सिवनी जिले में यूरिया खाद की कमी को लेकर किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। डुंडा स्थित मार्कफेड वेयरहाउस के बाहर किसानों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। हालात ऐसे हैं कि कई किसान सुबह 5 बजे से लाइन में लग रहे हैं, लेकिन देर रात तक इंतजार करने के बाद भी उन्हें खाद नहीं मिल पा रही है।.
खाद वितरण केंद्र पर बढ़ती भीड़ और सीमित उपलब्धता के कारण किसानों में नाराजगी साफ दिखाई दे रही है। कई किसानों ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जल्द पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।
मार्कफेड वेयरहाउस में उमड़ी किसानों की भीड़
जानकारी के अनुसार डुंडा स्थित मार्कफेड वेयरहाउस में पिछले कई दिनों से किसानों की भारी भीड़ जुट रही है। खेती-किसानी के महत्वपूर्ण समय में यूरिया की मांग बढ़ने के कारण किसान लगातार खाद केंद्रों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
कई किसानों का कहना है कि वे रोजाना खाद लेने पहुंच रहे हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें खाद नहीं मिल रही है।
दस्तावेज रखकर लगा रहे नंबर
वीडियो में दिखाई दे रहा है कि किसान अपने आधार कार्ड, पंजीयन दस्तावेज और अन्य कागजात जमीन पर कतारबद्ध रखकर नंबर लगाने की कोशिश कर रहे हैं। इससे खाद वितरण केंद्र पर अव्यवस्था की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
किसानों का कहना है कि भीड़ इतनी अधिक है कि उन्हें अपनी बारी सुरक्षित रखने के लिए इस तरह की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
किसानों में बढ़ रहा आक्रोश
यूरिया खाद नहीं मिलने से किसानों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। वीडियो में कई किसान अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि खेती के इस महत्वपूर्ण दौर में समय पर खाद नहीं मिलने से फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
किसानों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?
वर्तमान समय खरीफ फसलों की बढ़वार का महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। ऐसे समय में यूरिया की कमी किसानों की चिंता बढ़ा सकती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार फसलों को निर्धारित समय पर खाद नहीं मिलने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका रहती है।
प्रमुख बिंदु
- डुंडा स्थित मार्कफेड वेयरहाउस में किसानों की भारी भीड़।
- सुबह 5 बजे से लाइन में लग रहे किसान।
- देर रात तक इंतजार के बाद भी कई किसानों को नहीं मिल रही खाद।
- दस्तावेज जमीन पर रखकर नंबर लगाने को मजबूर किसान।
- यूरिया संकट को लेकर किसानों में बढ़ता आक्रोश।
- पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मांग।
यदि समय पर यूरिया की उपलब्धता नहीं बढ़ाई गई तो खरीफ सीजन में किसानों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। इससे फसलों की उत्पादकता पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
सिवनी जिले में यूरिया खाद की उपलब्धता को लेकर किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। डुंडा मार्कफेड वेयरहाउस के बाहर उमड़ रही भीड़ और घंटों इंतजार के बाद भी खाद नहीं मिलने की शिकायतें प्रशासन के लिए चुनौती बनती जा रही हैं। किसानों को उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति में सुधार होगा और पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाएगी।


