





सिवनी- जिले के निवासी ट्रक चालक साजिद खान द्वारा विगत दिनों गोटेगांव में जलते हुए टैंकर को घनी आबादी वाली बस्ती से बाहर निकाला गया था,
उनकी बहादुरी के कारन हजारों नागरीको की जान बची थी, बहादुर साजिद खान को महिन्द्रा ग्रुप द्वारा आयोजित ड्राईवरो को स्मान्नन करने हेतु कार्य कर्म में सम्मानित किया गया । देश के कई वाहन चालकों के साथ साजिद को 1 लाख का चेक प्रदान किय गया।


सिवनी- जिले के डूंडा सिवनी थाना प्रभारी दिलीप पचेश्वर के मार्गदर्शन में आज 14 मई को 312 नग बकरा – बकरी का अवैध परिहवन करते एक ट्रक को जप्त किया गया।
चेंकिग के दौरान आमाझिरिया ग्राम के समीप ट्रक क्रमांक mh-40 n-5500 में डबल स्टोरी बनाकर बकरा बकरी भरे पाए गए,आरोपी ट्रक चालक अब्बू खान पिता अब्दुल खान 31 वर्ष निवासी आदिलाबाद महारास्ट्र जो स्वयम ट्रक मालिक है, उसे ग्रिफ्तार कर पूछताछ की गई तो मालूम चला कि ऊक्त 312 नग बकरा बकरी बालाघाट जिले के चागोंटोला निवासी शहजाद खान के है,
रतलाम। मध्यप्रदेश के रतलाम स्थित रावटी कस्बे में आने वाले सेलज-देवदा गांव में जहरीला पानी पीने से तीन महिलाओं की मौत हो गई है। तीनों महिलाएं एक ही परिवार की हैं। इन सभी ने घर में रखे मटके का पानी पीया था। जिसके बाद तीनों की तबियत बिगड़ गई। रावटी में प्राथमिक इलाज के बाद परिजन इन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां इलाज के बाद इनकी मौत हो गई।
मटके का पानी पीने के बाद सबसे पहले परिवार की 65 वर्षीय देवली बाई की तबियत बिगड़ी। जिन्होंने जिला अस्पताल में देर रात दम तोड़ दिया। उसके बाद उसी मटके से परिवार की 32 वर्षीय माया और 16 साल की सीमा ने भी पानी पीया, बाद में उन्हें भी घबराहट होने लगी। सोमवार सुबह दोनों ने जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया।
पुलिस ने तीनों महिलाओं के शव का पोस्टमार्टम करवाया और वीसरा को प्रिजर्व कर जांच के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर भी जहरीले पानी से मौत की बात कह रहे हैं। वहीं रावटी थाना पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस गांव में एक सरकारी हैंडपंप से पानी लाया जाता है। अन्य ग्रामीणों के साथ महिलाओं ने भी वही पानी पिया लेकिन किसी दूसर परिवार में ऐसा हादसा नहीं हुआ। माना जा रहा है कि मटके में जहर डाला गया था।
भोपाल। पंचायत चलो अभियान के तहत आज भोपाल की हुजूर विधानसभा के पिपलिया जाहरपीर गांव में आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि पिछले 13 सालों में प्रदेश में विकास की नई इबारत लिखी गई है। उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मैंने लाड़ली लक्ष्मी योजना, सीएम तीर्थदर्शन योजना समेत कई योजनाएं जनता के हित में चलाई तो क्या मैं नालायक हूं। उन्होंने कहा कि खुद को लायक कहने वाली इस पार्टी के नेताओं ने देश को बर्बाद कर दिया। उन्होंने लोगों से कहा कि देश को बर्बाद करने वाली कांग्रेस को छोड़ दें ?
भोपाल। मध्यप्रदेश में पुलिस अधिकारियों के तबादलों का दौर जारी है। पुलिस मुख्यालय ने आज 23 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए। मध्यप्रदेश शासन गृह विभाग के उपसचिव अजीजा सरशार ने तबादला आदेश जारी किया। आईपीएस ट्रांसफर लिस्ट इस प्रकार है जिसमे जिला पुलिस अधीक्षक तरुण नायक सीधी पुलिस अधीक्षक होंगे । वही भिंड में पदस्थ प्रशांत खरे एस पी सिवनी होंगे।


कलेक्टर ने कहा सयुक्त प्रयास का है नतीजा
सिवनी। माध्यमिक शिक्षा मंडल म.प्र. भोपाल द्वारा हाईस्कूल परीक्षा वर्ष 2018 परिणाम दिनांक 14 मई को प्रात: 11:15 बजे घोषित किया गया है, प्रदेश का हाईस्कूल परीक्षा का कुल परीक्षा परिणाम 66.84 प्रतिशत रहा है, जबलपुर संभाग में हाईस्कूल परीक्षा परिणाम में सिवनी जिले की स्थिति क्रमश: द्वितीय स्थान पर रही है, जबकि विगत वर्ष यह जिला जबलपुर संभाग में छटवें स्थान पर था, विगत वर्ष की अपेक्षा वर्ष 2018 के हाईस्कूल परीक्षा परिणाम में इस जिले में 20.64 प्रतिशत की वृद्धि हुई हैं।

हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार सिवनी जिले में कुल 11322 विद्यार्थी दर्ज थे, जहां 11271 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुये। आज घोषित हुये परीक्षा परिणामों में प्रथम श्रेणी में 5312, द्वितीय श्रेणी में 3603, तृतीय श्रेणी में 226 विद्यार्थी आये हैं। इस तरह हायर सेकेंडरी परीक्षा में कुल 9141 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुये तथा 1305 को पूरक आई है, इस तरह कक्षा बारहवीं का कुल 81.12 प्रतिशत परीक्षा परिणाम रहा है।
मंडल द्वारा जारी प्रदेशस्तरीय टॉप-10 सूची में शास. उ. मा. वि. की कु . निकिता पिता रामप्रसाद के द्वारा 600 में से 487 अंक प्राप्त करने के कारण नवमा स्थान प्राप्त करने एवं मॉडल उ.मा.वि. लखनादौन के मोहित पिता गणेशला डेहरिया ने 600 में से 486 अंक प्राप्त कर दसवा स्थान प्राप्त किया है, जिन्हें माननीय मुख्यमंत्री महोदय म.प्र. भोपाल के द्वारा दिनांक 14 मई को प्रात: 8:30 बजे मुख्यमंत्री निवास पर सम्मानित किया गया है।

मंडल मुख्यालय भोपाल से जारी हाईस्कूल की जिला स्तरीय टॉप-3 सूची में क्रमश: कु. प्रियांशी पिता नरेश, शा.हाई स्कूल क. उगली, कु. राशि पिता राजेंद्र कुमार, शास. हाईस्कूल घूरवाड़ा केवलारी प्रियांशु पिता मनोज सनोडिया, शास. हाईस्कूल चावड़ी कु. स्वाती संतोष बघेल एवं कु. खुशी पिता संतोष विश्वकर्मा, शास. उत्कृष्ट विद्यालय सिवनी एवं कु. भावना पिता सतेंद्र, शा. उ.मा.वि.पांडिया छपारा तथा पुनीत कुमार पिता झामसिंह, शा.उ.मा.वि. खैररांजी, जिला सिवनी ने सम्मिलित इस जिले को गौरांवित किया है।
जिला शिक्षा अधिकारी एस.पी. लाल ने जानकारी दी कि हाई स्कूल परीक्षा में कुल 15795 विद्यार्थी दर्ज थे जिसमें से 15677 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी और आज आये परीक्षा परिणाम में प्रथम श्रेणी में 5354, द्वितीय श्रेणी में 4814 तथा तृतीय श्रेणी में 994 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुये है। इस तरह कुल सिवनी जिले से 11162 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुये जो कि जिले के परीक्षा परिणाम का प्रतिशत 71.25 रहा है।
हाईस्कूल, हायरसेकेंडरी कक्षा के परीक्षा परिणाम पर गोपालचंद्र डाड कलेक्टर द्वारा सभी छात्र-छाक्षओं को शुभकामनायें प्रेषित की गई है, उन्होंने कहा कि मैं आशा करता हूं की सभी ने अपने-अपने प्रयास अनुसार परीक्षा परिणाम प्राप्त किया है। परीक्षा परिणाम में यदि कोई विद्यार्थी अनुत्तीर्ण हो जाये या उसे अपेक्षा अनुसार कम अंक प्राप्त हुये हो तो उन्हें हताश नहीं होना चाहिये बल्कि भविष्य में उत्कृष्ट परिणाम लाने के लिये सतत प्रयास जारी रखने चाहिये।
सिवनी में महिलाओं ने किया निरोध का विरोध
सिवनी-समाज में कई बार ऐसे मसले खड़े हो जाते हैं जिसमे नाम होते होते बदनामी सिर चढ़ने लगती है।
मुन्नी बदनाम हुई डार्लिंग तेरे लिये दबंग फिल्म का यह आइटम सोंग जब आया तो मुन्नी नाम की लड़कियों को घर से बाहर निकलते ही छींटाकशियों का सामना करना पड़ता रहा। शीला की जवानी में शीला नाम वालियां निशाने पर रही। ये तो खैर पुरानी बात हो चुकी हैं नोटबंदी के दौरान ही देखलें। सोनम गुप्ता के नाम से क्या क्या खेल न हुए कितने प्रलाप न हुए। हाल ही में मध्यप्रदेश के सिवनी नगर में इसी तरह का लेकिन बहुत ही अलग मामला सामने आया है जिसमे महिलाओं ने निरोध का विरोध किया है ।
एक ही कलर की साड़ियों में ये अनेक महिलाएं अपने हाथों में निरोध लिए जब सिवनी के अतिव्यस्तम चौराहे में आंदोलन करती दिखी तो हर राहगीर का ध्यान उनकी तरफ दिखा जी हाँ ये सभी महिलाए आशा कार्यकर्ता है और ये निरोध का विरोध कर रही हैं और विरोध का कारण है निरोध का नाम जो कि पहले का नाम डीलक्स से बदलकर आशा निरोध हो गया है, गौरतलब है कि सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में परिवार नियोजन के लिये वितरीत की जाने वाली कंडोम जो कि पहले डीलक्स निरोध के नाम से दी जाती थी उसका नाम बदलकर अब आशा निरोध रख दिया गया है। उस पर जुल्म की बात ये कि इनका वितरण भी आशा वर्करों द्वारा किया जाता है जो कि महिलाएं ही ह मध्यप्रदेश के सिवनी मुख्यालय की आशा वर्करों ने इस पर आपत्ति जताई है। आशा वर्करों का कहना है कि कंडोम का नाम आशा निरोध होने से उनके साथ छेड़खानी की जाती है। उन्हें टोंट मारे जाते हैं। एक आशा देना कहकर उनका मजाक उड़ाते हैं। यह सब बहुत ही असभ्य और भद्दे तरीके से होता है जिससे उन्हें शर्मसार होना पड़ता है। इतना ही नहीं सरकारी हिदायतें हैं कि निरोध जिसे भी दी जाये उससे एक रूपया भी कीमत के रूप में लिया जाये लेकिन शर्म के मारे वह यह भी नहीं ले पाती और इसका भुगतान अपनी जेब से करना पड़ता है।
निरोध का नाम आशा निरोध रखने से एक ओर जहां आशा वर्कस विरोध कर रही हैं वहीं इन्हें महिला विरोधी नज़रिये के तौर पर भी देखा जा रहा है। निशाना सीधा केंद्र सरकार की ओर है। कुछ महिला संगठनों का कहना है कि इससे केंद्र की बीजेपी सरकार का महिला विरोधी नज़रिया साफ झलकता है।
इस मामले में एक चीज़ तो साफ है कि लोगों के दिमाग में गंदगी अभी भी भरी पड़ी है। सामाजिक सोच का स्तर अभी तक निम्न है। निरोध के पैकेट से आशा नाम हो सकता है हटा भी लिया जाये लेकिन भद्दा मज़ाक करने वालों पर क्या इससे रोक लग जायेगी क्या उनके दिमागों की गंदगी दूर हो जायेगी। क्या उनकी कुंठाएं शांत हो जायेंगी। या फिर कुछ और रास्ते निकाल लिये जायेंगें। बेहतर हो कि इस मसले पर लोगों को सामाजिक रूप से जागरूक किया जाये। आशा वर्कर्स भी इसी समाज का हिस्सा हैं। निरोध का इस्तेमाल यौन शिक्षा का ही भाग है। लेकिन जहां महिलाओं की माहवारी पर अभी खुलकर बात नहीं होती वहां पर यौन संबंधों पर बात करना तो अश्लील ही माना जायेगा। और अगर कोई इस पर बात करना चाहेगा तो उसे या तो चरित्रहीन समझा जायेगा या फिर उसके साथ भद्दे मज़ाक किये जायेंगें।
कुछ लोग इस बात को बेहतर समझते हैं कि उनकी ज़िंदगी में किस चीज़ की अहमियत कितनी है. कर्नाटक की AY Kavya भी उन्हीं लोगों में से है. Kavya की शादी और परीक्षा एक ही दिन होने वाली थी. इन हालातों में सामान्यतः लोग परीक्षा छोड़ देंगे या शादी की तारीख आगे बढ़ा देंगे. लेकिन Kavya ने ऐसा कुछ नहीं किया.

कर्नाटक के KR Pete Town में स्थित कलपत्रु डिग्री कॉलेज में पढ़ने वाली Kavya B.Com द्वितीय वर्ष की छात्रा है.इससे पहले B.Com की सभी परीक्षाओं में Kavya ने 90 प्रतिशत से ज़्यादा अंक अर्जित किए थे. ऐसी होनहार छात्रा के लिए परीक्षा छोड़ना कोई विकल्प ही नहीं था. लेकिन परीक्षा की तारीख घोषित होने से पहले ही उसकी शादी की तारीख तय हो गई थी. Kavya अपनी शादी के कार्यक्रम को भी नहीं टालना चाहती थी. ऐसा भी नहीं था कि परीक्षा दिन में थी और शादी रात में. शादी का मुहूर्त सुबह 11 बजे का था और परीक्षा का समय सुबह 9.15 से 12.30 तक का.

Kavya ने जब परीक्षा हॉल में दुल्हन की वेशभूषा में प्रवेश किया तो सब उसे देखते ही रह गए. उसने अपना Business Tax का पेपर 10.48 AM तक ख़त्म कर के परीक्षा निरक्षक को सौंप दिया और अपनी शादी के लिए चली गई. Kavya का होने वाला पति लोहित भी उसके फ़ैसले से खुश था. उसके सगे संबंधियों और दोस्तों ने भी काव्या के इस कदम को सराहा. इसीलिए ज़रूरी है कि शादी के पहले शिक्षा पूरी हो.
मामला दिवारी तालाब का

सिवनी -जिले का सबसे बड़ा तालाब ,विकासखंड घंसौर के ग्राम पंचायत दिवारी 62 एकड़ की गहरीकरण एवं सौंदर्यकरण की मांग को लेकर समूचे क्षेत्र वासी लगभग 15 गांव के 500 महिला पुरुष अनशन एवं भूख हड़ताल पर विगत 12 दिन से लगातार जारी थी जिसका आज मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते एवं राज्यसभा सांसद श्रीमती संपतिया उइके एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं जिला कलेक्टर गोपालचन्र्द डाँड़ सहित जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण मांगे मान कर अनशनकारियों को नर्मदा जल पिलाकर अनशन समाप्त कराया।
मिली जानकारी के अनुसार मांग पूर्ण करने के लिये प्रशासन के द्वारा कुछ समय मांगा गया है।
वही महत्वपूर्ण मांग सड़क निर्माण कार्य तत्काल चालू करावाकर तालाब गहरीकरण के कार्य का भूमि पूजन किया गया.