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Ek Tareekh Ek Ghanta Ek Saath: पीएम मोदी का आह्वान, 1 अक्टूबर को स्वच्छता के लिए ‘एक घंटे श्रमदान’

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Ek Tareekh Ek Ghanta Ek Saath: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात के अपने 105वें एपिसोड में लोगों से ‘एक तारीख एक घंटा एक साथ’ पहल का आह्वान करते हुए 1 अक्टूबर को सुबह 10 बजे स्वच्छता के लिए 1 घंटे के श्रमदान की अपील की।

उन्होंने कहा कि यह उनकी जयंती की पूर्व संध्या पर बापू (महात्मा गांधी) के लिए एक सामूहिक ‘स्वच्छांजलि’ (श्रद्धांजलि) होगी। 

‘स्वच्छता ही सेवाअभियान’ पर बोलते हुए पीएम ने आग्रह किया, ”1 अक्टूबर यानी रविवार को सुबह 10 बजे स्वच्छता पर एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। 

आप भी समय निकालकर स्वच्छता से जुड़े इस अभियान में मदद करें। आप भी अपनी गली, या पड़ोस…या किसी पार्क, नदी, झील या किसी अन्य सार्वजनिक स्थान पर इस स्वच्छता अभियान में शामिल हो सकते हैं।

मेगा स्वच्छता अभियान जीवन के सभी क्षेत्रों के नागरिकों से सार्वजनिक स्थानों जैसे बाजार स्थानों, रेलवे ट्रैक जल निकायों पर्यटक स्थानों, धार्मिक स्थानों आदि की वास्तविक सफाई गतिविधियों में शामिल होने का आह्वान करता है। प्रत्येक शहर, ग्राम पंचायत, नागरिक उड्डयन जैसे सरकार के सभी क्षेत्र , रेलवे, सूचना एवं प्रौद्योगिकी आदि और सार्वजनिक संस्थान नागरिकों के नेतृत्व में स्वच्छता कार्यक्रमों की सुविधा प्रदान करेंगे। 

सफाई कार्यक्रम आयोजित करने में रुचि रखने वाले एनजीओ/आरडब्ल्यूए/निजी संगठन आदि भी यूएलबी/जिला प्रशासन को पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। स्वच्छता कार्यक्रम सार्वजनिक जानकारी के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए आईटी प्लेटफॉर्म स्वच्छता ही सेवा – नागरिक पोर्टल swachhatahiseva.com पर उपलब्ध होंगे।

स्वच्छता स्थल पर नागरिक फोटो खींचकर पोर्टल पर अपलोड भी कर सकते हैं। पोर्टल नागरिकों और प्रभावशाली लोगों को आंदोलन में शामिल होने और स्वच्छता राजदूत बनकर लोगों के आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए आमंत्रित करने वाला एक अनुभाग भी आयोजित करता है।

मेगा स्वच्छता अभियान 15 सितंबर से 2 अक्टूबर तक मनाए जा रहे स्वच्छता पखवाड़ा-स्वच्छता ही सेवा 2023 का हिस्सा है। नागरिक विभिन्न स्वच्छता गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं जैसे पुरानी इमारतों का जीर्णोद्धार, जल निकायों, घाटों की सफाई, दीवारों की पेंटिंग, नुक्कडनाटक आयोजित करना। रंगोली प्रतियोगिताएं. पखवाड़ा शुरू होने के बाद से अब तक 5 करोड़ से अधिक नागरिक पखवाड़ा पखवाड़े से जुड़ चुके हैं। 

नौ साल पहले, प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में स्वच्छता के लिए एक स्पष्ट आह्वान किया था। जीवन के सभी क्षेत्रों के नागरिकों ने स्वच्छ भारत के लिए स्वामित्व लेते हुए अत्यधिक उत्साह के साथ प्रतिक्रिया व्यक्त की। परिणामस्वरूप, स्वच्छता एक राष्ट्रीय व्यवहार बन गया, स्वच्छ भारत मिशन एक घरेलू नाम बन गया।

The Vaccine War Movie: ‘द वैक्सीन वॉर’ फिल्म के प्रमोशन इवेंट में नजर आईं नूपुर शर्मा, वैज्ञानिकों से कही ये बात

The Vaccine War Movie: निलंबित भाजपा नेता नूपुर शर्मा रविवार को राष्ट्रीय राजधानी में लंबे समय के बाद एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दिखाई दीं और फिल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री (Vivek Agnihotri) की आगामी फिल्म ‘द वैक्सीन वॉर’ (The Vaccine War Movie) का प्रचार किया।

शर्मा को मंच पर फिल्म निर्माताओं और कलाकारों के साथ देखा गया और उन्होंने उन वैज्ञानिकों के प्रति आभार व्यक्त किया जो कोविड महामारी के दौरान स्वदेशी टीके बनाने में शामिल थे, जिससे लाखों लोगों की जान बचाई गई।

“मैं आप सभी को तहे दिल से धन्यवाद देना चाहता हूं। यह आपके प्रयासों का परिणाम है कि हम भारतीय आज जीवित हैं,” उन्होंने इस अवसर पर कहा।

The Vaccine War Movie

उन्होंने कार्यक्रम के आयोजकों को उन्हें आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद दिया और कहा, “भारत माता की जय। और I.N.D.I.A. …” फिर उसने खुद को सुधारते हुए कहा, “भारत ऐसा कर सकता है”।

भारतीय कोविड टीकों की तैयारी पर आधारित यह फिल्म 28 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

नूपुर शर्मा को क्यों किया गया सस्पेंड?

मई 2022 में एक टीवी शो में आईं नुपुर शर्मा ने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा जिसके बाद उन्हें भारतीय जनता पार्टी से निलंबित कर दिया गया। 

उन्होंने जान से मारने की धमकी मिलने की शिकायत दिल्ली पुलिस से की थी. इसके बाद से ही उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बना ली थी. एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर उनकी आखिरी पोस्ट 5 जून, 2022 को थी, जिसमें उन्होंने बिना शर्त अपना बयान वापस ले लिया था।

पैगंबर पर उनकी टिप्पणी पर दुनिया भर के कई इस्लामिक देशों ने आपत्ति जताई थी।

Parineeti-Raghav Wedding: परिणीति-राघव की शादी के बाद पति-पत्नी के रूप में पहली तस्वीरें आई सामने

Parineeti-Raghav Wedding:  परिणीति चोपड़ा और राघव चड्ढा की शादी इन दिनों काफी चर्चा में है। बॉलीवुड अभिनेत्री ने 24 सितंबर को उदयपुर में करीबी दोस्तों और परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में एक अंतरंग लेकिन भव्य समारोह में आप सांसद के साथ शादी कर ली। नवविवाहित जोड़े ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर अपनी पहली शादी की तस्वीरें साझा कीं, जिसमें वे पति-पत्नी के रूप में मनमोहक लग रहे थे।

सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर करते हुए परिणीति ने लिखा, “नाश्ते की टेबल पर पहली बातचीत से ही हमारे दिल को पता चल गया था। इस दिन का लंबे समय से इंतजार कर रही थी.. आखिरकार मिस्टर और मिसेज बनकर बहुत खुश हूं! मैं नहीं रह सकती थी।” एक दूसरे के बिना .. हमारा हमेशा के लिए अब शुरू होता है .. “

यहां देखें परिणीति चोपड़ा और राघव चड्ढा की पहली शादी की तस्वीरें:

Parineeti-Raghav Wedding

प्रियंका चोपड़ा ने शुभकामनाएं भेजी और लिखा, “मेरा आशीर्वाद हमेशा।” नीना गुप्ता, आदित्य ठाकरे और अन्य सेलेब्स ने जोड़े को बधाई दी। 

इस जोड़े की शादी हाथी दांत की थीम पर हुई थी और मेहमानों को भी इसी तरह के कपड़े पहने देखा गया था। उनकी शादी रविवार शाम को करीबी दोस्तों और परिवार की मौजूदगी में यहां एक लक्जरी होटल में संपन्न हुई, जिसमें इकट्ठे हुए पापराज़ी को केवल लंबी दूरी के शॉट्स से संतुष्ट होना पड़ा, जैसे कि राघव पिछोला झील पर नाव की सवारी का आनंद ले रहे थे।

शाम करीब 4.30 बजे जयमाला और फेरे हुए। उपस्थित अतिथियों में आप नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और संजीव अरोड़ा और टेनिस स्टार सानिया मिर्जा शामिल थे। परिणीति की BFF.

Parineeti-Raghav Wedding विदाई के मौके पर शाहरुख खान और काजोल पर फिल्माया गाना ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ बजाया गया।

कुछ महीने पहले परिणीति और राघव की सगाई हुई थी। 13 मई को नई दिल्ली के कपूरथला हाउस में इस जोड़े ने अपने प्रियजनों के सामने एक-दूसरे को अंगूठियां पहनाईं। सगाई से पहले राघव और परिणीति ने अपने रिश्ते को छुपाकर रखा था। कथित तौर पर राघव और परिणीति अपने रिश्ते से पहले कई सालों से एक-दूसरे को जानते थे। 

Umariya Accident: मध्य प्रदेश के उमरिया में NH43 पर तेज़ रफ़्तार कार पेड़ से टकराई, 5 लोगों की मौत

Umaria Accident: मध्य प्रदेश के उमरिया (Umaria) में NH43 पर तेज़ रफ़्तार कार पेड़ से टकराई, 5 लोगों की मौत उमरिया जिले (Umaria City) की पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू ने कहा कि सोमवार को मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उमरिया जिले में एनएच 43 पर एक तेज रफ्तार कार के पेड़ से टकरा जाने से पांच लोगों की मौत हो गई।

पुलिस ने कहा कि सोमवार तड़के मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे एक कार के पेड़ से टकरा जाने से पांच लोगों की मौत हो गई।

सोमवार को सुबह तड़के, मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग NH43 पर एक तेज़ रफ़्तार कार के पेड़ से टकरा जाने से पांच लोगों की मौत हो गई। इस दुर्घटना की वजह से इस समय की सबसे गंभीर सड़क दुर्घटना में से एक है।

एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना सुबह करीब तीन बजे घुनघुटी पुलिस चौकी क्षेत्र के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 43 पर मझगवा गांव के पास हुई।

सहायक उपनिरीक्षक शैलेन्द्र चतुर्वेदी ने बताया कि कार में पांच लोग सवार होकर उमरिया से शहडोल जा रहे थे, तभी टक्कर हो गई।

उन्होंने कहा कि कार में सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।

सभी पीड़ितों की उम्र 30 से 35 साल के बीच थी। उन्होंने बताया कि उनमें से अधिकतर सरकारी कर्मचारी थे। मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच चल रही है. 

घटना का स्थान

यह दुर्घटना घटी पुलिस चौकी क्षेत्र के अंतर्गत हुई थी, जो कि उमरिया जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 43 के पास स्थित है।

पीड़ित व्यक्तियों की स्थिति

सहायक उपनिरीक्षक शैलेन्द्र चतुर्वेदी ने बताया कि कार में पांच लोग सवार थे, जो उमरिया से शहडोल जा रहे थे। इस हादसे के दौरान, कार में सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।

पीड़ितों की विशेषता

सभी पीड़ितों की उम्र 30 से 35 साल के बीच थी, और उनमें से अधिकांश सरकारी कर्मचारी थे। इस घटना की जांच अब भी जारी है, और स्थानीय अधिकारियों द्वारा दुर्घटना की वजह का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

सुरक्षा में सद्गति की यात्रा के लिए सावधानी

इस घटना से हमें यह सिखने को मिलता है कि सड़क पर सुरक्षित यात्रा के लिए हमें सभी सावधानियों का पालन करना चाहिए। तेज़ रफ़्तार वाले कारों का सावधानीपूर्वक प्रयोग करना बहुत महत्वपूर्ण है, और सीट बेल्ट का उपयोग सड़क पर सफर करते समय बिना छोड़े हमें अपनी सुरक्षा के लिए स्थित रहना चाहिए।

यह घटना हमें याद दिलाती है कि हमें सड़क पर सावधान रहना बेहद आवश्यक है, ताकि हम सड़क पर सुरक्षित रूप से यात्रा कर सकें।

मध्य प्रदेश में परिवर्तन का शंखनाद, सिवनी पहुंची जन आक्रोश यात्रा

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सिवनी (Seoni News): मध्यप्रदेश में परिवर्तन का शंखनाद, भ्रष्ट शिवराज सिंह सरकार की नाकामियों को उजागर करने पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचैरी, प्रदीप जैन जन आक्रोश यात्रा लेकर सिवनी नगर की सीमा ग्राम फुलारा पंहुचे.

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजकुमार खुराना, जिले के प्रभारी चैधरी गंभीर सिंह एवं उत्साहित कांग्रेस जनों ने भव्य स्वागत किया।

जन आक्रोश यात्रा मातृधाम कातलबोडी पंहुची जहाॅ माॅ. राजराजेश्वरी मंदिर में पूजा अर्चना कर लखनवाड़ा में स्वागत किया गया, सिवनी नगर प्रवेश पर अनेक स्थानों पर जन आक्रोश यात्रा का स्वागत कर जन आक्रोश यात्रा छिन्दवाड़ा चौक पंहुची।

यहां पहुंचकर गणेश जी के मंदिर में पूजा अर्चना कर मंच पर पंहुचे पचैरी जी ने कहा कि समय कम है मैं अपनी बातो को मीडिया के माध्यम से आप तक पंहुचाउगा।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजकुमार खुराना द्वारा सुरेश पचैरी, प्रदीप जैन, डाॅ. नरेश कुमार, चैधरी गंभीर सिंह, ठा.रजनीशसिंह का स्वागत किया गया, नगरपालिका अध्यक्ष शफीक खान द्वारा साल एवं पुष्पमालाओं से अतिथि गणो का स्वागत किया गया।

जन आक्रोश यात्रा नगर का भ्रमण करते हुये जिला कांग्रेस कार्यालय पंहुची, पत्रकारों को सम्बोधित करते हुये सुरेश पचैरी एवं प्रदीप जैन ने कहा कि जन आक्रोश यात्रा मध्यप्रदेश में सात स्थानो से गणेश चर्तुथी के पावन अवसर पर प्रारंभ की गयी यह यात्रा 11400 किलोमीटर की यात्रा है।

हमारी यात्रा रूट नं. 5 की है जो हरदा जिले से शुरू होकर नर्मदापुर में समापन्न होगा। यदि हम केन्द्र सरकार की बात करें तो कोरोनाकाल में ईलाज के अभाव में देश के अनेक लोगो ने अपनी जान गवा दी।

देश में स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधाओं का अभाव है मोदी जी की घोषणाएॅ झूठी साबित हुई उन्होंने 15 लाख रूपये हर व्यक्ति के खाते में देने की बात कही थी, प्रति वर्ष 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने की घोषणा की थी, 2022 तक पक्के मकान, किसानों की आय बढ़ाने की बात कही थी, विदेशो से कालाधन वापिस लाने की बात कही थी लेकिन आज दिनांक तक सारी घोषणाएॅ सिर्फ घोषणा बनकर रह गयी।

जन आक्रोश यात्रा को लेकर लोगो में उत्साह, एक ओर भाजपा के खिलाफ आक्रोश है कार्यकर्ताओं में जोश है।

वही भाजपा की विकास यात्रा, जन आर्शीवाद यात्रा जैसा माहौल आपको इस यात्रा में देखने को नहीं मिलेंगा, शिवराज सिंह सरकार ने जो घोटाले किये, ई-टेंडिरिंग घोटाला, व्यापंम घोटाला, खनिज घोटाला इन सब घोटाला की जांच शुरू कर दी गई थी, मध्यप्रदेश में कमलनाथ जी की सरकार गिरा दी गई।

कमलनाथ जी जब केन्द्र में शहरी विकास मंत्री थे उन्होंने नपकेेउजयोजना अन्तर्गत मध्यप्रदेश को  3451 करोड़ इसी तरह नपक स्कीम के तहत 864 करोड़ की वित्तीय राशि दी, मुख्यमंत्री रहते हुये प्रदेश के 27 लाख किसानों का कर्जा माॅफ किया।

महाकाल, महेश्वर और रामपथ वन गमन के लिए 450 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई, प्रत्येक विकास खंण्ड में गौशाला का निर्माण कराया गया, 100 रू. 100 यूनिट बिजली दी गई,  मुख्यमंत्री कन्या विवाह में 51 हजार रू. की राशि दी गई मुख्यमंत्री रहते हुये एक-एक वचन को पूरा करने का काम किया। अभी प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने पर 11 वचन दिये है।

सिवनी की भूमि को मैं पवित्र भूमि मानता हॅू यह भूमि महाराजश्री की अवतरण भूमि है जिनका मैं भी शिष्य रहा हॅू।

शिवराज सिंह द्वारा इस भूमि के लिए की गई अनेक घोषणाएॅ पूरी नही की, उन्होंने घोषणा की थी कि मैं सिवनी में इंजीनियरिंग काॅलेज, कृषि विद्यालय, ट्रांसपोर्ट नगर, पालिका बाजार बनाउंगा ऐसी अनेक घोषणाएॅ की गई जो अभी तक पूरी नहीं हुई।

शिवराज सिंह चैहान ने हर घर से 1 व्यक्ति को रोजगार देने की बात कही थी, महिलाओं के लिए फास्टेªक कोर्ट की बात कही थी, संसदीय कार्य समिति की रिपोर्ट बताती है कि पूर्व में मध्यप्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 9740 रू. वर्तमान में यह घटकर आय 8639 रू. हो गई, दबतइ के आंकडे़ बताते है कि मध्यप्रदेश में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति, महिला, बच्चो के उत्पीड़न के मामले सबसे अधिक है, दहेज उत्पीड़न के मामलो में मध्यप्रदेश तीसरे स्थान पर है।

मनरेगा के तहत जो पैसा मध्यप्रदेश को भेजा गया उसका 75 प्रतिशत ही खर्च किया, जो पैसा भेजा गया मध्यप्रदेश की भ्रष्ट सरकार ने दूसरे मद में खर्च कर लिया गया।

आज मध्यप्रदेश सरकार पर 4 लाख 22 हजार करोड़ रूपय का कर्ज है, मध्यप्रदेश की बहुमूल्य संपत्ति गिरवी रखी जा रही है शिवराज सिंह  प्रति दिन नई नई घोषणाएॅ कर रहें है लगभग 22 हजार घोषणाएॅ की जा चुकी है जिनका क्रियान्वयन नही हो पाया है। यह रिपोर्ट मध्यप्रदेश सरकार की फालोअप एक्शन प्लान की है।

जन आक्रोश यात्रा में जिला कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं, वरिस्ठ कांग्रेस नेता, निर्वाचित कांग्रेस जनप्रतिनिधियो सहित महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, सेवादल, एनएसयुआई, सभी विभाग, प्रकोष्ठ ब्लाक कांग्रेस, मंडलम, सेक्टर, बूथ, बीएलए व कांग्रेस जनों ने बडी भारी संख्या में बड़चड़ कर हिस्सा लिया।

SJVN Limited Recruitment 2023: फील्ड ऑफिस, फील्ड इंजीनियर पदों पर हो रही भर्ती | पूरा विवरण यहाँ @sjvn.nic.in

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SJVN Limited Recruitment 2023: एसजेवीएन लिमिटेड अधिसूचना 2023: एसजेवीएन लिमिटेड ने फील्ड ऑफिस और फील्ड इंजीनियर पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना (SJVN Limited Recruitment 2023 Notification) जारी की है। 

SJVN Limited Recruitment 2023

एसजेवीएन लिमिटेड फील्ड ऑफिस और फील्ड इंजीनियर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 25 सितंबर से शुरू होगी और ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर है।

उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट sjvn.nic पर जाकर भर्ती प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। ।में।

भुगतान रसीद के साथ आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी जमा करने की अंतिम तिथि 5 नवंबर है। एसजेवीएन लिमिटेड संगठन में कुल 29 रिक्त पदों को भरने के लिए आवेदन प्रक्रिया आयोजित कर रहा है।

SJVN Limited Recruitment 2023 Full Details

  • फील्ड इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल/सिविल) – 8 पद
  • फील्ड ऑफिसर (राजभाषा) – 2 पद
  • फील्ड ऑफिसर (एफ और ए) – 4 पद
  • फील्ड इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल/मैकेनिकल/सिविल) – 15 पद

एसजेवीएन लिमिटेड भर्ती 2023: आवेदन शुल्क

सामान्य, ईडब्ल्यूएस और ओबीसी श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 590 रुपये है। जबकि एससी, एसटी और पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों को शुल्क से छूट दी गई है।

एसजेवीएन लिमिटेड अधिसूचना 2023: आवेदन कैसे करें

योग्य उम्मीदवार 25 सितंबर से 15 अक्टूबर, 2023 के बीच आधिकारिक वेबसाइट sjvn.nic.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्र जमा करने के बाद, उम्मीदवारों को आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी शुल्क रसीद के साथ दिए गए पते पर जमा करनी होगी। नीचे।

पद के लिए आवेदन ____
कार्यालय डीजीएम (भर्ती)
एसजेवीएन लिमिटेड
शक्ति सदन, कॉर्पोरेट मुख्यालय, शानन शिमला, 
पिन कोड एचपी-171006।

एसजेवीएन लिमिटेड अधिसूचना 2023

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सिवनी: एक वर्ष से अटकी हुई है धारा 60 की जांच, जांच अधिकारी संदेह के घेरे में हैं!

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सिवनी, (Seoni News) धारनाकला: एक वर्ष से अटकी हुई है धारा 60 की जांच, जांच अधिकारी संदेह के घेरे में हैं. बरघाट जनपद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सहकारिता समिति आष्टा की जांच लगभग एक वर्ष से ज्यादा का समय बीतने के बाद भी जांच अधिकारी द्वारा नहीं की जा रही है, इससे किसानों और जन प्रतिनिधियों में भारी आक्रोश हो रहा है।

जांच अधिकारी के द्वारा धारा 60 की जांच मिलने के बाद भी लगातार निष्क्रियता बरती जा रही है, जबकि शिकायतकर्ताओं द्वारा इस संदर्भ में अनेक बार उपयुक्त सहकारिता सिवनी से जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।

इसके बावजूद, जांच अधिकारी द्वारा इसे लंबे समय तक टाला जा रहा है, जो समझ से परे है।

एक वर्ष पूर्व ही हो चुके थे जांच के आदेश

यह भी उल्लेखनीय है कि जांच के आदेश एक वर्ष पहले ही जारी हो चुके थे। उल्लेखनीय है कि समिति में व्याप्त अनियमितताओं, शासकीय राशि के दुरूपयोग, और मनमानी के खिलाफ किसानों और जन प्रतिनिधियों की तरफ से बड़ी संख्या में आपत्ति हो रही है।

लगभग एक वर्ष पहले, उपयुक्त कार्यालय सहकारिता सिवनी को इसके संदर्भ में जांच और कार्रवाई के लिए आवेदन किया गया था, जिसे उपयुक्त अखिलेश निगम द्वारा धारा 60 के तहत जांच और कार्रवाई के आदेश जारी किए गए थे।

लेकिन आज तक जांच अधिकारी द्वारा पूरी जांच नहीं की गई है, और न ही समिति में व्याप्त अनियमितताओं और शासकीय राशि के दुरूपयोग पर कोई कार्रवाई की गई है, जिससे जांच अधिकारी द्वारा बरती जा रही लापरवाही और देरी को बढ़ा रही है, जिससे इनकार नहीं किया जा सकता है।

वहीं, शिकायतकर्ता किसानों और जनपद सदस्यों रूपेद पटेल के द्वारा भी जांच और कार्रवाई में हो रही देरी के लिए आक्रोश व्यक्त किया गया है।

हो चुका है चक्काजाम

हो चुका है चक्काजाम। यह भी बताना जरूरी है कि समिति में व्याप्त अनियमितताओं, शासकीय राशि के दुरूपयोग, और मनमानी के खिलाफ किसानों और जन प्रतिनिधियों द्वारा सैकड़ों के संख्या में चक्काजाम किया जा चुका है।

पूर्व में पदस्थ उपयुक्त अखिलेश निगम द्वारा समिति प्रबंधक पर निलंबन की कार्रवाई भी की गई है, जो अब तक अमल में है, लेकिन समिति के व्याप्त अनियमितताओं और शासकीय राशि के दुरूपयोग मामले की जांच और कार्रवाई के मामले में विभाग को क्यों पशीने छूट रहे हैं, यह बात समझ से परे है।

इस संदर्भ में, जनपद सदस्य और किसानों द्वारा आरोप लगाया गया है कि समिति में भारी राशि का दुरूपयोग और फर्जी बिलों के माध्यम से समिति को लाखों रुपये की चपत लगाई गई है, जिसे निष्पक्ष रूप से जांच और कार्रवाई की जरूरत है, लेकिन उपयुक्त अखिलेश निगम के स्थानांतरण के बाद से उपयुक्त कार्यालय सहकारिता सिवनी से कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, और न ही निष्पक्ष रूप से जांच समितियों से हो रही है।

समितियो से होना है लाखो की वसूली नोटिस तामिली तक ही सीमित रह गई वसूली

लाखों की वसूली नोटिस तमामी तक ही सीमित रह गई है। उल्लेखनीय है कि उपयुक्त अखिलेश निगम के स्थानांतरण के बाद से धान उपार्जन में भी अनियमितताएं और हजारों क्विंटल धान की कमी के मामले में कार्रवाई शून्य है।

जबकि शार्टेज राशि की वसूली के संदर्भ में उपयुक्त सहकारिता सिवनी से अनेक बार नोटिस जारी किए गए हैं, ठोस कार्रवाई अब तक सामने नहीं आई है, जबकि इस मामले में जिला कलेक्टर सिवनी द्वारा भी कार्रवाई और वसूली के आदेश उपयुक्त सहकारिता सिवनी को दिए गए हैं, लेकिन शार्टेज राशि की वसूली की कार्रवाई भी अब तक विभागीय तौर पर ठंडे बस्ते में है, जिससे किसानों से जुड़ी सहकारी समितियों की स्थिति दिनों-दिन दुखद हो रही है।

वहीं, जिनके साथ वसूली की जाने वाली है, वे लगातार चांदी पीट रहे हैं, लेकिन सहकारी समितियाँ गर्त में जा रही हैं, जिसमें सबसे ज्यादा चर्चित सहकारी समिति लालपुर है, जहां पर लाखों रुपये की वसूली के साथ एफ आई आर की कार्रवाई भी उपयुक्त कार्यालय सहकारिता सिवनी से जारी पत्र और नोटिस के बावजूद ठोस कार्रवाई अब तक नहीं हो रही है। इस संदर्भ में, जिले के संवेदनशील जिला कलेक्टर को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है। ऐसी आपकी अपेक्षा है।

इनका कहना। मेरे द्वारा अभी ही सिवनी का प्रभार लिया गया है इस सम्बध्द मे मेरे सज्ञान मे जानकारी नही है जानकारी लेकर जांच तथा कार्रवाई की जायेगी। पुष्पेन्द्र कुशवाहा उपायुक्त सहकारिता सिवनी

मध्य प्रदेश चुनाव: MP में शिवराज सिंह चौहान को CM के रूप में पेश करने में आ रही है शर्म – कमलनाथ

MP ELECTION 2023: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) राज्य के चुनावी समय कभी ना कभी आवश्यकता होती है, लेकिन इस बार कांग्रेस के नेता कमलनाथ (Kamalnath) ने भाजपा (BJP) के मुख्यमंत्री उम्मीदवार (CM CANDIDATE) को लेकर एक नई विवाद की शुरुआत की है। इसके बारे में अधिक जानने के लिए आइए हम इस विषय पर विस्तार से चर्चा करें।

भाजपा के मुख्यमंत्री उम्मीदवार

मध्य प्रदेश चुनावों के आसपास, भाजपा ने अपने मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में शिवराज सिंह चौहान को प्रस्तुत किया है।

इससे पहले, शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के पद पर कई बार कार्यभार संभाला है और उन्होंने अपने कार्यकाल में कई विकासात्मक कदम उठाए हैं।

कमलनाथ के बयान

कमलनाथ ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि भाजपा को शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में प्रस्तुत करने पर शर्म आ रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मध्य प्रदेश चुनाव के लिए आएंगे, लेकिन क्या वे अपने मुख्यमंत्री उम्मीदवार की घोषणा करेंगे, यह सवाल है जिसका उन्होंने खुलकर विचार किया।

कमलनाथ की चुनौती

कमलनाथ ने भी उठाई भाजपा के मुख्यमंत्री उम्मीदवार के दावों पर सवाल। उन्होंने पूछा कि क्या शिवराज सिंह चौहान की भविष्यवाणी कभी सही साबित हुई है और क्या मध्य प्रदेश की जनता इसे मान रही है। इससे प्रकट होता है कि कमलनाथ चुनौती के साथ मध्य प्रदेश चुनाव में कांग्रेस की जीत की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

कमलनाथ का आरोप

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, कमलनाथ ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा है कि भाजपा सरकार बेरोजगारों की समस्याओं को “अनदेखा” कर रही है और इसे एक नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की सरकार को सत्ता से हटा देना चाहिए और जवानों को रोजगार देने के लिए कदम उठाना चाहिए।

मध्य प्रदेश चुनावों में यह नया विवाद दर्ज किया गया है, और इसके परिणामस्वरूप चुनावी माहौल में गरमागरमी बढ़ गई है। कमलनाथ के बयान से स्पष्ट होता है कि कांग्रेस भाजपा के खिलाफ मजबूत उतरी है और वह अपने उम्मीदवार के रूप में एक मजबूत चुनौती प्रस्तुत करेगी।

मध्य प्रदेश चुनाव एक महत्वपूर्ण घटना है जिसमें राज्य की भविष्यवाणी तय होगी। इस चुनौती भरे प्रतिस्पर्धा में, कमलनाथ ने अपने विचारों को स्पष्टता से प्रस्तुत किया है और यह दिखाया है कि वह चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।

Army Day Parade 2024: उत्तर प्रदेश के लखनऊ में आयोजित की जाएगी आर्मी डे परेड

Army Day Parade 2024: नई दिल्ली, 24 सितंबर, भारतीय सेना द्वारा अपनी वार्षिक सेना दिवस परेड (Army Day Parade 2024) को विभिन्न स्थानों पर स्थानांतरित करने के फैसले के तहत, उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजधानी लखनऊ (Lucknow) अगले साल 15 जनवरी को इस कार्यक्रम की मेजबानी करेगी। सेना के अधिकारियों ने कहा. 

परंपरागत रूप से, भारतीय सेना दिवस परेड हर साल दिल्ली छावनी में आयोजित की जाती थी, लेकिन प्रमुख कार्यक्रमों को देश के विभिन्न हिस्सों में स्थानांतरित करने के सरकार के प्रयास के अनुरूप, पिछले साल से इसे राष्ट्रीय राजधानी और बेंगलुरु के बाहर आयोजित करने का निर्णय लिया गया था। जनवरी 2023 में पहला बाहरी स्थल। 

“आगामी सेना दिवस परेड, 15 जनवरी, 2024 को लखनऊ में आयोजित की जाएगी। बेंगलुरु कार्यक्रम के बाद, भारतीय सेना ने यह सुनिश्चित करने की योजना बनाई है कि उसके छह ऑपरेशनल कमांडों में से प्रत्येक को परेड की मेजबानी करने का मौका मिले। 

Army Day Parade 2024 – आर्मी डे परेड 2024

सेना के अधिकारियों ने कहा, विचार यह है कि कार्यक्रम को सभी कमांडों के भीतर चयनित स्थानों पर बारी-बारी से आयोजित किया जाए।उन्होंने बताया कि पिछला कार्यक्रम दक्षिणी कमान क्षेत्र में आयोजित किया गया था और आगामी कार्यक्रम मध्य कमान में आयोजित किया जाएगा।

अधिकारियों ने कहा, “इस कदम का उद्देश्य सार्वजनिक जुड़ाव बढ़ाना, राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना और देश भर के विविध दर्शकों के सामने भारतीय सेना की ताकत और अनुशासन को प्रदर्शित करना है।””रोटेशन केवल शहरों को बदलने के बारे में नहीं है, बल्कि विभिन्न कमांडों पर ध्यान केंद्रित करने के बारे में है, जिनमें से प्रत्येक देश की रक्षा में एक अद्वितीय और महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

यह उन विशिष्ट सांस्कृतिक और क्षेत्रीय पृष्ठभूमियों को उजागर करने का मौका भी प्रदान करता है जिनके खिलाफ हमारी सेना काम करती है। , “अधिकारियों के अनुसार। अधिकारियों के अनुसार, लखनऊ में परेड के तार्किक पहलुओं, जैसे परेड मार्ग, भाग लेने वाली इकाइयों और किसी विशेष आकर्षण के बारे में विवरण पर काम किया जा रहा है। (एएनआई) 

सिवनी: जल्द ही महिला समूहों के हाथों में होगा राशन दुकान का प्रबंधन, कलेक्टर ने मांगी जानकारी;

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सिवनी (Seoni News) धरनाकला: महिला समूहों के हाथों में राशन दुकान का प्रबंधन होगा। जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार, विभिन्न उचित मूल्य वाली दुकानों के विक्रेताओं की जानकारी सहकारिता विभाग, सिवनी, ने जिले की सभी सहकारी समितियों से मांगी थी।

अब जिले के समस्त सहकारी समितियों द्वारा पूर्णकालिक विक्रेताओं की जानकारी उपायुक्त सहकारिता विभाग, सिवनी, को भेज दी गई है। इस आधार पर, राशन दुकानों को महिला समूहों को आवंटित करने की प्रक्रिया भी शुरू हो रही है।

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश शासन के खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा सभी जिले कलेक्टरों को भेजे गए पत्र में उल्लिखित था कि राशन दुकानों को महिला समूहों को आवंटित करना चाहिए।

इसी आधार पर, जिले की समस्त सहकारी समितियों से पूर्णकालिक विक्रेताओं की जानकारी मांगी गई थी, जो अब पूरी हो चुकी है, और इस आधार पर राशन दुकानों को महिला समूहों को आवंटित करने की प्रक्रिया भी जल्दी होने की खबर विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त हुई है।

दो से चार दुकानों का संचालन एक ही के हाथ में

यह जरूरी है कि वर्तमान में एक ही कर्मचारी द्वारा दो से चार दुकानों का संचालन किया जा रहा है, लेकिन रिकार्ड में दुकान किसी अन्य कर्मचारी के नाम पर दर्शाया जा रहा है।

जब इस सम्बंध में कुछ सहकारी समितियों द्वारा संचालित राशन दुकानों की जानकारी सूचना के अधिकार के तहत निकाली गई, तो पूरी सच्चाई सामने आई कि समिति प्रबंधक द्वारा समितियों में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी और आपरेटरों के नाम से भी दुकानें आवंटित की गई हैं, जो गलत है। इस प्रकार की अनियमितताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है।

जिला कलेक्टर ने समय सीमा में जानकारी मांगी

विश्वविद्यालय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला कलेक्टर, सिवनी, ने उपयुक्त सहकारिता, सिवनी, से समय सीमा में एक से अधिक उचित मूल्य वाली दुकानों के विक्रेताओं की जानकारी मांगी है।

इस परिप्रेक्ष्य में, सहकारिता विभाग, सिवनी, द्वारा जिला कलेक्टर, सिवनी, को जानकारी प्रदान करने की चर्चाएँ शुरू हो गई हैं। यह भी सामने आया कि शासन के निर्देशानुसार महिला स्व-सहायता समूहों को राशन दुकानें आवंटित की जा सकती हैं।

इनका कहना है: शासन के दिशानिर्देशों के आधार पर राशन दुकानें महिला स्व-सहायता समूहों को आवंटित की जा रही हैं। इसके साथ ही, अनियमितताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है। – शैलेश शर्मा, जिला आपूर्ति अधिकारी, सिवनी