khabar-satta-app
Home देश कोरोना: अमरनाथ यात्रा पर कोरोना का साया रजिस्ट्रेशन टला : Baba Amarnath Yatra 2020

कोरोना: अमरनाथ यात्रा पर कोरोना का साया रजिस्ट्रेशन टला : Baba Amarnath Yatra 2020

जम्मू, देश भर में फैले कोरोना वायरस का साया वार्षिक अमरनाथ यात्रा पर भी पड़ता नजर आ रहा है। अप्रैल से शुरू होने वाली यात्रा पंजीकरण प्रक्रियो को जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने लॉकडाउन की अवधि तक टालने की घोषणा की है। 23 जून से शुरू होने वाली वार्षिक यात्रा के लिए एडवांस पंजीकरण की प्रक्रिया फिलहाल 15 अप्रैल तक स्थगित कर दी गई है। पंजीकरण की नई तिथि लॉकडाउन खुलने के बाद ही घोषित की जाएगी।

एडवांस पंजीकरण एक अप्रैल से होने थे। 42 दिन की यात्रा के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पंजाब नेशनल बैंक, जम्मू कश्मीर बैंक और येस बैंक की 442 शाखाओं में एडवांस पंजीकरण के प्रबंध किए गए हैं। श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनूप सोनी ने ट्वीट कर जानकारी दी कि यात्रा के पंजीकरण को 15 अप्रैल तक स्थगित कर दिया गया है।

- Advertisement -

निर्धारित शेडयूल के अनुसार रक्षाबंधन वाले दिन यानी तीन अगस्त को यात्रा संपन्न होनी है। इस समय कोरोना वायरस के चलते देशव्यापी लॉकडाउन है जो 14 अप्रैल तक चलेगा। चूंकि एडवांस पंजीकरण बैंकों में होता है इसलिए इसे स्थगित किया गया है। लंगरों के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया 25 फरवरी को ही समाप्त हो गई थी। देश भर से 115 लंगर संगठनों ने श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के पास आवेदन किया है। यह लंगर यात्रा के आधार शिविरों बालटाल, पहलगाम और यात्रा मार्गों पर लगते हैं। 

पहलगाम मार्ग से अमरनाथ यात्रा का महत्व

- Advertisement -

बाबा अमरनाथ तीर्थयात्रा के दो मुख्य आधार शीविर बालटाल और पहलगाम में हैं। बालटाल श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर जोजिला दर्रे के दामन में स्थित है जबकि पहलगाम दक्षिण कश्मीर में लिद्दर दरिया किनारे बसा एक गांव। बालटाल से करीब 14 किमी. की यात्रा कर पवित्र गुफा पहुंचा जा सकता है। यह रास्ता अत्यंत कठिन है। पहलगाम से पवित्र गुफा की दूरी बेशक 48 किमी. है लेकिन पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक तीर्थयात्रा का विधान और पुण्य प्राप्त करना है इसीलिए यही मार्ग अपनाना चाहिए। भगवान शिव जब अमरत्व की कथा सुनाने के लिए अमरेश्र्वर गुफा में पहुंचे थे तो उन्होंने इसी मार्ग से यात्रा करते हुए रास्ते में अपने साथियों को अलग-अलग जगहों पर छोड़ा था।

भगवान अमरेश्र्वर की छड़ी मुबारक भी इसी मार्ग से पवित्र गुफा के लिए रवाना होती है। पहलगाम में उन्होंने अपने वाहन नंदी को छोड़ा। इसके करीब 16 किमी. दूर चंदनबाड़ी है। यहां वाहनों में भी लोग आ सकते हैं और पैदल भी। यहीं पर भगवान शिव ने अपने माथे से चंद्रमा को उतारकर छोड़ा था। चंदनबाड़ी में देवदार के पेड़ों की श्रृंखला के बीच पहाड़ी चोटियों को छूते सफेद ग्लेशियर को देखकर ऐसा लगता है कि जैसे किसी ने सफेद चादर बिछायी हो। पहलगाम से छड़ी मुबारक रवाना होने के बाद यहीं पर रात्रि विश्राम करती है। इस बार बर्फबारी अधिक हुई है, इसलिए कहा जा रहा है कि इस बार बाबा बर्फानी के जो दिव्य दर्शन श्रद्धालु करेंगे वे पहले शायद ही कभी हुए होंगे।

- Advertisement -

Leave a Reply

Discount Code : ks10

NEWS, JOBS, OFFERS यहां सर्च करें

Shubham Sharmahttps://khabarsatta.com
Editor In Chief : Shubham Sharma

सोशल प्लेटफॉर्म्स में हमसे जुड़े

11,007FansLike
7,044FollowersFollow
795FollowersFollow
4,050SubscribersSubscribe

More Articles Like This

- Advertisement -

Latest News

CM योगी का बड़ा हमला, कहा-कठमुल्लों के फतवों से नहीं संविधान से चलेगा देश

लखनऊ: बिहार विधानसभा चुनाव चरम पर है। सभी पार्टियों ने अपने स्टार प्रचारकों को मैदान में उतार दिया है। इस...

शिवराज बोले- आप तुलसी को विधायक बनाएं, मंत्री तो मैं बना ही दूंगा

इंदौर: मध्यप्रदेश में 3 नवंबर को होने वाले विधानसभा के उपचुनाव को लेकर दोनों ही पार्टियों ने प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी...

मुंबई से यूपी लौट रहा परिवार सड़क हादसे का शिकार, एक ही परिवार के 12 सदस्य गंभीर घायल

इंदौर: इंदौर के तेजाजी नगर बाईपास पर देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। जहां चार पहिया वाहन और ट्रक में भीषण टक्कर हो...

फ्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ MP में मुस्लिमों का प्रदर्शन, कांग्रेस MLA बोले- मोदी सरकार विरोध करे

भोपाल: फ्रांस के राष्ट्रपति इम्मैन्युअल मैक्रों के बयान को लेकर दुनिया भर में मुस्लिमों का आक्रोश बढ़ रहा है। मध्य प्रदेश में भी इसका...

भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप के बाद भी नहीं हुई तहसीलदार पर FIR, EOW की शिकायत भी गैरअसरदार

जबलपुर: सरकारी फाइलों में बड़ी हेरा फेरी का आरोप लगने और ईओडब्ल्यू में बार बार शिकायत दर्ज होने के बावजूद भी तहसीलदार जैसे बड़े अफसर...