khabar-satta-app
Home देश भारत 8वीं बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अस्थाई सदस्य के रूप में चुनाव जीता, पाकिस्तान में मची खलबली

भारत 8वीं बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अस्थाई सदस्य के रूप में चुनाव जीता, पाकिस्तान में मची खलबली

भारत एशिया-प्रशांत श्रेणी से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एक अस्थाई सदस्य के रूप में चुनाव जीत गया है। यह 8 वीं बार है जब भारत यूएनएससी के अस्थाई सदस्य लिए चुना गया है।

इस्लामाबाद. भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) का 8वीं बार अस्थाई सदस्य चुना गया। हालांकि, पाकिस्तान इससे परेशान है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह मोहम्मद कुरैशी ने कहा- यूएनएससी में भारत की अस्थाई सदस्यता हमारे लिए चिंता का विषय है। 

- Advertisement -

उन्होंने कहा- भारत हमेशा इस मंच से उठाए जाने वाले प्रस्तावों को खारिज करता रहा है। खासकर कश्मीर जैसे मुद्दों को। कश्मीरियों को उनके हक नहीं दिए गए और उनका दमन जारी है। हालांकि, भारत के अस्थाई सदस्य बनने से कोई आसमान नहीं फट पड़ेगा। पाकिस्तान भी सात बार अस्थाई सदस्य रह चुका है।

भारत के नागरिकता कानून का जिक्र 

- Advertisement -

विदेश मंत्री कुरैशी ने कहा- हम सुरक्षा परिषद और इस्लामिक सहयोग संगठन को कश्मीरियों के खराब हालात की जानकारी देते रहे हैं। भारत ने 5 अगस्त को आर्टिकल 370 हटाया। लेकिन, कश्मीरी इसको नहीं मानते। महामारी के नाम पर वहां अवैध तलाशी अभियान जारी है। नागरिकता कानून के जरिए अल्पसंख्यकों को टारगेट किया जा रहा है। 

क्यों चुने जाते हैं अस्थाई सदस्य

- Advertisement -

सुरक्षा परिषद में अस्थाई सदस्य चुनने का मकसद यह होता है कि वहां क्षेत्रीय संतुलन बना रहे। अफ्रीका और एशिया-प्रशांत देशों के लिए तय दो सीटों पर तीन उम्मीदवार जिबूती, भारत और केन्या हैं।  

ऐसे होता है चुनाव
193 सदस्यों वाले संयुक्त राष्ट्र में भारत को जीत के लिए दो-तिहाई यानी 128 सदस्यों का समर्थन चाहिए। सदस्य देश सीक्रेट बैलेट से वोटिंग करते हैं। भारत का कार्यकाल 1 जनवरी से शुरू होगा।  

भारत कब-कब अस्थाई सदस्य चुना गया
 भारत आठवीं बार सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य चुना जा रहा है। इसके पहले 1950-51, 1967-68, 1972-73, 1977-78, 1984-85, 1991-92 और 2011-12 में भारत यह जिम्मेदारी निभा चुका है। 

निर्विरोध चुना जाना तय हो गया था

एशिया प्रशांत क्षेत्र से चीन और पाकिस्तान समेत 55 देशों ने पिछले साल जून में समर्थन दिया था। ऐसे में भारत का निर्विरोध चुना जाना तय हो चुका था। समर्थन देने वाले एशिया पैसिफिक देशों में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, चीन, इंडोनेशिया, ईरान, जापान, किर्गिस्तान, मलेशिया, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, श्रीलंका, सीरिया, तुर्की, यूएई और वियतनाम शामिल हैं।

सुरक्षा परिषद में कुल 15 देश

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कुल 15 देश हैं। इनमें पांच स्थायी सदस्य हैं। ये हैं- अमेरिका, रूस, फ्रांस, ब्रिटेन और चीन। 10 देशों को अस्थाई सदस्यता दी गई है। हर साल पांच अस्थायी सदस्य चुने जाते हैं। अस्थाई सदस्यों का कार्यकाल दो साल होता है

- Advertisement -

Discount Code : ks10

NEWS, JOBS, OFFERS यहां सर्च करें

Shubham Sharmahttps://khabarsatta.com
Editor In Chief : Shubham Sharma

Leave a Reply

सोशल प्लेटफॉर्म्स में हमसे जुड़े

11,007FansLike
7,044FollowersFollow
788FollowersFollow
4,050SubscribersSubscribe

More Articles Like This

- Advertisement -

Latest News

चिराग पासवान ने जारी किया LJP का दृष्टि पत्र ‘बिहार फर्स्‍ट, बिहारी फर्स्‍ट’

पटनाः लोजपा के अध्यक्ष चिराग पासवान ने बुधवार को बिहार चुनाव के लिए अपनी पार्टी का दृष्टि पत्र ‘बिहार फर्स्‍ट,...

भारत माता की पवित्र जमीन पर चीन का कब्जा, फिर भी एक शब्द नहीं बोले पीएम मोदी: राहुल गांधी

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सैन्य गतिरोध को लेकर मोदी सरकार को सवालों...

महाराष्ट्र के बड़े नेता एकनाथ खडसे ने छोड़ी भाजपा, थाम सकते हैं NCP का दामन

महाराष्ट्र में भाजपा के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे ने बुधवार को भाजपा का साथ छोड़ दिया है। टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक एकनाथ खडसे आज...

दुकान की नींव में निकला 3 फीट लंबा पत्थर, सैंकड़ों लोग शिवलिंग समझ दर्शन करने पहुंचे

सिंगरौली: मोरवा बाजार में सोमवार देर शाम एक निर्माणाधीन दुकान के नींव की खुदाई करते समय एक शिवलिंग समान पत्थर मिला। करीब 3 फीट बड़े...

शिवराज के मंत्री तुसली सिलावट ने दिया इस्तीफा, बोले- बिना मंत्रीपद के करुंगा जनता की सेवा

इंदौर: विधानसभा उपचुनाव से पहले शिवराज सरकार के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने मंत्रीपद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने 6 महीने का...