Home Blog Page 36

MPESB Excise Constable Admit Card 2025 जारी: ऐसे करें मिनटों में डाउनलोड, जानें एग्जाम डेट और डिटेल्स

MPESB Excise Constable Admit Card 2025 DOWNLOAD: मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने आबकारी आरक्षक (Excise Constable) सीधी एवं बैकलॉग भर्ती परीक्षा 2025 के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। लंबे समय से इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह बड़ी खबर है। अब अभ्यर्थी अपना MPESB Excise Constable Admit Card 2025 आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं।

कब होगी परीक्षा?

मध्य प्रदेश में आबकारी आरक्षक की सीधी और बैकलॉग भर्ती परीक्षा का आयोजन सितंबर 2025 में किया जाएगा। परीक्षा ऑनलाइन CBT (Computer Based Test) मोड में होगी, जिसके लिए राज्य भर में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।

कैसे करें Admit Card डाउनलोड?

उम्मीदवार नीचे दिए गए आसान स्टेप्स फॉलो करके अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं:

  1. सबसे पहले MPESB की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं – esb.mp.gov.in
  2. होम पेज पर Admit Card सेक्शन पर क्लिक करें।
  3. वहां Excise Constable Recruitment Test 2025 का विकल्प चुनें।
  4. मांगी गई जानकारी (Application Number और DOB) दर्ज करें।
  5. अब आपका एडमिट कार्ड स्क्रीन पर खुल जाएगा, जिसे डाउनलोड और प्रिंट कर लें।

एडमिट कार्ड पर क्या चेक करें?

डाउनलोड करने के बाद उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड पर दी गई जानकारी ध्यान से जांचनी चाहिए:

  • उम्मीदवार का नाम और फोटो
  • परीक्षा केंद्र का पता
  • परीक्षा की तारीख और समय
  • रोल नंबर
  • परीक्षा संबंधी महत्वपूर्ण निर्देश

परीक्षा में जाने से पहले ध्यान दें

  • परीक्षा केंद्र पर एडमिट कार्ड और वैध फोटो आईडी प्रूफ साथ ले जाना अनिवार्य है।
  • किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, मोबाइल, कैलकुलेटर या नोट्स ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
  • परीक्षा हॉल में समय से पहले पहुंचें, देर से आने पर प्रवेश नहीं मिलेगा।

क्यों खास है यह भर्ती?

इस भर्ती परीक्षा के जरिए आबकारी विभाग (Excise Department) में आरक्षक पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसमें सीधी भर्ती के साथ बैकलॉग पदों को भी शामिल किया गया है। लाखों उम्मीदवारों ने इस परीक्षा के लिए आवेदन किया है और अब सबकी नजर परीक्षा तिथि और परिणाम पर टिकी है।

MPESB Excise Constable Admit Card 2025 जारी होने के बाद उम्मीदवारों को अब अपनी तैयारी और तेज करनी चाहिए। यह भर्ती परीक्षा न केवल सरकारी नौकरी की चाह रखने वाले युवाओं के लिए सुनहरा मौका है, बल्कि मध्य प्रदेश के आबकारी विभाग में करियर बनाने का भी शानदार अवसर है।

सिवनी जिले में दिल दहला देने वाली घटना, 13 वर्षीय बच्ची बनी आवारा कुत्तों का शिकार

सिवनी जिले के कान्हीवाड़ा थाना क्षेत्र से गुरुवार की शाम एक ऐसी दर्दनाक खबर सामने आई है जिसने पूरे गाँव को सन्न कर दिया। समनापुर गाँव की 13 वर्षीय अवनी विनोखे अपनी सहेली के साथ खेत घूमने गई थी। लेकिन कुछ ही पलों में यह सैर एक खौफनाक हादसे में बदल गई।

खेत में टूटा कुत्तों का कहर

खेत में अचानक आवारा कुत्तों का झुंड बच्चियों पर टूट पड़ा। हमले से सहमी अवनी की सहेली जैसे-तैसे अपनी जान बचाकर गाँव पहुँची और परिजनों को सूचना दी। लेकिन जब तक परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुँचे, तब तक दृश्य इतना भयावह था कि किसी की भी आँखें भर आईं।

कुत्तों ने मासूम अवनी को इतनी बुरी तरह नोच डाला था कि उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने बताया कि कुत्ते इतने आक्रामक थे कि उन्हें भगाने में भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

पुलिस पहुँची मौके पर

घटना की सूचना मिलते ही कान्हीवाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुँची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जाँच की जा रही है और ग्रामीणों से शांत व संयम बनाए रखने की अपील की है।

गाँव में मातम का माहौल

जैसे ही यह खबर पूरे गाँव में फैली, समनापुर में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक अवनी के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से आवारा कुत्तों का आतंक है। कई बार बच्चे और बुजुर्ग इनके हमले का शिकार हो चुके हैं, लेकिन इतनी निर्मम और दर्दनाक घटना पहली बार घटी है।

इस हादसे ने हर किसी को अंदर तक झकझोर दिया है। अब ग्रामीण प्रशासन से माँग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएँ दोबारा न हों।

कबाड़ में तब्दील टैंक की नीलामी अचानक रुकवाई, ग्रामीणों में हड़कंप – आखिर जनपद सीईओ ने क्यों लगाया ब्रेक?

सिवनी,बरघाट (मध्यप्रदेश) एस. शुक्ला। ग्राम पंचायत धारनाकला में वर्षों से जर्जर पड़े शासकीय भवनों को तोड़कर निकाले गए सामान की नीलामी शनिवार को हो रही थी। सैकड़ों ग्रामीण बोली लगाकर चीप कवेलू, पुरानी लकड़ी, दरवाजे, खिड़कियां, सालों से बंद पानी की मोटर और अन्य कबाड़ खरीद रहे थे।

लेकिन तभी मामला उस वक्त दिलचस्प हो गया, जब कबाड़ में तब्दील पानी के टैंकरों की नीलामी को अचानक रोक दिया गया। यह रोक जनपद सीईओ प्रतिभा परते के आदेश पर लगाई गई।

कबाड़ नीलामी में ग्रामीणों की भीड़

ग्राम पंचायत धारनाकला ने पहले ही 25 अगस्त को जनपद पंचायत बरघाट को नीलामी की सूचना दी थी। 2 सितम्बर को पंचायत द्वारा डिस्मेंटल की गई सामग्री की नीलामी हुई और बोली लगाने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पुराने भवनों से निकली सामग्री तो बिकी ही, साथ ही 25 हजार रुपये में जर्जर टैंक भी कबाड़ियों ने खरीद लिए।

अचानक नीलामी पर ब्रेक, ग्रामीणों में सवाल

नीलामी की पूरी प्रक्रिया संपन्न हो चुकी थी। मगर ठीक उसी समय जनपद सीईओ ने फोन पर आदेश देकर जर्जर टैंकरों की नीलामी रुकवा दी। 👉 ग्रामीणों का सवाल है कि – “जब सारी सामग्री शासकीय भवनों से निकली थी और वही नीलाम भी हुई, तो फिर सिर्फ कबाड़ टैंकरों की नीलामी क्यों रुकवाई गई?”

डिस्मेंटल आदेश के बाद हुई कार्रवाई

दरअसल, पंचायत ने पुराने भवनों की जर्जर स्थिति को देखते हुए एसडीएम न्यायालय बरघाट में आवेदन दिया था। एसडीएम ने डिस्मेंटल का आदेश जारी किया और शासन की अनुमति के बाद पंचायत ने पुराने भवन गिरा दिए। भवनों से निकली सामग्री की नीलामी तो सफलतापूर्वक हो गई, लेकिन टैंकरों पर रोके गए फरमान ने विवाद खड़ा कर दिया है।

सीईओ चुप, चर्चाएं तेज

मामले पर जब जनपद सीईओ प्रतिभा परते से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
अब ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच इस निर्णय को लेकर कई तरह की चर्चाएं गर्म हैं।
कुछ लोग इसे पारदर्शिता पर सवाल बता रहे हैं, तो कुछ इसे अंदरूनी दबाव का नतीजा मान रहे हैं।

सिवनी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: MD POWDER के कुख्यात तस्कर हाकिम खान समेत नागपुर-पुणे से अजहर और विकास गिरफ्तार

सिवनी जिला पुलिस ने मादक पदार्थों की बढ़ती तस्करी पर बड़ा प्रहार करते हुए एक अंतरराज्यीय एमडीएमए पाउडर तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह का संबंध सिवनी के कुख्यात तस्कर हाकिम खान से था। पुलिस ने महाराष्ट्र के नागपुर और पुणे से आरोपियों को गिरफ्तार कर मादक पदार्थों की सप्लाई चेन को ध्वस्त कर दिया।

हाकिम खान की गिरफ्तारी से शुरू हुई कार्रवाई

दिनांक 20 अगस्त 2025 को थाना प्रभारी कोतवाली सिवनी श्री किशोर वामनकर ने विशेष सूचना के आधार पर सिवनी के सूफीनगर गांधी वार्ड निवासी हाकिम खान को छिंदवाड़ा रोड बायपास से एमडीएमए पाउडर बेचते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी पर अपराध क्रमांक 719/2025 धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट का मामला दर्ज किया गया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि वह एक अंतरराज्यीय ड्रग सप्लाई नेटवर्क से जुड़ा है। पुलिस अधीक्षक सुश्री सिमाला प्रसाद के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री दीपक मिश्रा और नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती पूजा पांडे के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने मामले की गहराई से जांच शुरू की।

महाराष्ट्र से जुड़े तार

आरोपी के मोबाइल नंबरों की जांच करने पर पुलिस को नागपुर और पुणे में बैठे तस्करों का पता चला। टीम ने साइबर सेल की मदद से आरोपियों की लोकेशन और कॉल डिटेल खंगाली और महाराष्ट्र में दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।

ये दोनों आरोपी कई वर्षों से एमडीएमए पाउडर की सप्लाई कर रहे थे और पुलिस की पकड़ से दूर थे।

नागपुर और पुणे से बड़ी गिरफ्तारियां

सिवनी पुलिस ने महाराष्ट्र से दो बड़े आरोपियों को गिरफ्तार किया—

  1. अजहर पटेल उर्फ अज्जू खान (28 वर्ष) – नागपुर निवासी, जिस पर वर्ष 2020 से एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। वह लगातार अपना पता बदलकर पुलिस से बचता रहा।
  2. विकास कांबले (28 वर्ष) – पांढुरना जिले का निवासी, जो पुणे के चाकन इंडस्ट्रियल एरिया में मजदूरी करता था। आरोपी ने तस्करी के लेन-देन के लिए अपने बैंक अकाउंट का उपयोग किया।

गिरोह की कार्यप्रणाली

जांच में सामने आया कि गिरोह बेहद चालाकी से काम करता था—

  • मोबाइल नंबर बदलना: अजहर खान हर 3–4 महीने में अपना नंबर बदल देता था। पुलिस को अब तक उसके 4 मोबाइल नंबर मिले हैं।
  • बैंक लेन-देन: अजहर खान ने अपने नाम से कोई बैंक खाता नहीं खोला था। इसके बजाय वह अपने साले विकास कांबले के खाते से पैसों का लेन-देन करता था।
  • ड्रग सप्लाई रणनीति: एमडीएमए पाउडर को छोटी-छोटी मात्रा में भेजा जाता था ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके।
  • छद्म पहचान: अजहर पटेल नागपुर के अलग-अलग पते पर रहता था, जैसे हसनबाग हनुमान नगर, सिद्धार्थ नगर टेकानाका, और पैराडाइज हिल्स डीमार्ट, बानाडोंगरी।

गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी

हाकिम खान (27 वर्ष)

  • निवासी: सूफीनगर गांधी वार्ड, सिवनी।
  • स्थानीय स्तर पर एमडीएमए पाउडर की सप्लाई करता था।
  • सिवनी में पकड़े जाने के बाद पूरी सप्लाई चेन का खुलासा हुआ।

अजहर पटेल उर्फ अज्जू खान (28 वर्ष)

  • निवासी: नागपुर।
  • 2020 से अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 3 गंभीर अपराध दर्ज।
  • पहचान छुपाने के लिए लगातार मकान बदलता रहा।
  • उसका पिता शेख मजहर पटेल, इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स कमेटी नामक एनजीओ से जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच भी जारी है।

विकास कांबले (28 वर्ष)

  • मूल निवासी: पांढुरना।
  • पुणे में मजदूरी करते हुए गिरोह से जुड़ा।
  • बैंक खाते का उपयोग तस्करी की रकम संभालने में किया।

जप्त सामान

  • अजहर पटेल से एक रियलमी-12 मोबाइल (कीमत ₹12,000)
  • विकास कांबले से एक रियलमी मोबाइल (कीमत ₹10,000)
  • विकास कांबले के बैंक अकाउंट में जमा अवैध राशि (खाता फ्रीज किया गया)

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व थाना प्रभारी किशोर वामनकर ने किया। उनकी टीम में शामिल अधिकारी और जवानों का योगदान सराहनीय रहा—

  • सउनि दिनेश रघुवंशी
  • प्र. आर. योगेश राजपूत
  • शेखर बघेल
  • अमर उइके
  • परवेज़ सिद्दीकी
  • सुजान बघेल
  • आरक्षक अजेन्द्र पाल
  • अनिल वर्मा
  • मजहर कुरैशी
  • प्रशांत गजभिये

साइबर सेल से सउनि देवेंद्र जायसवाल, आरक्षक अजय बघेल और विनय चौरिया की भूमिका भी अहम रही।

नशे के कारोबार पर पड़ा बड़ा असर

इस कार्रवाई से न केवल एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ, बल्कि यह भी साफ हुआ कि मध्य भारत में एमडीएमए पाउडर तस्करी लगातार बढ़ रही थी। गिरोह खासकर युवाओं को निशाना बनाकर उन्हें नशे की लत में धकेल रहा था।

सिवनी पुलिस की इस सफलता से सप्लाई चेन को गहरा झटका लगा है और आने वाले दिनों में और भी कई कड़ियों के खुलासे की संभावना है।

भविष्य की रणनीति

  • साइबर मॉनिटरिंग: संदिग्ध कॉल डिटेल और बैंक लेन-देन पर कड़ी नजर।
  • जागरूकता अभियान: युवाओं और अभिभावकों को नशे के खतरे से सचेत करना।
  • अंतरराज्यीय समन्वय: महाराष्ट्र और अन्य राज्यों की पुलिस से मिलकर आगे की कार्रवाई।
  • फाइनेंशियल ट्रैकिंग: अवैध खातों और हवाला लेन-देन पर रोक।

सिवनी पुलिस द्वारा हाकिम खान और उसके नेटवर्क का पर्दाफाश करना मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ी जीत है। अजहर पटेल उर्फ अज्जू खान और विकास कांबले की गिरफ्तारी से यह साबित हुआ है कि पुलिस नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।

यह ऑपरेशन न केवल अपराधियों के लिए चेतावनी है बल्कि युवाओं को भी यह संदेश देता है कि नशे से दूर रहना ही सुरक्षित जीवन का मार्ग है।

छिंदवाड़ा में ट्रेन हादसा: नैनपुर-छिंदवाड़ा पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आकर महिला की मौत

छिंदवाड़ा: मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बीती रात 31 अगस्त को नैनपुर से छिंदवाड़ा की ओर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन (58824) की चपेट में आने से एक अज्ञात महिला की मौत हो गई। हादसा चौरई और झिलमिली स्टेशन के बीच हुआ।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला पहले से ही रेलवे ट्रैक पर लेटी हुई थी। जैसे ही ट्रेन वहां पहुँची, वह उसकी चपेट में आ गई और मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने आशंका जताई है कि महिला ने आत्महत्या करने के इरादे से यह कदम उठाया हो सकता है।

हादसा रात 8:45 बजे हुआ

रेलवे पुलिस (GRP) के एएसआई शेडाम जी ने बताया कि यह हादसा रविवार रात करीब 8 बजकर 45 मिनट पर हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर चौरई लाया गया।

महिला की पहचान नहीं हो सकी

स्थानीय लोगों और यात्रियों से पूछताछ करने पर भी महिला की पहचान नहीं हो पाई है। फिलहाल शव को चौरई अस्पताल में रखा गया है। पुलिस ने पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इलाके में शोक और दहशत

इस घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि रेलवे ट्रैक पर निगरानी और सुरक्षा की कमी के कारण अक्सर इस तरह की घटनाएँ घटित होती हैं।

आत्महत्या या हादसा?

पुलिस फिलहाल इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, लेकिन जांच के बाद ही सही स्थिति सामने आ पाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद महिला की मौत के पीछे की असली वजह स्पष्ट होगी।

यह घटना छिंदवाड़ा जिले में घटी है। जिले में पहले भी कई बार रेलवे ट्रैक पर हादसे हो चुके हैं। इस बार की घटना ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सिवनी में ट्रेन हादसा: नैनपुर-छिंदवाड़ा पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आने से महिला की मौत

सिवनी: मध्यप्रदेश के सिवनी जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। बीती रात 31 अगस्त को नैनपुर से छिंदवाड़ा की ओर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन (58824) की चपेट में आने से एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा चौरई और झिलमिली स्टेशन के बीच हुआ।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला पहले से ही रेलवे ट्रैक पर लेटी हुई थी। ट्रेन के आने पर वह सीधी उसकी चपेट में आ गई। पुलिस का मानना है कि यह घटना आत्महत्या का मामला हो सकता है। इत्स्माहिला की उम्र लगभग 40 से 45 वर्ष के भीतर आंकी जा अ रही है.

हादसा रात 8:45 बजे हुआ

रेलवे पुलिस (GRP) के एएसआई शेडाम जी ने बताया कि यह हादसा रविवार रात करीब 8 बजकर 45 मिनट पर हुआ। जैसे ही सूचना मिली, पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर चौरई लाया गया।

महिला की पहचान नहीं हो सकी

स्थानीय ग्रामीणों और यात्रियों से पूछताछ के बावजूद मृत महिला की पहचान नहीं हो पाई है। फिलहाल शव को चौरई अस्पताल में रखवाया गया है। पुलिस ने पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद आसपास के क्षेत्र में दहशत और शोक का माहौल है। लोगों का कहना है कि रेलवे ट्रैक पर सुरक्षा की कमी और मानसिक तनाव जैसी परिस्थितियाँ इस तरह की घटनाओं को जन्म देती हैं।

आत्महत्या या हादसा?

पुलिस फिलहाल इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, लेकिन जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही महिला की मौत के पीछे की असली वजह स्पष्ट होगी।

शिक्षक दिवस पर चमकेंगे सिवनी सहित मध्य प्रदेश के गुरुजन, 14 श्रेष्ठ शिक्षक “शिक्षक पुरस्कार समारोह” में होंगे सम्मानित!

सिवनी,भोपाल: शिक्षक दिवस का दिन इस बार और भी खास होने वाला है। प्रदेश के 14 ऐसे शिक्षकों का चयन किया गया है, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में न केवल बेहतरीन कार्य किया है, बल्कि अपने नवाचार और समर्पण से विद्यार्थियों का भविष्य सँवारने में अहम योगदान दिया है।

राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार समारोह भोपाल में आयोजित होगा, जहाँ इन शिक्षकों को 25 हजार रुपये की सम्मान निधि, शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर वर्ष 2024 में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों को भी विशेष सम्मान प्रदान किया जाएगा।

शिक्षक दिवस पर सम्मान की सूची

प्राथमिक और माध्यमिक श्रेणी (कक्षा 1 से 8)

  • शासकीय प्राथमिक शाला बिसोनिया, गुना – श्री जितेन्द्र शर्मा
  • शासकीय उ.मा.वि. क्रमांक-2, शाजापुर – श्री दिलीप जायसवाल
  • ई.पी.ई.एस., भाटीवाड़ा, सिवनी – श्री दिलीप कटरे
  • शासकीय प्राथमिक विद्यालय, बसिया, दमोह – श्री श्रीकांत कुर्मी
  • शासकीय उ.मा.वि., रुस्तमपुर, खण्डवा – श्रीमती श्रद्धा गुप्ता
  • शासकीय माध्यमिक विद्यालय, सतौआ, दमोह – श्री मोहन सिंह गौंड
  • शासकीय माध्यमिक शाला, चंदेसरा, उज्जैन – श्री अपूर्व शर्मा
  • शासकीय माध्यमिक शाला, उबालाद, अलीराजपुर – श्री धनराज वाणी

उच्चतर माध्यमिक श्रेणी (कक्षा 9 से 12)

  • शासकीय उत्कृष्ट उ.मा.वि., बाग, धार – श्रीमती राधा शर्मा
  • शासकीय उ.मा.वि., मेडिकल कॉलेज, जबलपुर – डॉ. नरेन्द्र कुमार उरमलिया
  • शासकीय उ.मा. संभागीय ज्ञानोदय विद्यालय, तिलीवार्ड, सागर – श्री महेन्द्र कुमार लोधी
  • शासकीय उ.मा.वि., जावरा, रतलाम – श्रीमती विनीता ओझा
  • शासकीय हाई स्कूल, पांदा, राजगढ़ – डॉ. सरिता शर्मा

वर्ष 2024 के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेता

राज्य स्तरीय समारोह में 2024 के राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित शिक्षक भी विशेष रूप से सम्मानित होंगे—

  • शासकीय माध्यमिक शाला लिधौरा, दमोह – श्री माधव प्रसाद पटेल
  • शासकीय हाई स्कूल, मंदसौर – श्रीमती सुनीता गोधा

स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने दी बधाई

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने चयनित सभी शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि ये सम्मान केवल शिक्षकों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा—

“जिन शिक्षकों ने अपने कार्य से नया आयाम स्थापित किया है, वे आने वाले समय में अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणा बनेंगे।”

इस बार सूची में सिवनी जिले के श्री दिलीप कटरे का नाम शामिल होना जिले के लिए गर्व की बात है। स्थानीय लोगों में इस सम्मान को लेकर खुशी और उत्साह का माहौल है।

सिवनी कांग्रेस में बड़ा धमाका तय! नगर अध्यक्ष से लेकर मंडलम तक होगी नई टीम – कौन बनेगा सिवनी का नया चेहरा?

सिवनी। जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस संगठन की सर्जरी की खबर ने सियासी गलियारों में सरगर्मी बढ़ा दी है। सूत्रों की मानें तो AICC दिल्ली ने सभी जिलाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे ब्लॉक कमेटी, सेक्टर कमेटी और मंडलम कमेटी का गठन अगले एक माह के भीतर पूरा करें।

ऐसे में आठ साल बाद जिला कांग्रेस में हुए नेतृत्व परिवर्तन के बाद सबकी नजरें नए जिलाध्यक्ष नरेश मरावी पर टिकी हुई हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि मरावी अब मजबूत चेहरों को सामने लाने और जातिगत समीकरण साधने की कोशिश करेंगे।

सिवनी नगर कांग्रेस अध्यक्ष पर मचेगा घमासान

जिला मुख्यालय में सबसे चर्चित पद नगर कांग्रेस अध्यक्ष का होता है। लंबे समय से मुस्लिम समाज से आने वाले इमरान पटेल इस पद पर काबिज रहे हैं। लेकिन जिला स्तर पर बदलाव के बाद यह माना जा रहा है कि अब इस पद पर भी नए चेहरे की एंट्री होगी।

जिला स्तर में नेतृत्व परिवर्तन हुआ है तो इनका भी इस पद से हटना तय माना जा रहा लेकिन सवाल यह है कि क्या नरेश मरावी इस बार ओबीसी वर्ग या सामान्य वर्ग से किसी युवा नेता को मौका देंगे? या फिर परंपरा को कायम रखते हुए मुस्लिम समाज को ही प्रतिनिधित्व देंगे?

इमरान पटेल पिछले कई वर्षों से मुस्लिम समाज की ओर से प्रतिनिधित्व करते आये तो क्या नरेश मरावी अपने संगठन कौशल को दिखाते हुए किसी सामान्य वर्ग या ओबीसी वर्ग से नगर अध्यक्ष पर दांव लगाते हैं?

राजनीतिक समीकरण की बात करें तो भाजपा ने शहर में ब्राह्मण समाज और ओबीसी समाज दोनों को प्रतिनिधित्व देकर अपनी पकड़ मजबूत की है। वहीं कांग्रेस अब किस रणनीति पर काम करेगी, यह देखना दिलचस्प होगा।

भाजपा ने जातिगत समीकरण को देखकर और युवाओं को प्रतिनिधित्व दिया है और ब्राम्हण समाज की शहर में उपस्थिति को देखते हुए युवा चेहरे अभिषेक दुबे पर भाजपा दक्षिण नगर मंडल अध्यक्ष के रूप में दोबारा दांव लगाया है और भाजपा उत्तर नगर मंडल अध्यक्ष युवराज राहंगडाले पर ओबीसी चेहरे के रूप में विश्वास किया है. अब देखना है कि नगर काँग्रेस में किस चेहरे के ऊपर काँग्रेस पार्टी दांव लगाती है.

प्रदेश महासचिव राजा बघेल का बढ़ेगा दबदबा

मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राजा बघेल की भूमिका सिवनी संगठन में निर्णायक मानी जा रही है। हाईकमान ने जिस तरह आदिवासी समाज को प्रतिनिधित्व देते हुए नरेश मरावी पर भरोसा जताया है, उसके पीछे राजा बघेल की बड़ी भूमिका मानी जा रही है। सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में सिवनी कांग्रेस की नियुक्तियों में भी उनकी अहम दखलदारी रहेगी।

जबसे दिल्ली हाईकमान ने प्रदेश स्तर में जीतू पटवारी और उमंग सिंघार पर विश्वास दिखाया है तबसे राजा बघेल के भूमिका सिवनी काँग्रेस में अत्यंत महत्वपूर्ण हो गयी है. सूत्रों के अनुसार आदिवासी चेहरे के तौर पर और आदिवासी समाज को प्रतिनिधित्व देने की सोच से ही राजा बघेल ने प्रदेश नेतृत्व के सामने केवलारी विधायक ठाकुर रजनीश हरवंश सिंह के साथ सामंजस्य बैठाया था. जिससे पहली बार सिवनी जिले में आदिवासी समाज से आने वाले नरेश मरावी के ऊपर विश्वास जताकर संगठन सृजन के माध्यम से नरेश मरावी की नियुक्ति हुई है. स्वाभाविक है कि अब राजा बघेल का सिवनी काँग्रेस की राजनीति में या नियुक्ति में दखल दिखेगा.

संभावित दावेदारों की सूची

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि नगर कांग्रेस अध्यक्ष कौन बनेगा? संगठन के अंदर कई नाम चर्चा में हैं –

  1. रंजीत यादव – पूर्व में युवा कांग्रेस अध्यक्ष रहे हैं,वर्तमान जिला काँग्रेस महामंत्री हैं और यादव समाज में भी सामाजिक रूप से सक्रिय हैं ओबीसी चेहरे के तौर पर इन पर पार्टी भरोसा कर सकती है।
  2. तनवीर अहमद – वर्तमान में नगर काँग्रेस अध्यक्ष इमरान पटेल मुस्लिम समाज से आते हैं और लंबे समय से इस पद पर वो बने हुए हैं ऐसे में पुनः किसी मुस्लिम चेहरे पर दांव लगाया जाए,फिर भी पार्टी अगर दांव लगाती है तो तनवीर अहमद युवा मुस्लिम चेहरे के तौर पर नरेश मरावी की पहली पसंद हो सकते हैं।
  3. रत्नेश चौकसे – आजाद वार्ड से पूर्व में प्रत्याशी रहे हैं जिला कांग्रेस के महामंत्री रहे हैं,पार्टी में अभी तक पर्दे के पीछे रहकर भूमिका निभाते आये हैं संगठन के कार्य करने में इनकी हमेशा से विशेष रुचि रही है इनके ऊपर भी पार्टी विचार कर सकती हैं।
  4. ओम उपाध्याय –वर्तमान युवा कांग्रेस के सिवनी विधानसभा के अध्यक्ष हैं,लंबे समय से पार्टी में सक्रिय हैं,जनता के मुद्दों के लिए लड़ने वाले नेता के रूप में मजबूत क्षवि स्थापित की है,NSUI एवं युवा काँग्रेस के माध्यम से जिले भर में युवाओं की लंबी टीम इनके साथ है वर्तमान में युवा कांग्रेस के चुनाव में आदित्य भूरा के समर्थन में बड़ी संख्या में सदस्यता कराने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है,ब्राम्हण एवं युवा चेहरे के तौर में इन पर पार्टी मजबूती से भरोसा कर सकती है।
A big explosion is certain in Seoni Congress! There will be a new team from city president to mandalam – who will become the new face of Seoni?

क्यों अहम है यह बदलाव?

कांग्रेस के लिए सिवनी संगठन में यह बदलाव बेहद अहम है। लंबे समय से निष्क्रिय पड़ी कमेटियों के कारण कार्यकर्ताओं में उत्साह कम हो गया था। अब नए चेहरे और युवा नेतृत्व आने से संगठन में नई ऊर्जा का संचार हो सकता है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 2028 विधानसभा चुनाव और 2029 लोकसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस यह “संगठन सर्जरी” कर रही है, ताकि भाजपा के मजबूत गढ़ में सेंध लगाई जा सके।

डूण्डासिवनी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: कुख्यात गुण्डा बदमाश युवराज उर्फ बहादुर तेकाम और साथी शिवा दुबे गिरफ्तार

सिवनी (मध्यप्रदेश): डूण्डासिवनी पुलिस ने गुण्डा बदमाशों पर सख्त शिकंजा कसते हुए दो कुख्यात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यही नहीं, पुलिस ने दो साल से फरार एक स्थायी वारण्टी को भी दबोचकर न्यायालय के समक्ष पेश किया। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और आमजन ने राहत की सांस ली है।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चली कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक सुश्री सिमाला प्रसाद के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री दीपक मिश्रा एवं सीएसपी पूजा पांडे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सतीश तिवारी के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक द्वारा लगातार आदेश दिए जा रहे थे कि त्यौहारों से पहले बदमाशों पर सख्त कार्रवाई कर जनता को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

कैसे हुआ खुलासा?

दिनांक 28 अगस्त 2025 को फरियादी अभय चौधरी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि जब वह मोटरसाइकिल से घर लौट रहा था, तभी डूण्डासिवनी चौक पर कुख्यात बदमाश युवराज उर्फ बहादुर तेकाम और उसका साथी शिवा दुबे ने उसे रोककर शराब पीने के लिए पैसे मांगे। पैसे न देने पर दोनों ने मारपीट भी की।

इस शिकायत पर थाना डूण्डासिवनी ने अपराध क्रमांक 408/2025 धारा 296, 119(1), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और न्यायालय के आदेश पर जिला जेल सिवनी भेजा।

आरोपियों का आपराधिक इतिहास

👉 युवराज उर्फ बहादुर तेकाम (21 वर्ष, निवासी गोण्डी मोहल्ला, डूण्डासिवनी) इस कुख्यात बदमाश पर पहले से ही 10 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। उस पर पूर्व में राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जा चुकी है।

👉 शिवा दुबे (20 वर्ष, निवासी बरघाट नाका, डूण्डासिवनी) युवराज का साथी, जिसे घटना के बाद तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

फरार वारण्टी भी गिरफ्तार

पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट जबलपुर के प्रकरण क्रमांक 1156/2023 में दो साल से फरार स्थायी वारण्टी को भी गिरफ्तार किया।

➡️ बद्री प्रसाद पिता सीताराम डेहरिया (45 वर्ष, निवासी छिड़िया पलारी, थाना डूण्डासिवनी)

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक सतीश तिवारी, उनि. दामिनी हेडाउ, प्रआर. सुन्दरश्याम तिवारी, आर. नितेश राजपूत, कृष्णकुमार भालेकर, रवि धुर्वे और चन्द्रदीप हिवारे की अहम भूमिका रही।

स्थानीय माहौल में राहत

इस त्वरित कार्रवाई के बाद क्षेत्र में आमजन ने राहत की सांस ली है। त्योहारों से पहले पुलिस की इस सख्त कार्रवाई ने साफ संदेश दिया है कि अपराधियों के लिए सिवनी में कोई जगह नहीं है।

बरघाट में दर्दनाक हादसा: अवैध पेट्रोल-डीजल के खेल में जिंदा जला युवक, पुलिस के सामने बड़ी चुनौती!

बरघाट (मध्यप्रदेश)। एस. शुक्ला:- सिवनी जिले के बरघाट क्षेत्र में शनिवार देर रात एक हृदयविदारक घटना सामने आई। ग्राम कौडिया घीसी में अवैध पेट्रोल-डीजल की हेराफेरी के दौरान आग भड़क गई। इस आग की चपेट में आने से युवा पंकज राहंगडाले की दर्दनाक मौत हो गई। घटना इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते पूरा टैंकर और ढाबे का एक कमरा राख में तब्दील हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ढाबे में लंबे समय से अवैध पेट्रोल-डीजल का कारोबार चल रहा था। आग इतनी तेज भड़की कि ढाबे से करीब 100 मीटर दूर खड़ा टैंकर भी आग का गोला बन गया। गनीमत रही कि टैंकर में भरे पेट्रोल-डीजल में विस्फोट नहीं हुआ, वरना आसपास का पूरा इलाका तबाह हो सकता था।

पुलिस के लिए बनी चुनौती

इस घटना ने बरघाट पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। सवाल यह है कि ढाबे में अवैध पेट्रोल-डीजल का कारोबार आखिर किसकी शह पर चल रहा था? ढाबा संचालक खुद को इस कारोबार से अनजान बता रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां खुलेआम टैंकर रुकते और अवैध डीजल-पेट्रोल उतारा जाता था। अब यह जिम्मेदारी पुलिस की है कि इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर सच्चाई सामने लाए।

टैंकर ड्राइवर की मिलीभगत का शक

घटनास्थल पर जांच में यह साफ हुआ कि टैंकर से “सटक पाइप” लगाकर पेट्रोल-डीजल निकाला जाता था। जले हुए टैंकर के नीचे पाइप के टुकड़े मिले हैं, जो इस अवैध धंधे की ओर इशारा करते हैं। सूत्रों का कहना है कि टैंकर ड्राइवर की सहमति से ही यह हेराफेरी होती थी। हादसे के समय ड्राइवर भी झुलसा हुआ देखा गया। ऐसे में पुलिस की जांच में कई नए नाम सामने आ सकते हैं।

हादसे के बाद बंद हुए ढाबे

गांव के लोगों का कहना है कि इस भीषण हादसे के बाद से जंगल किनारे बने ढाबे बंद हैं। पहले यहां रोज कई टैंकर रुकते थे, लेकिन अब डर के माहौल में न तो ढाबे खुल रहे हैं और न ही टैंकर नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यह घटना अवैध कारोबार का नतीजा है और अब पुलिस की कार्यवाही से ही सच्चाई सामने आएगी।

बड़ा सवाल – जिम्मेदार कौन?

इस हादसे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • अवैध पेट्रोल-डीजल के कारोबार में कौन-कौन शामिल है?
  • ढाबे में लंबे समय से चल रही इस गतिविधि पर प्रशासन की नजर क्यों नहीं पड़ी?
  • क्या यह पूरा रैकेट पुलिस की जानकारी में चल रहा था?

बरघाट पुलिस अब इस दर्दनाक हादसे की जांच में जुट गई है। देखना यह होगा कि जांच के बाद आखिरकार सच्चाई किस रूप में सामने आती है और दोषियों को सजा मिल पाती है या नहीं।