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कुरई व् बरघाट नवीन राजस्व अनुविभाग सृजित

सिवनी – विगत दिनों मंत्रि परिषद ने 47 नवीन अनुविभाग सृजित किये जाने को स्वीकृति प्रदान की। इसके अंतर्गत ग्वालियर जिले के भितरवार और घाटीगॉव गुना के आरोन, अशोकनगर के ईसागढ़, विदिशा के नटेरन और ग्यारसपुर, सीहोर के नसरूल्लागंज और इछावर, राजगढ़ के सारंगपुर, ब्यावरा तथा खिलचीपुर-जीरापुर, आगर मालवा के सुसनेर, खरगोन के भीकनगांव, खण्डवा के पंधाना, बड़वानी के राजपुर, अलीराजपुर के चन्द्रशेखर आजाद नगर (भाबरा) और सोंडवा, धार के बदनावर और सरदारपुर में अनुविभाग सृजित करने की स्वीकृति प्रदान की । इसी क्रम में होशंगाबाद के इटारसी,पिपरिया तथा सिवनी मालवा, हरदा के खिरकिया व टिमरनी, बैतूल के शाहपुर, सागर के केसली व मालथौन, पन्ना के शाहनगर और गुन्नौर, छतरपुर के बड़ामलेहरा, कटनी के बहोरीबंद, नरसिंहपुर के गोटेगांव तथा

सिवनी के कुरई और बरघाट बालाघाट के लांजी, रीवा के हनुमना तथा मनगवां, सीधी के मझौली और सिहावल, सतना केउचहेरा, सिंगरौली के चितरंगी और माड़ा, शहडोल के जैतपुर और जयसिंह नगर, उमरिया के मानपुर और पाली तथा जबलपुर के कुण्डम में नवीन अनुविभाग सृजित किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया।

मंत्रि-परिषद ने अनुविभागों के संचालन के लिए राज्य प्रशासनिक सेवा के कनिष्ठ श्रेणी वेतनमान के 21 नवीन पदों की स्वीकृति भी प्रदान की।

नि: शुल्क लिपिड (कोलेस्ट्रॉल) प्रोफाइल टेस्ट शिविर सम्पन्न

सिवनी -जिला क्षत्रिय महासभा सिवनी की यूथ विंग द्वारा समस्त सामाजिक बंधुओं के लिए महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष्य में दिनांक 16/06/2018 को प्रातः 9 से 11बजे तक नि:शुल्क लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराया गया,जहाँ बड़ी सख्या में महिलाओ व् पुरुषो ने कोलस्ट्राल स्तर की जांच करवाई ,इसके साथ यहां उपस्थित डॉक्टर अभिजीत चौहान द्वारा बताया गया कैसे स्वस्थ रहें।

उक्त आयोजन बारापथर में सचालित जनऔषधि केंद्र में हुआ ,आयोजन को सफल बनाने में अधिवक्ता प्रदीप बैस, विनोद बैस, अरविन्द राजपूत,राजबहादुर चौहान,आशुतोष सिंह गौर,बेनिसिह सिकरवार,आर बी सिंह सामिल थे

फरार वारंटी गिरफ्तार

सिवनी- जिले थाना लखनवाड़ा के ग्राम सुकरी निवासी प्रकरण क्रमांक 5248/14 के स्थाई वारन्टी मुरारी पिता मंगल यादव उम्र 26 साल को परासिया ख़िरचढ़ोह से गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय seoni में पेश किया गया स्थाई वारेंट की पताशाजी में वरिष्ठआर 339 मुकेश विश्वकर्मा,आर राकेश त्रिवेदी,आर अरुण पटेल, दशरथ का महत्वपूर्ण भूमिका रही

केन्द्रीय विद्यालय लखनादौन में प्रवेश प्रारम्भ

लखनादौन-केंद्रीय विद्यालय लखनादौन में नवीन शिक्षा सत्र 2018-19 के लिए कक्षा प्रथम से पांचवी तक प्रवेष हेतु पंजीयन पत्र आमंत्रित किये जाते है। पंजीयन पत्र निःषुल्क केन्द्रीय विद्यालय लखनादौन, षास0 उत्कृश्ट उ0मा0 विद्यालय परिसर।।पीछे बाली बिल्फिंग।। से दिनांक 18.6.2018 से दिनांक 28.6.2018 तक प्रातः 11.00 बजे से 2.00 अपरान्ह तक प्राप्त तथा अंतिम तिथि दिनांक 28.8.2018 तक सभी आवष्यक दस्तावेजो व प्रमाणपत्रो के पूर्ण रूप से भरकर जमा किये जा सकते है। निर्धारित तिथि के उपरान्त प्राप्त पंजीयन पत्रो पर विचार नही किया जावेगा। अधिक जानकारी हेतु विद्यालय के सूचना पटल व मोबाईल क्र0 9630637057 पर प्राप्त कर सकते है। प्रवेश केंद्रीय विद्यालय संगठन, नईदिल्ली की प्रवेष निर्देषिका 2018-19 के अनुसार किये जावेगे। प्रवेष निर्देषिका केन्द्रीय विद्यालय संगठन की बेबसाईट www.kvsangathan.nic.in उपलब्ध है।

ज्ञात रहे कि पिछले 5 वर्ष से लखनादौन मुख्यालय में केंद्रीय विधालय के प्रारंभ किये जाने को लेकर राजनैतिक .सामाजिक और मीडिया के स्तर पर प्रयास किये जा रहे थे।लखनादौन में केंद्रीय विधालय खुल जाने से बच्चो के लिए अध्यन हेतु एक नया ओर उत्कृष्ठ विकल्प सामने आया है ।केंद्रीय कर्मचारियों और प्रतिभावान विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक क्लास में 40 सीट हेतु आवेदन किये जा सकते है जिसमे लखनादौन शहरी इलाके के 8 की मि की दूरी में रहने वाले बच्चों को प्रवेश में प्राथमिकता दिए जाने का विकल्प भी सामिल है ।केंद्रीय विधालय की प्रवेश निर्देशिका के आधार पर प्रवेश दिया जाना निर्धारित किया गया है ।

माधुरी दीक्षित का सिवनी की बिटिया शौर्या से कुछ ख़ास ही है लगाव | 2 जून को दोनों साथ देंगे प्रस्तुति

सिवनी की ताज में एक और सितारा जडऩे वाला है। सात साल की शौर्या टीवी-शो में अपने परफार्मेंश के दम पर बालीवुड की प्रख्यात सुपर स्टार माधुरी दीक्षित नेने के साथ ठुमके लगाते हुए दो जून को नजर आएगी। उसकी कामयाबी पर कलेक्टर गोपालचंद डाड सहित जिले के आलाधिकारियों ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। सभी ने उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। कलेक्टर डाड ने बताया कि शौर्या ने जिले का मान बढ़ाया है। शहर के अंबिका चौक भैरोगंज निवासी शैलेश जैन की पुत्री शौर्या जैन ने पत्रिका को बताया कि विगत पांच मई को नागपुर में हुए ऑडिशन में टीवी राउण्ड के लिए चयन हुआ। यह ऑडिशन देश के अलग-अलग प्रांतों में हुआ, जहां से चयनित बच्चे मुम्बई टीवी राउण्ड में भाग लेने पहुुंचे। १९ मई को मुम्बई में हुए टीवी राउण्ड में बेहतर परफार्मेंश कर कोरियोग्राफी राउण्ड में जगह बनाई। २४ जून को कोरियोग्राफी राउण्ड में भी सफलता मिली। अब मेगा राउण्ड के लिए चयन हुआ है। इसमें देश के टॉप-३० बच्चे सेलेक्ट हुए हैं। इसमें से टॉप-१८ को सेलेक्ट किया जाना है। मेगा राउण्ड तीन जून को हैं। इसके पूर्व दो जून को टीवी राउण्ड में हुए परफार्मेंश के शो का प्रसारण दो जून को किया जाएगा। इसमें करीब १० से १५ मिनट का शो शौर्या का होगा। इसमें वह माधुरी दीक्षित के साथ डांस करते नजर आएगी। शौर्या ने बताया कि उसने टीवी राउण्ड में परफार्मेंश के दौरान जज माधुरी दीक्षित के साथ डांस किया है, जिसकी शुटिंग दो जून को टीवी पर प्रसारित किया जाएगा। फिल्म अभिनेत्री माधुरी के अलावा फिल्म डायरेक्टर शशांक खैतान एवं कोरियोग्राफर तुषार जज के रूप में नजर आएंगे।

मुम्बई से शुटिंग टीम पहुची  सिवनी
शौर्या के पिता शैलेश जैन ने बताया कि डांस दीवाने की टीम तीन दिन पूर्व हमारे घर पहुंची थी, जहां पर उन्होने शौर्या सहित पूरे परिवार के साथ शुटिंग की। इसके बाद दलसागर तालाब के वोटिंग सेंटर मे शौर्या की प्रामो हेतु शुटिंग की। शैलेश ने बताया कि शौर्या मुम्बई में मां रेशु जैन के साथ है। शौर्र्या बड़ी होकर कोरियोग्राफर बनना चाहती है। अभी वह घर पर डांस क्लास चलाती है।

बोलेरो, मोटरसाइकिल भिड़त एक मृत, एक गम्भीर

सिवनी – मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के थाना लखनवाड़ा अंतर्गत ग्राम कारीरात में आज शाम लगभग 5 बजे एक बोलेरो वाहन के टक्कर से मोटरसाइकिल में सवार एक व्यक्ति की घटना स्थल पर मौत हो गई वही एक गम्भीर घायल को जिला अस्पताल में उपचार के भर्ती कराया गया है ।

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार आज शाम लगभग 5 बजे ग्राम कारीरात मुख्य मार्ग छिंदवाड़ा रोड में राइस मिल के पास बोलेरो वाहन क्रमांक एम. पी.28 सी 8621 के चालक द्वारा मोटरसाइकिल क्रमांक एम. पी.28 एम ई 7450 को टक्कर मार दी जिससे दोपहिया वाहन में सवार एहफाज अंसारी निवासी ग्राम साख जिला छिंदवाड़ा की घटना स्थल पर ही मौत हो गई और दो पहिया वाहन के पीछे बैठे

गम्भीर घायल नसीब अंसारी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है । लखनवाड़ा पुलिस द्वारा मृत नसीब अंसारी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

रक्तदान दिवस – युवाओ ने किया रक्तदान

लखनादौन-14 जून विश्व रक्तदान दिवस के उपलक्ष्य में शासकीय सिविल हॉस्पिटल लखनादौन में विशाल स्वेच्छीक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया है ,विश्व रक्तदान दिवस हर वर्ष 14 जून को मनाया जाता है विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा इस दिन को रक्तदान दिवस के रूप में घोषित किया गया है। वर्ष 2004 में स्थापित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सुरक्षित रक्त रक्त उत्पादों की आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाना और रक्तदाताओं के सुरक्षित जीवन रक्षक रक्त के दान करने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करते हुए आभार व्यक्त करना है। लखनादौन क्षेत्र के युवा, रक्तवीर साथी,समाजसेवी, सक्रीय साथी सभी मिलकर इस पुनीत कार्य में सहयोग कर ,कार्यक्रम को सफल बनायें,आपका दिया हुआ रक्त, गर्भवती महिला, सिकल सेल, थैलेसेमिया एवं गंभीर रोग से ग्रषित लोगो को निःशुल्क प्रदाय किया जाता है।

20+ Super Interesting Google Facts in Hindi

20+ Interesting Google Facts in Hindi, गूगल से सम्बंधित रोचक तथ्य।

इन्टरनेट की दुनियाँ में गूगल की एक अलग ही पहचान है। हर वह इंसान जो इन्टरनेट के बारे में जानता है वह गूगल के बारे में भी जानता है। गूगल आज के समय में हर एक इन्टरनेट यूजर के जिन्दगी का हिस्सा बन गया है। एक सामान्य इन्टरनेट यूजर गूगल में एक ही दिन में न जाने कितने बार सर्च करता है और जानकारी हासिल करता है ज्यादातर सभी इन्टरनेट यूजर गूगल का इस्तेमाल करते हैं Google American multinational technology company है जिसके कई सारे रोचक तथ्य है।

आज के इस आर्टिकल में गूगल से सम्बंधित 20+ रोचक तथ्य के बारे में जानेंगे यह सभी Interesting Google Facts काफ़ी मजेदार और ज्ञानवर्धक हैं अगर आप एक गूगल यूजर है तो आपको इन सभी Google Facts के बारे में जरुर पता होना चाहिए।

 

Interesting Google Facts

  1. गूगल का पहला नाम ” Backrub ” था जिसे बाद में बदल कर  Google कर दिया गया।
  2. गूगल ने अपने नाम से मिलते जुलते शब्दों के डोमेन को भी खरीद लिया है ताकि यूजर आसानी से गूगल तक पहुँच सके।
  3. ” Don’t be evil ” Google का unofficial slogan है।
  4. गूगल शब्द को वर्ष 2006 में ऑक्सफ़ोर्ड डिक्शनरी में शामिल किया गया था।
  5. गूगल अपने सर्च परिणाम (Result) दिखाने के लिए 200 से भी अधिक बातों को ध्यान में रखता है ताकि यूजर को सही और सटीक जानकारी मिल सके।
  6. गूगल हर सेकंड में लगभग 60000 रूपये कमा लेता है।
  7. गूगल की कमाई का 90% हिस्सा विज्ञापन से होता।
  8.  गूगल ने वर्ष 2010 के बाद से औसतन हर सप्ताह एक कंपनी को ख़रीदा है।
  9. Google की स्थापना 4 सितम्बर 1998 को हुई।
  10. गूगल का डूडल वर्ष 1998 में पहली बार देखा गया था।
  11. गूगल अपने कर्मचारी के आकस्मिक मौत होने पर कर्मचारी को मिलने वाले वेतन का 50% उनके परिवार वालों को 10 साल तक देता है।
  12. गूगल ने कर्मचरियों को काम पर रखने के लिए कोई criterea सुनिश्चित नही किया है।
  13. गूगल के नए कर्मचारी को Noogler कहा जाता है।

 Shocking Google Facts

  1. Google नाम Googol शब्द से आया है। गूगल के संस्थापक गूगल का नाम Googol रखना चाहते थे लेकिन स्पेलिंग गलती के कारण Google हो गया।
  2. गूगल को याहू कंपनी 200 मिलियन में खरीद सकती थी लेकिन याहू ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया।
  3. गूगल के 20% अनुभवी कर्मचारी ऐसे हैं जो कभी कॉलेज ही नही गए हैं।
  4. गूगल अपने कर्मचारियों के लिए मुफ्त गूगल का कंडोम देता है जो लाल, हरा, नीला पीला रंग के होते हैं इन कंडोम पर I ‘m Feeling Lucky लिखा हुआ होता हैं।
  5. गूगल कर्मचारियों के 150 ft की दूरी पर खाने का सामान होता है।
  6. गूगल सर्च इंजन पर हर एक सेकंड लगभग 60 हजार से भी ज्यादा सर्च किये जाते हैं।
  7. गूगल में हर मिनिट लगभग 2 मिलियन सर्च किये जाते हैं।
  8. Google पर हर साल लगभग 2 ट्रिलियन सर्च किये जाते है।
  9. हर दिन के 16% सर्च ऐसे सर्च होते हैं जो कभी नही किये गए होते हैं।
  10. गूगल कम्पनी में हर दिन 25000 से भी ज्यादा लोग जॉब के लिए आवेदन करते हैं।
  11. 16 अगस्त 2013 को गूगल 5 मिनिट के लिए बंद हो गया था जिसके कारण पुरे इन्टरनेट का 40% इन्टरनेट ट्रफिक पर कमी आई थी।
  12. गूगल ने जीमेल को 2004 में 1GB फ्री storage के साथ प्रस्तुत किया उस समय Hotmail केवल 2mb फ्री storage प्रदान करता था।
  13. Google Earth का डेटाबेस 20 पेटाबाइट से भी अधिक है।

हमने इस आर्टिकल में 20 से भी ज्यादा Interesting Google Facts के बारे में बताया है अगर इन सभी फैक्ट्स में कोई भी गलती हो तो आप हमें कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं हमने अपनी पूरी कोशिश की है की आपको सही जानकारी मिले। आने वाले समय में और भी मजेदार गूगल फैक्ट्स अपडेट किये जायेंगे इसलिए हिंदी टिप्स दुनियाँ से जुड़े रहें।

मैं उम्मीद करता हूँ आप लोगो को गूगल के रोचक तथ्य जरुर पसंद आये होंगें अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो तो सोशल मीडिया में शेयर जरुर करें।



क्या मुझे अपने विश्वास को बदलना चाहिए?

लामा डोबूम टुल्कु
धर्म के रूपांतरण के लिए संस्कृत शब्द है धर्मपरिवर्तन। तिब्बत के किसी भी प्राचीन पारंपरिक ग्रंथ में इस विषय पर कोई प्रमाणित शब्द नहीं है। मुझे नहीं पता कि इसके लिए चीनी भाषा में कोई शब्द है या नहीं।

हालाँकि, किसी की स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन की अवधारणा बौद्ध संदर्भ में भी कही गई है। इसका अर्थ है कि किसी एक विशेष धर्म का अनुयायी जिसके अनुसार वह पला और बढ़ा है, वह किसी अन्य धर्म में विशिष्ठ लाभदायक विशेषताएं देखता है तो वह अपनी इच्छाशक्ति के अनुसार किसी और धर्म को अपना सकता है। तिब्बती भाषा में एक शब्द है जिसका अर्थ है एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तित होना।

वह शब्द है कोस-लग्स स्ग्युर-बा। धर्म का मुख उद्देश्य मोक्ष तक पहुंचना है, भौतिकता का लाभ नहीं, इसीलिए अगर मोक्ष की प्राप्ति के लिए या फिर किसी को सही रास्ता दिखाने के लिए अगर किसी को धर्म परिवर्तन की आवश्यकता महसूस होती है, तो धर्म परिवर्तन करना पूरी तरह से मान्यता प्राप्त सिद्धांतों के अनुरूप है। दूसरों के हित में धर्म परिवर्तन करना, हो सकता है कि ऐसा करना किसी की परिस्थिति की मांग हो या फिर किसी भी कार्य के परिणाम के रूप में किसी अन्य व्यक्ति के लिए धर्म परिवर्तन किया जा रहा हो, ऐसे में यहाँ बहुत ही ध्यान से जाँच-पड़ताल करने की आवश्यकता है।

पता लगाएं:

1) कहीं धर्म परिवर्तन का कारण धार्मिक उपदेश या प्रवचन तो नहीं?
2) कहीं किसी को धर्म परिवर्तन के लिए लालच तो नहीं दिया जा रहा? या कोई किसी के बहकावे में आकर तो अपना धर्म परिवर्तन नहीं कर रहा?
3) या कहीं यह परिवर्तन ज़बरदस्ती के प्रभाव के कारण तो नहीं आ रहा?

पहली स्थिति धर्म के संपूर्ण इतिहास में प्रचलित है, और आज यह मान्यता प्राप्त परंपरा है।

बहुत सी धार्मिक परंपराओं ने अपने धर्म के बारे में प्रवचन या उपदेश देने के लिए अपने धर्मदूत को दूसरे जगत में भेजा है, और यह बहुत ही पवित्र कार्य या उपदेश देना उनका धर्म माना जाता है। जबकि, यदि यह विषय दूसरे या तीसरे सवाल का है, तो यहाँ ध्यान से सोच-विचार करने की आश्यकता है, सामाजिक या आर्थिक महत्व धर्म परिवर्तन के कारण हो सकते हैं। यह हो सकता है कि एक धार्मिक प्रणाली दूसरे की तुलना में समाज में किसी व्यक्ति को अधिक ऊँची प्रतिष्ठा दिला सकती है। यह भी संभव है कि यह प्रणाली आजीविका और शिक्षा के बेहतर अवसर प्रदान कर सकती है।

ऐसे मामलों में, व्यक्ति को यह आजादी होनी चाहिए कि वह स्वयं अपना निर्णय ले कि उसे अपना धर्म परिवर्तन कर किसी अन्य धर्म को अपनाना है या नहीं। ऐसे मामलों में, एक ऐसी योग्य प्रक्रिया होनी चाहिए जो संबंधित पक्षों और समुदाय को स्वीकार्य हो। अलग-अलग अमान्य हथकंडे अपना कर जबरदस्ती किसी का धर्म परिवर्तन करवाना और अपने धर्म के पालन के लिए किसी व्यक्ति को बाध्य करना, न तो उचित और न ही स्वीकार्य है। धार्मिक उपदेश न सिर्फ पूरी सत्यनिष्ठा से दिया जाना चाहिए बल्कि यह पूरी तरह से शीतल भी होना चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि जिस धार्मिक संस्कृति में आप पले-बढ़े हैं, जीवनपर्यंत उसी का पालन करना, धार्मिक अभ्यास का सबसे सुरक्षित और सबसे अच्छा तरीका है।

मेरी समझ से इस कथन का यह अभिप्राय है कि जीवन की सामान्य स्थितियों में अस्थायी लाभ के लिए एक नए धर्म का अनुकरण ठीक है, लेकिन कठिन क्षणों में, जैसे कि मृत्यु, यहां भारी भ्रम की संभावना हो सकती है। जरूर, नए धर्म में मजबूत नींव रखने के लिए यह एकदम अलग परिस्थिति हो सकती है। कुछ तपस्वी व्यक्तियों के अपवाद के साथ, सामान्य रूप से धार्मिक व्यक्तियों के लिए प्रेरणा तिगुनी की जानी चाहिए: एक- जीवन में खुश रहने के लिए, दो- मृत्यु के समय सहज रहने के लिए, और तीन- जीवन से परे मजबूत सुरक्षा की भावना के लिए।

क्यों आत्महत्या करने से आत्मा कभी मुक्त नहीं होती?

हाल ही में दिल्ली में बौद्ध नन सांग्ये खाद्रो उर्फ कैथलीन मैकडॉनल्ड्स सोनल श्रीवास्तव से कहती हैं कि हमें जीवन एक तोहफे के रूप में दिया गया है. इसलिए इससे प्यार करो.

पीएचडी के एक प्रतिभाशाली छात्र रोहित वेमुला ने जनवरी में आत्महत्या कर ली. छात्रवृति के पैसे के इंतजार ने उसे हताश कर दिया और इस वजह से उसने ऐसा दुखद कदम उठा लिया. हाल ही में भूवनेश्वर के ‘राजधानी इंजिनरिंग कालेज’ में पढ़ रहे बिहार के 60 दलित छात्रों ने धमकी दी कि अगर प्रशासन से समय पर पैसा नहीं मिला तो वो भी आत्महत्या कर लेंगे.

क्यों आत्महत्या या आत्महत्या की धमकी एक विकल्प का काम कर रहा? कभी कभी असफल होने का भय लोगों को मरने पर मजबूर कर देता है. बौद्ध नन सांग्ये खाद्रो कहती हैं कि जीवन की परेशानियों से निपटने का यह सही तरीका नहीं है. वो उन बौद्धों की बात करती हैं जिन्होंने बुद्ध के समय में अपने जीवन को खत्म कर दिया था. “बुद्ध के कुछ अनुयायी पीड़ा पर ध्यान कर रहे थे और इस बात पर चिंतन कर रहे थे कि दुनियां में इतना दुख कैसे है. वो इस चिंतन से निराशा में चले गये और उन्होंने आत्महत्या कर ली. बुद्ध कहते हैं कि यह सही तरीका नहीं है. आप खुद को मारकर इस पीड़ा से मुक्ति नहीं पा सकते हैं.”




 

खाद्रों कहती हैं कि आत्महत्या को किसी भी समस्या का एक कुशल समाधान नहीं माना जा सकता है क्योंकि बौद्धों का मानना है कि भले ही हम मर जाये पर इससे हमारा अस्तित्व खत्म नहीं हो जाता. यह केवल इस जीवन का अंत है पर हमारे दिमाग और चेतना के रूप में यह अस्तित्व जीवित रहेगी क्योंकि फिर से हम एक दूसरे जीवन में प्रवेश करेंगे. कर्म के परिणामस्वरूप जिस भी पीड़ा का अनुभव हमने किया है उसका सृजन हमने इस जीवन और बीते हुए जीवन दोनों में किया है. इस कर्म से मुक्त होने के लिए हमें आध्यात्मिक अभ्यास की आवश्यकता है ना कि आत्महत्या की.

वह कहती हैं, “हम अपने कर्म को आध्यात्मिक अभ्यास और ध्यान से शुद्ध कर सकते हैं. कर्म को समाप्त करने के लिए खुद को मारना आवश्यक नहीं है. कर्म जिससे आप पीड़ित हैं वो इस जन्म और अगले जन्म दोनों में हमेशा आपके साथ रहेगा. हो सकता है आपका अगला जीवन इससे भी ज्यादा पीड़ादायी हो.” खाद्रो के अनुसार हमें अपने जीवन को संजोना चाहिए और इसका पोषण करना चाहिए. वह कहती हैं, “आप बुजुर्ग तिब्बती पुरुषों और महिलाओं मंत्र जाप करते, प्रार्थना के मालाओं को घुमाते हुए और स्तूप के चारों ओर चक्कर लगाते देख सकते हैं. अगर आप सच में बूढ़े हैं तो आप भी यही अभ्यास कर सकते हैं. इसका मूल ज्यादा से ज्यादा दिनों तक जीवित रहना है और इस राह को अपनाकर आप अच्छे कर्म कर सकते हैं और अपने बुरे कामों को शुद्ध कर सकते हैं.”

सांग्ये खाद्रो जो कि अमेरीका में कैथोलिक के रूप में पली बढ़ी हैं, बौद्ध धर्म के नश्वरता और पुनर्जन्म की व्याख्या करते हुए कहती हैं कि कई लोग आत्मा में विश्वास करते हैं और सोचते हैं कि आत्मा ही उनकी असली सच्चाई है. नन कहती हैं, “मैं कैथोलिक स्कूल गयी हूं और वहां हमारे पास एक तस्वीर वाली किताब थी जिसमें दर्शाया गया था कि लोग मर रहे हैं और स्वर्ग को जा रहे हैं. धारणा यह थी कि मेरा कुछ हिस्सा जो मेरी तरह दिखता है या मेरी कुछ भावनाएं और सोच स्वर्ग जा रही हैं और हो सकता है कि वहां मैं अपने कुछ रिश्तेदार या दोस्तों से मिलूं जो मर चुके हैं और स्वर्ग को गये हैं. और फिर हमलोग सब साथ रहें. पर बौद्ध धर्म में इस तरह के विचार का विरोध किया गया है. बुद्ध कहते हैं कि खुद का स्थायी अविनाशी रूप जैसी कोई चीज नहीं होती. हम मूल रूप से शरीर और मस्तिष्क से बने हैं. शरीर हमारे भौतिक भाग का हिस्सा है जो कि अणुओं और परमाणुओं से बना है. दूसरा हिस्सा हमारा मस्तिष्क और चेतना है जो कि भौतिक रूप नहीं है और जिसमें विचार, एहसास, भावनाएं, स्मृति और धारणाएं एक नदी या धारा की तरह बह रही है और नश्वरता को बदल रही है.” हमारे दिमाग में कुछ भी ऐसा नहीं है जो स्थायी या अपरिवर्तनशील हो. खाद्रो विस्तृत वर्णन करते हुए कहती हैं, “यह समय के साथ बदलते अनुभव की धारा की तरह है जो इस शरीर को छोड़ देता है और अगले शरीर को धारण करने चला जाता है. जब मेरा दिमाग एक नये शरीर और जीवन को अपना लेता है तो यह नई परिस्थिति और नई पहचान का अनुभव करेगा. मेरे पास एक नया नाम होगा और मैं पूर्ण रूप से खुद की एक नई चेतना का निर्माण करूंगी. बच्चे अपने अतीत के जीवन को याद कर पाते हैं पर वक़्त के साथ यह स्मृति मिट जाती है. इसलिए हम कहते हैं कि कोई भी पहचान निश्चित नहीं होती जो कि वक़्त के साथ चलती रहे.”