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हिरेन मामले में हत्या का केस दर्ज, फोरेंसिक जांच के लिए भेजी गई मुकेश अंबानी के घर के नजदीक पाई गई स्कार्पियो

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मुंबई। मुंबई पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने मनसुख हिरेन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। एटीएस ने रविवार से ही अपनी जांच शुरू करते हुए उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के निकट पाई गई स्कार्पियो कार को भी फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। वहीं महाराष्ट्र कांग्रेस इकाई ने कहा है कि मुकेश अंबानी के आवास के बाहर मिली संदिग्ध स्कार्पियो के मालिक मनसुख हीरेन के परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए।

जांच रिपोर्ट जल्‍द देने के निर्देश

शनिवार शाम महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख की पुलिस महानिदेशक हेमंत नगराले के साथ बैठक के बाद सरकार ने एटीएस प्रमुख जयजीत सिंह को पत्र लिखकर मनसुख हिरेन की मौत एवं अंबानी के घर निकट मिली संदिग्ध स्कार्पियो कार के मामलों की जांच तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए थे। सिंह को जल्द-से-जल्द रिपोर्ट देने को कहा गया है। इस निर्देश के बाद एटीएस ने रविवार को ही स्कार्पियो एसयूवी कार तथा उसमें पाई गई 20 जिलेटिन छड़ें फोरेंसिक जांच के लिए कालीना फोरेंसिक लेबोरेटरी को भेज दी।

पत्नी विमला हिरेन का बयान दर्ज

शाम को एटीएस की एक टीम मनसुख हिरेन के ठाणे स्थित घर पहुंची और उनकी पत्नी विमला हिरेन का बयान दर्ज किया। विमला के बयान के बाद एटीएस ने इस मामले में आइपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (सुबूतों को गायब किया जाना), 120-बी (आपराधिक साजिश) एवं धारा 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया। एटीएस ने मुंब्रा-कलवा स्थित उस स्थान का भी दौरा किया, जहां मनसुख हिरेन का शव पाया गया था।

कार की होगी फोरेंसिक जांच

मुकेश अंबानी के घर के निकट मिली कार कथित तौर पर मनसुख हिरेन की बताई जा रही है। वह इस मामले में एकमात्र गवाह थे। उनका मोबाइल फोन पुलिस अब तक हासिल नहीं कर सकी है। फोरेंसिक लैब इस बात की भी जांच करेगी कि क्या अंबानी के घर के निकट खड़ी किए जाने से पहले स्कार्पियो की चेसिस प्लेट बदली गई थी।

यह है पूरा मामला

बता दें कि मनसुख हिरेन की ठाणे में कार एसेसरीज की दुकान थी। अनिल देशमुख के मुताबिक सैम पीटर न्यूटन नामक व्यक्ति ने अपनी कार की सजावट मनसुख की दुकान से कराई थी लेकिन उसका बिल न दे पाने के कारण मनसुख ने कार उसे नहीं ले जाने दी थी। 25 फरवरी को यह कार अंबानी के घर के निकट पाए जाने के बाद से ही पुलिस मनसुख से लगातार पूछताछ करती आ रही थी।

मनसुख ने सीएम को लिखा था पत्र

इससे तंग आकर मनसुख ने दो मार्च को राज्य के मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री को पत्र लिखा था कि उनसे अब तक विक्रोली पुलिस, घाटकोपर पुलिस, क्राइम ब्रांच आदि पूछताछ कर चुकी हैं। सभी एक ही तरह के सवाल पूछ रहे हैं। मैंने सबको बता दिया है कि मेरी कार 18 फरवरी को चोरी हो गई थी। मैं इस मामले में स्वयं पीडि़त हूं, लेकिन मेरे साथ अपराधी जैसा व्यवहार किया जा रहा है। यह पत्र लिखने के दो दिन बाद ही वह रात 8.30 बजे अपने घर से तावड़े नाम के किसी पुलिस अधिकारी से मिलने की बात कहकर निकले थे लेकिन रातभर गायब रहने के बाद सुबह 10.30 बजे उनका शव समुद्री खाड़ी में मिला था।

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खबर सत्ता डेस्क, कार्यालय संवाददाता

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