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दिल्ली: CRPF की 15 टुकड़ियां तैनात, गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला ; जाने 10 खास बाते

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Farmers Protest Tractor Rally Red Fort Live Updates: कृषि कानूनों के खिलाफ आज दिल्ली सीमाओं पर किसान आंदोलन का 62वां दिन है. दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों में CRPF की 15 कंपनियों की तैनाती की गई है. ट्रैक्टर मार्च के दौरान हुई हिंसा के बाद गृह मंत्रालय ने ये फैसला लिया है.

दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों में CRPF की 15 कंपनियों की तैनाती की गई है. ट्रैक्टर मार्च के दौरान हुई हिंसा के बाद गृह मंत्रालय ने ये फैसला लिया है.

शरद पवार ने कहा है कि मुझे लग रहा था कि कहीं ना कहीं यह रास्ते से भटक रहा है. ऐसी स्थिति बनने लगी थी. किसान बिल पर जो चर्चा अभी हो रही वो 2003 से चल रही है. सभी राज्यो के लोगो को विश्वास में लेकर नियम कानून बने यह पहले तय हुआ था. नई सरकार में यह विषय पीछे हट गया. संसद में 3 कानून मोदी सरकार लेकर आई. हमारा यही कहना था कि इसपर चर्चा होनी चाहिए. सेलेक्ट कमेटी में इसकी चर्चा होनी चाहिए. हालांकि 60 दिनों से संयम से आंदोलन चल रहा था. दिल्ली को कड़ाके की सर्दी में अपने मुद्दों के लिए किसान डटे हुए थे यह अभूतपूर्व है.

संयुक्त किसान मोर्चा ने एक प्रेस स्टेटमेंट जारी कर किसान गणतंत्र दिवस परेड में किसानों के भाग लेने के लिए शुक्रिया अदा किया है. इसके अलावा किसान मोर्चा ने दिल्ली में हुई हिंसा की निंदा की. स्टेटमेंट में कहा गया है, “आज के किसान गणतंत्र दिवस परेड में अभूतपूर्व भागीदारी के लिए हम किसानों का शुक्रिया अदा करते हैं. हम उन अवांछनीय और अस्वीकार्य घटनाओं की निंदा करते हैं और खेद प्रकट करते हैं जो आज घटित हुई. इन घटनाओं में शामिल लोगों से हमारा कोई लेना देना नहीं.

किसान नेता शिवकुमार कक्का ने ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के लिए देश से माफी मांगी है. उन्होंने कहा कि मैं पूरे देश से माफी मांगता हूं. उन्होंने कहा कि हमने पहले ही कहा था कि ट्रैक्टर रैली में कुछ असामाजाकि तत्व घुस सकते हैं. जिन्होंने ये किया वो संयुक्त मोर्चा का हिस्सा नहीं हैं.

बीजेपी सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने ट्वीट कर कहा, “बहुत समय से कह रहे थे की ये आंदलनकारी किसान नहीं हैं, लेकिन ‘किसान’ के नाम पे ये देशवासियों से हमदर्दी लूट रहे थे, देश भी अब देख ले कि इनकी असलियत क्या है. भड़काने वाले नेताओं के नाम दर्ज कराओ. अभी इनका समय है, इसके बाद क़ानून का समय शुरू होगा लेकिन देश की पूरी सहमति होनी चाहिए.”

हमारे सभी प्रयासों के बावजूद कुछ संगठनों और व्यक्तियों द्वारा रूट का उल्लंघन करने का निंदनीय कृत्य किया गया। असामाजिक तत्वों ने शांतिपूर्ण आंदोलन में घुसपैठ की। हमने हमेशा माना है कि शांति हमारी सबसे बड़ी ताकत है और किसी भी उल्लंघन से आंदोलन को नुकसान होगा: संयुक्त किसान मोर्चा

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने जानकारी दी है कि मानसरोवर पार्क और झिलमिल मेट्रो स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वार अब खुल गए हैं. दिल्ली में इस वक्त कई मेट्रो स्टेशन बंद हैं, जिनमें आईटीओ और लाल किला के आस पास के स्टेशन शामिल हैं. हिंसा के चलते सुरक्षा को देखते हुए ये फैसला लिया गया है.

SHUBHAM SHARMA
SHUBHAM SHARMAhttps://shubham.khabarsatta.com
Shubham Sharma – Indian Journalist & Media Personality | Shubham Sharma is a renowned Indian journalist and media personality. He is the Director of Khabar Arena Media & Network Pvt. Ltd. and the Founder of Khabar Satta, a leading news website established in 2017. With extensive experience in digital journalism, he has made a significant impact in the Indian media industry.

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