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यदि आप अधिक बिजली बिल से परेशान है तो ऐसे बचे

सिवनी- जिले में इन दिनों हजारों विधूयत उपभोक्ता मनमानी बिल से परेसान है के जिसका एक कारण मीटर रिडिंग में गफलत है, यदि आप नीची लिखी बातों का पालन करे तो कभी हद तक समस्या हल हो सकती है।

1.मीटर की रीडिंग लेने आये हुवे व्यक्ति का नाम,पहचान पत्र देखे और जिस दिन रीडिंग ली जाये उस दिन स्वक्षर (sign) ले।

2) ध्यान दे अगली बार यह रीडिंग 30 दिन बाद लिए जाते है या नहीं

3) 30 दिन के बाद रीडिंग लेने आनेवाले को रीडिंग लेने ना दे और तुरंत बिजली विभाग के अफसर से शिकायत करें।

4) बिल्डिंग/सोसाइटी हो तो सोसाइटी के सेक्रेटरी ने यह काम वॉचमैन से हर महीने करवाना चाहिए

100 रीडिंग तक 3.76 रु प्रति यूनिट लगता है। 30 दिन में रीडिंग ना लेने की वजह 100 के ऊपर रीडिंग जाती है और फिर आपको 7.21 रु प्रति यूनिट लगाया जाता है। 300 के ऊपर रेडिंग गयी तो तीन गुना शुल्क लगता है यानी 9.91 रु प्रति यूनिट। 500 के ऊपर रीडिंग गई तो चार गुना शुल्क 11.31 रु प्रति यूनिट ।

आप सब से अपील है के ऊपर लिखी बातों का पालन करें और अधिक से अधिक लोगो को इसकी सुचना करे

एटीएम से नहीं निकले पैसे, बैंक को लगा जुर्माना

रायपुर- यदि एटीएम से पैसे नहीं निकलते हैं तो अब इसे भी सेवा में कमी माना जाएगा। इस मामले में उपभोक्ता फोरम ने इसे बैंक की सेवा में कमी मानते हुए गुरुवार को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया पर ढाई हजार का जुर्माना लगाया। बैंक अफसरों का मानना है कि एटीएम से पैसे न निकलने पर बैंक पर जुर्माने का संभवत: यह पहला मामला है।

दरअसल, शहर के अधिवक्ता राजीव अग्रवाल 25, 26 और 30 अप्रैल 2017 को पैसे निकालने गए तो एसबीआई ने रुपए नहीं उगले। उन्होंने इस संबंध में 4 मई 2017 को उपभोक्ता फोरम में याचिका दायर कर दी। फोरम ने याचिका स्वीकार कर ली। दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद फोरम ने आदेश दिया कि बैंक ने ग्राहक को एटीएम कार्ड से संबंधित त्रुटि रहित सेवाएं नहीं दी हैं, इसलिए इसे सेवा में कमी माना जाएगा। ऐसे में बैंक परिवादी को मानसिक पीड़ा की प्रतिपूर्ति के लिए 15 सौ रुपए और परिवाद व्यय के लिए एक हजार रुपए तीस दिन के भीतर अदा करे।

बैंक का तर्क- एटीएम यूजर्स हमारे ग्राहक नहीं

फोरम के सामने बैंक की ओर से एक अनोखा तर्क भी दिया गया। बैंक ने फोरम से कहा कि चूंकि एटीएम इंटरनेट कनेक्टिविटी से चलता है इसलिए एटीएम यूजर्स जिस समय एटीएम का उपयोग करता है, उस समय वह सीधे तौर पर हमारा ग्राहक नहीं है। इसलिए एटीएम से पैसे न निकलने पर इसे सेवा में कमी नहीं माना जा सकता।

जिस पर फोरम ने कहा कि बैंक एटीएम को लेकर ग्राहक से हर साल शुल्क वसूलते हैं तो फिर इस तर्क का कोई मतलब नहीं कि वो हमारे ग्राहक नहीं। फोरम ने बैंक का तर्क पूरी तरह से नकार दिया। इधर याचिकाकर्ता ने बतौर सबूत फोरम के सामने एटीएम से पैसे निकलाने के समय के फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग प्रस्तुत की। फोरम ने माना कि उपभोक्ता द्वारा अलग-अलग समय पर एटीएम जाना और हर बार कैश नॉट एवेलेबल का मैसेज स्क्रीन पर शो होना सेवा में कमी है।

एटीएम से पैसे न निकलना सेवा में कमी क्यों नहीं

यदि हम निर्धारित राशि खाते में न रखें तो पेनाल्टी, समय पर किश्त जमा न करें तो पेनाल्टी, सीमा से ज्यादा बार ट्रांजेक्शन करें तो पेनाल्टी, तीन से अधिक बार एटीएम से अपना पैसा निकाले तब भी पेनाल्टी। जब बैंक अलग-अलग पेनाल्टी और शुल्क वसूलते हैं तो एटीएम से राशि न निकलने पर बैंकों को जिम्मेदार क्यों नहीं मानना चाहिए? वैसे भी मैंने पहले इसकी शिकायत स्थानीय बैंक मैनेजर और कस्टमर केयर सहित अन्य जगह पर की थी, लेकिन जब संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो मुझे फोरम की शरण लेनी पड़ी।

फोरम ने जो आदेश दिया है, वह स्वागत योग्य है। –

राजीव अग्रवाल, याचिकाकर्ता।

मण्डल उपचार–क्रोध को नियंत्रित करने की प्रणाली

मण्डल उपचार: क्रोध को नियंत्रित करने की प्रणाली।लाल और दहाड़ते हुये क्रोध ऐसे एक आवेग को लीजिये।यह तुम को खा जाता है,यह हृदयाघात तक ले जा सकता है।क्या आप अपने क्रोध को पराभूत करने के लिये एक मज़ाकिया ओर सरल तरीक़ा सोच सकतेहैं या गुस्से को शांत भाव से व्यक्त कर सकतेहैं?एक है– इसे मण्डल कहा जाता है।

 

मण्डल चित्रित करने के लाभ

एक बार जब आप क्रोधित मण्डल को चित्रित करना समाप्त कर देते हो,तब स्वत:आपकी वृवत्ति एक प्रसन्न मण्दल को चित्रित करने की होती है,क्योंकि आपने अपना क्रोध पीछे छोड़ दिया है।वास्तव में आप खुश और निश्चिंत महसूस करते हैं।इसको आज़मा कर देखो: “ आप रंगो और अपने हाथों की गति में खो जाते हैं और इस तरह आप बिना इसे महसूस किये ही अपने को स्पष्ट रूप से व्यक्त करते हैं”, एक गृहिणी मंजु मोहिनी का कहना है।“ सबसे अच्छी बात यह है जब आप मण्डल कर रहे होते हैं तब आ सोचते नहीं हैं,आप चित्रण करने में खो जाते हैं।आप को महसूस नहीं होता है कि आषप अपने ऊपर काम कर रहे हैं,यह इतना आसान और इतना मज़ेदार है”, वह जोड़ती हैं।मंजु मण्दल का चित्रण वर्षों से कर रहीं हैं,विशेषकर गुस्से वाले।गुस्से से निपटने के बाद वह जानती हैं कि उन्हे क्या करना है।कागज़ और चित्रांकनी(क्रेआन) उठाओ और चालू हो जाओ ।जल्दी ही गुस्सा भाग जाता है ओर वह फिर शांत हो जाती हैं। किस चीज़ की ज़रूरत है? मण्डल को चित्रित करना बहुत आसान हैअप को सिर्फ कागज़ और चित्रांकनियों (क्रेआन) या रंगीन पेन्सिलो की ज़रूरत है,उसी तरह की जिनका इस्तेमाल बच्चे स्कूल में करते हैं।मण्डल कला नहीं है,इसलिये आप को यह सोचने कि ज़रूरत नहीं है कि वे देखने में कैसे लगेंगे या आप उन्हे सही ढ़ंग से कर रहे हैं या ग़लत ढ़ंग से।आप को कुछ नहीं करना है,केवल उन्हे महसूस करना है।उदाहरण के लिये, गुस्से के मण्डल कौ खींचने के लिये,सिर्फ बैठ जाइये और अपने गुस्से को महसूस करिये।जब आप महसूस करते हैं,वह उसी रंग को चुन लेता है जो सबसे अनुकूल होता है।



तब ap कागज़ पर एक गोला खींचिये और भावनाओं को अपने आप प्रकट होने दीजिये।जो भी रेखा या रंग ata है उसे घेरे के आदर व्यक्त होने दीजिये।अपने पर नियंत्रण मत लगाइये ओर सोचिये मत,बस चलते जाइये।एक मनोवानिन कशमीरा  शा कहतींहैं।“ यह सा कुछ था जो मैं ने इतनी आसानी से किया,मुझे नहीं पता था कि यह मेरे बारे में इतना कुछ पकट करेगा।इसने जो मुझे सिखाया वह यह था कि मुझे सीमायं तोड़नी होगिं ओर मुजे उन सीमाओं से मुक्त होना होगा जो मैं ने अपने ऊपर लागाईं हैं। मण्डल करते समय मैं ने अपने को इतना खुश महसूस किया, वह जोडक्ष़ती हैं।आधुनिक जीवन में हम में से अधिकांश लोगों को ग्र आवेगों का सामना करना होता है।मण्डल अपने को व्यक्त करने का का एक सुरक्षित स्थान प्रदान करते हैं जहां आप एक बच्चे की तरह खेल सकते है।जो रखायें और रंग आप कागज़ पर चित्रित करते हैं वे आश्चर्यजनक चीज़े आप के बारे में प्रकट कर सकते हैंसाधारण गुमाव और रंग के धब्बे बता सकते हैं कि आप सामान्यत् पने गुस्से  को प्रकट कते हैं या दबाते हैं।बाधा पड़ने पर आप पीछे हट जाते हैं या आगे बढ़ते रहते हैं,आप भावावेश से भरे हैं या खिन्न और उदासीन हैं।हालांकि बहुत से अनेक उचार हैं लेकिन मण्डल की तरह कोई इतना मज़ेदार नहीं है।कागज़ पर चित्रांकनी से घसटा मारना मात्र हमे अपने बचपन के उन बेपरवाह दिनो की ओर वापस ले जाता है।

इसी सत्र में लखनादौन में आंरभ होगा केंद्रीय विध्यालय

प्रतीकात्मक फोटो

सिवनी- जिले आदिवासी विकासखण्ड लखनादोन में वर्षो में केंद्रीय विध्यालय आरभ किये जाने के प्रयास सभी राजनीतिक दलो सहित जिले प्रशाशन द्वारा किये जा रहें थे

आज ऊक्त मांग पूर्ण हो गई है ,जिला कलेक्टर गोपालचन्र्द डाँड़ ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा जिले के अनुविभाग मुख्यालय लखनादौन में केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति प्राप्त हो गयी है । शिक्षा सत्र 2018-19 अर्थात माह जून 2018 से केंद्रीय विद्यालय लखानादौन में कक्षा पहली से पांचवीं तक प्रवेश यथाशीघ्र प्रारंभ होंगे ।


संत भय्यूजी महाराज ने गोली मारकर जान दी, शिवराज ने ऑफर किया था मंत्री का दर्जा

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में भय्यू जी महाराज ने खुद को गोली मार ली. उन्हें फौरन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. अभी तक घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है.

मध्य प्रदेश में भय्यू जी महाराज को राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त था. कुछ वक्त पहले ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दिया था.

968 को जन्मे भय्यू महाराज का असली नाम उदयसिंह देखमुख है. वह कपड़ों के एक ब्रांड के लिए कभी मॉडलिंग भी कर चुके हैं.

भय्यू महाराज का देश के दिग्गज राजनेताओं से संपर्क है. हालांकि वह शुजालपुर के जमींदार परिवार से ताल्लुक रखते हैं.

भय्यू जी महाराज तब चर्चा में आए थे जब 2011 में अन्ना हजारे के अनशन को खत्म करवाने के लिए तत्कालीन केंद्र सरकार ने उन्हें अपना दूत बनाकर भेजा था. इसी के बाद  ही अन्ना ने उनके हाथ से जूस पीकर अनशन तोड़ा था

बच्‍चों की सोशल मीडिया गति‍विधियों पर रखें नजर

सिवनी-जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी द्वारा बताया गया कि कानूनों की जानकारी न होने के कारण सिवनी जिले के नवयुवक एवं किशोरों के द्वारा सोशल साइट जैसे फेसबुक में फेक आई.डी. बनाना फोटो एडिटिंग कर बालिकाओं/ महिलाओं के साथ अपनी फोटो शेयर करना या किसी नाबालिक बालिकाओं/ महिलाओं को बदनाम करने के आशय से फोटो की कापी कर उपयोग करना आदि कार्य कर रहे है, जिस पर बाद में उनके विरूद्व सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आई.टी.एक्ट) 2000 की धारा 67, 67 क, 67 ख के साथ-साथ पीड़िता नाबालिग होने पर लैगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2015 के विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध हो रहे है, जिसमें कम से कम 3 साल से 5 साल का कठोर कारावास एवं 10 लाख रूपये तक का जुर्माना का प्रावधान है। कुछ मामले किशोर न्याय बोर्डमें भी पंजीबद्ध हुए है। जिसमें नाबालिग बच्चों द्वारा उक्त विधि विरूद्व कार्य जानकारी के अभाव में कर दिये है। उन्‍होंने सभी माता-पिता एवं पालकों से अनुरोध है कि वह अपने बच्चों को इस बारे में बताकर समझाईश दें एवं उनके सोशल नेटवर्क साइट पर भी नजर रखे ताकि वह अनजाने में भी किसी अपराध में शामिल न हो।

अग्रवाल समाज का सपाक्स के आंदोलन को खुला समर्थन 

सिवनी-सामान्य, पिछड़ा, अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी कर्मचारी संस्था (सपाक्स) संगठन के जातिगत आरक्षण के विरोध में किए जा रहे आंदोलन को अग्रवाल समाज ने अपना खुला समर्थन दिया है।

अग्रसेन महासभा के अध्यक्ष श्री श्रवण अग्रवाल ने बताया कि आर्थिक आधार पर आरक्षण देने, एट्रोसिटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के सम्मान समेत अन्य मुद्दों पर सपाक्स संस्था के अभियान को अग्रवाल समाज ने अपना खुला समर्थन दिया है।

अग्रसेन महासभा के समस्त पदाधिकारियों ने 12 जून को बारापत्थर राशि लाॅन में सपाक्स के प्रांतीय पदाधिकारियों उपस्थिति में आयोजित सभा व रैली में सामाजिक जनों से उपस्थिति की अपील की है। 

डम्पर की टक्कर से व्रद्ध की मौत

सिवनी-जिले के लखनवाडा थाने के ग्राम तिघरा में आज रात लगभग 8 बजे डम्पर क्रमांक mp -G-2408 द्वारा व्रद्ध मूरत पिता भूरा बघेल उम्र 76 वर्ष को टक्कर मार दी गई। गम्भीर चोट लगने के कारण मूरत की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।लखनवाडा

थाना अंतर्गत डंपर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे कार्यवाही की जा रही है।

12 जून को सपाक्स सभा एवं रैली

सिवनी -सपाक्स मध्यप्रदेश के आव्हान पर सामान्य,पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी कर्मचारी संस्था सपाक्स,सपाक्स समाज,सपाक्स युवा संगठन,सपाक्स महिला संगठन प्रांतीय पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में 12 जून को राशि लॉन बारापत्थर सिवनी में दोपहर 1 बजे से चेतावनी दिवस मनायेगा।जिला नोडल अधिकारी एवं जिला अध्यक्ष सपाक्स प्रद्युम्न चतुर्वेदी,जिला नोडल अधिकारी एवं कार्यकारी अध्यक्ष सपाक्स एन.एस.बैश,

सपाक्स समाज संस्था के जिलाध्यक्ष मुरलीधर पांडे,सपाक्स युवा संगठन के जिला संयोजक आयुष दंडवते, सपाक्स महिला संगठन की जिला अध्यक्ष श्रीमती मनीषा चौहान ने बताया कि 12 जून को जातिगत आरक्षण के विरोध में,आर्थिक आधार पर आरक्षण देने,चाहे वे किसी भी जाति या धर्म के हों,एट्रोसिटी एक्ट पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय के सम्मान में,समाज की समरसता भंग करने की कोशिशों के विरोध में सपाक्स सभा आयोजित कर जनजागरुकता की जावेगी.साथ ही यह शपथ भी ली जायेगी कि “पदोन्नति में आरक्षण” और “एट्रोसिटी एक्ट” में अध्यादेश का समर्थन करने वाले तथा न्यायालय के निर्णय को शून्य बनाने की कोशिश करने वाले सभी दलों का बहिष्कार किया जावेगा.जिले एवं विकाशखण्डों के सपाक्स पदाधिकारियों द्वारा अधिक से अधिक संख्या में सपाक्सजनों को उपस्थित होने की अपील की है ।।

प्रभारी मंत्री ने किया किसानो से परहेज

सिवनी- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह विस चुनावो को देखते हुए किसानो के वोट बैंक को अपनी पार्टी की ओर करने के लिये हर सभ्भव प्रयास कर रहे है,

इसी कड़ी में आज 10 जून को सारे प्रदेश में किसानो को प्रति किवटल 265 रुपये प्रति किवटल दिए जा रहे है,इसी के लिये एक आयोजन जिले की नागपुररोड स्तिथत नई सब्जी मंडी में आयोजित किसान सम्मलेन से प्रभारी मंत्री शरद जैन नदारद रहे जबकि प्रभारी मंत्री के रहते शामिल होना चाहिये था,