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सिवनी: मोती नाला मोक्षधाम की ये वीडियो देख आंखों से आ जाएंगे आँसू, नगर प्रशासन बेपरवाह

Seoni News: मोती नाला मोक्षधाम का पहुंच मार्ग वर्तमान में बेहद खराब स्थिति में है। इसकी दुर्दशा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां अर्थी ले जाना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है। नगर प्रशासन की अनदेखी और लापरवाही ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है।

आधा-अधूरा पुल बना मुसीबत

इस क्षेत्र में बना आधा-अधूरा पुल न केवल लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है, बल्कि मृतकों की अंतिम यात्रा में भी बाधा उत्पन्न कर रहा है। अधूरे पुल निर्माण के कारण आसपास के क्षेत्र, जैसे डुंडा सिवनी के कबीर वार्ड, टैगोर वार्ड, गणेश चौक, सीबी रमन वार्ड और गांधी वार्ड के लोगों को मोक्षधाम तक पहुंचने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

अर्थी ले जाने में होती है परेशानी

स्थानीय निवासियों के अनुसार, कई बार शव को यहां लाने के बाद नाले और पुल की दुर्दशा देखकर उन्हें वापस दूसरे मोक्षधाम ले जाना पड़ा। यह स्थिति न केवल दुखद है, बल्कि नगर प्रशासन की उदासीनता का प्रमाण भी है।

बड़े नेताओं को है जानकारी, फिर भी स्थिति जस की तस

नगर प्रशासन के साथ-साथ बड़े नेताओं को भी इस समस्या की पूरी जानकारी है। इसके बावजूद, मोती नाला मोक्षधाम की स्थिति में कोई सुधार नहीं किया गया है। इस उपेक्षा से स्थानीय जनता बेहद नाराज और परेशान है।

जनता की मांग: तुरंत हो समाधान

क्षेत्र के लोग नगर प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द मोक्षधाम पहुंच मार्ग और अधूरे पुल का निर्माण पूरा किया जाए, ताकि अंतिम संस्कार जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न हो। प्रशासन की उदासीनता को देखते हुए यह सवाल उठता है कि क्या जनता की परेशानियां उनके लिए कोई मायने नहीं रखतीं?

यह समय है कि जिम्मेदार अधिकारी और नेता इस समस्या का समाधान करें और जनता को राहत प्रदान करें।

सिवनी: हत्या का प्रयास करने वाले 03 कुख्यात आरोपी सोहेल, नौशान और नावेद गिरफ्तार

SEONI शहर में बढ़ती चाकूबाजी की घटनाओं पर नियंत्रण पाने और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक श्री सुनील मेहता द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इस दिशा में कोतवाली पुलिस टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। हत्या का प्रयास करने वाले तीन कुख्यात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जो घटना के बाद से फरार चल रहे थे।

घटना का विवरण

दिनांक 02/11/24 को दोपहर लगभग 01.00 बजे घायल दाशिन खान उर्फ नोबिता को आपसी रंजीश के कारण थाना क्षेत्र के अभ्यस्थ आरोपीगण 01 सोहेल उर्फ टम्मू 02 नौशान उर्फ नकुल एवं 03 नावेद उर्फ शब्बू के द्वारा पीडित दानिश खान पर चाकू से जानलेवा वार किये थे जिससे दानिश खान को सीने एवं हाथ गंभीर चोटें आई थी।

जिस पर थाना कोतवाली में आरोपियो के विरूद्व अपराध पंजीबद्व कर विवेचना में लिया गया है। घटना के बाद से तीनों कुख्यात आरोपी लगातार फरार चल रहे थे। जिन तीनों आरोपियों के कब्जे से अपराध में प्रयुक्त धारदार जानलेवा प्रतिबंधित लम्बाई का चाकू जप्त कर आरोपीगणों को गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तार आरोपी 1. नौशान उर्फ नकुल खान पिता नवाब खान उम्र 28 वर्ष 2. हुसैन उर्फ शोहेल उर्फ टम्मू खान पिता नवाब खान उम्र 24 वर्ष 3. नावेद उर्फ शब्बू खान पिता नवाब खान उम्र 30 वर्ष तीनों निवासी निवासी हड्डी गोदाम भगत सिंह वार्ड सिवनी उल्लेखनीय है कि कुख्यात आरोपी नौशान उर्फ नकुल थाना क्षेत्र का पूर्व से अभ्यस्त आरोपी है जिसके विरूद्व राज्य सुरक्षा अधिनियम सहित कुल 32 अपराध पंजीबद्व हुए है।

जिनमें बलवा, 25 आमर्स एक्ट, मारपीट सहित अन्य विभिन्न धाराओ में अपराध पंजीबद्व हुए है। इसी प्रकार आरोपी नौशन उर्फ नकुल के भाई हुसैन उर्फ शोहेल उर्फ टम्मू खान के विरूद्व भी लडाई झगडे के अपराध पूर्व में पंजीबद्व हुए है।

गिरफ्तार आरोपी:

  1. सोहेल उर्फ टम्मू
  2. नौशान उर्फ नकुल
  3. नावेद उर्फ शब्बू

यह हमला आपसी विवाद के चलते किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

गिरफ्तारी की प्रक्रिया

कोतवाली पुलिस ने घटना के बाद तीनों आरोपियों की तलाश शुरू की। सघन जांच और खोजबीन के बाद, आरोपियों को उनके ठिकानों से गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से अपराध में इस्तेमाल किए गए तीन धारदार चाकू बरामद किए गए, जिनकी लंबाई प्रतिबंधित श्रेणी में आती है।

गिरफ्तार आरोपी:

  • नौशान उर्फ नकुल खान (उम्र: 28 वर्ष)
  • हुसैन उर्फ सोहेल उर्फ टम्मू खान (उम्र: 24 वर्ष)
  • नावेद उर्फ शब्बू खान (उम्र: 30 वर्ष)

तीनों आरोपी हड्डी गोदाम, भगत सिंह वार्ड, सिवनी के निवासी हैं।

आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड

  1. नौशान उर्फ नकुल खान – यह आरोपी पूर्व से ही अपराधी प्रवृत्ति का है। इसके खिलाफ राज्य सुरक्षा अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत 32 अपराध दर्ज हैं। इनमें बलवा, 25 आम्र्स एक्ट और मारपीट जैसे गंभीर मामले शामिल हैं।
  2. हुसैन उर्फ सोहेल उर्फ टम्मू खान – इस आरोपी के खिलाफ भी पूर्व में लड़ाई-झगड़े और अन्य अपराधों के कई मामले दर्ज हैं।
  3. नावेद उर्फ शब्बू खान – नावेद का भी स्थानीय क्षेत्र में अपराधिक इतिहास रहा है।

इन अपराधियों की गिरफ्तारी से स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिली है और अपराध पर नियंत्रण पाने में पुलिस की यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण कदम है।

पुलिस टीम की विशेष भूमिका

इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देने में कोतवाली पुलिस टीम का विशेष योगदान रहा।
टीम में शामिल अधिकारी:

  • निरीक्षक सतीश तिवारी
  • उपनिरीक्षक राहुल काकोडिया
  • सहायक उपनिरीक्षक रामअवतार डहेरिया
  • प्रधान आरक्षक सुंदर श्याम
  • आरक्षक नितेश राजपूत, प्रतीक बघेल, इरफान, अमित
  • महिला आरक्षक फरहीन

इन सभी ने इस केस को सुलझाने में अथक प्रयास किया और आरोपियों को पकड़ने में सफलता प्राप्त की।

आरोपियों पर आगे की कार्रवाई

गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन पर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। पुलिस इन अपराधियों के साथ जुड़े अन्य मामलों की भी जांच कर रही है।

समाज के लिए पुलिस का संदेश

इस घटना के माध्यम से पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शहर में अवैध गतिविधियों और अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। श्रीमान पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि का पता चलता है तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें।

सिवनी पुलिस की सख्त कार्रवाई: गांजा तस्करी करते हुए महिला रीतम मानाठाकुर गिरफ्तार

Seoni News: सिवनी जिले में अवैध मादक पदार्थों, जुआ, सट्टा और अवैध शराब के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। श्रीमान पुलिस अधीक्षक श्री सुनील मेहता, ए.एस.पी श्री गुरूदत्त शर्मा, और सी.एस.पी श्रीमति पूजा पांडे के नेतृत्व में यह मुहिम प्रभावी ढंग से चलाई जा रही है। सिवनी पुलिस हर स्तर पर कानून व्यवस्था को बनाए रखने और समाज को सुरक्षित बनाने के लिए तत्पर है।

सिवनी में गांजा तस्करी का मामला: पुलिस की सतर्कता से बड़ी सफलता

मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई

15 नवंबर 2024 को सिवनी पुलिस को एक मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि नागपुर रोड जोड़ा पुल के पास एक महिला भारी मात्रा में गांजा लेकर मौजूद है। पुलिस टीम ने तुरंत महिला पुलिसकर्मियों की सहायता से घेराबंदी कर आरोपिया रीतम मानाठाकुर को गिरफ्तार किया।

आरोपिया के पास से 1066 ग्राम गांजा बरामद

महिला के पास मौजूद सफेद रंग के थैले की जांच करने पर 1066 ग्राम गांजा बरामद किया गया। इसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹11,000 आंकी गई है। जब पुलिस ने आरोपिया से वैध दस्तावेज मांगे, तो वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत करने में असमर्थ रही।

आरोपिया का आपराधिक इतिहास

पिछले मामलों में भी शामिल

आरोपिया रीतम मानाठाकुर पर पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हो चुके हैं। वर्ष 2021 और 2023 में भी उसे गांजा रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके अतिरिक्त, आरोपिया पर अवैध शराब व्यापार से जुड़े कई मामले दर्ज हैं।

स्थानीय अपराधों में सक्रियता

आरोपिया के खिलाफ दर्ज मामलों की संख्या यह दर्शाती है कि वह लंबे समय से अवैध मादक पदार्थों और शराब के व्यापार में सक्रिय है।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

प्रमुख अधिकारी और स्टाफ की सूची

इस सफल ऑपरेशन में थाना प्रभारी कोतवाली श्री सतीश तिवारीसउनि दिनेश रघुवंशीप्रआर सुंदर श्याम तिवारीआरक्षक विक्रम देशमुखशिवम बघेलप्रतीक बघेल, और महिला आरक्षक फरहीन व दीपाली बघेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

सिवनी पुलिस का दृढ़ संकल्प

सिवनी पुलिस का यह कदम समाज को अवैध गतिविधियों से मुक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस तरह की सख्त कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में डर पैदा होगा और कानून का पालन सुनिश्चित होगा।

गांजा तस्करी और इसके सामाजिक दुष्प्रभाव

अवैध मादक पदार्थों का प्रभाव

गांजा जैसे मादक पदार्थों का उपयोग समाज में अपराध, स्वास्थ्य समस्याओं, और पारिवारिक टूटन का कारण बनता है। ऐसे पदार्थों का अवैध व्यापार युवाओं को नशे की लत में धकेलता है।

कानूनी दंड और सजा

एनडीपीएस एक्ट के तहत गांजा रखने और बेचने पर सख्त सजा का प्रावधान है। इससे जुड़े अपराधियों को लंबी जेल की सजा और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ता है।

सिवनी पुलिस की मुहिम: समाज के लिए एक उदाहरण

जनता की सुरक्षा सर्वोपरि

सिवनी पुलिस का यह प्रयास समाज को अवैध मादक पदार्थों से मुक्त करने और नागरिकों को एक सुरक्षित माहौल देने की दिशा में अत्यधिक सराहनीय है।

आगे की रणनीति

इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस को सामुदायिक सहयोग की आवश्यकता है। स्थानीय लोग संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस को देकर इस मुहिम में योगदान दे सकते हैं।

सिवनी: नगर कोतवाल सतीश तिवारी ने गुम मोबाइल ढूंढकर रितु शर्मा को सौंपा

Seoni News: आज के समय में मोबाइल फोन हमारी ज़िंदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। इसके गुम होने पर व्यक्ति मानसिक और भावनात्मक रूप से प्रभावित होता है। थाना कोतवाली पुलिस ने इस समस्या के समाधान के लिए सराहनीय कदम उठाए हैं। हाल ही में, सिवनी की निवासी रितु शर्मा, जिनका मोबाइल गुम हो गया था, को उनका मोबाइल वापस दिलाने का प्रयास सफल रहा।

रितु शर्मा द्वारा आवेदन और पुलिस की तत्परता

आवेदिका रितु शर्मा, निवासी छिन्दवाड़ा चौक, सिवनी, ने थाना कोतवाली में मोबाइल गुम होने की शिकायत दर्ज करवाई थी। उनके आवेदन पत्र को गंभीरता से लेते हुए, थाना कोतवाली पुलिस ने इस पर तुरंत कार्रवाई शुरू की।

पुलिस के थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश तिवारी ने अपने नेतृत्व में मोबाइल को ट्रेस करने के लिए पूरी टीम को निर्देशित किया। उनके द्वारा उपयोग की गई तकनीकी और रणनीतिक प्रयासों से यह सुनिश्चित किया गया कि गुम मोबाइल जल्द से जल्द खोजा जा सके।

मोबाइल ढूंढने की प्रक्रिया: तकनीकी कौशल और अनुभव का उपयोग

मोबाइल ढूंढने की प्रक्रिया में साइबर सेल और स्थानीय नेटवर्क ट्रेसिंग का उपयोग किया गया। टीम ने मोबाइल की लोकेशन का पता लगाने के लिए IMEI नंबर और सिम कार्ड की स्थिति का विश्लेषण किया।

तकनीकी उपायों में शामिल थे:

  • मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग: अंतिम लोकेशन का विश्लेषण कर संदिग्ध क्षेत्रों की पहचान।
  • सर्वर डेटा का उपयोग: गुम मोबाइल की गतिविधियों की जांच।
  • सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण: संभावित स्थानों पर कैमरा फुटेज का अध्ययन।

इन उपायों से पुलिस ने मोबाइल को सही समय पर ढूंढने में सफलता प्राप्त की।

आवेदिका को मोबाइल सुपुर्द: खुशी की लहर

थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश तिवारी ने गुम मोबाइल को आवेदिका रितु शर्मा को विधिवत सौंपा। मोबाइल प्राप्त करने के बाद आवेदिका के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। रितु शर्मा ने पुलिस के इस प्रयास की भूरी-भूरी प्रशंसा की और कहा, “थाना कोतवाली पुलिस ने मेरी समस्या को इतनी जल्दी हल करके यह साबित कर दिया कि वे जनता की सेवा में हमेशा तत्पर हैं।”

थाना कोतवाली पुलिस की सराहनीय पहल

पुलिस की इस कार्यवाही ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे न केवल अपराध रोकने में बल्कि गुम संपत्तियों को खोजने में भी तत्परता दिखा रहे हैं। यह प्रयास समाज में पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत करता है।

सतर्कता और जागरूकता: गुम मोबाइल की रोकथाम के उपाय

मोबाइल चोरी या गुम होने की घटनाओं से बचने के लिए पुलिस ने नागरिकों को कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए:

  1. IMEI नंबर को सुरक्षित रखें: मोबाइल गुम होने की स्थिति में यह नंबर ट्रैकिंग के लिए अत्यंत उपयोगी होता है।
  2. मोबाइल में सिक्योरिटी फीचर्स का उपयोग करें: जैसे कि फिंगरप्रिंट लॉक, पिन कोड और रिमोट ट्रैकिंग।
  3. संवेदनशील स्थानों पर सतर्क रहें: सार्वजनिक स्थानों पर मोबाइल को सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त ध्यान दें।
  4. फर्जी कॉल और मैसेज से बचें: अनजान नंबरों से आए लिंक पर क्लिक न करें।
  5. संपर्क नंबर अपडेट रखें: मोबाइल गुम होने पर तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें।

MP BOARD: 11 वीं कक्षा में गणित सब्जेक्ट लेने के लिए छात्रों को 10वीं के बाद देनी होगी अलग से परीक्षा

मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (एमपीबीएसई) ने 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए गणित विषय के चयन में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब 11वीं कक्षा में गणित विषय का चयन करने के इच्छुक छात्रों को 10वीं की मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने के साथ-साथ विशेष गणित में पूरक परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। इस बदलाव का उद्देश्य छात्रों को उनके शिक्षा जीवन में उच्चस्तरीय विशेषज्ञता दिलाना है। नई शिक्षा नीति के अनुरूप, एमपी बोर्ड ने गणित विषय को दो स्तरों में विभाजित कर दिया है, जो इस शिक्षा नीति के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम है।

मध्य प्रदेश बोर्ड के नवीनतम निर्देश

मध्य प्रदेश बोर्ड के अनुसार, जो छात्र 11वीं में गणित विषय का अध्ययन करना चाहते हैं, उन्हें न केवल 10वीं की परीक्षा में सफलता प्राप्त करनी होगी बल्कि विशेष गणित की पूरक परीक्षा भी उत्तीर्ण करनी होगी। यह विशेष गणित का पेपर, 10वीं के परिणामों के बाद आयोजित किया जाएगा। छात्रों को इस परीक्षा के लिए अलग से आवेदन करना होगा। एमपीबीएसई के सचिव, केडी त्रिपाठी ने इसे नई शिक्षा नीति के अनुरूप बताया है, जिसका उद्देश्य छात्रों को उनके रुचिकर क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्रदान करना है।

गणित का दो स्तरों में विभाजन: सामान्य और विशेष गणित

इस शिक्षा सुधार के तहत गणित विषय को दो भागों में बांटा गया है: सामान्य गणित और विशेष गणित। पहले केवल एक स्तर का गणित ही पढ़ाया जाता था, परंतु अब कक्षा 9 से इस नए पाठ्यक्रम के अंतर्गत छात्रों को गणित के दोनों स्तरों से परिचित कराया जा रहा है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य उन छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए तैयार करना है, जिनकी भविष्य में गणित के उच्चतर अध्ययन में रुचि है। विशेष गणित उन छात्रों के लिए जरूरी होगा जो 11वीं कक्षा में गणित का अध्ययन करना चाहते हैं और आगे गणितीय या वैज्ञानिक क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं।

पूरक परीक्षा का महत्व और आवेदन प्रक्रिया

10वीं कक्षा के नियमित परीक्षा परिणाम आने के बाद, विशेष गणित की पूरक परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के लिए छात्र ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एमपी बोर्ड के अधिकारी बताते हैं कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य छात्रों को गहन अध्ययन के माध्यम से गणितीय समझ विकसित करना है, ताकि वे उच्च शिक्षा में गणित के कठिन विषयों का अध्ययन कर सकें।

पूरक परीक्षा में शामिल होने के लिए आवश्यक दस्तावेज़

पूरक परीक्षा के लिए पंजीकरण के समय छात्रों को निम्नलिखित दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होंगे:

  1. 10वीं का हॉल टिकट – जो छात्र की पहचान और रोल नंबर के प्रमाण के रूप में कार्य करेगा।
  2. अंक प्रमाण पत्र – परीक्षा के लिए अर्हता प्रमाणित करने के लिए।
  3. पंजीकरण शुल्क – पूरक परीक्षा में शामिल होने के लिए एक निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा।

नई शिक्षा नीति का उद्देश्य और इसके लाभ

नई शिक्षा नीति के अनुसार, यह सुधार छात्रों को प्रारंभिक स्तर पर उनकी पसंद के विषय में विशेषज्ञता हासिल करने का अवसर देता है। इसका उद्देश्य छात्रों को गणितीय अवधारणाओं में अधिक गहराई तक जाने और भविष्य में इंजीनियरिंग, विज्ञान, और अन्य गणितीय क्षेत्रों में कैरियर बनाने के लिए तैयार करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति उन छात्रों के लिए लाभदायक सिद्ध होगी जो गणित और विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं।

कक्षा 11 में गणित विषय चयन करने का नया तरीका

यदि कोई छात्र 10वीं के बाद 11वीं में गणित विषय चुनना चाहता है, तो उसे विशेष गणित की परीक्षा में पास होना अनिवार्य है। यह परीक्षा नियमित बोर्ड परीक्षा की तुलना में कठिनाई स्तर में अधिक होगी और इसमें गणित के उन्नत प्रश्न पूछे जाएंगे। छात्रों को इस परीक्षा में शामिल होने के लिए नियमित अभ्यास और गणितीय कौशल का विकास करना होगा।

कक्षा 10 के छात्र कैसे करें विशेष गणित की तैयारी?

विशेष गणित की परीक्षा की तैयारी के लिए छात्रों को निम्नलिखित सुझाव दिए गए हैं:

  1. प्रतिदिन अभ्यास करें – रोजाना गणित के प्रश्नों का अभ्यास करने से विषय पर पकड़ मजबूत होती है।
  2. पिछले प्रश्नपत्रों का अध्ययन करें – पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करें जिससे परीक्षा में प्रश्नों के प्रकार और पैटर्न को समझने में सहायता मिलेगी।
  3. शिक्षकों से मार्गदर्शन लें – अपने शिक्षकों से परीक्षा की रणनीति पर चर्चा करें और उनकी सलाह का पालन करें।

नई शिक्षा नीति के अंतर्गत बोर्ड परीक्षाओं का कार्यक्रम

इस शैक्षणिक वर्ष के लिए 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 25 फरवरी से शुरू हो रही हैं। 10वीं में लगभग 9.43 लाख छात्र और 12वीं में लगभग 7 लाख छात्र इस परीक्षा में भाग लेंगे। छात्रों को अपनी तैयारी के दौरान ध्यान देना चाहिए कि विशेष गणित की परीक्षा के लिए उन्हें नियमित रूप से गणित के उन्नत स्तर पर काम करना होगा।

सिवनी: केवलारी की आर्या तिवारी ने मध्य प्रदेश का नेतृत्व करते हुए हासिल किए रजत और कांस्य पदक

Seoni News: कूड़ो इंटरनेशनल फेडरेशन इंडिया (केआईएफआई) का उद्देश्य युवाओं में खेल और मानसिक शक्ति का विकास करना है। यह संगठन युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है और अंतर्राष्ट्रीय महासंघ केआईएफ ऑल इंटरनेशनल स्पोर्ट्स एसोसिएशन (TAFISA) का सदस्य है। इस फेडरेशन का प्रमुख उद्देश्य भारतीय खेलों को बढ़ावा देना और युवा खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रतिनिधित्व प्रदान करना है। केआईएफ को आईओसी, यूएन और यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त है और विश्व एंटी डोपिंग एजेंसी (WADA) का सदस्य भी है, जो खेलों में निष्पक्षता और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के प्रति प्रतिबद्ध है।

गुजरात के सूरत में आयोजित 15वीं राष्ट्रीय कूड़ो प्रतियोगिता

5 नवंबर से 11 नवंबर तक गुजरात के सूरत शहर में 15वीं राष्ट्रीय कूड़ो प्रतियोगिता5वीं फेडरेशन कप और 16वीं अक्षय कुमार अंतर्राष्ट्रीय कूड़ो प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में देशभर के 32 राज्यों से आए 4500 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इस भव्य आयोजन में बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और परेश रावल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिनकी उपस्थिति ने इस प्रतियोगिता को और अधिक आकर्षक बना दिया।

सिवनी जिले की प्रतिभाशाली खिलाड़ी आर्या तिवारी की शानदार उपलब्धि

इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में सिवनी जिले के केवलारी से आई युवा खिलाड़ी आर्या तिवारी ने मध्य प्रदेश का नेतृत्व करते हुए अंडर 14 वर्ष के 33 किलोग्राम भारवर्ग में रजत पदक जीता। इसके अलावा, 5वीं फेडरेशन कप में भी उन्होंने रजत पदक और 16वीं अक्षय कुमार अंतर्राष्ट्रीय कूड़ो प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर अपने राज्य और जिले का गौरव बढ़ाया।

आर्या तिवारी की इस उपलब्धि पर जिला कूड़ो संघ के सचिव और मुख्य प्रशिक्षक गोपाल कुमार कुशवाहा ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह उनकी मेहनत और प्रतिबद्धता का नतीजा है, जो भारतीय खेलों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की क्षमता रखता है।

कूड़ो: एक अद्वितीय जापानी मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स खेल

कूड़ो एक हाईब्रिड जापानी मिक्स्ड कॉम्बैट मार्शल आर्ट है जिसमें विभिन्न मार्शल आर्ट्स जैसे बॉक्सिंग, किकबॉक्सिंग, ताइक्वांडो, कराटे, जूडो और जीजूसू के कौशलों का मिश्रण शामिल है। कूड़ो में बॉक्सिंग के पंच, किकबॉक्सिंग के किक, कराटे के एल्बो, जूडो के थ्रो और ग्राउंड फाइटिंग की तकनीकों का समावेश होता है। इसके माध्यम से खिलाड़ियों को मानसिक और शारीरिक शक्ति के विकास का अवसर मिलता है।

कूड़ो का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव

कूड़ो 150 से अधिक देशों में संचालित होता है, और हर वर्ष इसकी प्रतियोगिताएं विभिन्न देशों में आयोजित की जाती हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कूड़ो की पहचान इस खेल की अद्वितीयता और कठिन प्रशिक्षण पद्धति के कारण ही बनी है। इस खेल में खिलाड़ियों को कुशलता के साथ आक्रामक और रक्षात्मक तकनीकों का अभ्यास करना होता है, जो इसे अन्य मार्शल आर्ट्स से अलग बनाता है।

भारत में कूड़ो और करियर संभावनाएं

कूड़ो को भारत सरकार द्वारा खेल कोटे के अंतर्गत मान्यता प्राप्त है, और इस खेल के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेताओं को सीधी भर्ती के आधार पर सरकारी नौकरियां प्रदान की जाती हैं। यह युवाओं के लिए एक अद्वितीय अवसर है, जो खेल के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। कूड़ो में विशेष उपलब्धियां प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों के लिए शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में विभिन्न योजनाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जो उनके भविष्य को सुरक्षित बनाती हैं।

संघ के प्रमुख अधिकारी और उनकी भूमिका

कूड़ो संघ के अध्यक्ष संजय कुमार सोनीउपाध्यक्ष शुभम कुमार सोनीउत्तम डहेरियानिलेश सनोडियानिखिल धुर्वे और समस्त सदस्यों ने पदक विजेता खिलाड़ी आर्या तिवारी और प्रशिक्षक गोपाल कुमार कुशवाहा को हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। इन अधिकारियों का कूड़ो संघ की कार्यप्रणाली में महत्वपूर्ण योगदान है, जो इसे आगे बढ़ाने और भारतीय खिलाड़ियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक साबित हो रहा है।

संघ के सदस्यों का संकल्प है कि वे कूड़ो खेल को भारत में और अधिक लोकप्रिय बनाएंगे और युवाओं को इसके प्रति जागरूक करेंगे। इसके लिए संघ विभिन्न स्तरों पर कूड़ो शिविरों और प्रतियोगिताओं का आयोजन करता है ताकि अधिक से अधिक युवाओं को इस खेल का लाभ प्राप्त हो सके।

भारत में कूड़ो की भविष्य की संभावनाएं

भारत में कूड़ो खेल की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है, और यह युवाओं के बीच एक नई पहचान बना रहा है। इसे एक सशक्त आत्मरक्षा और खेल के रूप में अपनाया जा रहा है। कूड़ो न केवल शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा देता है, बल्कि मानसिक संतुलन और अनुशासन को भी मजबूत करता है। इस खेल की अद्वितीयता के कारण भारतीय सरकार द्वारा भी इसे बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि युवा इसे एक करियर विकल्प के रूप में अपना सकें।

कूड़ो एक ऐसा खेल है जो युवा पीढ़ी को एक स्वस्थ, सशक्त और आत्मनिर्भर जीवन शैली प्रदान करता है। इसके माध्यम से हम भारतीय समाज में एक नई सोच और सकारात्मक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित कर सकते हैं।

3 माह से वेतन नहीं मिलने से परेशान डॉक्टर: सिवनी जिले के चिकित्सकों पर आर्थिक संकट

सिवनी। सिवनी जिले के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों के बीच आर्थिक संकट गहरा गया है। पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिलने के कारण कई चिकित्सा अधिकारी आर्थिक तंगहाली का सामना कर रहे हैं। दीपावली और देवउठनी ग्यारस जैसे बड़े पर्वों पर भी इन डॉक्टरों को वेतन से वंचित रहना पड़ा, जिससे उनकी त्यौहार की खुशियां फीकी पड़ गईं। साथ ही, आगामी शादी-विवाह के सीजन में भी ये डॉक्टर खरीदारी करने में असमर्थ हैं, जिससे उनकी चिंताएं और बढ़ गई हैं।

वेतन न मिलने की वजह से आर्थिक संकट

जिले के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत लगभग 30 नए डॉक्टर पिछले तीन महीनों से वेतन न मिलने की समस्या का सामना कर रहे हैं। यह स्थिति केवल सिवनी मुख्यालय तक सीमित नहीं है; जिले के अन्य विकासखंडों के सरकारी अस्पतालों में पदस्थ चिकित्सकों की भी यही स्थिति है। डॉक्टरों का कहना है कि लगातार ड्यूटी करने और मरीजों की सेवा में खुद को झोंकने के बावजूद वेतन का भुगतान न होने से उनका आर्थिक संकट गहरा गया है।

ऑनलाइन दर्ज होती है उपस्थित जिससे बरघाट और अन्य क्षेत्रों के चिकित्सक भी प्रभावित

बरघाट के सरकारी अस्पताल में कार्यरत सात चिकित्सक पिछले तीन महीनों से वेतन से वंचित हैं। वहीं, अन्य विकासखंडों में भी सरकारी अस्पतालों में कार्यरत लगभग 30 डॉक्टरों को इसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि बरघाट समेत अन्य क्षेत्रों में उनकी उपस्थिति नियमित रूप से ऑनलाइन दर्ज की जा रही है और एम्पलाई आईडी भी जारी हो चुकी है, बावजूद इसके, उनके वेतन का भुगतान नहीं हो पा रहा है।

वेतन न मिलने से उत्पन्न घरेलू समस्याएं

चिकित्सकों ने अपनी मुश्किलें साझा करते हुए बताया कि किराना, गैस, किराए जैसे जरूरी घरेलू खर्चों के लिए अब वे काफी परेशान हो चुके हैं। बाहर से आकर यहां कार्यरत इन डॉक्टरों के लिए बिना वेतन के खर्चों को संभाल पाना बेहद मुश्किल हो गया है। अनेक डॉक्टरों ने बताया कि उनके दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति अब ऋण या अन्य माध्यमों से की जा रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और भी अधिक संकटग्रस्त हो रही है।

डॉक्टरों की मेहनत पर पानी फेरते हैं प्रशासनिक अवरोध

सरकारी अस्पतालों में पदस्थ इन चिकित्सकों ने बताया कि कई महीनों से वे निरंतर ड्यूटी कर रहे हैं और मरीजों का इलाज भी कर रहे हैं। उनकी उपस्थिति अस्पताल की रूटीन प्रक्रियाओं के अनुसार नियमित रूप से दर्ज की जाती है। अस्पताल प्रशासन ने एम्पलाई आईडी और अन्य जरूरी दस्तावेज भी इन चिकित्सकों को उपलब्ध कराए हैं, फिर भी वेतन के मामले में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

कुछ चिकित्सकों के कागजात अभी भी लंबित

सिवनी के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जयपाल सिंह ठाकुर ने बताया कि कुछ नए डॉक्टरों की एम्पलाई आईडी नहीं बनी है, जबकि कुछ के रूटीन के जरूरी कागजात अभी कार्यालय में जमा नहीं किए गए हैं। जिन डॉक्टरों के दस्तावेज पूरे हो चुके हैं, उनके वेतन जारी कर दिए गए हैं। अधिकारी ने यह भी बताया कि जैसे ही बाकी डॉक्टरों के सभी आवश्यक दस्तावेज जमा हो जाते हैं, उनके वेतन संबंधी कार्यवाही कर दी जाएगी।

स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका प्रभाव

तीन महीनों से वेतन न मिलने के कारण चिकित्सकों के कार्य पर असर पड़ना स्वाभाविक है। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि वे मरीजों की सेवा में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दे रहे हैं, फिर भी वेतन न मिलने के कारण मानसिक और आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं। इस समस्या के लंबे समय तक बने रहने से स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। डॉक्टरों की मानसिक स्थिति के कारण सेवाओं की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है, जो मरीजों के लिए चिंता का विषय है।

प्रशासन की ओर से समाधान की प्रतीक्षा

जिले भर के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों को उम्मीद है कि प्रशासन शीघ्र ही इस समस्या का समाधान करेगा। डॉक्टरों ने बताया कि उन्होंने अपनी समस्या उच्च अधिकारियों तक पहुंचा दी है, और वेतन से जुड़ी प्रक्रियाओं में तेजी लाने की अपील भी की है। उनका मानना है कि प्रशासन द्वारा शीघ्रता से कार्यवाही करने पर उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आ सकता है।

अंत में क्या होगा डॉक्टरों का भविष्य?

यह स्पष्ट है कि डॉक्टरों की समस्याओं को प्रशासन द्वारा प्राथमिकता से नहीं देखा गया है, जिससे वे निराश हैं। यदि शीघ्र ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो जिले के स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका गहरा प्रभाव पड़ सकता है। सिवनी के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टर उम्मीद कर रहे हैं कि उनके वेतन का भुगतान जल्द से जल्द होगा ताकि वे आर्थिक रूप से स्थिर रह सकें और मरीजों की सेवा को बिना किसी बाधा के जारी रख सकें।

सिवनी कलेक्टर की बड़ी कार्यवाही: बरघाट के धारनाकला में अतिक्रमण हुआ चिन्हित

धारनाकला में जिला कलेक्टर संस्कृति जैन के निर्देशन में अतिक्रमण चिन्हित करने के लिए आज राजस्व विभाग, एमपीआरडीसी और पंचायत विभाग की एक संयुक्त टीम द्वारा सिवनी-बालाघाट रोड से सटे हुए क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया गया। तहसीलदार बरघाट के आदेश पर यह टीम प्रशासनिक भूमि और सड़कों के किनारे अतिक्रमण की पहचान करने में जुटी रही। इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य सरकारी जमीन पर बढ़ते अतिक्रमण को रोकना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस चिन्हांकन के बाद शीघ्र ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रोड के किनारे तक फैला हुआ है अतिक्रमण

धारनाकला में सिवनी-बालाघाट रोड के किनारे बढ़ते अतिक्रमण ने लंबे समय से लोगों के आवागमन में मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। सड़क के किनारे अवैध रूप से बनी दुकानें, टीन शेड और फैला हुआ सामान दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। अतिक्रमण की इस समस्या को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है और जिला कलेक्टर के निर्देशन में अतिक्रमण चिन्हित करने की इस बड़ी मुहिम को शुरू किया है।

जनपद पंचायत की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण चिन्हित

संयुक्त टीम ने सिवनी-बालाघाट रोड के साथ-साथ जनपद पंचायत बरघाट की सरकारी भूमि पर भी अतिक्रमण की पहचान की है। राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज इन क्षेत्रों में अवैध निर्माण और अतिक्रमण तेजी से फैल रहे हैं। प्रशासन द्वारा इस चिन्हांकन के बाद यह संभावना जताई जा रही है कि शीघ्र ही अतिक्रमण हटाने की ठोस कार्रवाई प्रारंभ हो सकती है।

कैला माता मंदिर चौक में लगाई फटकार

अतिक्रमण चिन्हित करने की इस मुहिम की शुरुआत कैला माता मंदिर चौक से की गई। यहाँ पर रोड के किनारे अवैध रूप से बनाई गई पक्की दुकानें, टेबल, और अन्य सामग्री देखी गई, जो रास्ते में बाधा उत्पन्न कर रही थीं। संयुक्त दल ने इस क्षेत्र के सभी दुकानदारों को शीघ्र ही सामान हटाने की सख्त चेतावनी दी। कैला माता मंदिर चौक एक मुख्य चौक है जो कटंगी, ताखला, और सिवनी-बालाघाट रोड को जोड़ता है, और यहाँ बढ़ते अतिक्रमण के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है।

अतिक्रमण के खिलाफ ठोस कार्रवाई की आवश्यकता

धारनाकला में अतिक्रमण के विरुद्ध इस तरह की नाप कई बार की गई है, परंतु इस बार की कार्रवाई में चिन्हांकन के बाद ठोस कदम उठाने की संभावना जताई जा रही है। जिला प्रशासन और संबंधित विभाग द्वारा चिन्हांकित क्षेत्रों से जल्द ही अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय जनता द्वारा प्रशासन से कई वर्षों से इस मुद्दे का समाधान करने की मांग की जा रही थी। अब जिला कलेक्टर के निर्देश पर विभाग पूरी तत्परता के साथ इस अभियान को पूरा करने में जुटा है।

अतिक्रमण हटाने का अभियान धारनाकला में तेज होने की संभावना

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि धारनाकला और आसपास के क्षेत्रों में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के तहत संयुक्त दल द्वारा चिन्हांकन के पश्चात शीघ्र ही इस अभियान को और तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। अतिक्रमण की इस समस्या को दूर कर सड़क और सरकारी भूमि को मूल स्वरूप में बहाल करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। इसके बाद नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण किया जाएगा ताकि अतिक्रमण दोबारा न हो सके।

धारनाकला में अतिक्रमण चिन्हांकन और हटाने के इस कार्य के पूरा होने से ना केवल सड़कों पर यातायात सुचारू रूप से चल सकेगा, बल्कि जनसुरक्षा के मद्देनजर दुर्घटनाओं की संभावना में भी कमी आएगी।