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Kalashtami January 2022: कालाष्टमी जनवरी 2022 तिथि, अनुष्ठान और जानिए वो सब जो आपको जानना आवश्यक है

Kalashtami January 2022: Kalashtami January 2022 date, rituals and everything you need to know

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कालाष्टमी या काला अष्टमी हर हिंदू चंद्र माह में कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। यह अवसर भगवान भैरव को समर्पित है। भगवान काल भैरव की पूजा के लिए दिन सबसे उपयुक्त माने जाते हैं। एक वर्ष में कुल 12 कालाष्टमी (Kalashtami Vrat 2022) मनाई जाती हैं। मार्गशीर्ष महीने में पड़ने वाली सबसे महत्वपूर्ण है और इसे कालभैरव जयंती के रूप में जाना जाता है।

हिन्दू मान्यताओं के अनुसार यह कहा गया है कि काल भैरव भगवान तंत्र-मंत्र के देवता हैं, भगवान शिव (Lord Shiva) की नगरी काशी (Kashi) की रक्षा भगवान काल भैरव ही करते है, एक साल में कुल 12 कालाष्टमी व्रत (Kalashtami Vrat) होते हैं, इस वर्ष की बात करें तो इस वर्ष माघ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 25 जनवरी 2022 को कालाष्टमी का व्रत किया जाएगा. आपको आज यहाँ कालाष्टमी की तिथि, पूजा मुहूर्त और महत्व के बारे में पूरी डिटेल्स में जानकारी दी जाएगी  

कालाष्टमी 2022 तिथि और मुहूर्त :Kalashtami Tithi And Muhurat

माघ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि कालाष्टमी जनवरी 2022 तिथि: 25 जनवरी, मंगलवार।

अष्टमी तिथि का समय: 25 जनवरी, सुबह 7:49 – 26 जनवरी, सुबह 6:25।

कालाष्टमी अनुष्ठान: 

कालाष्टमी भगवान शिव के भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। भगवान काल भैरव को भगवान शिव का भयानक रूप माना जाता है। भक्त भगवान शिव और देवी पार्वती के साथ भगवान काल भैरव की पूजा करते हैं। पूजा के बाद, वे कालभैरव कथा का पाठ भी करते हैं।

वे अपने पूर्वजों के लिए विशेष पूजा और अनुष्ठान करने के लिए सुबह जल्दी स्नान करते हैं। भक्त रात के दौरान जागते रहते हैं और भैरव को समर्पित मंत्रों का जाप करने के अलावा भगवान काल भैरव और भगवान शिव की कहानियां सुनाते हैं।

मध्यरात्रि में ड्रम, घंटी और शंख जैसे पारंपरिक संगीत वाद्ययंत्रों के साथ भी आरती की जाती है। कुछ भक्त कालभैरव जयंती पर दिन में उपवास भी रखते हैं। इस दिन कुत्तों को दूध और मिठाई खिलाई जाती है क्योंकि भगवान काल भैरव कुत्ते की सवारी करते हैं।

कालाष्टमी महत्व: 

भक्त अपने पापों की क्षमा पाने के लिए इस दिन भगवान शिव और भैरव की पूजा करते हैं। मान्यता के अनुसार पूजा करने से अच्छा स्वास्थ्य, समृद्धि, सुख और सफलता भी मिलती है। यह भी माना जाता है कि भगवान काल भैरव की पूजा करने से सभी ‘राहु’ और ‘शनि’ दोषों को समाप्त किया जा सकता है।

कालाष्टमी व्रत का महत्व : Kalashtami Vrat Significance

कालाष्टमी का व्रत (Kalashtami Vrat) और पूजा करने से व्यक्ति को हर प्रकार के डर,भय,डरावनी शक्तियो से मुक्ति मिलती है. इस व्रत से रोग-व्याधि दूर होते हैं. काल भैरव भगवान अपने भक्तों की हर एक प्रकार के संकटों से रक्षा करते हैं. माना जाता है कि भगवान काल भैरव सभी प्रकार की नकारात्मक ताकतों और शक्तियों को दूर करते है और तंत्र-मंत्र का भी असर नहीं होता. मान्यता है कि काल भैरव की उत्पत्ति भगवान शिव से ही हुई है. 

SHUBHAM SHARMA
SHUBHAM SHARMAhttps://shubham.khabarsatta.com
Shubham Sharma – Indian Journalist & Media Personality | Shubham Sharma is a renowned Indian journalist and media personality. He is the Director of Khabar Arena Media & Network Pvt. Ltd. and the Founder of Khabar Satta, a leading news website established in 2017. With extensive experience in digital journalism, he has made a significant impact in the Indian media industry.

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