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40 साल बाद हुआ सपना सच! सिवनी के ‘चंकी पांडे’ की मुलाकात असली बॉलीवुड ‘चंकी पांडे’ से

सिवनी, मध्यप्रदेश – कहते हैं न कि सपने देखने वालों की आंखों में चमक कभी नहीं मिटती, कुछ ऐसा ही हुआ सिवनी के चंकी पांडे जी के साथ, जो पिछले चार दशकों से बॉलीवुड एक्टर चंकी पांडे के बड़े प्रशंसक रहे हैं।
लोग प्यार से उन्हें भी “सिवनी का चंकी पांडे” कहकर बुलाते हैं। लेकिन इस बार किस्मत ने ऐसा करवट ली कि 40 साल बाद उनकी मुलाकात खुद असली बॉलीवुड एक्टर चंकी पांडे से हो गई।

🎬 जब सामने आए दोनों ‘चंकी पांडे’

जानकारी के मुताबिक, यह मुलाकात मुंबई में हुई जब सिवनी के चंकी पांडे किसी निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम में मौजूद मेहमानों के बीच अचानक ‘बॉलीवुड स्टार चंकी पांडे’ भी पहुंचे। जैसे ही दोनों की नजरें मिलीं, वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए क्योंकि दोनों का नाम, अंदाज़ और मुस्कान काफी हद तक मिलती-जुलती थी।

सिवनी के चंकी पांडे ने बताया कि वे बचपन से ही बॉलीवुड के इस अभिनेता के फैन रहे हैं। उन्होंने कहा,

“मैंने कभी नहीं सोचा था कि असली चंकी पांडे से कभी मुलाकात होगी। 40 साल का इंतज़ार आज पूरा हो गया।”

📸 सोशल मीडिया पर वायरल हुई VIDEO

दोनों ‘चंकी पांडे’ की मुलाकात की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग इस फोटो को देखकर मज़ेदार कमेंट्स कर रहे हैं —
डुप्लीकेट मिला असली से!”,
दोनों की स्माइल एक जैसी है!”,
और “सिवनी का चंकी अब मुंबई का स्टार बन गया!

💬 असली चंकी पांडे ने क्या कहा

इस खास मुलाकात पर असली चंकी पांडे ने मुस्कुराते हुए कहा,

“ये मेरे लिए बहुत खुशी की बात है कि कोई मेरे नाम और स्टाइल को इतने सालों से पसंद करता है। सिवनी वाले चंकी का जोश देखकर मैं खुद भावुक हो गया।”

उन्होंने आगे कहा कि ऐसे फैंस ही असली स्टार बनाते हैं और वो जल्द ही सिवनी आने का वादा भी कर गए।

🌟 सिवनी में खुशी की लहर

यह खबर सिवनी शहर में आग की तरह फैल गई। लोगों ने सोशल मीडिया और स्थानीय ग्रुप्स में इस मुलाकात को लेकर शुभकामनाएं दीं। कई स्थानीय युवाओं ने कहा कि “यह सिवनी के लिए गर्व का पल है कि हमारे शहर के एक व्यक्ति की पहचान अब बॉलीवुड तक पहुंच गई।”

इस मुलाकात ने यह साबित कर दिया कि चाहे सपना कितना भी पुराना क्यों न हो, अगर दिल से चाहो तो वो जरूर पूरा होता है।
सिवनी के चंकी पांडे और बॉलीवुड के असली चंकी पांडे की यह “40 साल बाद की मुलाकात” न सिर्फ दिल छू लेने वाली कहानी है, बल्कि यह भी बताती है कि फैन और स्टार के बीच का रिश्ता कितना खास होता है।

सिवनी-बालाघाट रोड बना मौत का हाईवे: पति-पत्नी की मौत, बेटा ICU में; सरकार की वादाख़िलाफी पर उठा सवाल

सिवनी। सिवनी-बालाघाट रोड एक बार फिर दर्दनाक हादसे का गवाह बना है। आए दिन होने वाली सड़क दुर्घटनाएँ अब लोगों की जान पर भारी पड़ रही हैं। ताज़ा घटना बरघाट थाना अंतर्गत धारनाकला और पौनारकला के बीच की है, जहाँ एक भीषण सड़क हादसे में पति-पत्नी की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार, लालपुर निवासी साजिद बेग और उनकी पत्नी अपने बेटे के साथ जा रहे थे। तभी तेज़ रफ़्तार एमपीआरडीसी के बोलेरो वाहन (क्रमांक MP 28 ZC 2221) ने रोड में बने गड्ढ़े से बचने के चक्कर में उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयंकर थी कि साजिद बेग की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

मौत का अड्डा बन चुका है सिवनी-बालाघाट रोड

यह पहली घटना नहीं है। बीते दो वर्षों में इस सड़क पर सैकड़ों मौतें हो चुकी हैं। किसी माँ की गोद उजड़ गई तो किसी परिवार का सहारा छिन गया। सवाल यह है कि आखिर कब तक यह मौतों का सिलसिला जारी रहेगा और कब तक प्रशासन और नेताओं की नींद खुलेगी?

अधूरी घोषणाएँ और टूटी उम्मीदें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पिछले साल रक्षाबंधन पर सिवनी-बालाघाट रोड को फोरलेन बनाने की घोषणा की थी। लेकिन एक साल से ज्यादा बीत जाने के बाद भी सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है। गहरे गड्ढे, टूटी साइड सोल्डर और अव्यवस्थित निर्माण कार्य रोज़ाना हादसों को न्यौता दे रहे हैं। हालात यह हैं कि मुख्यमंत्री के दौरे से पहले सड़क पर मुरम डालकर औपचारिक मरम्मत जरूर कर दी जाती है, लेकिन कुछ ही दिनों बाद हालात फिर वैसे ही हो जाते हैं।

सत्याग्रह से लेकर चक्काजाम तक, लेकिन हल नहीं

स्थानीय लोगों ने लगातार सड़क निर्माण की मांग को लेकर सत्याग्रह और आंदोलन भी किया। लोगों ने सड़क जाम कर विरोध दर्ज कराया, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा। टोल टैक्स वसूली जारी है, लेकिन सड़क सुधार के नाम पर कुछ नहीं हो रहा।

प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल

सड़क किनारे अतिक्रमण, अवैध कब्ज़े और जगह-जगह बने गड्ढे दुर्घटनाओं को और भी भयावह बना रहे हैं। सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़े नेता या अधिकारी के परिवार के साथ हादसा होने का इंतजार कर रहा है?

सिवनी-बालाघाट रोड अब मौत का जाल बन चुका है। सरकार और प्रशासन की लापरवाही ने लोगों की जान पर संकट खड़ा कर दिया है। जरूरत है कि इस गंभीर समस्या को जल्द से जल्द हल किया जाए, वरना मौत का यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा।

सिवनी: मासूम बच्चों के लिए जानलेवा बनी Coldrif और Nestro-DS की बिक्री पर बैन

सिवनी: बच्चों पर गंभीर दुष्प्रभाव देखने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब Coldrif Cough Syrup और Nestro-DS Suspension की बिक्री सिवनी जिले में पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में 9 बच्चों की मौत संदिग्ध गुर्दे की विफलता से हुई है, जबकि 13 बच्चे अब भी इलाजरत हैं. मुख्यमंत्री मोहान यादव ने कहा, ‘यह अत्यंत दुखद घटना है. Coldrif सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है. कंपनी के अन्य उत्पादों पर भी कार्रवाई होगी. दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.’

सिवनी के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. जयपाल सिंह ठाकुर ने आदेश जारी कर जिले के सभी थोक और फुटकर दवा विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि यदि इन औषधियों का स्टॉक दुकानों में मौजूद है, तो 24 घंटे के भीतर उसका पूरा ब्योरा स्वास्थ्य विभाग को ईमेल (cmhosen-mp@nic.in) या हार्ड कॉपी के रूप में उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।

आम जनता को भी चेतावनी

डॉ. ठाकुर ने नागरिकों से अपील की है कि जिन्होंने भी Coldrif या Nestro-DS का उपयोग किया है, वे तुरंत स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना दें। खासकर बच्चों का तुरंत स्वास्थ्य परीक्षण कराना बेहद जरूरी है, ताकि संभावित खतरे से बचा जा सके।

प्रतिबंधित दवाओं का विवरण

  • Coldrif Cough Syrup
    • Composition: Phenylephrine Hel, Chlorpheniramine Maleate Syrup
    • Batch No.: SR-13
    • Mfg: May 2025
    • Exp: April 2027
    • Manufacturer: M/s Sresa Pharma, Kanchepuram
  • Nestro-DS Suspension
    • Composition: Paracetamol, Phenylephrine, Chlorpheniramine Maleate, Sodium Citrate, Menthol Suspension
    • Batch No.: AQD2559
    • Mfg: April 2025
    • Exp: March 2027
    • Manufacturer: M/s Aquinnova Pharmaceuticals, Baddi, H.P.

क्या है बड़ा खतरा?

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इन दोनों दवाओं का बच्चों पर गंभीर साइड इफेक्ट देखने को मिला है। इससे बच्चों में सांस लेने में दिक्कत, एलर्जी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ सामने आई हैं। इसी वजह से एहतियात के तौर पर सिवनी में इसका तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध लागू किया गया है।

आगे की कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि निर्देशों का उल्लंघन करने वाले दवा विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जिला प्रशासन भी दवा दुकानों की सघन जांच शुरू करने की तैयारी में है।

👉 फिलहाल यह कदम जिले में बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

‘वोट चोर गद्दी छोड़’ के नारे गूंजे बरघाट में, कांग्रेस की पदयात्रा ने खींचा जनसैलाब

सिवनी/बरघाट। बरघाट नगर रविवार को कांग्रेस के नारों और जनसैलाब से गूंज उठा। “वोट चोर गद्दी छोड़” अभियान के तहत जिला कांग्रेस अध्यक्ष नरेश मरावी के नेतृत्व में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बरघाट द्वारा विशाल पदयात्रा निकाली गई। पदयात्रा में शामिल सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ आम नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।

पदयात्रा की शुरुआत बरघाट नगर से हुई, जहां से नारों की गूंज और जनसमर्थन के बीच यह कारवां आदर्श लॉन तक पहुंचा। वहां नव नियुक्त जिलाध्यक्ष नरेश मरावी और वरिष्ठ नेताओं का सम्मान किया गया। मंच से नेताओं ने एकजुट होकर सरकार की नीतियों पर तीखे प्रहार किए और जनता को “संविधान बचाओ” तथा “जन जागरण” का संदेश दिया।

ग्राम स्वराज पदयात्रा की परंपरा

गौरतलब है कि जिले में ग्राम स्वराज पदयात्रा की एक लंबी परंपरा रही है। राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के तत्वावधान में यह यात्रा पिछले 32 वर्षों से लगातार निकाली जा रही है। पूर्व जिलाध्यक्ष मोहन सिंह चंदेल ने अपने संबोधन में महात्मा गांधी के विचारों को याद दिलाते हुए कहा कि “भारत की आत्मा गांवों में बसती है” और इसी सिद्धांत को लेकर यह पदयात्रा आज भी अनवरत जारी है।

पदयात्रा का उद्देश्य

पदयात्रा का मुख्य मकसद है—

  • जनता को मतदान के अधिकार के प्रति जागरूक करना
  • “वोट चोर गद्दी छोड़” अभियान को जन-जन तक पहुंचाना
  • संविधान की रक्षा और जनजागरण करना
  • किसानों की समस्याओं का समाधान कर उनकी उपज का वाजिब दाम सुनिश्चित करना
  • शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाएं आमजन तक आसानी से पहुंचाना
  • बेरोजगारी की समस्या पर गंभीरता से ध्यान देना
  • अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करना

यात्रा में शामिल नेताओं ने महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, शांति, सद्भावना और सर्वधर्म समभाव के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया।

वोट चोरी का मुद्दा बना केंद्र

सभी वक्ताओं ने अपने-अपने संबोधन में वोट चोरी के मुद्दे को केंद्र में रखा। नेताओं का कहना था कि जैसे बिहार में यह मुद्दा खुलकर सामने आया, वैसे ही अब मध्यप्रदेश में भी जनता इस सवाल को मजबूती से उठा रही है। लोगों ने आरोप लगाया कि वोट चोरी कर सत्ता में आई सरकार लगातार जनता के साथ छलावा कर रही है।

पदयात्रा में रही भारी उपस्थिति

इस जनजागरण पदयात्रा में जिला कांग्रेस अध्यक्ष नरेश मरावी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहन सिंह चंदेल, जिला पंचायत सदस्य लकी अमूले, प्रदेश महासचिव विनोद वासनिक, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राहंगडाले, जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र ठाकुर, आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष विजय उइके समेत बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और ग्रामीण जनता ने हिस्सा लिया।

बरघाट की यह पदयात्रा कांग्रेस के लिए एकजुटता और जनसमर्थन का सशक्त संदेश लेकर आई है, जो आने वाले दिनों की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकती है।

सिवनी कलेक्टर होंगी शीतला पटले: संस्कृति जैन का हुआ तबादला

सिवनी (मध्यप्रदेश): प्रशासनिक फेरबदल की बड़ी लिस्ट जारी होते ही सिवनी जिले में हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से सिवनी की कमान संभाल रहीं कलेक्टर श्रीमती संस्कृति जैन का तबादला कर दिया गया है। उनकी जगह अब श्रीमती शीतला पटले (IAS 2014 बैच) सिवनी की नई कलेक्टर होंगी।

सूत्रों के अनुसार, शीतला पटले का स्थानांतरण नरसिंहपुर से किया गया है और अब वे सिवनी जिले की जिम्मेदारी संभालेंगी। वहीं, पूर्व कलेक्टर संस्कृति जैन को आयुक्त, नगर पालिक निगम भोपाल तथा अपर प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (अतिरिक्त प्रभार) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रशासनिक फेरबदल से जिले में चर्चा तेज

सिवनी में कलेक्टर स्तर पर हुए इस बदलाव ने जिले भर में चर्चाओं का माहौल बना दिया है। आम जनता से लेकर राजनीतिक गलियारों तक, हर कोई नई कलेक्टर से उम्मीदें लगा रहा है। खासतौर पर विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और जनसुनवाई जैसे मुद्दों पर लोगों की नजरें शीतला पटले के आने के बाद उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी हैं।

कौन हैं सिवनी की नई कलेक्टर शीतला पटले?

शीतला पटले 2014 बैच की IAS अधिकारी हैं और अपने कड़े प्रशासनिक रुख व तेज निर्णय क्षमता के लिए जानी जाती हैं। नरसिंहपुर में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई जनहितैषी निर्णय लिए, जिनकी वजह से वे जनता के बीच लोकप्रिय भी रहीं। अब सिवनी जिले की कमान संभालते हुए उनसे विकास योजनाओं के तेज क्रियान्वयन और पारदर्शी प्रशासन की उम्मीद की जा रही है।

संस्कृति जैन की नई जिम्मेदारी

सिवनी की पूर्व कलेक्टर संस्कृति जैन अब राजधानी भोपाल में अहम पद संभालेंगी। उन्हें आयुक्त, नगर पालिक निगम भोपाल के साथ-साथ मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड में अपर प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। राजधानी जैसे बड़े शहर में यह जिम्मेदारी उनके करियर का अहम पड़ाव माना जा रहा है।

सिवनी की जनता की उम्मीदें

सिवनी के लोग नई कलेक्टर शीतला पटले से बेहतर प्रशासन और विकास की उम्मीदें कर रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार जैसे मुद्दों पर जिले की जनता चाहती है कि नए नेतृत्व में इन क्षेत्रों में तेजी से सुधार हो।

सिवनी जिले में कलेक्टर स्तर पर हुए इस बड़े बदलाव ने प्रशासनिक हलकों में नई ऊर्जा भर दी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि नई कलेक्टर शीतला पटले जनता की उम्मीदों पर कितनी खरा उतरती हैं।

सिवनी बस स्टैंड में गुंडागर्दी: मुजाहिद, आदिल, साकिब, नसीम, हस्सान, असीम को पुलिस ने किया गिरफ्तार

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सिवनी। शहर के बीचों-बीच स्थित बस स्टैंड पर हुई गुंडागर्दी ने आम लोगों में दहशत फैला दी थी। लेकिन कोतवाली पुलिस की त्वरित कार्रवाई से छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक श्री सुनील मेहता ने साफ कहा है कि अवैध गतिविधियों और शहर में अशांति फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

मामला क्या है?

27 सितंबर 2025 को ग्राम नांदिया कला निवासी अमन साहू अपने मित्र अंकित साहू के साथ दवाई लेने के लिए बस स्टैंड के पास पहुंचा। तभी रास्ते में एक सहेली से बातचीत के दौरान आरोपी असीम बैग, निवासी छोटी पुलिस लाइन सिवनी, वहां पहुंचा और अमन साहू को रोककर अभद्र भाषा में गालियां देने लगा।

बात इतनी पर नहीं रुकी, असीम ने अपने साथियों अब्दुल मुजाहिद, मोहम्मद आदिल, मोहम्मद हस्सान खान, नसीम, साकिब और नोमान को भी मौके पर बुला लिया। इसके बाद सभी ने मिलकर अमन साहू के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी।

पुलिस की कार्रवाई

घटना की शिकायत मिलते ही थाना कोतवाली सिवनी में अपराध क्रमांक 822/2025 पंजीकृत किया गया। आरोपियों पर धारा 126(2), 296, 115(2), 351(2), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश और एएसपी श्री दीपक मिश्रा एवं सीएसपी श्रीमती पूजा पाण्डेय के मार्गदर्शन में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने सभी छह आरोपियों को धर दबोचा और माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया।

गिरफ्तार आरोपी

  1. मुजाहिद पिता मुजीब बैग, उम्र 19 वर्ष, निवासी भगतसिंह वार्ड सिवनी
  2. आदिल पिता नूर मोहम्मद, उम्र 20 वर्ष, निवासी हड्डी गोदाम सिवनी
  3. साकिब पिता यूनुस खान, उम्र 21 वर्ष, निवासी पिंजारी मोहल्ला सिवनी
  4. मोहम्मद नसीम उर्फ अनीस पिता शेख रमजान, उम्र 40 वर्ष, निवासी KGN कॉलोनी सिवनी
  5. मोहम्मद हस्सान पिता नूर मोहम्मद, उम्र 19 वर्ष, निवासी भगतसिंह वार्ड सिवनी
  6. असीम पिता अलीम मिर्जा, उम्र 18 वर्ष, निवासी छोटी पुलिस लाइन सिवनी

पुलिस टीम की सराहना

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली श्री किशोर बामनकर के साथ उपनिरीक्षक दयाराम शरणागत, दिनेश रघुवंशी, जसवंत ठाकुर, आरक्षक अमित रघुवंशी, अजेन्द्र पाल, प्रतीक बघेल, सिद्धार्थ दुबे, दिलीप उइके एवं चालक इरफान की विशेष भूमिका रही।

सिवनी पुलिस ने यह साफ कर दिया है कि शहर में गुंडागर्दी और अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटना के बाद आम नागरिकों में पुलिस के प्रति भरोसा और भी मजबूत हुआ है।

सिवनी: पानी में बह गई 14 लाख की पुलिया ! बरघाट की पंचायत में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा

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बरघाट (मध्यप्रदेश)। बरघाट जनपद की ग्राम पंचायत शैला में 14 लाख रुपए की लागत से बनी पुलिया पहली ही बारिश में खेतों के पानी के बहाव में बह गई। यह घटना पंचायतों में भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण की पोल खोलने वाली है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिया के निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और इसमें अधिकारियों और पंचायत पदाधिकारियों की मिलीभगत साफ दिखाई देती है।

💰 लाखों की लागत, लेकिन टिक न सकी एक साल

ग्राम पंचायत शैला में यह पुलिया महज एक वर्ष भी पूरा नहीं कर पाई और बारिश के कुछ दिनों में ही बह गई। इस घटना ने ग्रामीणों के बीच गुस्सा बढ़ा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ पुल का बहना नहीं बल्कि सरकारी धन की लूट का नतीजा है।

🚜 आनन-फानन में “मुरम” डालकर दबाने की कोशिश

पुलिया बह जाने के बाद सरपंच और सचिव ने मामले को दबाने की कोशिश की। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ जागरूक पंचों ने जब आवाज उठाई तो तत्काल ट्रैक्टरों से मुरम भरवाकर पुलिया को अस्थायी रूप से पाटने का काम शुरू कर दिया गया। यह साफ दर्शाता है कि जिम्मेदार लोग भ्रष्टाचार को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।

⚠️ आवागमन ठप, किसान परेशान

पुलिया बह जाने से किसानों का खेतों तक आना-जाना बंद हो गया है। तीन-चार दिन बीत जाने के बावजूद पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इससे स्पष्ट है कि जनहित की बजाय निजी स्वार्थ और कमीशनखोरी को प्राथमिकता दी जा रही है।

📌 अधिकारियों की मिलीभगत उजागर

यह मामला दर्शाता है कि पंचायत स्तर पर हो रहे निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हो रहा है। लाखों रुपये खर्च कर भी जनता को सुविधाएं नहीं मिल रहीं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत के जिम्मेदार और ठेकेदार आपसी सांठगांठ से गुणवत्ता हीन निर्माण कर रहे हैं और आला अधिकारी भी इस पर आंखें मूंदे बैठे हैं।

❓ बड़ा सवाल – क्या होगी कार्रवाई?

अब ग्रामीणों की नजर जिला प्रशासन और कलेक्टर पर है कि क्या वे इस मामले को गंभीरता से लेकर दोषियों पर कार्रवाई करेंगे या फिर यह भी मामला मुरम के नीचे दबा दिया जाएगा।

23 हज़ार महिलाओं ने लिखी सफलता की नई कहानी: धारनाकला की वार्षिक साधारण आमसभा में आत्मनिर्भरता का अनोखा जज़्बा

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बरघाट/धारनाकला (एस. शुक्ला): बरघाट विकासखंड की ग्राम पंचायत धारनाकला में आयोजित विकास महिला आजीविका संकुल स्तरीय संगठन की वार्षिक साधारण आमसभा महिलाओं की एकता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनी। इस महत्वपूर्ण सभा में क्षेत्र की 36 ग्राम पंचायतों से जुड़ी सैकड़ों महिलाएं शामिल हुईं और आगामी सत्र के लिए संकुल अध्यक्ष और सचिव के नेतृत्व में नई कार्ययोजना तैयार की गई।

36 ग्रामों की महिलाएं एक मंच पर, तय हुई वार्षिक योजना

इस आमसभा में 24 महिला ग्राम संगठनों के सहयोग से 36 गांवों की महिलाएं एकजुट हुईं। हर ग्राम संगठन में लगभग 30 से 32 स्व-सहायता समूह कार्यरत हैं। यही समूह महिलाओं को आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ा रहे हैं।

22560 महिलाएं आत्मनिर्भरता की मिसाल

बरघाट विकासखंड में कुल 124 ग्राम संगठन और 1841 महिला स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं। इनसे जुड़ी 22,560 महिलाएं अब न केवल बचत कर रही हैं, बल्कि छोटे-बड़े व्यापार भी संचालित कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं।

1 करोड़ 50 लाख की राशि ने बदली तस्वीर

पंचशील विकास, उजाला और दिशा संकुल संगठन को आजीविका मिशन और शासन से 1.50 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है। इस धनराशि का उपयोग महिलाओं को रोजगार से जोड़ने और स्वरोज़गार बढ़ाने में किया जा रहा है। महिलाएं इस सहायता राशि को ब्याज सहित वापस भी कर रही हैं, जिससे संगठन आर्थिक रूप से और मजबूत हो रहे हैं।

नाबार्ड योजना से मिला सहारा

नाबार्ड योजना के अंतर्गत महिलाओं को पहली ग्रेडिंग पर 1.50 लाख रुपये का ऋण, दूसरी ग्रेडिंग पर 3 लाख रुपये, और तीसरी ग्रेडिंग पर 6 लाख रुपये तक की सहायता राशि मिली। इस धन से महिलाओं ने किराना दुकान, डेयरी, सिलाई-कढ़ाई, खेती-किसानी जैसे छोटे व्यवसाय शुरू कर लिए हैं।
आज स्थिति यह है कि सिर्फ बरघाट विकासखंड में ही लगभग 23 हज़ार महिलाएं कंधे से कंधा मिलाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजी आमसभा

सभा का शुभारंभ रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ। इस दौरान वार्षिक कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

इनकी रही विशेष उपस्थिति

इस वार्षिक आमसभा में जनपद सदस्य गजानंद हरिनखेडे, सरपंच रंजीता बोपचे, सहायक ब्लॉक प्रबंधक शुभागंनी सोनकेसरिया, मुरली चौधरी, सुरेश नागराज, दीनबंधु विकलांग संगठन अध्यक्ष धनीराम ठाकुर, युवा पवार समाज अध्यक्ष रवि राहंगडाले समेत बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और महिलाएं मौजूद रहीं।