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काशी की तरह प्रवासी भारतीय भी दुनिया को हमारे ज्ञान से परिचित करा रहे : मोदी

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2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने शुरू किया था प्रवासी भारतीय दिवस | 9 जनवरी 1915 को गांधीजी द.अफ्रीका से भारत लौटे थे | इसी याद में मनाया जाता है प्रवासी दिवस | इस बार प्रवासियों को कुंभ की भव्यता दिखाने के लिए तारीख बदली गई

बाएं से सुषमा स्वराज, मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ, नरेंद्र मोदी और राज्यपाल राम नाइक।

वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वाराणसी में प्रवासी भारतीय सम्मेलन में कहा- काशी और प्रवासियों में एक समानता है। काशी भारत के संस्कृतिक और दार्शनिक ज्ञान से दुनिया को चिरकाल से परिचित कराती रही है। प्रवासी भी दुनिया को भारत की ऊर्जा से परिचित करा रहे हैं। इस कार्यक्रम में 150 देशों के 5000 से ज्यादा प्रवासी भारतीय शामिल हुए। 

इससे पहले सोमवार को उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने तीन दिवसीय (21 से 23 जनवरी तक) प्रवासी सम्मेलन का उद्घाटन किया था।

हमने दुनिया की सोच बदल दी

मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘पहले लोग कहते थे कि भारत बदल नहीं सकता, हमने यह सोच बदल दी। दुनिया आज हमारे सुझावों को गंभीरता के साथ सुन और समझ रही है। पर्यावरण की सुरक्षा और विश्व की प्रगति में दुनिया भारत का योगदान स्वीकार कर रही है। इंटरनेशनल सोलर अलायंस के माध्यम से दुनिया को हम वन सन, वन ग्रिड की ओर ले जाना चाहते हैं। हम रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म और सबका साथ-सबका विकास के साथ आगे बढ़ रहे हैं।’’

5 लाख 80 हजार करोड़ रुपए लोगों के खाते में ट्रांसफर किए

मोदी ने कहा, ‘‘एक पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा था- दिल्ली से एक रुपया निकलता है तो लोगों तक 15 पैसे पहुंचते हैं। 85 पैसे छूमंतर हो जाते हैं। एक पार्टी ने जितने साल शासन किया, उस पार्टी की बीमार शासन व्यवस्था को तो उन्होंने स्वीकार किया, लेकिन इसका इलाज नहीं किया। हमने 85 पैसे की इस लूट को शत प्रतिशत खत्म कर दिया। बीते साढ़े चार साल में करीब 5 लाख 80 हजार करोड़ रुपए (80 बिलियन डॉलर) सीधे लोगों के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए। ये सुधार पहले भी हो सकता था लेकिन नीयत नहीं थी, इच्छाशक्ति नहीं थी।’’

हेमामालिनी की नृत्य प्रस्तुति भी होगी

कार्यक्रम के दौरान सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी नृत्यनाटिका प्रस्तुत करेंगी। माॅरीशस की लेखिका रेशमी रामधोनी की किताब ‘प्राचीन भारत की संस्कृति और नागरिकता’ का विमोचन भी किया जाएगा। इस साल के प्रवासी सम्मेलन का विषय ‘नये भारत के निर्माण में प्रवासी भारतीयों की भूमिका’ है। कार्यक्रम में प्रविंद जगन्नाथ मुख्य अतिथि, नार्वे के सांसद हिमांशु गुलाटी विशिष्ट अतिथि और न्यूजीलैंड के सांसद कंवलजीत सिंह बख्शी गेस्ट ऑफ ऑनर होंगे।

अटलजी ने शुरू किया था प्रवासी भारतीय दिवस
प्रवासी भारतीय सम्मेलन की शुरुआत तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 2009 में की थी। यह हर दो साल में होता है। पहला कार्यक्रम 9 जनवरी को किया गया था। दरअसल, 1915 में इसी तारीख को महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे। लिहाजा सरकार ने 9 जनवरी को प्रवासी दिवस मनाने का फैसला लिया।

कुंभ की वजह से बदली गई तारीख

इस बार इसकी तारीखों में बदलाव किया गया। इसका मकसद यहां आने वाले प्रवासियों को कुंभ मेले की भव्यता से परिचय कराना है। 

SHUBHAM SHARMA
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Shubham Sharma – Indian Journalist & Media Personality | Shubham Sharma is a renowned Indian journalist and media personality. He is the Director of Khabar Arena Media & Network Pvt. Ltd. and the Founder of Khabar Satta, a leading news website established in 2017. With extensive experience in digital journalism, he has made a significant impact in the Indian media industry.

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