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चीतल पकाकर खाने पर, हुआ मामला दर्ज

सिवनी । पेंच टाईगर रिज़र्व क्षेत्र में चीतल के शावक का शिकार करने के उपरांत उसे पकाकर खाने वाले आरोपी को पेंच वन विभाग के अमले ने अपना मेहमान बना लिया है।

पेंच नेशनल पार्क के क्षेत्र संचालक विक्रम सिंह परिहार ने बताया कि 11 अक्टूबर को वन विभाग के अधिकारियों को मुखबिर के जरिये सूचना मिली थी कि पेंच टाईगर रिज़र्व के घाट कोहका बफर परिक्षेत्र, बरेलीपार बीट के कक्ष क्रमाँक आर. 384 के राजस्व क्षेत्र में बरेलीपार निवासी अनिल पिता चन्दर सिंह पन्द्रे के खेत की सीमा में तार का फंदा लगाकर वन्य प्राणी चीतल का शिकार किया है।

यह जानकारी मिलने के उपरांत वन परिक्षेत्र घाटकोहका, बफर के स्टाफ के साथ अभियुक्त के खेत पर पहुँचे एवं आरोपी से पूछताछ की गयी। उसके द्वारा बताया गया कि उसने अपने खेत में तार का फंदा लगाया था, जिसमें चीतल का एक बच्चा फंस कर मर गया जिसे उसके द्वारा काटकर पकाया गया और फिर उसे खा लिया गया।

आरोपी की निशानदेही पर घटना स्थल से चीतल के मांस के छोटे – छोटे टुकड़े, वन्य प्राणी शिकार अपराध में उपयोग किये गये जी.आई. तार का फंदा, एक नग कुल्हाड़ी, लकड़ी का पट्टा जिस पर चीतल को रखकर काटा गया था, को जप्त किया गया है।

पकड़े गये आरोपी के विरूद्ध वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 2, 9, 39, 52 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर आरोपी अनिल वल्द चन्दरसिंह पन्द्रे साकिन बरेलीपार को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया जहाँ से उसको जेल भेज दिया गया।

उक्त कार्यवाही विक्रम सिंह परिहार, क्षेत्र संचालक, पेंच टाईगर रिज़र्व के निर्देशन, उप संचालक एम.बी. सिरसैया सहायक वन संरक्षक (सिवनी क्षेत्र) बी.पी. तिवारी के मार्गदर्शन में एवं संतोष कुमार पटेल, परिक्षेत्र अधिकारी घाट कोहका (बफर), रमेश कुमार उईके, वनपाल, जगदीश भलावी, पंकज चौधरी, वनरक्षक, अरूण कुल्हाड़े, दुर्गेश नवरेती, हीरा उईके, तथा भुवन मर्सकोले श्रमिकों के द्वारा की गयी।

07 जुआरियों बने पुलिस के मेहमान

सिवनी । सिवनी जिले में डूण्डा सिवनी थाना के अंतर्गत आने वाला क्षेत्र जुए की लंबी फड़ों के लिये पिछले कई वर्षों से चर्चित रहता आया है। बीती रात, पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम कोहका के पास से कुछ जुआरियों को दबोचने में सफलता हासिल की है।

पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार डूण्डा पुलिस को मुखबिर के माध्यम से बीती रात सूचना मिली थी कि कोहका के समीप कुछ लोग जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अमित दाणी अपने पुलिस बल के साथ बताये गये मौके पर जा पहुँचे जहाँ जुआ खेल रहे अंशुल यादव, सिक्की भारद्वाज, अंकित यादव, नेत्रराम सनोडिया, हीरालाल साहू, घनश्याम परते और भीम गोस्वामी को धर दबोचा गया।

पकड़े गये सभी आरोपी डूण्डा सिवनी निवासी बताये गये हैं जिनके पास से ताश के 52 पत्तों के साथ ही साथ 5170 रूपये की जप्ति बनाते हुए पुलिस के द्वारा जुआ एक्ट के तहत मामला कायम किया गया। इस कार्यवाही के दौरान थाना प्रभारी अमित दाणी के मार्गदर्शन में प्रधान आरक्षक पवन यादव, शेखर बघेल, संजय भलावी और जितेन्द्र रंगारे के भूमिका सराहनीय रही।

युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

बंडोल । जिले के बण्डोल थाना क्षेत्र अंतर्गत जाम गाँव में एक युवक ने अपने घर की बाड़ी में लगे पेड़ पर फांसी लगा ली, जिससे उसकी मौत हो गयी।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि बण्डोल थाना क्षेत्र के ग्राम जाम निवासी प्रकाश (38) पिता लोटन सिंह ठाकुर ने बीती शाम अपने घर की बाड़ी में लगे कंजई के पेड़ पर फांसी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना लगने पर बण्डोल पुलिस मौके पर पहुँची।

पुलिस की उपस्थिति में युवक को फंदे से उतारकर जिला अस्पताल पहुँचाया गया जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पंचनामा बनाने के उपरांत, उसका पीएम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है।

दो साल बाद भी आरंभ नहीं हुआ मृदा परीक्षण केंद्र

छपारा । विकास खण्ड के मृदा परीक्षण केंद्र का भवन छपारा खुर्द में लगभग दो साल से बनकर तैयार है। यहाँ बिजली कनेक्शन से लेकर पानी तक की व्यवस्था हो चुकी है। इसके बावजूद स्थानीय कृषि विभाग मृदा परीक्षण केंद्र आरंभ करने में रुचि नहीं ले रहा है। खाली पड़ा नवीन भवन देखरेख के अभाव में पुराने भवन की तरह जीर्ण शीर्ण अवस्था में पहुँच गया है।

मृदा परीक्षण केंद्र 2016 में भवन का आधारभूत निर्माण किया जा चुका था लेकिन पेयजल व बिजली कनेक्शन नहीं किये जाने से आरंभ नहीं हो पाया था। इस पर एसडीओ एस.सी. नेताम ने बिजली व पेयजल न होने का हवाला दिया था। बिजली, और पेयजल का कनेक्शन होने बाद भवन प्रारंभ कर दिया जायेगा। इस संबंध में जब विद्युत विभाग से कनेक्शन के बारे में पूछा गया तो अधिकारियों ने बताया कि मृदा परीक्षण केंद्र में साल भर पहले विद्युत कनेक्शन जोड़ दिया गया था।

मृदा परीक्षण केंद्र का बकाया बिजली भुगतान नहीं होने की दशा में कनेक्शन काट दिया गया है। स्थानीय किसानों व ग्रामीणें ने मृदा परीक्षण केंद्र जल्द आरंभ करने की माँग संबंधित विभाग से की है, ताकि वे अपने खेतों की मिट्टी की उर्वरक क्षमता व अन्य प्रकार की जाँच कराकर उन्नत खेती कर सकें।

कच्ची शराब : टूटा आबकारी का नज़ला

सिवनी । आबकारी विभाग के अमले ने अलग – अलग स्थानों पर दबिश देकर कच्ची और देशी शराब के मामलों में कार्यवाही की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इस दौरान एक लाख से अधिक की शराब और लाहन जप्त किया गया। इसमें से 2150 लीटर महुआ लाहन, 95 लीटर महुआ शराब और 18 पाव देशी मदिरा जप्त कर कुल 12 प्रकरण कायम किये गये। सहायक जिला आबकारी अधिकारी विजय सेन ने बताया कि वृत्त दक्षिण के द्वारा ग्राम टिकारी और बटामा के जंगलों में दबिश दी गयी।

यहाँ पर लक्ष्मण पिता तीरसिंग कुमरे निवासी आगरी, संतलाल पिता भीमालाल कुमरे, चैनसिंग पिता सोहन लाल भोई निवासी बटामा, रमेश पिता मानेश्वर बट्टी निवासी टिकारी से दस-दस लीटर महुआ शराब जप्त की गयी। यहाँ से 950 लीटर महुआ लाहन नष्ट किया गया। दो प्रकरण अज्ञात के खिलाफ कायम किये गये।

यहाँ भी हुई कार्यवाही :
वृत्त उत्तर ने ग्राम बेलगाँव और सेलुआ में दबिश दी। बेलगाँव के तालाब के पास 800 लीटर महुआ लाहन व 20 लीटर महुआ शराब जप्त कर दो प्रकरण कायम किये गये। ग्राम सेलुआ के नाले में 400 लीटर महुआ लाहन और 10 लीटर महुआ शराब जप्त कर एक प्रकरण कायम किया गया।

इसी तरह पिण्डरई में रतन लाल व कांती बाई के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत कार्यवाही की गयी। ग्राम खंूूट व बरघाट में दो प्रकरण कायम किये गये जिसमें 15 लीटर महुआ शराब व 18 पाव देसी मदिरा जप्त की गयी। इस कार्यवाही में वृत्त प्रभारी हसन गोहिया आरक्षक किशोर गुप्ता, लेख सिंह टेकाम और विशाल चौबेकर शामिल रहे।

सिवनी में डॉक्टर ने ठगी के पैसो से बनाया बारात घर

सिवनी : ओमती क्षेत्र में रेत गिट्टी सप्लायर को 15 करोड़ की संपत्ति दिखाकर 25 करोड़ एनजीओ से दिलाने का झांसा देकर 07 लाख रुपए की ठगी करने वाले 09 आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसका मास्टर मांइड होम्योपैथी डॉक्टर ने ठगी कर लिए रुपए अपने सिवनी स्थित बारात घर बनाने में लगा दिए।

आरोपियों में एक उत्तर प्रदेश का सेवानिवृत पुलिस अधिकारी भी है। शेष आरोपी आगरा, कानपुर, गुजरात, असम के हैं। यह जानकारी एएसपी शहर राजेश त्रिपाठी ने गत दिवस कंट्रोल रुम में दी। मदनमहल गुरुद्वारे के पीछे रहने वाले तनवीर सिंह सलूजा (27) रेत-गिट्टी सप्लाई का काम करता है। गुरुवार को उसने शिकायत दर्ज कराई थी कि 20 सितंबर को उसका परिचय अधारताल धनी की कुटिया निवासी होम्योपैथी के डॉ. एचएन ठाकुर से हुआ था।

उसने बताया कि वह एनजीओ को विदेश से फंड दिलाता है। उसने कहा कि अगर वे उन्हें 15 करोड़ की संपत्ति दिखाएंगे तो उनको एनजीओ से 25 करोड़ रुपए दिला देंगे। जिसके झांसे में आकर तनवीर ने एक ट्रस्ट की फाइल मंगवाई और एचएन ठाकुर से बातचीत की। जिसके बाद उसने कंपनी के सदस्यों को बुलाने के लिए 05 लाख रुपए मांगे। साथ ही कहा कि सदस्यों के आने के बाद 02 लाख रुपए और देने होंगे।

तनवीर ने झांसे में आकर 25 सितंबर को डॉक्टर के घर जाकर उसे 05 लाख रुपए दे दिए। 08 अक्टूबर को डॉ ठाकुर ने फोन करके तनवीर को सूचना दी कि एनजीओ के सदस्य स्वयं होटल में रुके हैं। वहां तनवीर पहुंचे तो डॉक्टर अपने साथ उसे होटल के कमरे में ले गया, जहां उसने कंपनी का सदस्य बताकर रणजीत सिंह तोमर, राजीव देव और अर्जेन्द्र सिंह राठौर से कंपनी के सदस्य बताकर मिलवाया और फिर दो लाख रुपए मांगे।

उसकी बातों में आकर तनवीर ने दो लाख रूपए उसे दे दिए। कंपनी के सदस्यों ने तनवीर से कहा कि कश्यप इलेक्ट्रानिक के नाम पर 10 लाख रुपए की डीडी बना कर देना होगी। तनवीर ने जब राजीव देव से उसका आधार कार्ड की कॉपी मांगी, तो उसने इंकार कर दिया। शंका होने पर तनवीर ने कुछ समय मांगा और नेट पर कंपनी के नाम से सर्च किया, तो उसमें ऐसी कोई कंपनी के बारे में नहीं पता चला।

तनवीर अपने साथी अशोक मिश्रा को लेकर होटल पहुंचा और राजीव देव से मिलवाया। अशोक ने जब राजीव देव से रुपए ट्रांसफर के बारे में पूछा, तो उसने 15 करोड़ की संपत्ति बताकर 25 करोड़ रुपए देने की बात कही। इसके बाद राजीव से उसके कंपनी के सदस्यों के बारे में पूछा, तो उसने बताया कि उसकी कंपनी में उसके साथी रणजीत सिंह तोमर, विपिन कुमार, उमेश कुमार वर्मा, अर्जेन्द्र सिंह, प्रताप नारायण गर्ग, आशीष कुमार, बसीरा इब्राहिम हैं। राजीव के अन्य साथी स्वयं होटल के कमरा नंबर 303 और 309 में रुके हुए थे। जिनसे राजीव ने मिलवाया। शंका होने पर तनवीर ने मामले की शिकायत ओमती थाने में की। सूचना पर ओमती सीएसपी शशिकांत शुक्ला, टीआई एसपी सिंह बघेल के नेतृत्व में टीम ने दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से 01 लाख रुपए जब्त किए गए हैं।

डॉक्टर का सिवनी में है बारातघर :
आरोपी डॉ. एचएन ठाकुर ने बताया कि उसकी सिवनी में पैतृक जमीन है। जिसमें वह बारात घर बनवा रहा है। ठगी के 05 लाख रुपए उसने बारात घर में लगा दिए। वहीं जब डॉक्टर के बारे में उसके अधारताल स्थित मकान के पास पुलिस ने पतासाजी की, तो जानकारी मिली कि आरोपी डॉक्टर और भी कोई संदिग्ध काम करता है। जिससे उसके घर में लोगों की भीड़ लगी रहती है। आरोपी से पूछताछ के बाद पूरा मामला स्पष्ट हो पाएगा।

Karva Chauth 2019 : करवा चौथ के लिए जरूरी सामान , व्रत से पहले जरूर करे चेक

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Karva Chauth 2019
Karva Chauth 2019: करवा चौथ (Karva Chauth) का त्‍योहार दीपावली (Diwali) से नौ दिन पहले मनाया जाता है. हिन्‍दू पंचांग के अनुसार करवा चौथ का व्रत हर साल कार्तिक मास की चतुर्थी को आता है. वहीं, अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से यह त्‍योहार अक्‍टूबर के महीने में आता है. इस बार करवा चौथ 17 अक्‍टूबर 2019 को है. करवा चौथ के व्रत के लिए जरूरी सामानों की लिस्ट…

Karva Chauth 2019: हिंदू धर्म में करवा चौथ का व्रत (Karva Chauth Vrat) सुहागिन महिलाओं का सबसे खास त्योहार होता है. इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए पूरे दिन भूखे-प्यासे रहकर व्रत रखती हैं. कुंवारी लड़कियां भी मनवांछित वर के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. इस दिन पूरे विधि-विधान से माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने के बाद करवा चौथ की कथा (Karva Chauth Katha) सुनी जाती है. फिर रात को चांद को अर्घ्य देने के बाद व्रत संपन्न किया होता है. इस खास व्रत के लिए महिलाएं हफ्तों पहले से तैयारियां शुरू कर देती हैं. क्या पहनना है और कैसे करवा चौथ के दिन सबसे सुंदर लगना है, आदि की तैयारियों में लगी रहती हैं. लेकिन कपड़ों के अलावा भी करवा चौथ व्रत के लिए जरूरी सामानों का भी खास ध्यान रखा जाता है. आपके पास वक्त की कमी है, इसलिए हमनें यहां करवा चौथ व्रत के लिए जरूरी सामानों की लिस्ट बना दी है.

बता दें, करवा चौथ (Karva Chauth) का त्‍योहार दीपावली (Diwali) से नौ दिन पहले मनाया जाता है. हिन्‍दू पंचांग के अनुसार करवा चौथ का व्रत हर साल कार्तिक मास की चतुर्थी को आता है. वहीं, अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से यह त्‍योहार अक्‍टूबर के महीने में आता है. इस बार करवा चौथ 17 अक्‍टूबर 2019 को है.

करवा चौथ पूजा थाली की सामग्रियां (karva Chauth Puja Thali)

1. छलनी
2. मिट्टी का टोंटीदार करवा और ढक्कन
3. करवा चौथ की थाली
4. दीपक
5. सिंदूर
6. फूल
7. मेवे
8. फल
9. रूई की बत्ती
10. कांस की तीलियां
11. करवा चौथ कैलेंडर
12. नमकीन मठ्ठियां
13. मीठी मठ्ठियां
14. मिठाई
15. रोली और अक्षत (साबुत चावल) 
16. आटे का दीया
17. फूल
18. धूप या अगरबत्ती
19. चीनी का करवा
20. पानी का तांबा या स्टील का लोटा
21. गंगाजल
22. चंदन और कुमकुम
23. कच्चा दूध, दही रऔ देसी घी
24. शहद और चीनी
25. गौरी बनाने के लिए पीली मिट्टी
26. लकड़ी का आसन
27. आठ पूरियों की अठावरी और हलवा
28. दक्षिणा

करवाचौथ के लिए 16 श्रृंगार की पूरी लिस्ट ( Karva Chauth 2019 Solah Shringar)

1. सिंदूर
2. मंगलसूत्र
3. बिंदी
4. मेहंदी
5. लाल रंग के कपड़े
6. चूड़ियां
7. बिछिया
8. काजल
9. नथनी
10. कर्णफूल (ईयररिंग्स)
11. पायल
12. मांग टीका
13. तगड़ी या कमरबंद
14. बाजूबंद
15. अंगूठी
16. गजरा

Karwa Chauth 2019 : जानिए करवा चौथ की तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत कथा और सरगी का महत्‍व

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Karwa Chauth or Karva Chauth 2019: करवा चौथ (Karwa Chauth) का त्‍योहार दीपावली से नौ दिन पहले मनाया जाता है. हिन्‍दू पंचांग के अनुसार करवा चौथ का व्रत हर साल कार्तिक मास की चतुर्थी को आता है.

kaewa chouth 2019

नई दिल्‍ली: Karwa Chauth 2019: करवा चौथ (Karwa Chauth or Karva Chauth) के व्रत का हिन्‍दू धर्म में विशेष महत्‍व है. सुहागिन महिलाओं के लिए यह व्रत सभी व्रतों में सबसे खास है. इस दिन महिलाएं दिन भर भूखी-प्‍यासी रहकर अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं. यही नहीं कुंवारी लड़कियां भी मनवांछित वर के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. इस दिन पूरे विधि-विधान से माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने के बाद करवा चौथ की कथा (Karwa Chauth Katha) सुनी जाती है. फिर रात के समय चंद्रमा को अर्घ्‍य देने के बाद ही यह व्रत संपन्‍न होता है. मान्‍यता है कि करवा चौथ का व्रत रखने से अखंड सौभाग्‍य का वरदान मिलता है.

करवा चौथ कब है?
करवा चौथ (Karva Chauth) का त्‍योहार दीपावली से नौ दिन पहले मनाया जाता है. हिन्‍दू पंचांग के अनुसार करवा चौथ का व्रत हर साल कार्तिक मास की चतुर्थी को आता है. वहीं, अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से यह त्‍योहार अक्‍टूबर के महीने में आता है. इस बार करवा चौथ 17 अक्‍टूबर 2019 को है.

करवा चौथ की तिथि और शुभ मुहूर्त (Karva Chauth Date and Time)
करवा चौथ की तिथि: 17 अक्‍टूबर 2019
चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 17 अक्‍टूबर 2019 (गुरुवार) को सुबह 06 बजकर 48 मिनट से
चतुर्थी तिथ‍ि समाप्‍त: 18 अक्‍टूबर 2019 को सुबह 07 बजकर 29 मिनट तक
करवा चौथ व्रत का समय: 17 अक्‍टूबर 2019 को सुबह 06 बजकर 27 मिनट से रात 08 बजकर 16 मिनट तक.
कुल अवधि: 13 घंटे 50 मिनट
पूजा का शुभ मुहूर्त: 17 अक्‍टूबर 2019 की शाम 05 बजकर 46 मिनट से शाम 07 बजकर 02 मिनट तक.
कुल अवधि: 1 घंटे 16 मिनट.

कैसे मनाते हैं करवा चौथ का त्‍योहार?
करवा चौथ की तैयारियां कई दिन पहले से शुरू हो जाती हैं. सुहागिन महिलाएं कपड़े, गहने, श्रृंगार का सामान और पूजा सामग्री खरीदती हैं. करवा चौथ वाले दिन महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी खाती हैं. इसके बाद सुबह हाथ और पैरों पर मेहंदी लगाई जाती है और पूजा की थालियों को सजाया जाता है. व्रत करने वाली आस-पड़ोस की महिलाएं शाम ढलने से पहले किसी मंदिर, घर या बगीचे में इकट्ठा होती हैं. यहां सभी महिलाएं एक साथ करवा चौथ की पूजा करती हैं. इस दौरान गोबर और पीली मिट्टी से पार्वती जी की प्रतिमा स्‍थापित की जाती है. आज कल माता गौरी की पहले से तैयार प्रतिमा को भी रख दिया जाता है. विधि-विधान से पूजा करने के बाद सभी महिलाएं किसी बुजुर्ग महिला से करवा चौथ की कथा सुनती हैं. इस दौरान सभी महिलाएं लाल जोड़े में पूरे सोलह श्रृंगार के साथ पूजा करती हैं. चंद्रमा के उदय पर अर्घ्‍य दिया जाता है और पति की आरती उतारी जाती है. पति के हाथों पानी पीकर महिलाओं के उपवास का समापन हो जाता है.

करवा चौथ की पूजन सामग्री
करवा चौथ के व्रत से एक-दो दिन पहले ही सारी पूजन सामग्री को इकट्ठा करके घर के मंदिर में रख दें. पूजन सामग्री इस प्रकार है- मिट्टी का टोंटीदार करवा व ढक्‍कन, पानी का लोटा, गंगाजल, दीपक, रूई, अगरबत्ती, चंदन, कुमकुम, रोली, अक्षत, फूल, कच्‍चा दूध, दही, देसी घी, शहद, चीनी, हल्‍दी, चावल, मिठाई, चीनी का बूरा, मेहंदी, महावर, सिंदूर, कंघा, बिंदी, चुनरी, चूड़ी, बिछुआ, गौरी बनाने के लिए पीली मिट्टी, लकड़ी का आसन, छलनी, आठ पूरियों की अठावरी, हलुआ और दक्षिणा के पैसे.

करवा चौथ की पूजा विधि?

  • करवा चौथ वाले दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्‍नान कर लें.
  • अब इस मंत्र का उच्‍चारण करते हुए व्रत का संकल्‍प लें- ”मम सुखसौभाग्य पुत्रपौत्रादि सुस्थिर श्री प्राप्तये करक चतुर्थी व्रतमहं करिष्ये”.
  • सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करें और फिर दिन भर निर्जला व्रत रखें.
  • दीवार पर गेरू से फलक बनाएं और भीगे हुए चावलों को पीसकर घोल तैयार कर लें. इस घोल से फलक पर करवा का चित्र बनाएं. वैसे बाजार में आजकर रेडीमेड फोटो भी मिल जाती हैं. इन्‍हें वर कहा जाता है. चित्रित करने की कला को करवा धरना का जाता है.
  • आठ पूरियों की अठावरी बनाएं. मीठे में हल्‍वा या खीर बनाएं और पकवान भी तैयार करें.
  • अब पीली मिट्टी और गोबर की मदद से माता पार्वती की प्रतिमा बनाएं. अब इस प्रतिमा को लकड़ी के आसान पर बिठाकर मेहंदी, महावर, सिंदूर, कंघा, बिंदी, चुनरी, चूड़ी और बिछुआ अर्पित करें.
  • जल से भर हुआ लोट रखें.
  • करवा में गेहूं और ढक्‍कन में शक्‍कर का बूरा भर दें.
  • रोली से करवा पर स्‍वास्तिक बनाएं.
  • अब गौरी-गणेश और चित्रित करवा की पूजा करें.
  • पति की लंबी उम्र की प्रार्थना करते हुए इस मंत्र का उच्‍चारण करें- ”ऊॅ नम: शिवायै शर्वाण्यै सौभाग्यं संतति शुभाम। प्रयच्छ भक्तियुक्तानां नारीणां हरवल्लभे॥”
  • करवा पर 13 बिंदी रखें और गेहूं या चावल के 13 दाने हाथ में लेकर करवा चौथ की कथा कहें या सुनें.
  • कथा सुनने के बाद करवा पर हाथ घुमाकर अपने सभी बड़ों का आशीर्वाद लें और करवा उन्हें दे दें.
  • पानी का लोटा और 13 दाने गेहूं के अलग रख लें.
  • चंद्रमा के निकलने के बाद छलनी की ओट से पति को देखें और चन्द्रमा को अर्घ्‍य दें.
  • चंद्रमा को अर्घ्‍य देते वक्‍त पति की लंबी उम्र और जिंदगी भर आपका साथ बना रहे इसकी कामना करें.
  • अब पति को प्रणाम कर उनसे आशीर्वाद लें और उनके हाथ से जल पीएं. अब पति के साथ बैठकर भोजन करें.

करवा चौथ में सरगी
करवा चौथ के दिन सरगी का भी विशेष महत्‍व है. इस दिन व्रत करने वाली महिलाएं और लड़कियां सूर्योदय से पहले उठकर स्‍नान करने के बाद सरगी खाती हैं. सरगी आमतौर पर सास तैयार करती है. सरगी में सूखे मेवे, नारियल, फल और मिठाई खाई जाती है. अगर सास नहीं है तो घर का कोई बड़ा भी अपनी बहू के लिए सरगी बना सकता है. जो लड़कियां शादी से पहले करवा चौथ का व्रत रख रही हैं उसके ससुराल वाले एक शाम पहले उसे सरगी दे आते हैं. सरगी सुबह सूरज उगने से पहले खाई जाती है ताकि दिन भर ऊर्जा बनी रहे.

करवा चौथ की कथा (Karva Chauth Katha)
पौराणिक मान्‍यताओं के अनुसार एक साहूकार के सात लड़के और एक लड़की थी. सेठानी समेत उसकी बहुओं और बेटी ने करवा चौथ का व्रत रखा था. रात्रि को साहूकार के लड़के भोजन करने लगे तो उन्होंने अपनी बहन से भोजन के लिए कहा. इस पर बहन ने जवाब दिया- “भाई! अभी चांद नहीं निकला है, उसके निकलने पर अर्घ्‍य देकर भोजन करूंगी.” बहन की बात सुनकर भाइयों ने क्या काम किया कि नगर से बाहर जा कर अग्नि जला दी और छलनी ले जाकर उसमें से प्रकाश दिखाते हुए उन्‍होंने बहन से कहा- “बहन! चांद निकल आया है. अर्घ्‍य देकर भोजन कर लो.”

यह सुनकर उसने अपने भाभियों से कहा, “आओ तुम भी चन्द्रमा को अर्घ्‍य दे लो.” परन्तु वे इस कांड को जानती थीं, उन्होंने कहा- “बाई जी! अभी चांद नहीं निकला है, तेरे भाई तेरे से धोखा करते हुए अग्नि का प्रकाश छलनी से दिखा रहे हैं.” भाभियों की बात सुनकर भी उसने कुछ ध्यान न दिया और भाइयों द्वारा दिखाए गए प्रकाश को ही अर्घ्‍य देकर भोजन कर लिया. इस प्रकार व्रत भंग करने से गणेश जी उस पर अप्रस्सन हो गए. इसके बाद उसका पति सख्त बीमार हो गया और जो कुछ घर में था उसकी बीमारी में लग गया.

जब उसने अपने किए हुए दोषों का पता लगा तो उसने पश्चाताप किया गणेश जी की प्राथना करते हुए विधि विधान से पुनः चतुर्थी का व्रत करना आरम्भ कर दिया. श्रद्धानुसार सबका आदर करते हुए सबसे आशीर्वाद ग्रहण करने में ही मन को लगा दिया. इस प्रकार उसकी श्रद्धा भक्ति सहित कर्म को देखकर भगवान गणेश उस पर प्रसन्न हो गए और उसके पति को जीवन दान दे कर उसे आरोग्य करने के पश्चात धन-संपत्ति से युक्त कर दिया. इस प्रकार जो कोई छल-कपट को त्याग कर श्रद्धा-भक्ति से चतुर्थी का व्रत करेंगे उन्‍हें सभी प्रकार का सुख मिलेगा.

अब घर बैठे स्वयं ले सकते हैं विद्युत रीडिंग | MP NEWS

’स्मार्ट बिजली” एप से उपभोक्ताओं को उपलब्ध है ये सुविधा’

सिवनी : मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के द्वारा उपभोक्ताओं की सुविधाओं को देखते हुए सेल्फ फोटो रीडिंग की सुविधा प्रदान की गई है। इसके माध्यम से उपभोक्ता स्वयं भी अपने विद्युत खपत की जानकारी उपलब्ध करा सकते हैं।

उपभोक्ताओं को सर्वप्रथम गूगल प्ले स्टोर में उपलब्ध स्मार्ट बिजली एप डाउनलोड करना होगा। इसके पश्चात गेस्ट यूजर के तौर पर लॉगिन करें।

ओपन हुई अगली विंडो (पेज) पर मीटर रीडिंग अपलोड फोटो ऑप्शन का चयन करें। इसके पश्चात ओपन हुई अगली विंडो में उपभोक्ताओं को अपने विद्युत कनेक्शन सम्बंधी जानकारी (आईवीआरएस नम्बर) की प्रविष्टि करनी होगी।

इसके पश्चात अगली विंडो में एप के माध्यम से मीटर रीडिंग (जिसमें केडब्ल्यूएच) लिखा रहता है, उसकी फोटो लें तथा रीडिंग की अंको में भी प्रविष्टि कर सबमिट करें।

इस सरल प्रक्रिया के माध्यम से उपभोक्ता विद्युत खपत की जानकारी भेज सकते हैं। यह सुविधा प्रत्येक माह की 10 से 15 तारीख के मध्य उपलब्ध रहेगी।