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सिवनी: इंजीनियर चाय बनी नशेड़ियों का अड्डा, देर रात धमाचौकड़ी

Seoni Engineer Chai: सिवनी: मुख्यायल में इन दिनों चाय दुकानों की तादाद में अचानक व्रद्धि हुई है, महानगरों की फेमस चाय सिवनी में उपलब्ध हो रही है लेकिन ये चाय के अड्डे अब सुखा नशा मसलन गांजा, अफीम, बरयुनन शुगर का सेवन करने वाले युवाओं के टाइम पास की सुरक्षित जगह बन चुकी है.

युवा पीढ़ी में सिगरेट का नशा सिर चढ़ कर बोल रहा है,सार्वजनिक स्थलों पर कड़ापा अधिनियम के तहत सिगरेट का सेवन दंडनीय अपराध है लेकिन पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव के बंगले के पास अकबर वार्ड सिवनी के इजनियर चाय दुकान में सुबह से देर रात तक युवा युवक व युवतियां सिगरेट के साथ चाय का सेवन करते नजर आ रहे है।

रात्रि 7 बजे के बाद कोचीग क्लास व ट्यूशन क्लासों से लौट रही बालिकाओ का इसी इंजीनयर चाय में मनचले घण्टो इंतेजार कर रहे है,जैसे क्लास से नोजवान बालिकाएं घर की ओर रवाना होती उनके पीछे छेड़ छाड़ के लिये इसी दुकान से युवाओं का समूह दोपहिया वाहनों में पीछा करने निकल जाता है।

सूत्र बताते है कि बबरिया जाने मुख्य मार्ग से सेक्ट कम्प्यूटर के बीच सचालित यह दुकान रात में सुनसान रहती है, इसी का फायदा उठाकर इस जगह के आसपास रात्रि में बीयर व शराब का सेवन भी युवा कर रहे है।

बाहुबली चौक में हुई चाकूबाजी की घटना भी युवाओं के दुकानों के सामने जमावड़े के कारण हुए विवाद के चलते हुई थी,इसके बाद कोतवाली पुलिस कुछ दिन गस्त करती रही है, लेकिन अब पुनः विशेषकर इंजीनयर चाय शोहदों का अड्डा बन कर रह गई है जिससे यहां आस पास सचालित दुकानो के सचालक भयभीत है वही स्थानीय निवासी भी स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे है।

सिवनी: मुनिया टांक बने भाजपा किसान मोर्चा जिला उपाध्यक्ष

सिवनी: जिले में वर्षो से भाजपा की रीति नीति व सरकार की जन हित की योजनाओं को आम नागरिकों व मतदाताओं तक पहुचाने में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कस्तूरबा वार्ड निवासी युवा मुनिया टांक को भाजपा किसान मोर्चा सिवनी का जिला उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से सिवनी में सबसे ज्यादा नजदीकी सम्बंध रखने वाले मुनिया ने केवलारी विधानसभा के विगत चुनाव में भाजपा केंडिडेट राकेश पाल व सिवनी में मूनमुन राय के पक्ष में रणनीति बनाकर चुनाव में अहम भूमिका निभाई थी.

वर्तमान में वे नगर में सक्रिय विभिन्न सघटनो से जुड़े रहकर जिले के विकास के लिये केन्द्र व प्रदेश की भाजपा सरकार से सम्पर्क में है,रेल विकास समीति के सचिव मुनिया राजनीतिक तौर पर एक ऐसे कट्टर भाजपा कार्यकर्ता माने जाते है जिनकी भूमिका जिला ,जनपद पंचायत व पार्षद चुनावो में भी निर्णायक होती है।

विगत दिवस भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शदर्शनसिंह चौधरी के निर्देशानुसार एवं भाजपा किसान मोर्चा के संभागीय सहप्रभारी संजय सक्सेना जिला प्रभारी वीरेंद्र राय एवं किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष देवीसिंह बघेल की सहमति से, सक्रिय भाजपा युवा नेता तरुण मुनिया टांक को किसान मोर्चा का जिला उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उन्हें किसान मोर्चा के पदाधिकारियों एवं कार्यकार्त्ताओं ने हार्दिक बधाई शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

मप्र विधानसभा की कार्यवाही में वन कर्मियों के लिए खुशखबरी: मिलेगा पुलिस के समान विशेष भत्ता, बच्चों को अनुकंपा नियुक्ति

MP VIDHAN SABHA: मप्र विधानसभा की कार्यवाही:- मध्य प्रदेश के वनकर्मियों को पुलिस की भांति एक माह का अतिरिक्त वेतन मिलेगा। वन मुख्यालय द्वारा इसका प्रस्ताव तैयार कर मप्र शासन को भेजा गया है, जिसे मंजूरी मिलते ही लागू कर दिया जाएगा।

इसका लाभ राज्य के करीब बीस हजार वन कर्मचारियों को होगा। बुधवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान उक्त आशय की जानकारी मध्य प्रदेश के वन मंत्री कुँवर विजय शाह द्वारा सदन में दी गई।

वे विधायक नारायण सिंह पट्टा के प्रश्नकाल के दौरान उठाए गए सवाल का जवाब दे रहे थे। विधायक सिंह ने कान्हा टाइगर रिज़र्व को आधार बनाकर सदन में वनमंत्री से पूछा और साथ ही कुछ जानकारियों भी राज्य के वनक्षेत्र से संबंधित साझा की ।

उन्होंने कहा कि कुछ वनक्षेत्र नक्सली गतिविधियों के चलते संवेदनशील हैं। यहां कार्यरत कर्मचारी 24 घण्टे ड्यूटी पर सक्रिय रहते हैं। क्या नक्सल प्रभावित होने के कारण कान्हा पार्क के समस्त कर्मचारियों को पुलिस की तरह विशेष भत्ता मूल वेतन में जोड़कर दिए जाने पर विचार किया जा रहा है।

क्या पुलिस के समान इन कर्मचारियों को एक माह का अतिरिक्त वेतन देने पर विचार किया जाना चाहिए? कान्हा पार्क में कार्यरत सुरक्षा श्रमिक, टी.पी.एफ. कर्मचारी, फायर श्रमिक को स्थायीकर्मी में समाहित किये जाने पर विचार किया जा रहा है? इनके नियमितीकरण पर विचार किया जा रहा है? इनके मामले में श्रम कानून का पालन किया जा रहा है? इनकी स्वाभाविक मृत्यु या जंगली जानवरों द्वारा मारे जाने पर इनके परिवार को आर्थिक सहायता या अनुकंपा नियुक्ति का कोई प्रावधान है?

इसके उत्तर में वनमंत्री ने बताया कि कान्हा राष्ट्रीय उद्यान का आंशिक क्षेत्र संवेदनशील है। कान्हा पार्क में कार्यरत उपरोक्त श्रेणी के कर्मी जो 10 साल या उससे अधिक सेवा दे चुके हैं, को किसी रिक्त पद के विरुद्ध कार्य पर नहीं लगाया गया है, अपितु पूर्णत: आकस्मिकता के आधार पर श्रमिक के रूप में रखा गया है।

फिलहाल इस राष्ट्रीय उद्यान में विशेष भत्ता देने का कोई प्रस्ताव नहीं है। लेकिन वनविभाग के कार्यपालिक कर्मचारियों को पुलिस के समान एक माह का अतिरिक्त वेतन देने के संबंध में प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को वरीयता अनुसार नियमों के तहत पदोन्नति दी जाती है। वर्तमान में पदोन्नति में आरक्षण के विषय पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय का स्थगन है । लेकिन सभी श्रमिकों के मामले में श्रम कानून का पालन किया जा रहा है। साथ ही शाह ने बताया कि जंगली जानवरों द्वारा मारे जाने पर उनके परिवार को शासन के निर्देशानुसार आठ लाख रुपए आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है, जो इस स्थिति में दी जा रही है ।

उन्होंने बताया कि पहले ऐसी स्थिति में सिर्फ चार लाख रुपए दिए जाते थे जिसे शिवराज सरकार में दोगुना कर दिया गया । सुरक्षा श्रमिक, टी.पी.एफ. श्रमिक एवं फायर श्रमिक पूर्णतः आकस्मिक रूप से रखे जाते हैं, अत: इन्हें स्थायीकर्मी के रूप में समाहित अथवा इनके नियमितीकरण पर विचार नहीं किया जा रहा है और न ही इनकी वरीयता सूची तैयार की जाती है। इन श्रमिकों के लिये अधिकतम आठ घंटे कार्य लिया जाता है।

Bhopal News: भोपाल के एमपी नगर में झाड़-फूंक के बहाने महिला के साथ दुष्कर्म, आयोग ने मांगा जवाब

Bhopal News: मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने भोपाल (Bhopal) शहर के एमपीनगर (MP Nagar) क्षेत्र में झाड़फूंक के बहाने एक महिला से दुष्कर्म किए जाने के मामले में संज्ञान लिया है। मामले में संज्ञान लेकर आयोग ने पुलिस कमिश्नर, भोपाल से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।

आयोग द्वारा मंगलवार दी गई जानकारी के अनुसार शहर के एमपी नगर थानाक्षेत्र में झाड़-फूंक से इलाज करने के बहाने महिला के साथ ज्यादती करने का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक मंडीदीप की रहने वाली एक महिला वर्ष 2015 में अपने पति व सास को लेकर एमपी नगर में आरोपी दिलीप बुंदेला के पास झाड़-फूंक कराने पहुंची थी।

आरोपी महिला को झाड़-फूंक करने के बहाने एक कमरे में ले गया और महिला के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। उसने महिला को धमकी दी थी कि वह दुष्कर्म की बात किसी को नहीं बतायेगी।

पिछले आठ साल में आरोपी महिला के साथ कई बार दुष्कर्म कर चुका है। महिला ने हिम्मत कर अपने पति के साथ थाना एमपी नगर में ज्यादती का मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

शिवपुरी में झोलाछाप डाक्टर ने ली युवक की जान

शिवपुरी जिले के तेंदुआ थानाक्षेत्र के लेवा गांव निवासी रामजीत चिढ़ार की एक झोलाछाप डाक्टर केसरी धाकड़ की लापरवाही ने जान ले ली। बीते शनिवार को मृतक केसरी धाकड़ के क्लीनिक पर खांसी-जुकाम का उपचार कराने पहुंचे, तो डाक्टर ने एक इंजेक्शन लगा दिया।

इंजेक्शन लगने के बाद रामजीत चिढ़ार वहीं पर अचेत होकर गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। इसकी सूचना जैसे ही मृतक के बेटों को लगी, तो वह अपनी कांवड रोककर घर आये। तेंदुआ थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है।

मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, एसपी तथा सीएमएचओ, शिवपुरी से जिले में अनाधिकृत चिकित्सकों एवं अयोग्य व्यक्तियों द्वारा चलाये जा रहे क्लीनिकों एवं उनके द्वारा किये जा रहे इलाज पर अंकुश लगाये जाने के संबंध में कार्यवाही कर एक माह में जवाब मांगा है।

रतलाम जिले में बेटे से पीड़ित बुजुर्ग दम्पत्ति का कलेक्ट्रेट में धरना

रतलाम जिले के मावता गांव निवासी पन्नालाल प्रजापति एवं उनकी पत्नी शांतिबाई कलेक्टर आफिस पहुंचे और परिसर में धरना पर बैठकर अपने ही बेटे के आतंक से निजात दिलाने को लेकर प्रशासन के अधिकारियों से मांग की।

कलेकटर आफिस में नहीं होने की वजह से दो घंटे तक आफिस की सीढ़ियों पर ही बैठे रहे, लेकिन किसी भी अधिकारी ने उनकी सुध नहीं ली। जानकारी मिलने पर पुलिस ने बुजुर्ग दंपत्ति से उनकी समस्या पूछी और तहसीलदार को अवगत कराया।

बुजुर्ग दम्पत्ति ने तहसीलदार को बताया कि उनके पुत्र शिवनारायण ने उन्हें मारपीट कर घर और जमीन से बेदखल कर दिया है। पुलिस थाने से लेकर शासकीय कार्यालयों में न्याय की गुहार लगाई, पर न्याय नहीं मिला। इसके बाद तहसीलदार ने पुलिस को कार्यवाही करने के लिये कहा। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, रतलाम से एक माह में जवाब मांगा है।

MP NEWS: मध्यप्रदेश की महिला जूनियर हॉकी टीम सम्मानित

मप्र की जूनियर महिला हॉकी टीम को राष्ट्रीय चेंपियनशिप जीतने का पुरस्कार मिल गया है। खेल और युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने टीम को प्रशस्ति-पत्र और 11 लाख 80 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की है।

टीम की सभी 18 खिलाड़ियों को 50-50 हजार, मुख्य कोच को एक लाख, दो सहायक कोच को 50-50 हजार तथा चार सपोर्ट स्टाफ को 20-20 हजार रूपये की राशि प्रदान की गई है।

मंत्री श्रीमती सिंधिया ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह मध्यप्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। हमारे खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया है अपने उम्दा खेल और प्रशिक्षकों की बेहतरीन खेल रणनीति से प्रदेश की पुरूष और महिला टीम ने हॉकी जूनियर नेशनल ट्रॉफी पर अपना क़ब्ज़ा जमाया है।

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को प्रोत्साहन और सम्मान उन्हें और कड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित करता है।

मप्र की महिला हॉकी टीम 13वीं हॉकी इंडिया जूनियर महिला राष्ट्रीय चेंपियनशिप के फाइनल में झारखंड को 1-0 से हराकर चैंपियन बनी थी। मप्र की टीम ने पूल-ई में अपने पहले मैच में पुडुचेरी को 25-0 से, जम्मू-कश्मीर को 21-0 से और क्वार्टर फाइनल में कर्नाटक को 7-1 से, सेमीफाइनल में महाराष्ट्र को 9-0 से हराकर फाइनल का सफर तय किया था।

मप्र टीम इस प्रकार है

योगिता वर्मा, निरूपमा देवी, प्रियंका यादव, आश्रिता ठाकुर, रितयाना साहू, भूमिक्षा साहू, याशिका भदौरिया, सोनिया कुमरे, ज्योति सिंह, लवदीप कौर, गुरमैल कौर, परिणिती कौर, सोनिया देवी, सोनम, कार्तिका कश्यप, रितिका विश्वकर्मा, सलीनी अली और विशाखा लिखितकर।

मुख्य कोच परमजीत सिंह, सहायक कोच नेहा रावत और वंदना उइके। मैनेजर रैना यादव, फिजियोथेरेपिस्ट उमेश कुमार, साइकोलॉजिस्ट भावना चौहान और स्ट्रेंग्थं एंड कंडीशनिंग एक्सपर्ट विजय विग्नेश।

पुरुष टीम को भी किया था सम्मानित

मप्र की पुरूष जूनियर हॉकी टीम को भी इसी तरह प्रोत्साहन राशि से सम्मानित किया गया था। खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने मंगलवार को पुरूष हॉकी टीम के मुख्य प्रशिक्षक एवं ओलंपियन श्री समीर दाद पूरी टीम के सभी सदस्यों से मुलाकात कर बेहतर प्रदर्शन की शुभकामनाएँ दी।

MP के पंचायत पदाधिकारियों के लिए खुशखबरी: मानदेय में होगी तीन गुना वृद्धि – मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि त्रि-स्तरीय पंचायत, राज्य संस्थाओं के प्रतिनिधि ग्रामीण विकास योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

मनरेगा फंड सहित अन्य योजनाओं की राशि का सदुपयोग करते हुए लोगों की जिन्दगी को आसान बनाने का कार्य किया जाए।

संबल योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुँचे इसके लिए सजग और सक्रिय रहें।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास से वीसी द्वारा सिंगल क्लिक के माध्यम से मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना के अंतर्गत प्रदेश के 26 हजार 150 श्रमिकों को 583.36 करोड़ रुपए की राशि का अंतरण किया और पंचायतराज प्रतिनिधियों से संवाद भी किया।

संवाद में प्रदेश के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायकों सहित जिला एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी भी वर्चुअली जुड़े।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि श्रमिक परिवारों को प्राप्त सहायता राशि उनके लिए संबल साबित होगी। जिला पंचायत और जनपद पंचायत के अध्यक्षों, उपाध्यक्षों, उप सरपंच, पंच आदि के मानदेय में लगभग तीन गुना वृद्धि की जा रही है।

इसके साथ ही वाहन भत्ता भी बढ़ाया जाएगा। शीघ्र ही इस संबंध में आदेश जारी होंगे। निर्विरोध चुनी गई 705 पंचायतों को 55 करोड़ 20 लाख रूपए की राशि जारी कर दी गई है।

प्राप्त राहत राशि से आजीविका की गाड़ी चलेगी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आज संबल योजना में दी गई राशि से मजदूर परिवारों की आजीविका की गाड़ी चल सकेगी। संबल योजना की शुरूआत वर्ष 2018 में हुई थी। 16 मई 2022 को मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) लागू की गई।

गरीब श्रमिकों को रोटी, कपड़ा और मकान के अलावा संकट की स्थिति में आर्थिक सहायता मिले, इस उद्देश्य से योजना प्रारंभ की गई थी। परिवार में किसी के बीमार होने, प्रसूति, दिव्यांगता और असामयिक मृत्यु पर परिवार को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता था।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय के दरिद्र नारायण के सेवा के विचार को क्रियान्वित करने के लिए योजना प्रारंभ की गई। पूर्व सरकार ने योजना में पात्र हितग्राहियों के नाम काटने और योजना को बंद करने का श्रमिक विरोधी कार्य किया।

हमने इसे पुन: प्रारंभ कर नए आयाम जोड़े। अभियान संचालित कर संबल-2.0 में 17 लाख पात्र नाम जोड़े गए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि इस योजना को प्रारंभ करने का विचार ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती और शिशुवती माताओं की तकलीफ देखने के पश्चात उनके मन में आया था। संबल योजना श्रमिक परिवारों की महिलाओं को प्रसूति के पूर्व 4 हजार और प्रसूति के पश्चात 12 हजार रूपए की राशि प्रदान कर राहत देती है।

दुर्घटना में असामयिक मृत्यु पर 4 लाख रूपए और सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रूपए का प्रावधान है। स्थायी अपंगता पर 2 लाख और सामान्य अपंगता पर भी एक लाख रूपए का प्रावधान है। अंतिम संस्कार के लिए 5 हजार रूपए की राशि सहायता स्वरूप दी जाती है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में श्रमोदय विद्यालय भी संचालित हैं, जिनमें पब्लिक स्कूल की तरह आवश्यक सुविधाएं हैं। विद्यार्थियों को आवास और भोजन की सुविधा उपलब्ध है। प्रदेश में एक करोड़ 57 लाख पंजीयन किए जा चुके हैं।

संबल 2.0 योजना में अब तक प्रदेश में 4 लाख 68 हजार से अधिक परिवारों को 4211 करोड़ रूपए से अधिक की सहायता अंत्येष्टि तथा अनुग्रह सहायता के रूप में दी जा चुकी हैं।

म.प्र भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल श्रमिकों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए नए आई.टी.आई. प्रारंभ कर रहा है। यहां श्रमिकों के बच्चों को नि:शुल्क कौशल प्रशिक्षण मिलेगा।

मंडल ने वर्ष 2008-09 से अब तक 5 लाख 86 हजार से अधिक परिवारों को विभिन्न योजनाओं में 35 करोड़ 77 लाख से अधिक का हितलाभ दिया है।

पंचायत प्रतिनिधियों से संवाद

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पंचायत प्रतिनिधियों से संवाद में कहा कि महात्मा गांधी नरेगा (मनरेगा) और अन्य योजनाओं के संबंध में पंचायत एंव ग्रामीण विकास विभाग का विस्तृत प्रस्तुतिकरण मार्गदर्शी सिद्ध होगा। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में सभी जनप्रतिनिधियों का विशेष सहयोग आवश्यक है।

राज्य सरकार ने पंचायत पदाधिकारियों के हितों की चिंता की है। मानदेय वृद्धि का निर्णय लिया गया है। हाल ही में रोजगार सहायकों का मानदेय 9 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रूपए किया गया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान संचालित कर पुराने कार्यों को पूर्ण किया जाए। नए कार्यों के क्रियान्वयन के साथ अपूर्ण कार्यों को पूर्ण करना आवश्यक है। शीघ्र ही वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पुन: संवाद का सत्र होगा।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने शहरों के साथ ग्रामों के विकास पर भी पूरा ध्यान दिया है। पूर्व सरकार ने संबल और मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं को बंद कर दिया था।

अब सभी योजनाएँ क्रियान्वित हैं और जनता को इनका लाभ मिल रहा है। अमृत सरोवरों के निर्माण से जल स्तर में वृद्धि का लाभ सिंचाई और पेयजल क्षेत्र में हो रहा है। कर्न्वेजेन्स से ग्रामीण क्षेत्रों में कई कार्य हो रहे हैं। मध्यप्रदेश अनेक योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रथम है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री राम खेलावन पटेल भी उपस्थित थे। श्रम मंत्री श्री बृजेंद्र प्रताप सिंह ने संबल योजना और विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी। कर्मकार मंडल के अध्यक्ष श्री भगवानदास गोंडाने, श्री सुल्तान सिंह शेखावत, श्रम विभाग के प्रमुख सचिव श्री सचिन सिन्हा उपस्थित थे।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का प्रेजेंटेशन

अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री मलय श्रीवास्तव ने प्रेजेंटेशन में बताया कि प्रदेश में एक अप्रैल 2023 से मजदूरी की पुनरीक्षित दर 221 रूपए लागू हैं। जून माह में मध्यप्रदेश को योजना की दो किश्तें प्राप्त हो चुकी हैं। समय पर राशि प्राप्त होने से श्रमिकों के भुगतान में आसानी हुई है। मजदूरी के पुराने भुगतान भी लंबित नहीं हैं। प्रदेश में वर्तमान में 11 लाख 75 हजार 792 कार्य चल रहे हैं। इनमें हितग्राही मूलक कार्यों की संख्या 8 लाख 73 हजार 163 है।

सामुदायिक कार्यों की संख्या 3 लाख 2 हजार 629 है। इन कार्यों में चेक डेम, स्टॉप डेम, अमृत सरोवर आदि शामिल हैं। सुदूर खेत सड़क के 11 हजार 685 कार्यों पर एक हजार 523 करोड़ रूपए की राशि व्यय हुई है। पूर्व वर्षों के करीब ढाई हजार सुदूर खेत सड़क (पुल-पुलिया सहित) कार्य भी पूर्ण कर लिए गए हैं।

एक माह में करीब एक हजार नवीन कार्य स्वीकृत किए गए हैं। मनरेगा में इस वित्त वर्ष में समय से मजदूरी का भुगतान प्रतिशत 99.43 है।

प्रत्येक जिले में 75 अमृत सरोवर निर्माण के लक्ष्य के अनुसार प्रदेश में 5936 अमृत सरोवरों का कार्य शुरू हुआ। अब तक 4806 कार्य पूरे हो गए हैं। मध्यप्रदेश देश में इस कार्य में द्वितीय स्थान पर है।

सिवनी: सैकड़ों वर्ष पुराने मठ मंदिर में आकर्षण का केंद्र बनी नारियल के बुछ से बनी भोलेनाथ की कलाकृति; उमड़ रहे श्रद्धालु

सिवनी। सावन का महिना भोलेनाथ का सबसे प्रिय माह होता है. इस महीने में भोलेनाथ के भक्त भोलेनाथ को लुभाने के लिए अलग-अलग तरीकों से पूजा अर्चना कर करते है. मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में बाबा भोलेनाथ का एक ऐसा भक्त है जिसके द्वारा बनाई गयी भोलेनाथ की कलाकृति ने भोलेनाथ के भक्तों को अपनी और आकर्षित किया है.

सावन के महीने में शिव आराधना का क्रम घरों और शिवालयों में जारी है। शहर के प्रसिद्ध और प्राचीन मठ मंदिर में नारियल की बुछ से महादेव की सुंदर और अनूठी प्रतिमा का निर्माण स्थानीय कलाकार ऋषभ कश्यप ने किया है

सिवनी जिला मुख्यालय में रहने वाले ऋषभ कश्यप द्वारा बीते वर्ष पेड़ की जड़ों से महादेव को कलाकृति बनाई थी. इसी तरह इस वर्ष भी महादेव की एक आकृति नारियल के बुछ से द्वारा तैयार की गयी है. जो जिले वासियों को अलग ही तरह से आकर्षित कर रही है.

ऋषभ कश्यप हर साल सावन माह में महादेव की अलग अलग प्रकार की नई नई आकृति बनाते है. अलग अलग तरह से हर बार अलग अलग चीजों से भोलेनाथ की छवि को रूप दिया जाता है।

इन सबके बीच सबसे खास बात तो यह है कि सिवनी जिला मुख्यालय में स्थित सभी भोले बाबा के मंदिरों से नारियल और उसकी बुछ को एकत्रित कर भोलेनाथ की आकृति बनाई है। उनकी इस अद्भुत कलाकारी को सोशल मीडिया पर लोग खूब पसंद कर रहे है.

सोशल मीडिया पर लोग इस कलाकृति को देखने के बाद सामने से देखने के लिए ज्यादा उत्सुक दिखाई दे रहे है. सिर्फ सिवनी जिला मुख्यालय ही नहीं बल्कि पडोसी जिलों से भी लोग ऋषभ कश्यप की इस कलाकृति को देखने के लिए सिवनी मठ मंदिर पहुँच रहे है.

गौरतलब है की पिछले साल भी ऋषभ कश्यप ने भोलेनाथ की आकृति बनाई थी जिसमे उन्होंने पेड़ो की जड़ों से भोलेनाथ की आकृति तैयार की थी,जिसे देखने पूरे सावन माह तक लोगों की भीड़ एकत्रित हुई थी। ठीक इस साल भी नारियल एवं नारियल बुच से महादेव की आकृति बनाई गई है जो अब आकर्षक का केंद्र बनी हुई है।

MP PATWARI EXAM GHOTALA: एमपी पटवारी परीक्षा में लगे घोटाले के आरोप; उम्मीदवार और कांग्रेस ने लगाए बड़े आरोप

MP PATWARI EXAM GHOTALA: मध्यप्रदेश भर्ती परीक्षा (MP PATWARI EXAM 2023) में लगातार ही कई उमीदवारों और विपक्ष में बैठी कांग्रेस के द्वारा घोटालों का आरोप लगाया जा रहा है। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने दावा किया है कि बीजेपी नेता के कॉलेज के छात्रों का नाम मेरिट सूची में सबसे ज्यादा है। आरोप है कि जिन छात्रों ने टॉप किया है, वे अंग्रेजी में अपना नाम सही तरीके से नहीं लिख पाते हैं।

MP PATWARI EXAM GHOTALA: मध्य प्रदेश में एक और भर्ती घोटाले (MP Bharti Ghotala) का दावा किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में व्यावसायिक परीक्षा मंडल (VYAPAM) पहले घोटालों के नाम पर बहुत बदनाम था. जिसके बाद व्यापम (VYAPAM) का नाम बदलकर प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (MP PEB) किया गया था, लेकिन घोटाले के मामले अब भी सामने आते रहते हैं। ताजा मामला पटवारी भर्ती (MP PATWARI BHARTI GHOTALA) से जुड़ा है।

ग्वालियर के एक कथित बीजेपी नेता के कॉलेज में परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों का मेरिट सूची में नाम आने से बड़ा हड़कंप मच गया है।

दिलचस्प बात यह है कि संयुक्त परीक्षा के इतने कठिन पेपर में अन्य परीक्षा केंद्रों के आवेदकों के पास 140 नंबर नहीं थे, लेकिन गवालियर के इस परीक्षा केंद्र के आवेदकों ने कथित रूप से 180 नंबर तक प्राप्त किए हैं।

सोशल मीडिया पर विभिन्न स्क्रीनशॉट दिखाए जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि जो आवेदक अंग्रेजी में हस्ताक्षर नहीं कर पा रहे हैं, उनके नंबर 160 से अधिक हैं, और ये सभी आवेदक एक ही गवालियर के परीक्षा केंद्र में परीक्षा देने आए थे।

कांग्रेस ने कई आरोप लगाए हैं

विपक्षी दल कांग्रेस ने एक ग्रुप को सक्रिय करके सोशल मीडिया पर भर्ती घोटाले का खुलासा किया है। हालांकि, कर्मचारी चयन मंडल और मध्य प्रदेश सरकार द्वारा अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। कांग्रेस ने परीक्षा को रद्द करके ऑफलाइन परीक्षा की मांग की है।

दिग्विजय सिंह ने एक ट्वीट करते हुए यह कहा है कि शिवराज सिंह चौहान के राज में भाजपा ने VYAPAM के माध्यम से हर भर्ती में घोटाला किया है। उन्होंने पटवारी भर्ती परीक्षा को रद्द करके फिर से बिना फीस के ऑफलाइन परीक्षा का आयोजन करने की मांग की है। मध्य प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव ने एक वीडियो जारी करके आरोप लगाए हैं कि ग्वालियर के एक नेता के कॉलेज से इस परीक्षा के कई टॉपर आए हैं।

वहीं, अभ्यर्थियों का कहना है कि जो टॉपर है, वे अपना नाम ठीक से लिखने में भी असमर्थ हैं। इसके साथ ही, मध्य प्रदेश यूथ कांग्रेस के प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने कहा है कि शिवराज सरकार ने सबसे अधिक छल, छात्रों और बेरोजगारों के साथ किया है।

पटवारी परीक्षा के रिजल्ट में नया घोटाला सामने आया है। मेरिट सूची में शामिल होने वाले छात्रों में बहुत से लोगों का परीक्षा केंद्र एक निजी कॉलेज था जिसका मालिक भाजपा से जुड़ा हुआ है। क्या यह व्यापम का भाग-2 है, यह तो अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है।

ब्लैक लिस्ट कंपनी से परीक्षा कराने का आरोप लगाया जा रहा है। इस मामले में सरकारी भर्ती परीक्षार्थी संघ और राष्ट्रीय कोर कमेटी ने कर्मचारी चयन मंडल के खिलाफ शिकायत दर्ज की है। इससे संबंधित सवाल उठाए जा रहे हैं क्योंकि यह पहली बार है कि परिणाम जारी होने के बाद अभी तक कर्मचारी चयन मंडल ने टॉप 10 मेरिट सूची जारी नहीं की है।

साथ ही, एक ही परीक्षा केंद्र के 3 छात्रों का नाम मेरिट सूची में आया है। कर्मचारी चयन मंडल का आरोप है कि इस भर्ती के लिए एजेंसी कंपनी, जिसे केंद्र सरकार ने ब्लैक लिस्ट में रखा है, से कराई जा रही है। फिर भी यह कंपनी को ESB ने टेंडर दिया है।

सिवनी: उड़नदस्ता दल वन व्रत सिवनी को पैंगोलिन तस्करी के मामले में बड़ी सफलता, 5 गिरफ्तार

सिवनी: लंबे समय से पैंगोलिन को बेचने की फिराक में तस्करों की सूचना मुख्य वन संरक्षक एस एस उद्देय वन व्रत सिवनी को प्राप्त हुई।

तत्काल टीम का गठन किया गया जिसमे उड़नदस्ता दल वन व्रत सिवनी द्वारा रणनीति तैयार कर उत्तर सिवनी सा वन मंडल छपारा परिक्षेत्र स्टाफ के साथ संयुक्त ऑपरेशन की रूप रेखा तैयार कर मध्य रात्रि में आरोपियों से पहले पैंगोलिन को सुरक्षित कब्जे में लिया.

साथ ही पैंगोलिन तस्करी में संलिप्त 5 आरोपियों को योजना बद्ध तरीके से पकड़ा गया, जिसमे अन्य एक फरार है। फरार आरोपी एवं पैंगोलिन तस्करी से जुड़े आरोपियों और तथ्यों की जांच जारी है।

साथ ही अपराध में इस्तेमाल की जा रही 03 मोटर साइकिल भी जप्त की गई। पकड़े गए आरोपियों में मिथलेश चौधरी वल्द भागीरथ चौधरी उम्र 35 छपारा, सुदेश साहू वल्द दुर्गा प्रसाद साहू उम्र 63 अमागढ़ टेकारी, रवि जोगी वल्द ज्ञानी जोगी उम्र 23 छपारा, अभय गुप्ता वल्दओमप्रकाश गुप्ता उम्र 42 छपारा, यशवंत पाटर वल्द संतोष पाटर उम्र 29 छपारा. आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया ।

इस कार्यवाही में उड़नदस्ता दल सिवनी से अर्पित मिश्रा, विवेक मिश्रा , भूपेंद्र ठाकुर, सुगन इनवाती, उत्तर सिवनी सा वनमंडल से संजय जैसवाल आर.ए. छपारा, सीवी सिंह,मनीष चौधरी, साकिर अब्बास खान, एन .एस मार्शकोले ,राजेश मार्शकोले की भूमिका महत्वपूर्ण रही ।

सिवनी से मनाली गए 2 कपल बारिश में फंसे, मदद की लगाई गुहार

सिवनी: मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के 2 नव विवाहित जोड़े सिवनी से मनाली घुमने के लिए गए हुए थे. मनाली में हो रही लगातार बारिश की वजह से दोनों कपल मनाली में फंस गए है. मनाली से सिवनी अपने घर वापस आने के लिए सरकार से लगातार मदद की गुहार लगा रहे हैं।

समाचार लिखे जाने तक प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के 2 कपल जिनकी अभी अभी शादी हुई है वेह दोनों जोड़े घूमने के लिए मनाली गए हैं। मनाली में हो रही तेज बारिश की वजह से वहां बाढ़ जैसे हालत बने हुए है जिसमे वह फंस गए हैं और परिजनों से उनका संपर्क नहीं हो पा रहा है।

परिजाओं से प्राप्त जानकारी के अनुसार उन्होंने हिमाचल सरकार से मदद की गुहार लगाई है, जिससे उन्हें सुरक्षित वापस लाया जा सके। जानकारी के अनुसार सिवनी जिले के मनाली में फंसे दो कपल जिनमे तेजल सनोडिया, तरुण सनोडिया, दीपक सनोडिया और अरुणा सनोडिया शामिल हैं।

छह जिलों चम्बा, कूल्लु, शिमला, सिरमौर, सोलन और मंडी में बाढ़ की चेतावनी

जानकारी के अनुसार हिमाचल में हो रही तेज बारिश की वजह से सरकार द्वारा हिमाचल के छह जिलों चम्बा, कूल्लु, शिमला, सिरमौर, सोलन और मंडी में बाढ़ की चेतावनी जारी की गयी है। इस वर्ष के जुलाई माह में हुई बारिश ने पिछले 24 घंटों के दौरान मनाली, सोलन व रोहडू में बारिश ने पिछले 50 साल के रिकार्ड तोड़े हैं।

मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के नव विवाहित जोड़ों की सकुशल घर वापसी के लिए उनके परिजनों द्वारा सरकार से अपील की जा रही है।

जानकरी जुटा रहे सिवनी विधायक

इस पूरे मामले में सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन ने कहा कि वे परिजनों से संपर्क में है इसके साथ ही दोनों नव विवाहित जोड़ो के संबंध में जानकारी जुटा रहे हैं.

सिवनी कलेक्टर ने मनाली कलेक्टर से किया संपर्क

सिवनी कलेक्टर क्षितिज सिंघल ने बताया कि इस पूरे मामले की जानकारी प्राप्त होते ही उनके द्वारा मनाली के जिला अधिकारी से संपर्क किया गया है. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि प्रशासनिक तौर पर सभी प्रकार की जानकारियां भी जुटा कर मनाली प्रशासन के साथ साझा कर दोनों ही दंपतियों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है।