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सिवनी: सकलैन हैदर पहुंचा जेल, अयान खान नाम से आईडी बनाकर सनातन धर्म पर कर रहा था अभद्र टिप्पणी

सिवनी में सोशल मीडिया पर घिनौनी पोस्ट का प्रकरण: सिवनी जिला मुख्यालय में हाल ही में एक बेहद ही गंभीर और आपत्तिजनक घटना सामने आई, जब सकलैन हैदर नामक व्यक्ति ने अयान खान नाम से फेसबुक आईडी बनाकर सनातन धर्म के खिलाफ एक बेहद ही घिनौनी और अपमानजनक स्टोरी पोस्ट की। इस पोस्ट ने न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत किया बल्कि पूरे जिले में भारी आक्रोश भी फैलाया। इस पोस्ट के जवाब में सकल हिन्दू समाज द्वारा सकलैन हैदर के खिलाफ सिवनी कोतवाली में कड़ा विरोध दर्ज कराया गया और जल्द से जल्द उचित कार्यवाही की मांग की गई।

सकलैन हैदर की गिरफ्तारी और न्यायिक कार्यवाही

सकल हिन्दू समाज के विरोध के बाद सिवनी पुलिस ने तेजी से कार्यवाही करते हुए सकलैन हैदर को गिरफ्तार कर लिया और उसे जेल भेज दिया गया। अपराध क्रमांक 581/24 के तहत सकलैन हैदर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353, 196 (i), 196b के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालाँकि, इस मामले में सकलैन हैदर की जमानत पर कल सुनवाई होगी।

सनातन धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणियों का विरोध

सकलैन हैदर की घिनौनी पोस्ट के विरोध में बीते दिन युवा हिन्दू उत्सव समिती सिवनी ने सकल हिन्दू समाज के साथ मिलकर स्थानीय कोतवाली में पहुंचकर अपनी भावनाएं प्रकट कीं। सनातन धर्म पर की गई अभद्र टिप्पणियों ने समाज की भावनाओं को गहरा आघात पहुँचाया है, और इस संदर्भ में तुरंत कार्यवाही की मांग की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत आरोपी को गिरफ्तार किया।

समाचार लिखे जाने तक प्राप्त जानकारी के अनुसार सनातन धर्म पर अभद्र टिप्पणी करने वाले सकलैन हैदर पर पहले से भी कई मामले थाने में दर्ज है. सिवनी कोतवाली से जब इस मामले में प्रकरण बनाया जा रहा था उसी समय जानकारी लगी की इस व्यक्ति पर पहले से ही मारपीट जैसे अपराधों पर मामला बना था .

कलकत्ता की घटना और सोशल मीडिया पर धार्मिक अपमान

सिवनी की इस घटना का सीधा कनेक्शन कलकत्ता में डॉक्टर से हुए दुष्कर्म का कनेक्शन था. उक्त आरोपी द्वारा कलकत्ता में हुए जघन्य अपराध पर धर्म को टारगेट करते हुए सनातन धर्म पर अत्यधिक गलत टिप्पणी की गयी थी. जिससे शहर में धार्मिक सौहार्द भी बिगड़ सकता था.

युवा हिन्दू उत्सव समिती सिवनी को जैसे ही इस मामले की जानकारी लगी तुरंत ही समिति द्वारा थाने पहुंचकर मामला दर्ज करवाकर, युवक की गिरफ्तारी करवाकर जेल भिजवाने में अत्यधिक महत्वपूर्ण योगदान दिया गया.

आगे की कार्यवाही

इस घटना से स्पष्ट होता है कि धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करना गंभीर परिणामों का कारण बन सकता है। सिवनी पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही के बावजूद, यह महत्वपूर्ण है कि समाज में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की धार्मिक अपमानजनक सामग्री को सख्ती से रोकने की जरूरत है ताकि इस तरह की घटनाओं को भविष्य में रोका जा सके।

सिवनी रेलवे स्टेशन से निकलेगी मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना की स्पेशल ट्रेन, वरिष्ठ नागरिकों के लिए निःशुल्क

सिवनी: मध्य प्रदेश सरकार ने अपने वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक अनूठी योजना की शुरुआत की है, जिसे मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना के नाम से जाना जाता है। यह योजना प्रदेश के ऐसे वरिष्ठ नागरिकों को धार्मिक स्थलों की यात्रा कराने का अवसर प्रदान करती है, जो आयकरदाता नहीं हैं और जिनकी आयु 60 वर्ष या उससे अधिक है। महिलाओं के लिए इस आयु सीमा में दो वर्षों की छूट दी गई है। इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार नागरिकों को विभिन्न तीर्थ स्थलों पर नि:शुल्क यात्रा कराने की सुविधा प्रदान करती है।

सिवनी रेलवे स्टेशन से निकलेगी मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना की स्पेशल ट्रेन

वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये चौदवीं ट्रेन सिवनी से 8 जनवरी को रवाना होगी। जिसमें सिवनी से 279, छिंदवाड़ा से 300 और बैतूल से 200 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 13 जनवरी को वापस लौटेगी। छिंदवाड़ा से 16 जनवरी को 200 यात्री के साथ रामेश्वरम के लिये पंद्रहवीं ट्रेन रवाना होगी । जिसमें सिवनी-बैतूल से 200 और पंढुर्णा से 179 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 21 जनवरी को वापस लौटेगी। वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये अनूपपुर से सोलहवीं ट्रेन 279 यात्रियों के साथ 24 जनवरी को रवाना होगी। जिसमें शहडोल से 300 और उमरिया से 200 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 29 जनवरी को वापस लौटेगी।

योजना का लाभ किन्हें मिलेगा?

इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ आवश्यक शर्तें हैं। योजना का लाभ प्रदेश के ऐसे वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा, जो आयकरदाता नहीं हैं और जिनकी आयु 60 वर्ष या इससे अधिक है। महिला तीर्थ-यात्रियों के मामले में आयु वर्ग में दो वर्ष की छूट दी गई है। यह योजना उन नागरिकों के लिए है जो धार्मिक स्थलों की यात्रा करना चाहते हैं लेकिन आर्थिक स्थिति के कारण ऐसा नहीं कर पाते।

सिवनी जिले के अलावा मध्यप्रदश के एनी जिलों से भी मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के तहत स्पेशल ट्रेन रवाना होंगी जिनकी डिटेल आपको यहाँ इस लिंक पर क्लिक करने से मिल जाएगी – MP मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना: MP में वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ दर्शन कराने 14 सितम्बर से शुरू होंगी ट्रेनें

यात्रा का उद्देश्य और महत्व

मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का अवसर प्रदान करना है। यह योजना उन्हें जीवन के इस महत्वपूर्ण चरण में आस्था और श्रद्धा को सुदृढ़ करने का अवसर देती है। इसके माध्यम से नागरिकों को धार्मिक स्थलों के दर्शन के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों का भी अनुभव मिलता है।

इस योजना के माध्यम से सरकार वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को समृद्ध बनाने का प्रयास कर रही है। तीर्थ यात्रा के दौरान नागरिकों को धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के स्थलों के बारे में जानकारी भी दी जाएगी, जिससे उनकी धार्मिक आस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।

योजना का पंजीकरण और यात्रा प्रक्रिया

इस योजना का लाभ उठाने के लिए नागरिकों को पहले से पंजीकरण कराना आवश्यक है। पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद, चयनित यात्रियों को यात्रा की तिथि, समय और स्थान की जानकारी दी जाती है। उन्हें यात्रा के दौरान आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाती हैं, जिनमें भोजन, आवास और चिकित्सा सुविधाएं शामिल हैं।

यात्रा के दौरान सभी यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाता है। इसके लिए सरकार ने पर्याप्त व्यवस्थाएं की हैं, ताकि यात्री अपनी यात्रा को सुगम और सुरक्षित रूप से पूरा कर सकें।

MP मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना: MP में वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ दर्शन कराने 14 सितम्बर से शुरू होंगी ट्रेनें

MP Chief Minister’s Tirtha Darshan Scheme: काशी, अयोध्या, द्वारका, रामेश्वरम जैसे तीर्थ स्थलों का मिलेगा लाभ. मध्यप्रदेश सरकार की अनूठी “मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन” योजना (Chief Minister’s Tirtha Darshan Scheme) का आगामी शयड्यूल जारी कर दिया गया है।

आगामी 14 सितम्बर से 26 फरवरी 2025 तक प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न शहरों में धार्मिक यात्रा कराई जाएगी। धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग द्वारा तीर्थ दर्शन योजना में इस बार नागरिकों को वाराणसी (काशी), रामेश्वरम, मथुरा-वृंदावन, कामाख्या, अमृतसर, अयोध्या, द्वारका, जगन्नाथपुरी, शिर्डी और नागपुर जैसे धार्मिक स्थल निर्धारित किये गये हैं।

उक्त अवधि में 15 हजार से ज्यादा तीर्थ यात्री विभिन्न तीर्थ-स्थलों की यात्रा करेंगे। योजना का लाभ प्रदेश के ऐसे वरिष्ठ नागरिक जो आयकरदाता नहीं है और 60 वर्ष या इससे अधिक आयु के हैं। योजना का लाभ ले सकेंगे। महिला तीर्थ-यात्रियों के मामले में आयु वर्ग में 2 वर्ष की छूट दी गई है।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में पहली ट्रेन 14 सितम्बर को उज्जैन से वाराणसी (काशी)- अयोध्या के लिये रवाना होगी। इसमें उज्जैन जिले के 300, सीहोर के 200 और विदिशा के 279 श्रद्धालु यात्रा करेंगे। यह ट्रेन 19 सितम्बर को लौटेगी। दूसरी ट्रेन 21 सितम्बर को रामेश्वरम के लिये रवाना होगी। इसमें इंदौर से 300, उज्जैन 200 और सीहोर से 279 तीर्थ यात्री रवाना होंगे। यह ट्रेन 26 सितम्बर को लौटेगी।

मथुरा-वृदावन तीर्थ के लिये 19 सितम्बर को मेघनगर से तीसरी ट्रेन रवाना होगी और 2 अक्टूबर को वापस लौटेगी। इसमें झाबुआ से 200, रतलाम से 279 और उज्जैन से 300 दर्शनार्थी यात्रा करेंगे। तीर्थ दर्शन के लिये जाने वाली चौथी ट्रेन उज्जैन से 13 अक्टूबर को कामाख्या तीर्थदर्शन के लिये रवाना होगी। इसमें उज्जैन से 300, शाजापुर से 200 और सीहोर से 279 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 18 अक्टूबर को वापस लौटेगी।

योजना के तहत 5वीं ट्रेन इंदौर से अमृतसर के लिये 21 अक्टूबर को रवाना होगी। इसमें इंदौर से 200, धार से 100, उज्जैन से 200 और शिवपुरी से 279 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 24 अक्टूबर को वापस लौटेगी। वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये 5 नवम्बर को विदिशा से छटवी ट्रेन 300 यात्रियों के साथ रवाना होगी। इसमें सागर से 279 और दमोह से 200 यात्री शामिल होगें। यह ट्रेन 10 नवम्बर को लौटेगी। सातवीं ट्रेन से भोपाल से 13 नवम्बर को रामेश्वरम के लिये 300 यात्री, सीहोर से 200 और नर्मदापुरम से 279 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 18 नवम्बर को वापस लौटेगी।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 21 नवम्बर को आठवीं ट्रेन रीवा से द्वारका के लिये रवाना होगी। इसमें रीवा से 279, सतना से 300 और दमोह से 200 यात्री रवाना होगें जो 26 नवम्बर को वापस लौटेगे। दमोह से 29 नवम्बर को नौवीं ट्रेन वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये यात्री रवाना होगी। जिसमें दमोह से 279, मैहर से 200 और सतना से 300 यात्री जायेंगे। यह ट्रेन 4 दिसम्बर को लौटेगी। दसवीं ट्रेन कटनी से 7 दिसम्बर को द्वारका तीर्थ स्थल के लिये 200 तीर्थ यात्री के साथ रवाना होगी। इसमें दमोह से 279 और सागर से 300 यात्री शामिल रहेंगे। यह ट्रेन 12 दिसम्बर को लौटेगी।

योजना के तहत 15 दिसम्बर को सतना से ग्यारहवीं ट्रेन में रामेश्वरम तीर्थ स्थल के लिये 279 यात्री रवाना होगें। इसमें कटनी से 200 और जबलपुर से 300 यात्री शामिल होगें। यह ट्रेन 30 दिसम्बर को वापस लौटेगी। बारहवीं ट्रेन में उडीसा स्थित जगन्नाथपूरी तीर्थ स्थल की यात्रा 23 दिसम्बर को खण्डवा से रवाना होगी जो 28 दिसम्बर को लौटेगी इसमें खंडवा से 279, नरसिंहपुर से 200 और जबलपुर से 300 यात्री रवाना होगी। तेहरवीं ट्रेन 31 दिसम्बर को बैतूल से 279 यात्री कामाख्या तीर्थ स्थल के लिये ट्रेन रवाना होगी। इसमें विदिशा से 300 और दमोह से 200 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 5 जनवरी को वापस लौटेगी।

वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये चौदवीं ट्रेन सिवनी से 8 जनवरी को रवाना होगी। जिसमें सिवनी से 279, छिंदवाड़ा से 300 और बैतूल से 200 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 13 जनवरी को वापस लौटेगी। छिंदवाड़ा से 16 जनवरी को 200 यात्री के साथ रामेश्वरम के लिये पंद्रहवीं ट्रेन रवाना होगी । जिसमें सिवनी-बैतूल से 200 और पंढुर्णा से 179 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 21 जनवरी को वापस लौटेगी। वाराणसी (काशी)-अयोध्या तीर्थ स्थल के लिये अनूपपुर से सोलहवीं ट्रेन 279 यात्रियों के साथ 24 जनवरी को रवाना होगी। जिसमें शहडोल से 300 और उमरिया से 200 यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 29 जनवरी को वापस लौटेगी।

सत्रवीं ट्रेन उमरिया से शिर्डी के लिये 279 तीर्थ यात्री को लेकर 1 फरवरी को रवाना होगी। जिसमें कटनी से 200 और जबलपुर से 300 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 4 फरवरी को वापस लौटेगी। रामेश्वरम तीर्थ स्थल के लिये 7 फरवरी को अठ्ठारवीं ट्रेन मुरैना से रवाना होगी, जिसमें मुरैना से 279, ग्वालियर से 300 और दतिया से 200 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 12 फरवरी को लौटेगी।

छतरपुर से द्वारका के लिये 15 फरवरी को उन्नीसवीं ट्रेन रवाना होगी। जिसमें छतरपुर से 279, टीकमगढ़ से 200 और उज्जैन से 300 तीर्थ यात्री रवाना होगें। यह ट्रेन 20 फरवरी को वापस लौटेगी। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की 20वीं ट्रेन नागपुर के लिये भिंड से 279 तीर्थ यात्रियों के साथ 23 फरवरी को रवाना होगी। जिसमें ग्वालियर से 300 और दतिया से 200 तीर्थ यात्री शामिल होगें। यह ट्रेन 26 फरवरी को लौटेगी।

पीएमश्री एयर एम्बुलेंस योजना: बैतूल के मरीज को उपचार के लिये एयर एम्बुलेंस से भेजा भोपाल

मुख्यमंत्री मोहन यादव की पहल पर शुरू की गई पीएमश्री नि:शुल्क एयर एम्बुलेंस योजना में बैतूल के चकोला निवासी श्री शेकलाल हर्ले को बुधवार सुबह 11.44 बजे बैतूल जिले से एयरलिफ्ट कर हमीदिया चिकित्सालय भोपाल में उपचार के लिये भर्ती कराया गया।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में मरीजों को आपात स्थिति में तुरंत राहत प्रदान करने के उद्देश्य से नि:शुल्क एयर एम्बुलेंस की सुविधा प्रारंभ की गई है। श्री हर्ले प्रदेश में पीएमश्री नि:शुल्क एयर एम्बुलेंस योजना से लाभान्वित होने वाले 13वें मरीज है।

बैतूल के पट्टन तहसील के ग्राम चकोला निवासी 51 वर्षीय शेकलाल हर्ले एक दिन पूर्व छज्जे पर प्लास्टर करते हुए गिर गए थे। गिरने से श्री हर्ले को स्पाइनल फ्रैक्चर हो जाने के कारण ऑपरेशन की जटिलता को देखते हुए भोपाल हमीदिया चिकित्सालय में रेफर किया गया था।

कलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा श्री हर्ले को एयर एम्बुलेंस से भेजने की तैयारी की गई। इससे समय रहते मरीज श्री शेकलाल को एयर लिफ्ट कर कम समय में उपचार के लिये भोपाल लाया गया। जहां वरिष्ठ चिकित्सकों की देखरेख में श्री शेकलाल का उपचार प्रारंभ हो गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का परिजन ने माना आभार

श्री हर्ले के परिजन ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार मानते हुए कहा कि मरीजों के हित में चलाई गई एयर एम्बुलेंस योजना की सुविधा गरीबों की जिन्दगी के लिए रोशनी की किरण साबित हो रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. उईके ने बताया कि बैतूल से भोपाल सामान्य रूप से 4 से 5 घंटे का समय लगता है।

परंतु एयर एम्बुलेंस से यह दूरी मात्र 35 मिनट में पूरी हो जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव द्वारा इस सुविधा से एयर एम्बुलेंस अभी तक आर्थिक रूप से संपन्न मरीजों को ही मिल पाती थी। एयर एम्बुलेंस पर होने वाला व्यय राज्य शासन द्वारा उठाया जाता है।

परीक्षण संभाग बीना उत्कृष्ट कार्यदक्षता के लिए मध्यप्रदेश में प्रथम – MP JANSAMPARK NEWS

MP JANSAMPARK NEWS: एम.पी. ट्रांसको (मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी) परीक्षण संभाग बीना ने परीक्षण एवं संचार के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य दक्षता के लिए मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान हासिल करने का गौरव पाया है।

मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के मुख्यालय जबलपुर में बीना को यह पुरस्कार प्रबंध संचालक इंजीनियर सुनील तिवारी एवं मुख्य अतिथि पूर्व मुख्य अभियंता श्री के.के. मूर्ति ने प्रदान किया।

परीक्षण संभाग बीना को यह पुरस्कार वर्ष 2023-24 में दक्षता प्रदर्शन (परफॉर्मेंस) के आधार पर पूरे प्रदेश में परीक्षण संबंधित सर्वोत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिये प्रदान किया गया है। प्रशस्ति पत्र और ट्राफी मुख्य अभियंता श्री प्रवीण गार्गव, कार्यपालन अभियंता श्री अर्चित श्रीवास्तव सहायक अभियंता, श्री रजत जैन ने प्राप्त किया।

MP में बैन हुई 6 जीवन रक्षक दवाएं: गुणवत्ता परीक्षण में फैल होने पर लिया गया बड़ा फैसल; देखें बैन हुई दवाओं की लिस्ट

भोपाल: इंदौर (INDORE) के एमजीएम मेडिकल अस्पताल (MGM MEDICAL HOSPITAL) द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में नौ जीवन रक्षक दवाओं के कुछ ‘बैच’ पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

मध्य प्रदेश लोक स्वास्थ्य सेवा द्वारा यह निर्णय तब लिया गया जब परीक्षण के लिए भेजे गए 12 दवा नमूनों में से एक घटिया गुणवत्ता का पाया गया। इन प्रतिबंधित दवाओं में फेंटेनाइल, हेपारिन, डोपामाइन, एट्रोपिन आदि शामिल हैं।

राज्य में भारी मात्रा में आयातित दवाओं की घटिया गुणवत्ता के संबंध में शिकायत मिलने के बाद यह प्रतिबंध लागू किया गया है।

जानकारी के अनुसार, इंदौर के एमजीएम सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल द्वारा 12 दवाओं के नमूनों का एक बैच नियमित परीक्षण के लिए भेजा गया था।

परीक्षण में नोरएड्रेनालाईन नामक दवा गुणवत्ता जांच में खरी नहीं उतरी। इस दवा का उपयोग गंभीर अल्पकालिक स्वास्थ्य समस्याओं के लिए रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।

परीक्षण के बाद, एमपी पब्लिक हेल्थ सर्विसेज में शिकायत दर्ज की गई और जीएम (गुणवत्ता नियंत्रण) ने शहर भर के कई अस्पतालों, सीएमएचओ, सिविल सर्जन और चिकित्सा संस्थानों को पत्र भेजे।

पत्र में, उन्होंने सभी से नौ जीवन रक्षक दवाओं के कुछ बैचों का उपयोग बंद करने के लिए कहा, जिन्हें नमूना लेने के लिए भेजा गया था, लेकिन गुणवत्ता जांच में विफल रहे। इसके अलावा, उन्होंने एमजीएम से सरकारी परीक्षण प्रयोगशाला में जांच के लिए नमूनों का एक और बैच भेजने के लिए कहा।

किसी बड़ी दुर्घटना की सूचना नहीं

एमजीएम अस्पताल के डॉक्टरों और सर्जनों का कहना है कि इन दवाओं के इस्तेमाल से अब तक कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई है। वहीं, कुछ सर्जनों का दावा है कि कुछ मामलों में मरीजों को आंतरिक रक्तस्राव जैसी समस्या का सामना करना पड़ा, जिससे उन्हें दवा पर संदेह हुआ।

Jio Choice Number: अपने पसंदीदा नंबर के साथ खुद को बनाए दूसरों से अलग, इन आसान स्टेप से मिलेगा जियो का चॉइस नंबर

Jio Choice Number: एक ऐसे मोबाइल नंबर की कल्पना करें जो सिर्फ़ कोई रैंडम सेट न हो, बल्कि कुछ अनोखा, सार्थक हो और जिसे आसानी से याद रखा जा सके। चाहे आप कुछ फैंसी (Jio Fancy Number) दिखाना चाहते हों या इसे निजी रखना चाहते हों, जियो की चॉइस नंबर सेवा आपके लिए है।

एक साल से ज़्यादा समय से इसकी उपलब्धता के बावजूद, हम में से बहुत से लोग इस बात से परे हैं कि इस सेवा का इस्तेमाल करके अपनी पसंद का नंबर कैसे ले सकते है। इसके लिए, हमने यह गाइड तैयार की है जिसमें जियो चॉइस नंबर स्कीम (Jio Choice Number Scheme) के बारे में बताया गया है और बताया गया है कि कोई व्यक्ति अपने मोबाइल नंबर को कैसे कस्टमाइज़ करवा सकता है।

जियो चॉइस नंबर एक ऐसी सेवा है जो ग्राहकों को ‘जियो प्लस पोस्टपेड प्लान’ की सदस्यता लेते समय अपनी पसंद की मोबाइल नंबर श्रृंखला चुनने की क्षमता प्रदान करती है। जियो प्लस पोस्टपेड प्लान व्यक्तियों के लिए 349 रुपये और पारिवारिक योजनाओं के लिए 449 रुपये से शुरू होते हैं।

इस सेवा का लाभ उठाने के दो तरीके हैं: या तो MyJio ऐप के ज़रिए या फिर Jio Choice Number द्वारा दी गई वेबसाइट पर जाकर। अपना नया नंबर पाने का तरीका इस प्रकार है:

वेबसाइट के माध्यम से Jio Choice Number

1. जियो चॉइस नंबर की वेबसाइट ब्राउज़ करें: https://www.jio.com/selfcare/choice-number/
2. एक OTP का उपयोग करके अपने मौजूदा JioPostpaid Plus नंबर फ़ील्ड की पुष्टि करें।
3. नया पेज दर्ज करें; वहां आपको 4 से 6 अंकों, नाम और पिन कोड में से अपनी पसंद दर्ज करनी होगी।
4. आपके पिन कोड क्षेत्र में सभी उपलब्ध नंबरों की सूची दी गई है।
5. कोई भी नंबर चुनें और उसके लिए भुगतान करें; फिर आपको एक नया सिम मिल जाएगा।

माय जियो ऐप के माध्यम से Jio Choice Number

1. MyJio खोलने के बाद, मेनू पर जाएँ।
2. “चुने हुए नंबर” पर क्लिक करें और ‘चलो अभी बुक करें’ पर जाएँ।
3. अपना नाम, पिन कोड और अपना पसंदीदा नया 4 से 5 अंकों का नंबर भरें।
4. स्क्रॉल करें और अपनी पसंद का नंबर चुनें।
5. ₹499 का भुगतान करें और अपना नया नंबर पाने के लिए बुकिंग की पुष्टि करें।

Bharat Bandh On August 21: भारत बंद के बारे में जानिए वो सब जो आपको जरूर जानना चाहिए

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Bharat Bandh On August 21: आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने 21 अगस्त को भारत बंद का आह्वान किया है। यह घोषणा सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में एससी/एसटी आरक्षण (SC/ST Reservation) पर दिए गए फैसले के विरोध में की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए सभी जिलों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। भारत बंद के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसपी को भी निर्देश जारी किए गए हैं। डीजीपी यूआर साहू ने बताया कि बंद के आयोजकों और बाजार संघों के साथ बेहतर समन्वय के लिए पहले ही बैठकें हो चुकी हैं।

बंद का कारण

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ कल पूरे भारत में भारत बंद का आयोजन किया जाएगा। फैसले के अनुसार, राज्यों को एससी और एसटी समूहों के भीतर उप-श्रेणियाँ बनाने की अनुमति है। फैसले में कहा गया है कि आरक्षण में उन लोगों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए जिन्हें इसकी ज़रूरत है।

21 अगस्त के विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती देना और इसे पलटने की मांग करना है। विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों द्वारा भारत बंद का समर्थन करने और अदालत पर अपना फैसला बदलने के लिए दबाव बनाने की उम्मीद है।

भारत बंद 2024 के लिए सुरक्षा उपाय

संभावित हिंसा को रोकने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की और सुरक्षा तैयारियों का विश्लेषण किया। बैठक में सभी शीर्ष अधिकारी मौजूद थे। अधिकारियों को विरोध प्रदर्शनों के बीच सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

यह स्पष्ट नहीं है कि कल बाजार बंद रहेगा या यह जारी रहेगा, हालांकि बंद के आयोजकों ने व्यवसायों से काम न करने का आग्रह किया है। आपातकालीन सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना नहीं है। हालांकि, सार्वजनिक परिवहन सेवाओं और निजी कार्यालयों में व्यवधान हो सकता है। अन्य कार्यात्मक सेवाओं में स्कूल, कॉलेज, बैंक, सरकारी कार्यालय आदि शामिल हैं।