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21 अक्टूबर को लाल किले के प्राचीर से तिरंगा फहराएंगे मोदी

सुभाष चंद्र बोस ने देश की आजादी के लिए आजाद हिंद फौज की स्थापना की थी, उस वक्त आजाद हिंद फौज ने भारत की आजादी का ऐलान करते हुए 21 अक्टूबर को ही स्वतंत्रता दिवस मनाया था, 21 अक्टूबर 2018 को इस इस ऐतिहासिक घटना के 75 साल पूरे हो रहे हैं, इसी उपलक्ष्य में पीएम नरेंद्र मोदी ने इस दिन लाल किले के प्राचीर से झंडा फहराने का फैसला लिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि उनके इस कदम का कुछ दल विरोध करेंगे, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि वह देश के लिए बलिदान देने वाले लोगों का सम्मान नहीं करेंगे।

गणेश विसर्जन जुलूस में प्रतिबंध के बाद भी प्रतिमा के साथ डीजे लगाने वाले 13 साउंड सर्विस संचालकों को किया गया फाइनल बाउंड ओवर

सिवनी // पुलिस अधीक्षक सिवनी श्री विवेक राज सिंह के निर्देशन में गणेश विसर्जन पर्व के पूर्व टीआई कोतवाली अरविंद जैन एवं कार्यपालक दंडाधिकारी एवं तहसीलदार श्री प्रभात मिश्रा के द्वारा नगर के सभी साउंड सिस्टम संचालकों की थाना कोतवाली परिसर में बैठक ली गई थी जिसमें माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार जिला प्रशासन के द्वारा पर्व के दौरान जुलूस में डीजे ना लगाए जाने हेतु बताया गया था, किंतु गणेश विसर्जन के दिन ऐसे 13 साउंड सिस्टम संचिका संचालकों को पुलिस द्वारा चिन्हित किया गया जिन्होंने प्रतिबंध होने के बावजूद प्रतिमा के साथ अपना डीजे लगा लिया था, उक्त निर्देश का उल्लंघन करते पाए जाने पर थाना प्रभारी टीआई कोतवाली अरविंद जैन ने पुलिस अधीक्षक सिवनी श्री विवेक राज सिंह के निर्देशन में उक्त 13 साउंड सिस्टम संचालकों के विरुद्ध धारा 107 116 ( 3 ) दंड प्रक्रिया संहिता के तहत इस्तगासा कार्यपालक दंडाधिकारी एवं तहसीलदार श्री सिवनी के समक्ष पेश किया किया जिसकी सुनवाई में आज दिनांक 17 अक्टूबर 2018 को उक्त सभी 13 साउंड सिस्टम संचालकों को धारा 117 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत फाइनल बाउंड आन की कार्रवाई की गई है , जिसमें स्पष्ट आदेश किया गया है कि यदि उन्होने आगामी किसी पर्व के दौरान प्रतिबंध होने के बावजूद उक्त साउंड सिस्टम संचालक के द्वारा डीजे लगाया जाता है तो धारा 122 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत कार्रवाई की जाएगी जिसमें प्रतिबंधित अन आवेदक को अवज्ञा किए जाने पर जेल भी भेजा जाता है ।

साउंड सिस्टम संचालक जुनैद खान निवासी कटंगी नाका , राम किशोर रावत निवासी बारापत्थर, सोनू यादव निवासी घसियारी मौहल्ला, नितिन बर्वे निवासी परतापुर रोड व्यामशाला के पास राज खान निवासी मंगली पेठ , शैलू प्रजापति निवासी कुम्हारी मोहल्ला , अतुल कोरी निवासी कटंगी नाका सूरज वर्मा निवासी गंज वार्ड शरद साहू निवासी मिलन चौक, निलेश शिववेदी निवासी द्वारका नगर, मोनू माना ठाकुर निवासी तिलक वार्ड विशाल यादव निवासी छिंदवाड़ा नाका घनश्याम कश्यप निवासी संजय वार्ड सभी निवासी सिवनी को पुलिस प्रशासन द्वारा धारा 117 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत बाउंड ऑन की कार्रवाई के आदेश जारी हो चुके हैं जिसका पालन ना किए जाने जाने पर धारा 122 दंड प्रकिया संहिता के तहत कार्यवाही प्रस्तावित की जावेगी।

अभ्यर्थी एवं राजनैतिक दलों को अपराधिक मामलों की समाचार पत्रों एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया में करनी होगी घोषणा

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर श्री गोपाल चंद डाड ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार संसद के दोनों सदनों और राज्य विधान मंडलों के निर्वाचनों में उन अभ्यर्थियों, जिनके विरूद्ध आपराधिक मामलें या तो लम्बित हैं या पूर्व में दोष सिद्धि के मामले हैं, के द्वारा तथा उन राजनैतिक दलों, जो ऐसे अभ्यर्थी खड़े करते हैं, के द्वारा ऐसे मामलों के बारे में निर्वाचन क्षेत्र में व्यापक वितरण वाले समाचार पत्रों में एक घोषणा व्यापक रूप से प्रकाशित करेंगे।

यह घोषणा निर्धारित प्रपत्र (फार्मेट सी-1 एवं सी-2) में अभ्यर्थिता वापस लेने की अन्तिम तारीख से लेकर मतदान होने की तारीख से दो दिन पहले तक कम से कम तीन अलग-अलग तारीखों में प्रकाशित की जानी होगी। यह सामग्री कम से कम 12 के फोंट आकार में और समाचार-पत्रों में उचित स्थान पर प्रकाशित की जानी चाहिए ताकि व्यापक रूप से प्रचारित किए जाने सम्बन्धी निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।

तीन अलग-अलग तारीखों को टीवी चैनल पर भी करना होगा प्रसारण 
राजनैतिक दलों की वेबसाइट में भी रहेगा उल्लेख 

आपराधिक मामलों वाले ऐसे सभी अभ्यर्थियों के लिए यह भी अपेक्षित होगा कि वे उपर्युक्त अवधि के दौरान तीन अलग-अलग तारीखों को टीवी चैनलों पर भी उपर्युक्त घोषणा प्रकाशित करेंगे। किन्तु, टीवी चैनलों पर घोषणा के मामलों में इसे मतदान सम्पन्न होने के लिए निर्धारित समय समाप्त होने से 48 घंटे पहले पूरा कर लिया जाना चाहिए। प्रारूप-26 की मद 5 और 6 में घोषणाओं के अनुसार आपराधिक मामलों वाले सभी अभ्यर्थियों के मामले में, रिटर्निग अधिकारी, समाचार पत्रों और टीवी चैनलों में व्यापक प्रचार के लिए आपराधिक मामलों के बारे में घोषणा प्रकाशित दिए जाने वाले करने के लिए इन दिशानिर्देशों के बारें में एक लिखित अनुस्मारक देंगे। अभ्यर्थियों को दिए जाने वाले ऐसे अनुस्मारक के लिए एक मानक फॉर्मेट, फार्मेट सी-3 के रूप में संलग्न है। अभ्यर्थी, जिला निर्वाचन अधिकारी को अपने निर्वाचन व्यय लेखा के साथ उन समाचार पत्रों की प्रतियां जमा करेंगे जिनमें इस संबंध में उनकी घोषणा प्रकाशित की गई थी।

 
अभ्यर्थी राजनैतिक दलों को देंगें आपराधिक मामलों की जानकारी

राजनैतिक दलों द्वारा खड़े किए गए आपराधिक मामलों वाले अभ्यर्थियों के मामले में, चाहे मान्यता प्राप्त दल या पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त दल हों, ऐसे अभ्यर्थियों को रिटर्निग अधिकारी के समक्ष यह घोषित करना होगा कि उन्होंने अपने राजनैतिक दल को अपने खिलाफ आपराधिक मामलों के बारे में सूचित कर दिया है। ऐसी घोषणा के लिए प्रावधान प्रारूप-26 में नई जोड़ी गई मद (6क) में किया गया है। ऐसे सभी राजनैतिक दल संबंधित राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे जिसमें यह बताया गया हो कि उन्होंने इन दिशा-निर्देशों की अपेक्षाएं पूरी कर ली है और इसके साथ संबंद्ध राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के संबंध में दल द्वारा प्रकाशित की गई घोषणा-पत्रों वाली पेपर कटिंग संलग्न है। यह निर्वाचन के संपन्न होने के 30 दिनों के भीतर किया जाएगा।

केबल ऑपरेटर्स दिशा-निर्देशों का पालन करें देखे विज्ञापन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री गोपाल चंद डाड ने केबल ऑपरेटर्स को आदेश जारी कर निर्देश दिये हैं कि वे ऐसे विज्ञापन जो विहित विज्ञापन संहिता के अनुरूप न हो, जो देश की विधि के अनुरूप न हों एवं जो नैतिकता, मर्यादा एवं भावनाओं या विचारों को ठेस पहुंचाते हों अथवा जो घृणित, भड़काऊ एवं दहलाने वाले हों उनका प्रसारण कतई न करें। जिला निर्वाचन अधिकारी श्री गोपाल चंद डाड ने समस्त केबल ऑपरेटरों को उपरोक्त निर्देशों का पालन करने को कहा है। निर्देशों का उल्लंघन करने पर केबल ऑपरेटरों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में पेड न्यूज एवं आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले विज्ञापनों की रोकथाम के लिए मीडिया सर्टिफिकेशन एवं मॉनिटरिंग समिति भी गठित की गई है जो विधानसभा चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों या राजनैतिक दलों के प्रिन्ट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा प्रसारित किये जाने वाले विज्ञापनों का पूर्वावलोकन, समीक्षा एवं सत्यापन का कार्य कर रही है।
      मीडिया सर्टिफिकेशन एण्ड मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी के प्रमाणिकरण के बाद ही टेलीविजन चैनल्स पर विज्ञापन का प्रसारण किया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि केबल टेलीविजन अधिनियम के अनुसार उक्त दिशा निर्देशों का पालन नहीं करने पर केबल ऑपरेटर द्वारा नेटवर्क के प्रचालन के लिए प्रयुक्त उपकरणों को जप्त कर लिया जायेगा। अधिनियम के किसी भी प्रकार के उल्लंघन की दशा में उपकरण के अधिग्रहण तथा दण्ड का प्रावधान है। इसके अलावा धारा-16 के अंतर्गत आने वाले उपबंधों के उल्लंघन पर प्रथम बार दोषी पाये जाने पर 2 वर्ष की सजा या एक हजार रूपये जुर्माना या उपरोक्त दोनों कार्यवाहियाँ हो सकती हैं। इसके उपरान्त प्रत्येक बार दोषी पाये जाने पर 5 वर्ष तक की सजा एवं 5 हजार रूपये तक का अर्थदण्ड का प्रावधान है। 

विज्ञापन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया

प्रत्येक रजिस्ट्रीकृत राष्ट्रीय और राज्यीय राजनैतिक दल तथा निर्वाचन लड़ने वाला प्रत्येक अभ्यर्थी जो टेलीविजन चैनल्स पर विज्ञापन जारी करने का प्रस्ताव रखता है, उसे ऐसे विज्ञापन के प्रसारण के प्रारंभ की प्रस्तावित तिथि से कम से कम तीन दिन पूर्व और किसी अन्य व्यक्ति या अरजिस्ट्रीकृत राजनैतिक दलों के मामले में उन्हें प्रसारण की तारीख से कम से कम 7 दिन पूर्व अपने आवेदन मीडिया सर्टिफिकेशन एवं मॉनिटरिंग समिति के समक्ष प्रस्तुत करना होंगे।  ऐसे आवेदनों के साथ प्रस्तावित विज्ञापन की इलेक्ट्रानिक फार्म में दो प्रतियों के साथ उसके विधिवत रूप से अनुप्रमाणित प्रतिलेखन (ट्रांस स्क्रिप्ट) संलग्न किया जायेगा।  
       प्रमाणन के लिए आवेदन में विज्ञापन बनाने की लागत, विज्ञापनों के अन्तर्वेश्नों के अंतराल व ऐसे प्रत्येक अन्तर्वेशन के लिए प्रसारित की जाने वाली प्रस्तावित दरों के साथ किसी टेलीविजन चैनल या केबल नेटवर्क पर ऐसे विज्ञापन के प्रस्तावित प्रसारण की लागत का उल्लेख निर्धारित प्रपत्र में करना होगा| यदि राजनैतिक दल या अभ्यर्थी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा राजनैतिक विज्ञापन जारी किया जाता है तो उस व्यक्ति को यह शपथ लेनी होगी कि वह किसी राजनैतिक दल या किसी अभ्यर्थी के लाभ के लिए नहीं है तथा यह कि उक्त विज्ञापन किसी राजनैतिक दल  या  किसी  अभ्यर्थी  द्वारा  आयोजित  या अधिकृत या खरीदा गया नहीं है और यह कथन कि सभी भुगतान चेक या डीडी के माध्यम से किये जायेंगे आदि विवरण शामिल होंगे।

धर्म व जाति के आधार पर वोट मांगना आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन

धर्म व जाति आदि के नाम पर वोट मांगने की किसी भी गतिविधि को आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन माना जायेगा। भारत निर्वाचन आयोग ने धर्म व जाति के आधार पर वोट मांगकर आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले राजनैतिक दलों व अभ्यर्थियों के खिलाफ  सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।  

इस परिपालन में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री गोपाल चंद डाड ने विधानसभा निर्वाचन कार्य से जुड़े रिटर्निंग ऑफीसर सहित सभी नोडल अधिकारियों को आयोग के दिशा-निर्देशों से अवगत करा दिया है। साथ ही आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की हिदायत दी है।

आदर्श आचरण संहिता लागू होने के बाद प्रदेश में 1 लाख 12 हजार 994 शस्त्र थानों में जमा

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री व्ही.एल. कान्ता राव ने बताया कि आदर्श आचरण संहिता लगने के बाद 6 अक्टूबर से 13 अक्टूबर, 2018 तक कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था के लिये 1 लाख 12 हजार 994 शस्त्र थानों में जमा करवाये गये और 601 अवैध हथियार जप्त किये गये है। 8 हजार 714 गैर जमानती वारंट तामील कराये गये है। 18 हजार 336 लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई है।

सम्पत्ति विरूपण के अन्तर्गत 14 अक्टूबर तक 6 लाख 30 हजार 92 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये है। इनमें से शासकीय सम्पत्ति विरूपण में 5 लाख 2 हजार 903 प्रकरण और निजी सम्पत्ति विरूपण के अंतर्गत 1 लाख 27 हजार 189 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये। पंजीबद्ध प्रकरणों में शासकीय संपत्ति के 4 लाख 85 हजार 552 प्रकरणों में तथा निजी संपत्ति के 1 लाख 10 हजार 934 प्रकरणों में इस तरह कुल 5 लाख 96 हजार 486 प्रकरणों में कार्यवाही की गयी। वाहनों के दुरूपयोग पर 2 हजार 66 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं।

आदर्श आचरण संहिता लगने के बाद 4 करोड़ रूपयें की स्मैक जप्त

निर्वाचन आयोग द्वारा समावेशी, सुगम, विश्वसनीय एवं नैतिक मतदान कराने के लिये प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। आदर्श आचरण संहिता लगने के बाद प्रदेश में प्रतिबंधात्मक कार्यवाही के अंतर्गत चुनाव में अवैध रूप से पैसे का उपयोग कर मतदान को प्रभावित ना किया जा सके, इसके लिये अपराधिक गतिविधियों और अवैध पैसे की रोकथाम के लिये निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जाँच कार्यवाही संपादित हो रही है। मंदसौर जिलें में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत सजायाफ्ता अपराधियों और आरोपियों की चल-अचल संपत्ति जप्त करने के लिये सफेमा अधिनियम के अंतर्गत कड़ी कार्यवाही की जा रही है।

सफेमा एक्ट के अंतर्गत 7 तस्करों की 24.95 करोड़ रूपये की अचल संपत्ति और 73.80 लाख रूपए की चल संपत्ति जप्त करने का प्रकरण सफेमा कोर्ट भेजा गया, जिसमें से 12.40 करोड़ रूपए रूपये की अचल संपत्ति और 12.30 लाख रूपये की चल संपत्ति फ्रीज कर दी गई है और शेष प्रकरणों में सुनवाई जारी है।

मंदसौर में जांच और कार्यवाही के दौरान 4 करोड़ रूपयें की स्मैक जप्त की गई है। पुलिस और आबकारी विभाग की कार्यवाही में नकली शराब की फैक्ट्री पकड़ी गई जिसमें 3000 लीटर स्प्रिट, 30 हजार बॉटल्स, 6000 होलोग्राम, 10000 रैपर, यूरिया, पोटास आदि जप्त किए गए। इससे 15 से 20 हजार पेटी नकली शराब बनाई जा सकती थी।

Seoni Navratri | VIDEO 2018

Seoni Navratri, 2018 Highlights Video

आचार संहिता : ई-मेल और एसएमएस पर असमंजस में आयोग

सरकार की उपलब्धियों और पीएम मोदी की हो रही ब्रांडिंग, मायगॉव पोर्टल पर रजिस्टर्ड लोगों को मिल रहे पीएम के मैसेज और ई-मेल

विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के दायरे को निर्धारित करना और इसके उल्लंघन के मामलों को रोकना चुनाव आयोग के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। कुछ मामलों को लेकर आयोग खुद असमंजस में है कि यह आचार संहिता के दायरे में है या नहीं और यदि हैं तो इन्हें कैसे रोका जाए। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से आने वाले ई-मेल और एसएमएस आचार संहिता उल्लंघन की श्रेणी में हैं या नहीं, इसका स्पष्ट जवाब प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों के पास नहीं है। भारत सरकार के मायगॉव पोर्टल पर पंजीकृत लोगों के पास रोजाना इस पोर्टल और पीएमओ से ई-मेल और एसएमएस आ रहे हैं, जिनमें भारत सरकार की उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रोजाना गतिविधियों, सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं और अभियानों का प्रचार-प्रसार हो रहा है। इसमें ई-न्यूजलेटर के साथ दी गईं लिंक को कनेक्ट करने पर भारत सरकार की सभी योजनाओं और प्रधानमंत्री का गुणगान करने वाली सामग्री है।

उल्लेखनीय है कि पार्टियां अपने प्रचार-प्रसार और ब्रांडिंग के लिए नए-नए और आधुनिक तरीके अपना रही हैं। इनका दायरा इतना विस्तृत है, आयोग स्वत: इन पर नियंत्रण कराने की स्थिति में नहीं है। जिन मामलों में शिकायत होती है, उनका परीक्षण करने के बाद आयोग इन पर फैसला लेता है। भारत सरकार का माय गॉव पोर्टल मोदी की सरकार की उपलब्धियों से भरा है। सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार और पीएम मोदी की ब्रांडिंग के लिए तरह-तरह से इसमें लोगों को आकर्षित किया जाता है। सरकार की योजनाओं पर आधारित कई तरह की प्रतियोगिताएं इसमें ऑनलाइन होती हैं तो पीएम के भाषण, वीडियो, मन की बात जैसे फ्लेगशिप प्रोग्राम के साथ-साथ उपलब्धियों से जुड़े आंकड़े इसमें प्रदर्शित हो रहे हैं। इस मामले में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारी स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहे हैं।

*एसएमएस के साथ दी जा रही लिंक*
पीएमओ से जो मैसेज मध्यप्रदेश के रजिस्टर्ड लोगों के पास आ रहे हैं, उनमें एक लिंक दी जा रही है। इस लिंक को क्लिक करने पर जन-संपर्क डॉट एनआईसी डॉट इन पोर्टल खुलता है। इसी पोर्टल पर भारत सरकार और माय गॉव पोर्टल के लिंक हैं। इन लिंक को क्लिक करने पर सीधे यह पोर्टल खुलते हैं, जिनमें सरकार की उपलब्धियां और पीएम की ब्रांडिंग से जुड़ी सामग्री है।

सीधे तौर पर आचार संहिता का उल्लंघन
जानकार पीएमओ के ई-मेल और माय गॉव से आ रहे एसएमएस को स्पष्ट रूप से आचार संहिता का उल्लंघन मान रहे हैं। खासकर जिन प्रदेश में चुनाव की आचार संहिता प्रभावशील है, वहां इस तरह के ई-मेल और एसएमएस मतदाताओं को प्रभावित करते हैं।

आयोग में अब तक शिकायत भी नहीं
इस मामले में अब तक राजनीतिक दलों का ध्यान भी नहीं गया। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में इन ई-मेल और एसएमएस को रोकने के लिए कोई शिकायत भी नहीं की गई। सामान्यत: ऐसे मामलों में आयोग शिकायत प्राप्त होने के बाद कार्यवाही करता है।

एसएमएस और ई-मेल को लेकर ये हैं आयोग के निर्देश
हाल ही में चुनाव आयोग ने ई-मेल, एसएमएस और वाट्सएप मैसेज को लेकर निर्देश जारी किए हैं। इनमें कहा गया है कि आचार संहिता लागू होने के बाद उम्मीदवार द्वारा रात के समय प्रचार अभियान थमने पर मतदाताओं को फोन कॉल, एसएमएस या व्हाट्सएप संदेश के जरिये वोट मांगने की अपील नहीं कर सकेंगे। इससे पहले आयोग ने कहा था कि प्रत्याशी घोषित होने के बाद किसी एसएमएस का खर्चा उम्मीदवार के चुनाव व्यय में जोड़ा जाएगा।

बैंक और एटीएम के मामले में भी यही हुआ
राष्ट्रीयकृत बैंकों और उनके एटीएम में मुद्रा योजना जैसी अनेक योजनाओं की ब्रांडिंग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर के साथ की जा रही है। इससे प्रदेश का मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय अनजान था। इसकी शिकायत होने पर इस मामले को संज्ञान में लिया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व्हीएल कांताराव ने कल इस मामले में वे कहा कि वे अधिकारियों को भेजकर इसकी जांच कराएंगे।
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ई-मेल और एसएमएस से योजनाओं की जानकारी तो दी जा सकती है, लेकिन इनका प्रचार-प्रसार नहीं किया जा सकता। इसका परीक्षण कराएंगे।
लोकेश जाटव, एडिशनल सीईओ, मध्यप्रदेश

18 अक्टूबर को होंगे कलश विसर्जन

सिवनी-जिला मुख्यालय के दुर्गा चौक में स्थापित माता राजराजेश्वरी मंदिर में नवरात्र पर्व पर प्रतिदिन माता रानी का विशेष श्रार्गर किया जाया रहा है,

हजारो भक्त माता रानी के दर्शन करने पहुच रहे हे,मालूम हो इस वर्ष जिले शहित देश विदेश के भक्तों द्वारा मनोकामना कलश मंदिर में सत्तपिथ हे,

मंदिर समिति से मिली जानकारी के अनुसार प्रतिदिन सहस्रअर्चन के साथ माता रानी की आरती हो रही है,

आगामी 17 अक्टूम्बर को मंदिर परिसर में शाम को हवन पूजन होगा वही 18 अकटुम्बर को भव्य कलश विषर्जन यात्रा मंदिर परिसर से दलसागर तालाब की ऒर शाम 4 बजे निकाली जाएगी,इससे पूर्व ओली भराई,एवं कलश हेतु टोकन वितरण माँ के चरण सेवको द्रवरारा होगा,समिति ने कलश स्स्थपीथ करने वाली महिलाओं से समय से पूर्व उप्सिथ्थ होने का निवेदन किया है।