सिवनी कलेक्टर के आदेश जिला चिकित्सालय के लिए बेअसर: 15 दिन बाद भी नहीं सुधरे हालात! सिवनी जिला अस्पताल में मरीज बेहाल

Seoni Collector Neha Meena's Orders Prove Ineffective for District Hospital: Situation Remains Unimproved Even After 15 Days! Patients in Distress at Seoni District Hospital.

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Shubham Sharma – Indian Journalist & Media Personality | Shubham Sharma is a renowned Indian journalist and media personality. He is the Director of Khabar Arena...
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Seoni Collector के आदेश Jila Chikitsalay Seoni के लिए बेअसर: 15 दिन बाद भी नहीं सुधरे हालात! सिवनी जिला अस्पताल में मरीज बेहाल

सिवनी। मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिला चिकित्सालय सिवनी में अव्यवस्थाओं का आलम ऐसा है कि कलेक्टर के सख्त निर्देश भी बेअसर साबित हो रहे हैं।

15 अप्रैल को नेहा मीना द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के बाद सुधार के कई निर्देश दिए गए थे, लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी अस्पताल की स्थिति जस की तस बनी हुई है।

पैथालॉजी की फ़ोटो – भीषण गर्मी में भीड़ का आलम

ओपीडी से लेकर पैथोलॉजी तक अव्यवस्था का साम्राज्य

जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ रही है, लेकिन व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराई हुई हैं। गर्भवती महिलाओं, दिव्यांगजनों और बुजुर्गों के लिए अलग प्रतीक्षा क्षेत्र बनाने के निर्देश दिए गए थे, पर आज भी वहां बैठने के लिए बेंच तक उपलब्ध नहीं हैं।

मरीजों को घंटों खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ रही है।

ओपीडी जहां आज भी पैरामेडिकल कालेज की प्रशिक्षु स्टूडेंट दवाई लिख रही है।

टोकन सिस्टम गायब, मार्गदर्शन का कोई इंतजाम नहीं

अस्पताल में टोकन सिस्टम लागू करने और विभागों तक पहुंचने के लिए मैप लगाने के निर्देश भी दिए गए थे। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि:

  • टोकन सिस्टम अब तक शुरू नहीं हुआ
  • मार्गदर्शन के लिए कोई मैप उपलब्ध नहीं
  • फ्लेक्स बोर्ड मरीजों के लिए भ्रम पैदा कर रहे हैं

इस कारण अस्पताल परिसर में अव्यवस्था और भी बढ़ गई है।

दवा वितरण में भारी गड़बड़ी, मरीज हो रहे परेशान

डॉक्टर ओपीडी पर्ची में दवाएं लिख रहे हैं, लेकिन मरीजों को अलग से दवा पर्ची बनवाने के लिए भटकना पड़ रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि निजी पैरामेडिकल कॉलेज की छात्राएं दवा पर्ची लिखती नजर आईं, जो नियमों के खिलाफ है।

पैथालॉजी की इस जगह पर वेटिंग एरिया बनना था वह जगह

शाम की ओपीडी में डॉक्टरों की भारी कमी

कलेक्टर ने सुबह-शाम पर्याप्त डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन:

  • शाम के समय सिर्फ 1-2 डॉक्टर ही मौजूद
  • मरीजों की लंबी कतार
  • इलाज में देरी

यह स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीरता को दर्शाती है।

पैथोलॉजी लैब में लापरवाही, प्रशिक्षु कर रहे ब्लड कलेक्शन

पैथोलॉजी लैब और ब्लड कलेक्शन सेंटर की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है।

  • बैठने की कोई उचित व्यवस्था नहीं
  • लंबी कतारों में खड़े मरीज
  • डिजिटल सिस्टम लागू नहीं

सबसे गंभीर मामला यह सामने आया कि प्रशिक्षु लैब तकनीशियन सीधे ब्लड सैंपल ले रहे हैं, जबकि नियमों के अनुसार उन्हें अनुभवी तकनीशियन की निगरानी में काम करना चाहिए। यह मरीजों की सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ माना जा रहा है।

पुलिस चौकी का आदेश भी अधूरा

आकस्मिक चिकित्सा कक्ष के पास सीटी स्कैन क्षेत्र में पुलिस चौकी खोलने के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन इस पर भी कोई अमल नहीं हुआ है।

कागजों में सिमटे आदेश, जमीनी हकीकत बदहाल

कलेक्टर नेहा मीना ने साफ कहा था कि अस्पताल में भीड़ नहीं होनी चाहिए और मरीजों को सुविधाजनक वातावरण मिलना चाहिए. लेकिन 15 दिन बाद भी हालात में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। अस्पताल प्रबंधन की उदासीनता के चलते अधिकांश निर्देश केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं। यह स्थिति न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

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Shubham Sharma – Indian Journalist & Media Personality | Shubham Sharma is a renowned Indian journalist and media personality. He is the Director of Khabar Arena Media & Network Pvt. Ltd. and the Founder of Khabar Satta, a leading news website established in 2017. With extensive experience in digital journalism, he has made a significant impact in the Indian media industry.
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