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सिवनी कोतवाली में होमगार्ड जवान की मनमानी, बिना वर्दी जमा रहा धौंस!

सिवनी: सिवनी कोतवाली में एक होमगार्ड जवान की कथित मनमानी और नियमों के उल्लंघन का मामला फिर सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह जवान बिना वर्दी पहने ही कोतवाली में धौंस जमाता है और उसकी “तूती बोलती है”, जिससे पुलिसकर्मी और आम लोग भी परेशान हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि यह जवान पहले भी सिवनी कोतवाली में पदस्थ रह चुका है, और तब भी उसके व्यवहार को लेकर शिकायतें मिली थीं।

सूत्रों के अनुसार, यह होमगार्ड कर्मी वर्दी पहनना ज़रूरी नहीं समझता और अक्सर सिविल कपड़ों में ही कोतवाली परिसर में घूमता है। वह अपनी पुरानी पदस्थापना का हवाला देकर लोगों पर रौब झाड़ता है, जिससे एक तरह का “आतंक” का माहौल बन गया है। होमगार्ड नियमों के तहत, ड्यूटी पर मौजूद हर जवान को अनिवार्य रूप से वर्दी पहननी होती है। इस जवान का यह व्यवहार न सिर्फ अनुशासनहीनता है, बल्कि इससे पुलिस विभाग की छवि पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।

स्थानीय निवासियों और कुछ पुलिसकर्मियों ने भी नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस जवान का रवैया पहले भी विवादास्पद रहा है। अब उसकी दोबारा कोतवाली में मौजूदगी से सवाल उठ रहे हैं कि आखिर क्यों ऐसे कर्मियों पर समय रहते नकेल नहीं कसी जाती।
देखना होगा कि सिवनी कोतवाली का उच्च प्रबंधन इस मामले पर कब संज्ञान लेता है और इस बेलगाम होमगार्ड जवान पर कब तक कार्रवाई होती है, ताकि कोतवाली परिसर में नियमों का सम्मान सुनिश्चित किया जा सके।

Jabalpur Acid Attack: बचपन की दोस्त इशिता ने श्रद्धा के चेहरे पर फेंका तेज़ाब

Jabalpur Acid Attack: जबलपुर के गौरीघाट थाना क्षेत्र की अवधपुरी कॉलोनी में रविवार रात एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसमें एक युवती पर उसकी पुरानी सहेली ने ही एसिड अटैक कर दिया। यह वारदात रात करीब 10:30 बजे की है, जब 22 वर्षीय इशिता साहू ने 21 वर्षीय श्रद्धा दास पर तेजाब फेंक दिया।

घटना के बाद श्रद्धा को तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि वह करीब 50 प्रतिशत तक झुलस चुकी है, हालांकि उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

बातचीत बंद होने के बाद बढ़ी रंजिश

श्रद्धा का एक पुरुष मित्र – जो इशिता का भी करीबी था – के साथ एक वीडियो वायरल हुआ। कथित तौर पर इशिता ने अपमानित महसूस किया और हमले की योजना बनाना शुरू कर दिया. श्रद्धा के परिवार के अनुसार, वह और इशिता पहले काफी अच्छी दोस्त थीं, लेकिन पिछले एक साल से दोनों के बीच बातचीत बंद थी। श्रद्धा की मां ज्योत्सना दास ने बताया कि 2013-14 से उनका परिवार इस कॉलोनी में रह रहा है। श्रद्धा और इशिता पहले बहुत समय साथ बिताते थे, लेकिन धीरे-धीरे उनके बीच मनमुटाव शुरू हो गया।

श्रद्धा की मां के अनुसार, इशिता, श्रद्धा से ईर्ष्या रखती थी। उनका यह भी कहना है कि इशिता के माता-पिता कोई काम नहीं करते, जबकि श्रद्धा पढ़ाई के साथ-साथ तीन-तीन जगह काम करती है। यही वजह थी कि इशिता को उसकी सफलता से जलन होती थी। उन्होंने यह भी बताया कि दो महीने से श्रद्धा ने इशिता से बातचीत बंद कर दी थी और उसका फोन नंबर भी ब्लॉक कर दिया था।

इशिता की मां पर भी लगे आरोप

श्रद्धा के परिवार का आरोप है कि इशिता की मां भी इस घटना में शामिल है। बताया जा रहा है कि इशिता की मां ने खुद श्रद्धा को फोन कर इशिता से बात करने के लिए कहा था, लेकिन श्रद्धा ने व्यस्तता का हवाला देकर मना कर दिया था।

घटना के तुरंत बाद पुलिस ने इशिता को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। वहीं, उसके माता-पिता – अग्नि साहू और उनकी पत्नी – घर से फरार हैं। पुलिस ने उनके घर पर ताला लगवा दिया है और उनकी तलाश जारी है।

ऐसे दिया वारदात को अंजाम

रविवार की रात इशिता, श्रद्धा के घर पहुंची और गेट पर आवाज लगाई। श्रद्धा ने जवाब दिया कि वह परीक्षा की तैयारी कर रही है, इसलिए बाहर नहीं आ सकती। इस पर इशिता ने कहा, “तुम्हारे लिए एक सरप्राइज है, बस दो मिनट के लिए बाहर आओ।” श्रद्धा बाहर आई और दोनों के बीच थोड़ी बातचीत हुई। जब श्रद्धा वापस घर के अंदर जा रही थी, तभी इशिता ने अचानक उस पर तेजाब फेंक दिया

श्रद्धा की चीख सुनकर उसकी मां बाहर दौड़ीं, तब देखा कि श्रद्धा के कपड़े जल चुके हैं और वह बुरी तरह से झुलसी हुई है। उसकी मां ने तुरंत उसे बाथरूम में ले जाकर पानी डाला और उसे अस्पताल पहुंचाया।

पुलिस जांच जारी, आरोपी गिरफ्तार

जबलपुर एसिड अटैक मामले में हालिया घटनाक्रम में, यह पता चला है कि आरोपी इशिता साहू को एक साथी के साथ गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, इशिता ने अंश शर्मा नामक अपने दोस्त की मदद से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एसिड खरीदा था।

अंश ने खुद को कॉलेज प्रोफेसर बताकर इशिता की ओर से दुकानदार से बात की। उन्होंने दुकानदार को यकीन दिलाने के लिए कॉलेज की नकली मुहरें, दस्तावेज और लेटरहेड भी बनाए।

बीबीए की छात्रा श्रद्धा पर उसकी सहेली इशिता ने उसके घर के बाहर हमला किया। इशिता उसे सरप्राइज देने के बहाने उससे मिलने आई थी। जब श्रद्धा बाहर जाने से मना करके घर लौटी तो इशिता ने उसके चेहरे पर तेजाब फेंक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। फिलहाल उसका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी हालत गंभीर है।

MP WEATHER: सिवनी समेत MP के 25 से अधिक जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

सिवनी (मध्य प्रदेश): मौसम विभाग ने मंगलवार को राज्य भर के 25 से ज़्यादा जिलों में बहुत भारी से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 24 घंटे में बारिश का आंकड़ा 8 इंच से ज़्यादा हो सकता है

मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की रेखा मध्य प्रदेश से होकर गुजर रही है, जिसके कारण भारी बारिश हो सकती है। इस बीच, गुजरात के सौराष्ट्र-कच्छ में सक्रिय कम दबाव वाले क्षेत्र के कारण अगले 4 दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना है।

जबलपुर, ग्वालियर, नर्मदापुरम, चंबल, सागर संभागों में सबसे ज्यादा बारिश होने की संभावना है।इंदौर-उज्जैन संभाग के जिलों में हल्की बारिश होगी।

आज इन जिलों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार को अशोकनगर, शिवपुरी, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, सिवनी, मंडला और बालाघाट में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।

अगले 24 घंटों में श्योपुर, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, बैतूल, रायसेन, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, जबलपुर, मैहर, सतना, पन्ना, सीधी समेत कई जिलों में 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर में हल्की बारिश जारी रहेगी।

बारिश से दिन के तापमान में भारी गिरावट

इससे पहले सोमवार को खजुराहो, नर्मदापुरम और छिंदवाड़ा समेत 24 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश हुई।

इसके अलावा बैतूल, भोपाल, दतिया, गुना, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर, बुरहानपुर, रायसेन, धार, भिंड, रतलाम, मऊगंज, शाजापुर, मंडला, सागर, सिवनी, टीकमगढ़, उमरिया, बालाघाट में हवा के साथ छिटपुट बौछारें पड़ीं।

मानसून के कारण दिन के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है, पचमढ़ी में 23.2°C, सिवनी में 24.6°C और बैतूल में 25.5°C तापमान दर्ज किया गया।

अगले 2 दिनों का मौसम

2 जुलाई: नीमच, मंदसौर, विदिशा, रायसेन, सागर, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला, डिंडोरी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट है। बाकी जिलों में भी बारिश का येलो अलर्ट है.

3 जुलाई: सीधी, सिंगरौली, कटनी, डिंडोरी, बालाघाट में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, शहडोल, दमोह, जबलपुर, मंडला, सिवनी, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम और बैतूल में भारी बारिश हो सकती है।

बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री अपने जन्मदिन पर भक्तों से बोले “नो गिफ्ट सिर्फ एक ईंट”

छतरपुर (मध्य प्रदेश): बागेश्वर धाम सरकार के नाम से मशहूर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने जन्मदिन पर अपने भक्तों से एक खास तोहफा मांगा है। उन्होंने अपने भक्तों से आग्रह किया है कि वे उनके जन्मदिन पर उन्हें ‘एक ईंट’ भेंट करके कैंसर अस्पताल के लिए योगदान दें।

बाबा बागेश्वर हर साल 4 जुलाई को अपना जन्मदिन मनाते हैं। इस साल भी कुछ अलग नहीं है और उन्होंने अपने भक्तों से आग्रह किया है कि वे उन्हें कोई महंगी वस्तु उपहार में न दें, इसके बजाय उन्होंने भक्तों से कहा है कि वे अपनी भक्ति को एक नेक कार्य में लगाएं और उन्हें एक ‘ईंट’ भेंट करके योगदान दें।

यहां की ईंटों का उपयोग ‘कोई उपहार नहीं, एक ईंट’ पहल के तहत कैंसर अस्पताल के निर्माण में एक बड़े उद्देश्य के लिए किया जाएगा।

वंचित कैंसर रोगियों के लिए निःशुल्क उपचार

इससे पहले, इस वर्ष फरवरी में, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बागेश्वर धाम चिकित्सा एवं विज्ञान अनुसंधान संस्थान की आधारशिला रखी थी, जो वंचित कैंसर रोगियों को मुफ्त उपचार प्रदान करता है।

बागेश्वर बाबा अपने धाम लौट आये

बाबा ने अपनी लम्बी विदेश यात्रा के बाद तीन दिन मुंबई के बागेश्वर सनातन मठ में बिताए। कल देर रात वे वापस बागेश्वर धाम लौट आए. थका देने वाली यात्रा के बावजूद उन्होंने आराम नहीं किया और दिव्य दर्शन के लिए बागेश्वर धाम पीठ पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद सभी श्रद्धालुओं से आध्यात्मिक दर्शन के लिए बातचीत की।

सेवानिवृत्त शिक्षक श्री अशोक कुमार सोनी को भावभीनी विदाई

सिवनी: शासकीय माध्यमिक शाला भुरकुंडी, विकासखण्ड धनौरा, जिला सिवनी में आज एक भावुक क्षण देखने को मिला जब विद्यालय परिवार ने अपने प्रिय हेडमास्टर श्री अशोक कुमार सोनी को सेवानिवृत्ति के उपरांत विदाई दी।

श्री सोनी ने 31 मई 2025 को अपनी शासकीय सेवा पूरी कर शिक्षा के क्षेत्र में अपनी बहुमूल्य भूमिका को विराम दिया। उनके विदाई समारोह का आयोजन 27 जून 2025, शुक्रवार को विद्यालय परिसर में किया गया।

कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों, छात्रों तथा ग्रामवासियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। सभी ने श्री सोनी के अनुशासन, शिक्षा के प्रति समर्पण, और बच्चों के सर्वांगीण विकास में किए गए योगदान की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

शिक्षकगणों और विद्यार्थियों ने गीत, भाषण और स्मृतिचिह्नों के माध्यम से श्री सोनी को यादगार विदाई दी। विद्यालय परिवार ने उन्हें “भावनात्मक हार्दिक अभिनंदन” अर्पित किया और उनके स्वस्थ, सुखद एवं सक्रिय जीवन की कामना की।

इस अवसर पर वरिष्ठ शिक्षकों ने कहा कि श्री सोनी जैसे समर्पित शिक्षक विरले होते हैं, जिनकी सेवा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।

सिवनी मेडिकल कॉलेज में इंटर्न डॉक्टर की मौत, राजस्थान के दौसा से आए थे डॉक्टर प्रदीप

सिवनी: सिवनी जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में सोमवार की सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया। इंटर्नशिप के लिए सिवनी आए 27 वर्षीय डॉक्टर प्रदीप गुर्जर की अचानक तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में शोक की लहर दौड़ गई।

अचानक बिगड़ी तबीयत, रास्ते में ही तोड़ दिया दम

प्राप्त जानकारी के अनुसार, डॉ. प्रदीप गुर्जर, जो दौसा (राजस्थान) के रहने वाले थे, सिवनी मेडिकल कॉलेज में फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट (FMG) स्टूडेंट के तौर पर 1 वर्ष की इंटर्नशिप कर रहे थे। वे मेडिकल कॉलेज परिसर के हॉस्टल में रह रहे थे।

सोमवार सुबह लगभग 8 बजे उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। उस समय हॉस्टल में उनके साथ मौजूद अन्य डॉक्टर, जिनमें डॉ. सिमरन गावा भी शामिल थीं, उन्हें तुरंत इलाज के लिए बारापत्थर क्षेत्र स्थित बिसेन अस्पताल ले जाने निकले। लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही रास्ते में डॉ. प्रदीप की मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मौत के कारण पर संशय, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

डॉ. प्रदीप की मौत का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। प्रथम दृष्टया दिल का दौरा (Heart Attack) माना जा रहा है, लेकिन इस संबंध में अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही की जाएगी। शव को जिला अस्पताल भेजा गया है, जहाँ 1 जुलाई को परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

हाल ही में मनाया था जन्मदिन, उसके बाद से महसूस कर रहे थे दर्द

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, डॉ. प्रदीप ने 25 जून को अपना जन्मदिन हॉस्टल में ही मनाया था। इसके बाद उन्होंने अपने कुछ साथियों से यह भी साझा किया था कि उन्हें पेट में हल्का दर्द महसूस हो रहा है। लेकिन उन्होंने इस बात को गंभीरता से नहीं लिया। पांच दिन बाद ही तबीयत अचानक इतनी बिगड़ी कि जान चली गई।

परिजन दौसा से सिवनी के लिए हुए रवाना

डॉ. प्रदीप की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में मातम छा गया। उनके परिजन दौसा (राजस्थान) से सिवनी के लिए रवाना हो चुके हैं। पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।

मेडिकल कॉलेज में शोक, प्रशासन अलर्ट

युवा डॉक्टर की असामयिक मौत से कॉलेज के सहकर्मी, छात्र व संकायजन स्तब्ध हैं। कॉलेज प्रशासन ने घटना की जानकारी स्थानीय प्रशासन को दी है। डूंडा-सिवनी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

डॉ. प्रदीप गुर्जर की अचानक मौत ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि स्वस्थ दिखने वाले युवा भी गंभीर शारीरिक समस्याओं से अंजान हो सकते हैं। मेडिकल छात्रों के लिए तनाव, अनियमित दिनचर्या और पर्याप्त जांच की कमी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है। प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि ऐसी घटनाओं की गहराई से जांच की जाए ताकि भविष्य में उन्हें रोका जा सके।

सिवनी: डूंडा सिवनी थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 6 धार्मिक स्थलों से हटाए 14 लाउडस्पीकर!

सिवनी ज़िले के डूंडा सिवनी थाना क्षेत्र में मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार ध्वनि प्रदूषण के विरुद्ध एक सख्त और उल्लेखनीय कार्रवाई की गई। इस अभियान के अंतर्गत थाना पुलिस ने 6 धार्मिक स्थलों से कुल 14 लाउडस्पीकर हटाकर आम नागरिकों के हित में अनुकरणीय पहल की है। यह कदम उस स्थिति में उठाया गया जब लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि तेज ध्वनि के कारण छात्रों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को भारी असुविधा हो रही थी।

ध्वनि प्रदूषण: एक गम्भीर सामाजिक समस्या

आज के दौर में ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution) एक प्रमुख पर्यावरणीय समस्या बन चुका है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। विशेष रूप से धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक कार्यक्रमों, और राजनीतिक सभाओं में तेज आवाज़ के लाउडस्पीकरों का उपयोग न सिर्फ कानों को नुकसान पहुँचाता है बल्कि मानसिक तनाव, एकाग्रता में कमी और नींद में बाधा जैसे गंभीर प्रभाव भी डालता है।

डूंडा सिवनी थाना पुलिस की त्वरित कार्रवाई

डूंडा सिवनी थाना प्रभारी के नेतृत्व में यह कार्रवाई सोमवार को की गई, जिसमें थाना क्षेत्र के कुल 6 धार्मिक स्थलों से 14 ध्वनि विस्तारक यंत्र (लाउडस्पीकर) हटाए गए। पुलिस ने बताया कि पहले भी सभी धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाए गए थे, लेकिन कुछ स्थानों पर पुनः इन्हें अवैध रूप से स्थापित कर लिया गया था।

स्थानीय नागरिकों की ओर से लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर यह कठोर कदम उठाया गया। पुलिस ने बिना किसी भेदभाव के संबंधित स्थलों पर पहुँचकर लाउडस्पीकर हटाए और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि दोबारा नियमों का उल्लंघन हुआ तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

छात्रों और आम नागरिकों के हित में उठाया गया कदम

इस कार्रवाई का प्रत्यक्ष लाभ उन विद्यार्थियों को मिलेगा, जिनकी पढ़ाई लगातार तेज आवाज़ से बाधित हो रही थी। परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को शांत वातावरण की आवश्यकता होती है, और ध्वनि प्रदूषण के कारण उनकी एकाग्रता प्रभावित हो रही थी।

इसके अलावा बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों के लिए भी यह पहल राहतकारी साबित होगी, जिन्हें तेज ध्वनि के कारण नींद, रक्तचाप, सिरदर्द और चिड़चिड़ेपन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।

कानून और शासन के दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य

मध्यप्रदेश शासन द्वारा ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनके अनुसार धार्मिक स्थलों, शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, और रिहायशी इलाकों में तेज ध्वनि में लाउडस्पीकर चलाना प्रतिबंधित है। “Noise Pollution (Regulation and Control) Rules, 2000” के तहत कोई भी व्यक्ति या संस्था निर्धारित सीमा से अधिक ध्वनि नहीं कर सकती।

डूंडा सिवनी थाना पुलिस ने इस कानून का पालन सुनिश्चित करते हुए एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसे अन्य थाना क्षेत्रों द्वारा भी अपनाया जाना चाहिए।

प्रशासनिक निष्क्रियता पर उठे सवाल

जहाँ डूंडा सिवनी थाना पुलिस ने तत्परता और जागरूकता का परिचय दिया, वहीं सिवनी कोतवाली सहित अन्य थाना क्षेत्रों की निष्क्रियता पर नागरिकों ने नाराज़गी व्यक्त की है। नागरिकों का कहना है कि यदि शासन के आदेश सभी के लिए समान हैं, तो कार्रवाई भी सभी क्षेत्रों में समान रूप से होनी चाहिए

प्रशासनिक निष्क्रियता से यह संदेश जाता है कि कुछ क्षेत्रों में नियमों की अनदेखी हो रही है, जो कि न्याय और समानता के सिद्धांतों के विपरीत है।

धार्मिक स्थलों पर तकनीकी संतुलन की आवश्यकता

यह आवश्यक है कि धार्मिक स्थलों पर आस्था और श्रद्धा के साथ-साथ कानूनी मर्यादाओं और सामाजिक ज़िम्मेदारियों का पालन भी किया जाए। लाउडस्पीकर के उपयोग को नियंत्रित करते हुए ध्वनि सीमा का पालन करने की आवश्यकता है, ताकि न तो धार्मिक भावनाएँ आहत हों और न ही समाज के अन्य वर्ग प्रभावित हों।

धर्म का प्रचार-प्रसार शांति और सौहार्द के साथ होना चाहिए, न कि ध्वनि प्रदूषण के माध्यम से।

स्थानीय लोगों की सराहना और सहयोग

इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय नागरिकों, अभिभावकों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों ने डुण्डासिवनी थाना पुलिस की प्रशंसा की है। लोगों ने इसे आम जनजीवन के लिए राहतदायक कदम बताते हुए पुलिस को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया है।

इस प्रकार की कार्रवाइयाँ तभी प्रभावी होंगी जब जनभागीदारी, जागरूकता और प्रशासनिक इच्छाशक्ति का संतुलन कायम रहेगा।

आवश्यक है सतत निगरानी और नियमित निरीक्षण

इस कार्रवाई के बाद भी स्थायी समाधान के लिए लगातार निगरानी जरूरी है। ऐसे मामलों में केवल एक बार की कार्रवाई पर्याप्त नहीं होती, क्योंकि अक्सर देखा गया है कि कुछ समय बाद नियमों की अनदेखी होने लगती है।

इसलिए थाना पुलिस को चाहिए कि समय-समय पर निरीक्षण करते रहें, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं भी नियमों का उल्लंघन न हो।

सकारात्मक प्रशासनिक पहल की दिशा में एक अहम कदम

डूंडा सिवनीथाना पुलिस की यह कार्रवाई ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ एक मजबूत संदेश है। यह न केवल कानूनी दृष्टिकोण से उचित है, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत आवश्यक थी। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक शांति की रक्षा के लिए ऐसे कदम उठाना हर प्रशासन की जिम्मेदारी है।

हमें आशा है कि इस तरह की कार्रवाई अन्य थाना क्षेत्रों में भी की जाएगी और मध्यप्रदेश को एक शांतिपूर्ण और ध्वनि प्रदूषण मुक्त राज्य बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

सिवनी रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा: ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच गिरी बुजुर्ग महिला

सिवनी: आज दिनांक 30 जून, दोपहर लगभग 1 बजे, सिवनी रेलवे स्टेशन पर एक दर्दनाक लेकिन सौभाग्यपूर्ण घटना हुई। शहडोल से नागपुर की ओर जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन में चढ़ते समय एक बुजुर्ग महिला का पैर फिसल गया, जिससे वह प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच की खाई में गिर पड़ी। गनीमत यह रही कि ट्रेन उस समय प्लेटफॉर्म पर खड़ी थी और चलने नहीं लगी थी, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

प्रत्यक्षदर्शी डूंडासिवनी निवासी प्रभांश सोनी के अनुसार, श्री सोनी अपने ससुराल पक्ष के कुछ लोगों को लेने रेलवे स्टेशन गए हुए थे उसी समय उन्होंने देखा कि बुजुर्ग महिला ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रही थी तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ा और वह नीचे गिर गई। वह सीधे पटरियों और ट्रेन के बीच फंस गई। घटनास्थल पर मौजूद अन्य यात्रियों ने तेजी से प्रतिक्रिया करते हुए महिला को बाहर निकाला

बुजुर्ग महिला को खरोंचें आईं, लेकिन किसी भी प्रकार की गंभीर चोट नहीं लगी। इसके तुरंत बाद रेलवे कर्मियों को सूचना दी गई और महिला को प्राथमिक चिकित्सा दी गई।

यात्रियों की तत्परता और साहस बनी जीवन रक्षक

इस घटना में मौके पर मौजूद यात्रियों की सतर्कता और साहस काबिले-तारीफ रही। यदि वे कुछ पल भी देर करते, तो स्थिति भयावह हो सकती थी। यात्रियों ने बिना घबराए बुजुर्ग महिला को ट्रेन से बाहर निकाला और उनकी जान बचाई

यह घटना इस बात का प्रमाण है कि हम सभी को रेलवे स्टेशनों पर सतर्क रहने की आवश्यकता है। केवल रेलवे अधिकारियों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होता, आम जनता की तत्परता भी कई बार जिंदगियाँ बचा सकती है

यात्रियों के लिए आवश्यक सावधानियाँ

यात्रियों को चाहिए कि वे:

  • ट्रेन में चढ़ते समय जल्दबाजी न करें
  • बुजुर्ग और बच्चों को विशेष ध्यान दें
  • रेलवे स्टाफ की सहायता लें यदि आवश्यकता हो
  • भीड़भाड़ के समय सतर्क रहें और दूसरों की मदद के लिए तत्पर रहें

एक छोटी चूक से हो सकती है बड़ी दुर्घटना

सिवनी रेलवे स्टेशन पर हुई घटना एक चेतावनी है। यदि ट्रेन चल रही होती, तो परिणाम बहुत गंभीर हो सकता था। यह हम सभी के लिए एक जागरूकता का संदेश है – रेलवे स्टेशन पर थोड़ी सी भी असावधानी जानलेवा हो सकती है।

हमें न केवल खुद सतर्क रहना है बल्कि दूसरों की भी मदद करनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।