Monday, March 8, 2021

सिवनी में धर्मांतरण का खेल: शादी, नौकरी और 25 हजार का प्रलोभन दे करा रहे थे धर्मांतरण, धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक 2020 के तहत पहुंचे जेल

पुलिस को सूचना मिली थी कि कुरई कस्बे में दो युवक लोगों को उनके बच्चों की शादी कराने ,नौकरी लगाने और नगद 25 हजार रुपये देने की लालच देकर उन्हें ईसाई धर्म अपनाने का प्रलोभन दे रहे हैं.

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Shubham Sharmahttps://khabarsatta.com
Editor In Chief : Shubham Sharma
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सिवनीसिवनी जिले के कुरई (Kurai) इलाके में पुलिस ने प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों पर मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक 2020 की धारा 3 और 5 के तहत मामला दर्ज किया है. बता दें कि राज्य में धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक के तहत यह सिवनी जिले का पहला मामला है. 

समझिये पूरा मामला
पुलिस को सूचना मिली थी कि कुरई (Kurai) कस्बे में दो युवक लोगों को उनके बच्चों की शादी कराने ,नौकरी लगाने और नगद 25 हजार रुपये देने की लालच देकर उन्हें ईसाई धर्म अपनाने का प्रलोभन दे रहे हैं. पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की और पुलिस टीम को मौके पर भेजा. पुलिस ने पाया कि नागपुर से आए नामदेव नैटी और कुरई में रहने वाले अशोक यादव लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए तरह-तरह के प्रलोभन देकर उन पर धर्मांतरण का दबाव बना रहे हैं. 

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इसके बाद पुलिस ने मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक 2020 के तहत दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. बता दें कि एमपी की शिवराज सरकार ने बीते दिनों ही राज्य में धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक 2020 लागू किया है. इस विधेयक के तहत धोखाधड़ी से धर्मांतरण कराने को अपराध की श्रेणी में रखा गया है. इसके लिए सरकार ने अधिकतम 10 साल की कैद और एक लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया है. 

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बता दें कि मध्य प्रदेश से पहले उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में भी यह कानून लागू हो चुका है. नए कानून के तहत धर्मांतरण कराने वाले काजी, मौलवी, धर्मगुरू या पादरी को भी पांच साल की सजा का प्रावधान किया गया है. धर्मांतरण में सहयोग करने वालों को भी आरोपी बनाया जाएगा. जबरन धर्मांतरण कराने वाली संस्थाओं का रजिस्ट्रेशन रद्द करने का प्रावधान भी कानून में किया गया है.

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