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सिवनी में दिल दहला देने वाली वारदात: जीवन उर्फ सतीश बघेल हत्याकांड के सभी 7 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में, पढ़ें पूरी खबर!

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सिवनी जिले से बड़ी खबर सामने आई है। ग्राम सिमरिया निवासी जीवन उर्फ सतीश बघेल की हत्या के मामले में पुलिस ने बेहद तेजी दिखाते हुए सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री सुनील मेहता के नेतृत्व और एएसपी श्री दीपक मिश्रा एवं सीएसपी श्रीमती पूजा पाण्डेय के मार्गदर्शन में की गई।

ऐसे हुआ था हत्याकांड

जानकारी के अनुसार, 13 सितंबर 2025 की रात करीब 9 बजे विक्की उर्फ विक्रम बघेल ने अपने साथियों—सुभाष बघेल, अंकित बघेल, अमन बघेल, पंकज बघेल, दीनू उर्फ दिनेश निर्मलकर और अंकुश राय के साथ मिलकर पुरानी रंजिश के चलते जीवन उर्फ सतीश बघेल पर हमला कर दिया। आरोपी जीवन के घर में घुस गए और उसे हाथ, मुक्कों और बांस के डंडों से बेरहमी से पीटा। घटना के बाद आरोपी अधमरे जीवन को घर में बंद करके फरार हो गए।

परिजनों ने शटर तोड़कर जीवन को जिला अस्पताल पहुँचाया, लेकिन इलाज के दौरान 14 सितंबर की सुबह उसकी मौत हो गई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलते ही थाना कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर तुरंत जांच शुरू की। लगातार दबिश के बाद सभी सातों आरोपियों को पकड़ा गया और विधिवत कार्रवाई के बाद जेल भेज दिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की सूची

  1. सुभाष बघेल पिता बबलू बघेल (19 वर्ष) निवासी ग्राम कुदवारी थाना बंडोल, जिला सिवनी
  2. अंकित बघेल पिता रामकुमार बघेल (19 वर्ष) निवासी ग्राम पुसेरा थाना लखनवाड़ा, जिला सिवनी
  3. विक्की उर्फ विक्रम सिंह बघेल पिता राजकिशोर बघेल (35 वर्ष) निवासी ग्राम सिमरिया
  4. अमन बघेल पिता रामकिशोर बघेल (22 वर्ष) निवासी ग्राम गंगई थाना लखनवाड़ा, जिला सिवनी
  5. पंकज बघेल पिता स्व. मुकेश बघेल (22 वर्ष) निवासी ग्राम लोनिया थाना कोतवाली, जिला सिवनी
  6. दीपू उर्फ दिनेश निर्मलकर पिता सालिकराम निर्मलकर (30 वर्ष) निवासी ग्राम हिनोतिया थाना कान्हीवाड़ा, हाल जनता नगर टपरा मोहल्ला सिवनी
  7. अंकुश राय पिता रवीन्द्र राय (24 वर्ष) निवासी स्टेशन वार्ड केवलारी, हाल कटंगी नाका सिवनी

पुलिस टीम की विशेष भूमिका

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली श्री किशोर वामनकर सहित पुलिस बल के कई जवानों—दयाराम शरणागत, देवेन्द्र उइके, राहुल काकोडिया, दिनेश रघुवंशी, योगेश राजपूत, शेखर बघेल और चीता स्टाफ ने विशेष भूमिका निभाई।

क्या है अगला कदम?

पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि घटना से जुड़े और तथ्यों का खुलासा हो सके। फिलहाल सभी आरोपी जेल में हैं और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

बरघाट की सीएलएफ वार्षिक सभा में गूंजा महिलाओं का आत्मनिर्भरता मंत्र, 347 समूह और 4268 परिवार जुड़े नए संकल्प से!

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बरघाट, सिवनी (एस. शुक्ला)। मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत पंचशील सीएलएफ (CLF) बरघाट की वार्षिक सभा 16 सितम्बर को मंगल भवन में धूमधाम से सम्पन्न हुई। इस बैठक में न केवल पिछले वर्ष की उपलब्धियों का बखान किया गया बल्कि आगामी वर्ष की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक का शुभारंभ सांस्कृतिक कार्यक्रमों से हुआ, जहां समूह की महिलाओं और बच्चों की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। इसके बाद मंच पर श्रेष्ठ कार्य करने वाले पदाधिकारियों, सीआरपी और बैंक सखी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कदम

सभा के दौरान तय किया गया कि समूह की पात्र महिलाओं को शासन की योजनाओं से जोड़ा जाएगा, ताकि ग्रामीण अंचल की महिलाएं सीधे लाभान्वित होकर आत्मनिर्भर बन सकें।

जनपद अधिकारी और विकासखंड प्रबंधक ने भी कार्यक्रम में शिरकत की और अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे सीएलएफ मॉडल के जरिए शासन की योजनाएं गांव-गांव तक पहुंच रही हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिलाएं अब केवल लाभार्थी नहीं बल्कि योजनाओं की संचालक और प्रेरक शक्ति भी बन रही हैं।

सीएलएफ की बढ़ती ताकत

बैठक में यह तथ्य भी सामने आया कि वर्तमान में सीएलएफ से

  • 23 संगठन
  • 347 महिला समूह
  • और 4268 परिवार
    सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं।

इन समूहों के माध्यम से समय-समय पर शासन की योजनाओं की जानकारी दी जाती है और लाभ दिलाने की प्रक्रिया निरंतर जारी रहती है। नतीजा यह है कि जिले के हर विकासखंड में हजारों महिलाएं समूह से जुड़कर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं।

महिलाओं की बदली तस्वीर

ग्रामीण महिलाओं ने अब केवल परिवार ही नहीं, बल्कि आर्थिक मोर्चे पर भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है। सभा में मौजूद सदस्याओं ने गर्व के साथ कहा कि सीएलएफ संगठन से जुड़कर उन्हें नई दिशा और आत्मनिर्भरता की राह मिली है।

बरघाट की यह वार्षिक सभा सिर्फ एक बैठक नहीं थी, बल्कि महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का उत्सव बनकर सामने आई। यहां लिए गए प्रस्तावों से यह साफ है कि आने वाले वर्ष में महिला स्व-सहायता समूहों की ताकत और भी बढ़ेगी और ग्रामीण अंचल की महिलाएं विकास की नई इबारत लिखेंगी।

सिवनी में विहिप-बजरंग दल की कड़ी चेतावनी: “दुर्गा माता का पौराणिक स्वरूप ही करें स्थापित, काल्पनिक रूपों से बचें”

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सिवनी। शारदेय नवरात्रि जैसे-जैसे करीब आ रही है, जिले भर में मां दुर्गा की भव्य तैयारियाँ तेज हो गई हैं। इसी बीच विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल सिवनी ने मूर्तिकारों और दुर्गा पंडाल समितियों से एक खास अपील की है। संगठन ने कहा है कि इस वर्ष सभी पंडालों में मां दुर्गा को पौराणिक स्वरूप सिंहवाहिनी महिषासुर मर्दिनी के रूप में ही स्थापित किया जाए।

पौराणिक स्वरूप में ही करें स्थापना

जिला अध्यक्ष अखिलेश सिंह चौहान और जिला संयोजक माधव दुबे ने संयुक्त रूप से बयान जारी कर कहा—
“मां दुर्गा शक्ति की प्रतीक हैं और उनका असली स्वरूप सिंह पर सवार होकर महिषासुर का वध करने वाला है। इसलिए हम सभी पंडाल आयोजकों और मूर्तिकार बंधुओं से निवेदन करते हैं कि देवी की प्रतिमा उसी पौराणिक स्वरूप में स्थापित करें। किसी भी तरह के काल्पनिक या आधुनिक रूप से बचें, क्योंकि यह परंपरा और आस्था दोनों के खिलाफ है।”

खर्च से ज्यादा आस्था है ज़रूरी

विहिप और बजरंग दल नेताओं ने कहा कि कई समितियां खर्च बचाने के लिए देवी की प्रतिमा के स्वरूप में बदलाव कर देती हैं। इस पर उन्होंने सख्त आपत्ति जताते हुए कहा—
“यदि किसी समिति के पास सिंह और महिषासुर की मूर्ति बनवाने के लिए पर्याप्त धन नहीं है, तो वे सजावट और अन्य डेकोरेशन में कटौती करें। लेकिन माता की प्रतिमा को केवल पौराणिक स्वरूप में ही स्थापित करें। आस्था से बड़ा कोई खर्चा नहीं होता।”

जिम्मेदारी आयोजकों की होगी

संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी पंडाल में माता के स्वरूप से छेड़छाड़ की गई या अभद्रता दिखाई गई, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित समिति की होगी।

मूर्तिकारों और समितियों से अपील

विहिप और बजरंग दल ने जिले के सभी मूर्तिकारों और दुर्गा पंडाल समितियों से आह्वान किया है कि वे शारदेय नवरात्रि में परंपरा, संस्कृति और आस्था का सम्मान करते हुए माता दुर्गा के वास्तविक स्वरूप में ही प्रतिमाएं स्थापित करें।

सिवनी में VHP-बजरंग दल की महाकौशल बैठक सम्पन्न: बड़े कार्यक्रमों और संघ शताब्दी वर्ष की बनी रणनीति

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सिवनी। विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल महाकौशल प्रांत की दो दिवसीय योजना बैठक 13 और 14 सितंबर को माउंट लिटेरा जी स्कूल, बारापत्थर, सिवनी में सम्पन्न हुई। इस बैठक में संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने मार्गदर्शन दिया और आगामी छह माह की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक में महाकौशल प्रांत के प्रांत संगठन मंत्री जीतेंद्र जी भाईसाहब, बजरंग दल क्षेत्र संयोजक विश्ववर्धन भट्ट जी भाईसाहब तथा महाकौशल प्रांत संयोजक यतेंद्र पाठक जी ने संगठन के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और उन्हें संगठन विस्तार एवं आगामी कार्यक्रमों की दिशा में मार्गदर्शन दिया।

प्रांतभर से पदाधिकारी रहे मौजूद

इस योजना बैठक में महाकौशल प्रांत के सभी विभाग संयोजक, जिला संयोजक एवं सह संयोजक बड़ी संख्या में शामिल हुए। संगठन ने बताया कि यह बैठक न सिर्फ आगामी छह मासिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करने के लिए थी, बल्कि इसमें संघ शताब्दी वर्ष, पदाधिकारी प्रवास, खंड एवं ग्राम समितियां, मिलन केंद्र तथा बल उपासना केंद्र जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई।

आगामी छह महीनों की रूपरेखा

बैठक में निर्णय लिया गया कि आने वाले महीनों में संगठन के विस्तार और मजबूती पर विशेष फोकस रहेगा। इसके लिए ग्राम स्तर तक समितियों का गठन, नए कार्यकर्ताओं की सहभागिता और नियमित प्रवास कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही, संगठन के विभिन्न केंद्रों पर बल उपासना और मिलन कार्यक्रम के जरिए समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया गया।

संगठन विस्तार पर विशेष बल

वक्ताओं ने कहा कि संघ का शताब्दी वर्ष संगठन की उपलब्धियों और कार्ययोजना को नए आयाम देने का अवसर है। इसके लिए हर जिले और प्रखंड स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाएगा और युवा पीढ़ी को संगठन से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।

बैठक में लिए गए निर्णयों से स्पष्ट है कि आने वाले समय में महाकौशल प्रांत में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद की गतिविधियां और भी व्यापक रूप से दिखाई देंगी।

बालाघाट-सिवनी रोड पर फिर भड़की आग! टायर से भरे ट्रक में भीषण हादसा, ड्राइवर-कंडक्टर फरार

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सिवनी/बरघाट (एस. शुक्ला)। टेकंर हादसे की दहशत अभी थमी भी नहीं थी कि बीती रात एक और भयावह आगजनी की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। जानकारी के अनुसार, टायर से भरे एक ट्रक (MH 40 CM 0883) में अचानक भीषण आग लग गई, जो बालाघाट से सिवनी की ओर जा रहा था। यह हादसा रात लगभग 1:30 बजे बकरा नाला के समीप हुआ।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, लोगों ने सड़क किनारे खड़े ट्रक से धधकती लपटें निकलते देखी और तुरंत ही बरघाट थाना पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी मोहनीश बैस अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आग बुझाने की पूरी कोशिश की।

🔥 4 फायर ब्रिगेड की पूरी रात मशक्कत

आग इतनी भयंकर थी कि चार फायर ब्रिगेड की गाड़ियां लगातार रातभर आग बुझाने में जुटी रहीं, लेकिन टायरों में लगी लपटें आसानी से काबू में नहीं आईं। आग सुबह तक धधकती रही और दोपहर तीन बजे तक भी ट्रक पूरी तरह से जलता रहा। इस दौरान एहतियातन कुछ घंटों के लिए सड़क पर आवागमन रोक दिया गया था। हालांकि, फिलहाल यातायात सामान्य हो चुका है।

🚛 ड्राइवर और कंडक्टर फरार!

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि हादसे के वक्त ट्रक का ड्राइवर और कंडक्टर मौके से लापता हो गए। पुलिस और स्थानीय लोगों को उनके बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। इससे घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

❓ आग कैसे लगी, अब तक रहस्य बरकरार

ट्रक में लगी आग का असली कारण अब तक सामने नहीं आया है। चूंकि हाल ही में इसी क्षेत्र में अवैध पेट्रोल-डीजल कारोबार से जुड़ी आगजनी की घटना में एक युवक की मौत हो चुकी है, इसलिए लोग इस हादसे को भी शक की नजर से देख रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगल से लगे ढाबों और संदिग्ध गतिविधियों के कारण आए दिन ऐसी घटनाएं हो रही हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं ने लोगों के बीच दहशत और प्रशासन पर सवाल दोनों खड़े कर दिए हैं।

बरघाट क्षेत्र में टायर ट्रक में लगी आग ने न सिर्फ दहशत फैलाई बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और संदिग्ध गतिविधियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन के लिए यह बड़ी चुनौती है कि आखिर ऐसी आगजनी की घटनाएं बार-बार क्यों हो रही हैं और जिम्मेदार कौन हैं।

सिवनी के लिए गर्व का पल: IIT पैकेज ठुकराकर आभाष रहांगडाले बने भारतीय सेना के अधिकारी

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सिवनी/ मध्यप्रदेश – सिवनी जिले का नाम एक बार फिर शौर्य और दृढ़ निश्चय की मिसाल के तौर पर गूंज उठा है। जिले के युवा आभाष रहांगडाले ने सात बार के संघर्ष और असफलताओं के बाद भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर वह मुकाम हासिल किया है, जिसका सपना लाखों युवा देखते हैं।

6 सितम्बर को गया स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकैडमी (OTA) से कड़े सैन्य प्रशिक्षण की पूर्णता के बाद आभाष को भारतीय सेना में राजपत्रित अधिकारी के रूप में कमीशन मिला। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे जिले और प्रदेश के लिए गर्व का क्षण है।

🎓 शिक्षा से सेवा तक का प्रेरक सफर

आभाष रहांगडाले ने अपनी स्नातक शिक्षा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), भोपाल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने GATE परीक्षा में 291वीं रैंक प्राप्त कर प्रतिष्ठित IIT खड़गपुर में M.Tech में प्रवेश लिया। यहां उन्हें ₹16 लाख वार्षिक का पैकेज ऑफर हुआ, लेकिन उनका मन कॉर्पोरेट जगत की चकाचौंध में नहीं, बल्कि भारतीय सेना की वर्दी में था।

सुविधाओं और करोड़ों के अवसरों को ठुकराकर उन्होंने देश की सेवा का कठिन रास्ता चुना और यह साबित किया कि देशभक्ति सबसे बड़ा पैकेज होती है।

🏆 असफलता से जीत की कहानी

आर्मी अधिकारी बनने की राह आभाष के लिए आसान नहीं रही। लगातार छह बार असफल होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। सातवीं बार उन्होंने परीक्षा और इंटरव्यू पास कर दिखा दिया कि जुनून और धैर्य किसी भी कठिनाई को मात दे सकता है।

👨‍👩‍👦 शिक्षक माता-पिता से मिले संस्कार

आभाष के पिता श्री दिकपाल सिंह रहांगडाले और माता श्रीमती रेवंता रहांगडाले, दोनों शिक्षक हैं। घर का माहौल और माता-पिता के संस्कारों ने उन्हें यह सिखाया कि जीवन की असली सफलता पैसे या पद में नहीं, बल्कि समाज और देश के लिए योगदान में है। यही मूल्य आभाष को असली सैनिक बना गए।

🤝 कलेक्टर से मुलाकात और ‘गिफ्ट अ डेस्क’ अभियान की सराहना

भारतीय सेना में अधिकारी बनने के बाद आभाष ने जिले की कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन से मुलाकात की। कलेक्टर ने उनकी सफलता को पूरे जिले के लिए प्रेरणादायी बताया।

भेंट के दौरान आभाष ने जिले में चल रहे “गिफ्ट अ डेस्क” अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा—

“यह केवल एक डेस्क दान करने का कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को मजबूत करने का प्रयास है। शिक्षा की नींव तभी मजबूत होगी जब बच्चों को मूलभूत सुविधाएँ मिलें।”

💬 युवाओं के लिए प्रेरक संदेश

लेफ्टिनेंट आभाष रहांगडाले ने युवाओं से कहा—

“मैंने NIT, IIT और कॉर्पोरेट पैकेज को नजदीक से देखा है, लेकिन आत्मा की संतुष्टि सिर्फ वर्दी पहनकर देश की सेवा करने में है। असफलताएँ चाहे जितनी आएं, अगर सपनों में देश है तो हार का डर मन से निकाल दें। सफलता देर से मिलेगी, लेकिन जब मिलेगी तो वह पूरे समाज की होगी।”

सिवनी में बड़ी कार्रवाई: कोतवाली पुलिस ने गांजा तस्कर को रंगे हाथ पकड़ा, 2 किलो से ज्यादा नशा बरामद

सिवनी। जिले में बढ़ते नशे के कारोबार पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने एक और बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया है। कोतवाली सिवनी पुलिस ने गांजे की तस्करी कर रहे एक आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 2 किलो 069 ग्राम अवैध गांजा, एक्टिवा स्कूटी और मोबाइल फोन बरामद किया है। बरामद नशे की कीमत करीब 30 हज़ार रुपये आंकी गई है।

पुलिस की जाल में फंसा तस्कर

जानकारी के अनुसार, जिला पुलिस अधीक्षक सुश्री सिमाला प्रसाद के निर्देशन पर नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा और नगर पुलिस अधीक्षक पूजा पाण्डे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी किशोर बामनकर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की।

पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर कटंगी रोड ब्रिज के पास रेलवे स्टेशन रोड सिवनी में दबिश दी और आरोपी विदेश उर्फ प्रदीप मानाठाकुर (42 वर्ष), निवासी कुचबुंदिया मोहल्ला गंज वार्ड सिवनी को पकड़ लिया। जब पुलिस ने जांच की तो आरोपी की ग्रे-काले रंग की एक्टिवा (MP22Z.C7240) की डिक्की से गांजा बरामद हुआ। आरोपी के पास मादक पदार्थ रखने का कोई दस्तावेज नहीं था।

मामला दर्ज, नेटवर्क की पड़ताल जारी

गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ थाना कोतवाली सिवनी में धारा 8/20 NDPS एक्ट और 49.3(5) BNS के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किसके लिए काम करता था और इसके पीछे किस तरह का नेटवर्क सक्रिय है।

पुलिस की सख्ती से तस्करों में खौफ

पुलिस अधीक्षक का कहना है कि जिले में नशे का कारोबार किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सिवनी पुलिस लगातार ऐसे तत्वों पर नजर बनाए हुए है और सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई करेगी।

पुलिस टीम को बधाई

इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी किशोर बामनकर, सउनि दिनेश रघुवंशी, प्र.आर. बोगेश राजपूत, शेखर बघेल, अमर उइके, परवेज सिद्दीकी, आरक्षक अमित रघुवंशी, सुधीर डेहरिया, प्रतीक बघेल, सिद्धार्थ दुबे, पकज सोलंकी, और मजहर कुरैशी का विशेष योगदान रहा।

MPESB Excise Constable Admit Card 2025 जारी: ऐसे करें मिनटों में डाउनलोड, जानें एग्जाम डेट और डिटेल्स

MPESB Excise Constable Admit Card 2025 DOWNLOAD: मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने आबकारी आरक्षक (Excise Constable) सीधी एवं बैकलॉग भर्ती परीक्षा 2025 के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। लंबे समय से इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह बड़ी खबर है। अब अभ्यर्थी अपना MPESB Excise Constable Admit Card 2025 आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं।

कब होगी परीक्षा?

मध्य प्रदेश में आबकारी आरक्षक की सीधी और बैकलॉग भर्ती परीक्षा का आयोजन सितंबर 2025 में किया जाएगा। परीक्षा ऑनलाइन CBT (Computer Based Test) मोड में होगी, जिसके लिए राज्य भर में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।

कैसे करें Admit Card डाउनलोड?

उम्मीदवार नीचे दिए गए आसान स्टेप्स फॉलो करके अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं:

  1. सबसे पहले MPESB की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं – esb.mp.gov.in
  2. होम पेज पर Admit Card सेक्शन पर क्लिक करें।
  3. वहां Excise Constable Recruitment Test 2025 का विकल्प चुनें।
  4. मांगी गई जानकारी (Application Number और DOB) दर्ज करें।
  5. अब आपका एडमिट कार्ड स्क्रीन पर खुल जाएगा, जिसे डाउनलोड और प्रिंट कर लें।

एडमिट कार्ड पर क्या चेक करें?

डाउनलोड करने के बाद उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड पर दी गई जानकारी ध्यान से जांचनी चाहिए:

  • उम्मीदवार का नाम और फोटो
  • परीक्षा केंद्र का पता
  • परीक्षा की तारीख और समय
  • रोल नंबर
  • परीक्षा संबंधी महत्वपूर्ण निर्देश

परीक्षा में जाने से पहले ध्यान दें

  • परीक्षा केंद्र पर एडमिट कार्ड और वैध फोटो आईडी प्रूफ साथ ले जाना अनिवार्य है।
  • किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, मोबाइल, कैलकुलेटर या नोट्स ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
  • परीक्षा हॉल में समय से पहले पहुंचें, देर से आने पर प्रवेश नहीं मिलेगा।

क्यों खास है यह भर्ती?

इस भर्ती परीक्षा के जरिए आबकारी विभाग (Excise Department) में आरक्षक पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसमें सीधी भर्ती के साथ बैकलॉग पदों को भी शामिल किया गया है। लाखों उम्मीदवारों ने इस परीक्षा के लिए आवेदन किया है और अब सबकी नजर परीक्षा तिथि और परिणाम पर टिकी है।

MPESB Excise Constable Admit Card 2025 जारी होने के बाद उम्मीदवारों को अब अपनी तैयारी और तेज करनी चाहिए। यह भर्ती परीक्षा न केवल सरकारी नौकरी की चाह रखने वाले युवाओं के लिए सुनहरा मौका है, बल्कि मध्य प्रदेश के आबकारी विभाग में करियर बनाने का भी शानदार अवसर है।