर्ण होती है। जैसे कि इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू की, यह दिखाता है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां सायबर अपराधों को गंभीरता से ले रही हैं। इस तरह के मामलों में पीड़ितों को पुलिस के साथ सहयोग करना चाहिए और अपनी सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कानूनी कदम उठाने चाहिए।

भारत में सायबर अपराध कानून

भारत में सायबर अपराधों से निपटने के लिए कई कानून बनाए गए हैं। इनमें से सबसे प्रमुख है सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (Information Technology Act, 2000)। इस अधिनियम के तहत सायबर अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती है। इसके साथ ही, भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत भी सायबर अपराधों से संबंधित धाराएं जोड़ी गई हैं, जो अपराधियों को कठोर दंड देने का प्रावधान करती हैं।

जबलपुर पुलिस की सायबर सेल की भूमिका

जबलपुर पुलिस की सायबर सेल ने पिछले कुछ वर्षों में कई सायबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है और इस प्रकार के अपराधों को कम करने के लिए कड़ी मेहनत की है। सायबर सेल की टीम विशेष रूप से प्रशिक्षित होती है और उन्हें सायबर अपराधियों के तरीकों को समझने और उनकी गतिविधियों पर नज़र रखने की जिम्मेदारी सौंपी जाती है।

इस मामले में भी सायबर सेल तेजी से काम कर रही है और जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार करने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सायबर अपराध के किसी भी प्रकार के मामले की सूचना तुरंत दें ताकि अपराधियों को पकड़ा जा सके और इस तरह के अपराधों को रोका जा सके।

सायबर अपराध के इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि हमें सायबर सुरक्षा के प्रति अधिक जागरूक होना चाहिए। डिजिटल दुनिया में हमारी सुरक्षा हमारी अपनी जिम्मेदारी है, और इसके लिए हमें सभी आवश्यक कदम उठाने चाहिए। जबलपुर पुलिस की तत्परता और एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया यह साबित करती है कि कानून व्यवस्था सायबर अपराधों को गंभीरता से ले रही है।

MP के CM मोहन यादव 6 सितंबर को बैठकों में करेंगे योजनाओं की समीक्षा

MP GOVT YOJANA: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार, 6 सितंबर को उज्जैन से भोपाल पहुंचकर विभिन्न विभागीय बैठकों में सरकारी योजनाओं की समीक्षा करेंगे। यह बैठकें राज्य की प्रगति को सुनिश्चित करने और नागरिकों के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं की गहन समीक्षा के लिए आयोजित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री का यह दौरा प्रदेश की कई महत्वपूर्ण योजनाओं को नई दिशा देने और लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

MP GOVT YOJANA: योजनाओं की समीक्षा का मुख्य उद्देश्य

राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का नियमित समीक्षा करना अत्यंत आवश्यक है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सभी योजनाएं सही दिशा में बढ़ रही हैं और उनके क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा नहीं आ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह कदम प्रदेश में विकास की गति को और तेज करने के लिए उठाया जा रहा है। उनकी प्राथमिकता शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बुनियादी ढांचा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में हो रही प्रगति की समीक्षा करना है।

CM MOHAN YADAV की कार्यशैली और उनकी प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपनी कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। वे जनता के मुद्दों को समझने और योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के प्रति बेहद संजीदा रहते हैं। डॉ. यादव ने अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जिनका सीधा लाभ प्रदेश के नागरिकों को मिला है। उनकी समीक्षा बैठकें हमेशा गहन और परिणामोन्मुख होती हैं। इसी सिलसिले में वे 6 सितंबर को भोपाल में मुख्यमंत्री कार्यालय में बैठक करेंगे, जहां वे राज्य के विभिन्न विभागों के अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट लेंगे।

सीएम मोहन यादव की बैठकों में प्रमुख विभागों की भागीदारी

इस बार की समीक्षा बैठकों में शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग समेत कई महत्वपूर्ण विभागों की भागीदारी होगी। इन बैठकों में विभागों के उच्च अधिकारी और संबंधित मंत्री भी उपस्थित रहेंगे, जो योजनाओं के क्रियान्वयन की अद्यतन जानकारी देंगे। यह बैठकें प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए की जा रही योजनाओं पर विस्तार से चर्चा करने के लिए अहम होंगी।

शिक्षा क्षेत्र में एमपी सरकारी योजनाओं की प्रगति

मुख्यमंत्री की योजनाओं की समीक्षा में सबसे महत्वपूर्ण बिंदु शिक्षा क्षेत्र रहेगा। डॉ. यादव ने पहले भी शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए कई प्रयास किए हैं, और उनकी सरकार इस क्षेत्र में सुधार के लिए निरंतर काम कर रही है। 6 सितंबर की बैठक में सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता, छात्रों की उपस्थिति, शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम और नवीन शिक्षण पद्धतियों पर चर्चा होगी। शिक्षा में डिजिटल परिवर्तन को और तेज करने के लिए भी विशेष योजनाओं पर बात की जाएगी।

एमपी में स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक मूल्यांकन

स्वास्थ्य क्षेत्र भी मुख्यमंत्री की प्राथमिकता सूची में है। कोविड-19 महामारी के बाद से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं। 6 सितंबर की बैठक में सरकारी अस्पतालों की स्थिति, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं और निःशुल्क दवा वितरण योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री का ध्यान इस बात पर रहेगा कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को समय पर उचित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

मध्य प्रदेश में कृषि और ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान

कृषि और ग्रामीण विकास मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे। किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए राज्य सरकार ने कई योजनाएं लागू की हैं। फसल बीमा योजना, सिंचाई परियोजनाएं, कृषि ऋण माफी जैसी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण, बिजली आपूर्ति, पेयजल सुविधाओं के विस्तार पर भी मुख्यमंत्री की विशेष नजर रहेगी।

MP में महिला एवं बाल विकास की योजनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। महिला सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा, आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति और महिला सुरक्षा पर भी इस समीक्षा बैठक में चर्चा होगी। मुख्यमंत्री का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा में सुधार करना है। इसके अलावा, महिला स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

भविष्य की योजनाओं का खाका

समीक्षा बैठकें केवल वर्तमान योजनाओं की प्रगति पर नहीं, बल्कि भविष्य की योजनाओं का खाका तैयार करने के लिए भी महत्वपूर्ण होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के विकास के लिए कई नई योजनाएं प्रस्तावित की हैं, जिनका उद्देश्य आर्थिक विकास, युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना, पर्यावरण संरक्षण और विकासशील बुनियादी ढांचे का निर्माण करना है। इन योजनाओं का क्रियान्वयन कैसे होगा, इस पर भी बैठक में चर्चा होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का 6 सितंबर को भोपाल में आयोजित बैठकों में भाग लेना राज्य के विकास और योजनाओं के सफल क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन बैठकों से यह सुनिश्चित होगा कि राज्य सरकार की योजनाएं सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं और प्रदेश के नागरिकों को इनका पूरा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री की यह बैठकें प्रदेश के लिए नई उम्मीद और विकास की राह को और मजबूत करेंगी।

राष्ट्रपति मुर्मु ने MP के 7 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से किया सम्मानित

Rashtriya Shikshak Puraskar: राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2024 प्रदान किए। इस कार्यक्रम में प्रदेश के सात शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट योगदान और शिक्षा क्षेत्र में अनोखी पहलों के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाले शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करता है।

शिक्षकों का चयन और योगदान

इस वर्ष जिन शिक्षकों को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुआ, उनमें से कुछ ने शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और सुधार लाने के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा निम्नलिखित शिक्षकों को पुरस्कार से सम्मानित किया गया:

1. सुनीता गोधा (मंदसौर, मध्य प्रदेश)
सुनीता गोधा जिला मंदसौर के शासकीय हाई स्कूल, खजूरिया सारंग में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने स्कूल में सकारात्मक शिक्षण वातावरण बनाने के लिए उल्लेखनीय कार्य किया है। गोधा ने कक्षा में उपस्थिति सुधारने के लिए छात्रों के लिए असाइनमेंट और अन्य गतिविधियाँ आयोजित कीं। उन्होंने नियमित पैरंट-टीचर मीटिंग (PTM) का आयोजन किया और व्यक्तिगत रूप से छात्रों पर ध्यान केंद्रित किया। विशेष आवश्यकता वाले और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों का नामांकन बढ़ाने के लिए उनके प्रयास भी सराहनीय रहे हैं।

2. माधव प्रसाद पटेल (दमोह, मध्य प्रदेश)
माधव प्रसाद पटेल जिला दमोह के शासकीय नवीन माध्यमिक शाला, लिधौरा में विज्ञान शिक्षक हैं। पटेल ने अपने विद्यालय में एक साइंस वॉल की स्थापना की, जहां छात्र विज्ञान से संबंधित अपनी जिज्ञासाएं प्रदर्शित कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने मोटरसाइकिल पर मोबाइल लाइब्रेरी की शुरुआत की, जिससे ग्रामीण समुदायों में छात्रों की पढ़ने की आदतों का विकास हुआ। लर्निंग बोर्ड और खेत पाठशाला के माध्यम से उन्होंने शिक्षा को कक्षा की सीमाओं से बाहर तक पहुँचाया है।

3. सुनीता गुप्ता (डिंडोरी, मध्य प्रदेश)
जवाहर नवोदय विद्यालय, डिंडोरी की गणित शिक्षिका सुनीता गुप्ता ने गणित को सरल और आकर्षक बनाने के लिए एनीमेटेड वीडियो और तकनीकी शिक्षण सामग्री का उपयोग किया है। उन्होंने दीक्षा (DIKSHA) और स्वयं (SWAYAM) जैसे ऑनलाइन पोर्टल्स के लिए भी शिक्षण सामग्री विकसित की है। उनके प्रयासों से छात्रों के लिए गणित जैसे कठिन विषयों को समझना आसान हुआ है।

उच्च शिक्षा क्षेत्र में सम्मानित शिक्षक

4. प्रो. नीलाभ तिवारी (भोपाल, मध्य प्रदेश)
राष्ट्रीय संस्कृत संस्था, भोपाल में शिक्षा विभाग के अध्यक्ष प्रो. नीलाभ तिवारी को शिक्षा में उनके अमूल्य योगदान के लिए सम्मानित किया गया। पिछले 18 वर्षों से वे शिक्षण कार्य में सक्रिय हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने संस्कृत अध्ययन के क्षेत्र में 34 पुस्तकों का सम्पादन और 37 शोध पत्रों का लेखन किया है। इसके अतिरिक्त, भारतीय ज्ञान परंपरा और पाठ्यक्रम विकास में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है।

5. प्रो. कपिल आहूजा (आईआईटी इंदौर)
आईआईटी इंदौर के प्रो. कपिल आहूजा को कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उनके अनूठे योगदान के लिए सम्मानित किया गया। अमेरिका में 14 वर्षों के शिक्षण अनुभव के साथ, उन्होंने आईआईटी इंदौर में पहला एमएस (MS) पाठ्यक्रम शुरू किया। इसके साथ ही उन्हें चार बार सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है।

कौशल विकास में अग्रणी योगदान

6. श्रीमती प्रेमलता रहंगडाले (भोपाल, मध्य प्रदेश)
श्रीमती प्रेमलता रहंगडाले, भोपाल के संभागीय आईटीआई की प्रशिक्षण अधिकारी हैं। उन्होंने दृष्टिबाधित छात्रों को कम्प्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिसटेन्ट ट्रेड में प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है। उनके मार्गदर्शन में कई छात्रों ने प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे रेलवे और बैंक में करियर बनाया है।

7. श्री प्रशांत दीक्षित (भोपाल, मध्य प्रदेश)
श्री प्रशांत दीक्षित ने मैकेनिक डीजल ट्रेड के लिए ई-कंटेंट विकसित कर छात्रों की शिक्षा को सरल और सुलभ बनाया है। इसके साथ ही उन्होंने अपने संस्थान में ऑटोमोटिव लैब की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दीक्षित ने छात्रों को व्यावहारिक शिक्षा देने में उत्कृष्टता प्राप्त की है।

समारोह में विशेष अतिथि

इस कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्री श्री जयंत चौधरी और शिक्षा राज्यमंत्री श्री सुकांता मजूमदार उपस्थित थे। सभी विजेता शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र, रजत पदक और 50,000 रुपये की नकद राशि प्रदान की गई। इस अवसर पर, शिक्षा क्षेत्र में बेहतरीन योगदान देने वाले इन शिक्षकों की सराहना की गई और अन्य शिक्षकों को भी प्रेरित किया गया।

शिक्षक दिवस के अवसर पर दिए जाने वाले इस सम्मान ने शिक्षा जगत में एक नई मिसाल कायम की है, जो छात्रों और शिक्षकों के बीच संवाद और विकास को और भी सशक्त बनाता है।

CM मोहन यादव ने झाबुआ, ग्वालियर, धार में हुई घटनाओं पर कलेक्टर को दिए निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए, ग्वालियर, धार और झाबुआ जिलों में घटित विभिन्न घटनाओं पर तत्काल संज्ञान लिया और संबंधित जिलों के कलेक्टर्स से दूरभाष पर चर्चा कर स्थिति की जानकारी प्राप्त की।

साथ ही, आम नागरिकों की राहत के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए। इस लेख में हम विस्तार से बताएंगे कि मुख्यमंत्री ने किन घटनाओं पर ध्यान दिया और किस प्रकार से उन्होंने राज्य के नागरिकों की सुरक्षा और राहत के लिए त्वरित कदम उठाए।

झाबुआ: दो बच्चियों के बहने पर सहायता निर्देश

झाबुआ जिले में दो मासूम बच्चियों के दुर्भाग्यपूर्ण रूप से बह जाने की घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कलेक्टर को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाए।

इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इस पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। यह सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करने का निर्देश दिया गया।

ग्वालियर: ट्रॉमा सेंटर की घटना पर त्वरित कार्रवाई

ग्वालियर के ट्रॉमा सेंटर में घटी घटना को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से चिंताजनक स्थिति का संज्ञान लिया। उन्होंने कलेक्टर से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्टाफ को सतर्क और जागरूक रहने की हिदायत दी।

ट्रॉमा सेंटर जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर हर एक स्टॉफ सदस्य को अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाने का निर्देश दिया गया ताकि किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को रोका जा सके।

धार: जनजातीय बालक आश्रम में जलभराव की समस्या

धार जिले के डही विकासखंड के ग्राम बड़वानिया में स्थित जनजातीय बालक आश्रम परिसर में वर्षा के कारण जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई, जिससे विद्यार्थियों को कठिनाई का सामना करना पड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर से चर्चा कर इस घटना की जानकारी प्राप्त की।

प्रशासन ने समय रहते सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था, जिसकी जानकारी कलेक्टर ने मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए सभी आवश्यक सावधानियों को अपनाने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि इस घटना में जिन सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने बच्चों की सुरक्षा में सक्रिय भागीदारी निभाई, उन्हें राज्य सरकार सम्मानित करेगी। इस तरह की घटनाओं में नागरिकों की सक्रियता और सजगता से बड़ा नुकसान टाला जा सकता है।

मुख्यमंत्री का राजधर्म और प्रशासनिक कुशलता

यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने पिता के निधन के बाद भी राजधर्म का पालन करते हुए प्रदेश की स्थिति पर अपनी गहन नजर बनाए रखी। उनके पिता का निधन 3 सितंबर को हुआ था, और 4 सितंबर को अंतिम संस्कार के बाद भी उन्होंने विभिन्न जिलों में हो रही घटनाओं पर सतर्कता बनाए रखते हुए त्वरित कार्रवाई की।

उज्जैन स्थित अपने निवास से दूरभाष के माध्यम से मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों के कलेक्टरों से संपर्क किया और आम नागरिकों के हित में जरूरी निर्देश जारी किए। यह दिखाता है कि मुख्यमंत्री अपने व्यक्तिगत दुख के समय भी प्रदेश के नागरिकों के प्रति अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटे और अपनी प्रशासनिक कुशलता का परिचय दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर, झाबुआ और धार जिलों की घटनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया दी, जो उनकी संवेदनशीलता और प्रशासनिक क्षमता को दर्शाती है। उनके निर्देशों के अनुसार प्रशासन ने तत्काल कदम उठाए और प्रभावित नागरिकों को राहत प्रदान की। इस प्रकार की घटनाओं से निपटने में मुख्यमंत्री की त्वरित प्रतिक्रिया से स्पष्ट होता है कि वे नागरिकों की सुरक्षा और राहत के लिए हमेशा तैयार रहते हैं

MP: नीमच के शिक्षक निर्मल राठौर ने सरकारी स्कूल को बनाया चॉकलेस

Neemuch News: नीमच जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय ग्राम थड़ोली के शिक्षक श्री निर्मल राठौर ने स्कूल में अनेक नवाचार कर जिले में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में एक अनूठी पहचान बनाई है। यह एक ऐसा स्कूल है जो कि वर्तमान में चाकलेस हो गया है।

डिजिटल शिक्षा का भविष्य: नवाचार और शिक्षक श्री निर्मल राठौर की उपलब्धि

नीमच जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम थड़ोली का शासकीय माध्यमिक विद्यालय आज डिजिटल शिक्षा का एक उत्कृष्ट उदाहरण बन चुका है। इसके पीछे प्रमुख भूमिका निभाई है विद्यालय के शिक्षक श्री निर्मल राठौर ने, जिन्होंने अनेक नवाचारों के माध्यम से न केवल विद्यालय को चाकलेस (चॉक मुक्त) बना दिया, बल्कि इसे पूरे प्रदेश में एक मिसाल के रूप में स्थापित किया है।

चाकलेस कक्षाओं का संचालन: स्मार्ट बोर्ड और ICT का उपयोग

आज के समय में जब शिक्षा का डिजिटलीकरण हो रहा है, श्री राठौर ने इसे अपने विद्यालय में सफलतापूर्वक लागू किया है। सभी कक्षाएँ स्मार्ट बोर्ड की सहायता से संचालित होती हैं, जहां शिक्षकों द्वारा यू-ट्यूब, आईसीटी और अन्य डिजिटल टूल्स का भरपूर उपयोग किया जाता है। यह केवल एक तकनीकी बदलाव नहीं है, बल्कि बच्चों के लिए एक नई और आधुनिक शिक्षा पद्धति का हिस्सा है, जो उन्हें भविष्य के लिए तैयार कर रही है।

विद्यालय की गतिविधियों का डिजिटल प्रसारण

श्री राठौर की अनूठी सोच का परिणाम यह है कि विद्यालय में होने वाली सभी शैक्षिक गतिविधियाँ और नवाचारों को रिकॉर्ड कर यू-ट्यूब पर साझा किया जाता है। इससे अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा की प्रगति और विद्यालय के माहौल के बारे में सूचित किया जाता है। इसके अलावा, विद्यालय में किए गए प्रयासों को राज्य और जिला स्तर पर भी सराहा गया है।

विद्यालय का सौंदर्य और भयमुक्त वातावरण

विद्यालय के वातावरण को और भी अधिक आकर्षक और प्रेरणादायक बनाने के लिए इसे बेहतर पेंट से रंगा गया है और साथ ही एक सुंदर गार्डन भी बनाया गया है। इस गार्डन का उपयोग बच्चों को सामान्य ज्ञान सिखाने के लिए किया जाता है, जहां पौधों पर संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों और अधिकारियों के नाम लिखे गए हैं। बच्चे इन नामों को रोज पढ़ते हैं और स्वतः ही याद कर लेते हैं, जो उनकी स्मरण शक्ति और ज्ञान को बढ़ाता है।

उत्कृष्ट पुस्तकालय और स्कूल बैंड: नवाचार का एक और उदाहरण

शाला के नवाचारों में एक और महत्वपूर्ण योगदान है यहाँ का पुस्तकालय, जिसकी प्रशंसा न केवल जिले के अधिकारियों ने की, बल्कि भोपाल के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इसकी सराहना की है। इसके अलावा, विद्यालय का अपना स्कूल बैंड है, जिसे श्री राठौर ने स्वयं प्रशिक्षित किया और अब बच्चे इसे सफलतापूर्वक संचालित कर रहे हैं। यह एक ऐसा प्रयास है जो बच्चों के संगीत कौशल को बढ़ाने के साथ-साथ उनमें नेतृत्व क्षमता का भी विकास कर रहा है।

डिजिटल आई-कार्ड और होमवर्क डायरी की व्यवस्था

विद्यालय में बच्चों के लिए डिजिटल आई-कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जो उनके अभिभावकों के संपर्क में रहने का एक और डिजिटल कदम है। इसके साथ ही विद्यालय में होमवर्क डायरी का पैटर्न भी जन-सहयोग से शुरू किया गया है, जिससे बच्चों को अपने होमवर्क को व्यवस्थित करने में मदद मिलती है।

हाउस कांसेप्ट और ड्रेस कोड: अनुशासन और सौंदर्य का संगम

श्री राठौर ने विद्यालय में हाउस कांसेप्ट भी लागू किया है, जिसके तहत बच्चों को हाउस ड्रेस और हाउस एक्टिविटी में शामिल किया जाता है। यह न केवल बच्चों में अनुशासन को प्रोत्साहित करता है, बल्कि उनमें प्रतिस्पर्धात्मक भावना और टीम वर्क का विकास भी करता है। साथ ही विद्यालय की ड्रेस कोड भी बहुत आकर्षक और सुंदर है, जो विद्यालय की पहचान को और भी विशिष्ट बनाता है।

शिक्षक श्री निर्मल राठौर का योगदान और सम्मान

शिक्षक श्री निर्मल राठौर के इन अद्वितीय प्रयासों और नवाचारों को राज्य सरकार द्वारा भी मान्यता मिली है। शिक्षण सत्र 2021 में उन्हें उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्यपाल अवार्ड से सम्मानित किया गया। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों का परिणाम है, बल्कि यह शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा देने का प्रयास भी है।

शिक्षा के क्षेत्र में थड़ोली की शाला: अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणा

थड़ोली की शाला द्वारा किए गए नवाचार और श्री राठौर के नेतृत्व में विद्यालय की अद्वितीय प्रगति ने संकुल और विकासखंड के कई अन्य विद्यालयों को प्रेरित किया है। कई स्कूलों ने थड़ोली विद्यालय के नवाचारों को अपनाया है और अपने विद्यालयों में भी डिजिटल शिक्षा और चाकलेस कक्षाओं का संचालन शुरू किया है।

सिवनी में बजरंग दल ने पकड़ा 16 टन गौमांस, हैदराबाद जा रहा था ट्रक

Seoni News, मध्यप्रदेश – सिवनी जिले में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 टन गौमांस से भरे ट्रक को पकड़ा। यह घटना आज गुरुवार सुबह लगभग 7 बजे की है, जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कोतवाली पुलिस के साथ छिंदवाड़ा रोड बाइपास पर संदिग्ध ट्रक को रोका और उसकी जांच की।

सूत्रों के अनुसार, यह ट्रक पश्चिम बंगाल से हैदराबाद की ओर जा रहा था, जिसमें अवैध रूप से गौमांस ले जाया जा रहा था। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इस पर नजर रखी हुई थी और सही समय पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और सिवनी पुलिस ट्रक को पकड़ने में सफल रहे। कार्यकर्ताओं का दावा है कि उन्हें इस संदिग्ध गतिविधि की सूचना पहले से मिली थी, जिसके बाद वे ट्रक पर नजर बनाए हुए थे।

ट्रक की जांच करने पर पाया गया कि उसमें करीब 16 टन गौमांस लदा हुआ था। इसके बाद स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया और ट्रक को कब्जे में ले लिया गया। पुलिस ने ट्रक चालक और उसके सहायक को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि बजरंग दल ने इस कार्रवाई को गौ-रक्षा के तहत महत्वपूर्ण कदम बताया है। संगठन के कार्यकर्ताओं का कहना है कि गौमांस की तस्करी का मामला बेहद गंभीर है और इसे रोकने के लिए समाज को जागरूक होना चाहिए।

पुलिस द्वारा इस घटना की जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह तस्करी का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

सिवनी: पेंच टाइगर रिजर्व विस्थापन परियोजना, आदर्श ग्राम बनेगा नवीन कर्माझिरी ग्राम

Seoni News: पेंच टाइगर रिजर्व (Pench Tiger Reserve) अंतर्गत आने वाले कर्माझरी (Karmajhiri) वन ग्राम के विस्थापन परियोजना को लेकर कलेक्टर संस्कृति जैन (Seoni Collector Sanskriti Jain) ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ विस्थापित होने वाले परिवारों से संवाद किया।

इसके पूर्व कलेक्टर जैन ने नवीन कर्माझरी ग्राम के लिए ग्राम जोगीवाड़ा के समीप प्रस्तावित भूमि का अवलोकन सम्बंधित विभागीय अधिकारियों के साथ किया।

कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन एवं फील्ड डारेक्टर श्री रजनीश सिंह ने उपस्थित ग्रामीणों को सम्पूर्ण विस्थापन परियोजना की विस्तृत जानकारी दी।

कलेक्टर जैन ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि नवीन कर्माझरी ग्राम को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जायेगा। ग्राम में बसने वाले ग्रामीणों की सुविधा के लिए पक्की सड़कें, बिजली,पानी, स्वास्थ्य केंद्र,आंगनवाड़ी केंद्र, स्कूल जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेगी।

इसके अतिरिक्त बेहतर कृषि गतिविधियों के लिए स्थानीय स्तर में उपलब्ध तालाब के माध्यम से सिंचाई परियोजना का कार्य जल संसाधन विभाग द्वारा किया जायेगा।

पात्रता समिति द्वारा होगा परिवार इकाई का निर्धारण

प्रस्तावित विस्थापन परियोजना में ग्राम में निवासरत 302 व्यक्ति को समान लाभ सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर सुश्री जैन द्वारा डिप्टी कलेक्टर श्रीमती पूर्वी तिवारी की अध्यक्षता में पात्रता समिति गठित की गई हैं।

समिति में वन, राजस्व, पंचायत, जनजाति कार्य विभाग के अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल किये गये हैं। समिति ग्राम के निवासियों का 18 वर्ष से अधिक आयु के आधार पर परिवार इकाई का निर्धारण करेंगे।

विस्थापित परिवारों के पास भूमि-आवास अथवा आर्थिक लाभ का रहेगा विकल्प

प्रस्तावित विस्थापन परियोजना में विस्थापित परिवारों को उनकी सहमति के आधार पर भूमि अथवा आर्थिक लाभ लेने का विकल्प रहेगा। परिवार इकाई द्वारा भूमि का विकल्प चयन करने पर कुल इकाई के अनुपात में पंचायत एवं सिंचाई विभाग द्वारा विकसित कृषि भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। वही प्रति परिवार इकाई के लिए कम से कम 3.75 लाख रुपये भवन निर्माण के दिये जायेंगे।

जिसे रहवासी क्षेत्र में बिजली, पानी, सड़क, स्कूल, आंगनवाडी, स्वास्थ्य केंद्र जैसी मूलभूत अधोसंरचना निर्माण के उपरांत शेष राशि के अनुपात में बढ़ाया जा सकेगा। इसी तरह जो परिवार इकाई आर्थिक लाभ का विकल्प चुनेगा उन्हें 15-15 लाख रुपये की राशि दी जायेगी।

सिवनी कलेक्टर संस्कृति जैन ने अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश

ग्रामीणों चर्चा उपरांत कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन ने पंचायत, जल संसाधन विभाग, विद्युत विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को प्रस्तावित नवीन कर्माझिरी ग्राम को सर्व सुविधायुक्त आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने विस्थापित परिवारों के लिए सर्व सुविधायुक्त रहवास के साथ-साथ उन्नत कृषि व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यवस्थाओं की उपलब्धता प्रस्तावित प्लान में शामिल करने के निर्देश दिए।

सिवनी: राज्यपाल पुरस्कार के लिए नामांकित हुए शिक्षक संजय रजक

Seoni News: हमारे जीवन में शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। शिक्षक न केवल हमें पढ़ाते हैं, बल्कि हमें जीवन के सही मार्ग पर चलना भी सिखाते हैं। सही और गलत का भेद सिखाते हैं। एक जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में हमारा मार्गदर्शन करते हैं।

एक अच्छा शिक्षक अपने छात्रों में न केवल ज्ञान का बीज बोता है, बल्कि उन्हें जीवन के हर पहलू में सफल बनने के लिए तैयार करता है। एक बेहतर शिक्षक न केवल अपने छात्रों बल्की पूरी समाज के लिए आदर्श होते हैं। ऐसा ही उदाहरण सिवनी जिले के दूरस्थ आदिवासी क्षेत्र घंसौर विकासखण्ड के ग्राम भिरा के शासकीय प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षक संजय रजक द्वारा प्रस्तुत किया गया है।

उन्होंने अपने शिक्षक होने की भूमिका का बेहतर निर्वहन करने के साथ ही बच्चों को शिक्षित कर एक बेहतर नागरिक बनने के प्रयासों एवं नवाचार के लिए शिक्षक संजय रजक को राज्यपाल पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है।

शिक्षक श्री संजय रजक को यह पुरूस्कार उनके शैक्षणिक प्रदर्शन, तथा नवाचारों, क्रियात्मक अनुसंधान एवं उनके परिणाम, शासन के विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रियता, शिक्षण-प्रशिक्षण में सहभागिता, छात्रों का श्रेष्ठ प्रदर्शन प्रगति शिक्षक के लिखे गए लेख- शिक्षा के क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य करने पर यह पुरस्कार शिक्षकों को 11 आयामों पर आधारित गतिविधियों के आधार पर दिया जाता जा रहा है।

जिसमें विगत पांच वर्षों की बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत परिणाम, शाला में शत-प्रतिशत नामांकन के लिए किए गए प्रयास, शाला एवं कक्षाओं का व्यवस्थित संचालन राष्ट्रीय एकता आलेख या पुस्तक, शिक्षक के किए गए कार्य के लिए प्राप्त पुरस्कार, छात्रों के संस्कार एवं कर्तव्य बोध के लिए किए गए कार्य शामिल हैं।