Thursday, August 11, 2022
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भारत की पहली महिला डॉक्टर: Google ने Kadambini Ganguly का doodle बनाकर मनाया जन्मदिन, जानें कौन है वो ?

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नई दिल्ली। गूगल (Google) हर खास मौके पर किसी न किसी का डूडल (doodle) जरूर बनाता है. किसी व्यक्ति विशेष का जन्मदिन हो या फिर कोई खास अवसर हो, गूगल अपने डूडल के जरिए लोगों कोई न कोई संदेश भी देता रहता है. रविवार को भारत की पहली महिला डॉक्टर कादंबिनी गांगुली (Kadambini Ganguly) का 160वां जन्मदिन है. इस मौके पर गूगल ने उनके सम्मान में एक डूडल बनाया है.
अमेरिका की टेक्नोलॉजी कंपनी गूगल ने भारत की पहली महिला डॉक्टर कादंबिनी गांगुली के 160वें जन्मदिन के अवसर पर खास डूडल बनाया है.

इस डूडल में उनकी एनिमेटेड तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है. साथ ही इसमें हार्ट-बीट चेक करने वाले उपकरण स्टेथोस्कोप को भी दर्शाया गया है. इस डूडल पर क्लिक करने पर यूजर्स को कादंबिनी गांगुली से जुड़ी जानकारी मिल जाए. इस डूडल का चित्रण बंगलूरू के कलाकार ओड्रिजा ने किया है.

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कादंबिनी गांगुली का जन्म 18 जुलाई 1861 को भागलपुर ब्रिटिश भारत (अब बांग्लादेश) में हुआ था. डॉ. गांगुली के पिता भारत के पहले महिला अधिकार संगठन के सह-संस्थापक थे, जिन्होंने गांगुली को तब स्कूल भेजा, जब भारतीय समाज में महिलाओं की शिक्षा को महत्वपूर्ण नहीं माना जाता था.

वर्ष 1883 में गांगुली और उनकी साथी चंद्रमुखी बसुइन भारतीय इतिहास में स्नातक करने वाली पहली महिला बनीं. इसके बाद उन्होंने प्रोफेसर और कार्यकर्ता द्वारकानाथ गांगुली से शादी कर ली. उनके पति ने उन्हें मेडिकल में डिग्री प्राप्त करने के लिए काफी प्रोत्साहन दिया था.

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कादंबिनी गांगुली वर्ष 1884 में कोलकाता मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने वाली पहली महिला बनीं. 1886 में उन्होंने अपनी चिकित्सा की डिग्री प्राप्त की. इसके बाद वे भारतीय-शिक्षित डॉक्टर बनने वाली पहली महिला बन गईं. यूनाइटेड किंगडम में काम करने और अध्ययन करने के बाद उन्होंने स्त्री रोग में विशेषज्ञता के साथ तीन अतिरिक्त डॉक्टरेट प्रमाणपत्र प्राप्त किए और 1890 के दशक में अपनी निजी प्रैक्टिस खोलने के लिए भारत लौट आईं.


बताते चलें कि डॉ. गांगुली के जीवन पर आधारित बॉयोग्राफी ‘प्रोथोमा कादंबिनी’ वर्ष 2020 में टेलीविजन सीरीज के रूप में दर्शाई गई. जिससे आज के युवाओं को काफी प्रेरणा मिलती है. तीन अक्टूबर 1923 को कोलकाता में डॉ. गांगुली का देहांत हो गया. डॉ. कादंबिनी गांगुली एक चिकित्सक होने के अलावा महिला मुक्ति के लिए एक मुखर कार्यकर्ता और एक स्वतंत्रता सेनानी भी थीं.

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