सिवनी जिले में रविवार सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर उस समय हड़कंप मच गया, जब नई कारों से भरे एक कंटेनर में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया और कंटेनर में रखी नई कारें भी जलकर नष्ट हो गईं।
घटना के बाद समय पर सहायता नहीं मिलने से वाहन चालक-परिचालक संघ के सदस्यों में नाराजगी फैल गई। विरोध स्वरूप हाईवे पर जाम लगा दिया गया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
छपारा के पास हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार नागपुर से जबलपुर की ओर जा रहा एक कंटेनर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 से गुजर रहा था। कंटेनर में नई कारें लदी हुई थीं। रविवार सुबह छपारा क्षेत्र से आगे बढ़ते समय अचानक वाहन में आग लग गई।
आग लगते ही चालक और परिचालक ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया तथा तत्काल सहायता के लिए संबंधित विभागों को सूचना दी। हालांकि शुरुआती समय में मौके पर राहत नहीं पहुंच सकी।
आग की चपेट में आया पूरा कंटेनर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग तेजी से फैली और कुछ ही देर में पूरा कंटेनर धू-धू कर जलने लगा। कंटेनर में मौजूद नई कारें भी आग की चपेट में आ गईं।
आग इतनी भीषण थी कि वाहन और उसमें रखा सामान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के कारण हाईवे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सहायता में देरी से भड़का आक्रोश
चालक-परिचालक संघ ने जताई नाराजगी
घटना की सूचना मिलने पर ट्रक चालक-परिचालक संघ के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उनका आरोप था कि आपात स्थिति के बावजूद समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई।
इसी नाराजगी के चलते संघ से जुड़े लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर विरोध प्रदर्शन करते हुए जाम लगा दिया।
दोनों ओर लगा लगभग 7 किलोमीटर लंबा जाम
हाईवे पर जाम लगने से नागपुर-जबलपुर मार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया। जानकारी के अनुसार सड़क के दोनों ओर करीब 7 किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई।
लंबे जाम के कारण यात्रियों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस और प्रशासन ने संभाली स्थिति
जाम की सूचना मिलते ही लखनादौन एसडीओपी सहित छपारा पुलिस का बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
प्रशासन ने वैकल्पिक मार्गों से वाहनों की आवाजाही की व्यवस्था की, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका।
महत्वपूर्ण बिंदु
- नागपुर से जबलपुर जा रहा था कंटेनर।
- कंटेनर में नई कारें लदी हुई थीं।
- छपारा के आगे अज्ञात कारणों से लगी आग।
- कंटेनर और नई कारें जलकर नष्ट।
- सहायता में देरी को लेकर चालक-परिचालक संघ नाराज।
- NH-44 पर लगाया गया जाम।
- दोनों ओर करीब 7 किलोमीटर तक वाहनों की कतार।
- पुलिस और प्रशासन ने वैकल्पिक मार्गों से यातायात बहाल कराया।
राष्ट्रीय राजमार्ग-44 देश के सबसे महत्वपूर्ण उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर में शामिल है। इस मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में मालवाहक और यात्री वाहन गुजरते हैं। ऐसे में किसी भी दुर्घटना या जाम का असर लंबी दूरी तक यातायात पर पड़ता है।
इस खबर का असर
इस घटना ने एक बार फिर हाईवे पर आपातकालीन सहायता व्यवस्था और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को लेकर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि दुर्घटना के बाद राहत और बचाव सेवाएं कितनी तेजी से उपलब्ध कराई जाती हैं।
सिवनी जिले में नई कारों से भरे कंटेनर में लगी आग ने न केवल लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाया, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर लंबा जाम भी लगा दिया। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित कर यातायात बहाल कर दिया है, वहीं आग लगने के वास्तविक कारणों की जानकारी सामने आना अभी बाकी है।


