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MP में Covid-19 से दूसरी मौत, इंदौर में 35 वर्षीय युवक की इलाज के दौरान मौत

इंदौर: मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस जानलेवा होता जा रहा है. गुरुवार को कोविड 19 से संक्रमित लोगों की मौत का आकंडा बढ़कर दो हो गया. बुधवार को उज्जैन निवासी बुजुर्ग महिला के बाद आज इंदौर में कोरोना पॉजिटिव 35 वर्षीय युवक ने दम तोड़ दिया. युवक इलाज के लिए एमवाय अस्पताल में भर्ती था. बताया जा रहा है कि उसे कोरोना के अलावा कुछ दूसरी बीमारियां भी थीं. इंदौर CMHO डॉ प्रवीण जड़िया ने युवक की मौत की पुष्टि की है.

18 कोरोना पॉजिटिव मरीजों का इलाज जारी
बता दें कि अब तक मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस के 20 मामले सामने आए हैं, जिसमें दो लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि 18 का इलाज जारी है. सूबे में सबसे ज्यादा मामले इंदौर से सामने आए हैं. जिले में 8 लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है. वहीं जबलपुर में 6, भोपाल में 2 और 1-1 कोरोना पॉजिटिव केस की पुष्टि शिवपुरी और ग्वालियर से हुई है. जानकारी के मुताबिक, 1422 के सैंपल संदिग्ध के तौर पर जांच किए जा रहे हैं. जबकि 890 लोगों को क्वॉरेंटाइन किया गया है.

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए भोपाल के हमीदिया में 600 बेड रिजर्व किये गए हैं. इसके अलावा इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रीवा मेडिकल कालेज से जुड़े अस्पतालों को रीजनल कोरोना पेशेंट ट्रीटमेंट सेंटर बनाया गया है.

अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने चीन पर एक्शन क्यों नहीं लिया? Trump के निशाने पर WHO

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नई दिल्ली: कोरोना वायरस (corona virus) से दुनियाभर में अब तक 21 हजार लोग मारे जा चुके हैं. इस महासंकट से अब तक 196 देश प्रभावित हैं और करीब पौने पांच लाख लोग इससे संक्रमित हैं. इस बीच अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप (Donald Trump) ने विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (World Health Organisation) पर निशाना साधा है. ट्रंप ने कहा कि डब्‍ल्‍यूएचओ (WHO) ने कोरोना वायरस संकट पर चीन (China) का ‘बहुत ज्‍यादा पक्ष’ लिया. अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने कहा कि दुनियाभर में कई लोग डब्‍ल्‍यूएचओ के रवैये से नाखुश हैं और यह महसूस करते हैं कि ‘यह बहुत गलत हुआ.’ 

ट्रंप ने यह जवाब डब्‍ल्‍यूएचओ के चीन के तरफदारी करने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब डब्‍ल्‍यूएचओ के डायरेक्‍टर टेडरोस अधनोम चीन को लेकर दुनियाभर में कई लोगों के निशाने पर चल रहे हैं. 

नवंबर में वुहान में सामने आया था कोरोना वायरस का पहला केस 
चीन के वुहान में कोरोना वायरस का पहला मामला नवंबर में सामने आया था. तब वुहान के अस्पताल के डॉक्टर ली वेनलियांग ने पहली बार प्रशासन को इस वायरस के खतरे के बारे में आगाह किया था लेकिन डॉक्टर ली वेनलियांग को प्रशासन की ओर से धमकाया गया और यहां तक कि उन्हें पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया. मार्च के शुरुआती महीने में ली वेनलियांग की मौत भी हो गई, तब चीन की ओर से दावा किया गया कि डॉक्टर ली की मौत कोरोना वायरस के कारण हुई थी. हालांकि उनकी मौत को भी लेकर तरह-तरह के दावे किए गए. 

जनवरी में वुहान शहर में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ने लगे. तब भी चीन ने हेल्थ इमरजेंसी लगाने से इंकार कर दिया था. चीन में कोरोना के कहर को देखते हुए कई देशों ने वुहान के लिए विमान सेवा रोक दी. इसके बाद भी चीन ने किसी तरह का लॉकडाउन नहीं किया. 23 जनवरी को चीन ने वुहान को लॉकडाउन किया, तब तब कोरोना वायरस के संक्रमण में आए 5 लाख लोग वुहान से अलग-अलग देशों की यात्राएं कर चुके थे. 

कोरोना को रोक पाने में WHO नाकाम रहा 
कोरोना वायरस के चीन में बढ़ते मामलों के बावजूद विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया. फरवरी बीत गया लेकिन WHO ने चीन को महामारी नहीं माना. मार्च महीने में जाकर WHO ने कोरोना को महामारी घोषित की. सवाल है कि इस दौरान जब कोरोना चीन में और दूसरे देशों में तेज़ी से फैल रहा था, तो WHO ने चीन के खिलाफ किसी तरह का एक्शन क्यों नहीं लिया. अगर WHO वक्त रहते कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर  देता और चीन पर एक्शन ले लेता तो कोरोना दुनिया के कई देशों में अपने पांव नहीं पसार पाता.

चीन की तारीफ पड़ी भारी, ट्रंप के निशाने पर WHO
WHO के इसी रवैये को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप भी सवाल खड़ा कर चुके हैं. ट्रंप ने सीधे-सीधे WHO पर चीन का पक्ष लेने का आरोप जड़ दिया. ट्रंप ने कहा कि दुनियाभर में कई लोग WHO के रवैये से नाखुश हैं और यह महसूस करते हैं कि ‘यह बहुत गलत हुआ.’ 

सिवनी जिले में 31 मार्च तक कर्फ्यू के आदेश

लोगो का घरों से निकलना पूरी तरह प्रतिबंधित

सिवनी : कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री प्रवीण सिंह द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम हेतु जनसामान्य के स्वास्थ्य सुरक्षा एवं लोक शांति बनाए रखने तथा सोशल डिस्टेंसिंग का शक्ति से पालन कराएं जाने हेतु दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत संपूर्ण सिवनी जिले में 26 मार्च रात्रि 8:00 बजे से 31 मार्च रात्रि 12:00 बजे तक कर्फ्यू के आदेश दिए गए हैं।

जारी आदेशानुसार किसी भी व्यक्ति के सिवनी जिले के राजस्व सीमा में स्थित सड़क,सार्वजनिक स्थल, सार्वजनिक मार्ग अथवा अन्य किसी भी स्थल पर एकत्रित होने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगया गया है। सिवनी सीमा में निवासरत रहवासियों को निर्देशित किया गया है कि वहां अपने घरों में ही रहे ताकि सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित की जा सके। लोगों का घरों से निकलना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

उक्त आदेश के क्रियान्वयन में छूट का प्रावधान किया गया है –
शासकीय अथवा निजी चिकित्सा संस्था एवं उस में कार्यरत अधिकारी कर्मचारी एवं अधीनस्थ अमला, पुलिस बल, नगर पालिका,कार्यपालक मजिस्ट्रेट, विद्युत मंडल, इंटरनेट टेलीकॉम प्रोवाइडर, लोक शांति अथवा अन्य शासकीय कार्य संपादित करने नियुक्त अधिकारी कर्मचारी, आवश्यक वस्तुओं के घर पहुंच सेवा करने वाले कर्मचारी तथा रसोई गैस सिलेंडर वितरित करने वाले कर्मचारी, इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के प्रतिनिधि ( मीडिया संस्थान द्वारा जारी वैध आईकार्ड धारी, मात्र कवरेज उद्देश्य हेतु ) दवा दुकानें ,समस्त प्रकार के इंधन परिवहन के साधन एवं भंडारण, डिपो, वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी, शव यात्रा वाहन (अधिकतम 10 व्यक्ति सम्मिलित हो सकेंगे) बैंक,एलआईसी, एटीएम, दवा, सैनिटाइजर, मास्क चिकित्सकीय उपकरण, दवा में उपयोग में लाई जाने वाली कच्ची सामग्री के प्रतिष्ठान, निर्माण इकाई में कार्यरत कर्मचारी एवं निर्मित सामग्री अथवा उत्पादित सामग्री पर लागू नहीं होंगे ।

इसी तरह फसल कटाई कार्य में अधिकतम पांच व्यक्ति एवं हार्वेस्टर स्ट्रिपर तथा थ्रेसर मशीन से फसल कटाई हेतु अधिकतम पांच व्यक्ति को अनुमति रहेगी। इसी तरह सक्षम प्राधिकारी कलेक्टर, अपर कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा जारी पासधारी को छूट प्रदान की जाएगी। दैनिक जीवन की आवश्यक वस्तु के लिए समय-समय पर पृथक से निर्देश जारी किए जाएंगे। यह आदेश दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (2) के तहत एक पक्षीय पारित किया गया है ।

आदेश से व्यथित व्यक्ति दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (5) के अंतर्गत कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकेगा । अत्यंत विशेष परिस्थितियों में आवेदक से संतुष्ट होने पर आवेदक को कुछ शर्तों में छूट प्रदान की जाएगी इस आदेश का उल्लंघन भारतीय दंड विधान की धारा 188 के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आएगा।

कोरोना :G20 देशों की ऑनलाइन आपात बैठक शुरू, पीएम मोदी भी मौजूद

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नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ जंग कैसे जीती जाए, इसके समाधान के लिए G20 की आपात बैठक शुरू हो गई है. इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मौजूद हैं. कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार ये सम्मेलन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हो रहा है. इसलिए इसे जी-20 वर्चुअल समिट नाम दिया गया है.

इस बार सऊदी अरब ने जी-20 सम्मेलन का आयोजन किया है. बुधवार को ही पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा था कि कोविड-19 महामारी का सामना करने में जी-20 एक अहम रोल अदा करने वाला है. ऐसे में माना जा रहा है कि आज की बैठक में कोरोना वायरस की रोकथाम और इसका असर कम करने के उपाय पर पर पर प्रभावी चर्चा होगी.

खुद पीएम मोदी ने कहा था कि वो आज इस मुद्दे पर पर प्रभावी और लाभकारी चर्चा की उम्मीद कर रहे हैं. गौरतलब है कि जी-20 शिखर सम्मेलन में 19 औद्योगिक देश और यूरोपियन यूनियन शिरकत कर रहे हैं.

सिवनी की नैनी श्रीवास्तव की कोरोना पर अभिप्रेरक कविता, देखे वीडियो

सिवनी की नैनी श्रीवास्तव की कोरोना पर अभिप्रेरक कविता, देखे वीडियो

दिल्ली : कोरोना वायरस के 5 नए पॉजिटिव, मरीजों की संख्या 35

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देश की राजधानी दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 5 नए मामले सामने आए हैं। इनमें से एक मरीज हाल ही में विदेश यात्रा से लौटा है। COVID-19 के इन पांच पॉजिटिव केसों के बाद अब दिल्ली में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या बढ़कर 35 हो गई है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार शाम यह जानकारी दी।

केजरीवाल ने कहा कि जो लोग अपने पड़ोस या कॉलोनियों में स्थित किराना की दुकानों से सामान खरीदते हैं  उन्हें कर्फ्यू पास की आवश्यकता नहीं है। लोगों को अपनी स्थानीय किराना की दुकानों तक जाने के लिए किसी पास की आवश्यकता नहीं है। आप अपनी स्थानीय किराना दुकानों से सब्जियां, दवाएं, दूध और अन्य चीजें खरीद सकते हैं।

केजरीवाल ने कहा कि जो लोग जरूरी सेवाओं से जुड़े हुए हैं उन सब लोगों को हम पास देंगे, जिनके पास ID है वो ID का इस्तेमाल करें। बाकी जिनके पास ID नहीं है वो ई-पास का इस्तेमाल करें। ई-पास के लिए आप 1031 पर फोन करें। ये जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए हैं आम लोगों के लिए नहीं है।

बता दें कि कोरोना वायरस का संक्रमण देश में तेजी से फैल रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अभी तक देश में इससे 11 लोगों की मौत हो चुकी है। राजधानी में मौत का दूसरा मामला सामने आया। वहीं, तमिलनाडु में भी एक मौत हुई है। देश में कोविड-19 के मरीजों की संख्या बढ़कर 562 हो गई (जिसमें 40 मरीज डिस्चार्ज और 9 मौतें) शामिल हैं।

प्रधानमंत्री ने की 21 दिनों के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों से कोरोना वायरस की गंभीरता को समझने और घरों में रहने की अपील करते हुए मंगलवार को 21 दिनों के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की है।

कोरोना वायरस के प्रकोप को लेकर राष्ट्र के नाम संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि मंगलवार रात 12 बजे से पूरे देश में संपूर्ण लॉकडाउन होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान को बचाने के लिए, हिंदुस्तान के हर नागरिक को बचाने के लिए आज रात 12 बजे से, घरों से बाहर निकलने पर, पूरी तरह पाबंदी लगाई जा रही है मोदी ने कहा कि देश के हर राज्य को, हर केंद्र शासित प्रदेश को, हर जिले, हर गांव, हर कस्बे, हर गली-मोहल्ले को अब लॉकडाउन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर इस लॉकडाउन की आर्थिक कीमत देश को उठानी पड़ेगी। मोदी ने कहा कि लेकिन एक-एक भारतीय के जीवन को बचाना इस समय मेरी, भारत सरकार की, देश की हर राज्य सरकार की, हर स्थानीय निकाय की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

लोगों से सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील करते हुए पीएम ने कहा कि आने वाले 21 दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना वायरस के संक्रमण चक्र को तोड़ने के लिए कम से कम 21 दिन का समय बहुत अहम है।

सोशल डिस्टेंसिंग से कोरोना को हराने की अपील

उन्होंने लोगों से अपील की कि चाहे जो हो जाए। घर में रहें और एक ही काम करें कि अपने घर में रहें। उन्होंने लोगों से कहा कि यह धैर्य और अनुशासन का समय है और जब तक देश में लॉकडाउन की स्थिति है, हमें अपना संकल्प और वचन निभाना है। पीएम मोदी ने कहा कि हमें कोरोना वायरस के फैलने की श्रृंखला को तोड़ना है। आज के फैसले ने देशव्यापी लॉकडाउन ने आपके घर के दरवाजे पर एक लक्ष्मण रेखा खींच दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी देशों के दो महीनों के अध्ययन से जो निष्कर्ष निकल रहा है और विशेषज्ञ भी यही कह रहे हैं कि कोरोना से प्रभावी मुकाबले के लिए एकमात्र विकल्प है- सामाजिक दूरी।

उन्होंने कहा कि कोरोना से बचने का इसके अलावा कोई तरीका नहीं है, कोई रास्ता नहीं है। कोरोना को फैलने से रोकना है, तो इसके संक्रमण के चक्र को तोड़ना ही होगा मोदी ने कहा कि कुछ लोग इस गलतफहमी में हैं कि सामाजिक दूरी बनाना केवल बीमार लोगों के लिए आवश्यक है। ये सोचना सही नहीं है।

सोशल डिस्टेंसिंग सबके लिए जरूरी

प्रधानमंत्री ने कहा कि सामाजिक दूरी हर नागरिक के लिए है, हर परिवार के लिए है, परिवार के हर सदस्य के लिए है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की लापरवाही, कुछ लोगों की गलत सोच, आपको, आपके बच्चों को, आपके माता पिता को, आपके परिवार को, आपके दोस्तों को, पूरे देश को बहुत बड़ी मुश्किल में झोंक देगी । मोदी ने कहा कि 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का जो संकल्प हमने लिया था, एक राष्ट्र के नाते उसकी सिद्धि के लिए हर भारतवासी ने पूरी संवेदनशीलता के साथ,पूरी जिम्मेदारी के साथ अपना योगदान दिया।

उन्होंने कहा कि बच्चे-बुजुर्ग, छोटे-बड़े, गरीब-मध्यम वर्ग-उच्च वर्ग, हर कोई परीक्षा की इस घड़ी में साथ आया। एक दिन के जनता कर्फ़्यू से भारत ने दिखा दिया कि जब देश पर संकट आता है,जब मानवता पर संकट आता है तो किस प्रकार से हम सभी भारतीय मिलकर,एकजुट होकर उसका मुकाबला करते हैं।

मोदी ने कहा कि आप कोरोना वैश्विक महामारी पर पूरी दुनिया की स्थिति को समाचारों के माध्यम से सुन भी रहे हैं और देख भी रहे हैं। आप ये भी देख रहे हैं कि दुनिया के समर्थ से समर्थ देशों को भी कैसे इस महामारी ने बिल्कुल बेबस कर दिया है।

PM मोदी की चेतावनी का असर, नर्स को बेघर करने वाले मकान मालिक पर एक्शन

रायपुर: ‘कोरोना वॉरियर्स’ यानि वो लोग जो तेजी से फैल रही महामारी के बीच भी अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं. जिसमें डॉक्टर्स/नर्स, पुलिसकर्मी, स्वास्थ्य कर्मी, पर्यावरण मित्र और मीडिया कर्मी प्रमुख रूप से शामिल हैं. जिनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी तारिफ कर चुके हैं. लेकिन फिर भी समाज में कुछ ऐसे लोग हैं जो ‘कोरोना वॉरियर्स’ से बदसलूकी या फिर उन्हें परेशान कर रहे हैं. जिससे दिन-रात कार्यरत लोगों का मनोबल कमजोर होता है, साथ ही आपदा प्रबंधन कार्य में बाधा उत्पन्न होती है.

ऐसे में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में PM मोदी की चेतावनी के बाद पहली कार्रवाई हुई है. यहां नर्स को बेघर करने वाले मकान मालिक पर गाज गिरी है. जानकारी के मुताबिक सामाजिक कार्यकर्ताओं के हस्तक्षेप के बाद पुलिस से मकान मालिक की शिकायत की गई थी. लेकिन फिर भी मकान मालिक ने आज नर्स को घर से बाहर कर दिया.

अतिरिक्त कलेक्टर ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
सामाजिक कार्यकर्ता ममता शर्मा, उचित शर्मा और अजय त्रिपाठी ने शिकायत की थी कि रायपुर का रहने वाला पंकज चंद्राकर किराएदार नर्स पर घर छोड़ने का दबाव बना रहा है. जिसके बाद अतिरिक्त कलेक्टर ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. जिसके बाद अब पंकज शर्मा पर आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 की धारा 51 और आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी. साथ ही आरोपी पंकज चंद्राकर की ओर से संचालित चॉइस सेंटर को भी तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के निर्देश हुए हैं.

Netflix से लेकर Youtube तक नहीं देख सकेंगे HD क्वालिटी में वीडियो, ये है वजह..

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नई दिल्ली: अगर आप लॉकडाउन के समय में घर पर नेटफ्लिक्स (Netflix), अमेजन प्राइम (Amazon Prime) या यूट्यूब (Youtube) पर ऑनलाइन वीडियो देखकर समय व्यतित करने की सोच रहे हैं तो ये खबर आप ही के लिए है. दरअसल, सभी ऑनलाइन स्ट्रीमिंग कंपनी ने ग्राहकों को झटका देते हुए वीडियो क्वालिटी को एचडी से घटाकर एसडी करने का फैसला लिया है. ये नियम 14 अप्रैल तक लागू रहेगा.

गौरतलब है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण पूरे देश में लॉकडाउन घोषित कर दिया गया है. जिस कारण इंटरनेट का इस्तेमाल ज्यादा किया जा रहा है. इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल का सीधा असर नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर पर पड़ रहा है. जिससे इंटरनेट की स्पीड कम हो गई है. इस दवाब को कम करने के लिए कंपनियों ने हाई डेफिनेशन (HD) वीडियो स्टीमिंग को स्टैंडर्ड डेफिनेशन (SD) में करने का फैसला लिया है.  

अब यूजर्स सिर्फ स्टैंडर्ड डेफिनेशन यानी SD वीडियो ही देख सकेंगे. हालांकि, अब भी इन वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर एचडी क्वालिटी के साथ वीडियो देखने का विकल्प मिल रहा है. वहीं प्रसार भारती ने कहा है कि अमेजन प्राइम और नेटफ्लिक्स जैसी वीडियो स्ट्रीमिंग कंपनियों को 14 अप्रैल तक स्टैंडर्ड डेफिनेशन क्वालिटी के साथ कंटेंट पेश करना होगा. साथ ही वीडियो का बिटरेट 480पी से ज्यादा नहीं होना चाहिए.

लॉकडाउन के बीच अहम फैसला, पान-मसाला और गुटके पर लगाया बैन

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लखनऊ: कोविड-19 महामारी का संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है जिसकी रोकथाम के लिए पूरे देश में लॉकडाउन घोषित किया गया है. ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक और अहम कदम उठाते हुए पान मसाले और गुटके के उत्पादन, वितरण और बिक्री पर रोक लगा दी है.

दरअसल, पान मसाला खाकर थूकने और इसका पाउच छोटा होने के कारण इसका उपयोग करने से महामारी का संक्रमण फैलने की संभावना है. इसलिए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धाराओं में खाद्य सुरक्षा, आयुक्त ने जन स्वास्थ्य को देखते हुए अगले आदेश तक पान मसाले और गुटके पर रोक लगाई है. 

गुटका/पान मसाले पर लगे प्रतिबंध का उल्लंघन खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 16(2)(iv) का उल्लंघन होगा, जोकि दंडनीय अपराध है और ऐसे प्रतिष्ठान जो इस आदेश का उल्लंघन करते पाए जाएंगे उनका लाइसेंस/पंजीकरण खाद्य सुरक्षा एवं मानक विनिमयम 2011 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाएगा. साथ ही प्रतिष्ठान बंद कराने की भी कार्रवाई की जाएगी.

MP CM शिवराज सिंह चौहान ने की सहायता पैकेज की घोषणा

भोपाल । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ मंत्रालय से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी आयुक्तों, आई.जी., जिला कलेक्टरों, एस.पी., सीएमएचओ, नगर निगम आयुक्तों, नगर पालिका, सीएमओ से कोरोना वायरस की रोकथाम और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 21 दिन के देशव्यापी लॉकडाउन के आह्वान के संबंध में चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन के कारण उत्पन्न होने वाली स्थिति और इससे प्रभावित वर्गों के लिये सहायता पैकेज की देने की बात की । उन्होने कहा कि प्रदेश के 46 लाख पेंशनर्स को 600 रु. प्रतिमाह सामाजिक सुरक्षा योजना अंतर्गत रुपए 275 करोड़ प्रतिमाह भुगतान किया जा रहा है। सभी प्रकार के सामाजिक सुरक्षा पेंशन, विधवा पेंशन, वृद्धा अवस्था पेंशन निराश्रित पेंशन इत्यादि का दो माह का एडवांस भुगतान किया जायेगा।

संनिर्माण कर्मकार मंडल के अंतर्गत मजदूरों को लगभग 8.25 लाख रूपये की सहायता प्रति मजदूर 1000 रुपए के हिसाब से उपलब्ध करायी जायेगी। इसी प्रकार 2.20 लाख राशि सहरिया, बैगा, भारिया जनजातियों के परिवारों के खातों में दो माह की एडवांस राशि दो हजार रुपए भेजी जाएगी।

कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर शासकीय हॉस्पिटल/मेडिकल कॉलेज में नि:शुल्क इलाज किया ही जायेगा साथ-साथ चिन्हित प्राइवेट मेडिकल कॉलेज/प्राइवेट हॉस्पिटल में भी‍ नि:शुल्क इलाज सभी वर्गों के लिए उपलब्ध रहेगा। प्राइवेट अस्पतालों को आयुष्मान भारत में निर्धारित दरों के हिसाब से भुगतान किया जावेगा।

ग्राम पंचायतों में पंच-परमेश्वर योजना की प्रशासनिक मद में राशि उपलब्ध है। इसे कोरोना के नियंत्रण तथा लॉकडाउन के कारण जहाँ भी लोगों को भोजन/आश्रय की व्यवस्था करना हो खर्च की अनुमति प्रदान की जा रही है।

स्कूल बंद होने से मध्यान्ह भोजन योजना का लाभ बच्चों को नहीं मिल पा रहा है। अप्रैल 2020 तक का खाद्यान्न रिलीज किया जा चुका है। इसे अब पी.डी.एस. अन्तर्गत राशन दुकानों को उपलब्ध कराया जायेगा।

इसके फलस्वरूप कुल 65 लाख 91 हजार विद्यार्थियों के खाते में मध्यान्ह भोजन की 156 करोड़ 15 लाख रूपए की राशि का वितरण किया जायेगा – प्राथमिक शालाओं के 60.81 लाख विद्यार्थियों को 155 रु. प्रति विद्यार्थी की दर से 94.25 करोड़ रुपये और माध्यमिक शाला के 26.68 लाख विद्यार्थियों को 232 रु. प्रति विद्यार्थी की दर से 61.90 करोड़ दिये जायेगे।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी संबंधित अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिये। उन्होने कहा कि जरूरी है कि लोग अपने घरों में रहें। भीड़-भाड़ न हो। सभी धार्मिक सामाजिक कार्यक्रम पूरी तरह बंद रहेंगे। सभी धार्मिक स्थानों को भी आम जनता के लिये बंद रखा जायेगा। जिला कलेक्टरों को निर्देश दिये ककि वे स्थानीय धर्म गुरूओं से चर्चा करें।

मुख्यमंत्री के निर्देश

  • मेले आदि का आयोजन भी अगले 21 दिनों तक पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सोशल डिस्टेंसिंग के मापदण्डों का सभी जगह गम्भीरता से पालन कराने के निर्देश दिये हैं।
  • सामुदायिक निगरानी को बढ़ाया जाये जिससे बुखार सर्दी खांसी के मरीजों के बारे में जिला प्रशासन को तत्काल सूचना मिल सके।
  • जिन मरीजों को सामान्य सर्दी खांसी और बुखार हो उन्हें जांच के बाद समाधान होने पर घर में ही दवा पहुंचाने के प्रयास करें। कलेक्टर इस कार्य के लिये मोहल्ले या वार्ड की स्वयंसेवी और सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को भी आगे मदद के लिये प्रेरित करें।
  • कॉल सेंटर को 24 घंटे सक्रिय रखा जाये। कॉल सेंटर से सूचना प्राप्त होने पर घर पर दवाई पहुँचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
  • शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हो सकते है, जिन्हें लॉकडाउन के कारण भोजन की व्यवस्था करने में कठिनाई आ रही हो ऐसी स्थिति में स्वयं सेवी संस्थाओं आदि को प्रेरित कर भोजन के पैकेट बनवाये जाये एवं वितरण की व्यवस्था की जाये ताकि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे।
  • सभी आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
  • दवाई की दुकान, किराने की दुकान एवं फल सब्जियों की दुकानों के सामने नगर निगम एवं नगर पालिका एवं ग्राम पंचायत के माध्यम से पेंट तथा चूने से निशान लगाये जाए, जिससे खरीदी करने वाले व्यक्ति आपस में सोशल डिस्टेंसिंग रख सके।
  • ऐसी दुकान एवं संस्थाओं के खुले रहने का समय अधिक से अधिक हो ताकि किसी एक समय पर भीड़ लगने की संभावना कम हो।
  • सुनिश्चित करें कि प्रदेश में माल परिवहन बिना बाधित हुए चलता रहें ताकि वस्तुओं की आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी नहीं आवे। पैकेजिंग मटेरियल के परिवहन में भी बाधा नहीं आए। माल परिवहन से संबंधित वाहनों को चेक पांईट पर भी नहीं रोका जाये।
  • सभी कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि अत्यावश्यक वस्तु एवं दैनिक उपयोगी एवं मार्केट में दवाई की सामान्य कीमत पर मिल सके। अधिक कीमतें वसूल करने की शिकायत प्राप्त होने पर कड़ी कार्यवाही की जावे।
  • डॉक्टर, नर्स तथा आवश्यक कार्य करने वाले अमले को पर्याप्त सुरक्षा एवं आवश्यक सुविधा मिल सके, यह सुनिश्चित करें।
  • समस्त संभागीय आयुक्तों का यह दायित्व है कि वे अपने सभी जिलों में समन्वय रखें। यदि आपूर्ति तथा लॉजिस्टिक्स की कोई समस्या है तो तत्काल अवगत करायें।
  • उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक सामग्री जैसे सब्जियाँ, किराना, दूध, फल आदि सामग्री निर्बाध रूप से उपलब्ध करायी जाये।
  • सब्जी मंडियों में अनावश्यक भीड़-भाड़ ना हो। वहाँ से केवल रिटेल व्यापारी ही सब्जियाँ खरीदें उपभोक्ता नहीं। अगर संभव हो तो उन्हें फैला दें।

वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी
कोरोना नियंत्रण हेतु राज्य पर अपर मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों के चार वर्टिकल बनाए गए है : –

  1. दवाओं, उपकरणों एवं चिकित्सा सामग्री की सप्लाई – श्री फैज अहमद किदवई, प्रमुख सचिव
  2. इलाज एवं अस्पताल प्रबंधन – श्री संजय शुक्ला, प्रमुख सचिव
  3. कॉल सेंटर एवं एम्बुलेंस सेवायें – श्री बी. चन्द्रशेखर एवं श्री नन्दकुमारम
  4. अत्यावश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की पूर्ति तथा समन्वय – श्री आई.सी.पी. केशरी, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य विभाग की ओर से संपूर्ण समन्वय डॉ. पल्लवी जैन गोविल द्वारा किया जा रहा है। इन सभी वर्टिकल से संबंधित कोई भी समस्या आने पर कलेक्टर संबंधित अधिकारी से चर्चा कर समाधान कर सकते है।

होम डिलेवरी, टेक होम एवं कोरियर सुविधाएँ चालू रहेगी, जिससे कम से कम लोग अपने घरों से बाहर आये और उन्हें घर पहुँच सेवा उपलब्ध हो सके।

किसानों को सुविधाएं
फसल कटाई में लगे मजदूरों एवं हार्वेस्टर्स को आवश्यक सुविधा प्रदान की जाये ताकि फसल कटाई प्रभावित ना हों। हार्वेस्टर्स कभी भी न रोके जाये। किसानों को मंडी में एस.एम.एस. से बुलाने एवं उपार्जन केंद्रों की स्थापना तथा मंडियों की व्यवस्था ऐसी हो जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग मापदंडों का कड़ाई से पालन हो। इस संबंध में आपसे पृथक से चर्चा की जावेगी।

वे जिले, जहां रेल्वे के रेक पाईट है, वहाँ कार्य कर रहे हम्मालों एवं मजदूरों की भी मेडिकल स्क्रीनिंग करा ली जाये। यह सुनिश्चित करें कि रैक समय पर खाली हो ताकि प्रदेश में खाद, बीज, यूरिया आदि की कमी ना हो।

प्रदेश के प्राइवेट अस्पतालों एवं नर्सिंग होम्स को भी कोरोना के विरूद्ध लड़ाई के अभियान में जोड़ा जाये। विदेश से आने वाले एवं अन्य राज्यों से यात्रा कर आये नागरिकों/यात्रियों की शत प्रतिशत पहचान एवं स्क्रीनिंग की जाये। मेडिकल मोबाइल यूनिट, रैपिड रिस्पाँस टीम को पूरी तरह तैयार एवं सक्रिया रखा जाये। पेयजल एवं बिजली की आपूर्ति अबाधित रखी जावे। आइसोलेशन वार्ड एवं आइसोलेशन सेंटर की पर्याप्त व्यवस्था की जावे।

जिला कलेक्टरों को कोरोना की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने की पूरी छूट होगी। वे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार तत्काल उचित निर्णय लें। राज्य सरकार उन्हें हर प्रकार की सहायता उपलब्ध करायेगी।