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सिवनी का बाहुबली चौक बना ‘दुर्घटना का जाल’, खुले नाले से हर पल मंडरा रहा खतरा

सिवनी। शहर का सबसे व्यस्त और चर्चित चौराहा, बाहुबली चौक, इन दिनों दुर्घटना का नया हॉटस्पॉट बनता जा रहा है। चौक पर स्थित पान की दुकान के पास का खुला नाला राहगीरों और वाहन चालकों के लिए मौत का कुआं साबित हो सकता है। टूटी हुई लोहे की जालियां अब पूरी तरह से गायब हो चुकी हैं, और नाले का मुँह खुले जाल की तरह हर वक्त हादसे को न्योता दे रहा है।

हर वक्त बड़ा हादसा होने का डर

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या महीनों से बनी हुई है, लेकिन नगर पालिका परिषद ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। रात के समय तो हालात और भी खतरनाक हो जाते हैं क्योंकि इलाके में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट नहीं जलती। अंधेरे में नाले का गड्ढा साफ नजर नहीं आता, जिससे पैदल यात्री, साइकिल और बाइक सवार, यहाँ तक कि बच्चे भी इसमें गिरने का खतरा झेलते हैं।

दुकानदारों और राहगीरों की नाराज़गी

एक स्थानीय दुकानदार ने नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा –
“यह चौक हमेशा भीड़भाड़ वाला रहता है। दिन-रात लोगों की आवाजाही लगी रहती है। अगर नगर पालिका ने तुरंत कार्रवाई नहीं की, तो कोई गंभीर हादसा होना तय है।”

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक मरम्मत का मुद्दा नहीं, बल्कि सीधे सुरक्षा और जनहित से जुड़ा मामला है।

नागरिकों की अपील: “अब तो जागो नगर पालिका”

नागरिकों ने नगर पालिका परिषद और प्रशासन से तत्काल इस समस्या को दूर करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द से जल्द नाले की जालियां ठीक नहीं की गईं, तो किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है।

लोगों ने अधिकारियों से अपील की है कि सिवनी के इस अहम चौराहे पर सुरक्षा इंतज़ाम मजबूत किए जाएं ताकि शहरवासियों की जान-माल की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

सिवनी: शिक्षक ने की छात्र से अमानवीय हरकत, सोशल मीडिया पर VIDEO VIRAL, शिक्षक महेश चौधरी निलंबित

सिवनी। मध्यप्रदेश के सिवनी ज़िले के कुरई विकासखंड की प्राथमिक शाला अर्जुनी से एक शर्मनाक और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां पदस्थ शिक्षक महेश चौधरी द्वारा छात्र की बेरहमी से पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद विभाग हरकत में आया और शिक्षक को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

वायरल वीडियो से खुला राज

28 अगस्त 2025 को यह वीडियो सामने आया, जिसमें शिक्षक महेश चौधरी को विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र विजय रामराज भलावी की अमानवीय पिटाई करते देखा गया। इस वीडियो ने स्थानीय लोगों और अभिभावकों में आक्रोश फैला दिया।

जांच में हुई पुष्टि

जनशिक्षा केन्द्र खवासा और प्रभारी मंडल संयोजक कुरई की टीम ने मामले की जांच की। जांच प्रतिवेदन में साफ लिखा गया कि शिक्षक महेश चौधरी ने छात्र के साथ क्रूरता की है। यह कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियमों का उल्लंघन है और इसे कदाचार की श्रेणी में रखा गया।

तुरंत हुआ निलंबन

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए शिक्षक महेश चौधरी को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड घंसौर कार्यालय नियत किया गया है। साथ ही उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता ही मिलेगा।

अभिभावकों का गुस्सा

इस घटना से अभिभावकों और स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि स्कूल बच्चों के भविष्य को संवारने की जगह अगर डर और हिंसा का अड्डा बन जाए तो यह बेहद चिंताजनक है।

सिवनी-बालाघाट रोड पर हुआ बड़ा हादसा! यात्रियों से भरी बस गड्ढे में समाई – बदहाल सड़क पर मौत का सफर जारी!

सिवनी/बरघाट/धारनाकला (एस. शुक्ला): सिवनी-बालाघाट रोड की खस्ता हालत एक बार फिर हादसे की वजह बनी। सोमवार को ग्राम जेवनारा के पास नंदन बस सर्विस की यात्रियों से भरी बस सड़क किनारे के साइड सोल्डर पर चढ़ते ही अचानक अनियंत्रित होकर गहरे गड्ढे में जा गिरी। गनीमत रही कि इस भीषण हादसे में किसी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन घटना ने एक बार फिर प्रदेश सरकार के वादों और सड़क निर्माण की वास्तविकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सड़क की बदहाली से बढ़ रहा खतरा

सिवनी से बालाघाट तक का राज्य मार्ग-72 पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुका है। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक रोज़ाना जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से गुजरने को मजबूर हैं। बरसात में हालात और भी खतरनाक हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क पर हर हफ्ते छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल नहीं

प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने करीब एक साल पहले रक्षा बंधन के मौके पर सिवनी-बालाघाट रोड को फोरलेन बनाने और निर्माण कार्य जल्द शुरू करने का ऐलान किया था। लेकिन साल भर बीत जाने के बाद भी न तो सड़क का निर्माण हुआ और न ही मरम्मत कार्य शुरू हो पाया। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर सरकारी घोषणाएं कागज़ों से बाहर क्यों नहीं आ पा रही हैं?

कागज़ों में अटका सड़क निर्माण

राज्य मार्ग-72 के निर्माण के लिए औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एमपीआरडीसी (MP Rural Road Development Corporation) ने प्रभावित गांवों के राजस्व नक्शे तैयार करने के आदेश दिए थे। वहीं, परियोजना की फिजिबिलिटी रिपोर्ट और डीपीआर (Detail Project Report) बनाने का जिम्मा भोपाल की एल. एन. मालवीय इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स कंपनी को सौंपा गया है। लेकिन महीनों बीत जाने के बावजूद जमीन अधिग्रहण और नक्शे की प्रक्रिया केवल फाइलों में ही अटकी हुई है।

गड्ढों में तब्दील सड़क पर भी टोल वसूली जारी

सबसे बड़ी विडंबना यह है कि बदहाल सिवनी-बालाघाट मार्ग पर जहां लोग रोज़ मौत से खेलते हुए सफर कर रहे हैं, वहीं टोल टैक्स वसूली लगातार जारी है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने कई बार टोल विरोधी आंदोलन भी किए, लेकिन न टोल वसूली बंद हुई और न ही सड़क का निर्माण कार्य तेज़ी से आगे बढ़ पाया।

जनता का सवाल – सड़क बनेगी या फिर सिर्फ घोषणा?

हादसे के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा है। उनका कहना है कि जब तक सड़क का निर्माण शुरू नहीं होता, तब तक हर यात्री की जान पर जोखिम बना रहेगा। लोग अब सवाल पूछ रहे हैं कि –
👉 क्या सिवनी-बालाघाट रोड सिर्फ राजनीतिक घोषणा बनकर रह जाएगी?
👉 क्या सरकार जनता की जान से खिलवाड़ करना बंद करेगी?
👉 आखिर राज्य मार्ग-72 का निर्माण कार्य कब शुरू होगा?

सिवनी-बालाघाट रोड पर बस हादसे ने एक बार फिर सरकारी लापरवाही को उजागर कर दिया है। यात्रियों की जान तो बच गई, लेकिन यह साफ हो चुका है कि जब तक सड़क निर्माण शुरू नहीं होता, इस मार्ग पर हर सफर मौत का सफर ही रहेगा।

बरघाट कांड: अवैध पेट्रोल-डीजल के धंधे ने ली एक और जान, ढाबा और टैंकर में लगी भीषण आग, जिंदा जल गया युवक पंकज!

सिवनी/बरघाट (एस. शुक्ला): बरघाट थाना क्षेत्र के ग्राम कौडिया में बीती रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। लंबे समय से चल रहे अवैध पेट्रोल-डीजल के कारोबार ने आखिरकार एक मासूम जान ले ली। ढाबे और टैंकर में अचानक लगी आग से पूरा क्षेत्र दहशत में आ गया और स्थानीय युवक पंकज रहांगडाले जिंदा जलकर राख हो गया।

टैंकर से डीजल निकालते समय भड़की आग

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बीती रात एक फेडरल टैंकर से चोरी-छिपे डीजल निकाला जा रहा था। इसी दौरान अचानक मोटर में शॉर्ट सर्किट हुआ और चंद सेकंड में ही आग ने टैंकर व ढाबे को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भीषण थी कि आस-पास अफरा-तफरी मच गई।

टैंकर ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए जलते हुए वाहन को सड़क किनारे लगभग 100 मीटर दूर खड़ा कर दिया और किसी तरह अपनी जान बचाई, लेकिन वह भी गंभीर रूप से झुलस गया।

अवैध धंधे का अड्डा बने ढाबे

स्थानीय लोगों ने खुलासा किया कि बरघाट क्षेत्र में जंगल किनारे बने ढाबे लंबे समय से अवैध ईंधन व्यापार का केंद्र बने हुए हैं। ट्रकों और टैंकरों से चोरी-छिपे पेट्रोल-डीजल निकालकर ग्रामीण क्षेत्रों में बेचा जाता था।

ग्रामवासियों का कहना है कि अगर प्रशासन समय रहते कार्रवाई करता, तो शायद युवक पंकज की जान बच सकती थी।

मोटर से निकाला जा रहा था डीजल

जांच में सामने आया है कि छोटी पानी की मोटर लगाकर टैंकर से डीजल निकाला जा रहा था। टैंकर के ऊपर से पाइप डालकर ईंधन निकालने की यह खतरनाक प्रक्रिया ढाबा मालिक और टैंकर ड्राइवर की मिलीभगत से चल रही थी। माना जा रहा है कि इसी दौरान मोटर में शॉर्ट सर्किट हुआ और आग भड़क उठी।

घंटों जाम, पुलिस-प्रशासन की दौड़भाग

आग लगने से हाईवे पर घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस और प्रशासन ने तत्काल वाहनों की आवाजाही रोक दी ताकि कोई बड़ी दुर्घटना न हो।

फायर ब्रिगेड की टीम ने तीन से चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और टैंकर को ब्लास्ट होने से बचा लिया। लेकिन पंकज रहांगडाले की जिंदगी इस आग में खत्म हो गई।

प्रशासन की मौजूदगी

घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी मोहनीश बैस, एसडीओपी ललित गठरे और तहसीलदार अमरित लाल धुर्वे दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने रातभर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटकर एक बड़े हादसे को टाल दिया।

बरघाट की यह घटना सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि अवैध पेट्रोल-डीजल माफिया की लापरवाही का नतीजा है। यह सवाल अब और तेज़ी से उठ रहा है कि आखिर कब तक प्रशासन की नाक के नीचे यह खतरनाक धंधा फलता-फूलता रहेगा?

सिवनी: बरघाट पुलिस की नाक के नीचे ढाबे में खाली हो रहा था पेट्रोल-डीजल, टैंकर में लगी भीषण आग से ढाबा खाक!

सिवनी/बरघाट (एस. शुक्ला)। जिले के बरघाट थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। ग्राम कौडिया घीसी में लंबे समय से चल रहे अवैध पेट्रोल-डीजल के काले कारोबार ने बीती रात बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। जानकारी के मुताबिक, एक फेडरल टैंकर से डीजल निकालने के दौरान आग लग गई, देखते ही देखते पास में बना ढाबा और टैंकर दोनों ही लपटों में समा गए। आग इतनी भीषण थी कि मौके पर अफरातफरी मच गई और आसपास के लोग भयभीत होकर इधर-उधर भागने लगे।

अवैध कारोबार का अड्डा बना ढाबा

स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगल से लगे इस ढाबे पर लंबे समय से पेट्रोल-डीजल का अवैध व्यापार चल रहा था। ट्रकों और टैंकरों से चोरी-छुपे ईंधन निकालकर यहां बेचा जाता था। आशंका जताई जा रही है कि इसी दौरान लापरवाही से आग भड़क गई।

विवाद के बाद सामने आया काला कारोबार

खास बात यह है कि कुछ दिन पहले ही पेट्रोल पंप संचालक और ढाबा मालिक के बीच जोरदार विवाद हुआ था। उसी के बाद से लगातार चर्चा थी कि यहां बड़े स्तर पर गड़बड़ियां हो रही हैं। हालांकि, पुलिस और प्रशासन इस पर आंखें मूंदे बैठे रहे। अब आगजनी की घटना ने इस पूरे खेल का भंडाफोड़ कर दिया है।

पुलिस की भूमिका पर सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि यह कारोबार बरघाट पुलिस की नाक के नीचे लंबे समय से फल-फूल रहा था। बावजूद इसके कार्रवाई नहीं हुई। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर किसकी मिलीभगत से इतना बड़ा धंधा बिना रोक-टोक चल रहा था।

बड़ा हादसा टला

गनीमत रही कि घटना के समय आसपास ज्यादा लोग मौजूद नहीं थे, वरना जानमाल की बड़ी क्षति हो सकती थी। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन ग्रामीणों को यकीन है कि अगर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसे हादसे दोबारा भी हो सकते हैं।

सिवनी: युवक ने कार में पति-पत्नी पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला, फिर खुद काट डाला गला – शहर में मचा हड़कंप!

सिवनी। मध्यप्रदेश का सिवनी जिला, जिसे अब तक शांत और सुरक्षित माना जाता था, एक बार फिर हिंसक वारदात से दहल गया। मंगलवार 26 अगस्त की शाम सिवनी-जबलपुर मार्ग पर स्थित सिमरिया तिराहे के पास हुई इस घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक कार में सवार युवक ने पहले कार चला रहे प्रकाश ठाकुर और उनकी पत्नी श्रृद्धा ठाकुर पर धारदार चाकू से हमला कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी कार से उतरा और भागने लगा, लेकिन कुछ कदम दूर जाकर उसी चाकू से उसने अपना गला रेत लिया।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

सूत्रों के मुताबिक, लोपा ग्राम निवासी ठाकुर दंपत्ति करीब एक साल पहले गांव से शहर आकर कर्वे कॉलोनी में रहने लगे थे। प्रकाश ठाकुर टैली अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर पर काम करते थे, जबकि पत्नी श्रृद्धा गृहणी थीं।

इनकी पहचान मंगलीपेठ निवासी 30 वर्षीय अर्शित वर्मा से हुई। बताया जाता है कि अर्शित ने प्रकाश ठाकुर को सरकारी नौकरी दिलाने का लालच दिया और बदले में भारी रकम भी ले ली।

मंगलवार को अर्शित वर्मा, प्रकाश और उनकी पत्नी को कार से जबलपुर लेकर गया। उसने दावा किया कि वह प्रकाश को जिला उद्योग केंद्र (DIC) में प्रबंधक की जॉब दिलवा देगा और ज्वॉइनिंग लेटर भी दिलवाएगा। लेकिन दिनभर इधर-उधर घुमाने और समय काटने के बाद जब वह वादे से पलटा तो कार में ही विवाद शुरू हो गया।

ताबड़तोड़ वार और फिर आत्महत्या

विवाद इतना बढ़ गया कि कार की पिछली सीट पर बैठे अर्शित ने अचानक 12 इंच का नुकीला चाकू निकालकर प्रकाश ठाकुर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। पत्नी श्रृद्धा ने बचाने की कोशिश की तो उस पर भी हमला किया गया।

घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि आरोपी कार से उतरकर भागा लेकिन करीब 100-150 कदम दौड़ने के बाद उसने खुद के गले पर भी वार कर लिया और मौके पर ही गिर पड़ा।

अस्पताल में भर्ती, नागपुर रेफर

घटना के बाद राहगीरों ने घायल दंपत्ति को तत्काल साईराम अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्रकाश ठाकुर की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें नागपुर रेफर कर दिया, जबकि श्रृद्धा ठाकुर का इलाज जारी है।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

अपराधों का गढ़ बनता सिवनी?

सिवनी शहर इन दिनों लगातार अपराधों की खबरों से चर्चा में है। नशे का बढ़ता कारोबार, शराब और अवैध गतिविधियों ने शहर की शांति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर अक्सर ‘सिवनी में बढ़ते अपराध’ को लेकर आवाज उठती है, लेकिन न तो नेताओं और न ही प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो आने वाले समय में युवा पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय हो सकता है।

अब बसों में किराया सूची और शिकायत नंबर जारी, यात्रियों ने कहा- “अब कोई नहीं लूट पाएगा”

सिवनी। जिले में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन के निर्देश पर जिला परिवहन विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब सिवनी बस स्टैंड परिसर और सभी बसों में किराया सूची चस्पा कर दी गई है। इसके साथ ही शिकायत हेतु नंबर 7974522166 भी जारी कर दिया गया है, ताकि कोई भी यात्री अगर मनमाने तरीके से अधिक किराया वसूली का शिकार हो तो तुरंत शिकायत दर्ज करा सके।

अब नहीं देना पड़ेगा “मनमाना किराया”

अब तक यात्रियों को बसों का तय किराया नहीं पता होने की वजह से अक्सर उन्हें अधिक राशि चुकानी पड़ती थी। कई बार यात्रियों और बस संचालकों के बीच विवाद की स्थिति भी बन जाती थी। लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब हर यात्री को गंतव्य तक का सटीक किराया पहले से ही पता होगा।

शिकायत पर होगी सख्त कार्रवाई

जिला परिवहन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अगर कोई बस संचालक तय किराए से ज्यादा वसूल करता है तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी। यात्री सीधे जारी नंबर पर शिकायत कर सकते हैं। यह कदम यात्रियों को पारदर्शिता और सुरक्षा दोनों प्रदान करेगा।

यात्रियों ने जताई खुशी

स्थानीय यात्रियों का कहना है कि यह पहल लंबे समय से ज़रूरी थी। “पहले हमें किराए की सही जानकारी नहीं होती थी। कई बार विवाद की नौबत आ जाती थी। अब सूची बसों और स्टैंड पर लगने से हम निश्चिंत होकर यात्रा कर सकेंगे,” एक यात्री ने बताया।

पारदर्शिता और विश्वास की ओर कदम

जिले में लागू यह व्यवस्था यात्रियों के लिए न केवल सुविधाजनक है बल्कि पारदर्शिता की दिशा में अहम पहल भी मानी जा रही है। अब कोई भी बस संचालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने की हिम्मत नहीं कर पाएगा।

सिवनी में बड़ी कार्रवाई: 20 लीटर हाथ भट्टी मदिरा और 2080 किग्रा महुआ लाहन जब्त

सिवनी (मध्यप्रदेश)। जिले में अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए आबकारी विभाग ने मंगलवार, 26 अगस्त 2025 को पांढरवानी के जंगल में छापामार कार्रवाई की। इस दौरान विभागीय टीम ने नाले किनारे दबिश देकर 20 लीटर हाथ भट्टी मदिरा एवं 2080 किलोग्राम महुआ लाहन जप्त कर मौके पर ही नष्ट कर दिया।

कलेक्टर के निर्देश पर सख्त कार्रवाई

यह कार्रवाई कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन के सख्त निर्देशों और जिला आबकारी अधिकारी श्री विनोद खटीक के मार्गदर्शन में की गई। विभाग का कहना है कि अवैध शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज

अवैध शराब बरामदगी के बाद विभाग ने मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(1) के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की पहचान कर उसे जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।

टीम ने निभाई अहम भूमिका

कार्रवाई के दौरान वृत शहर प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक राजेश सिंघल के साथ आरक्षक श्री संतराम मरावी एवं विशाल राव चौबितकर भी मौजूद रहे। पूरी टीम ने जंगल में दबिश देकर अवैध शराब निर्माण को रोकने में सफलता पाई।

अवैध शराब पर प्रशासन की पैनी नजर

जिले में लगातार अवैध शराब के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि अवैध शराब स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होने के साथ ही सामाजिक अपराधों को भी बढ़ावा देती है। इसी वजह से जिले में इस तरह की गतिविधियों को जड़ से खत्म करने की ठोस कार्रवाई की जा रही है।

Ganesh Chaturthi 2025: भारत के 6 प्रसिद्ध गणपति बप्पा मंदिर, जहां दर्शन अवश्य करें

Ganesh Chaturthi 2025: गणेश चतुर्थी 2025 की तैयारियां पूरे देश में शुरू हो चुकी हैं। भगवान गणेश, जिन्हें विघ्नहर्ता और बुद्धि, ज्ञान तथा समृद्धि के देवता माना जाता है, का यह पर्व इस बार और भी भव्यता के साथ मनाया जाएगा। हर साल लाखों श्रद्धालु मंदिरों और पंडालों में जाकर गणपति बप्पा के दर्शन करते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

भारत में ऐसे कई प्रसिद्ध गणपति मंदिर हैं, जिनके दर्शन करना हर भक्त का सपना होता है। यदि आप इस बार गणेश चतुर्थी पर एक दिव्य और आध्यात्मिक यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो देश के ये 6 ऐतिहासिक और शक्तिशाली गणेश मंदिर आपकी सूची में जरूर शामिल होने चाहिए।

1. सिद्धिविनायक मंदिर, मुंबई

मुंबई का सिद्धिविनायक गणपति मंदिर भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। यहां भगवान गणेश की सोने से जड़ी भव्य प्रतिमा है। चांदी के दरवाजे, सुंदर वास्तुकला और मंदिर का दिव्य वातावरण हर भक्त को मंत्रमुग्ध कर देता है।
गणेश चतुर्थी के दौरान यहाँ विशेष महाआरती और पूजा का आयोजन होता है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं।

2. दगडूशेठ हलवाई गणपति मंदिर, पुणे

पुणे का दगडूशेठ गणपति मंदिर अपनी भव्यता और शोभायात्रा के लिए मशहूर है। यह मंदिर अपनी समृद्ध परंपराओं और सजावट के लिए विशेष पहचान रखता है।
त्योहार के समय यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन और विशाल शोभायात्राएं आयोजित होती हैं। भगवान गणेश की सजीव मूर्ति भक्तों को अपनेपन और शक्ति का अनुभव कराती है।

3. कनिपकम विनायक मंदिर, आंध्र प्रदेश

आंध्र प्रदेश का कनिपकम विनायक मंदिर अपनी स्वयंभू गणेश प्रतिमा के लिए विख्यात है। कहा जाता है कि यह मूर्ति समय के साथ धीरे-धीरे बढ़ रही है।
गणेश चतुर्थी पर यहां भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं और स्वास्थ्य, समृद्धि व बाधाओं से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं।

4. कर्नाटक का प्रसिद्ध गणेश मंदिर

कर्नाटक में स्थित यह प्राचीन गणेश मंदिर अपने शांत वातावरण और पारंपरिक अनुष्ठानों के लिए जाना जाता है। त्योहार के दौरान यहां विशेष भजन-संगीत और धार्मिक आयोजन होते हैं। यह मंदिर भक्तों को गहरी आध्यात्मिक शांति और दिव्यता का अनुभव कराता है।

5. उज्जैन का गणेश मंदिर, मध्यप्रदेश

महाकाल की नगरी उज्जैन में स्थित यह गणेश मंदिर धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। इसकी प्राचीन परंपराएं और ऐतिहासिक महत्व इसे खास बनाते हैं।
गणेश चतुर्थी के अवसर पर यहां विशेष पूजन, प्रसाद वितरण और आरती का आयोजन किया जाता है। इस दौरान भक्तों की आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।

6. रंजनगांव गणपति मंदिर, महाराष्ट्र (अष्टविनायक)

महाराष्ट्र के अष्टविनायक मंदिरों में से एक रंजनगांव गणपति मंदिर विशेष रूप से प्रसिद्ध है। यह मंदिर बुद्धि और सफलता की प्राप्ति के लिए पूजनीय है।
त्योहार के दौरान यहां भक्तों की लंबी कतारें लगती हैं और मंदिर का वातावरण भक्ति और उल्लास से गूंज उठता है।

गणेश चतुर्थी 2025: आस्था और संस्कृति का अनोखा संगम

इस वर्ष की गणेश चतुर्थी भक्तों को एक अनूठा आध्यात्मिक अनुभव देने वाली है। चाहे मुंबई का सिद्धिविनायक हो, पुणे का दगडूशेठ या आंध्र प्रदेश का कनिपकम, हर मंदिर में भक्तों को भक्ति, संस्कृति और आनंद का संगम देखने को मिलेगा।
यदि आप इस त्योहार को यादगार बनाना चाहते हैं, तो इन 6 प्रमुख गणपति मंदिरों के दर्शन अवश्य करें और विघ्नहर्ता से जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त करें।

सिवनी: डॉ. वर्षा पटले बनीं यूनाइटेड हेल्थ वर्क वेल्फेयर एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष

सिवनी (एस. शुक्ला): यूनाइटेड हेल्थ वर्क वेल्फेयर एसोसिएशन ने संगठन विस्तार के तहत एक अहम निर्णय लेते हुए डॉ. वर्षा पटले को जिला सिवनी की जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। इस जिम्मेदारी के साथ ही डॉ. पटले अब जिले में स्वास्थ्य जागरूकता, CPR प्रशिक्षण, महिला एवं बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा तथा समाजहित के सेवा कार्यों को नई दिशा देने वाली हैं।

सेवा भाव से जुड़ी रही हैं जनता से

डॉ. वर्षा पटले का नाम जिले में किसी पहचान का मोहताज नहीं है। वे पहले भी निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों और शहरी क्षेत्रों की जनता से गहराई से जुड़ी रही हैं। न केवल सिवनी जिले में, बल्कि अन्य जिलों में भी उन्होंने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को निःशुल्क जांच एवं उपचार उपलब्ध कराकर अपनी अलग पहचान बनाई है। यही कारण है कि उनके जिलाध्यक्ष बनते ही बधाइयों का तांता लगा हुआ है।

संगठन ने जताया विश्वास

एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि डॉ. पटले ने लगातार समर्पण, लगन और सेवा भाव से काम किया है। इन्हीं गुणों के चलते संगठन ने उन पर भरोसा जताते हुए यह अहम जिम्मेदारी सौंपी है। उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में जिला स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं और जागरूकता अभियानों को नई दिशा और गति मिलेगी।

धारनाकला और बरघाट से गहरा जुड़ाव

मूल रूप से बरघाट विकासखंड के ग्राम गोडेगांव की निवासी डॉ. वर्षा पटले समय-समय पर धारनाकला में भी रहकर स्थानीय लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग देती रही हैं। उनके पति मोनू चौधरी, जो कि वर्धा जलपान गृह के संचालक हैं, पत्नी के इस सेवा भाव में हर कदम पर साथ खड़े नजर आते हैं।

जनता की उम्मीदें बढ़ीं

डॉ. वर्षा पटले की नियुक्ति के बाद ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं। अब जिले की जनता को विश्वास है कि उनके नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा और व्यापक होगा तथा गांव-गांव में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान को मजबूती मिलेगी।