भोपाल/सिवनी। ट्रेनी IAS अधिकारी और मध्यप्रदेश टूरिज्म (MPT) में एडिशनल डायरेक्टर होने का कथित दावा कर लोगों को अपने जाल में फंसाने वाली तृप्ति सिंह की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। बागसेवनिया पुलिस ने उसके खिलाफ एक और मामला दर्ज किया है, जिसमें सिवनी निवासी युवक से होटल लीज दिलाने के नाम पर करीब ₹50 लाख लेने का आरोप है।
नए मामले के बाद तृप्ति सिंह के खिलाफ दर्ज FIR की संख्या चार हो गई है। इनमें दो मामले अशोकनगर के हैं, जबकि दो FIR भोपाल के बागसेवनिया थाने में दर्ज हुई हैं।
SEONI के युवक से होटल लीज के नाम पर लिए करीब 50 लाख
पुलिस के अनुसार, सिवनी निवासी 31 वर्षीय गगन उपवंशी ने बागसेवनिया थाने में शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि तृप्ति सिंह, उसके भाई सुधांशु सिंह और सहयोगी प्रखर ने मध्यप्रदेश टूरिज्म के माध्यम से होटल लीज दिलाने का भरोसा दिलाया।
आरोप है कि तीनों ने अपने कथित पद और प्रभाव का हवाला देकर गगन का विश्वास हासिल किया और होटल लीज की व्यवस्था कराने के नाम पर करीब ₹50 लाख ले लिए।
काफी समय बीतने के बाद भी जब होटल लीज नहीं मिली तो गगन को संदेह हुआ। इसके बाद उसने आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई और उसे पता चला कि तृप्ति सिंह IAS अधिकारी नहीं है। इसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की।
पांच दिन की जांच के बाद दर्ज हुई FIR
पुलिस ने शिकायत की प्रारंभिक जांच करीब पांच दिन तक की। इसके बाद मंगलवार देर रात तृप्ति सिंह, सुधांशु सिंह और प्रखर के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की गई।
पुलिस अब पूरे मामले में पैसों के लेन-देन और होटल लीज के नाम पर किए गए कथित वादों से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
पहले भी 39.17 लाख की ठगी का मामला
इससे पहले बागसेवनिया पुलिस ने बालाघाट जिले के खैरलांजी तहसील के चिचोली निवासी 29 वर्षीय रोहित लिल्हारे की शिकायत पर तृप्ति सिंह, सुधांशु सिंह, प्रखर और अन्य सहयोगियों के खिलाफ करीब 39.17 लाख की कथित धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था।
इस मामले में आरोप लगाया गया था कि तृप्ति ने खुद को ट्रेनी IAS अधिकारी और MPT की एडिशनल डायरेक्टर बताते हुए होटल-रिसॉर्ट की लीज दिलाने और नौकरी लगवाने का भरोसा दिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने होटल लीज के नाम पर 35.30 लाख और नौकरी दिलाने के नाम पर 3.87 लाख लिए। इस तरह कुल 39.17 लाख लेने का आरोप है। इनमें से तृप्ति ने कथित तौर पर केवल 1 लाख ऑनलाइन वापस किए।
अशोकनगर में पहले से दर्ज हैं दो मामले
पुलिस के अनुसार, तृप्ति सिंह के खिलाफ अशोकनगर में पहले ही दो FIR दर्ज हो चुकी हैं। अब बागसेवनिया थाने में दो मामले दर्ज होने के बाद उसके खिलाफ दर्ज मामलों की कुल संख्या चार हो गई है।
लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे और लोगों से हासिल की गई रकम का इस्तेमाल कहां किया गया।
अशोकनगर जेल में बंद है तृप्ति सिंह
तृप्ति सिंह वर्तमान में अशोकनगर जेल में बंद है। बागसेवनिया पुलिस उसे नए मामले में पूछताछ के लिए भोपाल लाने की तैयारी कर रही है।
पुलिस टीम अशोकनगर पहुंच चुकी है और प्रोडक्शन वारंट के जरिए तृप्ति को अपनी हिरासत में लेने की कार्रवाई कर रही है। पुलिस के मुताबिक, रिमांड मिलने के बाद उसे भोपाल लाकर पूछताछ की जाएगी।
पूछताछ में खुल सकते हैं नेटवर्क से जुड़े राज
पुलिस का मानना है कि पूछताछ के दौरान होटल लीज, नौकरी दिलाने और कथित पद-प्रभाव का इस्तेमाल कर लोगों से रकम लेने के तरीके से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। साथ ही अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।
नोट: पुलिस में दर्ज शिकायत और FIR में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। आरोप सिद्ध होने तक संबंधित व्यक्तियों को दोषी नहीं माना जा सकता।
Highlights
- सिवनी निवासी गगन उपवंशी ने करीब ₹50 लाख लेने का आरोप लगाया।
- होटल लीज दिलाने के नाम पर रकम लेने की शिकायत।
- तृप्ति सिंह, सुधांशु सिंह और प्रखर के खिलाफ नई FIR।
- बागसेवनिया थाने में तृप्ति के खिलाफ यह दूसरी FIR है।
- अशोकनगर के दो मामलों समेत कुल चार FIR दर्ज होने की बात पुलिस ने कही।
- तृप्ति फिलहाल अशोकनगर जेल में बंद है।
- पुलिस प्रोडक्शन वारंट के जरिए उसे भोपाल लाने की तैयारी में है।
नए मामले के सामने आने के बाद तृप्ति सिंह पर लगे कथित धोखाधड़ी के आरोपों की जांच का दायरा बढ़ गया है। खास तौर पर होटल लीज और नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से रकम लेने के आरोपों को लेकर पुलिस अब कथित नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर सकती है।
सिवनी निवासी युवक की शिकायत पर दर्ज नई FIR ने तृप्ति सिंह के खिलाफ चल रही जांच को और गंभीर बना दिया है। अब पुलिस की पूछताछ और दस्तावेजी जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि कथित तौर पर कितने लोगों से रकम ली गई और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन शामिल था।


