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सिवनी: तबादला आदेश हवा-हवाई, न प्रशासन का चला जोर, न राजनीति का असर – रतन शाह उईके जमे बैठे हैं गद्दी में

मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में जारी प्रशासनिक संकट ने एक बार फिर सुर्खियाँ बटोरी हैं, जहाँ राजस्व निरीक्षक रतन शाह उईके का 17 जून 2025 को सिवनी से कुरई तबादला कर दिया गया, लेकिन हफ्तों बीतने के बावजूद वे अभी भी उसी पद पर जमे हुए हैं। यह मामला न केवल प्रशासनिक नियमों की अनदेखी को उजागर करता है, बल्कि राजनीतिक दखल और अफसरशाही की मिलीभगत को भी सामने लाता है।

15 वर्षों से एक ही जगह जमे रतन शाह उईके: तबादला नीति की उड़ रही धज्जियां

तबादला नीति का मुख्य उद्देश्य होता है कि सरकारी अधिकारियों को एक ही स्थान पर लंबे समय तक तैनात न किया जाए, जिससे भ्रष्टाचार और व्यक्तिगत स्वार्थ की गुंजाइश न बचे। लेकिन रतन शाह उईके पिछले 15 वर्षों से सिवनी में पदस्थ हैं। यह स्थिति केवल नीति के उल्लंघन का मामला नहीं है, बल्कि यह दर्शाती है कि कैसे कुछ अधिकारी प्रशासनिक आदेशों को दरकिनार करते हुए स्वयं को “अपरिवर्तनीय” बना लेते हैं।

तबादला आदेश के बाद भी रिलीविंग नहीं: विभाग की चुप्पी रहस्यमयी

जिला प्रशासन द्वारा स्थानांतरण सूची में रतन शाह उईके का नाम स्पष्ट रूप से शामिल किया गया, फिर भी संबंधित विभाग द्वारा अब तक रिलीविंग आदेश जारी नहीं किया गया। ना कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है, और ना ही यह स्पष्ट किया गया है कि आदेश के बावजूद स्थानांतरण अमल में क्यों नहीं लाया गया

यह चुप्पी प्रशासन की निष्क्रियता या अंदरूनी मिलीभगत का संकेत देती है।

तीन साल पहले भी हुआ था आदेश, तब भी रहे थे यथावत

यह कोई पहला मामला नहीं है। साल 2022 में भी रतन शाह उईके का स्थानांतरण आदेश जारी हुआ था, लेकिन तब भी वह केवल काग़ज़ों तक सीमित रह गया। प्रशासनिक सूत्रों और जनचर्चाओं के अनुसार, राजनीतिक संरक्षण और आंतरिक सेटिंग के चलते वे अपने पद पर बने रहे।

जनता के तीखे सवाल: क्या कुछ अफसर ‘सबसे ऊपर’ हैं?

इस पूरे प्रकरण ने जनता के मन में कई चुभते हुए प्रश्न खड़े कर दिए हैं:

  • क्या रतन शाह उईके को राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है?
  • यदि तबादला अमल में नहीं लाना था, तो आदेश क्यों जारी किया गया?
  • क्या जिला कलेक्टर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक नहीं है?

जनता का विश्वास तभी बहाल हो सकता है जब इस मामले में खुली जांच और दोषियों पर कार्रवाई हो।

प्रशासनिक निष्क्रियता के दुष्परिणाम

यदि इस प्रकार की स्थिति सामान्य बनती गई, तो इसके दुष्परिणाम होंगे:

  • अन्य अधिकारी भी तबादला नीति की अनदेखी को आदत बना लेंगे।
  • ईमानदार अधिकारियों का मनोबल टूटेगा।
  • प्रशासनिक व्यवस्था में भ्रष्टाचार और पक्षपात को बल मिलेगा।
  • जनता का प्रशासन पर से भरोसा उठ जाएगा।

कलेक्टर की भूमिका पर उठे सवाल

एक सक्रिय और सक्षम कलेक्टर की ज़िम्मेदारी होती है कि तबादलों को प्रभावी रूप से लागू किया जाए। यदि ऐसा नहीं हो रहा है, तो यह या तो प्रशासनिक कमजोरी है या फिर बाहरी दबावों का परिणाम। दोनों ही स्थितियाँ प्रशासन की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को चुनौती देती हैं।

राजनीतिक हस्तक्षेप की आशंका

स्थानीय चर्चाओं और सूत्रों से यह बात सामने आ रही है कि रतन शाह उईके को प्रभावशाली राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। यदि यह सत्य है, तो यह एक बेहद खतरनाक उदाहरण है, जहाँ प्रशासनिक निर्णयों पर राजनीतिक दबाव हावी हो जाता है, और लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होती है

मीडिया और जनमत का दबाव: लेकिन क्या पर्याप्त है?

इस प्रकरण को मीडिया द्वारा उजागर किया गया, जिससे मामला जनता के सामने आया। हालांकि, केवल मीडिया दबाव पर्याप्त नहीं है। जब तक प्रशासनिक इच्छाशक्ति और सरकारी हस्तक्षेप नहीं होता, तब तक ऐसे मामलों का समाधान संभव नहीं।

राज्य स्तरीय जांच की आवश्यकता

इस मामले की राज्य स्तर पर उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए:

  • संबंधित अधिकारियों से जवाब लिया जाए कि आदेश क्यों लागू नहीं हुआ।
  • राजनीतिक हस्तक्षेप की भूमिका की जांच की जाए।
  • दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

केवल कठोर और दृढ़ कदम ही प्रशासनिक ईमानदारी को बहाल कर सकते हैं।

नियमों से ऊपर कोई नहीं

रतन शाह उईके का मामला सिर्फ एक तबादले का नहीं है, यह प्रशासनिक लापरवाही, राजनीतिक हस्तक्षेप और नीति की अवहेलना का ज्वलंत उदाहरण है। जब तबादले जैसे सामान्य प्रशासनिक निर्णय भी लागू नहीं हो पाते, तो यह पूरी शासन व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।

सिवनी जिलेवासियों के लिए चेतावनी: लबालब भरा भीमगढ़ बाँध, 2 गेट खोलकर बैनगंगा नदी में छोड़ा जा रहा पानी

सिवनी। भीमगढ़ बांध में लगातार बढ़ रहे जल स्तर को देखते हुए जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। कार्यपालन यंत्री पी. एन. नाग ने जानकारी दी है कि 8 जुलाई 2025 को भीमगढ़ बांध का जलस्तर 515.75 मीटर तक पहुंच गया है।

जल स्तर को नियंत्रित करने और बांध की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दोपहर 12:00 बजे गेट क्रमांक 5 और 6 को खोले गए । इन गेट्स के माध्यम से 8692 क्यूसेक (घन फीट प्रति सेकंड) की दर से पानी को बैनगंगा नदी में प्रवाहित किया जा रहा है।

प्रशासन ने आशंका जताई है कि गेट खुलने के बाद बैनगंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा जनमानस से अपील की गई है कि वे नदी के घाटों और किनारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और किसी भी प्रकार की असावधानी न बरतें।

जल संसाधन विभाग एवं प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें अलर्ट पर हैं। जनहित में जारी – जिला प्रशासन, सिवनी

सिवनी में भारी बारिश: जिले के सभी स्कूलों में 8 जुलाई को अवकाश घोषित

सिवनी: सिवनी जिले में लगातार हो रही मूसलधार बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन बड़ा फैसला लिया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में 8 जुलाई 2025 (मंगलवार) को अवकाश घोषित कर दिया है। इस आदेश में सीबीएसई, आईसीएसई, माध्यमिक शिक्षा मंडल सहित सभी मान्यता प्राप्त बोर्डों से संबद्ध स्कूल शामिल हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि यह निर्णय विद्यार्थियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। जिले के कई क्षेत्रों से भारी बारिश के कारण जलभराव, सड़कें बाधित होने और यातायात में परेशानियों की खबरें मिल रही हैं। ऐसे में बच्चों का स्कूल आना-जाना जोखिम भरा हो सकता है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और संबंधित सभी स्कूलों को इसका कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को घर पर सुरक्षित रखें और मौसम की स्थिति सामान्य होने तक सतर्कता बरतें।

उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों से जिले में लगातार बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई गांवों और शहरी क्षेत्रों में निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे स्कूल पहुंचना मुश्किल हो गया है।

प्रशासन द्वारा हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे के लिए भी निर्णय लिया जाएगा।

👉 अवकाश की तिथि: 8 जुलाई 2025
👉 लागू क्षेत्र: सिवनी जिले के सभी सरकारी एवं निजी स्कूल
👉 कारण: भारी बारिश, जलभराव एवं विद्यार्थियों की सुरक्षा

सिवनी: छपारा में बिना मान्यता के चल रहा विद्यालय, सैकड़ो बच्चों का भविष्य खतरे में

सिवनी: छपारा नगर मुख्यालय का मामला। 3 माह बाद भी शिक्षा विभाग नहीं कर पाया कार्यवाही, सैकड़ो बच्चों का भविष्य खतरे में

जनपद शिक्षा केंद्र मुख्यालय में ही शिक्षा अधिकार अधिनियम की खुलेआम धज्जिया उड़ाई जा रही हैं। दरअसल नगर के महावीर वार्ड स्थित शीशगर वार्ड में बिना मान्यता के मां शारदा शिशु संस्कार विद्यालय पिछले तीन महीनों से संचालित हो रहा हैं और जिम्मेदार अधिकारी आंख बंद कर तमाशा देख रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि नवीन मान्यता हेतु सत्र 2025-26 हेतु उक्त विद्यालय प्रबंधन द्वारा नवीन मान्यता हेतु आवेदन किया गया था। निरीक्षण उपरांत बीआरसी कार्यालय छपारा के द्वारा 14 बिंदुओं पर मान्यता नहीं दिए जाने के लिए जिला शिक्षा केंद्र को अभिमत दिया गया था। इसी अनुशंसा का हवाला देते हुए जिला शिक्षा केंद्र के परियोजना समन्वयक के द्वारा भी उक्त विद्यालय को मान्यता प्रधान नहीं की गई थी।

नियमों को ताक पर रख चल रहा विद्यालय

निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 18 के प्रयोजन के लिए निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा के अधिकार का अधिनियम 2011 के नियम 11के उपनियम 4 के अधीन स्कूल को मान्यता में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि विद्यालय में उपयुक्त संसाधन नहीं होने की दशा में मान्यता नहीं प्रदान की जा सकेगी किंतु उक्त विद्यालय प्रबंधन के द्वारा लापरवाही पूर्वक और सैकड़ो छात्रों के भविष्य को ताक पर रख बिना मान्यता के विद्यालय का संचालन किया जा रहा हैं।

जिला शिक्षा केंद्र के अधिकारियों ने क्यों नहीं बंद कराया विद्यालय ?

छपारा मुख्यालय में संचालित बिना मान्यता के विद्यालय की जानकारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को नहीं है उक्त बिना मान्यता के चल रहे विद्यालय में लगभग तीन सैकड़ा से अधिक छात्रों का भविष्य दाव पर लगा हुआ है , यदि उक्त विद्यालय के संचालन की खबर अधिकारियों को है तो क्या यह अधिकारियों का खुला संरक्षण नहीं है?

बिना मान्यता के चल रहे विद्यालयों को टी सी जारी करने का दिया गया था नोटिस

जिला शिक्षा अधिकारी के नोटिस क्रमांक 388/मान्यता/2025 दिनांक 17/06/ 2025 में जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा आदेश किया गया था कि जिन विद्यालयों की मान्यता नहीं प्रदान की गई है वे अपने अध्ययनरत छात्रों की टी सी और दाखिल खारिज रजिस्टर नजदीकी संकुल केंद्र में तत्काल जमा करवाए। किंतु उक्त विद्यालय प्रबंधन के द्वारा मान्यता नहीं मिलने के बाद भी टी सी नजदीकी संकुल केंद्र में जमा नहीं कराई गई बल्कि कक्षाएं भी लगाई जा रही है जिससे उक्त विद्यालय में अध्ययनरत लगभग 3 सैकड़ा अधिक छात्रों का भविष्य खराब होने की कगार पर पहुंच गया हैं।

15 जुलाई से नैनपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, आमला, भोपाल, इटारसी होकर इंदौर जायेगी पेंचवेली एक्सप्रेस

Penchvalley Express News – दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इंदौर-सिवनी (पेंचवैली) एक्सप्रेस (19343/19344) को अब नैनपुर तक विस्तारित किया जा रहा है। यह निर्णय रेलवे बोर्ड द्वारा अनुमोदित किया गया है और इसकी उद्घाटन यात्रा 14 जुलाई 2025 को नैनपुर से प्रारंभ होगी।

रेलवे द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार:

  • ट्रेन संख्या 19343 (इंदौर – सिवनी) पेंचवैली एक्सप्रेस अब 15 जुलाई 2025 से नैनपुर तक चलेगी
  • वापसी में ट्रेन संख्या 19344 (छिंदवाड़ा – इंदौर) पेंचवैली एक्सप्रेस अब नैनपुर से इंदौर तक चलेगी

पेंचवेली एक्सप्रेस नैनपुर से इंदौर जाते समय का टाइम टेबल इस प्रकार है:

स्टेशन19344 (नैनपुर-इंदौर) प्रस्थान
नैनपुर (NIR)प्रस्थान – 19:00 बजे
केवलारी (KLZ)19:15 / 19:17 बजे
भोमा (BHV)19:43 / 19:45 बजे
सिवनी (SEY)20:05 / 20:10 बजे
चौरई (CHUA)20:28 / 20:30 बजे
छिंदवाड़ा (CWA)22:15 / 22:25 बजे
इंदौर (INDB)आगमन – 12:45 बजे

पेंचवेली एक्सप्रेस इंदौर से नैनपुर जाते समय का टाइम टेबल इस प्रकार है:

स्टेशन19343 (इंदौर-नैनपुर) प्रस्थान19344 (नैनपुर-इंदौर) प्रस्थान
इंदौर (INDB)13:05 बजेआगमन – 12:45 बजे
छिंदवाड़ा (CWA)03:20 / 03:35 बजे22:15 / 22:25 बजे
चौरई (CHUA)04:03 / 04:05 बजे20:28 / 20:30 बजे
सिवनी (SEY)04:40 / 04:45 बजे20:05 / 20:10 बजे
भोमा (BHV)05:03 / 05:05 बजे19:43 / 19:45 बजे
केवलारी (KLZ)05:23 / 05:25 बजे19:15 / 19:17 बजे
नैनपुर (NIR)आगमन – 06:30 बजेप्रस्थान – 19:00 बजे

🔧 मेंटेनेंस व्यवस्था में बदलाव:

  • प्राथमिक मेंटेनेंस अब इंदौर (WR) में RBPC के साथ और दूसरा सिरा नैनपुर (SECR) में होगा।
  • नई ट्रेन विस्तार के अनुसार छिंदवाड़ा से नैनपुर के बीच वाणिज्यिक ठहराव चौरई, सिवनी, भोमा, केवलारी, और नैनपुर में होगा।

सेवाओं में और परिवर्तन:

ट्रेन संख्या 59396 (सिवनी-बेतुल पैसेंजर) और 59395 (बेतुल-छिंदवाड़ा पैसेंजर) को अब पेंचवैली एक्सप्रेस से अलग कर दिया गया है। इन ट्रेनों को SECR रैक लिंक से जोड़कर अब 58829/58830 (सिवनी-बेतुल-सिवनी) के रूप में चलाया जाएगा। ये परिवर्तन भी 14 जुलाई 2025 से प्रभावी होंगे।

⏱️ नई समयसारणी इस प्रकार है:

स्टेशन58829 (सिवनी-बेतुल)58830 (बेतुल-सिवनी)
सिवनी (SEY)05:30 बजेआगमन – —-
चौरई (CHUA)06:24 / 06:26 बजे—-
छिंदवाड़ा (CWA)07:10 / 08:00 बजे20:15 / 20:25 बजे
बैतूल (BZU)आगमन – 12:35 बजेप्रस्थान – 16:00 बजे

छिंदवाड़ा-बेतुल-छिंदवाड़ा मार्ग के बीच समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

📝 रेलवे ने क्या कहा?

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के प्रमुख परिचालन प्रबंधक कार्यालय, बिलासपुर द्वारा जारी अधिसूचना में बताया गया है कि यात्रियों की सुविधा और ट्रैफिक मैनेजमेंट को ध्यान में रखते हुए यह बड़ा निर्णय लिया गया है।

इस आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं –
अजय फ्रांसिस डेनियल,
उप मुख्य परिचालन प्रबंधक (परिवर्तन एवं FOIS), SECR, बिलासपुर।

इंदौर और नैनपुर के यात्रियों के लिए यह एक अच्छी खबर है। यह विस्तार न केवल यात्रा को सुगम बनाएगा, बल्कि मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों को बेहतर तरीके से आपस में जोड़ेगा। पेंचवैली एक्सप्रेस के विस्तार से पर्यटन, व्यापार और यातायात सभी क्षेत्रों को लाभ पहुंचेगा।

सिवनी में स्कूली ऑटो की चपेट में आया 18 माह का मासूम, मौके पर ही हुई मौत

सिवनी जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में स्थित केजीएन कॉलोनी 03 जुलाई 2025 की दोपहर उस समय मातम में बदल गई जब हड्डी गोदाम एरिया में 18 माह का मासूम बच्चा रोहान खान एक स्कूली ऑटो की चपेट में आ गया। यह दर्दनाक हादसा दोपहर लगभग 1:30 बजे घटित हुआ, जब बच्चा सड़क पर खेल रहा था और उसी वक्त एक स्कूली ऑटो तेजी से वहां से गुजर रहा था।

इस दुर्घटना का CCTV वीडियो भी सामने आया है, जो घटना की वास्तविकता को दर्शाता है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बच्चा सड़क के किनारे खेल रहा था और ऑटो चालक ने बिना सतर्कता के वाहन आगे बढ़ाया, जिससे बच्चा चपेट में आ गया। यह दृश्य इतना हृदय विदारक था कि देखने वालों की रूह कांप उठी।

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में पसरा मातम, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। बच्चे की मां-बाप का रो-रो कर बुरा हाल है। क्षेत्र में शोक का माहौल व्याप्त है। इस नन्हे जीवन की अकाल मृत्यु ने हर किसी की आंखों को नम कर दिया है। मासूम रोहान की मौत ने पूरे इलाके में दुख की लहर दौड़ा दी है।

ऑटो चालक मौके से फरार, पुलिस कर रही तलाश

दुर्घटना के तुरंत बाद ऑटो चालक मौके से फरार हो गया। कोतवाली थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच प्रारंभ कर दी है। CCTV फुटेज के आधार पर चालक की पहचान की जा रही है और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। एफआईआर दर्ज कर ली गई है और धारा 304A (गैर इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

स्थानीय लोगों की मांग – ऑटो चालकों पर लगे नियंत्रण

इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों में आक्रोश व्याप्त है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूली वाहनों पर सख्त निगरानी रखी जाए। कई लोगों ने बताया कि स्कूली ऑटो चालक अक्सर ओवरलोडिंग करते हैं, तेज गति से वाहन चलाते हैं और ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करते। यदि समय रहते ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन करवाया जाता तो यह मासूम आज जीवित होता।

दर्दनाक घटना से मिले सबक

  • सिवनी में घटित यह घटना सिर्फ एक दुर्घटना नहीं बल्कि व्यवस्था की खामियों का परिणाम है।
  • हमें यह समझना होगा कि बच्चों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
  • यातायात नियमों का पालन, वाहन की वैधता की जांच, चालकों की योग्यता – ये सभी पहलुओं पर संवेदनशीलता और सख्ती दोनों जरूरी हैं।
  • हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी बनती है कि हम ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने दें।

स्वच्छता ही सेवा — बजरंग दल का सेवा सप्ताह: उमा घाट पर चला सफाई अभियान, मातृशक्ति ने भी दिखाया उत्साह

जबलपुर, 2 जुलाई 2025 — विश्व हिंदू परिषद महाकोशल प्रांत के बजरंग दल द्वारा चलाए जा रहे “सेवा सप्ताह” के अंतर्गत आज ग्वारीघाट स्थित उमा घाट पर एक विशेष स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। यह अभियान सेवा सप्ताह के दूसरे दिन आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने भाग लेकर सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया।

प्रमुख नेतृत्व रहा उपस्थित

इस सेवा कार्य में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी भी सक्रिय रूप से शामिल हुए। प्रमुख रूप से उपस्थित रहे —

  • विभाग मंत्री श्री पंकज श्रीवास्त्रि
  • बजरंग दल विभाग संयोजक सुमित सिंह ठाकुर
  • जिला मंत्री राकेश सिंह, प्रशांत सिसोदिया, नवीन राजपूत
  • बजरंग दल जिला संयोजक रोहित चौकसे
  • अन्य कार्यकर्ता — अमित शर्मा, गौरव सोनकर, अरविंद सिसोदिया, सत्यम बर्मन आदि

इन सभी कार्यकर्ताओं ने घाट की सफाई कर न केवल श्रमदान किया, बल्कि समाज के प्रति अपनी सेवा भावना को भी सशक्त किया।

मातृशक्ति और दुर्गा वाहिनी का योगदान

अभियान की विशेष बात यह रही कि इसमें मातृशक्ति और दुर्गा वाहिनी की बहनों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। उन्होंने अपने योगदान से यह सिद्ध किया कि स्वच्छता जैसे कार्य में महिलाएं भी पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। घाट की सफाई में उन्होंने उल्लेखनीय भूमिका निभाई और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया।

हनुमान चालीसा के साथ हुआ समापन

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं और बहनों ने सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ किया। यह आयोजन आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक समर्पण का अद्भुत संगम रहा।

बजरंग दल का यह सेवा अभियान समाज में स्वच्छता, सेवा और संस्कार का संदेश प्रसारित कर रहा है। उमा घाट की स्वच्छता के साथ-साथ लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है। इस तरह के आयोजन न केवल धार्मिक स्थलों की स्वच्छता सुनिश्चित करते हैं, बल्कि युवाओं में राष्ट्रसेवा की भावना को भी प्रोत्साहित करते हैं।

अगला कार्यक्रम: सेवा सप्ताह के आगामी दिनों में बजरंग दल द्वारा अन्य सामाजिक और स्वच्छता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

MP-CG में सबसे ज्यादा FWA ग्राहक रिलायंस जियो के पास

भोपाल- अमेरिका की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी टी-मोबाइल को पीछे छोड़ कर दुनिया की सबसे बड़ी फिक्सड वायरलेस एक्सेस सर्विस प्रोवाइडर कंपनी बनने की राह पर रिलायंस जियो ने मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ टेलीकॉम सर्किल में सबसे ज्यादा मोबाइल और ब्रॉडबैंड ग्राहक जोड़े है। टेलीकॉम रेगुलेट्री अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) की मई 2025 की रिपोर्ट में एक बार फिर जियो ने मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा मोबाइल और ब्रॉडबैंड ग्राहकों को जोड़ा है।

मई 2025 में रिलायंस जियो से 4.2 लाख मोबाइल ग्राहक जुड़े है। वहीं, जियो फाइबर और FWA जियो एयर फाइबर ब्रॉडबैंड सर्विस को 54  हजार से ज्यादा ग्राहकों ने अपनाया है। जबकि समान अवधि में एयरटेल के 8 हजार मोबाइल ग्राहक बढ़े लेकिन बीएसएनएल के 37 हजार और सबसे ज्यादा वाडाफोन-आईडिया के 56 हजार ज्यादा मोबाइल ग्राहक घटे है।
 
 
ट्राई के आंकड़ों के मुताबिक मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में सभी टेलीकॉम कंपनियों के मोबाइल ग्राहकों की संख्या 8.1 करोड़ से ज्यादा हो चुकी है। वहीं,फिक्सड वायरलेस एक्सेस (FWA) और वायरलेस एक्सेस ब्राडबैंड उपभोक्ता 24.9 लाख से ज्यादा है।

इसमें जियो की मोबाइल ग्राहक 4.6 करोड़ और ब्रॉडबैंड ग्राहक 13.9 लाख से कहीं अधिक है। साथ ही मार्केट शेयर पर गौर करें तो मोबाइल उपभोक्ता में बाजार हिस्सेदारी 56.7 फिसदी और ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा प्रदाता में मार्केट शेयर 56.1 प्रतिशत है।
 
फिक्सड वायरलेस एक्सेस (FWA) को सरल शब्दों में समझे तो घरों व दफ्तरों में उपलब्ध वाई-फाई सर्विस को FWA यानी फिक्सड वायरलेस एक्सेस सर्विस कहा जाता है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटिस की हालिया रिपोर्ट में बताया कि रिलायंस जियो के पास जून 2025 तक दुनिया के सबसे अधिक FWA ग्राहक होने की संभावना है। वर्तमान में  मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सर्किल की सबसे बड़ी FWA  यानी फिक्सड वायरलेस एक्सेस सर्विस प्रोवाइडर कंपनी रिलायंस जियो है।
 
जियो के पास मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सर्किल में मौजूद कुल 5जी क्षमता का 70 फिसदी से ज्यादा हिस्सा है।जो कि दोनों प्रदेश के सभी 88  जिलों में उपलब्ध है। रिलायंस जियो की उन्नत स्टैडअलोन ट्रू5जी सेवा की पहुंच दोनों राज्यों के शहरी क्षेत्र के साथ गांव-गांव तक है। इसी वजह से उद्यमियों के साथ सुदूर इलाके में रहने वाले ग्रामीण उपभोक्ता की ब्रॉडबैंड सेवा के लिए पहली पसंद रिलायंस जियो की फाइबर और एयर फाइबर सर्विस है।