Home Blog Page 156

भगवान सहस्त्रबाहु का गौरवशाली इतिहास MP के पाठ्यक्रम में होगा शामिल

भोपाल: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि भगवान सहस्त्रबाहु के पराक्रम और गौरवशाली इतिहास की जानकारी युवाओं को देने के लिए इसे पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री यादव ने यह घोषणा आज मंदाकिनी नगर कोलार रोड स्थित जेके मेडिकल कॉलेज के सभाकक्ष में अखिल भारतवर्षीय हैहय कलचुरि महासभा के 89वें स्थापना दिवस समारोह में की।

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि भारत के पराक्रमी शासक और महापुरुष विनम्रता और राष्ट्रप्रेम के गुणों के लिये याद किए जाते हैं। इनके जीवन और कार्यों की जानकारी आज की पीढ़ी को भी मिलना चाहिए। कार्यक्रम में भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय भी उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने सावन और रक्षाबंधन के अवसर पर पूरे माह रक्षाबंधन मनाते हुए अनेक कार्यक्रम आयोजित किए हैं। बहनों का आशीर्वाद हमें मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का अर्थ लॉ एंड ऑर्डर की आदर्श स्थिति और विकास के साथ सौहार्द्र का वातावरण बनाना और संस्कृति के प्रतीक पर्वों त्योहारों को जीवित रखना भी है।

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि काल के प्रवाह में शत्रुओं ने हमारे राष्ट्र को हिलाने के बहुत प्रयास किए। लेकिन भारत के विभिन्न आराध्यों, शासकों और राष्ट्रवासियों की पराक्रम भावना और पुरुषार्थ का इतिहास बहुत पुराना है। भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण की लीला के बिना सब अधूरा है।

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नई शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से युवाओं को डिग्री लेकर बेरोजगार बने रहने की स्थिति को समाप्त किया और शिक्षा व्यवस्था को उपयोगी बनाने पर फोकस किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलचुरि समाज के स्थापना दिवस समारोह में पूरे देश से भोपाल पधारे प्रतिनिधियों एवं संतजन का स्वागत किया और स्थापना दिवस समारोह एवं पुस्तकों के प्रकाशन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। प्रारंभ में जे.एन. सी.टी. के चांसलर श्री जे.एन. चौकसे एवं आयोजक संस्था के अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विशाल पुष्पहार से स्वागत किया।

भगवान सहस्त्रबाहु की तस्वीर पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दो पुस्तकों “सहस्त्र -दीप” और “कलचुरि समाज” विमोचन किया। संपादक श्री प्रकाश राय पुस्तकों के संपादक मंडल के सदस्य एवं कलचुरि महासभा के पदाधिकारी उपस्थित थे।

MP में आज 4 अगस्त का मौसम: ऑरेंज अलर्ट में 10 जिले; रेड अलर्ट में 5 जिले; फिर खुले बरगी बांध के गेट

भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश में सक्रिय मौसमी सिस्टम की वजह से रविवार को भी भारी बारिश जारी है। भोपाल में छोला इलाके में बारिश का पानी घरों में भर गया है। मध्य प्रदेश के इंदौर और उज्जैन समेत 5 जिलों के लिए रेड अलर्ट और 10 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 

भोपाल में भदभदा डैम के दो गेट और कलियासोत डैम के चार गेट खोले गए हैं। इस सीजन में अब तक शहर में 30 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है, जो कि मौसमी औसत का 80% है।

MP के 5 जिलों में रेड अलर्ट, 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट;

रेड अलर्ट: मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, धार और हरदा में बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट है।

ऑरेंज अलर्ट: नीमच, आगर-मालवा, उज्जैन, इंदौर, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, श्योपुर और शिवपुरी में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।

भारी बारिश: गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, शाजापुर, भोपाल, देवास, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बुरहानपुर, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, सिवनी, मंडला में भारी बारिश का अलर्ट है।

अधिक जलद्वार खोले गए 

जबलपुर में बरगी बांध के चार और गेट दोपहर एक बजे खोले गए, जिससे पानी छोड़ने के लिए कुल 13 गेट हो गए। लगातार बारिश के कारण बरगी बांध अब 88% भर गया है। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर निचले इलाकों और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को नर्मदा नदी से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।

नदियाँ उफान पर

मंडला में नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि विदिशा में बेतवा नदी खतरे के निशान के करीब है। नर्मदापुरम में तवा बांध के गेट, जो शनिवार रात बंद कर दिए गए थे, जलस्तर बढ़ने के कारण रविवार सुबह 10 बजे फिर से खोलने पड़े। 

सात गेट सात फीट की ऊंचाई तक खोले गए हैं। इंदौर और 31 अन्य जिलों में बारिश की संभावना है, रतलाम, मंदसौर, नीमच और गुना में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।

सिवनी: जनता नगर के कबाड़े में लगी भीषण आग – Watch Video

सिवनी: सिवनी जिले के जनता नगर में आज 03 अगस्त रात लगभग 11 बजे एक बड़ी घटना सामने आई है। यहाँ एक कबाड़े के गोदाम में भीषण आग लग गई है। आग इतनी भयानक है कि इसे बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों की आवश्यकता पड़ सकती है । आग के कारण पूरे इलाके में धुआं फैल गया है और आसपास के लोग दहशत में हैं।

इस घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग भी आग को बुझाने के प्रयास में जुट गए हैं। स्थानीय निवासी बाल्टी और पाइप का इस्तेमाल कर आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन आग की तीव्रता इतनी ज्यादा है कि उनके प्रयास काफी नहीं साबित हो रहे हैं।

आग की वजह से गोदाम में रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया है। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि यह शॉर्ट सर्किट के कारण हो सकती है।

आसपास के लोगों ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को भी कुछ समझने का मौका नहीं मिला। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। घटना स्थल पर पुलिस भी मौजूद है और भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है।

लोगों से अपील की है कि वे शांत रहें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। आग बुझाने के सारे प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही स्थिति को नियंत्रित कर लिया जाएगा।

BSNL के ग्राहकों के लिए खुशखबरी: अक्टूबर तक लगेंगे 80 हजार टावर; 5जी के काम में आई तेजी; ज्योतिरादित्य सिंधिया

ग्वालियर (मध्य प्रदेश): केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की हालिया टिप्पणी ने पिछले कुछ वर्षों से दरकिनार की गई सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल के लिए उम्मीद जगा दी है। दूरसंचार मंत्री शनिवार को दो दिवसीय दौरे पर ग्वालियर पहुंचे।

मीडिया से बात करते हुए दूरसंचार मंत्री ने कहा कि बीएसएनएल के ग्राहक जल्द ही 4जी सेवाओं का आनंद ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस पर काम शुरू हो चुका है और मार्च 2025 तक बीएसएनएल के 4जी नेटवर्क के 1 लाख टावर लगा दिए जाएंगे।

अगला पड़ाव, 5G

उन्होंने कहा, “तकनीक का परीक्षण हो चुका है और यह पूरी तरह तैयार है। टावर लगाने का काम भी शुरू हो गया है। सरकारी कंपनी सी डॉट इंडिया ने तेज नेटवर्क का कोर तैयार कर लिया है। बीएसएनएल इसका क्रियान्वयन कर रही है। हम अक्टूबर तक देशभर में 80 हजार टावर लगा देंगे और बाकी 21 हजार टावर मार्च तक लगा दिए जाएंगे।”

उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि उपभोक्ता अब बीएसएनएल की ओर लौट रहे हैं।” दूरसंचार मंत्री ने यह भी आश्वासन दिया है कि बीएसएनएल 5जी सेवाओं का और विस्तार करेगा।

ग्वालियर-आगरा एक्सप्रेसवे से यात्रा का समय आधा होगा

ग्वालियर में अपने गृह क्षेत्र, गुना और आस-पास के क्षेत्र की विकास योजनाओं के बारे में बोलते हुए, सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर-आगरा एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू हो गया है। एक्सप्रेसवे 4613 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा और इसमें आठ पुल और छह फ्लाईओवर शामिल होंगे। यह हाई-स्पीड कॉरिडोर ग्वालियर और दिल्ली के बीच यात्रा के समय को मौजूदा 6 घंटे से कम करके 3:45 घंटे कर देगा।

Har Ghar Tiranga Abhiyan: तिरंगा हमारा गर्व, गौरव और सम्मान है: CM मोहन यादव

Har Ghar Tiranga Abhiyan: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM MOHAN YADAV) ने कहा है कि तिरंगा हमारा गर्व, गौरव और सम्मान है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने हर घर तिरंगा अभियान (Har Ghar Tiranga Abhiyan) के माध्यम से राष्ट्र प्रेम की नवज्योति जागृत करने एवं आजादी के नायकों को याद करने का आव्हान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव (MP CM Mohan Yadav) ने सभी नागरिकों से अपील की है कि 9 से 15 अगस्त 2024 तक अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लहराकर harghartiranga.com पर अपनी सेल्फी अपलोड करें और इस अभियान को सफल बनाएँ।

राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा का महत्व

तिरंगा, हमारा राष्ट्रीय ध्वज, न केवल हमारे देश की पहचान है, बल्कि हमारे गर्व, गौरव और सम्मान का प्रतीक भी है। इसके तीन रंग – केसरिया, सफेद और हरा – हमारे देश की विविधता और एकता का प्रतीक हैं। केसरिया रंग त्याग और बलिदान का, सफेद रंग शांति और सच्चाई का, और हरा रंग विश्वास और उर्वरता का प्रतीक है।

Har Ghar Tiranga Abhiyan का उद्देश्य

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा शुरू किया गया हर घर तिरंगा अभियान का उद्देश्य हर नागरिक के दिल में राष्ट्र प्रेम और गर्व की भावना को जागृत करना है। इस अभियान के माध्यम से हम अपने स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को याद कर सकते हैं और उनकी कुर्बानियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं।

कैसे करें अभियान में सहभागिता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस अभियान में सहभागिता करना बहुत ही सरल है। बस अपने घरों पर 9 से 15 अगस्त तक तिरंगा फहराएं और harghartiranga.com पर अपनी सेल्फी अपलोड करें। इस प्रकार, हम न केवल अपने राष्ट्र के प्रति सम्मान व्यक्त करेंगे, बल्कि इसे वैश्विक मंच पर भी पहचान दिलाएंगे।

राष्ट्र प्रेम की भावना जागृत करें

हर घर तिरंगा अभियान से राष्ट्र प्रेम की भावना जागृत होती है। जब हम अपने घरों पर तिरंगा फहराते हैं, तो यह हमारे लिए गर्व और सम्मान का क्षण होता है। यह हमें हमारे देश के प्रति हमारे कर्तव्यों और जिम्मेदारियों की याद दिलाता है।

आज़ादी के नायकों को श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस अभियान का एक अन्य महत्वपूर्ण उद्देश्य हमारे आज़ादी के नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करना है। उनके बलिदानों की बदौलत ही हम आज एक स्वतंत्र देश में सांस ले रहे हैं। तिरंगा फहराकर हम उन्हें सम्मान देते हैं और उनके योगदान को याद करते हैं।

अभियान को सफल बनाने का आह्वान

डॉ. यादव ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दें। हर घर पर तिरंगा फहराकर हम एकजुटता का संदेश देंगे और हमारे देश की विविधता में एकता की भावना को मजबूती देंगे।

तिरंगा फहराने के नियम और दिशानिर्देश

राष्ट्रीय ध्वज फहराने के कुछ नियम और दिशानिर्देश होते हैं जिनका पालन करना अनिवार्य है। तिरंगा को हमेशा सम्मान के साथ फहराया जाना चाहिए। उसे जमीन पर नहीं गिराना चाहिए और न ही उसे किसी प्रकार का नुकसान पहुंचाना चाहिए।

अभियान की सफलता और हमारी जिम्मेदारी

हर घर तिरंगा अभियान की सफलता हमारे ऊपर निर्भर करती है। हमें अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को समझते हुए इस अभियान में भाग लेना चाहिए। यह हमारा नैतिक कर्तव्य है कि हम अपने राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करें और इसे फहराकर अपने देश के प्रति अपनी श्रद्धा और प्रेम को प्रदर्शित करें।

सामाजिक मीडिया पर प्रचार

इस अभियान को सफल बनाने के लिए हमें सामाजिक मीडिया का भी सही उपयोग करना चाहिए। अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों को भी इस अभियान में शामिल होने के लिए प्रेरित करें। सोशल मीडिया पर अपने तिरंगा सेल्फी को शेयर करें और इस अभियान के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं।

राष्ट्रीय एकता का प्रतीक

तिरंगा हमारे देश की राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। यह हमें हमारी विविधता में एकता की भावना का संदेश देता है। जब हम तिरंगा फहराते हैं, तो हम अपने देश के प्रति अपनी एकजुटता और एकता का प्रदर्शन करते हैं।

तिरंगा भारतीय राष्ट्रीय ध्वज है जो हमारे देश की आजादी और गौरव का प्रतीक है। यह तीन रंगों – केसरिया, सफेद और हरा – और बीच में अशोक चक्र के साथ आता है। तिरंगा न केवल हमारे स्वतंत्रता संग्राम की याद दिलाता है, बल्कि हमारे देश के विविधता में एकता का प्रतीक भी है।

तिरंगे की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

तिरंगे की यात्रा 1921 में शुरू हुई जब पिंगली वेंकैया ने इसे महात्मा गांधी के समक्ष प्रस्तुत किया। बाद में इसमें संशोधन किए गए और 22 जुलाई 1947 को इसे भारतीय संविधान सभा द्वारा राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया गया।

तिरंगे की विशेषताएँ

तिरंगे के रंगों का महत्व

तिरंगे में केसरिया रंग साहस और बलिदान का प्रतीक है, सफेद रंग शांति और सच्चाई का और हरा रंग विश्वास और उर्वरता का प्रतीक है। इन रंगों के माध्यम से तिरंगा हमारे देश के मूल्यों और सिद्धांतों का प्रतिनिधित्व करता है।

तिरंगे में अशोक चक्र का प्रतीक

तिरंगे के बीच में स्थित अशोक चक्र, धर्म और सत्य के प्रतीक के रूप में स्थापित है। इसमें 24 तीलियां होती हैं, जो 24 घंटे और प्रगति का प्रतीक मानी जाती हैं।

अभियान की शुरूआत

अभियान की घोषणा और उद्देश्य

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस अभियान की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य नागरिकों में देशभक्ति की भावना जागृत करना और आजादी के नायकों को याद करना है।

सिवनी: आदमखोर बाघ का ग्रामीणों में आतंक, वृद्ध पर जानलेवा हमला

सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के कुरई क्षेत्र में आदमखोर बाघ का आतंक चरम पर है। ग्राम रेड्डी और खंडासा में पिछले कुछ सप्ताहों में कई हमलों ने ग्रामीणों को खौफ में डाल दिया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, बाघ ने पिछले 15 दिनों में तीन बार हमला किया है।

खंडासा में पहला हमला

लगभग 15 दिन पहले खंडासा में एक वृद्ध पर बाघ ने हमला किया था। इस घटना में वृद्ध गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद बाघ का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा।

रेड्डी में दूसरा हमला

कुछ दिनों बाद ग्राम रेड्डी के पास एक खेत में काम कर रहे व्यक्ति पर बाघ ने हमला किया। यह हमला बहुत ही खतरनाक था और व्यक्ति को गंभीर चोटें आईं।

खंडासा में तीसरा हमला

इसी सप्ताह खंडासा में फिर से बाघ ने एक बुजुर्ग पर हमला किया, जिससे वह भी गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, खवासा सामान्य वन परिक्षेत्र में ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं।

कल की घटना

कल दिनांक 1 अगस्त 2024 को छोटेलाल वेध, पिता बुधिया, उम्र लगभग 70 वर्ष, खंडासा टोला निवासी अपने मवेशी लेकर जंगल की ओर गए थे। वहां बाघ ने उन पर हमला कर दिया। ग्रामीणों ने छोटे लाल को उपचार के लिए कुरई स्वास्थ्य केंद्र लाया, जहां से उन्हें नागपुर रेफर कर दिया गया।

पूर्व की घटनाएं

इसके पूर्व बाघ के हमले से गोबर्धन पटले की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने वन विभाग के उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी दी है, लेकिन विभाग की निष्क्रियता से लोग बेहद नाराज हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग अपनी कुम्भकर्णी नींद से जागने का नाम नहीं ले रहा।

ग्रामीणों का आक्रोश

पिछले वर्ष भी इसी तरह के हमलों से परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन को चेताया था। लेकिन कोई ठोस कदम न उठाने पर लोगों ने हाइवे जाम कर अपना आक्रोश व्यक्त किया था, जिसमें वन विभाग के वाहनों में तोड़फोड़ भी हुई थी।

जरूरत ठोस कदमों की

अब समय आ गया है कि वन विभाग पुरानी घटनाओं से सीख ले और समय रहते ठोस कदम उठाए। ग्रामीणों को आदमखोर बाघ के आतंक से निजात दिलाने के लिए विभाग को तत्काल उपाय करने की आवश्यकता है।

वन विभाग की भूमिका

वन विभाग की भूमिका इस स्थिति में बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। बाघ के हमले से बचाव के लिए वन विभाग को तुरंत सक्रिय होना चाहिए। विभाग को गांवों में सुरक्षा उपाय बढ़ाने चाहिए और ग्रामीणों को सुरक्षित रहने के उपाय बताने चाहिए।

ग्रामीणों की सुरक्षा

ग्रामीणों को भी अपनी सुरक्षा के लिए सतर्क रहना होगा। जंगलों में अकेले जाने से बचें और समूह में ही जाएं। बाघ के हमले से बचने के लिए गांवों में सुरक्षा बैठकें आयोजित की जाएं।

सिवनी जिले के ग्रामीण आदमखोर बाघ के आतंक से जूझ रहे हैं। इन घटनाओं ने ग्रामीणों की जीवनशैली पर गंभीर प्रभाव डाला है। अब समय है कि वन विभाग त्वरित और ठोस कदम उठाए ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

सिवनी बालाघाट रोड़ पर भीषण दुर्घटना: 2 महिलाओं ने गवाई जान

सिवनी बालाघाट रोड पर आज एक बार फिर भीषण दुर्घटना घटित हुई। इस दुर्घटना में ट्रक और कमांडर के बीच हुई सीधी टक्कर में दो महिलाओं की मौत हो गई। मृतक महिलाओं में जीरनबाई, पति बालचंद, और केशर बाई, पति हरिश्चन्द्र शामिल हैं।

दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कमांडर में सवार दर्जनों महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। सभी घायलों को समीपी अस्पताल, बरघाट में भर्ती कराया गया है।

यह महिलाएं मजदूर थीं, जो परहा धान का रोपा लगाने के लिए बेहरई के समीपी गांव लाटगांव गई थीं। वापसी के समय, जब ये महिलाएं कमांडर में सवार होकर अपने घर लौट रही थीं, तभी बेहरई के पास बकरा नाला के पास ट्रक और कमांडर के बीच सीधी टक्कर हो गई।

इस दुखद घटना में दो गरीब परिवारों की महिलाओं की जान चली गई, जबकि दर्जनों महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं।

भीषण दुर्घटना के चलते रोड मे जाम लगा हुआ है तथा भारी तादाद मे जनसमुदाय तथा वाहनो की कतार लगी हुई है पुलिस द्वारा जाम की स्थिति खोलने के प्रयास किये जा रहे है चूकी ट्रक और कमांडर की सीधी भिडंत से रोड मे जाम लगा हुआ है.

इस दुर्घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे इस मार्ग पर यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराएं और ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए उचित कदम उठाएं।

केंद्रीय विद्यालय को बम से उड़ाने की धमकी: युवक गिरफ्तार; जॉब एप्लीकेशन..

इंदौर: आईआईटी इंदौर (IIT INDORE) परिसर में स्थित केंद्रीय विद्यालय (KENDRIYA VIDYALAYA INDORE) को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल भेजने के आरोप में शुक्रवार को एक स्नातकोत्तर युवक को गिरफ्तार किया गया।

कम्प्यूटर एप्लीकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त आरोपी ने कुछ दिन पहले केवी को एक मेल भेजा था, जिसमें उसने स्कूल प्रशासन द्वारा नौकरी के लिए आवेदन खारिज किए जाने के बाद परिसर को नष्ट करने की धमकी दी थी।

एसपी (इंदौर ग्रामीण) हितिका वासल ने बताया कि कुछ दिन पहले स्कूल की प्रिंसिपल को आईएसआई पाकिस्तान अधिकारी नाम के एक अज्ञात व्यक्ति से ई-मेल मिला था, जिसमें कहा गया था कि स्वतंत्रता दिवस पर स्कूल परिसर में बम विस्फोट होगा। 

धमकी भरा मेल मिलने के बाद से ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां ​​अलर्ट पर हैं। जांच और आरोपियों की पहचान के लिए सिमरोल पुलिस स्टेशन की एक टीम गठित की गई है। 

तकनीकी जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी की पहचान उज्जैन जिले के बड़नगर निवासी 30 वर्षीय चेतन सोनी के रूप में की, जो वर्तमान में शहर के एरोड्रम क्षेत्र का निवासी है।

पहले तो उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन बाद में उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। सोनी ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उसने 2015 में इंदौर के एक कॉलेज से एमसीए की पढ़ाई पूरी की और तब से वह नौकरी की तलाश कर रहा था।

हाल ही में उन्होंने आईआईटी इंदौर परिसर में स्थित केन्द्रीय विद्यालय में तकनीशियन की नौकरी के लिए आवेदन किया था, लेकिन उनका आवेदन अस्वीकार कर दिया गया।

अस्वीकृति का बदला लेने के लिए, उसने स्कूल प्रशासन को धमकाने का फैसला किया और केवी के प्रिंसिपल की आधिकारिक आईडी पर बम-धोखा-ई-मेल भेजा। 

पुलिस ने बताया कि उसने केन्द्रीय विद्यालय में नौकरी के लिए आवेदन किया था, इसलिए उसे उनकी आधिकारिक ई-मेल आईडी के बारे में पता था।