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अजब गजब : यह शहर कहलाता है भारत का फ्रांस

अजब गजब : विश्व के नक्शे पर फ्रांस को देखकर अगर आपका भी मन करता है कि आप फ्रांस घूमने जाये और बहुत सी खूबसूरत यादें वहां से लेकर आएं तो आपका ये अरमान काफी हद तक पूरा हो सकता है और इसके लिए आपको खर्चे को लेकर ज्यादा परेशान होने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी क्योंकि आपके फ्रांस घूमने की चाहत तो भारत में ही पूरी हो जाएगी क्योंकि भारत का पुडुचेरी बिलकुल फ्रांस जैसा ही दिखाई देता है। यहाँ तक की फ्रांस से आने वाले लोग भी यहाँ आकर फ्रांस जैसा ही अनुभव करते हैं। तो चलिए, आज जानते हैं भारत के इस खूबसूरत फ्रांस के बारे में –

पुडुचेरी एक केंद्रशासित प्रदेश हैं जो भारतीय प्रायद्वीप के पूर्वी हिस्से में बसा है। इस छोटे से प्रदेश का इतिहास फ्रांस से जुड़ा हुआ है। 1673 ईस्वी में फ्रेंच लोग यहाँ आये और 1954 में ये भारतीय संघ का हिस्सा बना। इसकी बसावट समुद्र के किनारे होने के कारण भी यहाँ सैलानियों का ताँता लगा रहता है। दिल्ली से 2400 किलोमीटर दूर स्थित पुडुचेरी, भारत के खूबसूरत शहरों में से एक है और फ्रांस की सैर का आपका अरमान यहाँ बिना किसी पासपोर्ट और वीजा के ही पूरा हो जाएगा।

टाउन प्लानिंग

पुडुचेरी अपनी बेहतरीन टाउन प्लानिंग के लिए जाना जाता है। फ्रांसिसी लोगों के लिए यहाँ बनायी गयी टाउनशिप व्हाइट टाउन के नाम से पहचानी जाती है।

महात्मा गाँधी बीच

देश के कई महापुरुषों की प्रतिमाओं को पुडुचेरी के बीच पर लगाया गया है और प्रॉमीनाड बीच पर महात्मा गाँधी की प्रतिमा लगायी गयी है इसलिए इस बीच को महात्मा गाँधी बीच भी कहा जाता है।

फ्रेंच वॉर मेमोरियल

प्रॉमीनाड बीच पर लगी गांधीजी की प्रतिमा के सामने ही फ्रेंच वॉर मेमोरियल है जिसे उन फ्रांसिसी सैनिकों की याद में बनाया गया है जो प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए थे और इसी स्थान पर हर साल 14 जुलाई को फ्रेंच सैनिकों की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।

मनाकुला विलय कुलॉन मंदिर

पुडुचेरी में मौजूद गणेश जी का प्राचीन मंदिर 1673 से पहले बना था और इसे मनाकुला विलय कुलॉन मंदिर के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर में हाथी द्वारा भक्तों को आशीर्वाद दिया जाता है इसलिए इस मंदिर की मान्यता के साथ-साथ सैलानियों का रोमांच भी बढ़ जाता है।

सेक्रेड हार्ट कैथोलिक चर्च

पुडुचेरी का सेक्रेड हार्ट कैथोलिक चर्च पूरी दुनिया में मशहूर है जिसका निर्माण 1902 में शुरू हुआ था। इस चर्च में तमिल और अंग्रेजी भाषाओं में प्रार्थना होती है और एक साथ 2000 लोग इसमें प्रार्थना कर सकते हैं।

पुडुचेरी के कुछ खास स्थानों के बारे में जानकर आपको अंदाजा हो गया होगा कि पुडुचेरी की सैर फ्रांस घूमने के अरमान को काफी हद तक पूरा कर सकती है। यहाँ के खूबसूरत नजारें, बीच और चर्च जैसे दर्शनीय स्थलों को देखने के लिए यहाँ जरूर जाइये क्योंकि छुट्टियां बिताने के लिए ये बेहतरीन जगह है।

छिंदवाड़ा : कमलनाथ ने सर्जिकल स्ट्राइक पर उठाया सवाल, बोले- Modi सरकार ने कहां और कौन सी स्ट्राइक की?

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सर्जिकल स्ट्राइक पर बड़ा सवाल खड़ा करते हुए पूछा कि मोदी सरकार ने कहां सर्जिकल स्ट्राइक और कौन सी स्ट्राइक की.

छिंदवाड़ा: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सर्जिकल स्ट्राइक पर बड़ा सवाल खड़ा करते हुए पूछा कि मोदी सरकार ने कहां सर्जिकल स्ट्राइक और कौन सी स्ट्राइक की. गुरुवार को छिंदवाड़ा पहुंचकर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान पर तीखे हमले करते हुए कहा कि शिवराज श्रेय की राजनीति करते हैं और उनका मुंह बहुत चलता है.

मोदी सरकार पर सवाल उठाते हुए कमलनाथ ने कहा कि यह पाकिस्तान की बात करते है, इन्हें ध्यान नहीं कि इंदिराजी की सरकार के समय 90 हजार पाकिस्तानी जवानों ने समर्पण किया था. यह उसकी बात नहीं करते यह राष्ट्रवाद की बात करते है. इन्होंने कौन सी सर्जिकल स्ट्राइक की कब की कौन सी सर्जिकल स्ट्राइक की है, देश को खुलकर बताइये.

इससे पहले सागर जिले में आयोजित किए गए एक कार्यक्रम में कमलनाथ ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि मुंह चलाने और देश चलाने में बहुत अंतर होता है. CM कमलनाथ ने कहा था कि मोदी जी ध्यान मोड़ने के लिए कभी राष्ट्रवाद की बात करेंगे, कभी पाकिस्तान की बात करेंगे लेकिन नौजवानों और किसानों की बात नहीं करेंगे. मुंह चलाने में और देश चलाने में बहुत अंतर होता है.’ कमलनाथ इससे पहले भी बेरोजगारी, अर्थव्यवस्था समेत कई मुद्दों को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला बोल चुके हैं.

बताते चलें कि कमलनाथ सरकार द्वारा शहरी बेरोजगारों के लिए शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना’ के तहत बेरोजगारों को अब चार हजार रुपये की जगह पांच हजार रुपये मासिक मिलेंगे. सूबे के जनसंपर्क मंत्री पी. सी. शर्मा ने इस बारे में कहा था, ‘राज्य के शहरी गरीब युवाओं के लिए 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ‘मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना’ चलाई गई है. इस योजना में युवाओं को प्रशिक्षण के साथ चार हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाता है. इसे बढ़ाकर अब पांच हजार रुपये किया जा रहा है.’

Nirbhaya Case : निर्भया के दोषी की फांसी से बचने की चाल, वकील ने कहा- दिमागी हालत ठीक नहीं

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नई दिल्ली: निर्भया मामले के दोषियों की फांसी की सजा जैसे-जैसे नजदीक आती जा रही है, फांसी की सजा से बचने के लिए नए-नए तरीके सोचे जा रहे है. इसी कड़ी में पटियाला हाउस कोर्ट में दोषी विनय शर्मा के वकील एपी सिंह ने नई याचिका दाखिल की है, जिसके तहत विनय के मानसिक हालात ठीक नहीं होने का हवाला दिया गया है.

याचिका में कहा गया है कि उसे तुरंत शाहदरा स्थित मानसिक अस्पताल IHBAS में भर्ती कराया जाए. साथ ही उच्च स्तरीय मेडिकल जांच कराने की मांग की है. याचिका में विनय शर्मा की ओर से कहा गया है कि कोर्ट तिहाड़ जेल प्रशासन से रिपोर्ट मांगे.  वकील एपी सिंह के मुताबिक विनय शर्मा की दिमागी हालत ठीक नही है. 16 फरवरी को विनय ने दीवार में अपना सिर मारकर चोटिल कर लिया था साथ ही उसके हाथ में भी चोटें आईं थी. 

पटियाला हाउस कोर्ट में वकील एपी सिंह ने कहा विनय शर्मा की दिमागी हालत ठीक नहीं है. एपी सिंह ने कहा कि उसकी मानसिक स्थिति इतनी खराब है कि उसने आपने आप को चोट पहुंचाई है. कोर्ट से दरख्वास्त है कि जेल से इस बारे में जानकारी ले. विनय को हाई लेवल ट्रीटमेंट की जरुरत है. वहीं इस मामले पर तिहाड़ जेल ने विरोध जताया है.

तिहाड़ जेल प्रशासन के अनुसार दोषी विनय की तरफ से लगाई गई याचिका सुनने योग्य नहीं है. जेल मैन्युअल के तहत जो भी नियम दोषी के लिए हैं, वो किया जा रहा है. फिलहाल  कोर्ट ने तिहाड़ जेल प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वह विनय का ट्रीटमेंट कराएं. अगली सुनवाई शनिवार दोपहर 12 बजे होगी.  

मध्य प्रदेश : फिल्मों की शूटिंग के जरिए MP की ब्रांडिंग

भोपाल । कमल नाथ सरकार (Kamalnath Goverment) अब फिल्मों के जरिए भी मध्य प्रदेश की ब्रांडिंग करेगी। इसके लिए फिल्म पर्यटन नीति 2020 तैयार की गई है।

इसमें फिल्म की शूटिंग (निर्माण) प्रदेश में करने और स्थानीय कलाकारों को मौका देने पर अनुदान दिया जाएगा। यह ढाई करोड़ रुपए तक होगा। साथ ही फिल्म में राज्य सरकार के लोगो (चिन्ह) और शूटिंग के स्थान का भी उल्लेख करना होगा। सिंगल स्क्रीन सिनेमा, बंद सिनेमाघरों को फिर से शुरू करने, मौजूदा सिनेमा हॉल को अपग्रेड करने और मल्टीप्लेक्स की स्थापना पर भी अनुदान दिया जाएगा। फिल्म सिटी, फिल्म स्टूडियो, कौशल विकास केंद्र की स्थापना में भी सरकार प्रोत्साहन देगी।

जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा (P C SHARMA) ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि पहली फिल्म की शूटिंग 50 से 75 फीसदी तक प्रदेश में करने पर एक से डेढ़ करोड़ रुपए, दूसरी फिल्म के लिए सवा करोड़ से पौने दो करोड़ रुपए और तीसरी फिल्म के लिए डेढ़ से दो करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा। यदि 75 फीसदी से अधिक फिल्म की शूटिंग प्रदेश में की जाती है और यहां के स्थलों को प्रमुखता से दिखाया जाता है तो 50 लाख रुपए अतिरिक्त राशि दी जा सकेगी। इसका फैसला फिल्म फेसिलिटेशन सेल करेगी। टीवी सीरियल और डाक्यूमेंट्री फिल्मों के लिए भी अनुदान दिया जाएगा। फिल्म सिटी, स्टूडियो निर्माण और उपकरणों के लिए एक से पांच करोड़ रुपए तक अनुदान मिलेगा।

नीति में प्रदेश को पर्यटन को प्रोत्साहित करने कई और प्रावधान भी किए गए हैं। बैठक में सिंगरौली हवाई अड्डे की जगह अब हवाई पट्टी का निर्माण करने का निर्णय लिया गया। इसमें दो हेलीपैड, एक हैंगर, प्रशासनिक भवन और स्टाफ क्वार्टर भी बनाया जाएगा। इसमें जनभागीदारी से 18.75 करोड़ रुपए जुटाए जाएंगे। जबकि 16.75 करोड़ रुपए खनिज निधि से खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने 31 दिसंबर तक निर्माण कार्य हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि रखरखाव का काम निजी कपंनियां ही करेंगी।

एक दिन में मिलेंगी 25 अनुमतियां :
निवेश को बढ़ावा देने और उद्योग मित्र माहौल बनाने के लिए देश में पहली बार एक दिन में 25 अनुमतियां और लाइसेंस ऑनलाइन दिए जाएंगे। इसके लिए कैबिनेट ने मध्यप्रदेश टाइम बॉन्ड क्लीयरेंस एक्ट के मसौदे को मंजूदी दे दी। अब विधेयक विधानसभा के बजट सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा। समयसीमा में यदि स्वीकृतियां नहीं दी जाती हैं तो इन्वेस्ट पोर्टल से स्वतः डीम्ड अनुमतियां जारी हो जाएंगी। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।

एक से 15 दिन में मिलेंगी अनुमतियां :
टाइम बॉन्ड क्लीयरेंस अधिनियम में उद्योगों को अनुमतियां व लाइसेंस एक से 15 दिन में मिलेंगी। 25 अनुमतियां व लाइसेंस एक दिन में मिलेंगे। वहीं, 10 अनुमतियां ऐसी हैं जो सात दिन और पांच मामलों के लिए अधिकतम समयसीमा 15 दिन तय किए गए हैं। यह सुविधा उद्योग, लघु उद्योग, आईटी और पर्यटन के क्षेत्र में निवेश करने वालों को मिलेगी।

सिवनी : सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट – एक गिरफ्तार

सिवनी। कोतवाली सिवनी अंतर्गत पुलिस ने सोशल मीडिया फेसबुक में आपत्तिजनक साम्प्रदायिकता भड़काने वाली पोस्ट डालने पर जनपद पंचायत छिन्दवाड़ा में पदस्थ कौशल किशोर भारती के विरूद्ध प्रकरण दर्ज किया है।

इस संबंध में नगर निरीक्षक मनोज गुप्ता ने आज जानकारी दी कि कौशल किशोर भारती गंज वार्ड सिवनी निवासी जो कि एक शासकीय कर्मचारी है और वह छिन्दवाड़ा जिले की जनपद पंचायत में उपयंत्री पद पर पदस्थ है।

सिवनी नगर के गंज क्षेत्र में रहने वाले उक्त शासकीय कर्मचारी के द्वारा सोशल मीडिया फेसबुक में एक धर्म विशेष व पवित्र ग्रंथ के विरूद्ध आपत्ति जनक पोस्ट डाली गई थी, जिसकी लोगों ने शिकायत दर्ज करायी थी।

इस मामले में कोतवाली पुलिस ने आरोपी कौशल किशोर भारती के विरूद्ध भादवि की धारा 153ए व 295ए के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है तथा माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जायेगा।

महाशिवरात्रि : महाशिवरात्रि कब है ? महाशिव रात्रि व्रत विधान | महाशिवरात्रि व्रत कथा |Maha Shivaratri

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महाशिवरात्रि : महाशिवरात्रि कब है ? महाशिव रात्रि व्रत विधान | महाशिवरात्रि व्रत कथा |Maha Shivaratri

इस वर्ष 2020 में महाशिवरात्रि का पवित्र पर्व 21 फरवरी को आ रहा है। भगवान भोलेनाथ शिव शंकर को प्रसन्न करने का यह शुभ दिन सभी हिन्दू भक्तों के लिए विशेष होता है। 

इस साल महाशिवरात्रि 21 फरवरी 2020 को शाम को 5 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर अगले दिन यानी 22 फरवरी दिन शनिवार को शाम सात बजकर 2 मिनट तक रहेगी। चुंकि 22 तारीख को पंचक प्रारंभ हो रहा है असलिए 21 फरवरी को ही महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। 

रात्रि प्रहर की पूजा शाम को 6 बजकर 41 मिनट से रात 12 बजकर 52 मिनट तक होगी। अगले दिन सुबह मंदिरों में भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा की जाएगी। हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन आने वाली शिवरात्रि को सिर्फ शिवरात्रि कहा जाता है।

लेकिन फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी के दिन आने वाले शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाता है। साल में होने वाली 12 शिवरात्रियों में से महाशिवरात्रि सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है।

महाशिव रात्रि (maha shivaratri) का व्रत फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को किया जाता है। माना जाता है कि सृष्टि के प्रारंभ में इसी दिन मध्य रात्रि में भगवान शंकर का रुद्र के रूप में अवतरण हुआ था।

प्रलय की बेला में इसी दिन प्रदोष के समय भगवान शिव तांडव करते हुए ब्रह्माण्ड को तीसरे नेत्र ज्वाला से समाप्त कर देते हैं। इसलिए इसे महाशिवरात्रि (maha shivaratri) और कालरात्रि भी कहा गया है।

महाशिव रात्रि व्रत विधान | shivratri vrat vidhan

Shivratri vrat vidhan विधान :- त्रयोदशी को एक बार भोजन करके चतुर्दशी को दिन भर निराहार रहना पड़ता है। पत्र पुष्प तथा सुंदर वस्त्रों से मंडप तैयार करके वेदी पर कलश की स्थापना करके गौरी शंकर की स्वर्ण मूर्ति तथा नंदी की चांदी की मूर्ति रखनी चाहिए।

कलश को जल से भरकर रोली, मोली, चावल, पान, सपारी लौंग, इलायची, चंदन, दूध, घी, शहद, कमलगट्टा, धतूरा, बेल पत्र आदि का प्रसाद शिव को अर्पित करके पूजा करनी चाहिए।

रात को जागरण करके चार बार शिव आरती का विधान आवश्यक है। दूसरे दिन प्रात: जौ, तिल, खीर तथा बेलपत्र का हवन करके ब्राह्मणों को भोजन करवाकर व्रत का पारण करना चाहिए। भगवान शंकर पर चढ़ाए गए नैवेद्य को खाना निषिद्ध है। जो इस नैवेद्य का भक्षण कर लेता है, वह नरक को प्राप्त होता है।

इस कष्ट के निवारण के लिए शिव की मूर्ति के पास शालिग्राम की मूर्ति रखते हैं। यदि शिव की प्रतिमा के पास शालिग्राम की मूर्ति होगी तो नैवेद्य खाने पर कोई दोष नहीं लगता।

महाशिवरात्रि व्रत कथा | maha shivaratri vrat katha

maha shivaratri कथा :- एक गांव में एक शिकारी रहता था। वह शिकार करके अपने परिवार का पालन करता था। एक बार उस परसाहूकार का ऋण हो गया। ऋण न चुकाने पर सेठ ने उसे शिव मंदिर में बंदी बना लिया।

उस दिन शिवरात्रि ( shivratri ) थी। वह शिव संबंधी बातें ध्यानपूर्वक देखता एवं सुनता रहा। संध्या होने पर सेठ ने उसे अपने पास बुलाया। शिकारी अगले दिन ऋण चुकाने का वायदा कर सेठ की कैद से छूट गया और वन में एक तालाब के किनारे बेल-वृक्ष पर शिकार करने के लिए मचान बनाने लगा।

उस वृक्ष के नीचे शिवलिंग स्थित था। वृक्ष के पत्ते मकान बनाते समय शिवलिंग पर गिरे। इस प्रकार दिनभर भूखे रहने से शिकारी का व्रत भी हो गया और शिवलिंग पर बेलपत्र भी चढ़ गए। एक पहर व्यतीत होने पर एक गर्भिणी हिरणी तालाब पर पानी पीने निकली। शिकारी ने उसे देखकर धनुष बाण उठा लिया।

वह हिरणी कातर स्वर में बोली, “मैं गर्भवती हूं। मेरा प्रसव काल समीप ही है। मैं बच्चे को जन्म देकर शीघ्र ही तुम्हारे सामने उपस्थित हो जाऊंगी।” शिकारी ने उसे छोड़ दिया।

कुछ देर बाद एक दूसरी हिरणी उधर से निकली। शिकारी ने फिर धनुष पर बाण चढ़ाया। हिरणी ने निवेदन किया, “हे व्याघ्र महोदय! मैं थोड़ी देर पहले ऋतु से निवृत्त हुई हूं। कामातुर विरहिणी हूं।

अपने पति से मिलान करने पर शीघ्र तुम्हारे समक्ष। प्रस्तुत हो जाऊंगी।” शिकारी ने उसे भी छोड़ दिया। रात्रि के अंतिम पहर में एक मुर्गी अपने बच्चों के साथ उधर से निकली।

maha shivratri 2020

शिकारी ने शिकार हेतु धनुष पर बाण चढ़ाया। वह तीर मारने ही वाला था कि वह मृगी बोली,”मैं इन बच्चों को इनके पिता के पास छोड़ आऊं, तब मुझे मार डालना ।

मैं बच्चों के नाम पर आपसे दया की भीख मांगती हूं।” शिकारी को इस पर भी दया। आई और उसने उसे भी छोड़ दिया। पौ फटने को हुई तो एक स्वस्थ हिरन आता दिखाई दिया।

शिकारी उसका शिकार के लिए उद्यत हो गया। हिरण बोला, “व्याघ्र महोदय यदि तुमने इससे पहले तीन मुर्गियां तथा उनके बच्चों को मार दिया हो, तो मुझे भी मार दीजिए ताकि मुझे उनका वियोग न सहना पडे।

मैं उन तीनों का पति हूं। यदि तुमने उन्हें जीवन दान दीया हो तो मुझ पर भी कुछ समय के लिए कृपा करें। मैं उनसे मिलकर तुम्हारे सामने आत्मसमर्पण कर दूंगा।” मृग की बात सुनकर रात की समस्त घटनाएं एक-एक कर उसके दिमाग में घूम गई।

उसने मृग को सारी बातें बता दी। उपवास, रात्रि जागरण तथा शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ने से उसमें भगवद् भक्ति का जागरण हो गया, अत: उसने मृग को भी छोड़ दिया।

भगवान शिव की अनुकंपा से उसका हृदय मांगलिक भावों से भर गया। अपने अतीतके कर्मों को याद करके वह पश्चाताप की अग्नि में जलने लगा।

थोड़ी देर बाद हिरण सपरिवार शिकारी के सामने उपस्थित हो गया। जंगली पशुओं की सत्यप्रियता, सात्विकता एवं सामूहिक प्रेम-भावना को देखकर उसे बडी ग्लानि हुई। उसके नेत्रों से आंसुओं की झड़ी लग गई।

उसने हिरण परिवार को मुक्त कर दिया। देवता इस घटना को देख रहे थे। उन्होंने आकाश से उस पर पुष्प वर्षा की तथा दो पुष्पक विमान भेजकर शिकारी तथा मृग परिवार को शिवलोक (maha shivaratri ) का अधिकारी बना दिया।

IGNOU Result 2019: UG/PG Term-End exam result declared, ऐसे करें चेक

UG/PG Term-End Exam Result Declared : IGNOU

IGNOU Result 2019: UG/PG Term-End exam result declared : इग्नू ने सभी टर्म-एंड परीक्षा के लिए 31 जनवरी को परिणाम का पहला सेट जारी किया है और अब दूसरा सेट जारी किया गया है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने दिसंबर 2019 के महीने में आयोजित किए गए टर्म-एंड एग्जामिनेशन (UG/PG Term-End Exam TEE) के दूसरे सेट को आज 31 जनवरी, 2020 घोषित किया है।

टीईई दिसंबर 2019 परीक्षा परिणाम का पहला सेट 31 जनवरी को जारी किया गया था और यह दूसरा सेट है। इग्नू वेबसाइट में कहा गया है, “टर्म-एंड(UG/PG Term-End), असाइनमेंट, प्रैक्टिकल और प्रोजेक्ट अवार्ड के शेष परिणाम एक सतत प्रक्रिया है और इसे जल्द ही अपडेट किया जाएगा।” विश्वविद्यालय विभिन्न यूजी / पीजी पाठ्यक्रमों के लिए खुले विश्वविद्यालय द्वारा साल में दो बार टर्म-एंड परीक्षा आयोजित करता है, एक बार दिसंबर में और एक बार जून में। और विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए 2019 दिसंबर का परिणाम सामने आया है।

इग्नू देश का एक प्रतिष्ठित खुला विश्वविद्यालय है जो उम्मीदवारों के लिए विभिन्न पाठ्यक्रम प्रदान करता है जिसमें स्नातक, स्नातकोत्तर, पी.एचडी और व्यावसायिक पाठ्यक्रम शामिल हैं। सभी छात्र जो दिसंबर 2019 के महीने में आयोजित टीईई परीक्षा के लिए उपस्थित हुए थे, अब आधिकारिक वेबसाइट ignou.ac.in पर परिणाम की जांच कर सकते हैं ।

How to check IGNOU 2019 June Term-End exam results
इग्नू 2019 जून टर्म-एंड परीक्षा परिणाम की जांच कैसे करें

  1. इग्नू की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं ।
  2. होम पेज पर ‘रिजल्ट’ टैब पर क्लिक करें।
  3. बाएं पैनल पर ‘टर्म-एंड’ लिंक पर क्लिक करें।
  4. दिसंबर 2019 परीक्षा परिणाम के लिए परिणाम पर क्लिक करें।
  5. नौ अंकों की नामांकन संख्या दर्ज करें और ‘सबमिट’ पर क्लिक करें।
  6. परिणाम प्रदर्शित किया जाएगा जिसे आवश्यकता होने पर प्रिंट किया जा सकता है।

Candidates can access the IGNOU TEE December 2019 results in this direct link.

IGNOU Result 2019

IGNOU December 2019 UG/PG Term-End exam result declared; check at ignou.ac.in

IGNOU has released the first set of results on January 31st for all the Term-End Examination and now the second set has been released.

Indira Gandhi National Open University (IGNOU) has declared the second set of Term-End Examination (TEE) results conducted in the month of December 2019 today, January 31st, 2020. All the students who had appeared for the TEE exam conducted in the month of December 2019 can check the result now at the official website, ignou.ac.in.

The first set of TEE December 2019 exam result was released on January 31st and this is the second set. The IGNOU website states, “Remaining results of Term-End, Assignment, Practical and Project awards is a continuous process and will be updated soon.”The University conducts Term-end examination twice in a year by the open university for various UG/PG courses, once in December and once in June. and the result for the 2019 December for various courses have come out.

Candidates can access the IGNOU TEE December 2019 results in this direct link.

IGNOU is a prestigious open university of the country which provides various courses for candidates which includes undergradudate, postgraduate, P.hD, and professional courses.

How to check IGNOU 2019 June Term-End exam results:

  1. Visit the IGNOU official website.
  2. Click on the ‘Result’ tab on the home page.
  3. Click on the ‘Term-End’ link on the left panel.
  4. Click on the result for December 2019 exam result.
  5. Enter the nine-digit enrollment number and click on ‘Submit’.
  6. The result will be displayed which can be printed out if required.

सिवनी : CBI करे सिवनी रोड रेज घटना की जांच, रचा जा रहा है षड्यंत्र – श्री राम सेना

श्री राम सेना के प्रांतीय अध्यक्ष शुभम सिंह बघेल को फ़साने के लिए रचा जा रहा है षड्यंत्र
श्रीराम सेना के कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन, मांग पूरी ना होने पर होगा बड़ा जन आंदोलन

सिवनी : मामला डूंडा सिवनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत का है जहां पर दिनांक 16/02/2020 की देर शाम लगभग 6:30 बजे सलुआ घाटी मे घटित दुखद रोड रेज की घटना में एक व्यक्ति की मोत हो गई जिस पर थाना डूंडासिवनी पुलिस ने कुछ अल्पसंख्यक समुदाय के लोगो दबाव दिया गया.

जिसके चलते दबाब में आकर गलत रूप से धारा 302 भारतीय दंड विधान का अपराध दर्ज कर लिया जो की डूंडासिवनी पुलिस की कार्यवाही कानून का दुरुपयोग की श्रेणी में आती है. जिसका लाभ लेते हुए कुछ अल्पसंख्यक समुदाय लोगों ने प्रशासन पर गलत रूप से दबाव बनाकर कल दिनांक 18/02/2020 को सिवनी शहर के कटंगी नाका बाईपास पर घंटों हजारों की संख्या में सर्वजनिक रास्ते को चक्का जाम किया.

उक्त घटना में शुभम बघेल जो कि श्रीराम सेना हिन्दू संगठन के बेहद सक्रिय कार्यकर्ता है उन्हें आरोपी बनाए जाने की मांग कर रहे थे इसके साथ प्रशासन की ओर से चक्का जाम का वीडियो बना रहे राजस्व निरीक्षक राणा के साथ भी प्रदर्शनकारियों द्वारा गंभीर रूप से मारपीट की गई है।

उल्लेखनीय होगा कि रास्ता रोके रहने, शासकीय कर्मचारियों के लोक कर्तव्यों में बाधा, मारपीट, हमला इत्यादि संबंध में चक्का जाम कर रहे लोगों पर कोई अपराध दर्ज ना होना जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह उठाता है । आपको बता दें कि इसके पूर्व भी सिवनी जिले में धारा 144 लगे रहने के दौरान सी.ए. ए. के विरोध में छोटी मस्जिद चौक सिवनी में भी अल्पसंख्यक समुदाय के लगभग 800 लोग नेे घंटों नारेबाजी करते हुये जाम लगाया था जिस पर भी जिला प्रशासन द्वारा प्रदर्शनकारियों पर अपराध दर्ज नहीं किया गया था

जिससे प्रदर्शनकारियों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं और वह आए दिन सिवनी शहर की सड़कों को जाम करने का साहस करते नजर आते हैं , जिससे आम जनता बेहद परेशान होती है एवं शहर में डर का माहौल उत्पन्न होता है और लोगों का नियमों कानूनों पर से विश्वास उठता है ।

घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे शुभम बघेल
श्रीराम सेना के कार्यकर्ताओं का कहना है कि हम राज्यपाल महोदय का ध्यान इस ओर आकर्षित करना चाहते हैं कि सेल्युवा घाटी सिवनी में घटित घटना के समय 5:30 से 7:20 बजे तक सुभम बघेल घटना स्थल के आसपास नही थे ,ऐसी स्थिति में उस घटना मे नाम झूठे रूप से जोडा जा रहा है जो पूर्णता गलत एवं अनुचित है ।

इस बात पर भी गौर किया जाना चाहिए कि उक्त दुखद घटना में जिस युवक की जान गई है वह दूसरे प्रदेश का है एवं काफी समय लंबे समय से अपनी पहचान छुपाकर बगैर मुसाफिर दर्ज किए सिवनी में निवास कर रहा था जो कि पुलिस प्रशासन की भी भारी त्रुटि के दायरे में आता है एवं प्रशासन अपनी इन कमजोरियों को छिपाते हुए अल्पसंख्यक समुदाय के दबाव में आकर नियमों को ताक पर रखकर निर्दोष व्यक्तियों पर कार्रवाई कर रहा है ।

श्रीराम सेना के कार्यकर्ताओं ने अपने ज्ञापन में उक्त संपूर्ण मामले में सीबीआई जांच की मांग की है यदि ऐसा नहीं किया जाता तो वह भी निष्पक्ष न्याय हेतु सड़कों पर उतरने के लिए एवं एक बड़ा जन आंदोलन करने के लिए भविष्य पर बाध्य होंगे उनका कहना है कि सिवनी में अल्पसंख्यक समुदाय आए दिन इसी प्रकार से भीड़ एकत्रित कर माबलिचिंग कर प्रशासन पर अनियंत्रित दबाव निर्मित कर निर्दोष लोगों को प्रताड़ित करने झूठे मामले में फंसाए जाने की कार्यवाही की जा रही है जो कि प्रजातंत्र में उचित नहीं है ।

सिवनी : 21 फरवरी को होगा शिव-पार्वती का विवाह, भोलेनाथ की बारात का सभी को है इंतजार

सिवनी. सिद्धपीठ मठ मंदिर प्रांगण से शिवरात्रि पर्व के अवसर पर शाम पांच बजे महादेव की बारात निकलेगी, जिसकी तैयारियां लगभग पूर्ण हो चुकी है। वहीं बारात में भूत, पिशाच आदि वेषधारी बाराती शामिल होंगे जिन्होंने भी अपनी तैयारियां लगभग पूर्ण कर ली हैं। सभी को महादेव भोलेनाथ की बारात का अब इंतजार है।

आगामी 21 फरवरी महाशिवरात्रि पर्व के अवसर हर वर्ष के अनुसार भगवान शिव एवं माँ पार्वती का विवाह आयोजित होगा. मठ महाकाल समिति द्वारा आयोजित महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर देवाधिदेव महादेव एवं जगत जननी माता पार्वती के इस प्रतीकात्मक विवाह में आप सभी अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर पुण्य लाभ अर्जित करें

विवाह में सम्मिलित होंगे समस्त देवी देवता भूत प्रेत और आप और हम
देवाधिदेव महादेव के भव्य बारात 21 फ़रवरी की शाम 5 बजे स्थानीय सिद्ध पीठ मंदिर से होकर नवदीप स्कूल ढीमरी मोहल्ला चंडी चौक एलआईवी चौक मारुति मंदिर दुर्गा चौक होते हुए गिरजा कुंज पहुंचेगी तत्पश्चात महेश मालू ज्वेलर्स के सामने से नगरपालिका चौक से होते हुए शंकर मढ़िया महावीर मढ़िया होते हुए छिंदवाड़ा चौक पहुंचेगी.

जहाँ वधु पक्ष गणेश मंदिर के सौजन्य से माता पार्वती का प्रतिकात्मक विवाह भगवान शिव के साथ होगा। इस आयोजन में वर एवं वधु पक्ष की ओर से भगवान शिव एवं पार्वती के विवाह के लिए व्यापक तैयारियां लगभग कर ली गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वधु पक्ष की ओर से गणेश मंदिर समिति, महावीर मढिय़ा समिति, शनि मंदिर छिंदवाड़ा रोड, हनुमान मंदिर गंज वार्ड, नागेश्वर मंदिर समिति, अंजनी किशोर व्यायाम शाला, दुर्गा उत्सव समिति, नव दुर्गा उत्सव समिति, खैरापति मंदिर समिति, एफसीआई मार्ग, दुर्गा उत्सव समिति, महाकाली दुर्गा उत्सव समिति, शनि मंदिर दुर्गा उत्सव समिति, रेलवे स्टेशन दुर्गा पूजा समिति, नस फेक्ट्री दुर्गा उत्सव समिति, माँ शक्ति दुर्गा उत्सव समिति एवं दादू धर्मशाला दुर्गा उत्सव समिति बारात की आगवानी करेंगे।

सिवनी : राजस्व लोक अदालत का हुआ आयोजन

सिवनी जिले में राजस्व लोक अदालत का हुआ आयोजन

सिवनी : शासन के निर्देशानुसार जिले के सभी तहसील कार्यालयों सहित तहसील सिवनी कार्यालय में भी राजस्व लोक अदालत का आयोजन बुधवार 19 फरवरी को किया गया ।

जिसमें आमजनों को राजस्व विभाग से जुड़े फौती, अविवादित नामंतरण एवं बटवारे जैसे प्रकरणों का मौके में निराकरण किया गया । कार्यक्रम में अपर कलेक्टर श्रीमती रानी बाटड द्वारा आमजनों को राजस्व लोक अदालतों के आयोजन में शासन की मंशा के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि आमजनों की सुविधा एवं उनके समय की बचत हेतु शासन के निर्देशानुसार राजस्व लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है ताकि लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण हो सके ।

उक्त कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री जे.पी.सैयाम, डिप्टी कलेक्टर सुश्री सोनल सेडाम एवं तहसीलदार सिवनी श्री प्रभात मिश्रा सहित अन्य राजस्व अधिकारियों की उपस्थिति रही।