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राज्य स्तरीय कबड्डी टूर्नामेंट : बाबूराव चंदेरे सोशल फाउंडेशन, शिवशक्ति की टीमों ने जीते खिताब

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मुंबई: बंद्या मारुति सेवा मंडल द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय कबड्डी टूर्नामेंट में पुरुष वर्ग में नांदेड़ के बाबूराव चंदेरे फाउंडेशन ने खिताब जीता, जबकि महिला वर्ग में मुंबई शहर के शिव शक्ति संघ ने खिताब जीता. स्वस्तिक के आकाश रुडले मेन्स प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे। इसलिए, शिवशक्ति को महिलाओं में टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनने की उम्मीद थी।

नहीं एम। बाबूराव चंदेरे सोशल फाउंडेशन ने श्रमिक जिमखाना, जोशी मार्ग में आयोजित पुरुषों के फाइनल में उपनगरीय स्वस्तिक मंडल को 35-19 से आसानी से हराकर खिताब पर कब्जा कर लिया। बाबूराव चंदेरे सोशल फाउंडेशन की टीम ने आक्रामक शुरुआत की और पहले कुछ मिनटों में ही 10-01 की बढ़त ले ली।

लेकिन, इसके बाद स्वास्तिक ने भी इसका करारा जवाब देते हुए इस अचार को अदा कर बढ़त को 11-12 कर दिया. हाफटाइम तक फाउंडेशन 15-13 से आगे था। दूसरी पारी में बाबूराव चंदेरे सोशल फाउंडेशन ने अपने खेल को आगे बढ़ाया और स्वास्तिक पर दो और अचार डाले। बाबूराव चंदेरे सोशल फाउंडेशन ने दूसरी पारी में जहां 23 अंक बनाए, वहीं स्वास्तिक सिर्फ छह अंक हासिल करने में सफल रहे।

महिलाओं के फाइनल में मुंबई की शिव शक्ति महिला टीम ने उपनगर की महात्मा गांधी स्पोर्ट्स को 39-18 से आसानी से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। तेज चाल और मजबूत ग्रिप बनाकर शिवशक्ति ने पहले हाफ में प्रतिद्वंद्वी पर 31-09 की मजबूत बढ़त बना ली। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से भरे शिवशक्ति ने मैच को अपने पक्ष में कर लिया।

सिवनी: बरघाट जनपद में बेखौफ होकर किया गया हरे भरे पेड़ो का कत्लेआम

धारनाकला (एस.शुक्ला): बरघाट जनपद के अन्तर्गत आने वाली ग्राम पंचायत जनमखारी मे नियमो को ताक पर रखते हुऐ थोक के भाव मे हरे भरे पेड़ो का कत्लेआम बेखौफ होकर कर दिया गया किन्तु इस और ध्यान वाला कोई नही है.

एक तरफ सरकार करोडो रूपये वृक्षारोपण के नाम पर खर्च कर ही है किन्तु जो खुलेआम शासन प्रशासन की नाक के नीचे हरे भरे पेडों का दोहन कर रहे है उन पर ठोस कार्रवाई नही इससे अन्दाजा लगाया जा सकता है सारी योजनाए और नीति कागज़ तक ही सिमटकर रह गई है.

उल्लेखनीय है की तहसीलदार बरघाट को दिये गये आवेदन मे धर्मेन्द्र पटले एवं देवेन्द्र पटले ने आरोप लगाया है की ग्राम पंचायत जनमखारी सरपंच के द्वारा उनकी निजी भूमि स्वामी हक भूमि खसरा नम्बर 175 176 178/1 177/1 180 रकबा कृमशः 0,07 0,25 0,28 4,60 0,19 हेक्टेयर मे आवेदक के द्वारा वन विभाग उद्यानिकी विभाग से एवम निजी रूप से वृक्षो की खरीदी कर अपनी निजी भूमि मे वृक्षो का पालन पोषण किया गया है

सिवनी: बरघाट जनपद में बेखौफ होकर किया गया हरे भरे पेड़ो का कत्लेआम

जो आज से तीस चालीस वर्ष पूर्व से लेकर आज तक लगभग 150 वृक्ष तैयार किये थे जिसमे बडे पेड़ो के रूप मे बेर पलाश इमली नीम तथा आम सागौन के अतिरिक्त फलदार वृक्ष जिनकी कुल सख्या 150 के लगभग है भूमि स्वामी को बिना सूचना दिये दुर्भावना से रहित होकर कटवा दिये गये

जिससे आवेदक को भारी छति के सामना करने के साथ ही हरे भरे और फलदार वृक्षो से भी वंचित होना पडा है तथा फलदार वृक्ष के कत्लेआम के साथ ही दुर्भावना से रहित होकर तथा अपने पद का दुरूपयोग करते हुऐ आवेदक कृषक को जो प्रति वर्स अपने खेत मे लगे वृक्ष से आय अर्जित कर जीविका चला रहा था

उसकी आय अधिकार का दोहन भी पंचायत के द्वारा कर दिया गया क्योकि खेत मे लगे बेर एवं पलाश के वृक्ष मे लाख की खेती कर आवेदक किसानो के द्वारा जीविका भी चलाई जाती थी किन्तु पद के अभिमान और गरूर तथा दुर्भावना के चलते किसान को छति पहूचाने के साथ ही हरे भरे सैकड़ो वृक्षो को उजाड़ा गया है

आवेदको ने की पद से पृथक करने की मांग

तहसीलदार बरघाट को प्रस्तुत आवेदन मे आहत किसानो के द्वारा मध्य प्रदेश ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40के अन्तर्गत सरपंच को पद से पृथक किये जाने के साथ ही छति पूर्ति दिलाये जाने की मांग की है चूकि सरपंच के द्वारा नियमो के विपरीत दुर्भावना से रहित होकर आवेदक किसानो को छति पहुंचाई गई है

शिकायत मे यह भी उल्लेख किया गया है की सरपंच एवम पंचायत के द्वारा स्वच्छता अभियान का हवाला देते हुऐ जान बूझकर आवेदक किसानो को छति पहुचाने की नियत से हरे भरे वृक्षो को निर्ममता से कटवा दिया गया है जो पद के दुरूपयोग की श्रेणी मे आता है और यह अपराधिक कृत्य की श्रेणी मे भी आता है जिस पर ठोस कार्रवाई का होना नितांत जरूरी है

बिना अनुमति के कैसे काटे गए पेड़

यहां यह भी उल्लेखनीय है की स्वय के पेड काटने में भी सम्बंधित विभाग से अनुमति लेनी होती है किन्तु बरघाट जनपद की इस पंचायत मे। बिना अनुमति और नियम के ही किसानो के खेत मे लगे सैकड़ो पेड़ो का सफाया कर दिया गया जिसमे अब तक न ही हल्के कै पटवारी द्वारा प्रकरण बनाया गया और न ही अब तक समबधितो के द्वारा कोई कार्रवाई की गई ऐसी स्थिति मे जवाबदारो इस प्रकरण के प्रति चुप्पी साधे रखना अनेको सन्देह को जन्म देता है

इनका कहना
आवेदन पर जांच कराईं जा रही है जाच के बाद दोषी पाये जाने पर कार्रवाई की जायेगी
तहसीलदार रिनाहिते तहसील बरघाट

सिवनी: राशन आवंटन मे फिर हुई जमकर कटौती, गायब हो गयी गरीब की थाली से रोटी

धारनाकला (एस.शुक्ला): गरीबो को प्रदाय किये जाने वाले राशन आवंटन मे फिर एक बार जमकर कटौती की गई है जिससे राशन वितरण अब सेल्समैन के लिये सिर दर्द साबित हो रहा है यह कटौती कोई इसी माह की नही है लगातार तीन माह से राशन दुकानो का आवंटन जमकर काटा जा रहा है कार्ड धारी और सदस्य सख्या के अनुपात से आधा राशन भी राशन दुकानो मे नही पहुच रहा है ऐसी स्थिति मे गरीबो को कैसे राशन वितरण हो पाएगा यह समझ से परे है.

जनवरी मे भी नही हुआ आवंटन

उल्लेखनीय है की लगातार तीन माह भरपूर कटौती किये जाने के बाद माह जनवरी के राशन आवंटन मे भी कटौती करते हुऐ राशन दुकानो को जो राशन प्रदाय किया गया है उसमे 25 प्रतिशत ही राशन कार्ड धारियो को अनाज का वितरण हो पायेगा और लडाई झगडे की स्थिति भी निर्मित हो जायेगी

चूकि सरकार द्वारा घोषणा तो कर दी गई की गरीबो को एक वर्ष तक मुफ्त राशन प्राप्त होगा किन्तु क्या हकीकत मुफ्त राशन के पीछे राशन दुकानो को पर्याप्त राशन कार्ड और सदस्य सख्या के अनुपात से प्रदाय किया जा रहा है यह हकीकत जानने की फुर्सत किसे के पास नही है

जबकि राशन दुकानो के विक्रेताओ का कहना है की प्रति माह पीओएस मशीन से 95 से 96 प्रतिशत राशन का वितरण आनलाइन किया जा रहा है, बावजूद इसके लगातार तीन माह से राशन के आवंटन मे भारी कटौती की जा रही है.

जबकि इस सम्बंध मे राशन दुकान के विक्रेताओ के द्वारा माह दिसम्बर मे भी राशन मे की गई कटौती को लेकर जिला कलेक्टर एस डी एम एवं फुड विभाग को आवेदन प्रस्तुत किया गया था एवं राशन आवंटन मे सुधार की मांग की गई थी लेकिन राशन आवंटन मे सुधार तो दूर जनवरी 2023 के राशन आवंटन मे पुनः भारी कटोती कर दी गई जिससे सरकार के घोषणा के अनुसार कैसे राशन वितरण होगा यह समझ से परे है.

पीओएस मशीन पर लगा प्रश्न चिन्ह

यहा यह भी उल्लेखनीय है की जिले की सभी राशन दुकानो मे राशन का वितरण पी ओ एस मशीन से आनलाइन किया जा रहा है किन्तु मशीन मे स्टाक का पूर्ण रूप से न घटना भी राशन विक्रेताओ के लिये समस्या बनी हुई है चूकि विक्रेताओ का आरोप है की आनलाइन वितरण के बाद भी मशीन मे सैकड़ो क्विंटल अनाज का स्टाक शो हो रहा है.

यही बात फ़ूड विभाग के आला अधिकारी भी कह रहे की पी ओ एस मशीन मे स्टाक होने के कारण राशन आवंटन मे कटौती हुई है और राशन आवंटन भोपाल से ही तय होता है जिले से राशन आवंटन के सम्बंध मे कुछ नही होता

गायब हो गयी गरीब की थाली से रोटी

यहा यह भी उल्लेखनीय है की राशन दुकानो मे लगातार छै माह से गेंहू नहीं पहुच रहा है जिससे गरीबो की थाली से रोटी लगभग गायब सी हो गई है और छै माह से गरीबो को राशन दुकानो से चावल का ही वितरण हो रहा है जब इस सम्बंध मे राशन विक्रेताओ से जानकारी ली गई तो उनके द्वारा बताया गया की अन्त्योदय पीले कार्ड पर ही गेंहू मिल रहा है

किन्तु अन्त्योदय कार्ड सख्या के अनुपात से भी गेंहू का आवंटन नही मिल रहा है बमुश्किल एक से डेढ क्विंटल गेहू राशन दुकानो मे आ रहा है जो बमुश्किल से अन्त्योदय पीले कार्ड धारियो को तीन से चार किलो दिया जा सकता है चूकि प्रति माह राशन कार्ड धारी गेहू की मांग करते है किन्तु गेहू का आवंटन ही नही मिलता तो कहा से गेहू का वितरण करे

वही दूसरी तरफ राशन दुकानो से गेहू के नदारद होने के बाद से बाजार मे भी गेहू के दाम आसमान छू रहे है और गरीब बाजार से इतना महंगा गेहू नही खरीद पा रहे है और गरीब की थाली से रोटी लगभग गायब सी हो गई है

क्या सही मे राशन की काला बाजारी बडे स्तर पर है क्योकि राशन दुकानो के लगातार अनाज आवंटन मे कटोती से यह कहना भी गलत नही होगा की राशन का उच्च स्तरीय खेल बडे पैमाने पर है जिस पर किसी का ध्यान नही है और यही कारण है बडे पैमाने के खेल मे निचले स्तर का कर्मचारी बुरी तरह पिस रहा है

MP NEWS: युवक खाना खाकर सोया फिर उठा ही नहीं; हार्ट अटैक से तीन दिन में दूसरी मौत

इस कडाके की ठंड में खुदका बचाव अत्यधिक जरूरी है, मध्यप्रदेश के गुना में तीन दिनों के भीतर 2 युवक हार्ट अटैक की वजह से अपनी जान से हाथ धो बैठे है, इससे पहले बीते बुधवार को गुना के ही एक 26 वर्षीय युवक को बीच रास्ते में ही हार्ट अटैक आया जिसकी वजह से उसकी जान चले गयी.

आज यानी शनिवार-रविवार की दरमियानी रात्री के समय 28 वर्षीय युवक अपने घर में खाना खाकर सोया और रात में ही उन्हें हार्ट अटैक आया युबक को तुरंत ही अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉ ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. रविवार को युवक के शव का PM किया गया।

मध्यप्रदेश के गुना शहर के श्रीराम कॉलोनी के रहवासी राजकुमार कोरी पुट्टी की खरीदी बिक्री करने वाली एक कंपनी में मेनेजर थे, इनके परिवार में माता-पिता के साथ पत्नी और दो बच्चे भी हैं, युवक का एक भाई पुलिस विभाग में कार्यरत है।

परिवार जनों से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार रात लगभग 10 बजे के आसपास वह घर पहुंचे और घर आने के बाद खाना पीना कर सो गए, फिर रात करीब 1:30 बजे के समीप सीने में तेज दर्द उठा उनकी पत्नी ने माता पिता को जगाया जिसके बाद तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। परिवार वालों को इतना समय भी नहीं मिल पाया कि उनका इलाज करा सकते।

शहर में तीन दिन में दो युवकों की हार्ट अटैक से मौत

बुधवार को हनुमान कॉलोनी में रहने वाले एक युवक मधुर तिवारी जिनकी उम्र महज 26 वर्ष थी उनकी भी हार्ट अटैक से मौत हो गयी थी। युवक को इतना समय भी नहीं मिल पाया कि अस्पताल पहुंचकर उसका इलाज हो सकता, सुबह ऑफिस पहुंचने के बाद ऑफिस के साथियों के साथ चाय पीने के लिए चाय की दूकान की तरफ निकले थे

पर चाय तो छोडिए चाय की दूकान तक भी नही पहुँच पाए उससे पहले ही युवक को दर्द हुआ और वह जमीन पर बैठ गया। साथी उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक युवक की मौत हो चुकी थी। डेढ़ वर्ष पहले ही उनकी शादी हुई थी, उनकी पत्नी प्रेग्नेंट हैं।

Jharkhand School Closed: झारखंड में 14 जनवरी तक स्कूल बंद, ठंड की वजह से सरकार ने लिया फैसला

Jharkhand School Closed: झारखण्ड में 14 जनवरी तक स्कूल बंद, ठंड की वजह से सरकार ने लिया फैसला

झारखंड में तीव्र शीतलहर की वजह से स्कूलों में कक्षा KG से 5 तक के छात्रों के 14 जनवरी 2023 तक बंद रहेंगे। जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार, झारखंड के स्कूल 14 जनवरी, 2023 तक बंद रहेंगे।

‘राजस्थानी मांगे राजभाषा’ हैशटैग ने ट्विटर पर मचाया कोहराम: एकजुट हुए लाखों युवा, 5 शहरों में हुए 10 से ज्यादा कार्यक्रम

‘राजस्थानी मांगे राजभाषा’ आज रविवार सुबह से ही ट्विटर के ट्रेंडिंग पेज पर नजर आ रहा है, राजस्थान के लोग अब पूरी तरह से राजस्थानी भाषा को मान्यता और उससे पहले राजस्थान सरकार से राजभाषा घोषित करवाने के संघर्ष शुरू कर दिया है। इस खबर में सबसे बड़ी बात तो यह है कि मात्र 4 महीनो में राजस्थान के युवाओं ने इस मुहीम को इतना आगे बढ़ा दिया है कि अब यह मुहीम एक आंदोलन का रूप ले चुकी है.

एक लाख से अधिक लोगों की मांग “राजस्थानी मांगे राजभाषा”

समाचार लिखे जाने तक एकत्रित हुई जानकारी के अनुसार राजस्थानी युवा समिति से लगभग एक लाख से अधिक लोग जुड़े है जिनमे अधिकतर युवा ही शामिल है समिति के लोग ही राजस्थानी मांगे राजभाषा की मांग तेज कर रहे है जिसे अनेकों वर्षों से लगातार ही अटकाया जा रहा है।

सरकार से समिति ने अपील करते हुए कहा कि राजस्थानी भाषा को यदि मान्यता मिलती है तो कितना फायदा ही फायदा है इसमें किसी भी परकार का कोई नेगेटिव पॉइंट नहीं है जिसके बाद भी इसे अटकाया जा रहा है.

राजस्थानी युवा समिति के अध्यक्ष अरुण राजपुरोहित ने जानकारी देते हुए बताया कि हर दिन राजस्थान के युवा से लेकर बुगुर्गों तक लोग खुद ही इस आंदोलन से जुड़ने के लिए चले आ रहे है.

इस बजट सत्र में मिले राजभाषा का दर्जा

राजस्थानी युवा समिति के राष्ट्रीय सलाहकार राजवीर सिंह चलकोई ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार बजट सत्र में राजस्थान सरकार को राजस्थानी भाषा को राजभाषा का दर्जा देने की घोषणा करनी चाहिए, राजस्थानी युवा समिति द्वारा इस आंदोलन को 4 महीने पहले शरद पूर्णिमा के दिन से शुरू किया गया था और अब यदि सरकार इस आंदोलन को हलके में ले रही है तो समिति द्वारा आंदोलन का और उग्र किया जाएगा।

एक नजर में राजस्थानी युवा समिति का आंदोलन

  • – 1 सितम्बर 2022 से मुहिम की शुरुआत की।
  • – हेलो मायड़ भासा रो कार्यक्रम के जरिए कई शहरों में कॉलेज व शिक्षण संस्थाओं में कार्यक्रम किए।
  • – 28 हजार से ज्यादा औपचारिक सदस्य बनाए।
  • – यह सदस्य ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों पद्धति से बनाए गए।
  • – पांच शहरों में 10 से ज्यादा छोटे-बड़े कार्यक्रम हो चुके हैं।

राजस्थानी युवा समिति द्वारा 9 जनवरी को जयपुर में कैंडल मार्च

हेलो मायड़ भाषा रो कार्यक्रम के तहत सोमवार को शाम 6 बजे से जयपुर के शहीद स्मारक से कैंडल मार्च निकाला जाएगा, जिससे राजस्थानी भाषा के प्रति सरकार का ध्यान खींचा जा सके। पहले राजस्थान सरकार से राजभाषा का दर्जा और इसके बाद केंद्र सरकार से पूर्ण मान्यता का अधिकार के लिए यह समिति संघर्ष कर रही है।

Web Title: Hashtag ‘Rajasthani Mange Rajbhasha’ created furore on Twitter: Lakhs of youth united, more than 10 programs held in 5 cities

Delhi Fire: दिल्ली में ओखला फेज-1 में एक इलेक्ट्रिक फैक्ट्री में लगी भीषण आग

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Delhi Fire: दिल्ली में ओखला फेज-1 में एक इलेक्ट्रिक फैक्ट्री में आग लग गई है। मौके पर दमकल की गाड़ियां पहुंच गई हैं, आग पर काबू पा लिया गया है।

दिल्ली के ओखला फेज 1 इलाके में रविवार को एक फैक्ट्री में आग लग गई. शुरुआती जानकारी के अनुसार, अग्निशमन विभाग को दोपहर करीब 12:30 बजे घटना की सूचना दी गई और आग बुझाने के लिए दमकल की 16 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया।

अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। अधिकारियों ने जानकारी दी है कि फैक्ट्री के अंदर कोई फंसा नहीं है.

IPL 2023: आईपीएल से बाहर होने के बाद भी ऋषभ पंत को मिलेगी पूरी सैलरी, जानिए क्यों

टीम इंडिया के स्टार विकेटकीपर ऋषभ पंत का कुछ दिन पहले कार एक्सीडेंट हो गया था। उसके बाद चोटिल ऋषभ की मुंबई में लिगामेंट इंजरी की सर्जरी हुई है. 

जानकारों की राय है कि सर्जरी के बाद उन्हें मैदान पर वापसी करने में 6 महीने से ज्यादा का समय लग सकता है। यानी पंत आईपीएल 2023 में खेलते नजर नहीं आएंगे। अब सवाल यह है कि अगर पंत आईपीएल नहीं खेलते हैं तो क्या उन्हें 16 करोड़ रुपये मिलेंगे?

दिल्ली कैपिटल्स जिस कीमत पर आईपीएल 2023 के लिए खिलाड़ी को रिटेन करेगी, उसे पूरा भुगतान किया जाएगा। लेकिन यह पैसा फ्रेंचाइजी नहीं, बल्कि बीसीसीआई देगी।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई इस मुश्किल घड़ी में ऋषभ पंत के साथ खड़ा है। बीसीसीआई ने न केवल उनके इलाज का सारा खर्च वहन करने का फैसला किया है, बल्कि उनके व्यावसायिक हितों की रक्षा के लिए भी फैसला किया है। 

हालांकि पंत इस साल आईपीएल में नहीं खेल रहे हैं, लेकिन बीसीसीआई उनकी 16 करोड़ रुपये की आईपीएल सैलरी दिल्ली कैपिटल्स से पूरी करेगी। इतना ही नहीं, केंद्रीय अनुबंध के तहत मिलने वाले वार्षिक रिटेनरशिप शुल्क के लिए बोर्ड 5 करोड़ रुपये का एकमुश्त भुगतान भी करेगा। क्योंकि पंत अगले 6 महीने क्रिकेट से दूर रहेंगे।

पंत को IPL की पूरी सैलरी देगी BCCI

अब सभी के मन में सवाल है कि क्या पंत को दिल्ली कैपिटल्स ने 16 करोड़ रुपये में खरीदा। साथ ही अगर उन्हें आईपीएल 2023 के लिए रिटेन किया गया तो बीसीसीआई पंत की आईपीएल सैलरी क्यों देगी? तो इसका कारण एक नियम है। दरअसल, सभी केंद्रीय अनुबंधित खिलाड़ियों का बीमा होता है। 

बीसीसीआई के नियमों के मुताबिक चोट के कारण आईपीएल से बाहर होने पर इन खिलाड़ियों को बोर्ड द्वारा पूरा मुआवजा दिया जाता है। बीमा कंपनी मजदूरी का भुगतान करती है, संबद्ध फ्रेंचाइजी नहीं।

ऋषभ पंत को बीसीसीआई ने 2021-21 सीजन के लिए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट की कैटेगरी-ए में रखा है। भाग लेने वाले खिलाड़ियों को वार्षिक रिटेनरशिप शुल्क के रूप में 5 करोड़ रुपये मिलते हैं। 

पंत लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहेंगे। ऐसे में बीसीसीआई ने उन्हें यह रकम एकमुश्त देने का फैसला किया है। दीपक चाहर आईपीएल 2022 से पहले चोटिल हो गए थे। उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स ने 14 करोड़ में खरीदा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीसीसीआई के नियमों के मुताबिक उन्हें पूरा भुगतान किया गया था।

MP के उज्जैन में प्रवासी भारतीयों ने किए बाबा महाकाल के दर्शन, महाकाल लोक में सुनी शिव गाथा

इंदौर: मध्यप्रदेश के इंदौर में प्रवासी भारतीय सम्मेलन चल रहा है जिसके अन्तर्गत विदेशों से भारत आए प्रवासी भारतीयों का इंदौर से उज्जैन आगमन हुए। विदेशों से इंदौर सभी प्रवासी भारतीय बीती रात इंदौर पहुंचे थे जिसके बाद उज्जैन पहुंचकर बाबा महाकाल की भस्मार्ती में शामिल होकर दर्शन किए.

इसके साथ ही आज रविवार सुबह से दोपहर तक विदेशों से लगातार ही प्रवासी भारतीयों का आने का सिलसिला जारी रहा। उज्जैन बाबा महाकाल के दरबार में आकर सूरीनाम के राष्ट्रपति चंदिका प्रसाद संतोखी ने सपत्निक महाकाल का अभिषेक किया और ई-कार्ट में बैठकर महाकाल लोक की गाथा सुनी।

शनिवार-रविवार की दरमियानी रात संयुक्त राष्ट्र अमेरिका, जिम्बाब्वे, कतर, तंजानिया, मलेशिया से प्रवासी भारतीय आए तथा भस्मार्ती दर्शन किए। इनके आगमन पर महाकाल मंदिर प्रबंध समिति के द्वारा स्वागत किया गया। वापसी में शाल ओढ़ाकर महाकाल की प्रसादी भेंट की गई।

लोकसभा चुनाव से पहले देश को नक्सलवाद मुक्त करें; छत्तीसगढ़ में गृह मंत्री शाह की गवाही

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले एक दशक में नक्सली हिंसा में कमी का दावा करते हुए शनिवार को 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले देश को नक्सलवाद से मुक्त करने का ऐलान किया.शाह छत्तीसगढ़ के कोरबा शहर में एक सभा को संबोधित कर रहे थे. 

चूंकि इस साल छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, इसलिए शाह ने इस बैठक में चुनावी बिगुल फूंक दिया. शाह ने मतदाताओं से भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को सत्ता से हटाने की अपील की। 

शाह ने कहा कि अगर आप चाहते हैं कि 2024 में नरेंद्र मोदी दोबारा प्रधानमंत्री बनें तो बीजेपी को वोट दें। शाह ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार और अपराध के लिए कांग्रेस की बघेल सरकार जिम्मेदार है.

2009 में, जब केंद्र में कांग्रेस सत्ता में थी, नक्सली हिंसा की घटनाओं की संख्या 2,258 थी। शाह ने कहा कि यह 2021 में घटकर 509 रह जाएगी। शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने हथियार उठाने वाले नक्सल प्रभावित इलाकों के युवाओं को न केवल शिक्षा और रोजगार की गारंटी दी, बल्कि हथियार रखने वालों को खत्म करने का भी काम किया.

मुझे आश्चर्य है कि अगर मुख्यमंत्री बघेल से पूछा जाए कि उन्होंने पिछले पांच वर्षों में क्या किया है तो क्या जवाब देंगे। वास्तव में उन्होंने राज्य के लिए कुछ नहीं किया। शाह ने आरोप लगाया कि उन्होंने केवल भ्रष्टाचार और अपराध को बढ़ाने का काम किया।

नरेंद्र मोदी सरकार ने हथियार उठाने वाले नक्सल प्रभावित इलाकों के युवाओं को न सिर्फ शिक्षा और रोजगार की गारंटी दी, बल्कि हथियार रखने वालों को खत्म करने का भी काम किया. -अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री