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सिवनी: जनपद सभा सिवनी की बिना सहमति के कैसे हो गई बेशकीमती जमीन संसोधित

सिवनी, धारनाकला (एस. शुक्ला): धारनाकला जनपद सभा सिवनी की बिना सहमति के कैसे हो गई बेशकीमती जमीन संसोधित? जनपद सभा सिवनी के नाम से राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज भूमि का मुख्य मार्ग से लगा बेशकीमती हिस्सा कैसे संसोधित हो गया, यह जांच का विषय है।

जबकि इस संदर्भ में जनपद पंचायत सिवनी का कहना है कि उन्होंने भूमि की संसोधन के लिए किसी भी प्रकार की सहमति नहीं दी है, फिर ऐसी स्थिति में लाखों करोड़ रुपये की मूल्यवान भूमि कैसे संसोधित हो गई.

जिसके संबंध में जनपद पंचायत सिवनी ने भी इस मामले में उठापटक करते हुए तहसीलदार और एस डी एम बरघाट को पत्र जारी किया है।

बिक चुकी है बेशकीमती जमीन

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि जनपद सभा सिवनी के नाम से दर्ज भूमि का संसोधित क्षेत्र लाखों करोड़ में पहले ही बेच दिया गया था, और आजकी स्थिति में उपरोक्त भूमि पर आलीशान भवन और दुकानों का निर्माण हो चुका है, और वर्तमान में भी निर्माण प्रारंभ है।

इस स्थिति में शासकीय भूमि की सुरक्षा क्या क्रियान्वित करता है, यह आने वाला समय ही बताएगा, क्योंकि जनपद पंचायत सिवनी के अध्यक्ष और मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने धारनाकला पहुंचकर जनपद सभा सिवनी की भूमि का जाँच करके कार्रवाई की बात कही है।

सांसद ने लिखा पत्र भूमि हस्तांतरण के लिए

उल्लेखनीय है कि सिवनी बालाघाट के सांसद डॉ. बिसेन ने भी जनपद सभा सिवनी के नाम से दर्ज भूमि को ग्राम पंचायत धारनाकला के नाम पर दर्ज करने के संदर्भ में एस डी एम और तहसीलदार बरघाट को पत्र लिखा है।

यहां इसका उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत धारनाकला के सरपंच ने ग्राम के विकास को सर्वोपरि प्राथमिकता के आधार पर उसी भूमि पर आवागमन के उद्देश्य से सीमेंट कंक्रीट सड़क निर्माण किया था, जिसे जनपद पंचायत सिवनी ने रोक दिया था।

इसी परिस्थिति में पंचायत की आय और विकास को ध्यान में रखते हुए सांसद से निवेदन किया गया था। धारनाकला गांव में स्थित जमीन जो वर्तमान में राजस्व रिकॉर्ड में जनपद सभा सिवनी के नाम पर दर्ज है, उस जमीन को राजस्व रिकॉर्ड में ग्राम पंचायत धारनाकला के नाम पर दर्ज किया जाना चाहिए। इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सांसद जी ने भी पत्र जारी किया है।

बन्दोबस्त में हुआ फेरबदल

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि वर्ष 1988-89 में जनपद सभा सिवनी के नाम पर दर्ज भूमि का क्षेत्रफल 0.59 एकड़ था और इस भूमि का खसरा नंबर 960 था, किन्तु इसके पश्चात्, इसी भूमि का क्षेत्रफल 0.57 एकड़ में संशोधित हो गया और जनपद सभा सिवनी के खसरा नंबर भी 596/960/1 में परिवर्तित हो गया, और इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि इसी खसरा नंबर के साथ शासकीय भूमि की बिक्री हो गई और खसरा नंबर के कलम 12 में वर्ष संकिर्ण 24 आदि 18/15/2012 के साथ राजस्व भूमि की बिक्री भी हो गई।

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि मूल खसरा नंबर 960 परिवर्तित होने के बाद, 596/961/1 और 596/960/2 के पश्चात्, सीधे खसरा नंबर 596/960/5, 596/960/6 और 596/960/7 राजस्व रिकॉर्ड में है, किन्तु क्रमशः 596/960/3 और 596/960/4 के बारे में उल्लेख नहीं है।

इस संदर्भ में जनपद अध्यक्ष श्रीमती किरण भलावी ने इस मामले की जाँच करवाने के लिए प्रतिष्ठान किया है, और यह भी कहा गया है कि हमने जिला कलेक्टर और तहसीलदार बरघाट को भूमि सुरक्षित करने के लिए पत्र लिखा है।

सीमांकन होगा

वैसे तो इसके पूर्व भी जनपद सभा सिवनी की भूमि का कई बार सीमांकन हो चुका है, किन्तु वर्तमान में जनपद पंचायत सिवनी ने तहसीलदार बरघाट को सीमांकन के लिए आवेदन कर भूमि की सुरक्षा के लिए पत्र जारी किया है।

इस स्थिति में, अनेक विसंगतियों के साथ, यहां अवैध कब्जों का जाल फैला हुआ है, और पंचायत द्वारा भी निर्माण कार्य किए जा चुके हैं, और शासकीय भूमि भी बेच चुकी है, इस स्थिति में जनपद पंचायत सिवनी इन चुनौतियों का सामना कैसे करेगी, यह आने वाला समय ही बताएगा।

इनका कहना है कि हमने सीमांकन और अवैध कब्जों के हटाने की कार्रवाई की जा रही है, और जनता की सुविधा को ध्यान में रखकर विकास की भी कई कार्रवाईयाँ की जा रही हैं।
श्रीमती किरण भलावी जनपद अध्यक्ष, सिवनी

सिवनी: डूंडासिवनी थाने से थोड़ी दूरी पर आवारा तत्वों का डेरा, दिन भर झगड़े और गाली गलोंच से परेशान वार्डवासी

सिवनी (Seoni News): सिवनी जिला मुख्यालय के डूंडासिवनी थाना अंतर्गत डूंडासिवनी चौक के पास स्थित एक दुकान के सामने दिन भर आवारा तत्वों का डेरा जमा रहता है।

वहां से निकलने वाले राहगीर और वार्डवासियों के लिए हमेशा ही ये तय है कि यदि वह वहां से गुजर रहे है तो उन्हें उस आवारा तत्वों के मुह से गालिया सुनाई देंगी ही और आए दिन वहां लड़ाई झगड़े की खबर भी मिलती ही रहती है।

वार्डवासियों से मिली जानकारी के अनुसार यहां ऐसा माहौल वर्षों से देखा जाता रहा है, डूंडासिवनी क्षेत्र में थाना बनने के बाद से वार्डवासियों को उम्मीद थी कि अब उन्हें अब इन आवारा तत्वों से निजात मिल सकेगी पर ऐसा कुछ भी ना हुआ।

स्कूल कॉलेज कोचिंग आने जाने वाली लड़कियों के साथ कई बार यहां कमेंट पास करने जैसी घटनाएं भी सुनने मिली है, कई बार वार्डवासियों ने उन लोगों को समझाया पर उनपर किसी प्रकार का कोई असर नहीं पड़ा।

दिन भर बीड़ी सिगरेट और गांजे का धुआं, रात में चलती है शराब पार्टी

वार्डवासियों की माने तो सिर्फ दिन भर ही नहीं बल्कि रात के समय भी यहां आवारा तत्व शराब के नशे में हंगामा करते दिखाई देते है।

नवागत थाना प्रभारी उमेश्वर ठाकरे से वार्डवासियों को उम्मीद

वार्डवासियों का कहना है कि अभी डूंडासिवनी थाने में जो नए टीआई उमेश्वर ठाकरे (Umeshwar Thakre) आए है उनके द्वारा इस पर ध्यान दिया जाए तो शायद यहां का माहौल ठीक हो सके।

इस मामले को लेकर टीआई उमेश्वर ठाकरे (Umeshwar Thakre) से संपर्क करने की कोशिश की गयी जिससे उनतक इस मामले की जानकारी पहुँच सके और उनका इस मामले में क्या कहना है यह जाना जाए परन्तु उनसे संपर्क नहीं हो पाया. डूंडासिवनी थाने का लैंडलाइन नंबर स्थाई रूप से बंद बतया जा रहा है.

Jansampark Bhopal News: आज 22 अगस्त की जनसंपर्क भोपाल की सभी खबरें पढ़ें सिर्फ एक क्लिक में

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MP में जिला पंचायत सदस्यों एवं जनपद पंचायत सदस्यों के मानदेय में वृद्धि करने की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा जिला पंचायत सदस्यों एवं जनपद पंचायत सदस्यों के मानदेय में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। जिला पंचायत सदस्यों का मानदेय 4500 से बढ़ाकर 13 हजार 500 रूपये और जनपद पंचायत सदस्यों का मानदेय 1500 से बढ़ाकर 4500 रूपये करने का निर्णय लिया गया है।

इससे 771 जिला पंचायत सदस्यों और 6145 जनपद पंचायत सदस्यों के मानदेय में वृद्धि होगी। मानदेय वृद्धि किये जाने पर अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय भार 30 करोड़ 44 लाख 88 हजार रूपये आना संभावित है।

मध्य प्रदेश में नर्सिंग महाविद्यालयों के लिए 305 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा और सागर में संचालित नर्सिंग महाविद्यालयों के लिए आई. एन.सी. के मापदण्डों की पूर्ति तथा नर्सिंग छात्राओं को उत्कृष्ट प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए नर्सिंग शिक्षक तथा अन्य संवर्गो के कुल 305 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई है।

इन पदों की पूर्ति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए गठित शासी निकाय द्वारा मध्यप्रदेश स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय शैक्षणिक आदर्श नियम, 2018 के प्रावधानों अनुसार की जायेगी।

प्रदेश के विद्यार्थियों को नर्सिंग क्षेत्र के स्नातक/ स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में उत्कृष्ट शिक्षा के साथ-साथ सह चिकित्सकीय तकनीकियों को उपयोग करने का अवसर प्राप्त होगा जिससे वे अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट सह चिकित्सकीय एवं शल्य सह चिकित्सकीय तकनीकी ज्ञान ग्रहण कर देश के विभिन्न चिकित्सालयों में रोजगार प्राप्त कर सकेंगे।

Betul News: जिला बैतूल में नवीन अनुविभाग आमला के सृजन की स्वीकृति

जिला बैतूल में नवीन अनुविभाग आमला के सृजन की स्वीकृति: मंत्रि-परिषद द्वारा जिला बैतूल में नवीन अनुविभाग आमला के सृजन की स्वीकृति दी गई है। नवीन अनुविभाग आमला में तहसील आमला के पटवारी हल्का 01 से 70 तक कुल 70 पटवारी हल्के समाविष्ट होंगे।

इसके बाद अनुविभाग मुलताई में तहसील मुलताई के पटवारी हल्का 01 से 69 तक एवं तहसील प्रभातपट्टन के पटवारी हल्का 70 से 133 तक कुल 133 पटवारी हल्का समाविष्ट होंगे।

नवीन अनुविभाग आमला के संचालन के लिये कुल 12 पद स्वीकृत किये गये है। जिसमें अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) का 1, स्टेनो टायपिस्ट का 1, सहायक ग्रेड-2 के 2, सहायक ग्रेड-3 के 3, वाहन चालक का 1 और भृत्य के 4 पद शामिल है।

मध्यप्रदेश नक्सली आत्मसमर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति 2023″ की स्वीकृति

“मध्यप्रदेश नक्सली आत्म-समर्पण, पुर्नवास सह राहत नीति 2023” की स्वीकृति : मंत्रि-परिषद द्वारा आत्म-समर्पण करने वाले नक्सलियों को लाभकारी रोजगार और उद्यमशीलता के अवसरों को प्रदान करने के उद्देश्य से “मध्यप्रदेश नक्सली आत्मसमर्पण, पुर्नवास सह राहत नीति 2023” स्वीकृत की गई है।

मध्यप्रदेश नक्सली आत्म-समर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति राज्य में उत्पन्न वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य हिंसा का रास्ता त्यागकर स्वेच्छा से आत्म-समर्पण करने वालों को मुख्यधारा में शामिल करना है।

नीति के अनुसार आत्म-समपर्णकर्ता को पुनर्वास हेतु गृह निर्माण के लिये 1 लाख 50 हजार रूपये, हथियार समर्पण के लिये अनुग्रह राशि 10 हजार रूपये से 4 लाख 50 हजार रूपये तक, विवाह के लिये प्रोत्साहन राशि 50 हजार रूपये, तात्कालिक आवश्यकता पूर्ति के लिये 5 लाख रूपये या घोषित पुरस्कार राशि जो भी अधिक हो, अचल सम्पत्ति क्रय के लिये 20 लाख रूपये, व्यवसायिक प्रशिक्षण के लिए 1 लाख 50 हजार रूपये दिये जायेंगे। साथ ही आयुष्मान भारत योजना और खाद्यान्न सहायता योजना का लाभ भी प्रदान किया जाएगा।

नक्सल हिंसा में प्रभावितों की सहायता के लिये नीति में प्रावधान किये गये है। जिसके अनुसार हिंसा से प्रभावित नागरिक की मृत्यु होने पर पीड़ित परिवार को 15 लाख रूपये, मृत सुरक्षा कर्मी के परिवार को 20 लाख रूपये और शारीरिक अक्षमता पर 4 लाख रूपये प्रदान किये जायेंगे।

नक्सल हिंसा में नागरिक की मृत्यु होने पर परिवार के सदस्य को तृतीय/चतुर्थ श्रेणी के पद पर नियुक्ति दी जायेगी। नक्सल हिंसा में अचल सम्पत्ति की पूर्णत: क्षति होने पर 1 लाख 50 हजार रूपये और आंशिक क्षति होने पर अधिकतम 50 हजार रूपये दिये जायेंगे। इसके साथ ही शासन की विभिन्न योजनाओं के साथ-साथ पीड़ित परिवार को आयुष्मान भारत योजना और खाद्यान्न सहायता योजना का लाभ भी दिया जायेगा।

MP POLICE के लिए खुशखबरी : एमपी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के भत्तों में वृद्धि को मिली स्वीकृति

MP POLICE के लिए खुशखबरी : एमपी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के भत्तों में वृद्धि को मिली स्वीकृति – मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM SHIVRAJ SINGH CHOUHAN) की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मुख्यमंत्री निवास ‘समत्व भवन’ में हुई।

मंत्रि-परिषद द्वारा पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को मिलने वाले भत्तों में वृद्धि के लिये स्वीकृति प्रदान की गई है।

पुलिस थानों में पदस्थ आरक्षक से उपनिरीक्षक स्तर के कर्मचारियों को प्रत्येक माह शासकीय कार्य के लिए की गई यात्रा के लिए 15 लीटर पेट्रोल की कीमत की प्रतिपूर्ति, आरक्षक से निरीक्षक स्तर के अराजपत्रित कर्मचारियों के लिये पौष्टिक आहार भत्ते की राशि 650 रूपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 1000 रूपये प्रतिमाह की.

इसके साथ ही आरक्षक एवं प्रधान आरक्षक को मिलने वाले किट क्लोदिंग भत्ता राशि क्रमश: प्रतिवर्ष 2,500 रूपये एवं 3 हजार रूपये से बढ़ाकर 5 हजार रूपये प्रतिमाह, सहायक उप निरीक्षक से निरीक्षक स्तर के अधिकारियों को प्रत्येक 3 वर्ष में दिये जाने वाले वर्दी नवीनीकरण अनुदान की राशि 500 रूपये से बढ़ाकर 2500 रुपये प्रति 3 वर्ष और कानून व्यवस्था में लगे पुलिस कर्मियों को मिलने वाले निःशुल्क भोजन की दरों को 70 रूपये प्रतिदिन से बढ़ाकर 100 रूपये प्रतिदिन की गई है।

साथ ही मध्यप्रदेश विशेष सशस्त्र बल (SAF) के कर्मचारियों को भी योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा। राज्य शासन के पेंशनरों / परिवार पेंशनरों के महंगाई राहत दर में वृद्धि की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा राज्य शासन के पेंशनरों / परिवार पेंशनरों को 01 जुलाई, 2023 (भुगतान माह अगस्त, 2023 ) से देय मंहगाई राहत की दर में वृद्धि करने की स्वीकृति दी गई है। निर्णय अनुसार मंहगाई राहत की दर सातवें वेतनमान अंतर्गत 42% और छठवें वेतनमान अंतर्गत 221% की गई है। इस निर्णय से शासन पर अनुमानित 410 करोड़ रूपये का अतिरिक्त व्यय भार संभावित है ।

“मध्यप्रदेश नक्सली आत्म-समर्पण, पुर्नवास सह राहत नीति 2023” की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा आत्म-समर्पण करने वाले नक्सलियों को लाभकारी रोजगार और उद्यमशीलता के अवसरों को प्रदान करने के उद्देश्य से “मध्यप्रदेश नक्सली आत्मसमर्पण, पुर्नवास सह राहत नीति 2023” स्वीकृत की गई है। मध्यप्रदेश नक्सली आत्म-समर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति राज्य में उत्पन्न वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है।

इस नीति का मुख्य उद्देश्य हिंसा का रास्ता त्यागकर स्वेच्छा से आत्म-समर्पण करने वालों को मुख्यधारा में शामिल करना है। नीति के अनुसार आत्म-समपर्णकर्ता को पुनर्वास हेतु गृह निर्माण के लिये 1 लाख 50 हजार रूपये, हथियार समर्पण के लिये अनुग्रह राशि 10 हजार रूपये से 4 लाख 50 हजार रूपये तक, विवाह के लिये प्रोत्साहन राशि 50 हजार रूपये, तात्कालिक आवश्यकता पूर्ति के लिये 5 लाख रूपये या घोषित पुरस्कार राशि जो भी अधिक हो, अचल सम्पत्ति क्रय के लिये 20 लाख रूपये, व्यवसायिक प्रशिक्षण के लिए 1 लाख 50 हजार रूपये दिये जायेंगे। साथ ही आयुष्मान भारत योजना और खाद्यान्न सहायता योजना का लाभ भी प्रदान किया जाएगा।

नक्सल हिंसा में प्रभावितों की सहायता के लिये नीति में प्रावधान किये गये है। जिसके अनुसार हिंसा से प्रभावित नागरिक की मृत्यु होने पर पीड़ित परिवार को 15 लाख रूपये, मृत सुरक्षा कर्मी के परिवार को 20 लाख रूपये और शारीरिक अक्षमता पर 4 लाख रूपये प्रदान किये जायेंगे।

नक्सल हिंसा में नागरिक की मृत्यु होने पर परिवार के सदस्य को तृतीय/चतुर्थ श्रेणी के पद पर नियुक्ति दी जायेगी। नक्सल हिंसा में अचल सम्पत्ति की पूर्णत: क्षति होने पर 1 लाख 50 हजार रूपये और आंशिक क्षति होने पर अधिकतम 50 हजार रूपये दिये जायेंगे। इसके साथ ही शासन की विभिन्न योजनाओं के साथ-साथ पीड़ित परिवार को आयुष्मान भारत योजना और खाद्यान्न सहायता योजना का लाभ भी दिया जायेगा।

जिला बैतूल में नवीन अनुविभाग आमला के सृजन की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा जिला बैतूल में नवीन अनुविभाग आमला के सृजन की स्वीकृति दी गई है। नवीन अनुविभाग आमला में तहसील आमला के पटवारी हल्का 01 से 70 तक कुल 70 पटवारी हल्के समाविष्ट होंगे।

इसके बाद अनुविभाग मुलताई में तहसील मुलताई के पटवारी हल्का 01 से 69 तक एवं तहसील प्रभातपट्टन के पटवारी हल्का 70 से 133 तक कुल 133 पटवारी हल्का समाविष्ट होंगे।

नवीन अनुविभाग आमला के संचालन के लिये कुल 12 पद स्वीकृत किये गये है। जिसमें अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) का 1, स्टेनो टायपिस्ट का 1, सहायक ग्रेड-2 के 2, सहायक ग्रेड-3 के 3, वाहन चालक का 1 और भृत्य के 4 पद शामिल है।

नर्सिंग महाविद्यालयों के लिए 305 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा और सागर में संचालित नर्सिंग महाविद्यालयों के लिए आई. एन.सी. के मापदण्डों की पूर्ति तथा नर्सिंग छात्राओं को उत्कृष्ट प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए नर्सिंग शिक्षक तथा अन्य संवर्गो के कुल 305 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई है।

इन पदों की पूर्ति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए गठित शासी निकाय द्वारा मध्यप्रदेश स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय शैक्षणिक आदर्श नियम, 2018 के प्रावधानों अनुसार की जायेगी। प्रदेश के विद्यार्थियों को नर्सिंग क्षेत्र के स्नातक/ स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में उत्कृष्ट शिक्षा के साथ-साथ सह चिकित्सकीय तकनीकियों को उपयोग करने का अवसर प्राप्त होगा जिससे वे अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट सह चिकित्सकीय एवं शल्य सह चिकित्सकीय तकनीकी ज्ञान ग्रहण कर देश के विभिन्न चिकित्सालयों में रोजगार प्राप्त कर सकेंगे।

जिला पंचायत सदस्यों एवं जनपद पंचायत सदस्यों के मानदेय में वृद्धि करने की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा जिला पंचायत सदस्यों एवं जनपद पंचायत सदस्यों के मानदेय में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। जिला पंचायत सदस्यों का मानदेय 4500 से बढ़ाकर 13 हजार 500 रूपये और जनपद पंचायत सदस्यों का मानदेय 1500 से बढ़ाकर 4500 रूपये करने का निर्णय लिया गया है। इससे 771 जिला पंचायत सदस्यों और 6145 जनपद पंचायत सदस्यों के मानदेय में वृद्धि होगी। मानदेय वृद्धि किये जाने पर अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय भार 30 करोड़ 44 लाख 88 हजार रूपये आना संभावित है।

सात नवीन शासकीय महाविद्यालयों एवं पदों के सृजन की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा उच्च शिक्षा विभाग में 07 नवीन शासकीय महाविद्यालय, 01 शासकीय महाविद्यालय में नवीन संकाय एवं 01 शासकीय महाविद्यालय में स्नातकोत्तर स्तर पर नवीन विषय प्रारंभ किए जाने के लिये कुल 367 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है। जिला सतना के कोठी, ग्वालियर के बेहट, जबलपुर के बघराजी, सागर के शाहपुर, पन्ना के खोरा, इंदौर के कम्पेल और दतिया के बसई में नवीन शासकीय महाविद्यालय के सृजन की स्वीकृति दी गई है।

साथ ही शासकीय महाविद्यालय देवतालाब रीवा में स्नातक स्तर पर नवीन संकाय वाणिज्य और स्नातकोत्तर स्तर पर समाज शास्त्र, अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र, हिन्दी साहित्य, रसायन शास्त्र, वनस्पति शास्त्र, प्राणी शास्त्र, भौतिक शास्त्र एवं गणित नवीन विषयों को प्रारंभ किये जाने के लिये नवीन पद सृजित किये गये है। पद सृजन पर आवर्ती व्यय भार 20 करोड़ 33 लाख 50 हजार रूपये प्रतिवर्ष एवं अन्य अनावर्ती व्यय 107 करोड़ 96 लाख रूपये इस प्रकार कुल 128 करोड़ 29 लाख 50 हजार के व्यय की स्वीकृति दी गई है।

रबी वर्ष 2021-22 और 2022-23 में प्राईस सपोर्ट स्कीम के उपार्जन की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा रबी वर्ष 2022-23 (विपणन वर्ष 2023-24 ) एवं आगामी दो वर्षों में भारत सरकार के प्राईस सपोर्ट स्कीम अंतर्गत चना, मसूर एवं सरसों तथा ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द का पंजीकृत कृषकों से उपार्जन राज्य उपार्जन एजेंसी म.प्र. राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित द्वारा किए जाने का निर्णय लिया गया।

साथ ही रबी वर्ष 2021-22 (रबी विपणन वर्ष 2022-23) में प्राईस सपोर्ट स्कीम अंतर्गत भारत सरकार द्वारा चना के लिये 8 लाख 71 हजार 100 मेट्रिक टन एवं मसूर के लिये 1 लाख 67 हजार 130 मेट्रिक टन तथा सरसों के लिये 3 लाख 48 हजार 935 मेट्रिक टन के नियत उपार्जन लक्ष्य के भीतर चने के 8 लाख 01 हजार 662.86 मेट्रिक टन का उपार्जन राज्य उपार्जन एजेंसी म.प्र. राज्य सहकारी विपणन संघ द्वारा किये जाने का कार्योत्तर अनुमोदन किया गया।

IFMIS Next Gen परियोजना के लिये 484 करोड़ 11 लाख रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा IFMIS Next Gen परियोजना के अंतर्गत IFMIS के सुचारू संचालन, सॉफ्टवेयर के विकास और संधारण, आईटी हार्डवेयर अधो-संरचना के विकास और पी.एम.यू के संचालन के लिये कुल 484 करोड़ 11 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। IFMIS Next Gen के विकास की ट्रांजीशन अवधि में IFMIS के सुचारू संचालन के लिये 59 करोड़ 50 लाख रूपए और IFMIS Next Gen परियोजना (अवधि वर्ष 2023 से 2029) के अंतर्गत सॉफ्टवेयर के विकास एवं संधारण के लिये पारदर्शी प्रक्रिया मे सिस्टम इंटीग्रेटर का चयन करने के लिये 218 करोड़ 26 लाख रूपये स्वीकृत किये गये है।

साथ ही वर्ष 2023 से 2029 तक आवश्यकतानुसार चरणबद्ध तरीके से आई.टी. हार्डवेयर अधोसंरचना के विकास के लिये 64 करोड़ 9 लाख रूपये एवं मॉडल कोषालयों/कार्यालयों के विकास के लिये नॉन-आई.टी. अधो-संरचना के विकास के लिये 37 करोड़ 27 लाख रूपये स्वीकृत किये गये है।

इसके अलावा पी.एम.यू. के संचालन के लिये अनुमानित लागत 29 करोड़ 85 लाख रूपये और परियोजना पर अन्य व्यय अनुमानित राशि 74 करोड़ 33 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। मंत्रि-परिषद् द्वारा लिया गया यह निर्णय ई-गवर्नेस एवं वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण होगा।

शासकीय कार्यालयों, शासकीय सेवकों और प्रदेश के नागरिकों एवं हितग्राहियों को त्वरित एवं ऑनलाईन सेवाये प्राप्त होगी तथा विभागीय कार्यो का पारदर्शी एवं बेहतर प्रबंधन के साथ क्रियान्वयन किया जा सकेगा।

CM SIKHO KAMAO YOJANA: आज होगा विशाल “सीखो-कमाओ योजना” का शुभारंभ, सीएम शिवराज देंगे युवाओं को अनुबंध 

CM SIKHO KAMAO YOJANA: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) द्वारा शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ’ योजना (CM SIKHO KAMAO YOJANA): उम्मीद की किरन युवाओं के लिए: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) आज शाम 4.00 बजे भोपाल के भेल स्थित शासकीय महात्मा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में ‘मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ’ योजना का शुभारंभ करेंगे।

‘मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ’ योजना (CM SIKHO KAMAO YOJANA) के तहत चयनित युवाओं को विभिन्न कौशलों के प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे समृद्धि और सफलता की दिशा में कदम बढ़ा सकें। इस महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत, मुख्यमंत्री चौहान ने युवाओं के लिए एक नई द्वारा सिखाने और कमाने की योजना की शुरुआत की है।

सीखो-कमाओ योजना की मुख्य विशेषताएँ

‘मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ’ योजना का प्रमुख उद्देश्य युवाओं को विभिन्न कौशलों के माध्यम से रोजगार के अवसर प्रदान करना है। योजना के अंतर्गत, मध्यप्रदेश के 18 से 29 वर्षीय युवाओं को विभिन्न उद्योगों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह सीखने और कमाने की योजना नौकरी के अवसरों को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं के आत्मनिर्भरता में भी मदद करेगी।

सीखो-कमाओ योजना के प्रमुख फायदे

  • कौशल विकास: योजना के तहत युवाओं को विभिन्न कौशलों में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो उनके रोजगार में नए द्वार खोल सकते हैं।
  • लर्न एंड अर्न: ‘मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ’ योजना में युवाओं को सिखाने और कमाने का एक साथ मौका मिलेगा, जो उनके आत्मनिर्भरता में मदद करेगा।
  • वितरण और स्टायपेंड: प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को स्टायपेंड दिया जाएगा, जो उनके वितरण में मदद करेगा और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती देगा।

सीखो-कमाओ योजना के प्रमुख चरण

  1. पंजीकरण: योजना में शामिल होने के लिए युवाओं को पंजीकृत कराना होगा, जिससे उन्हें प्रशिक्षण के लिए आवश्यक जानकारी मिल सके।
  2. प्रशिक्षण: पंजीकृत युवाओं को उद्योग उन्मुख प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उनके कौशल में सुधार हो सके।
  3. स्टायपेंड: प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को स्टायपेंड दिया जाएगा, जो उनकी आर्थिक सहायता करेगा।
  4. नौकरी के अवसर: प्रशिक्षण पूरा करने के बाद, युवाओं को विभिन्न उद्योगों में नौकरी के अवसर प्रदान किए जाएंगे।

‘मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ’ योजना एक ऐतिहासिक कदम है जो मध्यप्रदेश के युवाओं को नए रोजगार माध्यम प्रदान करके उनके भविष्य को सवारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना न केवल रोजगार के अवसर प्रदान करेगी, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद करेगी।

रोजगारोन्मुखी कौशल में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है। योजना में 8 लाख 69 हजार 673 युवाओं ने अपना पंजीयन कराया है। अब तक कुल 16 हजार 450 प्रतिष्ठानों ने पंजीकृत युवाओं के लिये लगभग 68 हजार 984 पद प्रकाशित किये हैं। योजना में पहले प्रतिष्ठानों का पोर्टल पर पंजीयन किया गया। इसके बाद वेकेंसी प्रकाशित की गई। युवाओं द्वारा भी पोर्टल पर कोर्स का चयन कर वेकेंसी की विरूद्ध आवेदन किया जा रहा है।

अब तक लगभग 14 हजार 450 अनुबंध जनरेट किये गये हैं। इसमें भोपाल में सर्वाधिक 643 अनुबंध किये गये। इसके अतिरिक्त रीवा में 640, जबलपुर में 560, दमोह में 487, सतना 486, बैतूल 467, ग्वालियर 435, सागर 418, इंदौर 414, छिंदवाड़ा 398, खरगोन 398, नरसिंहपुर 362, शिवपुरी 330, खंडवा 325, सिगरौली 320, धार 314, उज्जैन 330, गुना 296, बालाघाट 293, शहडोल 292, सिवनी 289, छतरपुर 284, रतलाम 276, मंदसौर 270, रायसेन 267, राजगढ़ 267, शाजापुर 257, मुरैना 251, भिंड 248, सीहोर 247, नीमच 244, विदिशा 235, सीधी 225, अनूपपुर 216, कटनी 209, पन्ना 201, नर्मदापुरम 192, देवास 188, आगर-मालवा 187, बड़वानी 167, उमरिया 164, बुरहानपुर 163, मंडला 162, टीकमगढ़ 160, झाबुआ 151, दतिया 149, अशोकनगर 147, हरदा 124, डिंडोरी 102, श्योपुर 83, निवाड़ी 82 और अलीराजपुर में 78 अनुबंध किये गये।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह योजना किस उम्र समूह के लिए है?

‘मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ’ योजना 18 से 29 वर्षीय युवाओं के लिए है।

प्रशिक्षण के दौरान कितना स्टायपेंड दिया जाएगा?

प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को 8 से 10 हजार रुपये का स्टायपेंड दिया जाएगा।

यह योजना किस उद्देश्य के लिए शुरू की गई है?

‘मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ’ योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को विभिन्न कौशलों के माध्यम से रोजगार के अवसर प्रदान करना और उनकी सेल्फ-रिलायंसी को बढ़ावा देना है।

कौन-कौन से चरणों में होगी योजना की शिक्षा?

‘मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ’ योजना की शिक्षा पंजीकरण, प्रशिक्षण, स्टायपेंड, और नौकरी के अवसर के चरणों में होगी।

क्या योजना केवल मध्यप्रदेश के निवासियों के लिए है?

हां, ‘मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ’ योजना केवल मध्यप्रदेश के निवासियों के लिए है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ‘मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ’ योजना ने मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए एक नई सफलता की कहानी लिखने का मार्ग प्रशस्त किया है। यह योजना न केवल उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करेगी, बल्कि उनकी आत्मनिर्भरता और समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

योजना का लाभ उठाएं

अब आप भी ‘मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ’ योजना के अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार हो जाएं। यह योजना आपको नए कौशल सीखने और आत्मनिर्भर बनने में मदद कर सकती है।

सिवनी: दिनेश राय मुनमुन को नहीं मिला टिकट! तो कौन होगा BJP से प्रबल दावेदार – VOTING शुरू, आप भी करें वोट

सिवनी (Seoni News): सिवनी विधानसभा से दिनेश राय मुनमुन को टिकट नहीं मिलने का हल्ला बहुत तेजी से हो रहा है और यदि ऐसा ही हुआ तो कौन होगा BJP से प्रबल दावेदार… 2023 के विधानसभा चुनाव में सिवनी सीट से भाजपा के प्रत्याशी के चयन के संदर्भ में राजनीतिक बाजार में गरमागरमी है। कुछ लोग बार-बार चर्चाओं में इस बार दिनेश राय को प्रत्याशी नहीं बनने देंगे, और कोई भी और प्रत्याशी के रूप में स्वीकार कर लेंगे।

विधानसभा चुनाव की तैयारी: एक नजर में

मध्य प्रदेश में 2023 के विधानसभा चुनाव की तैयारी तेजी से बढ़ रही है। मध्य प्रदेश के अलवा अन्य राज्यों में अलग-अलग राजनीतिक पार्टियाँ अपने भावी उम्मीदवारों की तैयारी में जुट रही हैं। यह चुनौती भरे समय में सभी पार्टियों के लिए महत्वपूर्ण है।

भाजपा की तैयारी: सरकारी योजनाओं का अग्रसर इस्तेमाल

मध्य प्रदेश में बैठी भाजपा सरकार चुनाव की तैयारी में जुटी है। उन्होंने अपनी सरकारी योजनाओं का अग्रसर इस्तेमाल करके चुनाव में अग्रसर बनाने का प्रयास किया है। यह चुनौती नहीं है कि उन्हें आपके समर्थकों को प्रेरित करने के लिए काफी मेहनत करनी होगी।

मध्यप्रदेश के सिवनी सीट: दिनेश राय मुनमुन की चुनौती

मध्यप्रदेश के सिवनी विधानसभा सीट पर भाजपा के विधायक हैं। दिनेश राय मुनमुन, जिन्होंने पिछले 2018 के चुनाव में भाजपा में शामिल होकर जीत हासिल की थी, वे इस सीट से चुने गए थे। लेकिन इसके बाद, उनकी इस सीट के संबंध में भाजपा द्वारा स्वीकृति नहीं मिलने की खबर भी राजनितिक बाजार में तेजी से घूम रही है, जिसका कारण अब तक स्पष्ट नहीं है।

राजनीतिक बाजार में गरमागरमी: चुनौतियों का सामना

2023 के विधानसभा चुनाव में सिवनी सीट से भाजपा के प्रत्याशी के चयन के संदर्भ में राजनीतिक बाजार में गरमागरमी है। कुछ लोग बार-बार चर्चाओं में इस बार दिनेश राय को प्रत्याशी नहीं बनने देंगे, और कोई भी प्रत्याशी के रूप में आजाए स्वीकार कर लेंगे।

मुनमुन राय के खिलाफ विरोध: क्या यह बड़ी चुनौती है?

कुछ विशेष लोगों में वो लोग भी शामिल है जो विधानसभा 2018 के पूर्व में मुनमुन के निर्दलीय रूप में विधायक के समय जिन्होंने उनके खिलाफ विरोध किया था। वर्तमान समय में सिवनी सीट के चुनावी माहौल में जो विरोध चल रहा है उससे लगता है कि यह विरोध मुनमुन राय के खिलाफ हो रहा है।

क्या दिनेश राय भाजपा में शामिल हो सकते हैं?

चर्चाओं में एक महत्वपूर्ण प्रश्न है कि क्या दिनेश राय ने पूरी तरह से भाजपा की सदस्यता को स्वीकारा है, और क्या भाजपा में शामिल होने के बाद भी मुनमुन राय मुनमुन को भाजपा स्वीकार कर पाई है?

भविष्य की दिशा: क्या हो सकता है?

अगर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं की भावनाओं को समझा है, तो संभावना है कि मुनमुन राय विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी नहीं चुने जा सकते हैं। सिवनी सीट के लिए और भी उम्मीदवार बातचीत में हैं, और वे अपने मामले में अग्रणी दौड़ रहे हैं।

आपका वोट, आपकी राय

इस चुनाव में आपका वोट आपकी राय को मजबूती देने का माध्यम हो सकता है। चाहे आप किसी भी प्रत्याशी के समर्थक हों, या फिर किसी और विकल्प की तरफ झुके, यह आपकी आवश्यकताओं और मानसिकता के आधार पर होना चाहिए।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

क्या दिनेश राय भाजपा के प्रत्याशी बनेंगे?

यह एक चर्चा का विषय है, क्योंकि उनकी स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं है।

क्या मुनमुन राय के विरोध में बदलाव हो सकता है?

वर्तमान समय में यह चर्चाओं में है कि विरोध मुनमुन राय के खिलाफ हो रहा है, लेकिन कुछ बदलाव हो सकते हैं।

क्या यह चुनाव सिवनी सीट पर महत्वपूर्ण है?

हां, सिवनी सीट पर चुनाव महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भावी प्रत्याशियों की संघर्ष की कहानी है।

क्या आपने विभिन्न पार्टियों के उम्मीदवारों के बारे में जानकारी दी?

हां, इस लेख में हमने उम्मीदवारों के चयन के संदर्भ में कुछ जानकारी प्रस्तुत की है, लेकिन सभी नाम नहीं दिए गए हैं।

मैं कैसे अपने वोट का उपयोग कर सकता हूँ?

आपका वोट आपकी आवश्यकताओं और मानसिकता के आधार पर होना चाहिए। अपने उम्मीदवारों की योजनाओं को अच्छे से समझकर आप उन्हें अपने वोट की राय दे सकते हैं।