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जानलेवा गड्ढों पर आखिर चला प्रशासन का पहिया! सिवनी-बालाघाट रोड की मरम्मत शुरू — फोरलेन वादा अब भी अधर में

Seoni News
📍स्थान: सिवनी-बालाघाट रोड, मध्यप्रदेश
🗓️रिपोर्ट: Khabar Satta | संवाददाता (एस. शुक्ला)

सिवनी-बालाघाट रोड की जर्जर हालत और जानलेवा गड्ढों ने आखिरकार प्रशासन को झकझोर दिया है।
एमपीआरडीसी (MPRDC) ने अब इन गड्ढों को भरने का काम शुरू कर दिया है, लेकिन सवाल यह उठता है —

“क्या इतने हादसों के बाद ही प्रशासन को होश आता है?”

इस रोड की दयनीय स्थिति के कारण अब तक दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है।
बीते दिनों एमपीआरडीसी के ही एक वाहन की भीषण सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के तीन सदस्य मौके पर ही दम तोड़ बैठे।
यह हादसा कोई पहला नहीं था — पिछले कई महीनों से यह रोड मौत का जाल बन चुका है।

⚠️ सड़क की हालत इतनी खराब कि सफर बन गया खतरा

सिवनी-बालाघाट रोड से गुजरना अब किसी रोमांचक यात्रा से नहीं, बल्कि मौत से खेलने जैसा हो गया है।
हर कुछ मीटर पर बने खतरनाक गड्ढे, टूटी साइड सोल्डर, और अंधेरी रातों में लाइटिंग की कमी – इन सबने सड़क को एक “डेंजर जोन” बना दिया है।

स्थानीय लोगों ने बार-बार शिकायतें कीं, धरने दिए, सोशल मीडिया पर आवाज़ उठाई, मगर प्रशासन कछुआ चाल में ही चलता रहा।

🐢 फोरलेन का वादा बना मज़ाक – सालभर बाद भी D.P.R तक सीमित!

प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव ने करीब एक साल पहले सिवनी-बालाघाट रोड को फोरलेन बनाने की घोषणा की थी।
लेकिन यह घोषणा अब तक कागज़ों से बाहर नहीं निकली।
पूरा मामला D.P.R (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) की तैयारी में ही अटका हुआ है।

स्थानीय जनप्रतिनिधि और नेताओं ने सोशल मीडिया पर वाहवाही लूटने के लिए कई पोस्ट जरूर कीं,
पर जमीनी हकीकत यह है कि सड़क की हालत दिन-ब-दिन और खराब होती जा रही है।

🗣️ लोगों का गुस्सा – “हादसे के बाद जागता है सिस्टम”

धारनाकला से लेकर बरघाट और सिवनी तक लोगों में गुस्सा साफ झलकता है।
स्थानीय निवासी राजेश नामदेव ने बताया –

“जब सड़क के गड्ढों ने इतने लोगों की जान ले ली, तब जाकर प्रशासन को मरम्मत याद आई। इससे पहले सब सो रहे थे।”

इसी तरह, एक अन्य ग्रामीण ने कहा –

“अगर फोरलेन का काम समय पर शुरू हो जाता, तो कई घर उजड़ने से बच जाते।”

🚦 बढ़ता ट्रैफिक, घटती सुरक्षा – हादसों की खुली किताब

सिवनी-बालाघाट रोड से रोज़ाना सैकड़ों ट्रक, बसें और निजी वाहन गुजरते हैं।
लेकिन सड़क की चौड़ाई कम और साइड सोल्डर टूटे हुए होने के कारण हर दिन नए हादसे सामने आ रहे हैं।

फोरलेन प्रोजेक्ट की देरी अब जनजीवन के लिए सीधी चुनौती बन चुकी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जल्द कदम नहीं उठाए गए तो यह रोड प्रदेश की सबसे खतरनाक सड़कों में शुमार हो जाएगी।

🏗️ जनता की मांग – जल्द शुरू हो फोरलेन निर्माण, नहीं तो आंदोलन

ग्रामीणों और व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि अगर फोरलेन का काम जल्द शुरू नहीं किया गया तो सड़क पर जनआंदोलन किया जाएगा।
लोगों का कहना है –

“अब हमें खोखले वादे नहीं, ठोस सड़क चाहिए।”

गड्ढे तो भर रहे, पर जवाबदेही अभी भी खाली!

भले ही MPRDC ने सड़क मरम्मत शुरू कर दी है,
लेकिन असली राहत तभी मिलेगी जब फोरलेन का काम हकीकत बनेगा।
सिवनी-बालाघाट रोड पर मौत का सिलसिला थमाने के लिए
राज्य सरकार और जनप्रतिनिधियों को जल्द ठोस कदम उठाने होंगे।

सिवनी: बरघाट में चला प्रशासन का बुलडोज़र! शासकीय ज़मीन से हटाया गया अवैध कब्जा, अब नपेंगे बाकी दबंग और भू-माफिया

Seoni News:
📍स्थान: धारनाकला, बरघाट (जिला सिवनी, मध्यप्रदेश)
🗓️रिपोर्ट: संवाददाता (एस. शुक्ला)| Khabar Satta Exclusive Report

धारनाकला के समीप ग्राम घीसी पंचायत में मेन रोड से लगी शासकीय जमीन पर वर्षों से फैले अवैध कब्जे पर आखिरकार प्रशासन का बुलडोज़र चल ही गया।
यह कार्रवाई राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई, जिसमें तहसीलदार बरघाट अमरित लाल धुर्वे के नेतृत्व में बेदखली आदेश का सख़्ती से पालन करवाया गया।

ग्राम पंचायत के सरपंच और ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद, जनहित को ध्यान में रखते हुए तहसीलदार द्वारा यह कार्रवाई की गई। प्रशासन की इस निष्पक्ष और साहसिक पहल की ग्रामीणों में जमकर प्रशंसा हो रही है।

⚖️ अभी बाकी है कई और अवैध कब्जों पर कार्रवाई!

हालांकि यह कार्रवाई एक बड़ी शुरुआत है, लेकिन बरघाट जनपद क्षेत्र में अभी भी कई शासकीय जमीनों पर दबंगों और भूमाफियाओं का अवैध कब्जा बरकरार है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि –

“जब तक सभी शासकीय भूमि से कब्जे नहीं हटाए जाते, तब तक यह कार्रवाई अधूरी मानी जाएगी।”

🏢 सिवनी-बालाघाट मेन रोड की शासकीय भूमि पर भी भूमाफियाओं का कब्ज़ा!

सिवनी-बालाघाट मेन रोड के किनारे की जनपद पंचायत बरघाट के नाम दर्ज भूमि पर भी भूमाफियाओं का जाल फैला हुआ है।
यह भूमि पहले जनपद सभा सिवनी के नाम थी, लेकिन जिला कलेक्टर के आदेश के बाद इसे बरघाट पंचायत के नाम दर्ज किया गया।
जनपद सभा सिवनी द्वारा भूमि को सुरक्षित करने के प्रयास किए जा रहे थे, मगर बरघाट पंचायत के नियंत्रण में आने के बाद स्थिति और बिगड़ गई है।

यहाँ के स्थानीय दबंगों ने रोड के किनारे तक अवैध निर्माण कर रखे हैं, जिससे आवागमन बाधित हो रहा है और दुर्घटनाएँ आम बात बन चुकी हैं।

💰 शासकीय ज़मीन की आड़ में चल रही प्लॉटिंग का गोरखधंधा!

जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ भूमाफिया शासकीय जमीन से लगी निजी खेतिहर भूमि खरीदकर उसे ऊँचे दामों पर बेच रहे हैं।
इनमें से कई लोग पंचायत से फर्जी NOC लेकर खेतिहर भूमि को “कथित प्लॉटिंग ज़ोन” बताकर प्रति वर्गफुट ₹8,000 से ₹10,000 तक के दाम पर बेच रहे हैं।

यह पूरा खेल राजस्व चोरी और अवैध निर्माण के जरिये किया जा रहा है, मगर प्रशासन की चुप्पी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

🚔 अब बाकी कब्जों पर भी चलेगी बड़ी कार्रवाई – प्रशासन ने दिए संकेत

राजस्व विभाग के सूत्रों के अनुसार, बहुत जल्द अन्य अवैध कब्जाधारियों पर भी बेदखली आदेश जारी किए जाएंगे।
प्रशासन का रुख अब सख्त है और “जनहित में भूमि संरक्षण” को लेकर व्यापक अभियान चलाने की तैयारी है।

तहसीलदार बरघाट अमरित लाल धुर्वे ने कहा कि –

“किसी भी हालत में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। जनहित सर्वोपरि है।”

🧩 जनता की मांग: शासकीय ज़मीन पर बने ‘सुगम कॉम्प्लेक्स’

स्थानीय लोगों की यह भी मांग है कि सिवनी-बालाघाट रोड की सरकारी ज़मीन पर ‘सुगम कॉम्प्लेक्स’ का निर्माण किया जाए, जिससे व्यापारिक गतिविधियाँ बढ़ें और रोजगार के अवसर मिलें।
लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता अब भी जनता के आक्रोश का कारण बनी हुई है।

जनहित की जीत की शुरुआत – अब भूमाफियाओं पर कसेगा शिकंजा!

धारनाकला में हुई यह कार्रवाई सरकारी जमीनों की सुरक्षा के लिए नई मिसाल बन सकती है।
अगर प्रशासन इसी दृढ़ता से काम करता रहा तो जल्द ही बरघाट क्षेत्र भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त हो जाएगा।

सावधान रहें सतर्क रहें! अब ठग सिवनी कलेक्टर की DP लगाकर मांग रहे पैसे, वियतनाम नंबर से मचा प्रशासन में हड़कंप”

Seoni News | Seoni Collector Cyber Fraud | सिवनी से बड़ी खबर: मध्यप्रदेश के सिवनी जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने प्रशासनिक अधिकारियों को ठगने के लिए कलेक्टर शीतला पटले (Collector Sheetla Patle) की फोटो (DP) लगाकर अफसरों से पैसे की मांग कर डाली। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि यह कॉल वियतनाम के मोबाइल नंबर से की गई थी, जबकि ठगों द्वारा दिया गया बैंक अकाउंट नंबर सतना जिले का है।

कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?

जानकारी के अनुसार, कुछ अधिकारियों को मोबाइल नंबर 84355184381 से कलेक्टर की फोटो लगी प्रोफाइल से व्हाट्सएप मैसेज आए, जिनमें पैसे या गिफ्ट वाउचर भेजने की मांग की गई थी।
अधिकारी पहले तो असमंजस में पड़ गए, लेकिन जैसे ही उन्होंने सीधे कलेक्टर शीतला पटले से संपर्क किया, सच्चाई सामने आ गई — यह एक फर्जी और साइबर ठगी की कोशिश थी।

कलेक्टर कार्यालय ने जारी की चेतावनी

सिवनी प्रशासन ने तुरंत एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि –

“कोई भी व्यक्ति यदि कलेक्टर या किसी प्रशासनिक अधिकारी के नाम से पैसे अथवा उपहार की मांग करता है, तो ऐसे संदेशों पर बिल्कुल भरोसा न करें। यह पूर्णतः फर्जी और भ्रामक गतिविधि है।”

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ऐसे मामलों की तुरंत पुलिस या साइबर सेल को सूचना दें और किसी भी तरह का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन न करें।

वियतनाम से कॉल, सतना का अकाउंट — नया साइबर पैटर्न!

इस मामले ने प्रशासनिक महकमे की चिंता और बढ़ा दी है क्योंकि ठगों ने विदेशी (वियतनाम) नंबर का इस्तेमाल किया है।
पुलिस जांच में पता चला है कि यह एक प्रॉक्सी कॉल थी — यानी कॉल किसी मध्यस्थ सर्वर के जरिए की गई, जिससे असली नंबर छिपा रहा। ठगों ने पैसे ट्रांसफर करने के लिए जो बैंक अकाउंट नंबर दिया, वह सतना जिले का पाया गया है।

पहले भी हुआ था ऐसा मामला

यह पहला मौका नहीं है जब कलेक्टर की फोटो का गलत इस्तेमाल हुआ हो। कुछ दिन पहले खरगोन कलेक्टर भव्या मित्तल की तस्वीर का भी ठगों ने दुरुपयोग किया था। उन्होंने भी इसी तरह प्रशासनिक अफसरों से रुपए मांगने की कोशिश की थी। लेकिन अधिकारियों की सजगता और सतर्कता ने उस बार भी ठगी को नाकाम कर दिया था।

जांच में जुटी पुलिस

सिवनी एसपी सुनील मेहता ने बताया कि “यह मामला साइबर ठगी से जुड़ा हुआ है। कोतवाली थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस साइबर टीम के साथ मामले की जांच में जुटी है।”
अब प्रशासन और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश में है कि वियतनाम से जुड़े इस फर्जी नेटवर्क का लोकल कनेक्शन कहां से है।

लोग क्या करें ताकि ऐसे ठगी से बचें?

  • किसी भी अनजान नंबर या व्हाट्सएप मैसेज पर भरोसा न करें।
  • अगर कोई सरकारी अधिकारी बनकर पैसे मांगता है, तो पहले सीधे विभाग से पुष्टि करें।
  • किसी भी लिंक, QR कोड या अकाउंट नंबर पर ट्रांजेक्शन करने से बचें।
  • साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज करें।

सिवनी पुलिस का ‘साइबर मिशन’! अब कोई गुम मोबाइल या ऑनलाइन ठगी नहीं बचेगी अनसुलझी

सिवनी: राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के तहत सिवनी पुलिस ने एक अहम पहल की है। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चल रहे इस अभियान में, पुलिस अधीक्षक श्री सुनील मेहता के नेतृत्व में साइबर सुरक्षा से जुड़ा एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस प्रशिक्षण में एनसीआरपी, सीईआईआर और जेएमआईसी पोर्टल पर काम करने की तकनीक, साइबर क्राइम की जांच, गुम मोबाइल ट्रेसिंग और ऑनलाइन शिकायतों के समाधान से जुड़ी बारीकियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रशिक्षण का संचालन नोडल अधिकारी निरीक्षक श्री ओमेश्वर ठाकरे, साइबर सेल प्रभारी एएसआई श्री देवेंद्र जायसवाल और मास्टर ट्रेनर आर. विनय चौरिया द्वारा किया गया।

इस दौरान 30 से अधिक प्रशिक्षणार्थियों को पोर्टल्स पर कार्य प्रणाली, शिकायत निवारण की प्रक्रिया और साइबर अपराध की जांच के नवीनतम तरीकों की जानकारी दी गई।

जनहित में साइबर जागरूकता का संदेश

सिवनी पुलिस का यह कदम आम जनता को साइबर सतर्कता और जागरूकता से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

प्रशिक्षण के दौरान न केवल तकनीकी जानकारी दी गई, बल्कि प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि आमजन की शिकायतों का त्वरित समाधान कैसे किया जाए और उन्हें ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपाय कैसे सिखाए जाएं।

साथ ही जागरूकता सामग्री और विवेचना की बारीकियों को भी साझा किया गया ताकि पुलिस कर्मी जनता के बीच जाकर उन्हें समझा सकें कि —

“साइबर सुरक्षा कोई विकल्प नहीं, अब यह आवश्यकता बन चुकी है।”

अब ट्रेस होगा हर गुम मोबाइल, पकड़े जाएंगे साइबर ठग

प्रशिक्षण के बाद पुलिस कर्मियों को एनसीआरपी (National Cyber Reporting Portal) और सीईआईआर (Central Equipment Identity Register) जैसे सरकारी पोर्टलों के माध्यम से गुम मोबाइल की लोकेशन ट्रैकिंग और ऑनलाइन ठगी के केसों की जांच को और प्रभावी बनाने की तकनीक सिखाई गई।

इससे न केवल अपराधियों पर शिकंजा कसा जाएगा बल्कि आम जनता को भी त्वरित न्याय मिलेगा।

सिवनी पुलिस की अपील

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन ठगी, मोबाइल गुमशुदगी या संदिग्ध लिंक मिलने पर तुरंत www.cybercrime.gov.in या निकटतम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

साथ ही, अज्ञात नंबरों पर बैंक डिटेल या ओटीपी साझा न करें, ताकि आप स्वयं और अन्य लोग सुरक्षित रह सकें।

सिवनी पुलिस की यह पहल न सिर्फ एक प्रशिक्षण कार्यक्रम है बल्कि यह जनता को साइबर युग में सुरक्षित रखने की दिशा में एक जागरूकता आंदोलन है।

ऐसे प्रयास ही भारत को “डिजिटल इंडिया, सेफ इंडिया” बनाने की ओर मजबूत कदम साबित होंगे।

सिवनी ITI में एक दिवसीय प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन 28 अक्टूबर 2025 को

सिवनी: प्राचार्य शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्‍थान द्वारा बताया गया कि शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था, सिवनी में एचआरवीएस इंडिया प्रा. लि. के माध्यम से सुजूकी मोटर्स के लिए एक दिवसीय आईटीआई कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन दिनांक 28 अक्टूबर 2025 को प्रातः 10:30 बजे से किया जा रहा है।

उक्त प्लेसमेंट ड्राइव में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास (नियमित) तथा आईटीआई (एनसीवीटी/एससीवीटी) उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। पात्र ट्रेडों में फिटर, डीजल मैकेनिक, मोटर मैकेनिक, टर्नर, मशीनिस्ट, टूल एंड डाई मेकर, वेल्डर, इलेक्ट्रीशियन, प्लास्टिक प्रोसेसिंग ऑपरेटर, सीओई (ऑटोमोबाइल), ट्रैक्टर मैकेनिक, पेंटर जनरल, वायरमैन, शीट मेटल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक सम्मिलित हैं।

आईटीआई उत्तीर्ण वर्ष 2016 से 2025 तक के अभ्यर्थी पात्र होंगे। 10वीं में न्यूनतम 40 प्रतिशत तथा आईटीआई में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं। अभ्यर्थियों की आयु ज्वाइनिंग की तिथि के अनुसार न्यूनतम 18 वर्ष एवं अधिकतम 26 वर्ष निर्धारित की गई है। चयनित अभ्यर्थियों को मासिक सीटीसी 26,674 रूपये तथा अप्रेंटिसशिप के रूप में 19,500 रूपये प्रतिमाह का मानदेय देय होगा।

साक्षात्कार हेतु अभ्यर्थियों को अपने समस्त मूल प्रमाण पत्र, उनकी दो-दो सेट छायाप्रतियाँ, शैक्षणिक अंकसूचियाँ, आधार कार्ड, चार पासपोर्ट साइज फोटो एवं बायोडाटा/सीवी/रिज़्यूमे सहित उपस्थित होना आवश्यक है।

उन्‍होंने बताया प्लेसमेंट केवल पुरुष अभ्यर्थियों के लिए मान्य है। कैंपस ड्राइव में भाग लेने हेतु कोई मार्ग व्यय देय नहीं होगा। चयन भर्ती कंपनी की शर्तों के अनुसार किया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी दिनांक 28 अक्टूबर 2025 को प्रातः 10:30 बजे शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था, छिड़िया पलारी चुना भट्टी, सिवनी में उपस्थित हों। अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 8445639001 पर संपर्क किया जा सकता है।

सिवनी में दिव्यांग बच्चों की पहचान के लिए शिविरों का आयोजन

सिवनी: मध्यप्रदेश में जन्म से 18 वर्ष तक के सभी बच्चों में दिव्यांगता की त्वरित पहचान के लिए शिविरों का आयोजन किया जा रहा है यह शिविर प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी निर्देशों और जुवेनाइल कमेटी हाई कोर्ट ऑफ मध्यप्रदेश की अनुशंसा के पालन में आयोजित किए जा रहे हैं।

शिविरों में जिला मेडिकल बोर्ड के विशेषज्ञ चिकित्सक बच्चों की जांच कर दिव्यांग प्रमाण पत्र एवं उड़ीद कार्ड शिविर स्थल पर ही प्रदान करेंगे जिससे पात्र बच्चों को शासन की पेंशन और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा शिविरों का आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग स्कूल शिक्षा विभाग जनजाति कार्य विभाग सामाजिक न्याय विभाग पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग आयुष विभाग तथा लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के संयुक्त समन्वय से किया जाएगा।

कलेक्‍टर श्रीमती शीतला पटले के निर्देशानुसार सिवनी जिले में भी जनपद पंचायत छपारा में 28 अक्टूबर को, केवलारी में 31 अक्टूबर को, लखनादौन में 4 नवम्बर को, कुरई में 7 नवम्बर को, धनौरा में 11 नवम्बर को, बरघाट में 14 नवम्बर को, घंसौर में 18 नवम्बर को, तथा जनपद पंचायत सिवनी में 21 नवम्बर को शिविर आयोजित किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों की नगरपालिकाएं भी इन शिविरों में सम्मिलित होंगी।

इन शिविरों का उद्देश्य जिले के सभी बच्चों में संभावित दिव्यांगता की पहचान कर उन्हें उड़ीद प्रणाली से जोड़ना है, ताकि कोई भी पात्र बच्चा शासन की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। जिला प्रशासन द्वारा सभी संबंधित विभागों को समन्वय कर शिविरों की सफल आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

MP SET 2025 Registration: एमपी सेट परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन शुरू; 11 जनवरी को होगी परीक्षा – जानिए पूरी डिटेल

भोपाल: मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने राज्य पात्रता परीक्षा (MP SET 2025) के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। जो उम्मीदवार राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक (Assistant Professor) बनने का सपना देख रहे हैं, उनके लिए यह एक सुनहरा मौका है।

एमपी सेट परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन 25 अक्टूबर 2025 से शुरू हो चुके हैं और उम्मीदवार 20 नवंबर 2025 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से www.mponline.gov.in या mppsc.mp.gov.in पर ही स्वीकार किए जाएंगे।

MP SET 2025 परीक्षा की तारीख

एमपीपीएससी ने जानकारी दी है कि राज्य पात्रता परीक्षा (MP SET 2025) का आयोजन 11 जनवरी 2026 (रविवार) को किया जाएगा। इस परीक्षा के माध्यम से आयोग राज्य के विश्वविद्यालयों और सरकारी कॉलेजों में प्रोफेसर व असिस्टेंट प्रोफेसर पदों के लिए पात्र अभ्यर्थियों का चयन करेगा।

🎓 MP SET 2025 योग्यता मानदंड (Eligibility Criteria)

  • अभ्यर्थी के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर (Post Graduation) की डिग्री होनी चाहिए।
  • जो विद्यार्थी स्नातकोत्तर के अंतिम वर्ष में हैं, वे भी आवेदन कर सकते हैं।
  • सामान्य व OBC (क्रीमीलेयर) अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 55% अंक आवश्यक हैं।
  • SC, ST, OBC (Non-Creamy Layer), EWS, और दिव्यांग उम्मीदवारों को 50% अंक की आवश्यकता होगी।
  • PhD धारकों को 5% की छूट प्रदान की जाएगी।

🏙️ कहां होंगे परीक्षा केंद्र?

एमपी सेट 2025 परीक्षा के लिए 12 प्रमुख शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे —
भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, सतना, सागर, उज्जैन, नर्मदापुरम, रीवा, खरगोन, रतलाम और शहडोल।

📚 कितने विषयों में होगी परीक्षा?

एमपीपीएससी इस बार 31 विषयों में SET परीक्षा आयोजित करेगा। इन विषयों का सिलेबस UGC NET और CSIR NET परीक्षा के अनुसार ही रहेगा।

मुख्य विषयों में शामिल हैं —
हिन्दी, अंग्रेजी, राजनीति विज्ञान, इतिहास, समाजशास्त्र, वाणिज्य, प्रबंधन, गणितीय विज्ञान, भौतिक विज्ञान, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, भूगोल, योग, दर्शनशास्त्र, रसायन विज्ञान, विधि, संस्कृत, उर्दू, संगीत, चित्रकला, संगणक विज्ञान, गृह विज्ञान, पुस्तकालय विज्ञान, पारंपरिक संस्कृत विषय (ज्योतिष, व्याकरण, धर्मशास्त्र) आदि।

💰 MP SET 2025 आवेदन शुल्क

  • मध्यप्रदेश के मूल निवासी (SC/ST/OBC Non-Creamy Layer, EWS, दिव्यांग): ₹250 + ₹40 पोर्टल शुल्क
  • अन्य श्रेणियां व राज्य के बाहर के उम्मीदवार: ₹500 + ₹40 पोर्टल शुल्क
  • त्रुटि सुधार शुल्क: ₹50 प्रति सुधार सत्र

🗓️ महत्वपूर्ण तिथियां

गतिविधितिथि
ऑनलाइन आवेदन शुरू25 अक्टूबर 2025
आवेदन की अंतिम तिथि20 नवंबर 2025
त्रुटि सुधार अवधि30 अक्टूबर से 22 नवंबर 2025
परीक्षा तिथि11 जनवरी 2026 (रविवार)

🧾 MP SET परीक्षा पैटर्न

एमपी सेट परीक्षा दो पेपरों में होगी —

  1. प्रथम प्रश्न-पत्र (सामान्य विषय) – Teaching & Research Aptitude पर आधारित 50 प्रश्न, प्रत्येक 2 अंक का (कुल 100 अंक)।
  2. द्वितीय प्रश्न-पत्र (विषय-विशेष) – चयनित विषय पर आधारित 100 प्रश्न, प्रत्येक 2 अंक का (कुल 200 अंक)।
    ⏱️ परीक्षा की अवधि: 3 घंटे (बिना अंतराल के)

🧑‍🏫 560 कॉलेजों में खाली हैं सहायक प्राध्यापक के पद

एमपीपीएससी के अधिकारी रवींद्र पंचभाई के अनुसार, वर्तमान में 560 सरकारी कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक के 3500 से अधिक पद खाली हैं। MP SET 2025 के माध्यम से इन पदों के लिए पात्र उम्मीदवारों की सूची तैयार की जाएगी।

वहीं, सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा 2022 के अंतर्गत चयनित 1600 अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जा रही है। इसके अलावा, 2024 में आयोजित 24 विषयों की परीक्षा के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।

तहसीलदार और थाना प्रभारी ने हटवाई फटाखा दुकानें — बदला फटाखा बाजार का स्थान

धारनाकला (बरघाट)। दिवाली के मद्देनज़र जहां चारों ओर रौनक देखने को मिल रही है, वहीं धारनाकला गांव में एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। तहसीलदार बरघाट और थाना प्रभारी बरघाट की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को ग्राम पंचायत धारनाकला के समीप शासकीय जमीन पर लगी फटाखा दुकानों को तत्काल हटाने की कार्रवाई की। यह कदम सुरक्षा कारणों और संभावित हादसे को रोकने के लिए उठाया गया। बताया जा रहा है कि एक किराना व्यवसायी के हस्तक्षेप और शिकायत के बाद यह कार्यवाही की गई, क्योंकि दुकानें पंचायत भवन के बहुत नजदीक लगाई गई थीं, जिससे आगजनी का खतरा था।

फटाखा दुकानों को किया गया स्थानांतरित, नया बाजार गांव के बाहर

प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर फटाखा दुकानों के पंडाल हटवाए और दुकानदारों को गांव से बाहर शासकीय भूमि पर निर्धारित स्थान पर दुकान लगाने के निर्देश दिए।

गांव में पर्याप्त सरकारी जमीन न होने के कारण, सरपंच ने पहले पंचायत के पास की खाली जगह दुकानदारों को आवंटित की थी। लेकिन सुरक्षा मानकों और नियमों का उल्लंघन देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की।

फटाखा व्यवसायियों ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग

प्रशासन के आदेश का पालन करते हुए फटाखा व्यवसायियों ने तुरंत अपने पंडाल हटाए और नए स्थान पर दुकानें लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि गांव की कुछ किराना दुकानों में बिना लाइसेंस के थोक में फटाखा कारोबार हो रहा है, जबकि वैध लाइसेंसधारी दुकानदारों को एक दिन का सीमित व्यापार करने की अनुमति है।

व्यवसायियों ने मांग की कि बिना लाइसेंस कारोबार करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इस पर तहसीलदार और थाना प्रभारी ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया।

सख्त नियमों के बीच मुश्किल हुआ फटाखा व्यवसाय

फटाखा कारोबार अब पहले की तरह आसान नहीं रह गया है। शासन की गाइडलाइन के अनुसार, हर फटाखा व्यापारी को ‘स्वघोषणा पत्र’ (Self Declaration Form) भरकर देना होगा, जिसमें यह स्पष्ट करना होगा कि वह केवल ‘ग्रीन क्रैकर्स (Green Crackers)’ का ही निर्माण, भंडारण और विक्रय कर रहा है।

यह नियम माननीय उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा रिट पिटीशन क्र. 728/2015 पर दिनांक 29 अक्टूबर 2021 को दिए गए आदेश के तहत लागू किया गया है।

इस आदेश के अनुसार, प्रतिबंधित और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक फटाखों के निर्माण, भंडारण और विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

इसी के चलते प्रशासन ने निर्देश दिया है कि बाजार में बेचे जाने वाले सभी फटाखों के सेम्पल मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, विजय नगर जबलपुर को जांच हेतु भेजे जाएंगे।

जनता ने की प्रशासन के फैसले की सराहना

धारनाकला के ग्रामीणों ने इस कार्रवाई को “साहसिक और समयोचित निर्णय” बताया। उनका कहना है कि दिवाली जैसे पर्व पर सुरक्षा सर्वोपरि है।

गांव के एक बुजुर्ग निवासी ने कहा — “अगर यह कार्रवाई समय पर नहीं होती तो गांव के बीच लगी फटाखा दुकानों से बड़ा हादसा हो सकता था।”

धारनाकला में की गई यह कार्रवाई प्रशासन की सजगता और जनता की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी को दर्शाती है।

जहां एक ओर फटाखा व्यवसायी नए नियमों के चलते मुश्किलें झेल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन का ध्यान सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर केंद्रित है।

अब देखना होगा कि आगामी दिनों में बिना लाइसेंस कारोबार करने वालों पर क्या सख्त कदम उठाए जाते हैं।

सिवनी हवाला मनी लूट मामले में SDOP पूजा पांडे, थाना प्रभारी अर्पित भैरम समेत 5 गिरफ्तार; 11 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज

मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में हवाला मनी लूट कांड ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। इस मामले में अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा कदम उठाया है। सीएम ने साफ कहा है कि “प्रदेश में कानून सबके लिए समान है, और अपराधी चाहे वर्दी में ही क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।”

सीएम के आदेश के बाद सिवनी एसडीओपी पूजा पांडे सहित कुल 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें से 5 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। यह मामला प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है, लेकिन सरकार का यह सख्त एक्शन पुलिस विभाग में जवाबदेही की नई मिसाल बन गया है।

सीएम डॉ. यादव ने दिए सख्त निर्देश — “कर्तव्य से हटकर काम करने वालों के लिए जगह नहीं”

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि,

“राज्य सरकार का पहला दायित्व है नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना। यदि पुलिस अधिकारी या कर्मचारी अपने पद का दुरुपयोग करते हैं, तो ऐसे लोगों को सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी।”

सीएम ने यह भी कहा कि सिवनी कांड में दोषियों पर न केवल अनुशासनात्मक बल्कि कानूनी कार्रवाई भी होगी। उन्होंने साफ किया कि “प्रदेश में सुशासन स्थापित करने की दिशा में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

ये पुलिसकर्मी आए जांच के घेरे में — FIR और गिरफ्तारियां

जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि हवाला मनी लूट कांड में शामिल अधिकारी और कर्मचारी स्वयं कानून की रखवाली करने वाले हैं।

FIR में शामिल पुलिसकर्मियों के नाम:

  1. एसडीओपी पूजा पांडे
  2. एसआई अर्पित भैरम
  3. कॉन्सटेबल योगेंद्र
  4. कॉन्सटेबल नीरज
  5. कॉन्सटेबल जगदीश

इन पांचों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

वहीं जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, उनमें शामिल हैं:

  • प्रधान आरक्षक माखन
  • प्रधान आरक्षक राजेश जंघेला
  • आरक्षक रविंद्र उईके
  • आरक्षक चालक रितेश
  • गनमैन केदार
  • गनमैन सदाफल

कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई — अब होगी सख्त जांच

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है —

  • धारा 310(2) – डकैती
  • धारा 126(2) – गलत तरीके से रोकना
  • धारा 140(3) – अपहरण
  • धारा 61(2) – आपराधिक षडयंत्र

इन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, जांच में कुछ और नाम सामने आने की संभावना है।

प्रदेश में सुशासन की मिसाल – सीएम का संदेश साफ

मुख्यमंत्री मोहन यादव की इस कार्रवाई से पूरे प्रदेश के पुलिस महकमे में चेतावनी का संदेश गया है। यह कदम यह दर्शाता है कि सरकार “शून्य सहिष्णुता नीति” पर काम कर रही है।
अब सवाल यह है कि क्या इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में सुधार आएगा या फिर यह मामला सिर्फ “एक उदाहरण” बनकर रह जाएगा?

जनता की प्रतिक्रिया — “ऐसे कदमों से ही आएगा बदलाव”

सोशल मीडिया पर इस खबर को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाएं तेज हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि “अब जनता को भरोसा हुआ कि कानून सबके लिए बराबर है।” वहीं कुछ ने कहा कि “वर्दी में अपराध करने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।”

सिवनी हवाला मनी लूट कांड अब केवल एक जिला स्तर का मामला नहीं रहा, बल्कि यह प्रदेश में कानून और ईमानदारी की कसौटी बन गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के इस निर्णायक कदम से यह संदेश स्पष्ट है कि “न्याय से ऊपर कोई नहीं, चाहे वो किसी भी कुर्सी पर क्यों न बैठा हो।”

सिवनी: जबलपुर क्राइम ब्रांच करेगी सिवनी हवाला कांड की जांच, खुलासों ने हिला दिया पूरा महकमा!

सिवनी: मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में सामने आए हवाला कांड ने पूरे पुलिस महकमे को हिला कर रख दिया है। अब इस मामले की जांच का जिम्मा जबलपुर क्राइम ब्रांच को सौंपा गया है। जांच के दौरान कई नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं, जिससे यह मामला और भी पेचीदा होता जा रहा है।

आईजी प्रमोद वर्मा पहुंचे सिवनी, अधिकारियों से की गहन चर्चा

सोमवार को जबलपुर पुलिस महानिरीक्षक (IG) प्रमोद वर्मा खुद सिवनी पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी अधिकारियों से ली। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे जबलपुर क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर करने का फैसला लिया। अब इस मामले की जांच एएसपी दीपेन्द्र सिंह के नेतृत्व में होगी।

अब तक 11 पुलिसकर्मी सस्पेंड, DSP पूजा पांडे और TI अर्पित भैरम पर भी गाज

8 अक्टूबर 2025 की रात हुई इस घटना ने पुलिस विभाग की नींव हिला दी है। जांच के दौरान डीएसपी पूजा पांडे और बंडोल थाना प्रभारी अर्पित भैरम सहित कुल 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। इसके बावजूद इस कांड के कई रहस्य अब भी परदे में हैं।

2.96 करोड़ में से सिर्फ 1.45 करोड़ जमा, उठे गंभीर सवाल

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि कुल 2.96 करोड़ रुपये में से सिर्फ 1.45 करोड़ रुपये ही जमा क्यों हुए? और इतनी बड़ी रकम बरामद होने के बावजूद इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों तक देर से क्यों पहुंची?

लखनवाड़ा थाना पुलिस ने इस हवाला कांड में सोहन परमार, इरफान पठान, और शेख मुख्तियार नामक तीन आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।

विभाग की छवि पर सवाल, जनता में बढ़ी नाराजगी

सिवनी के इस हवाला कांड के बाद पुलिस विभाग की छवि पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आम जनता में तरह-तरह की चर्चाएं हैं—क्या यह मामला सिर्फ हवाला का है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश भी छिपी है?

आईजी प्रमोद वर्मा ने मीडिया से कहा कि, “लखनवाड़ा थाना अंतर्गत दर्ज प्रकरण में प्रारंभिक जांच के दौरान कई त्रुटियां मिली हैं। इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच अब जबलपुर क्राइम ब्रांच करेगी।”

⚖️ जांच के बाद खुलेगा असली सच

पूरे मामले की गुत्थी अब जबलपुर क्राइम ब्रांच सुलझाएगी। फिलहाल इस घटना ने मध्यप्रदेश पुलिस प्रशासन को हिला कर रख दिया है। आने वाले दिनों में इस जांच से कई बड़े चेहरों के बेनकाब होने की संभावना भी जताई जा रही है।

सिवनी का यह हवाला कांड अब सिर्फ एक जिले का मामला नहीं रहा, बल्कि यह मध्यप्रदेश पुलिस की साख और पारदर्शिता पर सवालिया निशान बन चुका है। अब सबकी निगाहें जबलपुर क्राइम ब्रांच की जांच पर टिकी हैं कि आखिर असली सच कब और कैसे सामने आता है।