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सिवनी: सोनू पाराशर हत्याकांड, युवकों की अश्लील फोटो से ब्लैकमेलिंग बनी हत्या की वजह; पुलिस ने किया खुलासा

सिवनी — सिवनी जिले के बारापत्थर क्षेत्र में हुए सनसनीखेज पवन उर्फ सोनू पारासर हत्याकांड का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस जघन्य अपराध में पुलिस ने मुख्य आरोपी घनश्याम उर्फ नवीन प्रजापत (उम्र 19 वर्ष) को गिरफ्तार किया है, साथ ही दो विधि उल्लंघनकारी नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया है।

हत्या की पृष्ठभूमि: ब्लैकमेलिंग और पैसों की लालच बनी वजह

पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि कुछ अश्लील तस्वीरों को लेकर मृतक पवन पारासर, एक नाबालिग को ब्लैकमेल कर रहा था। यह जानकारी नाबालिग ने अपने मित्र घनश्याम प्रजापत को दी। इसके साथ ही मृतक के पास पैसों की जानकारी होने के कारण दोनों ने उसे मारने की साजिश रची।

ऐसे रची गई हत्या की साजिश

9 जुलाई 2025 की रात, पवन को एक नाबालिग ने बातचीत के बहाने अपने घर बुलाया। जैसे ही वह कमरे में पलंग पर बैठा, घनश्याम और दूसरा नाबालिग दोनों तरफ बैठ गए। अचानक घनश्याम ने धारदार चाकू से पवन की गर्दन पर हमला कर दिया। हमले के बाद उन्होंने 8-10 बार वार कर उसकी हत्या कर दी।

शव को छिपाने के लिए बनाई खौफनाक योजना

हत्या के बाद शव को घर के पीछे गड्ढे में डालकर पत्थरों से दबा दिया, ताकि किसी को शक न हो। खून को प्लास्टिक की बोतल में भरकर झाड़ियों में फेंक दिया गया और मृतक की स्कूटी व चाबी भी छिपा दी गई।

लूट के इरादे से भी की गई थी हत्या

मृतक के पास से करीब ₹7000 नकद बरामद हुए, जिससे आरोपी ने मकान मालिक को किराया चुकाया। नाबालिग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मृतक के घर में और पैसे होने की उम्मीद पर आरोपी घनश्याम ने उसकी चाबी से घर का ताला खोलने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो पाया।

गुमशुदगी से लेकर हत्या तक: पुलिस की सतर्कता लाई रंग

09 जुलाई की रात से ही पवन पारासर लापता था। परिजनों की शिकायत पर 10 जुलाई को कोतवाली सिवनी में गुम इंसान दर्ज किया गया। जांच में मानेगांव रोड के पास झाड़ियों में उसकी स्कूटी मिली। 12 जुलाई को एक गड्ढे में बुलबुले उठने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, जहां से शव बरामद हुआ।

संयुक्त टीम ने किया खुलासा

पुलिस अधीक्षक श्री सुनील मेहता के निर्देश पर एडिशनल एसपी दीपक मिश्रा के मार्गदर्शन में डूंडासिवनी और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। सीएसपी पूजा पांडे के निर्देशन में तकनीकी मदद से आरोपियों तक पहुंचा गया।

गिरफ्तार आरोपी:

  1. घनश्याम उर्फ नवीन प्रजापत, पिता मदनपाल प्रजापत (उम्र 19), निवासी लुंग्सा, थाना बंडोल, वर्तमान में किरायेदार मानेगांव चौक सिवनी। स्थायी निवासी – भामडाका, जिला अलवर (राजस्थान)
  2. दो विधि उल्लंघनकारी बालक – नाम गोपनीय

सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम:

डूंडासिवनी पुलिस टीम

निरीक्षक सतीश तिवारी, उनि मनोज जंघेला, सउनि बालकृष्ण त्रिगाम, सउनि संजय बघेल, प्र.आर. सुंदर श्याम तिवारी, जयेन्द्र बघेल, आर. नितेश राजपूत, कृष्णकुमार भालेकर, धनराज वरकडे, रघुराज यादव, विक्रम देशमुख, मिथलेश सूर्यवंशी, रवि धुर्वे, अंशुमन राजपूत, चंद्रदीप हिवारे

कोतवाली पुलिस टीम एवं अन्य सहायक स्टाफ

निरीक्षक किशोर बामनकर, उनि दयाराम शरणागत, प्र.आर. मुकेश गोडाने, अमित रघुवंशी, अंकित देशमुख, सुधीर डेहरिया, लोकेश इरफान, सउनि देवेद्र जायसवाल, आर. अजय बघेल (तकनीकी सहायता), फिंगर प्रिंट प्रभारी रितु उइके, सौमित्र उपाध्याय, बीडीएस टीम छिंदवाड़ा:

यह हत्याकांड ना केवल समाज को झकझोर देने वाला है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे नाबालिग उम्र में युवाओं का अपराध की ओर झुकाव खतरनाक रूप ले सकता है। सिवनी पुलिस की तत्परता और तकनीकी सक्षमता से इस गंभीर अपराध का पर्दाफाश कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

SEONI: बारापत्थर क्षेत्र में आवारा पशुओं का आतंक, वीआईपी जोन में जनजीवन प्रभावित

SEONI: सिवनी के वीआईपी जोन बारापत्थर क्षेत्र में इन दिनों आवारा पशुओं का आतंक लगातार बढ़ रहा है। सड़क पर दिनभर गायों और अन्य मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे न केवल यातायात प्रभावित हो रहा है, बल्कि स्थानीय निवासियों और पैदल चलने वालों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

यह विडंबना ही है कि शहर के सबसे प्रमुख और पॉश इलाकों में से एक बारहपत्थर, जहां शासकीय कार्यालय, प्रतिष्ठित दुकानें और आवासीय परिसर स्थित हैं, वहीं आवारा पशुओं की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। सड़क के बीचोबीच बैठे या घूमते ये पशु अक्सर यातायात बाधित करते हैं, जिससे छोटे-मोटे हादसे होने का खतरा भी बना रहता है। विशेषकर सुबह और शाम के समय, जब लोगों की आवाजाही अधिक होती है, यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में कई बार नगर पालिका प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। पशुओं को हटाने और उनके लिए उचित व्यवस्था करने की मांग लगातार की जा रही है, यहां के लोगों को इस समस्या से निजात मिल सके।

प्रशासन की उदासीनता के कारण सिवनी के हृदय स्थल पर ऐसी स्थिति उत्पन्न होना चिंता का विषय है। नागरिकों ने एक बार फिर प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की अपील की है।

सिवनी की कॉलोनियों में मुंह ढंके बाइकर्स पर सवाल: कहीं संदिग्ध गतिविधि का संकेत तो नहीं?

सिवनी: सिवनी शहर की विभिन्न कॉलोनी क्षेत्रों में मुंह पर कपड़ा बांधकर बाइक पर घूमने वाले लोगों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय बन गई है। नागरिकों को यह समझ नहीं आ रहा कि सामान्य परिस्थितियों में इस तरह मुंह ढकने की क्या आवश्यकता है, खासकर तब जब शहर में कोई विशेष धूल भरी आंधी या प्रदूषण का स्तर इतना अधिक न हो। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे लोग संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दे सकते हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

हाल के दिनों में, शाम के समय और देर रात को कॉलोनी की सड़कों पर ऐसे बाइक सवारों की आवाजाही देखी गई है जो अपने चेहरे को पूरी तरह से कपड़े से ढके रहते हैं। कई निवासियों ने अपनी पहचान छिपाने के इस तरीके को लेकर आपत्ति जताई है। उनका तर्क है कि अगर कोई व्यक्ति किसी वैध कारण से बाहर है, तो उसे अपना चेहरा छिपाने की क्या जरूरत है?

एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “हमने कई बार देखा है कि कुछ लड़के मुंह पर गमछा या रुमाल बांधकर हमारी कॉलोनी में घूमते रहते हैं। वे सिर्फ घूमते ही रहते हैं, किसी से बात नहीं करते और न ही किसी दुकान पर रुकते हैं। यह देखकर अजीब लगता है और मन में संदेह पैदा होता है कि कहीं ये लोग किसी गलत इरादे से तो नहीं घूम रहे।”

पुलिस प्रशासन से इस मामले में संज्ञान लेने और ऐसे संदिग्ध बाइक सवारों पर निगरानी रखने की अपील की जा रही है। नागरिकों का कहना है कि मुंह ढककर घूमने वाले लोग चोरी, लूटपाट या अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने से पहले अपनी पहचान छिपाने की कोशिश कर सकते हैं।

यह भी मांग की जा रही है कि पुलिस नियमित रूप से ऐसे क्षेत्रों में गश्त बढ़ाए जहां इस तरह की गतिविधियां देखी जा रही हैं। साथ ही, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले और संदिग्ध तरीके से घूमने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि सिवनी की कॉलोनियों में सुरक्षा और शांति बनी रहे।

सिवनी: सोनु पारासर हत्याकांड में डूंडासिवनी पुलिस जल्द करेगी खुलासा, मुख्य संदिग्ध हिरासत में

सिवनी: सिवनी के डूंडासिवनी थाना क्षेत्र में पवन उर्फ सोनु पारासर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब हत्या में बदल गया है। पुलिस ने इस मामले में मानेगांव निवासी घनश्याम प्रजापति (19) को मुख्य संदिग्ध के तौर पर हिरासत में लिया है, जिसने कथित तौर पर चाकू मारकर सोनु की हत्या की बात कबूल कर ली है। इस घटना में दो किशोरों की संलिप्तता भी सामने आई है, जिनसे पूछताछ जारी है।

घटनाक्रम का विवरण:

9 जुलाई 2025: थाना कोतवाली में पवन उर्फ सोनु पारासर के गुमशुदा होने की सूचना दर्ज कराई गई थी।

10 जुलाई 2025: गुमशुदा की स्कूटी मानेगांव रोड पर झाड़ियों में अस्त-व्यस्त हालत में मिली।

11 जुलाई 2025: मानेगांव में एक पानी से भरे गड्ढे में एक शव मिलने की सूचना मिली। डूंडासिवनी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव की पहचान सोनु पारासर के रूप में की। पंचनामे के दौरान मृतक के गले और सिर पर चाकू के घाव पाए गए, जिससे प्रथम दृष्टया यह हत्या का मामला प्रतीत हुआ।

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। स्थानीय पुलिस थाना ने घटनाक्रम की सूक्ष्मता से जांच की और एक विशेषज्ञ टीम से भी परीक्षण कराया।

जांच और संदिग्धों की गिरफ्तारी:

पुलिस ने मृतक के साथ उठने-बैठने वाले कुछ युवकों को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान मानेगांव निवासी घनश्याम प्रजापति (उम्र 19 साल, पिता मदनपाल प्रजापति) ने चाकू से सोनु की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली है। इस हत्याकांड में दो अन्य नाबालिग किशोरों की संलिप्तता भी पाई गई है, जिनसे पुलिस गहन पूछताछ कर रही है।

मृतक सोनु पारासर का शव पोस्टमार्टम के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस का कहना है कि हत्या के कारणों का जल्द ही खुलासा किया जाएगा।

पुलिस हिरासत में संदिग्ध आरोपी:

घनश्याम प्रजापति पुत्र मदन पाल प्रजापति, उम्र 19 साल, निवासी मानेगांव, थाना डूंडासिवनी

दो नाबालिग किशोर (पहचान उजागर नहीं) डूंडासिवनी पुलिस ने आश्वासन दिया है कि इस मामले की पूरी सच्चाई जल्द ही सामने लाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सिवनी का लापरवाह विद्युत विभाग: खुला पड़ा फ्यूज बॉक्स दे रहा हादसे को दावत

सिवनी। नगर के हरिदर्शन नगर कॉलोनी, नागपुर रोड स्थित ट्रांसफार्मर के नीचे लगा फ्यूज बॉक्स विभाग की लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बन चुका है। खुला पड़ा यह फ्यूज बॉक्स न सिर्फ स्थानीय रहवासियों के लिए खतरा बना हुआ है, बल्कि राहगीरों और बच्चों के लिए भी गंभीर हादसे का कारण बन सकता है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि फ्यूज बॉक्स काफी समय से खुला हुआ है, लेकिन विद्युत विभाग की इस ओर कोई नजर नहीं है। हैरानी की बात तो यह है कि आज ही विद्युत ठेकेदार मौके पर आकर मीटर बॉक्स को फ्यूज बॉक्स के किनारे लगा कर चले गए, लेकिन फ्यूज बॉक्स की स्थिति को नजरअंदाज कर दिया।

फ्यूज बॉक्स के तारों को असावधानीपूर्वक जोड़ना खतरे को और बढ़ा रहा है। अब यह बॉक्स पहले से भी ज्यादा खुल चुका है। यह स्थिति कॉलोनीवासियों के लिए चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि यह बॉक्स रोड पर लगा हुआ है और उसके आस-पास बच्चे खेलते रहते हैं। साथ ही, कॉलोनी में लगातार लोगों की आवाजाही भी बनी रहती है।

अगर कोई बच्चा या राहगीर इस खुले फ्यूज बॉक्स से टकरा गया, तो गंभीर हादसा हो सकता है। क्षेत्रवासियों ने कई बार विभाग को इसकी जानकारी देने की कोशिश की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

स्थानीय प्रशासन और विद्युत विभाग से मांग है कि जल्द से जल्द इस लापरवाही को दूर किया जाए और फ्यूज बॉक्स को सही ढंग से बंद किया जाए, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।

एक छोटी सी लापरवाही किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है, प्रशासन समय रहते चेत जाए तो बेहतर होगा।

सिवनी: सोनू पाराशर की हत्या, संदिग्ध हालात में मिला शव; राजनीतिक परिवार से है संबंध

Murder In Seoni: शहर के बारापत्थर क्षेत्र के निवासी और राजनीतिक परिवार से जुड़े पवन उर्फ सोनू पाराशर का शव मानेगांव के समीप एक गड्ढे में संदिग्ध अवस्था में बरामद हुआ। दो दिन से लापता चल रहे सोनू का शव शुक्रवार दोपहर मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है, जिस पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

डूंडासिवनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस मामले की जानकारी मिलते ही डूंडासिवनी थाना प्रभारी सतीश तिवारी और कोतवाली थाना प्रभारी किशोर बामनकर मौके पर पहुंच गए और जांच शुरू कर दी। घटनास्थल पर दोनों थानों की पुलिस टीम पहुंचकर आवश्यक साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।

दो दिन से थे लापता, स्कूटी पहले मिली, फिर शव

पुलिस सूत्रों के अनुसार, शास्त्री वार्ड निवासी सोनू पाराशर (उम्र लगभग 45 वर्ष) को आखिरी बार मंगलवार रात मानेगांव क्षेत्र में कुछ लोगों के साथ स्कूटी पर देखा गया था। इसके बाद से वह लापता हो गए। परिजनों और स्थानीय लोगों ने उनकी खोजबीन शुरू की लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।

गुरुवार को उनकी एक्टिवा स्कूटी मानेगांव की झाड़ियों के पास खड़ी मिली, जिससे आशंका और गहराने लगी। इसके बाद शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे पास के एक गड्ढे में भारी बारिश का पानी भरा होने के चलते तलाशी अभियान चलाया गया। जब गड्ढे से पानी बाहर निकाला गया, तब उसमें सोनू पाराशर का शव दिखाई दिया।

पत्थर बांधकर हत्या की आशंका

शव की स्थिति को देखते हुए यह स्पष्ट होता है कि सोनू की हत्या कर शव को गड्ढे में छिपाया गया। सूत्रों की मानें तो शरीर में पत्थर बांधकर उसे डुबोया गया था, ताकि शव बाहर न आ सके। पुलिस ने इस घटना को प्रथम दृष्टया हत्या मानते हुए मामला दर्ज कर लिया है।

परिजनों का बुरा हाल, इलाके में तनाव

सोनू पाराशर का शव मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। पूरे क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोग इस घटना को लेकर स्तब्ध हैं और जल्द से जल्द हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आसपास के CCTV फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल्स, और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर सुराग तलाशने में जुटी हुई है।

MP POLICE BHARTI 2025: पेपर में धांधली और लीक रोकने के लिए म.प्र. पुलिस का मंथन जारी

भोपाल (मध्य प्रदेश): कांस्टेबल भर्ती परीक्षा-2023 में हुए घोटाले के बाद, मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय इस बार की भर्ती प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में जुट गया है। परीक्षा में किसी भी तरह की धांधली या लीक को रोकने के लिए इस बार बेहद सख्त तैयारियाँ की जा रही हैं। यह जानकारी गुरुवार को अधिकारियों द्वारा दी गई।

सूत्रों के अनुसार, आगामी महीनों में विभिन्न संवर्गों और रैंकों के लिए लगभग 8,500 पदों पर भर्ती की जानी है। इसके लिए चयन और भर्ती से जुड़े अधिकारी एक विशेष चेकलिस्ट तैयार कर रहे हैं, जिसे मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (ESB) द्वारा आयोजित होने वाली परीक्षा में लागू किया जाएगा।

आधार विवरण और दस्तावेज़ों का होगा गहन सत्यापन

चेकलिस्ट में उम्मीदवारों के आधार अपडेट का पूरा इतिहास, लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षण और जॉइनिंग के समय का सत्यापन शामिल होगा। हालांकि, इन कड़े नियमों के कारण सत्यापन प्रक्रिया लंबी हो सकती है, जिससे उम्मीदवारों को थोड़ी परेशानी उठानी पड़ सकती है।

बता दें कि 2023 की कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में आधार कार्ड में भारी हेरफेर के मामले सामने आए थे। स्थिति इतनी गंभीर थी कि बायोमेट्रिक जांच और परीक्षा केंद्रों पर स्टाफ की मौजूदगी के बावजूद, एक व्यक्ति कथित तौर पर छह अलग-अलग उम्मीदवारों की जगह परीक्षा देने में सफल रहा।

एडीजी सोनाली मिश्रा ने दिए निर्देश

एडीजी (भर्ती एवं चयन) सोनाली मिश्रा ने बताया कि विभाग की योजना है कि ESB से उम्मीदवारों का पूरा डेटा लिया जाए और उसका वर्तमान एवं पूर्व परीक्षा डेटा से मिलान किया जाए। उन्होंने बताया, “कई बार ऐसा देखा गया है कि कोई उम्मीदवार एक परीक्षा में दिव्यांग श्रेणी में होता है और दूसरी परीक्षा में सामान्य श्रेणी में।”

उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस यह भी जाँच कर रही है कि रैकेट चलाने वाले गिरोह दूसरे राज्यों और परीक्षाओं में कौन-कौन से हथकंडे अपनाते हैं।

UIDAI से मांगी गई अतिरिक्त सुरक्षा

चूंकि हालिया भर्ती घोटाले में आधार सुरक्षा की गंभीर चूक सामने आई है, इसलिए पुलिस ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) से संपर्क कर अधिक सुरक्षा उपायों और सख्त दिशा-निर्देशों की माँग की है। अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा प्रक्रिया में आधार सत्यापन को और मजबूत बनाने के लिए तकनीकी सहयोग और नई गाइडलाइन लागू करने की तैयारी है।

सिवनी: उपचुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद जिलाध्यक्ष खुराना के इस्तीफे की मांग तेज

सिवनी: सिवनी कांग्रेस में दशकों से अध्यक्ष पद पर काबिज राजकुमार खुराना के खिलाफ असंतोष और गुटबाजी अब अपने चरम पर पहुंच गई है। हाल ही में हुए नगर पालिका परिषद के उपचुनाव में एक वार्ड से मिली करारी हार के बाद कार्यकर्ताओं का एक बड़ा वर्ग उनसे तत्काल इस्तीफे की मांग कर रहा है, जिसके चलते पार्टी के भीतरखाने भूचाल आ गया है।

कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कांग्रेस की लगातार हार और संगठन में व्याप्त निष्क्रियता तथा गुटबाजी का सीधा परिणाम हालिया उपचुनाव की शर्मनाक हार है। एक युवा कार्यकर्ता ने तीखे शब्दों में अपनी भड़ास निकालते हुए कहा, “जब पार्टी लगातार हार रही हो और संगठन में असंतोष हो, तो नेतृत्व को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। खुराना जी को अब पद छोड़ देना चाहिए ताकि पार्टी नए सिरे से काम कर सके।”

सांगठनिक निष्क्रियता और गुटबाजी बनी हार का कारण

कार्यकर्ताओं का मानना है कि जिलाध्यक्ष खुराना की दशकों पुरानी “मोनोपोली” और गुटबाजी को बढ़ावा देने की प्रवृत्ति ने पार्टी को आंतरिक रूप से खोखला कर दिया है। नाम न छापने की शर्त पर एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने बताया, “जिलाध्यक्ष सिर्फ अपने गुट के लोगों को तरजीह देते हैं, जिससे मेहनती और समर्पित कार्यकर्ताओं की उपेक्षा होती है। इसका सीधा असर पार्टी के जनाधार पर पड़ रहा है।”

उपचुनाव में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष की पौत्र वधू के उस वार्ड से, जहां जय किशोर वर्मा जैसे दिग्गज लंबे समय तक पार्टी के स्तंभ रहे हैं, केवल दो-ढाई सौ वोट मिलने पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह कांग्रेस पदाधिकारियों की मेहनत पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न है। “क्या कांग्रेस के पदाधिकारियों ने सिर्फ 200 वोट के लायक ही मेहनत की?” एक कार्यकर्ता ने सवाल उठाया।

समीक्षा बैठक की मांग और भविष्य की चुनौती

कार्यकर्ताओं द्वारा इस हार की समीक्षा बैठक बुलाने की भी पुरजोर मांग की जा रही है। उनका कहना है कि पार्टी को अपनी गलतियों से सीखना होगा और भविष्य की रणनीति पर काम करना होगा।

कार्यकर्ताओं द्वारा इस हार की समीक्षा बैठक बुलाने की भी पुरजोर मांग की जा रही है। उनका कहना है कि पार्टी को अपनी गलतियों से सीखना होगा और भविष्य की रणनीति पर काम करना होगा।

हालांकि, इस पूरे मामले पर जिलाध्यक्ष राजकुमार खुराना की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। सिवनी कांग्रेस में चल रही यह उठा-पटक पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस आलाकमान इस आंतरिक कलह से निपटने के लिए क्या कदम उठाता है और क्या खुराना पर इस्तीफे का दबाव और बढ़ता है या नहीं।