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लगभग 65 लाख रुपए से बनकर तैयार ट्रामा सेंटर की बिल्डिंग हो रही कबाड़ – कलेक्टर के समक्ष है बड़ी चुनौती

trauma center seoni
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सिवनी- लगभग 65 लाख रुपए से बनकर तैयार ट्रामा सेंटर की बिल्डिंग कबाड़ हो रही है। ट्रामा सेंटर संचालित करने के लिए लाखों रुपए के उपकरण खरीदे जा चुके हैं। उक्त महंगे उपकरणों का उपयोग नहीं होने से वे कंडम होने की कगार में पहुंच रहे हैं। ट्रामा सेंटर चालू नहीं होने के पीछे स्वास्थ महकमा का मानव संसाधन की कमी और प्रशिक्षित स्वास्थ्य अमला (लाइफ सपोर्टिंग सिस्टम) का अभाव बताया जा रहा है। इन सबके पीछे प्रतिदिन सड़क हादसे में हो रहे घायलों का क्या दोष है?

डिजिटल इंडिया के तहत मध्यप्रदेश का पहला ई-अस्पताल होने का गौरव इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय सिवनी को वर्ष 2017 में मिला था। प्रदेश का पहला ऑनलाइन पर्ची वाला तगमाधारी जिला चिकित्सालय मात्र रेफर अस्पताल बनकर रह गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-7 स्थित जिले के 400 बिस्तर वाले अस्पताल में वर्ष 2016-17 में ही 126 एक्सीटेंडल केस दर्ज किए थे। इन घायलों की यहां सर्जिकल हुई थी। वहीं सड़क दुर्घटना व अन्य घटनाओं में हजारों की संख्या में साधारण रूप से घायल या गंभीररूप से घायलों का मात्र प्राथमिक उपचार करके यहां के डॉक्टरों द्वारा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता हैट्रामा सेंटर का लाभ समय पर घायलों को नहीं मिल सकने के कारण कई घायलों की जान महानगर स्थित मेडिकल कॉलेज जाते-जाते बीच रास्ते में चली गई।

2010 में एल-थ्री ट्रामा सेंटर की मिली थी स्वीकृति

लेवल-3 ट्रामा सेंटर की स्वीकृति 5 जुलाई 2010 को मिली थी और चार साल बाद नौ जुलाई 14 को उक्त भवन तैयार होकर स्वास्थ्य विभाग को सुपुर्द कर दिया गया। लेकिन इन पांच सालों में ट्रामा सेंटर संचालित नहीं हो सका है। उक्त भवन के फर्श व सीढिय़ों में लगी टाइल्स टूट गई है। वहीं परिसर के आसपास अस्पताल से निकलने वाला कचरा भी अब वहीं फेका जा रहा है।

उपकरण हो रहे खराब

ट्रामा सेंटर के संचालन के लिए लगभग एक दर्जन उपकरण की खरीदी हो चुकी है। जिनमें से कुछ का ही उपयोग ओपीडी में किया जा रहा है। वहीं लाखों रुपए के उपकरण कबाड़ हो रहे हैं। उपकरणों में मल्टीप्लिटर मॉनिटर मशीन, इलेक्ट्रो सर्जिकल, कलर डापलर, आर्थोसर्जिकल इंस्ट्रूमेंट आदि महंगे उपकरण की खरीदी हो चुकी है लेकिन प्रशिक्षित स्टाफ के नहीं होने के कारण उपकरण कंडम हो रहे हैं।

लेकिन अब विगत दिनों सड़क दुर्घटना में घायल हुई सी आर पी एफ की महिला कर्मी को ट्रामा सेंटर ना होंने के कारण समय पर ईलाज नही मिला ,जिसके चलते वो सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक अत्यंत गम्भीर अवस्था के बीच किसी तरह नागपुर से बुलाई गई सर्व सुविधायुक्त एम्बुलेंस से नागपुर भेजी गई,जहा उनकी दूखद रूप से मौत हो गई,

सारे घटना क्रम को स्वयम जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह एवं पुलिस कप्तान ललित शाक्यवार ने नजदीक से देखा,जिसके बाद ट्रामा सेंटर के निरक्षण में कलेक्टर ने पाया कि यहा नियंम अनुसाए बारह ट्रेंड लोगो की नियुक्ति होनी थी,जिसमे डाक्टर समेत मशीनों को सचालित करने वाला तकनीकी अमला शामिल है,लेकिन चिकिस्ता विभाग भोपाल दवारा एक भी पद ट्रामा सेंटर के लिये स्वीकृत नही किये गये हे ।

पानी मुश्किल, शराब है आसानी से उपलब्ध!

पेयजल की त्राहि त्राहि मची सागर में

बण्डोल । बण्डोल के पास एक गाँव का नाम सागर है फिर भी लोग बूंद-बूंद पानी को तरसते नजर आ रहे हैं। सिवनी जिले के छपारा जनपद पंचायत सिवनी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सागर ग्राम पंचायत इन दिनों पेयजल संकट से जूझ रही है, जिसको लेकर ग्रामीण परेशान हैं।

उक्त संबंध में ग्राम की महिलाओं ने बताया कि वे 02 बजे रात से पानी भरने के लिये एक हैण्ड पंप पर लाईन लगा लेतीं हैं, जो सुबह दिन निकलने तक एक हैण्ड पंप से पानी भरा करते हैं। पीने का पानी व दैनिक उपयोग के लिये एक ही हैण्ड पंप का उपयोग किया जा रहा है। ग्राम पंचायत सागर में 06 हैण्ड पंप जिनमें हैं जिनमें से तीन सार्वजनिक हैं लेकिन उनमें जल संकट गहरा गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि गाँव का एक ही हैण्ड पंप वास्तव में ग्रामीणों की प्यास बुझा रहा है। इसके अलावा गाँव में किसी तरह के जल स्त्रोत नहीं बचे हैं। ग्रामीणों का कहना है पूर्व में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने नजदीक के ग्राम ढोलबजा में पानी के लिये एक बोर खनन कराया था, जिसमें फ्लोराईड की अत्याधिक मात्रा निकल जाने के कारण उसका पानी पीने योग्य कतई नहीं रह गया है, इस तरह वह योजना भी फेल हो गयी।

ग्राम सागर 800 से ज्यादा मतदाताओं के परिवार निवासरत है, जहाँ पेयजल समस्या को लेकर लोग लंबे समय से जूझ रहे हैं। विधायक से लेकर अधिकारी सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं लेकिन किसी के भी द्वारा अब तक पेयजल की समस्या से निजात नहीं दिलायी जा सकी है।

पानी कठिनाई से पर शराब है आसानी से उपलब्ध : ग्राम पंचायत सागर के एक पंच ने बताया कि गाँव में पानी की समस्या है। पानी तो कहीं नहीं मिल पा रहा है पर गाँव में शराब जरूर मिलती है।

ग्रामीणों में शामिल महेंद्र बागरी, रमेश चंद्रवंशी, शब्बीर कुरैशी, संदीप यादव, सिराजो, गुलशन बी ने पानी की समस्या के बारे में बताया कि यदि ग्राम पंचायत पुराने कुंओं की समय से सफाई कराती है और जल स्त्रोतों को संरक्षित किया जाता तो गाँव में इस तरह पेयजल की समस्या नहीं होगी।

रोज सोने से पहले घर में जलायें एक तेज पत्ता!

सिवनी । इस बात को हर कोई जानता है कि तेजपत्ते का इस्तेमाल भारतीय पकवानों में किया जाता है। ये खाने को स्वादिष्ट बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मसाले के तौर पर इस्तेामल होने वाली इन पत्तियों में कई औषधीय गुण पाये जाते हैं।

जानकार बताते हैं कि तेजपत्ते में भरपूर मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट पाया जाता है। इसके अलावा इन पत्तियों में कई तरह के प्रमुख लवण जैसे कॉपर, पोटेशियम, कैल्शियम, मैंग्नीज, सेलेनियम और आयरन पाया जाता है। हालांकि बहुत कम लोगों को ही पता होगा कि तेजपत्ता खाने का स्वाद और खुशबू बढ़ाने के साथ ही एक बेहद फायदेमंद मसाला भी है।

जड़ी बूटी है तेज पत्ता: तेज पत्ता एक प्रकार की जड़ी बूटी है जिसका रशिया के एक वैज्ञानिक ने अच्छी तरह से अध्ययन किया था। इस अध्ययन में पाया गया कि यह तनाव को दूर कर सकता है। तेज पत्ते को एरोमा थैरेपी के लिये इस्तेमाल किया जाता है। इसके साथ ही यह त्वचा की बीमारियों और साँस से संबंधित समस्याओं को भी ठीक करने के लिये जाना जाता है। यह टेंशन को दूर करता है।

ऐसे करें इस्तेमाल: घरों में लोग तरह – तरह के रूम फ्रेशनर लेकर आते हैं। महंगे इत्र भी छिड़कते हैं, लेकिन इन सभी का काम तेज पत्ता भी कर सकता है। तेज पत्ता को एक बेहतरीन रूम फ्रेशनर के गुण से भी जाना जाता है। पुराने समय में लोग तेज पत्ता को इस काम के लिये भी खूब इस्तेमाल करते थे।

इसके लिये आपको सबसे पहले एक ताजा और सूखा तेजपत्ता लेना होगा। इसे एक कटोरे में रखकर घर के बाहर जलायें। बाद में इसे घर के अंदर लाकर 15 मिनिट के लिये रखें। तेजपत्ते की महक पूरे कमरे में फैल जायेगी। इससे आप रिलेक्स और रिफ्रेशिंग फील करेंगे। तेजपत्ता प्राचीन काल से बीमारियों को ठीक करने के लिये जाना जाता है। साथ ही साथ तेजपत्ता एंटी इंफ्लेमेटरी होता है। मिर्गी के मरीजों को इसके धुंए के बीच रहना चाहिये। ऐसा कहा जाता है कि ये मिर्गी के रोग को जड़ से खत्म करने की क्षमता रखता है।

कॉकरोच को भगाता है दूर: अगर आप घर में कॉकरोच की समस्या से परेशान है तो तेजपत्ते को जलाकर कमरे या किचन में रख दें। ये दूसरे हिट्स की तरह न होकर कैमिकल फ्री है। दो दिन में ही आपके घर के सारे कॉकरोच दूर भाग जायेंगे।

VIDEO: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को रोड शो के दौरान मारा थप्पड़

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल को शनिवार को चुनाव प्रचार के दौरान एक युवक ने थप्पड़ मार दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने इस घटना की पुष्टि करते हुये बताया कि मोती नगर इलाके में रोड शो के दौरान केजरीवाल एक युवक ने हमला किया। उन्होंने बताया कि यह घटना शाम लगभग साढे़ पांच बजे की है। 

बृजेश गोयल के लिए रोड शो कर रहे थे केजरीवाल
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नयी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से आप के उम्मीदवार बृजेश गोयल के प्रचार अभियान के दौरान मोती नगर इलाके में आयोजित रोड शो हिस्सा ले रहे थे। तभी लाल रंग की टीशर्ट पहने एक युवक ने केजरीवाल की जीप पर चढ़ कर उन्हें थप्पड़ मार दिया।

https://youtu.be/3oz0Laqzux8

पुलिस के अनुसार इस वारदात को अंजाम देने वाले युवक की पहचान सतीश (33) के रुप में हुयी है। आरोपी हमलावर सुरेश का कैलाश पार्क में अपना स्पेयर पार्ट्स का व्यवसाय है।

केजरीवाल को थप्पड़ पर सिसोदिया ने साधा बीजेपी पर निशाना

उधर, दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केजरीवाल पर हुए हमले को लेकर ट्वीट करते हुए भाजपा और केन्द्र पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा- “जिस भ्रष्टाचार और नफऱत मुक्त भारत के लिए लड़ रहे है, उस सपने में जो जो भी विश्वास रखता है, वो दिल्ली के संग्राम में आके योगदान दे और भाजपा को दिल्ली से साफ़ करके इस कायरता का जवाब दे। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता में बहुत ताकत है।”

पहले भी हो चुके हैं केजरीवाल पर हमले

ऐसा पहली दफा नहीं है जब दिल्ली के मुख्यमंत्री पर इस तरह से हमला किया गया हो। इससे पहले, नवंबर 2018 में दिल्ली सचिवालय में उनके ऑफिस के बाहर उन पर मिर्च का पाउडर फेंका गया था।

जबकि, साल 2016 में ऑड-ईवन स्कीम का ब्यौरा बताते वक्त एक शख्स ने उनके ऊपर जूता उछाल दिया था। ठीक समय के आसपास छत्रपाल स्टेडियम में लोगों को धन्यवाद देने के लिए बुलाई गई सभा के दारन एक महिला ने उनके ऊपर स्याही फेंक दिया था।


MP Police Constable Recruitment 2019 Apply Online Form

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस ( MP Police ) के लिए रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया ( MP POLICE RECRUITMENT 2019 ) शुरू होने वाली है। आचार संहिता हटते ही प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। कैबिनेट 5500 कांस्टेबल और 850 सब इंस्पेक्टर पदों पर भर्ती हेतु स्वीकृति दे चुकी है। प्राफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (PEB) ने भी परीक्षा की संभावित तारीख (EXAM DATE) घोषित कर दी है। कुल मिलाकर बात यह कि इस परीक्षा का इंतजार कर रहे उम्मीदवार मैदान में दौड़ लगाना शुरू कर दें।

पीईबी ने अपने शेड्यूल (CONSTABLE EXAM DATE 2019) में कांस्टेबल की परीक्षा 29 जून से करने की तैयारी की है वहीं (SI EXAM DATE 2019) पुलिस सब इंस्पेक्टर की परीक्षा 17 अगस्त से शुरू होगी। हालांकि अभी तिथि संभावित है और इसमें बदलाव भी हो सकता है। पुलिस विभाग पिछले कुछ सालों से आरक्षक, हवलदार, एएसआई और सब इंस्पेक्टर पद पर लगातार भर्ती कर रहा था लेकिन बीते साल विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव के चलते पीईबी भर्ती परीक्षा आयोजित नहीं कर सका था।

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कुल 6350 पदों पर होगी भर्ती

पीईबी के पास फिलहाल अभी पदों की जानकारी नहीं आई है लेकिन अगस्त 2018 में मप्र कैबिनेट ने 6350 पदों के लिए भर्ती को मंजूरी दे दी थी। इसके बाद विधानसभा चुनावों की आचार संहिता लग गई। मप्र में नई सरकार गठन के बाद सरकार ने इन्हीं पदों कैबिनेट से हरी झंडी दे दी गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार लगभग 5500 कांस्टेबल और 850 सब इंस्पेक्टर के पदों पर भर्ती की जाएगी। फिलहाल मामला लोकसभा चुनाव की आचार संहिता में उलझा हुआ है इसलिए पदों में वृद्धि का कोई प्लान नहीं है।

तीन साल बाद सब इंजीनियर परीक्षा भीः

पीईबी तीन साल बाद सब इंजीनियर की भर्ती परीक्षा भी करने जा रहा है। इससे पहले 2016 में सब इंजीनियर की भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी इसके तहत 344 पदों पर भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी।

‘फिलहाल लोकसभा चुनावों की आचार संहिता लागू है। लेकिन हमारे पास पुलिस कांस्टेबल और सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा की मंजूरी आ चुकी है आचार संहिता के बाद जो निर्देश मिलेंगे उसके अनुसार परीक्षा कराई जाएगी।’एकेएस भदौरिया, परीक्षा नियंत्रक पीईबी

( MP Vyapam Police constable Bharti 2019 ) MPPEB ने मध्यप्रेश पुलिस विभाग मे एमपी पुलिस कांस्टेबल के विभिन्न पदों के लिए भर्ती ( MP Police Constable Notification 2019 ) निकाली हैं !

यह बेरोजगार उम्मीदवारो के लिए सुनहरा मौका है |भर्ती के लिए योग्य उम्मीदवारों के लिए  जल्द ही MP पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2019 नोटिफिकेशन जारी किया जायेगा |

सभी आवेदकों को सूचित किया जाता हैं कि इस सरकारी भर्ती के लिए आवेदन करने से पहले आवश्यक जानकारी और नोटिफिकेशन पड़ ले , फिर आवेदन करे क्योकि हम जानते हे कि एक छोटी सी गलती बहुत बड़ी परेशानी बन जाती हैं !

MP Police Department is Expected to MP Police Online form 2019 Notification Out MP Police Constable Vacancy 2019 MP Police constable Notification 2019 Date

 MP Police Constable Recruitment 2019

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सिवनी कलेक्टर कर रहे है जिला चिकित्सालय की व्यवस्था सुधारने का प्रयास

कलेक्टर प्रवीण सिंह का अस्पताल की व्यवस्था सुधारने का प्रयास

सिवनी – कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह द्वारा जिला चिकित्सालय सिवनी के औचक निरीक्षण के दौरान नियत समयावधि में अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों (1) श्री पी डी इंगले सहायक ग्रेड 2 (2) ए0के0 तेलंग सहायक ग्रेड 3 (3) श्री एम एल सेन सहायक ग्रेड 3 (4) श्री के0 आर0 सनोडिया सहायक ग्रेड 3 की एक-एक वेतन वृद्धि रोके जाने हेतु कारण बताओ नोटिस जारी किया गया । दवाई वितरण कक्ष में ड्यूटी के उपरांत भी कर्तव्य से अनुपस्थित पाए जाने पर श्री जमीर अहमद कुरेशी कंपाउंडर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया ।

जिला चिकित्सालय की साफ सफाई, पेयजल एवं अन्य व्यवस्थाएं उपयुक्त नहीं पाए जाने के कारण अस्पताल प्रशासक श्री अवस्थी की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने हेतु निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय के मुख्य स्‍टोर कक्ष का अवलोकन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर के. सी. मेश्राम, सिविल सर्जन डॉ व्‍ही के नावकर की उपस्थिति में किया । निरीक्षण के दौरान कंप्यूटर में दर्ज दवाएं एवं भौतिक रूप से उपलब्ध दवाओं की संख्‍या में भिन्नता पाई गई जिसकी भिन्नता की पुष्टि संबंधित कर्मचारी स्पष्ट नहीं कर सके जिसके फलस्वरूप स्टोर के प्रभारी अधिकारी एवं स्टोर कीपर को अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु नोटिस जारी किया गया

NEET Exam: नए एडमिट कार्ड से मिलेगा प्रवेश | ड्रेस कोड की जानकारी यहाँ देखे | EDUCATION NEWS

नई दिल्ली। यदि आप नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित नीट परीक्षा देने वाले हैं और सारी तैयारियां पूरी हो चुकीं हैं तो कृपया रुकिए और नया एडमिट कार्ड डाउनलोड कीजिए। यह नया एडमिट कार्ड ही आपको प्रवेश दिलाएगा। पुराना काम नहीं आएगा और हां लोकसभा चुनाव के नाम पर कुछ परीक्षा केंद्र भी बदले गए हैं अत: अपने नए एडमिट कार्ड पर परीक्षा केंद्र का नाम जरूर देख लें। 

NEET UG Exam गाइड लाइन

NTA NEET UG Exam 2019: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET UG Exam) की परीक्षा का आयोजन 5 मई को होगा। वहीं जो छात्र परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं उनके लिए नेशनल टेस्टिंग एंजेंसी ने कुछ जरूरी गाइडलाइन जारी की है। एनटीए ने परीक्षार्थ‍ियों को विशेष ड्रेस कोड फॉलो करने का निर्देश दिया है।

  • छात्रों को सिंपल और फॉर्मल कपड़े पहनने को कहा गया है। 
  • विभाग द्वारा विशेष ड्रेस कोड सुरक्षा के मद्देनजर रखा जाता है।
  • कस्टमरी ड्रेस पहनने वाले कैंडिडेट्स को परीक्षा से एक घंटे पहले परीक्षा सेंटर में पहुंचने का निर्देश दिया गया है।
  • इसके अलावा परीक्षा सेंटर्स में मोबाइल, ईयरफोन, आभूषण आदि चीजों को ले जाने की अनुमति नहीं है।
  • परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। जिन्होंने अभी तक एडमिट कार्ड डाउनलोड नहीं किए वे नीट-यूजी की आधिकारिक वेबसाइट ntaneet.nic.in पर जाकर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।
  • परीक्षा सेंटर में अपना वैलिड फोटो आइडेंटिटि कार्ड जरूर लेकर जाएं। 

लड़कियों के लिए ड्रेस कोड:

  • एंब्रॉयडरी, कढ़ाई, फूल, ब्रोच और बटन वाले कपड़े पहनने की अनुमति नहीं है.
  • हाफ स्लीव्स वाले कपड़े पहनने की अनु‍मति दी गई है.
  • सलवार और ट्राउजर पहनने की अनुमति है.
  • फुटवियर में चप्प्ल, लो हील सैंडल पहनने की अनुमति है.
  • झुमके, ईयरिंग्स, अंगूठी, पेंडेंट, नोज रिंग, नेकलेस, मेटेलिक आइटम्स आदि की अनुमति नहीं है.

लड़कों के लिए ड्रेस कोड:

  • बिना जिप, पॉकेट, बिग बटन या किसी प्रकार की कढ़ाई या डिजाइन वाले शर्ट/टी-शर्ट पहनने की अनुमति नहीं है.
  • हाफ स्लीव्स वाले सिंपल शर्ट/टी-शर्ट पहनने की अनुमति है.
  • ट्राउजर पहनने की अनुमति है.
  • फुटवियर में चप्पल अथवा स्लीपर्स पहनने की अनुमति है.

इन वस्तुओं का परीक्षा हॉल में लेकर जाना मना है

  • पेपर बिट्स, ज्योमेट्री/पेंसिल बॉक्स, प्लास्टिक पाउच, कैलकुलेटर, पेन, स्केल, राइटिंग पैड, पेन ड्राइव, इरेजर, लॉग टेबल, इलेक्ट्रॉनिक पेन, स्कैनर आदि- मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, इयरफोन, माइक्रोफोन, पेजर, हेल्थ बैंड आदि- वॉलेट, गॉगल्स, हैंडबैग, बेल्ट, कैप आदि- किसी भी घड़ी/रिस्ट वाच, चूड़ी, कैमरा, आभूषण आदि- पैक्ड या अनपैक्ड खाने के आइटम, पानी की बोतल

बुर्का-पगड़ी पहनकर देना है नीट तो डेढ़ घंटे पहले पहुंचे केंद्र

इसी तरह का नोटिस संबंधित राज्यों के स्थानीय अखबारों में प्रकाशित करवाया गया है। शहर के कॉर्डिनेटर्स से कहा गया है कि वह स्थानीय अखबारों और रेडियो के जरिए उम्मीदवारों के बीच इस सूचना का प्रसार करें।

नए एडमिट कार्ड कैसे डाउनलोड करें

एनटीए नीट की ऑफिशियल वेबसाइट ntaneet.nic.in पर जाएं।होमपेज पर ‘Download Admit Card‘ लिंक पर क्लिक करें। एप्लीकेशन नंबर, डेट ऑफ बर्थ डालकर सबमिट कर दें। इतना करते ही स्क्रीन एडमिट कार्ड जारी हो जाएगा।एडमिट कार्ड डाउनलोड करें और इसका प्रिंटआउट निकाल लें।

राज्यों की सूची जहां परीक्षा केंद्र बदल दिया

छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, मणिपाल, मेघालय, तमिलनाडु, त्रिपुरा, जम्मू कश्मीर, ओडिशा,

एग्जाम पैटर्न क्या होगा

परीक्षा में तीन सेक्शन होंगे, जिसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बॉयोलॉजी शामिल है। इस बार नीट हिंदी, अंग्रेजी, मराठी, उड़िया, तमिल, तेलुगु, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, असमी और उर्दू जैसी भाषाओं में दे सकेंगे। एग्जाम में निगेटिव मार्किंग भी होगी। 


गरीब सवर्ण छात्रों का भविष्य चौपट करने की साजिश |KAMAL NATH SARKAR| MP NEWS

भोपाल। मामला JEE ADVANCED और इसके जैसी तमाम परीक्षाओं का है जो केंद्र के द्वारा आयोजित कराई जा रहीं हैं। कमलनाथ सरकार ने गरीब सवर्ण छात्रों का भविष्य चौपट करने की साजिश रच दी है। तमाम परीक्षाओं में गरीब सवर्ण छात्रों को 10 प्रतिशत आरक्षण मिलना है परंतु कमलनाथ सरकार ने भ्रष्ट बाबू की तरह अड़ंगा लगा दिया है। वो आर्थिक आधार पर मिलने वाले आरक्षण के लिए सबसे जरूरी दस्तावेज रिजर्वेशन फॉर इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन (ईडब्ल्यूएस) सटिर्फिकेट ही जारी नहीं कर रही। अब योग्य होने के बावजूद मध्यप्रदेश के गरीब सवर्ण छात्रों को परीक्षा पास करने के बाजवूद एडमिशन नहीं मिल पाएगा। 

यहां समझिए समस्या क्या है

केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है। इस संबंध में मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय संस्थानों में एडमिशन के लिए आदेश 17 जनवरी 2019 काे जारी कर दिया था। इसके लिए शर्त रखी गई है कि उम्मीदवारों को अपनी राज्य सरकार से रिजर्वेशन फॉर इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन (ईडब्ल्यूएस) के तहत सटिर्फिकेट बनवाना होगा। बस यही शर्त भविष्य चौपट कर रही है। आरक्षण केंद्र सरकार दे रही है लेकिन सटिर्फिकेट राज्य सरकार को देना है। लड़ाई भाजपा और कांग्रेस के बीच है लेकिन पिस रहे हैं वो गरीब सवर्ण छात्र जो प्रतिभाशाली भी है। 

यह हंगामा चुनाव के समय ही क्यों

जेईई मैन का रिजल्ट आ चुका है। शुक्रवार से जेईई एडवांस के रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अब मुसीबत यह है कि इस स्कीम का लाभ कमजोर वर्ग के छात्रों को नहीं मिल सकेगा। क्योंकि, जेईई एडवांस में फॉर्म के साथ केंद्र सरकार द्वारा तय फार्मेट के अनुसार ही सर्टिफिकेट मांगा गया है। जेईई एडवांस में फॉर्म भरने की अंतिम तारीख 9 मई है। बड़ी संख्या में ऐसे उम्मीदवार हैं जिनके अभिभावक इस सर्टिफिकेट को बनवाने के लिए राजस्व अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन, इन्हें सर्टिफिकेट देने से साफ इनकार कर दिया जाता है। अधिकारियों का साफ कहना है कि उनके पास कोई सरकारी आदेश नहीं है। जब तक कमलनाथ सरकार का आदेश नहीं मिलेगा वो सर्टिफिकेट नहीं देंगे। 

JEE MAIN के समय सर्टिफिकेट क्यों नहीं मांगा

जेईई मेन कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने यह सुविधा दे रखी थी कि इस कैटेगरी में आवेदन करने वाले उम्मीदवार रजिस्ट्रेशन कराते समय सिर्फ कैटेगरी का चयन कर लें। वहीं एडमिशन लेते समय यह सर्टिफिकेट जमा कराएं लेकिन, जिन्होंने इस कैटेगरी के तहत आवेदन किया है और उन्हें एडमिशन मिलता है तो सर्टिफिकेट नहीं होने के कारण ईडब्ल्यूएस का लाभ नहीं मिल सकेगा।

2 पीड़ितों का दर्द

मेरी बेटी अदिति पंडया ने जेईई मेन क्वालिफाई कर लिया है। अब ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना है। इसके साथ ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट की कॉपी भी अटैच करनी है। हम दो महीने से सर्टिफिकेट के लिए चक्कर काट रहे हैं। अफसरों का कहना है कि उन्हें शासन से निर्देश नहीं हैं।सीमा पण्डया, अभिभावक हर्षल ने जब जेईई (मेन) का रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरा था। तभी से हम यह सर्टिफिकेट बनाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।  लेकिन अफसर इसे नहीं बना रहे हैं। यदि 9 मई से पहले यह सर्टिफिकेट नहीं बनता है तो हर्षल को ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में एडमिशन नहीं दिला सकेंगे। – कमलेश व्यास, अभिभावक

देखिए किस तेज गति से तूफान बरपा रहा कहर

देखें फानी तूफान के चलते देश मे हवा की गति को . . .

तूफान शब्द पर क्लिक करें . . .

चक्रवाती तूफान: मप्र के 20 जिले होंगे प्रभावित, कृपया ध्यान से पढ़ें | MP NEWS

भोपाल। फानी नामक चक्रवाती तूफान भारत की धरती से टकरा चुका है। अब यह भयंकर रूप में दिखाई देगा। ओडिशा का पुरी शहर पूरी तरह से खाली कर दिया गया है। यहां हवाएं 180 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से चल रहीं हैं। वहां कुल 14 जिलों से 11 लाख लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। मप्र के 20 जिले इस तूफान से प्रभावित होंगे। 

मप्र के कौन से जिलों में तूफान का असर होगा

मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र नायक ने बताया कि 48 घंटाें में हाेशंगाबाद, बैतूल, छिंदवाड़ा, रायसेन, नरसिंहपुर, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, दमाेह, सतना, रीवा, सिंगराैली, शहडाेल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला और बालाघाट में तेज आंधी, बारिश और ओले की संभावना है। भोपाल समाचार की ओर से हम अपील करते हैं कि कृपया सावधान रहें। यह जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों को दें और बहुत जरूरी ना हो तो अपने घरों से ना निकलें। 

कृपया बचाव की तैयारियां कर लें | घबराएं नहीं, लेकिन सावधान रहें

https://khabarsatta.com अपील करता है कि कृपया समय का सदउपयोग करें एवं बचाव की तैयारियां कर लें। घरों में ऐसी चीजें जिनके आंधी में प्रभावित होने की संभावना है। सुरक्षित कर लें। मौसम पर लगातार नजर बनाए रखें। यदि हवा शुरू हो तो बच्चों को खेलने के लिए बाहर ना भेजें। यदि बहुत जरूरी नहीं है तो अपने शहर से बाहर ना जाएं। चेतावनी वाली अवधि में सुनसान एवं जंगल वाले क्षेत्रों में कतई ना जाएं।

उड़ानें रद्द, रेलमार्ग प्रभावित

भुवनेश्वर और काेलकाता एयरपाेर्ट से उड़ानें बंद रहेंगी। फ्लाइट्स के अलावा बड़ी संख्या में रेलमार्ग भी प्रभावित हुआ है। 223 ट्रेनों को एहतियातन रद्द कर दिया गया है। इनमें भोपाल से विशाखापट्टनम जाने वालीं दो ट्रेनें शामिल हैं। इसके अलावा 9 ट्रेनों के रूट बदले गए।